samacharsecretary.com

नए साल की शुरुआत में करें तुलसी का महाउपाय, जानें कैसे मिलेगा सालभर का लाभ

 हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना जाता है. कहते हैं कि इनकी रोजाना पूजा-उपासना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. माता तुलसी की कृपा भी बनी रहती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप और भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा घर में लगाने से वातावरण शुद्ध और सकारात्मक रहता है.  पंचांग के अनुसार, नए साल की शुरुआत में कुछ ही दिनों का समय रह गया है. ज्योतिषियों के अनुसार, अगर नए साल के पहले दिन तुलसी की पूजा या उससे जुड़े को कोई खास उपाय किए जाएं तो बहुत ही लाभकारी माना जाता है. आइए जानते हैं कि नए साल 2026 के पहले दिन तुलसी से जुड़े कौन से उपाय या तुलसी को क्या अर्पित करना चाहिए.  पीला धागा नए साल का पहला दिन बहुत ही शुभ होता है. इसलिए इस दिन तुलसी पर पीला धागा बांधना चाहिए. कहते हैं कि पीला धागा बांधने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते है. धागा बांधते समय तुलसी चालीसा का जाप जरूर करना चाहिए. इस उपाय को करने से मां लक्ष्मी और श्रीहरि की कृपा पूरे वर्ष जातक पर बनी रहेगी.  दूध नए साल के पहले दिन तुलसी को दूध या पंचामृत जरूर अर्पित करें. अर्पित करते समय  माता तुलसी के मंत्रों का जाप करें और अपनी अधूरी इच्छाओं के लिए मां लक्ष्मी और श्रीहरि से प्रार्थना जरूर करें.  लाल धागा इस दिन तुलसी में लाल धागा जरूर बांधें. शास्त्रों के अनुसार, तुलसी में लाल धागा बांधना शास्त्रीय रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके साथ ही तुलसी पर कलावा या रक्षा सूत्र चढ़ाना भी अत्यंत फलदायी माना गया है. श्रृंगार का सामान तुलसी माता को सुहाग का श्रृंगार अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि अगर चूड़ियां, चुनरी, सिंदूर या सुहाग की अन्य सामग्री तुलसी को अर्पित की जाए तो दांपत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य और स्थिरता बनी रहती है. इस एक उपाय को करने से वैवाहिक संबंधों में आने वाली रुकावटों को दूर हो जाती हैं.  जलाएं दीपक नए साल के पहले दिन तुलसी के पास घी का चौमुखी दीपक जरूर जलाना बहुत ही शुभ माना जाता है. ऐसा करने से घर का वातावरण सकारात्मक हो जाता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है. इसके अलावा, तुलसी के समीप दीपक प्रज्जवलित करने से परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है.

IndiGo के शेयरों में भारी गिरावट, सात दिनों में कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹38,000 करोड़ घटी – निवेशकों के लिए क्या है अगला कदम?

 नई दिल्ली शेयर बाजार में मंगलवार को भी बड़ी गिरावट आई और सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश (Stock Market Crash) हो गए. वहीं दूसरी ओर भारी संकट से जूझ रही इंडिगो एयरलाइंस के शेयर में गिरावट की रफ्तार थमी जरूर दिखी, लेकिन ये आज भी रेड जोन में बना हुआ है. बीते सात दिनों से जारी IndiGo Crisis के कंपनी का तगड़ा नुकसान हो चुका है और इसके मार्केट कैप (IndiGo Market Value) में 4.3 अरब डॉलर (करीब 38000 करोड़ रुपये से ज्यादा) की गिरावट आ चुकी है. निवेशकों को तगड़ा नुकसान कराने वाले इस शेयर में पैसे लगाने वालों के सामने अब बड़ी उलझन ये है कि इसे बेच दें, होल्ड रखें या फिर और खरीदें?  7 दिन में इंडिगो को बड़ा घाटा  शेयर मार्केट में गिरावट के बीच मंगलवार को IndiGo की पेरेंट कंपनी Interglobe Aviation का शेयर भी लाल निशान पर करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है. बीते कारोबारी दिन इस एयरलाइन स्टॉक ने 9% का गोता लगाया था. इंडिगो फ्लाइट संकट को सात दिन बीत चुके हैं और परिचालन अब तक सामान्य नहीं हो सका है. जहां इस संकट के बीच यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है, तो IndiGo Share में पैसे लगाने वालों को भी तगड़ा घाटा हुआ है.  रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, IndiGo संकट के कारण पिछले सात दिनों में इसके शेयरों में लगभग 17% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और इसका मार्केट कैप घटकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है. ऐसे में महज 7 दिन में ये 4.3 अरब डॉलर घट गया है. भारतीय रुपये में कैलकुलेशन करें, तो शेयर फिसलने से इसमें पैसे लगाने वालों की दौलत में सीधे 38,708 करोड़ रुपये कम हो गए हैं.  इंडिगो की इनकम में आएगी गिरावट!  फ्लाइट कैंसिलेशन, रेग्युलेटरी एक्शन और शेयर क्रैश के साथ ही अब लगातार इंडिगो एयरलाइंस के लिए झटके वाली खबरें आ रही हैं. ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि अगर ये संकट कुल मिलाकर लगभग 15 दिनों तक चलता है, तो अगले मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में कंपनी की इनकम में 8-9% की गिरावट आ सकती है और इसमें सरकार द्वारा लगाए जाने वाले किसी भी जुर्माने को शामिल नहीं किया जाएगा. मूडीज रेटिंग्स (Moody's Rating) ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि इंडिगो को बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है. कई ब्रोकरेज दे रहे शेयर खरीद की सलाह एक ओर जहां IndiGo Sharez निवेशकों का नुकसान करा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर दुनिया के दिग्गज ब्रोकरेज इस स्टॉक को खरीदने की सलाह भी दे रहे हैं. भारतीय एविएशन मार्केट में 65% हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो एयरलाइंस की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के लिए विदेशी ब्रोकरेज UBS ने Buy Rating दी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस घटाकर 6,350 रुपये कर दिया है. तो वहीं जेफरीज ने इस शेयर को खरीदने की सलाह देते हुए टारगेट को  31 फीसदी के करीब बढ़ाकर 7,025 रुपये कर दिया है. 

डोनाल्ड ट्रंप का संकेत: चावल पर लग सकता है Tariff, शेयर बाजार में भारी गिरावट

मुंबई  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी कर ली है और इस बार सीधा निशाना भारत समेत कई देशों से किया जाने वाला एग्रीकल्चर इंपोर्ट है. रिपोर्ट की मानें, तो ट्रंप अमेरिका को चावल निर्यात करने वाले देशों की लिस्ट में शामिल भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देशों पर नए टैरिफ (Trump Rice Tariff) लगाने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं. ट्रंप के इन संकेतों का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है और खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी बिखर गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) 600 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा है, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी खुलते ही 200 अंक से ज्यादा फिसल गया.  सेंसेक्स 85000 के नीचे फिसला शेयर बाजार में ट्रंप के नए टैरिफ का डर साफ देखने को मिला है और खुलने के साथ ही दोनों इंडेक्स बिखरे हुए नजर आए. बात बीएसई के सेंसेक्स की करें, तो ये अपने पिछले बंद 85,102.69 की तुलना में फिसलकर 84,742.87 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में तेजी से फिसलते हुए 610 अंक टूट गया और 84,492 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया.  सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी का भी हाल बेहाल दिखा. एनएसई का ये इंडेक्स अपने पिछले बंद  25,960.55 के मुकाबले फिसलकर 25,867.10 पर खुला और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट आने लगी और सेंसेक्स की तरह ये भी 200 अंक से ज्यादा टूटकर 25,758 पर आ गया.  ट्रंप की नई टैरिफ धमकी का दिखा असर! बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने के संकेत दिए हैं और इस बार उनका निशाना एग्रीकल्चर इंपोर्ट पर है. चावल की डंपिंग से अमेरिकी किसोनों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ बम फोड़ सकते हैं. इसके बाद से चावल निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है. कुछ शेयरों का जिक्र करें, तो LT Foods Share अचानक 7.80% की गिरावट के साथ 362 रुपये पर आ गया, तो वहीं KRBL Ltd Share करीब 2 फीसदी फिसल गया.  1343 शेयर खुलते ही हुए धड़ाम शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की खराब शुरुआत के बीच जहां करीब 847 कंपनियों के शेयरों ने हरे निशान पर शुरुआत की, तो वहीं 1343 कंपनियों के शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले हल्की या तेज गिरावट लेकर खुले. वहीं 164 शेयरों की स्थिति में कोई चेंज देखने को नहीं मिला. बाजार में गिरावट बढ़ने पर BSE Large Cap कैटेगरी में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ रेड जोन में ट्रेड कर रहे थे. ये 10 शेयर सबसे ज्यादा फिसले बात करें, सबसे ज्यादा टूटने वाले 10 बड़े शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप में शामिल Asian Paint Share (3.50%), Trent Share (2%), BEL Share (1.35%) गिरकर कारोबार कर रहा था. वहीं दूसरी ओर मिडकैप  कंपनियों में ITC Hotels Share (4.72%), Coforge Share (4.11%), IPCA Lab Share (3.62%), GoDigit Share (3.53%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में Panorama Share (10%), LT Foods Share (7.80%), Tanaa Share (7%) तक टूट गया. 

मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा: समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी

रायपुर : समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी- मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्कूली शिक्षा मंत्री ने संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश  रायपुर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी विभागों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बालोद जिले में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा। मंत्री श्री यादव आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जंबूरी के सफल आयोजन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं और सभी अधिकारी पूर्णनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।  सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व, तैयारियों की विस्तृत समीक्षा  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह राष्ट्रीय आयोजन मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। शिक्षा मंत्री श्री यादव ने सभी विभाग प्रमुखों से क्रमवार चर्चा कर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में इन सभी व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।  जिला प्रशासन ने दिया सफल आयोजन का आश्वासन  बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंत्री श्री यादव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीम अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का सफल और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करेगी। समीक्षा बैठक में जंबूरी डायरेक्टर श्री अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर श्री ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात

रायपुर : निर्माण कार्यों से शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास को मिलेगी गति– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नगर पंचायत पिपरिया को दी साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन और लोकार्पण रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज नगर पंचायत पिपरिया को विकास की नई दिशा देते हुए कुल साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों की सौगात दी। पीएम स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, पिपरिया परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।  उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास तीनों को गति देने के लिए ये कार्य मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं के साथ पिपरिया में शिक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और नगरीय विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह सौगात पिपरिया के आने वाले वर्षों को नई रफ्तार देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पंचायत पिपरिया अध्यक्ष  घुरवाराम साहू जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर वीरेंद्र साहू,  मुकेश अग्रवाल,  निर्मल द्विवेदी, पार्षद कमल कांत नाविक,  सोम पटेल सहित जनप्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।  पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने 1 करोड़ 60 लाख 92 हजार रूपए की लागत से पीएम  स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, 14 लाख 83 हजार रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, 10 लाख रुपए की लागत से जायसवाल सामुदायिक भवन, 3 करोड़ 31 लाख 90 हजार रुपए की लागत से विभिन्न स्थानों में चौरिया, घड़ी व अन्य चौक निर्माण – सौंदर्यीकरण, हाईमास्ट लाईट, आरसीसी नाली, सीसी रोड, बाउंड्री वाल, व्यायामशाला, सामुदायिक भवन एवं पाथवे निर्माण, 19 लाख रुपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में रासायनिक, प्री-विज्ञान व भौतिक प्रयोगशाला और 20 लाख रुपए की लागत से नवीन खाद्य गोदाम निर्माण का भूमिपूजन किया। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह सभी परियोजनाएँ पिपरिया को आधुनिक शिक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुदृढ़ नगरीय विकास की दिशा में नई गति देंगी। सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कर रही निरंतर कार्य उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिपरिया में साढ़े 5 करोड़ रुपए की बड़ी राशि से एक साथ  विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिपरिया अस्पताल का उन्नयन हो चुका है, वहीं सीएचसी निर्माण के लिए स्वीकृति जारी कर दी गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की गई है तथा अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन की शुरुआत भी की गई है। उन्होंने बताया कि आईटीआई के लिए पौने 3 करोड़ रुपए और अनुसूचित जाति छात्रावास निर्माण के लिए 1.5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे युवाओं और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। पीएम  स्कूल उन्नयन के लिए 1.60 करोड़ रुपए का भूमिपूजन, प्रतिभा को मिलेगा आधुनिक शिक्षण मंच कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने पिपरिया स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पीएम  स्कूलों के उन्नयन के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने स्कूल में संचालित स्मार्ट क्लास की व्यवस्था और विद्यार्थियों से इसकी उपयोगिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा के 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने थ्री-डी तकनीक के माध्यम से विज्ञान विषय को पढ़ाने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चे अत्यंत प्रतिभावान होते हैं और आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार बनने के बाद नगर विकास कार्यों को नई गति मिली है और पिपरिया में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आने वाले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। स्वास्थ सुविधा में हो रहा तेजी से विस्तार उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की एक बड़ी सौगात मिली और निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों हेतु तैयारी की जा रही है और 60 पदों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पिपरिया एवं तरेगांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु 52–52 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। बच्चों के लिए 50-सीटर क्रिटिकल केयर अस्पताल, जिला अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 220 बिस्तर, तथा सीटी स्कैन सेवा प्रारंभ की गई है। बोडला में सोनोग्राफी सेवा आरंभ की गई है। पिपरिया सहित दो स्थानों पर एंबुलेंस की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। नया बस स्टैंड एवं मेडिकल कॉलेज को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए घोटिया रोड सहित गौरव पथ के दोनों मार्गों का उन्नयन किया जा रहा है। जनसहभागिता से स्वच्छ और समृद्ध जिला का होगा  निर्माण उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य एवं युवा कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भोरमदेव विद्यापीठ निःशुल्क कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। साढ़े 4 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया गया है। कवर्धा के प्राचीन बूढ़ा महादेव परिसर में कांवरिया श्रद्धालुओं हेतु सुविधाओं के निर्माण का कार्य किया जाएगा। भोरमदेव पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कवर्धा विधानसभा में विकास कार्यों की गति निरंतर तेज हो रही है। रायपुर–बिलासपुर–राजनांदगांव मार्ग को फोरलेन में विकसित करते हुए कवर्धा प्रवेश मार्ग को उच्च स्तरीय स्वरूप देने के लिए 54 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के सभी हिस्सों में संतुलित एवं व्यापक विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वच्छता के क्षेत्र में जनसहयोग आवश्यक है। प्रत्येक वार्ड और हर गली को स्वच्छ बनाने के लिए जनजागरण तथा सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया … Read more

मार्च 2026 तक सभी पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित करेंगे- मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025: नाबार्ड, म.प्र. क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सहकारिता सम्मेलन का आयोजन मार्च 2026 तक सभी पैक्स को ई-पैक्स में परिवर्तित करेंगे- मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग के मुख्य आतिथ्य में सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में नाबार्ड, मध्यप्रदेश क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सहकारिता पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को सम्मानित किया। सम्मेलन में सहकारिता आयुक्त श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड मध्यप्रदेश की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती, एमडी अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता, उप सचिव सहकारिता श्री मनोज सिन्हा सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिला सहकारी बैंक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक एवं पैक्स समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है सहकारिता मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ है और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिये यह सबसे प्रभावी माध्यम साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल संस्थागत व्यवस्था नहीं, बल्कि यह सामूहिक प्रगति और साझी जिम्मेदारी की भावना पर आधारित एक व्यापक आर्थिक मॉडल है। राज्य सरकार सहकारिता तंत्र को अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने के लिये निरंतर कार्य कर रही है। पैक्स अब बनेंगी बहुउद्देशीय संस्थाएँ मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बदलते कृषि परिवेश में पैक्स का दायरा तेजी से बढ़ा है। अब पैक्स केवल ऋण वितरण, खाद-बीज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे बहुउद्देशीय सेवाएँ उपलब्ध कराने वाली ग्रामीण संस्थाएँ बन रही हैं। हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक राज्य की सभी पैक्स को आधुनिक ‘ई-पैक्स’ के रूप में परिवर्तित कर डिजिटल संचालन से जोड़ें। सीपीपीपी मॉडल से आएंगे दूरगामी परिणाम मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सहकारिता ढाँचे में सुधार के लिये सीपीपीपी (Cooperative–Private–Public Partnership) मॉडल की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि “यह मॉडल सहकारिता संस्थाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रबंधन कौशल और पूँजी निवेश से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा। आने वाले वर्षों में इसके दूरगामी और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। कोऑपरेटिव और कॉर्पोरेट:विकास के दो मजबूत पहिये मंत्री श्री सारंग ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति के लिये कॉर्पोरेट और कोऑपरेटिव दोनों ही आवश्यक हैं। दोनों मॉडल एक-दूसरे के पूरक हैं और राष्ट्र के विकास रथ के दो पहिये हैं। सरकार ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जिससे सहकारिता संस्थाएँ आत्मनिर्भर, उत्पादक और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने बताया कि कमजोर जिला सहकारी बैंकों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिये राज्य सरकार ने 2027 तक का विशेष लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत पूँजी वृद्धि, प्रबंधन सुधार, कार्यप्रणाली का आधुनिकीकरण और ग्राहक सेवाओं में पारदर्शिता जैसे सभी आयामों पर कार्य किया जा रहा है। किसानों को समृद्ध बनाने के लिये पशुपालन व दुग्ध उत्पादन पर जोर मंत्री श्री सारंग ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिये कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन गतिविधियों को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। सहकारिता के माध्यम से हम किसानों को मूल्यवर्धन, प्रोसेसिंग, मार्केट लिंक और बेहतर आय के अवसर उपलब्ध कराएँगे। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा।  

राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भूमि संबधी लंबित प्रकरणों के लिए पुनः चलाया जाये राजस्व अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से करें पूर्ण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजस्व न्यायालय का कार्य प्रशंसनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व विभाग की समीक्षा कर दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों और आम नागरिकों के भूमि-संबंधी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाभियान पुनः चलाया जाए। इससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेखों में सुधार जैसे प्रकरणों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को महाराजा कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि 6 माह से अधिक लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें। इसके लिए प्राथमिकता से पीठासीन अधिकारियों से संपर्क करें। राजस्व अभिलेखों का डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। नागरिकों को उनकी भूमि का त्वरित नक्शा और विवरणों की उपलब्धता आसान बनाए। इसके लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करायें। यह सुविधा अगले दो वर्ष में पूर्ण करें। वेबसाइट से प्राप्त दस्तावेजों को प्रामाणिक बनाए जिससे दस्तावेजों की डुप्लीकेसी रुकेगी। नवीन आवश्यक आबादी भूमि का चिन्हांकन करें। प्रदेश के नक्शाविहीन ग्रामों का नक्शा बनाएं। भू-अर्जन प्रकरणों के एंड-टू-एंड निराकरण को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बनाए। राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। साथ ही आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना बताई। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राजस्व  विवेक पोरवाल सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। राजस्व विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां     राजस्व विभाग ने प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए वर्ष 2024–25 में तीन चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किया गया, जिसको एक करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया।     मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने 24 जिलों में राजस्व न्यायालयों के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति कर त्वरित और नियमित न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित की।     RCMS के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 41.68 लाख प्रकरणों में से 94% से अधिक प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया गया।     मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने जियो-फेंस तकनीक का उपयोग कर त्रुटिहीन फसल गिरदावरी सुनिश्चित की और 3.80 करोड़ सर्वे नंबरों में फसल विवरण को फोटो सहित दर्ज किया।     स्वामित्व योजना अंतर्गत प्रदेश में 94% कार्य संपन्न कर आबादी ग्रामों में 39.63 लाख अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।     प्रकरणों की सतत निगरानी के लिए 07 अप्रैल 2025 को 7-सीटर कॉल सेंटर स्थापित किया गया, जिससे 6 माह से लंबित प्रकरणों की संख्या 8963 से घटकर केवल 150 रह गई।     भू-अर्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए RCMS पोर्टल पर LAMS मॉड्यूल विकसित किया गया।     राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए 1974 करोड़ की लागत से 438 कार्यालय भवनों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 324 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।     प्राकृतिक आपदाओं से निपटने एवं प्रभावितों को राहत उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024–25 में 871 करोड़ 37 लाख का व्यय किया गया तथा 2025–26 में अब तक 2 हजार 68 करोड़ 99 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।     मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत 5281 पटवारी तथा 136 नायब तहसीलदारों की नियुक्ति की गई और 34,069 (100%) अधिकारियों-कर्मचारियों ने IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।     राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024–25 में 1048 करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह किया गया। वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक का संग्रहण किया जाएगा।         अभिनव प्रयोग एवं नवाचार     साइबर तहसील लागू होने से नामांतरण प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस, फेसलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त हो गई और औसत निपटान अवधि 50 दिनों से घटकर 22 दिन हो गई है। साइबर तहसील को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, नेशनल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025, DILRMP के घटकों को प्रदेश में लागू करने के लिए भूमि सम्मान, LAMS को Skoch Gold जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।     भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का बड़ा अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसके अंतर्गत 15 करोड़ पुराने अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। यह कार्य सितंबर 2025 से 12 जिलों में शुरू हुआ है। अब तक 1.25 करोड़ पेज स्कैन हो चुके हैं। इससे कृषक स्वयं अपनी भूमि की सर्च रिपोर्ट ज्ञात कर सकेंगे।     प्रदेश में भू-अभिलेख पोर्टल का नया वर्जन 2.0 दिनांक 1 अगस्त 2025 से शुरू हो गया है। नागरिक अपने मोबाइल पर अपनी भूमि का पूरा रिकॉर्ड देख सकते हैं। मोबाइल ऐप द्वारा भू-अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त की जा सकती है।         आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना     डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।     नक्शाविहीन ग्रामों के नक्शे बनाने तथा भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन किया जाएगा।     नवीन आवश्यक आबादी भूमियों का चिन्हांकन किया जाएगा।     विश्वास आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया लागू करने की योजना है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने का किया आह्वान

मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ा जाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समुचित समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेंदूपत्ता से पश्चिम बंगाल में बीड़ी उद्योग फल-फूल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों और बीड़ी बनाकर आजीविका चलाने वाले हजारों परिवारों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता मध्यप्रदेश की संपत्ति है। इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए। बीड़ी श्रमिकों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीड़ी बनाने वाले परिवारों को लगातार और बेहतर काम उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि तेंदूपत्ता आधारित बीड़ी उद्योग से जुड़ा हर परिवार सम्मानजनक और स्थायी आय प्राप्त करे। राज्य की वन उपज का लाभ अब सीधे हमारे ही श्रमिकों को मिले। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल उन सभी परिवारों के जीवन में फिर से उजाला लाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा, जो वर्षों से तेंदूपत्ता और बीड़ी निर्माण से जुड़े रहकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते आए हैं। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की उपलब्धियाँ     निवेश आकर्षण में सफलता, जीआईएस और आरआईसी के माध्यम से 12.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।     पिछले दो वर्षों में 327 एमएसएमई और बृहद इकाइयों में उत्पादन प्रारम्भ, 40,516 रोजगार सृजित।     उद्योगों को 4,977 करोड़ रुपये की सहायता और सुविधाएँ वितरित।     BRAP 2024 में चार श्रेणियों में सम्मान, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में शीर्ष प्रदर्शन।     108 अपराध मुक्त अनुपालनों से न्यायालय का भार कम, 2700 से अधिक अनुपालन सरल या कम किए गए। निवेश उपलब्धियाँ     2.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को भूमि आवंटन, 2.85 लाख रोजगार संभावित।     229 इकाइयों में निर्माण प्रारम्भ, 81,206 रोजगार संभावित।     साधिकार समिति द्वारा 105 प्रकरणों का त्वरित समाधान।     18,685 करोड़ रुपये के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत, 21,835 रोजगार संभावित। औद्योगिक अधोसंरचना विकास     26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर (4000 हेक्टेयर) स्वीकृत।     पीएम मित्रा पार्क के लिए 873 हेक्टेयर स्वीकृत।     Mohasa Babai RE Park: प्रथम चरण 884 एकड़ और द्वितीय चरण 750 एकड़।     33 औद्योगिक क्षेत्रों में उन्नयन के लिए 536 करोड़ रुपये स्वीकृत।     4 वर्किंग वुमन हॉस्टल, 5772 बेड क्षमता स्वीकृत। निवेश प्रोत्साहन एवं राज्य छवि निर्माण     जीआईएस 2025 का सफल आयोजन, प्रदेश का सबसे बड़ा निवेश शिखर सम्मेलन।     72 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश कार्यक्रम आयोजित।     8 क्षेत्रीय और 15 राष्ट्रीय संवाद-सत्र आयोजित नीति एवं आईटी आधारित सुधार     उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की 3 नई नीतियाँ लागू।     इंवेस्ट पोर्टल के माध्यम से इंवेस्टर लाइफ साइकल सर्पोट।     Faceless No Query Incentive प्रणाली लागू।     GIS आधारित ऑनलाइन भूमि आवंटन और Know Your Approvals सुविधा। संस्थागत उपलब्धियाँ     5 नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में व्यापार विस्तार कार्यालय।     हर जिला कलेक्टर कार्यालय में निवेश केंद्र स्थापित।     महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति। औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना     प्रमुख सचिव  राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लक्ष्य के साथ औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।     वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 25.3 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने और निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।     व्यापार सुगमता के लिए आधुनिक, कम लागत एवं सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।     प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी भाग में इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।     लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना विकास में निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और राज्य लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया जा रहा है।     अमेरिका, जापान और यूके जैसे लक्षित बाजारों से एफडीआई आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक और निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त हो।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दी दिशा

नगरीय विकास के प्रत्येक कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों पर हुआ प्रेजेंटेशन आगामी कार्य योजना संबंधी दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा की नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है कि वे अधोसंरचना विकास के प्रत्येक कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें। केवल काम की संख्या नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व से अपनी पहचान बनायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग को आपसी समन्वय से “अर्बन–रूरल क्लस्टर” की अवधारणा पर काम करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री मती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ     प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 9.46 लाख आवास स्वीकृत, 8.77 लाख पूर्ण, दो वर्षों में 1.64 लाख पक्के घर तैयार, 2.65 लाख हितग्राहियों को ₹1,749.17 करोड़ DBT, 96,903 गृहप्रवेश और PMAY 2.0 में 50,143 नए आवास स्वीकृत हुए।     अमृत मिशन 1.0 में 32 शहरों में ₹4,921 करोड़ से 204 जल-सीवर परियोजनाएँ पूर्ण, 5.06 लाख सीवरेज और 6.87 लाख नल कनेक्शन दिए गए। अमृत 2.0 में 413 शहरों में 321 कार्य पूर्ण, 732 जारी और सभी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग ‘अमृत रेखा’ ऐप से हो रही है।     स्वच्छ भारत मिशन में 110 में से 54 नगरीय निकायों में 21.50 लाख टन लीगेसी वेस्ट का निपटान, 14 निकायों को राष्ट्रीय सम्मान, इंदौर प्रथम और जबलपुर द्वितीय रहे, 202 स्टार रेटिंग, 24 Water Plus, 338 ODF++ और 64,000 सफाई मित्रों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ।     SASCI 2025–26 में मध्यप्रदेश ने ₹1306 करोड़ का देश का सबसे बड़ा दावा प्रस्तुत किया।     राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में राज्य को PRAISE और SPARK Award में प्रथम स्थान, दीनदयाल रसोई में 2.66 करोड़ भोजन वितरण, 117 आश्रय स्थलों में 2.44 लाख लोगों को आसरा, 4,111 हितग्राहियों को ₹54.8 करोड़ ऋण, 10,128 SHG निर्माण, 2.90 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को ₹1122.11 करोड़ ऋण और 5.55 लाख वेंडर्स को ₹32.35 करोड़ कैशबैक मिला।     NCAP में इंदौर व जबलपुर क्रमशः प्रथम और द्वितीय, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में 71.84 लाख पौधारोपण, CITIIS 2.0 में उज्जैन और जबलपुर चयनित तथा ₹31.35 करोड़ प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ।     ई-गवर्नेंस में ‘गरुड़ पोर्टल’ से 413 निकायों के GIS बेस मैप, 305 में संपत्ति सर्वे पूरा होकर 147% राजस्व वृद्धि, ALPASS में 12,896 प्रकरण निपटान, ABPAS में 24,209 प्रकरण स्वीकृत, ऑनलाइन सेवाओं से ₹482 करोड़ राजस्व और CM हेल्पलाइन में 6.24 लाख में से 5.85 लाख शिकायतें (93.66%) निराकृत हुईं।     मिशन कर्मयोगी में 63,195 कर्मचारी पंजीकृत, 1.24 लाख ऑनलाइन कोर्स पूरे, 371 जनप्रतिनिधि व 4,236 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त, AeBAS में 1.50 लाख कर्मचारी जोड़े गए तथा ‘गीता भवन योजना’ हेतु ₹100 करोड़ प्रावधान हुआ।     गृह निर्माण मंडल ने 1954 भवन, 1296 भूखंड विकसित किए, 170.80 एकड़ भूमि आवंटित हुई, 6 रीडेंसिफिकेशन परियोजनाएँ पूर्ण हुईं, DigiLocker पर दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और MPOnline से ₹531.10 करोड़ की संपत्तियाँ बेची गईं।     विभागीय नवाचार     आत्मनिर्भर निकाय कार्यक्रम में उच्च-दाब कनेक्शनों में डिमांड कम कर ₹6.4 करोड़ वार्षिक बचत, पावर फैक्टर सुधार से पेनल्टी बचाव, 275 अनावश्यक कनेक्शन हटाकर ₹60 लाख प्रतिमाह बचत और आगे ₹29 करोड़ अतिरिक्त बचत का लक्ष्य; फ्लीट मैनेजमेंट पोर्टल से वाहनों की ईंधन मॉनिटरिंग शुरू।     अधोसंरचना सुधारों में 18 मीटर मास्टर प्लान सड़कों पर यूटिलिटी डक्ट अनिवार्य, 30% से अधिक रोड रेस्टोरेशन पर 5% अतिरिक्त परफॉर्मेंस गारंटी, ‘अर्बन क्वालिटी कंट्रोल सेल’ और मोबाइल टेस्टिंग लैब स्थापित, फ्लेक्सिबल ज़ोनिंग और डिजिटल लैंड यूज परिवर्तन लागू, 50 वर्ष आयु वाली सड़कों के निर्माण का प्रारंभ और BRSR को सभी कार्यों में लागू करने की तैयारी।     तीन वर्षों की कार्ययोजना     PMAY 2.0 में 6 लाख नए आवास स्वीकृति का लक्ष्य, ARH–AHP मॉडल को बढ़ावा और बड़े नगर निगमों में भूमि उपयोग हेतु विशेष रणनीति लागू होगी।     अमृत 2.0 में 2025–27 के दौरान ₹1440 करोड़ की जल परियोजनाएँ, 9.99 लाख नल कनेक्शन, 7.90 लाख सीवर कनेक्शन, 420 जल संरचना जीर्णोद्धार, 389 पार्क विकास और SCADA से जल आपूर्ति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।     पीएम स्वनिधि में 6,71,332 नए ऋण प्रकरण, 289 नए दीनदयाल रसोई केंद्र और 128 आश्रय स्थलों के संचालन-संधारण का प्रावधान होगा।     स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में 8 बायो-CNG संयंत्र, 36 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट निपटान, 44 सेनेटरी लैंडफिल, 339 MRF/कम्पोस्ट यूनिट, 3 C&D प्लांट और 353 छोटे शहरों में 386 STP बनाए जाएंगे।     मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना के चरण-4 में ₹1586 करोड़ के कार्य पूरे होंगे, चरण-5 में ₹5000 करोड़ से मास्टर प्लान सड़कों का विकास, मार्च 2026 तक 472 ई-बसें संचालन में आएँगी, बस डिपो-चार्जिंग सुविधा विकसित होगी, नमामि गंगे के नए STP और शहरों में फ्लाईओवर-पार्किंग विस्तार होंगे।     संस्थागत सुधारों में एकीकृत नगरपालिका अधिनियम एक वर्ष में अधिसूचित होगा, सभी संवर्गों का पुनर्गठन अप्रैल 2026 तक, धारा 86 में नगरीय राजस्व सेवा गठित होगी, आत्मनिर्भर निकाय प्रोत्साहन हेतु ₹100 करोड़ और MPUDC में EV, IT, एसेट मैनेजमेंट व ग्रीन विभाग स्थापित होंगे।     MPUDC बिरसिंहपुर में ₹1750 करोड़ लागत वाला 250 MW फ्लोटिंग सोलर प्लांट PPP मॉडल से स्थापित करेगा।     इंदौर मेट्रो का 6 किमी कॉरिडोर मई 2025 से और भोपाल मेट्रो का 7 किमी कॉरिडोर दिसंबर 2025 से चलेगा; पूरे रूट क्रमशः 2028 तक पूर्ण होंगे और LAP/TOD/VCF से दोनों शहरों में बड़ी राजस्व संभावनाएँ बनेंगी।     T&CP विभाग 38 शहरों के GIS मास्टर प्लान तैयार करेगा, महानगर क्षेत्र कानून लागू करेगा, TDR पोर्टल विस्तार, TOD नीति लागू होगी और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास होगा।

महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण राजनगर में होगा महिला सम्मेलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का होगा अनावरण राजनगर में होगा महिला सम्मेलन मुख्यमंत्री, लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित करेंगे 1857 करोड़ रुपये खजुराहो  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने पूरे मंत्री-मंडल के साथ दो दिवसीय खजुराहो प्रवास पर हैं। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक होगी। मुख्यमंत्री महाराजा कन्वेंशन सेंटर में महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लाभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव छतरपुर जिले के विधानसभा क्षेत्र राजनगर के सती की मढ़िया में आयोजित महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में लगभग 1857 करोड़ 62 लाख रुपये अंतरित करेंगे। साथ ही विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। इस योजना में मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी विवाहित महिलाओं के साथ ही निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। आवेदन वर्ष के आधार पर 1 जनवरी की स्थिति में 21 से 59 वर्ष तक की आयु की महिलाएं पात्रता के दायरे में आती हैं। योजना की शुरुआत में एक हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि लागू की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में तीन बार 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की जा चुकी है। योजना प्रारंभ जून 2023 से नवंबर 2025 तक योजना की 30 किस्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है और दिसंबर 2025 में 31वीं किस्त का भुगतान किया जा रहा है। यह सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से आधार-सक्रिय बैंक खातों में किए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को राशि सीधे और सुरक्षित प्राप्त हो सके।