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कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स की नौकरी पर संकट! 1400 शिक्षकों ने सीएम नायब सैनी से लगाई गुहार

चंडीगढ़  हरियाणा के विश्वविद्यालयों में वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्थाई सुरक्षा देने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ गई है। मंगलवार को हरियाणा विश्वविद्यालय अनुबंधित शिक्षक संघ (हकूटा) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से उनके निवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शीतकालीन विधानसभा सत्र में सेवा-सुरक्षा अधिनियम पारित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में लगभग 1400 अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन अब तक उन्हें वैसी रोजगार-गारंटी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कॉलेजों के लगभग 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर और एक लाख 20 हजार कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को अधिनियम-2024 के तहत रिटायरमेंट उम्र यानी 58 वर्ष तक की जॉब सिक्योरिटी दी जा चुकी है। सीएम से मिलने के बाद संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार ने बताया कि बीते शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा सेवा-सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था और मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक समिति भी बनाई गई थी, जिसने अपना कार्य पूरा कर लिया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी विश्वविद्यालयों से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा चुका है और प्रस्ताव अब अंतिम मंज़ूरी के चरण में है। डॉ. विजय ने कहा कि मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय प्रदेश की ट्रिपल इंजन सरकार की ओर से नए साल पर एक ऐतिहासिक उपहार होगा। मुलाकात के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डॉ. अश्वनी व डॉ. सतपाल और बीपीएस महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां से डॉ. अमित व डॉ. विजय मौजूद रहे। संघ को अब उम्मीद है कि इस सत्र में अधिनियम पारित होकर अनुबंधित शिक्षकों को 60 वर्ष की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह निर्णय शिक्षक समुदाय के लिए ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालयों के अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों और कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चररों की योग्यता, वेतनमान और कार्यप्रणाली लगभग समान है। इसलिए इस श्रेणी को सेवा-सुरक्षा से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं। शिक्षा स्तर पर प्रभाव की बात करते हुए डॉ. विजय ने कहा कि रोजगार सुरक्षा से शिक्षकों में स्थिरता आएगी, जिससे अध्यापन की गुणवत्ता बेहतर होगी और युवा वर्ग को लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड: रायपुर समेत 4 शहरों में पारा 10°C से नीचे, शीतलहर का अलर्ट जारी

रायपुर दिसंबर की दस्तक के साथ ही उत्तरी हवा ने रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश में शीत लहर का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 8 दिसंबर की रात से 10 दिसंबर की सुबह तक छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इधर, रायपुर में न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.5 डिग्री कम है। मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया है और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई हैं। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5°C, पेंड्रा में 8°C और जगदलपुर में 9.8°C दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 30.4°C रायपुर में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया। इन जिलों में अलर्ट जारी वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कबीरधाम, मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और कोरबा जिलों के एक-दो हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी रहेगी। मैदानी इलाके में हवा तेज मौसम विज्ञानियों के अनुसार प्रदेश में उत्तर-पूर्वी हवा सक्रिय है, जिससे रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बीते 24 घंटों में कई जगह पारा सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। पर्वतीय और उत्तरी अंचलों में सुबह के समय कोहरा छाने और शाम ढलते ही गलन बढ़ने की संभावना जताई गई है। वहीं मैदानी जिलों जैसे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा में भी इसी अवधि में हवा की तीव्रता बढ़ने से ठिठुरन महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आमजन को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर न निकलने, दिन में भी हल्के ऊनी कपड़े पहनने और रात में घरों को गर्म रखने की सलाह दी गई है। किसान भाइयों से भी अपील की गई है कि वे फसलों पर पाला पड़ने से बचाव के उपाय करें। अगले दो दिनों तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन हवा की नमी कम होने और तापमान गिरने से शीत लहर का असर और तेज हो सकता है। शीत लहर चलने की वजह उत्तर भारत में तापमान तेजी से गिरने के कारण वहां से आने वाली उत्तर-पूर्वी बर्फीली हवाएं छत्तीसगढ़ में पहुंचकर ठंड को अचानक बढ़ा रही हैं। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी डॉ जया बाजपेयी (MBBS DNB, मेडिसिन) बताया कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…     शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।     स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।     घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें।  

पुस्तक सिर्फ शब्द नहीं, संवेदनाओं का संगम है: नायब सैनी — मुख्यमंत्री ने किया भव्य विमोचन

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘हैंडबुक फॉर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. केके खंडेलवाल और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है। हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए सार्थक बताते हुए कहा कि यह साधारण समारोह नहीं है, बल्कि यह विचारों का उत्सव है। जब एक पुस्तक लिखी जाती है तो वह केवल शब्दों का संगम नहीं होती, बल्कि वह लेखक की सोच, उसकी साधना और उसकी संवेदनाओं का संगम होती है। पुस्तक केवल लाइब्रेरी की शोभा ही नहीं बनती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों का एक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र संविधान को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का यह विमोचन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पुस्तक ऐसे समय में प्रकाशित हो रही है, जब देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता- 2023 ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, 1973 का स्थान लिया है। यह परिवर्तन न्याय प्रक्रिया को तेज, सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हरियाणा में इन तीनों आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। ऐसे परिवर्तन के दौर में कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। क्योंकि, वे प्रशासनिक प्रणाली का वह स्तंभ हैं, जिनके कंधों पर कानून-व्यवस्था, जन सुरक्षा, शांति और निष्पक्ष न्याय की सीधी जिम्मेदारी होती है। 10 भाग और 45 अध्याय सीएम ने कहा कि इस पुस्तक की विशेषता यह है कि यह कानूनों का संकलन मात्र नहीं है। यह एक ऐसा व्यापक मार्गदर्शक है, जो कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की भूमिका से लेकर उनकी शक्तियों, व्यावहारिक प्रक्रियाओं, कानूनी आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों में उनके प्रयोग तक, हर पहलू को अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करती है। 10 भागों और 45 अध्यायों में लिखी गई यह पुस्तक अपने आप में एक संपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है। यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न पहलुओं का विस्तृत, विवेचनात्मक और अत्यंत व्यावहारिक विवरण दिया गया है। इनमें निवारक न्याय, सुरक्षा कार्यवाही, मजिस्ट्रियल जांच, मृत्यु घोषणाओं, पहचान परेड, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, मानहानि, अवमानना, अनुशासनिक अधिकार आदि शामिल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक हर नए, युवा और अनुभवी अधिकारी को दिशा देने वाली, स्पष्टता प्रदान करने वाली और निर्णायक क्षमता बढ़ाने वाली सिद्ध होगी।   मुख्यमंत्री ने दोनों लेखकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. के.के. खंडेलवाल का इंजीनियर, विधि विशेषज्ञ, प्रशासक, लेखक और सार्वजनिक सेवक के रूप में व्यापक अनुभव प्रशासनिक प्रणाली के लिए अमूल्य रहा है। वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के चीफ नेशनल कमिश्नर के रूप में उनका मार्गदर्शन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित कर रहा है। इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह ने ऊर्जा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, शहरी एस्टेट, खनन, सिंचाई एवं जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपने नेतृत्व से राज्य को नई दिशा प्रदान की है। यह पुस्तक दोनों के अनुभव और दृष्टि का उत्कृष्ट समन्वय है। संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अक्सर ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ता है, जहां कुछ मिनटों में बड़े निर्णय लेने होते हैं। ऐसे समय में अनुभव और कानून दोनों का संतुलन ही अधिकारी को सक्षम और प्रभावी बनाता है। यह पुस्तक उसी संतुलन को मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सदैव सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण प्रशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। हमारा लक्ष्य है कि प्रशासन का हर स्तर आम नागरिक के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण बनाए। फील्ड अधिकारियों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ : सुधीर राजपाल अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नये अधिकारियों को जब अचानक फील्ड में या कार्यालय में जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तब उन्हें एक ऐसी पुस्तक की आवश्यकता होती है, जो उनके लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ का कार्य करे। यह पुस्तक उसी सोच का परिणाम है कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम को मजबूत बनाने और हर कदम पर मार्गदर्शन देने के लिए कैसे साथ खड़े रहें।  

‘ब्राह्मण बहू चाहिए’ का विवाद दिल्ली पहुंचा, IAS संतोष वर्मा की नौकरी और प्रमोशन पर सवालिया निशान

भोपाल  मध्य प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में इन दिनों 'शब्दों के बारूद' ने आग लगा रखी है। आईएएस अधिकारी और अजाक्स अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा द्वारा ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान ने अब एक ऐसे सियासी और कानूनी चक्रव्यूह का रूप ले लिया है, जिससे निकलना उनके लिए नामुमकिन लग रहा है। आलम यह है कि इस विवाद की गूंज भोपाल की फाइलों से निकलकर दिल्ली के गलियारों और बिहार विधानसभा तक पहुंच चुकी है। क्या चली जाएगी नौकरी? वहीं, ऐसे में कुछ लोगों को लग रहा है कि आईएएस संतोष वर्मा की नौकरी तो गई? लेकिन क्या ऐसा होने जा रहा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों 'शब्दों की मर्यादा' और 'नियमों की धज्जियां' उड़ती दिख रही हैं। आईएएस संतोष वर्मा के 'ब्राह्मण बेटियों' वाले विवादित बयान ने जहां दिल्ली तक हड़कंप मचा रखा है, वहीं अब सांसद जनार्दन मिश्रा की चिट्ठी ने उनकी पदोन्नति के 'फर्जीवाड़े' के आरोपों से हड़कंप मचा दिया है। पहले भी आईएएस करते रहे हैं बखेड़ा पहले भी कई आईएएस अलग-अलग तरह के बयान देकर राजनीतिक और सामाजिक बखेड़ा खड़े करते रहे हैं। पूर्व आईएएस शैलबाला मार्टिन ने मंदिरों के लाउडस्पीकर पर ट्वीट करके एक नया धार्मिक और सियासी बवंडर खड़ा कर दिया था। दूसरी तरफ, आईएएस लोकेश जांगिड़ ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए 9 तबादलों का जो 'दर्द' बयां किया था, उन्होंने तो सरकार की कार्यशैली पर ही सवाल दाग दिए थे। पूर्व आईएएस नियाज खान भी ब्राह्मण और मुस्लिमों लेकर सोशल मीडिया में काफी मुखर दिखते थे। भ्रष्टाचार की बात करें तो अरविन्द जोशी और टीनू जोशी जैसे नामों ने पहले ही प्रशासनिक साख को दागदार किया है। हालांकि यह सब बयान इस तरह खराब नहीं कहे जा सकते, जितना घृणित बयान संतोष वर्मा का माना जा रहा है। सीएम के पाले में है गेंद संतोष वर्मा पर कार्रवाई कब होगी, यह गेंद अब मुख्यमंत्री मोहन यादव के पाले में है। क्या वे इन 'विवादित रत्नों' पर कड़ी कार्रवाई कर प्रशासन की गिरती साख को बचा पाएंगे, या फाइलों के 'परीक्षण' का यह खेल ऐसे ही चलता रहेगा? यह जंग अब केवल अनुशासन की नहीं, बल्कि सत्ता के इकबाल की है।  

बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव: पंजाब के सुधरते पावर मॉडल की नई कहानी

चंडीगढ़  पंजाब में बिजली क्षेत्र में हो रहे सुधारों ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को एक नए युग में प्रवेश कराया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पहल पर शुरू किए गए व्यापक सुधारों ने वर्षों पुराने कर्ज, बिजली कटौती और अव्यवस्था की समस्याओं को धीरे-धीरे पीछे छोड़ दिया है। मान सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का पावरकॉम कर्ज चुकाकर ऊर्जा क्षेत्र को स्थिरता और भरोसे के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। जुलाई 2022 में लागू 600 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जनता के लिए बड़ा राहत पैकेज सिद्ध हुई है। इस योजना के कारण लगभग 90% परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। घरेलू उपभोक्ता, किसान और उद्योग—सभी को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। आज पंजाब देश के सबसे कम दरों पर बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में गिना जाता है।   ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने पछवाड़ा कोयला खदान को फिर से चालू किया, जिससे कोयले की आपूर्ति में रुकावट की समस्या समाप्त हुई। राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार निजी क्षेत्र के जीवीके थर्मल प्लांट (गोइंदवाल साहिब) को अधिग्रहित किया। इसे 1,080 करोड़ रुपये में खरीदकर “श्री गुरु अमरदास जी थर्मल प्लांट” नाम दिया गया, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विरासत का प्रतीक है। ‘रोशन पंजाब परियोजना’ के तहत 5,000 करोड़ रुपये की लागत से बिजली ढांचे को आधुनिक बनाया जा रहा है। 13 नगर निगमों में नंगी तारों को बदलना, पुराने मीटर बॉक्सों की सुरक्षा, ट्रांसफार्मरों का उन्नयन और नेटवर्क को भूमिगत बनाने का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री का कहना है, “पंजाब में पहली बार किसी सरकार ने संपत्तियाँ बेची नहीं, खरीदी हैं। यह बदलाव का नया अध्याय है।” ऊर्जा सुधारों ने न केवल आर्थिक मजबूती दी है बल्कि आत्मनिर्भर पंजाब के सपने को वास्तविकता के करीब ला दिया है।

स्वर्ण मंदिर पहुंचे दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल, श्रद्धा से किया नतमस्तक

अमृतसर  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों ने सोमवार को यहां स्वर्ण मंदिर में मत्था टेका। मत्था टेकने के बाद गुप्ता ने कहा कि वह दिल्ली के लाल किले में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद शुक्रिया अदा करने आई हैं। रेखा गुप्ता के साथ मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रवींद्र इंद्राज और मनजिंदर सिंह सिरसा भी थे। रेखा गुप्ता ने सिरसा के साथ स्वर्ण मंदिर परिसर में बर्तन भी साफ किए। निरंतर आशीर्वाद की कामना करते हुए गुप्ता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री हरमंदिर साहिब में शीश नवाने के बाद मेरे मन को संतुष्टि मिली। वाहेगुरु जी, आप अपनी कृपा दृष्टि सभी पर बनाए रखें।’’ सिरसा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आज इस पवित्र स्थान पर आकर मेरे मन को अपार शांति मिली, और मुझे उस ‘अकाल पुरख’ की असीम उपस्थिति और शांति का भी अनुभव हुआ।’ इससे पहले, मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल किले में आयोजित ‘गुरमत समागम’ की ‘‘असाधारण सफलता गुरु साहिब की कृपा है’’ जबकि नवंबर में तीन दिवसीय समारोह से कुछ दिन पहले आतंकवादी हमले के कारण भय का माहौल था। गुप्ता ने कहा कि छह लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बिना किसी बाधा के धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। बाद में गुप्ता और उनके मंत्रियों ने अमृतसर में दुर्ग्याणा मंदिर के भी दर्शन किए। श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह संधू के नेतृत्व में स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया।

यात्रियों के लिए खुशखबर, अब पुणे और सांगानेर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का संचालन

रतलाम  शीतकालीन छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखकर रतलाम से होकर पुणे से सांगानेर के मध्य स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। 01405/01406 पुणे-सांगानेर-पुणे स्पेशल दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे चलेगी। 01405 पुणे-सांगानेर स्पेशल पुणे से 19 व 26 दिसंबर तथा दो जनवरी को सुबह 9.45 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 6.45 बजे सांगानेर पहुंचेगी। इस ट्रेन का शुक्रवार को रतलाम आगमन रात 11.35 बजे तथा प्रस्थान 11.45 बजे होगा। इसी प्रकार वापसी में 01406 सांगानेर-पुणे स्पेशल सांगानेर से 20, 27 दिसंबर तथा तीन जनवरी को सुबह 11.35 बजे चलेगी तथा अगले दिन सुबह 9.30 बजे पुणे पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रुकेगी इस ट्रेन का शनिवार को रतलाम आगमन शाम 7.10 बजे तथा प्रस्थान 7.20 बजे होगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में लोनावला, कल्याण, भिवंडी रोड, बोईसर, पालघर, वापी, वलसाड़, सूरत, अंकलेश्वर, वड़ोदरा, रतलाम, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा व सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी।  

पंजाब सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना, 5,000 करोड़ रुपये का निवेश कर मजबूत हुआ बिजली ढांचा

चंडीगढ़ पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा जुलाई 2022 से लागू की गई 300 यूनिट मुफ्त घरेलू बिजली योजना ने राज्य की ऊर्जा व्यवस्था और लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन लाया है। यह योजना आज राज्य में जन-कल्याण की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक मानी जा रही है, जिसने आम लोगों को बढ़ते बिजली बिलों से मुक्त कर नई राहत प्रदान की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के लगभग 90% घरेलू उपभोक्ताओं को अब मासिक बिजली बिल नहीं देना पड़ता। जहां पहले हर महीने महंगे बिल लोगों के बजट को प्रभावित करते थे, वहीं अब घर-परिवार अपनी बचत को शिक्षा, स्वास्थ्य और आवश्यक जरूरतों पर खर्च कर पा रहे हैं। लुधियाना की निवासी हरजीत कौर कहती हैं, “बिजली बिल खत्म होने से घर का खर्च काफी सधा हुआ है और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पा रहे हैं।” किसानों को भी इस पहल से बड़ा लाभ मिला है। सिंचाई के लिए 24 घंटे स्थिर और मुफ्त बिजली उपलब्ध होने के कारण डीज़ल आधारित मोटरों का खर्च लगभग समाप्त हो गया है, जिससे कृषि लागत में कमी और उत्पादन में बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य सरकार ने बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इसका उद्देश्य ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को सुदृढ़ बनाकर कटौती की समस्या को कम करना है। मुख्यमंत्री मान का कहना है, “बिजली किसी भी नागरिक के लिए विलासिता नहीं, बल्कि उसका बुनियादी अधिकार है।” यह योजना आज पंजाब के घर-घर में विश्वास, राहत और ऊर्जा सुरक्षा की नई रोशनी जगाने का काम कर रही है। यह सिर्फ एक सामाजिक योजना नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में राज्य की बड़ी छलांग है।  

कलेक्टर का बड़ा आदेश: शीतलहर के चलते स्कूलों का समय बदला, जानें नया शेड्यूल

जांजगीर-चाम्पा  कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में पड़ रहे अत्याधिक ठंड और शीतलहर के कारण छात्रहित को ध्यान में रखते हुए जिले में संचालित  समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं अन्य विद्यालयों का संचालन समय परिवर्तित किया है जो 11 दिसंबर 2025 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।        आदेशानुसार दो पाली में संचालित होने वाली शालाओं के लिए प्रथम पाली में संचालित शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक, शनिवार को दोपहर 12.15 से 4.15 बजे तक, द्वितीय पाली में संचालित होने वाले शालाओं का संचालन समय सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 12.15 बजे से 04.15 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार एक पाली में संचालित होने वाली शालाओं का संचालन सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से 04 बजे तक एवं शनिवार प्रातः 08 बजे से 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही परीक्षाएँ पूर्ववत निर्धारित समय अनुसार ही संचालित की जाएगी।

पंजाब में आम आदमी क्लीनिक से स्वास्थ्य सेवाओं में नया बदलाव, 107 दवाइयाँ और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त

चंडीगढ़  15 अगस्त 2022 को शुरू हुए आम आदमी क्लीनिक पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक शांत लेकिन गहरी क्रांति लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की यह पहल अब राज्य में सस्ती, सरल और भरोसेमंद प्राथमिक चिकित्सा का सबसे मजबूत आधार बन चुकी है। अक्टूबर 2025 तक राज्य में कुल 881 आम आदमी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं 316 शहरी और 565 ग्रामीण क्षेत्रों में। अब तक इन क्लीनिकों में 4.20 करोड़ से अधिक मरीज इलाज प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 80 लाख से अधिक मुफ्त जांचें की गई हैं। प्रतिदिन करीब 73 हजार लोग इनसे लाभ उठा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मरीजों में 54% महिलाएं हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं तक महिलाओं की बढ़ती पहुंच और विश्वास को दर्शाता है। क्लीनिकों में 107 प्रकार की आवश्यक दवाईयां और 47 तरह के डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं। मरीज संतुष्टि दर भी बेहद ऊंची है—98% लोगों को सभी दवाइयां क्लीनिक से ही मिलीं। लगातार लौटने वाले 2.7 करोड़ मरीज यह साबित करते हैं कि सेवा की गुणवत्ता को जनता ने दिल से स्वीकार किया है। इन क्लीनिकों के कारण लोगों को लगभग 2000 करोड़ रुपये के निजी चिकित्सा खर्च से बचत हुई है। डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन रिपोर्ट और आईटी-संचालित प्रबंधन प्रणाली ने पूरी प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाया है। मुख्यमंत्री मान कहते हैं, “हमारी प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक, मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले।” आज आम आदमी क्लीनिक सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, सुरक्षित और समावेशी पंजाब की मजबूत नींव बन चुके हैं।