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दुःखों से घिरा मैनेजर: पत्नी की दूसरी शादी और प्रेमिका की बेरुखी ने ली जान

सतना  मध्यप्रदेश में सतना जिले के ट्रांसपोर्ट नगर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 26 वर्षीय फाइनेंस मैनेजर ने गर्लफ्रेंड को जिम्मेदार बताते हुए अपने ऑफिस के बंद चेंबर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक की पहचान रीवा के सगरा देवतालाब निवासी शिवमोहन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक बेहद भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपने पिता से माफी मांगते हुए एक लड़की पर अपनी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। इस नोट में लिखी उसकी आखिरी इच्छा ने पुलिस और परिजनों, सबकी आंखें नम कर दीं। सॉरी पापा लड़की ने मेरे साथ खिलवाड़ किया! मृतक शिवमोहन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी मर्जी से जान दे रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह एक लड़की है। उसने लिखा सॉरी पापा… उस लड़की ने मेरी फीलिंग्स के साथ बहुत खिलवाड़ किया है। उसकी वजह से मैं कुछ सोच नहीं पा रहा हूं। मेरे अच्छे पिताजी, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया… अकेलेपन के कारण मैंने शराब पीना शुरू कर दिया था। मगर यहां जिस पर भरोसा करो, वही धोखा देता है।' 'पत्नी की दूसरी शादी करा देना' शिवमोहन ने सुसाइड नोट में लिखा है स्वाती (पत्नी) की दूसरी शादी करा देना। 'प्लीज, गोलू की स्कूटी छुड़वा लेना, मैंने उसे गिरवी रख दिया है।' मृतक ने यह भी लिखा है कि उसके सभी अंग दान कर दिए जाएं जो किसी के काम आ जाएं। बंद कमरे में लटका मिला शव जानकारी मुताबिक, शिवमोहन सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अपने केबिन में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। शाम 7 बजे तक जब कोई हलचल नहीं हुई और उसका फोन भी बंद आया, तो ऑफिस के कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पास में रहने वाले शिवमोहन के मामा को बुलाया। दरवाजा तोड़ने पर शिवमोहन का शव मफलर के सहारे फंदे पर लटकता मिला। जांच में जुटी पुलिस कोलगवां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट में जिस लड़की का जिक्र है, उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।  

बड़ा खुलासा: राजस्थान में जब्त अवैध विस्फोटक, गंभीर खतरे से टला बड़ा हादसा

राजसमंद  दिल्ली में हुए कार बम धमाके के बाद अलर्ट मोड पर चल रही राजस्थान पुलिस ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है. राजस्थान के श्रीनाथजी थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध विस्फोटक सामग्री से भरी एक पिकअप को जब्त किया है. इस पिकअप में इतना विस्फोटक भरा हुआ था कि अगर उसमें ब्लास्ट हो जाता तो वह करीब 10 किलामीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले सकता था. यहां विस्फोटक कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था कि इसकी जांच पड़ताल की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भारी मात्रा में जब्त किया गया यह विस्फोटक आमेट क्षेत्र से नाथद्वारा की तरफ ले जाया जा रहा था. इसकी सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विस्फोटक से भरी पिकअप को जब्त कर लिया. पिकअप में भारी मात्रा में भरी विस्फोटक सामग्री को देखकर पुलिस सन्न रह गई. उसने तत्काल पिकअप को जब्त कर आलाधिकारियों को सूचना दी. भारी मात्रा में विस्फोटक की जब्ती से अधिकारी भी अलर्ट मोड पर आ गए और मौके के लिए रवाना हो गए. लंबे चौड़े एरिया में मचा सकता था तबाही पुलिस अधिकारियों की मानें तो पिकअप के अंदर इतनी मात्रा विस्फोटक भरा था कि अगर उसमें ब्लास्ट होता तो लगभग 10 किलोमीटर तक लंबे चौड़े इलाके में तबाही मच सकती थी. पुलिस टीम मौके पर जब्त किए विस्फोटक की काउंटिंग करने में जुटी है. पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच पड़ताल में जुटे हैं कि विस्फोटक सामग्री की नेचर कितनी खतरनाक है. इसे कहां से लाया गया था और कहां ले जाया जा रहा था? इसके साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसके पीछे किसका हाथ है? पुलिस इन सभी पहलुओं की गंभीरता जांच कर रही है. पुलिस पिकअप चालक से हुई पूछताछ में जो नाम सामने आए हैं उन्हें ढूंढने में लगी है. राजस्थान में पकड़ा गया था TTP से जुड़ा मौलवी उल्लेखनीय है कि राजस्थान में बीते दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने चार संदिग्ध मौलवियों को भी पकड़ा था. उनमें एक मौलवी ओसामा उमर का संबंध आंतकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ पाया गया था. उसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा अलर्ट पर आ गई थी. हालांकि राजस्थान के कई इलाकों में अवैध रूप से पत्थरों के खनन के लिए घातक विस्फोटक का ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह विस्फोटक किस उद्देश्य के लिए ले जाया जा रहा था इसका खुलासा होना बाकी है.

डॉ. प्रेम कुमार: 35 साल की विधायक यात्रा, 9वीं बार विधायक और नए स्पीकर

पटना भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार को निर्विरोध और सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा का अगला अध्यक्ष चुना गया. चुनाव की औपचारिक घोषणा होते ही सदन में “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” के नारे गूंज उठे. प्रेम कुमार गया टाउन, यानी गयाजी शहरी क्षेत्र के मतदाताओं के प्रतिनिधि चुनकर 9वीं बार भी विधानसभा पहुंचे हैं. 202 सीटों की बड़ी जीत के साथ ही उनका नाम चल निकला था. इंतजार हो रहा था कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लें और मंत्रिपरिषद् के बाकी सदस्यों का भी शपथ ग्रहण हो जाए. तभी यह हुआ और तय हो गया कि डॉ. प्रेम कुमार के सामने इस कुर्सी के लिए किसी की ओर से कोई विकल्प नहीं है. डॉ. प्रेम कुमार ने सोमवार को नामांकन भरा. 35 विधायकों वाले महागठबंधन से किसी अन्य ने इस पद के लिए नामांकन नहीं भरा. यानी, प्रेम कुमार को निर्विरोध चुना गया. जिसके बाद सभी नेताओं ने उन्हें बधाई दी. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन की शुरुआत गीता के श्लोक से की.उन्होंने कहा कि- आप सभी ने सर्वसहमति से मुझे चुना इसके लिए आभार. अध्यक्ष के रूप में मेरा कर्तव्य होगा कि सदन के संचालन के नियमों का पालन करते हुए सभी सदस्यों के अधिकारों का पालन हो. आवश्यकता है विचारों के विविधता के बीच संवाद को बढ़ाएं. हमें जनता की सेवा का मौका मिला है. मेरे लिए सरकार और विपक्ष दिनों समान रूप से होंगे. कौन हैं डॉ. प्रेम कुमार डॉ. प्रेम कुमार 35 साल से गया जिले की टाउन सीट से विधायक हैं. वह लगातार 9 बार से विधायकी जीत रहे हैं. एनडीए सरकार में कई बार मंत्री भी रहे हैं. उनकी गिनती भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है. वे सुशील मोदी, नंद किशोर यादव, नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के जमाने के नेता हैं. प्रेम कुमार अति पिछड़ी जाति कहार जाती से आते हैं. 70 साल के प्रेम कुमार एलएलबी और पीएचडी कर चुके हैं. उनकी संपत्ति की बात की जाए, तो उनकी पास 13 करोड़ से अधिक की संपत्ति है. इसके अलावा उनके ऊपर 18 आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं.  

सोनारिका भदौरिया के बेबी बंप की तस्वीरें वायरल, पति ने माथे पर किया KISS

मुंबई        टीवी इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस सोनारिका भदौरिया मां बनने वाली हैं. उन्होंने हाल ही में अपना खूबसूरत मैटरनिटी फोटोशूट शेयर किया है. तस्वीरों में वो अपने पति विकास पराशर के साथ बेहद रोमांटिक अंदाज में दिखाई दे रही हैं. कपल की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, और फैन्स उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दे रहे हैं. लंबे समय के रिश्ते के बाद की शादी सोनारिका ने 2022 में अपने लॉन्ग-टाइम बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन विकास पराशर से शादी की थी. दोनों कई सालों तक रिलेशनशिप में रहे और फिर परिवार व दोस्तों की मौजूदगी में एक ग्रैंड वेडिंग की और सात जन्मों के बंधन में बंधे. अब अपनी जिंदगी के इस नए चैप्टर पेरेंटहुड में कदम रखने की खुशी वे खुले दिल से अपने फैंस के साथ बांट रहे हैं. सोनारिका की जल्द ही डिलीवरी होने वाली है. फोटोशूट शेयर कर उन्होंने कैप्शन में सिर्फ दिसंबर लिखा. फोटोज में सोनारिका ब्लैक टॉप-पायजामा में बेहद स्टाइलिश लगीं. वेवी हेयर के साथ उन्होंने लुक को कम्प्लीट किया. मैटरनिटी शूट ने जीता फैन्स का दिल अपने लेटेस्ट फोटोशूट में सोनारिका और विकास बेहद खुश दिखाई दे रहे हैं. पति ने उनका बेबी थामा तो वहीं माथे पर किस भी किया. इन तस्वीरों में सोनारिका का प्रेग्नेंसी ग्लो, रोमांटिक पोज और कपल की बॉन्डिंग साफ झलकती है. कमेंट सेक्शन में फैंस और जानी-मानी टीवी हस्तियां उन्हें प्यार, दुआएं और बधाइयां दे रही हैं. इंडस्ट्री से दूर सोनारिका सोनारिका भदौरिया टीवी की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें सबसे ज्यादा शो ‘देवों के देव… महादेव’ में पार्वती और देवी आदी शाक्ति की भूमिका के लिए सराहा गया. इसके बाद वे ‘दास्तान-ए-मोहब्बत: सलीम-अनारकली’, ‘इश्क में मरजावां’ और कई अन्य प्रोजेक्ट्स में नजर आईं.  टीवी के अलावा उन्होंने कुछ दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया है. अपनी खूबसूरती, स्क्रीन प्रेजेन्स और एक्टिंग स्किल की वजह से सोनारिका ने जल्दी ही एक मजबूत फैन बेस बना लिया. हालांकि अब वो शोबिज से दूर हैं. सोनारिका ने शादी के बाद से ही इंडस्ट्री से दूरी बना ली है. वो पेरेंट क्लब में शामिल होने को बेकरार हैं. एक्ट्रेस लगातार इंस्टा पोस्ट कर अपनी प्रेग्नेंसी खूबसूरत जर्नी दिखाती रहती हैं.

उच्च शिक्षा विभाग ने वीआईटी विश्वविद्यालय प्रकरण में दिखाई कड़ाई

उच्च शिक्षा विभाग का वीआईटी विश्वविद्यालय मामले में कड़ा रुख वीआईटी सीहोर की अव्यवस्थाओं पर जांच समिति की रिपोर्ट, विश्वविद्यालय से 7 दिन में जवाब तलब भोपाल राज्य शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने, सीहोर जिले में स्थित निजी वीआईटी विश्वविद्यालय में मेस व्यवस्था, छात्रावास प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अनुशासन तंत्र से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया है। जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विभाग ने विश्वविद्यालय प्रशासन से 7 दिनों में बिंदुवार जवाब मांगा है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेस भोजन से 35 छात्र-छात्राएँ बीमार, पेयजल की भी समस्या विश्वविद्यालय प्रबंधन ने समिति के समक्ष यह स्वीकार किया है कि 14 से 24 नवंबर के बीच 23 छात्र और 12 छात्राएँ यानी कुल 35 विद्यार्थी पीलिया से पीड़ित हुए। जांच समिति ने पुष्टि की है कि भोजन और पेयजल की गुणवत्ता पर नियंत्रण कमजोर था तथा कई दिनों तक शिकायतें आने के बावजूद उचित सुधार नहीं किया गया। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन से पेयजल में दुर्गंध आने की शिकायत की थी, परंतु प्रबंधन द्वारा इस पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विश्वविद्यालय परिसर में तानाशाही जैसी व्यवस्था जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि परिसर में प्रबंधन एकतरफा और तानाशाही रवैया अपनाता है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि कर्मचारियों से प्रतिरोध या शिकायतें सुनने की अनुमति नहीं होती और छात्रों पर अनुशासन के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। समिति ने उल्लेख किया है कि सीहोर जिले के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO )और स्वास्थ्य अधिकारियों को विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर दो घंटे तक रोककर रखा गया, जबकि वे स्थितियों का निरीक्षण करने आए थे। छात्रों में असुरक्षा और अविश्वास का भाव व्याप्त समिति के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर का वातावरण ऐसा है जहाँ छात्र स्वयं को सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस नहीं करते हैं। अनुशासन तंत्र भय आधारित है, जिसके कारण छात्र अपनी समस्याएँ खुलकर नहीं बता पाते हैं। रिपोर्ट बताती है कि शिकायतें बढ़ती रहीं, परंतु प्रशासन ने छात्रों को शांत करवाने या माहौल सुधारने की दिशा में कोई रचनात्मक कदम नहीं उठाया। जब स्थिति बिगड़ गई और छात्र आंदोलन की ओर बढ़े, तब भी प्रबंधन द्वारा प्रभावी नियंत्रण या संवाद स्थापित नहीं किया गया।  अव्यवस्थित स्वास्थ्य केंद्र और बीमारी नियंत्रण में लापरवाही समिति ने पाया कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में बीमारी फैलने की जानकारी होने के बावजूद समय पर उपचार, परीक्षण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया सक्रिय नहीं की गई। स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ केवल औपचारिक स्तर पर दवाएँ दे रहा था। बीमारी नियंत्रण के लिए न तो प्रबंधन ने कोई विशेष अभियान चलाया गया और न ही प्रभावित छात्रों की नियमित मॉनिटरिंग की गई।रिपोर्ट में कहा गया है कि बीमारी फैलने की वास्तविक स्थिति विश्वविद्यालय प्रशासन की जानकारी में थी, फिर भी आवश्यक कदम समय पर नहीं उठाए गए। विभाग ने मांगा बिंदुवार जवाब उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय से मेस के भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की शुद्धता और 35 छात्रों के बीमार होने संबंधी पूरी रिपोर्ट, परीक्षण और उपचार विवरण, हॉस्टल प्रबंधन, जलापूर्ति, स्वच्छता और रखरखाव में कमी के कारण तथा अब तक उठाए गए सुधारात्मक कदम, छात्रों की बार-बार की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, अनुशासन के नाम पर छात्रों व कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालने और शिकायतों को दबाने के आरोपों पर स्पष्टीकरण, CMHO और स्वास्थ्य अधिकारियों को गेट पर रोके जाने की पूरी जानकारी और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान, बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य केंद्र और प्रबंधन द्वारा अपनाए गए नियंत्रण उपायों का विवरण आदि समस्त विद्यार्थी हितों से जुड़े विषयों पर 7 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। उच्च शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर संतोषजनक नहीं रहा तो निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

डीजी/आईजी कॉन्फ्रेंस–2025 में मध्यप्रदेश पुलिस के ‘नशे से दूरी है जरूरी’ नवाचार को मिली राष्ट्रीय सराहना

डीजी/आईजी कॉन्‍फ्रेंस–2025 में DGP मकवाणाके द्वारा प्रस्‍तुत मध्यप्रदेश पुलिस के नवाचारों में नशे से दूरी है जरूरी को मिली राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सराहना भोपाल रायपुर में आयोजित डीजी/आईजी कॉन्‍फ्रेंस–2025में माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय सत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग, उभरते साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वैज्ञानिक अन्वेषण,टेक्नोलॉजी-इंटीग्रेशन, साइबर सुरक्षा, नशे से दूरी तथा नागरिक-सहभागिता आधारित सुरक्षा ढाँचे पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस की कई नवाचार पहलें विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहीं। सम्मेलन के दौरानमध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा “Future-Ready Policing: Vision 2047” का व्यापक विज़न प्रस्तुत किया गया। उनकी प्रस्तुति में AI आधारित प्रिडिक्टिवपुलिसिंग, डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा ढाँचा, कम्युनिटी आउटरीच, आपदा प्रबंधन प्रणालियाँ तथा युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे बिंदुओं को भविष्य की पुलिसिंग के प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग तभी प्रभावी हो सकती है जब उसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता – दोनों का संतुलित समावेश हो। सम्मेलन में मध्यप्रदेश पुलिस के राज्यव्यापीनशामुक्तिजनअभियान “नशे से दूरी है ज़रूरी” की भी प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों, कलाकारों, खिलाड़ियों, स्वयंसेवी संगठनोंकी व्यापक भागीदारी के कारणतथा युवाओं को जोड़ने में यह अभियान एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में उभरा है। प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 23 लाख तथा सोशल मीडिया माध्‍यमोंसे 6करोड़ 35 लाख लोगों तक पहुँच बनाने के परिणामस्वरूप इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। “नशे से दूरी है ज़रूरी’’ राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान ने अपनी व्यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया। इस उपलब्धि के लिए WBR (वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स) के CEO  संतोष शुक्ला ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल मध्यप्रदेश में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया था। साथ ही उन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह हेतु आधिकारिक आमंत्रण भी प्रदान किया गया था, जिससे मध्यप्रदेश पुलिस को वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश पुलिस की इन पहलों – Vision 2047, “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान तथा सिंहस्थ–2028 की तकनीकी तैयारियों – ने राष्ट्रीय मंच पर राज्य की पुलिसिंग नवाचार, प्रशासनिक नेतृत्व और अग्रदर्शी सोच को सशक्त रूप से स्थापित किया है।  

कौशल प्रशिक्षण में ग्लोबल स्किल पार्क बना युवाओं की नई दिशा—मंत्री टेटवाल

ग्लोबल स्किल पार्क युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को दे रहा है नई दिशा: मंत्री टेटवाल वर्ष 2026 बैच के स्वागत समारोह में 750 बच्चे एवं पेरेन्ट्स हुए शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की निरंतर बढ़ती प्रतिष्ठा के पीछे उसके तीन मूल स्तंभ गुणवत्ता, अनुशासन और उत्कृष्टता हैं, जिनके मार्गदर्शन में संस्थान का प्रवेश और प्लेसमेंट रिकॉर्ड प्रतिवर्ष नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य शासन के निरंतर सहयोग से प्रदेश के युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि रोजगार-योग्यता प्रदान की जा रही है, जिससे कौशल भारत मिशन को नई दिशा और गति मिल रही है। मंत्री टेटवाल ने यह बात संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में 2025–26 बैच के नए प्रशिक्षु छात्रों के लिए आयोजित स्वागत समारोह के अवसर पर कही। मंत्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था का दृढ़ संकल्प है कि हर विद्यार्थी को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। ज्ञान और कौशल का यह संगम हमारे युवाओं को न केवल नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें कुशल भारत के अग्रदूत के रूप में स्थापित करते हुए एक उज्ज्वल, समर्थ और सशक्त भविष्य के निर्माण में सक्षम बनाएगा। उन्होंने छात्रों से परिवार के सपनों का सम्मान करने, गुरुजनों के प्रति आदर बनाए रखने तथा संस्थान की विश्व-स्तरीय सुविधाओं का पूर्ण उपयोग कर स्वयं को प्रतिदिन अपग्रेड करने का आग्रह किया। यह कार्यक्रम नए सत्र की शुरुआत के साथ छात्रों में कौशल विकास, अनुशासन और भविष्य की संभावनाओं के प्रति नई ऊर्जा उत्पन्न करेगा। सीईओ डॉ. गिरीश शर्मा ने बताया कि ग्लोबल स्किल पार्क में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या ने नए कीर्तिमान स्थापित किए है। पहली बार संस्थान में पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक छात्रों ने नामांकन किया, जो ग्लोबल स्किल पार्क की बढ़ती प्रतिष्ठा और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस बार असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड सहित अनेक राज्यों से बड़ी संख्या में छात्र पहुँचे। परिसर में लगभग 750 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति ने एक उत्सवमय वातावरण उत्पन्न कर दिया। कई विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ पहुँचे, जिससे यह और स्पष्ट हुआ कि ग्लोबल स्किल पार्क राष्ट्रीय स्तर पर उन युवाओं की पहली पसंद बन रहा है, जो कौशल, अनुशासन और व्यापक करियर अवसरों के आधार पर अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ना चाहते हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि संस्था के क्लब्स, समिति और मजबूत एलुमनी नेटवर्क विद्यार्थियों को उद्योगों से जुड़ने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि संस्था की प्राथमिक नीति "स्टूडेंट फर्स्ट" है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक निर्णय, प्रत्येक सुविधा और प्रत्येक प्रक्रिया का केंद्र बिंदु विद्यार्थी ही है। संस्थान का लक्ष्य हर विद्यार्थी को सुरक्षित, सहयोगी और विकास-उन्मुख वातावरण प्रदान करना है, जहाँ उनकी ज़रूरतें, सीखने की गति और करियर उन्नति सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहती है। स्वागत समारोह नए बैच के लिए संस्था की शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण और सफल भविष्य निर्माण की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरक शुरुआत साबित हुआ।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विभागीय समीक्षा करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को विभागीय समीक्षा करेंगे। समीक्षा बैठकों में संबंधित विभागीय मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा में दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे, शाम 4 बजे से 4:30 बजे तक नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित रहेंगे, शाम 4:30 बजे से 5 बजे तक ऊर्जा, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विभागीय मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वल्लभ भवन में दोपहर 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सहकारिता विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री विश्वास सारंग उपस्थित रहेंगे। दोपहर 1 बजे से 1:45 बजे तक महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया उपस्थित रहेंगी। दोपहर 1:45 बजे से 2:30 बजे तक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रहेंगी। दोपहर 3:30 बजे से 4:15 बजे सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:15 से 5 बजे कृषि एवं किसान कल्याण उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना एवं मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 दिसम्बर सोमवार को खजुराहो में दोपहर 11 बजे से 11:30 बजे तक खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत उपस्थित रहेंगे। दोपहर 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री जगदीश देवड़ा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री लखन पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4 बजे से 4:45 बजे जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री कुँ. विजय शाह एवं मंत्री श्री नागर सिंह चौहान उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:45 से 5:30 बजे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री चैतन्य काश्यप उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर मंगलवार को खजुराहो में दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री राकेश सिंह उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके उपस्थित रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक कैबिनेट बैठक करेंगे।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए खुशखबरी: शिक्षा सहायता दोगुनी, 85% लाने वालों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

भोपाल पुलिस मुख्यालय ने विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा निधि में बढ़ोतरी कर दी है। यह इसी शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2025-26 से प्रभावी हो गई है। अब 11वीं -12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर 4 हजार के स्थान पर 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह से 60 से 84 प्रतिशत तक अंक लाने पर ढाई हजार की जगह तीन हजार रुपये मिलेंगे। अन्य तरह की शिक्षा निधि में भी वृद्धि की गई है। अब 4000 की जगह 5000 रुपये मिलेंगे पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इसमें आईपीएस अधिकारी सहित एक लाख 18 हजार रुपये से कम मूल वेतन वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चे पात्र होंगे। प्रदेश में पुलिस के एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हैं। स्नातक पाठ्यक्रम के लिए भी शिक्षा निधि बढ़ाई गई है। विद्यार्थी 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाता है तो उसे 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। पहले यह राशि 40 हजार रुपये थी। 55 से 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर पहले 24 हजार रुपये दिए जाते थे और अब 36 हजार रुपये दिए जाएंगे। मेडिकल पाठ्यक्रमों में शिक्षा निधि बढ़ाई इतना ही नहीं मेडिकल पाठ्यक्रमों में शिक्षा निधि बढ़ाई गई है। एमबीबीएस व बीडीएस में 60 प्रतिशत अंक लाने पर 50 हजार रुपये की जगह 75 हजार रुपये, 50 से 60 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त करने पर 30 हजार की जगह 45 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। 60 प्रतिशत अंक लाने पर मिलेंगे 15 हजार किसी भी विषय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए समान राशि रखी गई है। इसमें पहले 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 10 हजार रुपये मिलते थे अब 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। यानी 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अंक 55 से 60 प्रतिशत के बीच होने की स्थिति में पहले के छह हजार के बदले अब नौ हजार मिलेंगे।

कृषि उपकरणों पर 90% तक बंपर सब्सिडी, सरकार की मेगा स्कीम से किसानों को बड़ा फायदा

बांदा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-कुसुम) योजना किसानों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आई है। इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने पर किसानों को 68 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के सरफेस पंप का निर्धारित मूल्य ₹1,64,322 है, जिस पर किसानों को ₹1 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा। यह योजना 2 एचपी से लेकर 10 एचपी तक के सबमर्सिबल सोलर पंप पर लागू है, जिसमें अधिकतम ₹2,54,983 तक का अनुदान मिल सकता है। इसका मुख्य लक्ष्य निजी नलकूप कनेक्शन धारक किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना, सिंचाई को अबाधित बनाना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है।   योजना के लाभ और लक्ष्य सोलर पंप लगाने से किसानों की डीजल और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और बिजली की खपत में भी कमी आएगी, जिससे उनका खर्च घटेगा। इसके अतिरिक्त, किसान अपने इस्तेमाल के बाद बची हुई अधिशेष सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। बांदा मंडल के चारों जिलों में करीब दो हजार सोलर पैनल स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, और पंजीकरण "पहले आओ, पहले पाओ" की तर्ज पर किया जा रहा है। आवेदन और चयन प्रक्रिया इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upagriculture.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सोलर पंप की ऑनलाइन बुकिंग भी इसी वेबसाइट से की जाएगी। किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही किसानों को ₹5,000 रुपये की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। बुकिंग कंफर्म होने पर, शेष धनराशि चालान के माध्यम से इंडियन बैंक की किसी भी शाखा या ऑनलाइन जमा करनी होगी, अन्यथा आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी। बोरिंग की अनिवार्यता और नियम सोलर पंप पर अनुदान पाने के लिए बोरिंग की गहराई और व्यास (Diameter) की अनिवार्यता रखी गई है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के लिए 4 इंच और 3 व 5 एचपी के लिए 6 इंच की बोरिंग होना अनिवार्य है। सत्यापन के समय यदि उपयुक्त बोरिंग नहीं पाई जाती है, तो भी आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और टोकन मनी जब्त हो जाएगी। सोलर पंप स्थापित होने के बाद, स्थल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी, अन्यथा संपूर्ण अनुदान राशि किसान से वसूल ली जाएगी।