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चाय बागानों में महिला कामगारों के कल्याण को लेकर सरकार गंभीर, मांडविया का खुलासा

मांडविया का बयान: सरकार चाय बागानों की महिला कामगारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध चाय बागानों में महिला कामगारों के कल्याण को लेकर सरकार गंभीर, मांडविया का खुलासा मांडविया ने कहा: चाय बागानों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सरकार उठाएगी कदम नयी दिल्ली सरकार ने  कहा कि नयी लागू श्रम संहिताओं के माध्यम से बागान मजदूरों खासकर चाय बागानों में काम करने वाली महिला श्रमिकों के कल्याण के कई प्रावधान किये गये हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने लोक सभा में प्रश्न काल के दौरान कांग्रेस के गौरव गोगोई के सवाल के जवाब में कहा कि इन श्रमिकों के न्यूनतम वेतन, मातृ अवकाश, स्वास्थ्य सुविधा, बेहतर शौचालय, बच्चों के लिए पालना घर, उत्पीड़न से बचाव आदि के व्यापक एवं समुचित प्रावधान 21 नवंबर से लागू चार श्रम संहिताओं में किये गये हैं। श्री मांडविया ने कहा कि बागान मालिकों, यूनियन और सरकार के बीच होने वाली वार्ताओं में महिला श्रमिकों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के भी प्रावधान किये गये हैं। महिला श्रमिकों के कल्याण के लिए सरकार गंभीर है और उनके कल्याण के लिए जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस की प्रणीति शिंदे के प्रश्न के उत्तर में कहा कि सरकार महाराष्ट्र खास शोलापुर क्षेत्र में महिला बीड़ी कामगारों के कल्याण के लिए भी कई उपाय किये हैं। उनके वेतन और अन्य सुविधाओं में कोई दिक्कत न हो, इस पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनकी बेहतर सेहत सुनिश्चित करने के लिए 40 वर्ष के कामगारों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के भी इंतजाम किये गये हैं। 

Starlink का सैटेलाइट इंटरनेट भारत में उपलब्ध, कीमतें इतनी

नई दिल्ली Elon Musk का स्टारलिंक दुनिया भर में पॉपुलर है. भारत लॉन्च को लेकर काफी दिनों से चर्चा चल रही है. अब फाइनली इस सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के प्लान सामने आ चुके हैं. जो लोग सोच रहे थे कि ये सस्ता इंटरनेट होगा, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. Starlink India की वेबसाइट के मुताबिक भारत में Starlink के प्लान्स 8600 रुपये से स्टार्ट होंगे. इतना ही नहीं, हार्डवेयर किट के लिए यूजर्स को 34000 रुपये अलग से देने पड़ेंगे. खरीदने के बाद आप इसे खुद से भी सेटअप कर सकते हैं. कंपनी के मुताबिक सेटअप करने के बाद आपका इंटरनेट काम करना शुरू कर देगा. हालांकि कंपनी 30 दिन का ट्रायल भी दे रही है. Starlink का दावा है कि ये सर्विस 99.9% अपटाइम के साथ आती है और इंटरनेट डिसरप्शन का सवाल ही नहीं है. इतना ही नही कंपनी ने स्टेब्लिटी का भी बड़ा दावा किया है. इसे देश के किसी कोने में लगाया और यूज किया जा सकता है. क्योंकि ये इंटरनेट Elon Musk के स्टारलिंक सैटेलाइट बेस्ड है. हालांकि ये अभी लिमिटेड जगहों पर है. 30 दिन के ट्रायल के दौरान यूजर्स को अनलिमिटेड डेटा मिलेगा. Stralink India वेबसाइट पर जा कर आप प्लान और एवेलिब्लिटी चेक कर सकते हैं. वेबसाइट पर लोकेशन के हिसाब से अलग अलग प्लान और प्रोमोशनल ऑफर्स देख सकते हैं. गौरतलब है कि ये प्लान सिर्फ रेसिडेंशियल यूजर्स के लिए है, क्योंकि ये कंपनी अलग अलग प्लान्स ऑफर करती है. उदाहरण के तौर पर Starlink का Roam प्लान भी है. इसके तहत यूजर्स Starlink एंटेना किट अपने साथ ले कर कहीं भी जा सकते हैं. Starlink के एंटेना किट कोे कार के ऊपर भी माउंट करने की सुविधा होती है. हालांकि भारत में कंपनी कौन कौन सी सर्विस ऑफर करेगी ये पूरी तरह से साफ नहीं है. लेकिन दूसरे देशों में ये सर्विसेज मिलती हैं.  Starlink India की वेबसाइट पर एवेलिब्लिटी के लिए आपको पिन कोड डालना होगा. हालांकि जितने पिन कोड्स हमने ट्राई किए हैं सभी में ये बताया जा रहा है कि अभी आपके लोकेशन पर सर्विस एवेलेबल नहीं है. ईमेल आईडी एंटर करने पर जैसे ही ये सर्विस स्टार्ट होगी आपको नोटिफिकेशन के जरिए कंपनी इनफॉर्म करेगी.     

‘पायजामा टिप्पणी’ को लेकर सीजेआई सूर्यकांत ने जताई कड़ी नाराजगी

नई दिल्ली देश की सर्वोच्च अदालत ने यौन अपराधों से जुड़े मामलों में अदालतों द्वारा की जाने वाली टिप्पणियों और फैसले लिखने के तरीके पर एक ऐतिहासिक और कड़ा रुख अपनाया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित फैसले पर, जिसमें कहा गया था कि ‘पायजामा का नाड़ा तोड़ना और स्तनों को पकड़ना रेप के प्रयास के आरोप के लिए पर्याप्त नहीं है,’ सीजेआई सूर्य कांत ने बेहद सख्त टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अदालतों को, विशेषकर उच्च न्यायालयों को, फैसले लिखते समय और सुनवाई के दौरान ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणियों से हर हाल में बचना चाहिए. शीर्ष अदालत ने न केवल उस फैसले को खारिज किया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि वह अब देश भर की अदालतों के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी करेगी ताकि भविष्य में किसी भी पीड़ित की गरिमा को न्यायिक आदेशों में ठेस न पहुंचे. संवेदनशीलता की कमी पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की. कोर्ट ने माना कि जिस तरह से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी के कृत्यों को तकनीकी आधार पर “कम गंभीर” बताया, वह न्यायिक औचित्य के खिलाफ है. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, हम व्यापक दिशानिर्देश जारी करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्यायिक प्रक्रिया में कुछ हद तक संवेदनशीलता बनी रहे. अदालतों को, और खास तौर पर हाईकोर्ट्स को ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणियों से बचना चाहिए जो समाज में गलत संदेश देती हों और पीड़ित के दर्द को कम करके आंकती हों. यह मामला केवल एक फैसले को पलटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक नजीर (Precedent) बनाने का फैसला किया है. कोर्ट का मानना है कि यौन उत्पीड़न के मामलों में अगर जज शारीरिक संपर्क की बारीकियों को लेकर असंवेदनशील व्याख्या करेंगे, तो इसका सीधा असर न्याय प्रणाली पर जनता के भरोसे पर पड़ेगा. क्या था इलाहाबाद हाईकोर्ट का विवादित फैसला? इस पूरे विवाद की जड़ इलाहाबाद हाईकोर्ट का वह फैसला था, जिसने कानूनी जगत और समाज दोनों को हैरान कर दिया था. एक मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376/511 (दुष्कर्म का प्रयास) के तहत लगे आरोपों को हटा दिया था. हाईकोर्ट ने अपने तर्क में कहा था कि यद्यपि आरोपी ने पीड़िता के स्तनों को पकड़ा और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ा, लेकिन उसने शारीरिक संबंध बनाने का कोई और प्रयास नहीं किया.” इस आधार पर हाईकोर्ट ने इसे रेप का प्रयास न मानते हुए केवल ‘छेड़छाड़’ या महिला की गरिमा भंग करने का मामला माना था. हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट ने बेहद आपत्तिजनक माना. शीर्ष अदालत ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया था, जो यह दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे को कितना गंभीर मानता है. पीड़ित ऐसी स्थिति से समझौता नहीं कर पाएंगे सुनवाई के दौरान एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब जस्टिस सूर्य कांत ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि अगर अदालतें इस तरह का दृष्टिकोण अपनाएंगी, तो पीड़ित न्याय की उम्मीद कैसे करेंगे? उन्होंने टिप्पणी की, पीड़ित ऐसी स्थिति से समझौता नहीं कर पाएंगे. इसका अर्थ स्पष्ट था, जब एक महिला यौन हिंसा का सामना करती है, तो वह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक आघात से भी गुजरती है. ऐसे में अगर अदालत यह कहे कि ‘नाड़ा तोड़ना’ रेप की कोशिश नहीं है क्योंकि आरोपी आगे नहीं बढ़ा, तो यह उस मानसिक आघात को नकारने जैसा है जो पीड़िता ने उस क्षण में महसूस किया होगा. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि अपराध की गंभीरता को केवल शारीरिक क्रिया की पूर्णता से नहीं, बल्कि आरोपी के इरादे (Intent) और पीड़िता पर पड़े प्रभाव से मापा जाना चाहिए. दिशानिर्देश बनाने का सही समय सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर स्पष्ट गाइडलाइन्स बनाई जाएं. कोर्ट ने कहा, दिशानिर्देश बनाने का यही सही समय है, नहीं तो इसका पीड़ितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. अक्सर देखा गया है कि निचली अदालतें और कई बार हाईकोर्ट्स भी यौन अपराधों के फैसलों में ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं जो पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाती है या जो तकनीकी रूप से इतनी रूखी होती है कि उसमें मानवीय संवेदना खो जाती है. सुप्रीम कोर्ट का उद्देश्य अब एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करना है जो जजों को बताए कि संवेदनशील मामलों में फैसले लिखते समय किन शब्दों का चयन करना है और किन तर्कों से बचना है.

भारत बनेगा C-130J विमान का सबसे बड़ा मेंटेनेंस और सर्विसिंग हब

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के सबसे भरोसेमंद विमान C-130J सुपर हरक्यूलिस की अब भारत में ही भारी मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉल होगा. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) और अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने एक नए डिफेंस MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सेंटर की नींव रखी. यह भारत का सबसे आधुनिक MRO प्लांट होगा जो सिर्फ भारतीय वायुसेना ही नहीं, एशिया-प्रशांत के दूसरे देशों के C-130J विमानों की भी सर्विस करेगा. क्या-क्या होगा इस नए सेंटर में? विमान की पूरी बॉडी की भारी मरम्मत. इंजन, एवियोनिक्स और हथियार सिस्टम की ओवरहॉल. पुराने हिस्सों को नया और अपग्रेड करना. भारतीय इंजीनियरों-टेक्नीशियन की ट्रेनिंग. छोटे-बड़े भारतीय सप्लायरों को मौका. यह सेंटर 2026 के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा. 2027 के शुरू में पहला C-130J विमान मरम्मत के लिए आएगा.  दोनों कंपनियों के बड़े अधिकारी क्या बोले? लॉकहीड मार्टिन के सीओओ फ्रैंक सेंट जॉन ने कहा कि भारत के साथ हमारा रिश्ता 70 साल पुराना है. यह MRO सेंटर भारत को भारत में ही दुनिया की सबसे अच्छी सर्विस देगा. इससे भारतीय वायुसेना का विमान हमेशा तैयार रहेगा और दूसरे देश भी फायदा उठा सकेंगे. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सीईओ सुकरण सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता की नई मिसाल है. हजारों नई नौकरियां आएंगी. नया स्किल आएगा और भारत एशिया का सबसे बड़ा C-130J हब बनेगा. भारत-लॉकहीड का पुराना रिश्ता और नया रिकॉर्ड     पिछले हफ्ते ही टाटा-लॉकहीड की कंपनी TLMAL ने 250वां C-130J का पूंछ (एम्पेनेज) बनाकर डिलीवर किया.        भारत ने 2011 में पहला C-130J लिया था. आज 12 विमान हैं.        यही विमान दौलत बेग ओल्डी (दुनिया की सबसे ऊंची एयरस्ट्रिप) पर उतरा था और हाल में न्योमा (लद्दाख) में भी लैंड किया. क्यों है यह खबर बहुत बड़ी? अब C-130J की भारी मरम्मत के लिए विमान को अमेरिका नहीं भेजना पड़ेगा – समय और पैसा बचेगा. भारतीय वायुसेना का फाइट मोड में तैयार रहना बढ़ेगा. हजारों नई हाई-स्किल जॉब्स आएंगी. भारत अब दूसरे देशों को भी C-130J की सर्विस दे सकेगा. मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को सबसे बड़ी ताकत मिलेगी. C-130J सुपर हरक्यूलिस को दुनिया का सबसे मजबूत और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट विमान कहा जाता है. भारत के पहाड़ों से लेकर समुद्र तक, राहत कार्य से लेकर स्पेशल ऑपरेशन तक – हर जगह यह काम आता है. अब उसकी सर्विस भी भारत में ही होगी.

गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने से मेरठ-प्रयागराज का सफर केवल 8 घंटे में पूरा

हापुड़  जनवरी में मेरठ से प्रयागराज तक का सफर सुहाना हो जाएगा। गंगा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो गया है। इनका ट्रायल दिसंबर में करने की तैयारियां की जा रही हैं। ट्रायल से पहले एक्सपर्ट की टीम निरीक्षण करने के बाद कुछ जरूरी प्रमाण पत्र जारी करेगी। उसके बाद ट्रायल रन की तिथि का एलान कर दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में इसको जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के तीसरे खंड में उन्नाव-हल्द्वानी सेक्शन में मात्र दो प्रतिशत कार्य ही अब बाकी है। इसके अलावा मेरठ-बदायूं सहित पूरा एक्सप्रेस-वे फर्राटा भरने के लिए तैयार है। मेरठ से प्रयागराज तक के 594 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर कुल 1498 बड़े स्ट्रक्चर हैं। इनमें से 1497 स्ट्रक्चर का कार्य पूरा हो गया है। मेरठ से बदायू तक के प्रथम सेक्टर में 129 किमी की लंबाई में कुल बड़े 322 स्ट्रक्चर हैं। इनमें सिंभावली सहित सभी पर कार्य पूरा हो चुका है। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार दिसंबर में इसका ट्रायल रन पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद अंतिम परीक्षण करके 15 जनवरी तक प्रधानमंत्री इसका उदघाटन करेंगे। एक्सप्रेस-वे पर पांच स्थानों पर लडाकू विमान उतारने योग्य स्ट्रक्चर तैयार किया गया है। जिसका प्रयोग आपात स्थिति में किया जा सकेगा। प्रदेश को आने वाले साल में गंगा एक्सप्रेस-वे के रूप में प्रयागराज तक का नया हाईवे मिल जाएगा। इस 594 किलोमीटर के एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा हो गया है। इसके बाद मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज के औद्योगिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। इससे प्रदेश के दोनों सिरों के लोगों के आवागमन का एक और सुगम पथ संचालित हो जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा एक्सप्रेसवे के कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस 36,230 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए 7453.13 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अभी इसका विस्तार हरिद्वार किया जा रहा है। छह लेन में बनाए गए इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की सामान्य रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहेगी। एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के जलालाबाद में लड़ाकू विमानों के लिए 3.5 किलोमीटर हवाई पट्टी का भी निर्माण पूरा कर लिया गया है। वहीं ऐसे तीन और स्थान विकसित करने की तैयारी है।     गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अब इसके ट्रायल की तैयारी है। हमारा प्रयास है कि दिसंबर में ट्रायल रन कराकर जनवरी में इसका उदघाटन करा लिया जाएगा। हमारी ओर से उदघाटन के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इस संबंध में यूपीडा व एनएचएआइ के अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक का आयोजन किया जाएगा। – संदीप कुमार, एडीएम गंगा एक्सप्रेस-वे (मेरठ-प्रयागराज) नवीनतम निर्माण स्थिति विवरण                                                                     स्थिति एक्सप्रेस-वे निर्माण की कुल स्थिति                       लगभग 98 प्रतिशत पूरा मुख्य कैरिजवे का काम                                     99 प्रतिशत पूरा हो गया मेरठ और बदायूं के बीच खंड                           130 किलोमीटर का निर्माण ट्रायल के लिए तैयार प्रस्तावित ट्रायल रन का समय                            दिसंबर 2025 का पहला सप्ताह एक्सप्रेसवे का उद्घाटन                                   जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में मेरठ से प्रयागराज यात्रा का समय (एक्सप्रेसवे के बाद)     केवल 6 घंटे

लोन लेने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, इन 5 बैंकों ने इंटरेस्ट रेट कम किया

नई दिल्ली भारतीय रिज़र्व बैंक की चौथी रेपो कटौती के बाद देशभर में लोन मार्केट तेजी से बदल गया है. 25 बेसिस पॉइंट की ताज़ा कमी ने बैंकों को ब्याज दरें घटाने पर मजबूर किया है, जिससे ग्राहकों की होम, कार और पर्सनल लोन EMI में सीधी राहत मिल रही है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों के मोर्चे पर लगातार अपनी आक्रामक नीति जारी रखी है. बीते सप्ताह केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती किए जाने के बाद, देश में ऋण लेने का माहौल बदल गया है. इस कदम ने बैंकों को अपनी दरों को समायोजित करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे आम ग्राहकों के लिए होम, कार और पर्सनल लोन की लागत कम हो गई है. चौथी कटौती के बाद रेपो रेट कितना हुआ? RBI का यह फैसला साल 2025 में रेपो रेट में चौथी बार की गई कटौती है. फरवरी में शुरू हुई इस कटौती की श्रृंखला ने नीतिगत दर को अब 5.25% के स्तर पर ला दिया है. कुल मिलाकर, इस वर्ष अब तक 1.25% की संचयी कमी दर्ज की गई है. RBI ने मुद्रास्फीति को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने के बाद यह कदम उठाया है, जिससे विकास को बढ़ावा देने का रास्ता साफ हुआ है. किन 5 बैंकों ने सस्ता किया लोन?    बैंक का नाम कटौती नई दरें लागू मुख्य विवरण बैंक ऑफ इंडिया (BOI) RBLR में 25 bps की कटौती 5 दिसंबर से RBLR 8.35% से घटकर 8.10% हुई. इंडियन बैंक (Indian Bank) RBLR में 25 bps; MCLR में 5 bps की कटौती 6 दिसंबर से RBLR 8.20% से घटकर 7.95% हुई. बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) रेपो-बेस्ड लेंडिंग रेट में 25 bps की कटौती 6 दिसंबर से दर 8.15% से घटकर 7.90% हुई. करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) MCLR में 10 bps की कटौती 7 दिसंबर से MCLR 9.55% से घटकर 9.45% हुई. बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) रेपो-लिंक्ड रिटेल लोन में 25 bps की कटौती 6 दिसंबर से होम लोन 7.10% से और कार लोन 7.45%से शुरू. यह ब्याज दर कटौती उन सभी ग्राहकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जिनके ऋण रेपो रेट से जुड़े हुए हैं, जिससे उनकी मंथली किस्तें (EMIs) कम होंगी और लोन लेना अब अधिक आकर्षक हो जाएगा.

बिहार में AIMIM की राह मुश्किल? ओवैसी के MLA ने नीतीश को सराहा

पटना असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के नवनिर्वाचित विधायक मो. मुर्शीद आलम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ की है. मो. मुर्शीद आलम ने सोमवार को कहा कि सीएम नीतीश कुमार मेरे राजनीतिक गुरु हैं. मुझे राजनीति में लाने वाले हैं नीतीश कुमार. मैं उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता हूं. नीतीश कुमार ने बिहार को आगे बढ़ाया है. मुर्शीद आलम ने कहा- ‘मैं दूसरे दल में जरूर हूं, लेकिन नीतीश कुमार के एहसान को नहीं भूल सकता हूं. मैं एहसान फरामोश नहीं हूं. 2014 में मुझे नीतीश कुमार ने जेडीयू में शामिल कराया था. अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर मैंने आज ही सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की है. मुर्शीद आलम अपने नए आवास की समस्या को लेकर नाराजगी भी जाता रहे हैं. जोकीहाट विधायक मुर्शिद आलम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर दो बड़ी मांग उनके सामने रखा. इसमें जोकीहाट में दो नए महाविद्यालय और जोकीहाट में एक अतिरिक्त ब्लॉक (अंचल) की स्वीकृति की मांग की गई. AIMIM के हैं पांच विधायक 2020 की तरह 2025 के चुनाव में भी AIMIM के पांच विधायकों ने जीत दर्ज की है. बायसी सीट से AIMIM प्रत्याशी गुलाम सर्वर ने जीत हासिल की है. अमौर विधानसभा सीट से प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने जीत दर्ज की है. जोकीहाट विधानसभा सीट से मोहम्मद मुर्शीद आलम, कोचाधामन विधानसभा सीट से सरवर आलम और बहादुरगंज से मोहम्मद तौसीफ आलम ने जीत दर्ज की है. ये सभी सीटें मुस्लिम बहुल सीमांचल के जिलों की हैं. 2020 में चार विधायक RJD में चले गए थे याद करा दें कि 2020 के चुनाव में भी AIMIM के पांच विधायक जीते थे. चुनाव के बाद पांच में से चार विधायकों ने पार्टी छोड़कर तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को ज्वाइन कर लिया था. केवल प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान पार्टी के एकमात्र विधायक बजे थे. हालांकि 2025 के चुनाव में आरजेडी ने AIMIM से आए किसी भी विधायक को टिकट नहीं दिया. लेकिन AIMIM ने नये प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर फिर से चार सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. जेडीयू में जाएंगे AIMIM के विधायक? बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू 85 सीटें जीतकर विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दूसरे नंबर पर है. 89 सीटों के साथ सहयोगी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में चर्चा है कि क्या AIMIM के विधायकों को जेडीयू में शामिल कराकर जेडीयू अपने कुनबे को सबसे बड़ा बना सकती है? बिहार के राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं चल रही हैं. इस चर्चा के बीच में AIMIM विधायक मुर्शीद आलम की ओर से सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करना कई संभावनाओं को हवा देती दिख रही है.

चंडीगढ़ में बकाया टैक्स पर कार्रवाई, नगर निगम ने 20 हजार से ज्यादा डिफॉल्टर्स के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया

चंडीगढ़  चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने प्राइवेट प्रॉपर्टी मालिकों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए 20,000 रुपये से अधिक टैक्स बकाया वाले डिफॉल्टरों को प्रॉपर्टी अटैचमेंट नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पहले 50,000 रुपये और 30,000 रुपये से अधिक बकाया वाले टैक्स डिफॉल्टरों को नोटिस जारी किए गए थे। अब तीसरी श्रेणी में 20,000 रुपये से अधिक बकाया वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। पानी के कनेक्शन पर भी सख्ती नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में टैक्स जमा न कराने पर प्रॉपर्टी के पानी के कनेक्शन काटने के आदेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर प्रॉपर्टी को सीज या बेचने का भी अधिकार निगम के पास है। पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 के तहत यह कार्रवाई वैध है। कॉर्पोरेशन कमिश्नर अमित कुमार ने सभी स्तर के टैक्स डिफॉल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में नगर निगम पर कुल ₹170 करोड़ से अधिक का बकाया है, जिसमें से करीब ₹100 करोड़ मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। इस साल टैक्स कलेक्शन में रिकॉर्ड इस वित्तीय वर्ष में अब तक नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में लगभग ₹82 करोड़ वसूल किए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। पिछले पूरे वित्तीय वर्ष में केवल ₹59 करोड़ का कलेक्शन हुआ था। अधिकारियों का मानना है कि वर्ष के अंत तक यह राशि ₹100 करोड़ को पार कर सकती है। पानी कनेक्शन काटने के आदेश टैक्स न भरने वाले प्रॉपर्टी मालिकों का पानी का कनेक्शन काटने के आदेश तक जारी किए गए हैं। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित समय में टैक्स जमा नहीं किया गया, तो संबंधित प्रॉपर्टी को अटैच किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसकी बिक्री तक की कार्रवाई भी की जाएगी। पंजाब म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1994 नगर निगम को प्रापर्टी अटैच करने तथा बेचने दोनों का अधिकार देता है। निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी तरह के टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में नगर निगम के पास टैक्स डिफाल्टरों का कुल बकाया 170 करोड़ रुपए से अधिक है, जिसमें से करीब 100 करोड़ रुपए के मामले अदालतों में लंबित हैं। 100 करोड़ पार होने की उम्मीद नगर निगम ने इस वर्ष अब तक करीब 82 करोड़ रुपए प्रापर्टी टैक्स की वसूली कर ली है, जो अब तक की सबसे अधिक वसूली मानी जा रही है। पिछले पूरे वित्त वर्ष में केवल 59 करोड़ रुपए टैक्स जमा हुआ था, लेकिन इस बार सख्ती और लगातार कार्रवाई के चलते रिकॉर्ड वसूली हुई है। अभी वित्त वर्ष के लगभग पांच महीने शेष हैं, ऐसे में निगम अधिकारियों का कहना है कि टैक्स वसूली 100 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने की पूरी संभावना है। करोड़ों का टैक्स अब भी लंबित नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे बड़ा बकाये दार पंजाब यूनिवर्सिटी है, जिस पर करीब 60 करोड़ रुपए प्रापर्टी टैक्स बकाया चल रहा है। इसके बाद आईटी पार्क का नाम आता है, जिस पर लगभग 45 करोड़ रुपए का बकाया है। पीजीआई पर 23 करोड़ रुपए की देनदारी थी, जिसमें से हाल ही में 11 करोड़ रुपए निगम को जमा करवाए गए हैं। इसी तरह यूटी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट पर 16 करोड़ रुपए, गोल्फ क्लब पर 12 करोड़ रुपए और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) पर 10 करोड़ रुपए का प्रापर्टी टैक्स बकाया दर्ज है। रेलवे स्टेशन ने अपनी देनदारी में से 2.98 करोड़ रुपए हाल ही में जमा करवा दिए हैं। पुराने बड़े डिफाल्टरों से हो रही वसूली नगर निगम नए टैक्स डिफाल्टरों पर कार्रवाई के साथ-साथ पुराने बड़े बकायेदारों से भी एरियर की वसूली तेज कर चुका है। पीजीआई ने अपनी लंबित देनदारी में से 11 करोड़ रुपए एरियर के तौर पर निगम को जमा कराए हैं, जबकि रेलवे विभाग ने भी 3 करोड़ रुपए की राशि अदा कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम के तहत भी अधिकांश मामलों के निपटने की संभावना है, जिससे निगम की एरियर रिकवरी और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। बड़े डिफॉल्टर और रिकवरी की कोशिशें नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे बड़ा डिफॉल्टर पंजाब यूनिवर्सिटी है, जिस पर लगभग ₹60 करोड़ का बकाया है। इसके बाद IT पार्क (₹45 करोड़), PGI (23 करोड़, जिसमें ₹11 करोड़ हाल ही में जमा हुए), UT इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (₹16 करोड़), गोल्फ क्लब (₹12 करोड़) और Panjab Engineering College (PEC) (10 करोड़) शामिल हैं। हाल ही में रेलवे स्टेशन ने ₹2.98 करोड़ जमा किए हैं। पुराने बड़े डिफॉल्टरों से वसूली को भी जोर दिया जा रहा है। PGI ने ₹11 करोड़ का भुगतान किया है, जबकि रेलवे विभाग ने ₹3 करोड़ जमा किए हैं। निगम अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश मामलों का निपटारा वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम के माध्यम से होने की उम्मीद है। नगर निगम की यह सख्ती प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन को बढ़ाने और बकाया राशि वसूलने के उद्देश्य से की गई है।

CM सैनी ने किया ऐलान, हरियाणा में जल्द होंगे विभिन्न विभागों में रोजगार अवसर

कैथल  मुख्यमंत्री सैनी ने आर. के. एस.डी. कॉलेज कैथल में कहा कि आजकल कांग्रेस वोटी चोरी का झूठ का राग अलाप रही है। कांग्रेस ने ब्राजील की महिला का फोटो दिखाकर झूठा नेरेटिव सैट करने का प्रयास किया लेकिन ब्राजील की महिला ने खुद ही कांग्रेस की पोल खोल दी और कहा कि वह कभी भारत आई ही नहीं। विपक्ष के नेताओं के हालात ऐसे हो गए हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। कांग्रेस के झूठे प्रचार से हमें लोगों को सावधान करना है और खुद भी सावधान रहना है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा में जल्द विभिन्न विभागों में भर्तियां की जाएंगी जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी वाली भाजपा सरकार आमजन के हितों की सच्ची रक्षक है। इसी तहत बिना किसी भेदभाव के मैरिट आधार पर नौकरी दी जाती है और हमारे लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा में इस बात का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बारिश में जो सड़कें टूट गई हैं उन्हें ठीक किया जा रहा है। इस साल के अंत तक सभी ऐसी टूटी हुई सड़कें ठीक करवा दी जाएंगी। इसके लिए 6 विभागों के बीच तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के संस्कारों की चर्चा दुनिया भर में होती है। 20 और 21 दिसम्बर को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकारिणी की बैठक होंगी और हर बैठक में वन नेशन, वन इलैक्शन पर चर्चा होना आवश्यक है। 26 और 27 दिसम्बर को मंडलों की बैठक होगी उसके बाद विधानसभा स्तर पर सम्मेलन किए जाएंगे। प्रदेश स्तर के भी 2 कार्यक्रम होंगे जिनमें केंद्र से भी नेता शामिल होंगे।

अनामिका सिंह का बड़ा कदम, यूपी की तेज-तर्रार IAS अफसर ने लिया VRS

लखनऊ  2004 बैच की IAS अफसर अनामिका सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया है. अनामिका सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती थीं, लेकिन NOC न मिलने के कारण उन्होंने VRS का फैसला किया. अनामिका सिंह इससे पहले नीति आयोग में डायरेक्टर पद पर तैनात रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी छवि एक सक्षम और सक्रिय अधिकारी की रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र में प्रतिनियुक्ति नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है. अनामिका सिंह यूपी के तेज तर्रार अफसर मानी जाती थीं. उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में अलग-अलग विभागों में अहम जिम्मेदारी निभाई हैं. अनामिक सिंह साल 2004 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. हाल ही में उनका नाम चर्चा में आया था, जब उन्हें बरेली मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया गया था. लेकिन तबादले के दो दिन बाद भी उनके बरेली आने की कोई जानकारी नहीं मिली थी, इसी बीच शाम को एक और लिस्ट आई जिसमें उनके तबादले को रद्द कर दिया गया था.