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आज का राशिफल 2 दिसंबर: सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा, पढ़ें पूरी भविष्यवाणी

मेष 2 दिसंबर के दिन आज किसी भी अवसर को हाथ से न जाने दें। अपने करियर के बेहतरीन पलों पर फोकस रखें। पैसों के मामले में आप महत्वपूर्ण डिसीजन लेने में अच्छे हैं। जो लोग किसी रिलेशन में हैं, उनके लिए आज की एनर्जी पार्टनर के साथ आपके रिश्ते में फिर से रोमांस जगा सकती है। वृषभ 2 दिसंबर के दिन ऑफिस में खुशनुमा और उत्पादक जीवन जिएं। वित्तीय समृद्धि आज के दिन की विशेषता रहेगी। स्वास्थ्य अच्छा है। अगर आप आज डेट पर नहीं जा रहे हैं तो ज्यादा स्ट्रेस न लें। मेंटल हेल्थ पर गौर करें। मिथुन 2 दिसंबर के दिन प्रोफेशनल सफलता भी मिल सकती है। समृद्धि के कारण आप समझदारी से फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। आज स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रिश्ते में प्यार के नए पहलू तलाशें। कर्क 2 दिसंबर के दिन बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। वित्तीय स्थिति अच्छी है और निवेश पर विचार कर सकते हैं। अपने पार्टनर की गुड क्वालिटीज पर फोकस करें, जिससे आपका रिलेशन मजबूत बना रहेगा। सिंह 2 दिसंबर के दिन पैसों का मैनेजमेंट समझदारी से करें। आज कोई बड़ी बीमारी भी आपको परेशान नहीं करेगी। आपको परेशानियां पसंद हैं क्योंकि वे आपको मजबूत बनाती हैं। प्रेम-संबंधी समस्याओं को सुलझाएं। कन्या 2 दिसंबर के दिन मुश्किल परिस्थितियों पर गौर करें। छिपी हुई जानकारी खोजने में आपका कौशल इस समय विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगा। उन पदों के बारे में सोचें, जिनके लिए रिसर्च, योजना या अन्य लोगों के साथ काम करने की आवश्यकता होती है। तुला 2 दिसंबर के दिन आपका प्रेम जीवन अधिक गंभीर हो सकता है। ऐसी नौकरी के बारे में सोचें, जिनमें समस्या-समाधान, प्रोडक्ट या स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता होती है।सिंगल लोग दफ्तर या जिम में अपनी डेट से मिल सकते हैं। वृश्चिक 2 दिसंबर के दिन समृद्धि के कारण आप समझदारी भरे पैसों से जुड़े डिसीजन ले सकते हैं। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। आप अपने साथी को संतुष्ट और खुश रखने के लिए प्रेम संबंधों में समस्याओं का समाधान करेंगे। धनु 2 दिसंबर के दिन सफल पेशेवर जीवन का आनंद लें। वित्तीय स्थिति भी अच्छी रहेगी। लव के मामले में आज आपको अपने पार्टनर की अच्छे से केयर करनी चाहिए। प्रोफेशनल रूप से अपनी योग्यता साबित करने के लिए ऑफिस में चुनौतियों पर विजय पाएं। मकर 2 दिसंबर के दिन आर्थिक रूप से निवेश के अवसर मिल सकते हैं। अपने जीवन की वास्तविकता पर ध्यान केंद्रित करें। अपने काम की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ठोस बदलाव करें। कपल्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे एक हेल्दी लाइफस्टाइल पाने की दिशा में काम करें। कुंभ 2 दिसंबर के दिन अपने पाचन और सामान्य स्वास्थ्य की स्थिति पर ध्यान दें। अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए दफ्तर में अवसरों का लाभ उठाएं। अपने पार्टनर के साथ टाइम बिताते हुए प्रेमी को खुश रखें। मीन 2 दिसंबर के दिन सिंगल लोग ऑफिस पर संभावित पार्टनर से मिल सकते हैं। पेशेवर जीवन के दबाव से बचने बचने के लिए जरूरी एक्टिविटी करें। आज इमोशनल संतुलन को प्रभावित करने वाले पिछले मुद्दों से निपटने का एक अच्छा समय है।

60% वैश्विक वैक्सीन उत्पादन और 20% से अधिक जेनेरिक दवाइयों का निर्यात—भारत की दवा शक्ति पर बोले जयशंकर

नई दिल्ली  भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर बायोलॉजिकल वेपन्स कन्वेंशन (बीडब्लूसी) 50 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान भारत की भूमिका के बारे में बताया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत दुनिया के 60 फीसदी वैक्सीन बनाता है और 20 फीसदी जेनेरिक दवाइयां सप्लाई करता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "मैं आज आपसे कुछ बातों पर गौर करने की गुजारिश करता हूं, एक, भारत दुनिया की 60 फीसदी वैक्सीन बनाता है। दो, भारत दुनिया की 20 फीसदी से ज्यादा जेनेरिक दवाइयां सप्लाई करता है, और अफ्रीका की 60 फीसदी जेनेरिक दवाइयां भारत से आती हैं। तीन, भारत में लगभग 11,000 बायोटेक स्टार्टअप हैं, जो 2014 में सिर्फ 50 थे।  अब यह दुनिया भर में तीसरा सबसे बड़ा बायोटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम है। चार, डिजिटल हेल्थ में बड़ी तरक्की के साथ हमारा हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट तेजी से बढ़ा है। पांच, हमारा रिसर्च नेटवर्क: आईसीएमआर, डीबीटी लैब्स, एडवांस्ड बीएसएल-3 और बीएसएल-4 सुविधाएं, वे कई तरह के जैविक खतरों का पता लगा सकते हैं और उनका जवाब दे सकते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत के मजबूत प्राइवेट सेक्टर ने इसे आगे बढ़ाया है। इसने प्रोडक्शन बढ़ाने, दबाव में इनोवेट करने और ग्लोबल आउटरीच मैनेज करने की क्षमता दिखाई है। कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत ने वैक्सीन मैत्री शुरू किया। वैक्सीन मैत्री का मतलब है वैक्सीन फ्रेंडशिप, जिसे हमने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से शुरू किया और 100 से ज्यादा कम विकसित और कमजोर देशों को लगभग 300 मिलियन वैक्सीन डोज और मेडिकल मदद दी। इनमें से कई मुफ्त थीं।  इसका संदेश साफ था कि जब इतने बड़े स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ता है, तो एकजुटता जान बचाती है। भारत हमेशा एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य के रूप में, संवेदनशील और दोहरे उपयोग वाले सामान और तकनीक के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले में हमारा एक अच्छा रिकॉर्ड है। भारत ऐसे सामान और तकनीक के निर्यात को नियंत्रित करता है, जो परमाणु, जैविक, रासायनिक या अन्य विनाशकारी हथियारों के विकास में उपयोग हो सकते हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1540 को लागू करने के लिए एक मजबूत कानूनी और नियामक प्रणाली स्थापित की है। यह प्रस्ताव सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार को रोकने और उनके विकास के लिए सामग्री और तकनीक के निर्यात को नियंत्रित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि अब, भारत न सिर्फ बीडब्ल्यूसी और सीडब्ल्यूसी की बहुपक्षीय संधियों का एक पार्टी है, बल्कि तीन बहुपक्षीय मुख्य एक्सपोर्ट कंट्रोल रिजीम, वासेनार अरेंजमेंट, मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप (एजी) का भी एक सक्रिय सदस्य है। ऑस्ट्रेलिया समूह इस कॉन्फ्रेंस के लिए सबसे जरूरी है क्योंकि यह दोहरे उपयोग वाले केमिकल्स, जैविक सामग्री (बायोलॉजिकल मटीरियल) और उससे जुड़ी चीजों पर नियंत्रण से जुड़ा है। इस साल ऑस्ट्रेलिया समूह की 40वीं वर्षगांठ है और हमें खुशी है कि एजी के लोग हमारे साथ हैं।

West Bengal SIR पर ECI का स्टैंड मजबूत: सुप्रीम कोर्ट में कहा—शांतिपूर्ण चुनाव के लिए SIR अनिवार्य

नई दिल्ली  चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठाए गए आरोपों का जवाब दिया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि SIR प्रक्रिया के कारण मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने के आरोप अत्यधिक बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए जा रहे हैं और यह निहित राजनीतिक हित साधने के लिए किया जा रहा है। सांसद डोला सेन ने 24 जून और 27 अक्टूबर 2025 को जारी SIR आदेशों की वैधता को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की थी। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे में स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया संवैधानिक रूप से अनिवार्य, सुस्थापित और नियमित रूप से संचालित की जाती है। चुनाव आयोग का तर्क चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूचियों की शुद्धता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए SIR आवश्यक है। आयोग ने इस प्रक्रिया का हवाला टीएन शेषन बनाम भारत सरकार (1995) मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्यता प्राप्त होने के साथ जोड़ा। आयोग ने कहा कि SIR संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 15, 21 और 23 के अंतर्गत आता है, जो चुनाव आयोग को आवश्यकता पड़ने पर मतदाता सूचियों में विशेष संशोधन करने का अधिकार देता है। SIR क्यों जरूरी है? हलफनामे में कहा गया कि 1950 के दशक से मतदाता सूचियों में समय-समय पर संशोधन किए जाते रहे हैं। इसमें 1962-66, 1983-87, 1992, 1993, 2002 और 2004 जैसे वर्षों में देशव्यापी संशोधन शामिल हैं। पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और मतदाताओं की बढ़ती गतिशीलता के कारण मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम जोड़ना और हटाना नियमित प्रक्रिया बन गई है।   चुनाव आयोग ने कहा कि दोहराई गई और गलत प्रविष्टियों का जोखिम बढ़ने के कारण तथा देश भर के राजनीतिक दलों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय स्तर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का निर्णय लिया गया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि इसे संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रिया के रूप में मान्यता दी जाए और राजनीतिक आरोपों से स्वतंत्र रूप से देखा जाए।  

आकाश डिफेंस सिस्टम ने दिखाया भारतीय सैन्य शक्ति का दम, ऑपरेशन सिंदूर में प्रदर्शन देख वैश्विक विशेषज्ञ दंग

नई दिल्ली  भारत की रक्षा क्षमता में एक और माइलस्टोन जुड़ गया है। भारतीय सेना ने DRDO द्वारा तैयार किए गए ‘आकाश प्राइम’ एयर-डिफेंस सिस्टम का ऐसा परीक्षण किया जिसने वैश्विक सैन्य विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह वही प्रणाली है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने प्रदर्शन से कई देशों को चौंका दिया था। पहले ही अर्मेनिया इसके लिए भारत के साथ समझौता कर चुका है और अब तुर्की सहित कई अन्य देशों ने इसकी क्षमता को खुले तौर पर स्वीकार किया है। आकाश प्राइम को भारत की मौजूदा आकाश प्रणाली का अत्याधुनिक और उन्नत संस्करण माना जाता है। खास बात यह है कि यह शानदार प्रदर्शन अत्यंत कम लागत में स्वदेशी टेक्नोलॉजी के दम पर हासिल हुआ है- जो भारत के रक्षा-आत्मनिर्भरता मिशन की बड़ी उपलब्धि है। लद्दाख में सफल टेस्ट-तेज़ रफ्तार लक्ष्य को 15,000 फीट की ऊंचाई पर मार गिराया कठोर मौसम और मुश्किल पहाड़ी भूभाग में भारतीय सेना ने जब इसका परीक्षण किया, तो आकाश प्राइम ने तेज गति से उड़ रहे हवाई लक्ष्यों को ऊंची ऊंचाइयों पर सटीकता के साथ नेस्तनाबूद कर दिया। इस सफलता ने साफ कर दिया कि भारत के पास अब ऐसा एयर-डिफेंस सिस्टम मौजूद है जो ऊंचाई, मौसम या इलाके की चुनौती से ऊपर उठकर लगातार सटीक हमला कर सकता है। यह परीक्षण सिर्फ सैन्य क्षमता का संकेत नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती ताकत और वैश्विक बाजार में उसकी बड़ी भूमिका का इशारा भी देता है। हर मौसम में सटीक हमला-नई RF तकनीक ने बनाई इसे और घातक -आकाश प्राइम को एक उन्नत रेडियो फ्रीक्वेंसी सीकर से लैस किया गया है। इस तकनीक से:- -बारिश, धुंध, बर्फबारी या गरमी-किसी भी मौसम में इसका प्रदर्शन नहीं बदलता -ऊबड़-खाबड़, पहाड़ी या रेतीले इलाके-हर भूभाग में लक्ष्य भेदने की क्षमता बनी रहती है   हवा में तेजी से बदलते टारगेट का पीछा कर सटीक वार कर सकता है -यह संस्करण अब भारतीय सेना के तीसरे और चौथे आकाश रेजिमेंट में शामिल होने जा रहा है, जिससे वायु सुरक्षा और भी मजबूत होगी। -सीमा पर चीन और पाकिस्तान की आक्रामक रणनीतियों को देखते हुए यह सिस्टम भारत के रक्षा कवच को एक नई धार देता है। कम कीमत, उच्च गुणवत्ता-भारत की मिसाइल तकनीक दुनिया को चौंका रही सरकार ने आकाश प्राइम की प्रति-यूनिट कीमत का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह साफ है कि इसका विकास पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिसके कारण इसकी लागत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उपलब्ध समान प्रणालियों के मुकाबले बेहद कम है। कुछ अनुमान बताते हैं कि पूरी आकाश प्रणाली को तैयार करने में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का खर्च आया-जबकि कई देशों में इस श्रेणी की मिसाइलों पर भारत की तुलना में 8–10 गुना अधिक लागत आती है।  

काम के दौरान बेहोश हुईं BLO अधिकारी: ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर पर भर्ती

मुरादाबाद  मुरादाबाद से BLO ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक खबर सामने आई है. हाल ही में मुरादाबाद में एक टीचर BLO सर्वेश सिंह ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने पत्नी ने आरोप लगाया कि SIR के काम के दबाव के चलते उन्होंने ये कदम उठाया. वहीं अब एक महिला BLO को ब्रेन हेमरेज होने की जानकारी सामने आई है. महिला की पहचान 57 साल की आभा सोलोम के रूप में हुई है. आभा पाकबड़ा के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं और वर्तमान में SIR (चुनाव संबंधी पंजीकरण कार्य) में लगी हुई थीं. इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.हालांकि, परिवार ने आभा सोलोम ने अभी तक उनकी तबीयत के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. उनके पति और बेटा शहर से बाहर हैं. इसलिए वह मुरादाबाद में अपने भाई-बहनों के साथ रहती हैं. काम करते हुए हो गईं बेहोश रविवार को जब उनके परिवार के लोग चर्च गए हुए थे. तब वह घर पर अकेले ही SIR के फॉर्म अपलोड करने का कार्य निपटा रही थीं. दोपहर लगभग दो बजे, जब उनकी बहन चर्च से वापस लौटीं, तो उन्होंने आभा को बिस्तर पर लेटा हुआ पाया. उन्हें दवाई देने के लिए उठाने पर आभा बेहोशी की हालत में मिलीं, जिसके बाद तुरंत बाकी घरवालों को बुलाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया ​अस्पताल में आभा सोलोमन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों ने कहां कि उनका ब्लड प्रेशर काफी कम है और साथ ही ब्रेन हेमरेज की आशंका भी जताई गई है. परिजनों ने पुष्टि की है कि आभा सोलोमन बीपी की पुरानी मरीज हैं और उनका इलाज चल रहा है. हालांकि, परिवार ने अभी तक इस उनकी तबीयत खराब होने के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. हालांकि, उनकी तबीयत काम करते हुए ही बिगड़ी थी.

4 दिसंबर धर्मशाला प्रदर्शन: भाजपा बोले—कांग्रेस की गारंटियों का सच जनता के सामने लाएंगे

ऊना भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के 3 वर्ष 11 दिसंबर को पूर्ण हो रहे हैं और मीडिया के माध्यम से यह जानकारी मिली है कि कांग्रेस पार्टी इस अवसर पर मंडी में जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि वास्तव में यह तीन साल “जश्न” के नहीं, बल्कि व्यवस्था पतन के तीन साल हैं। इन तीन वर्षों में हिमाचल प्रदेश की संपूर्ण व्यवस्थाएं तार-तार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून व्यवस्था के पतन के तीन साल हैं, जहां आए दिन लूट, चोरी, फिरौती, डकैती और गोलीकांड की घटनाएं आम हो गई हैं। ऊना के लोग इसके प्रत्यक्ष गवाह हैं, लेकिन यह समस्या केवल ऊना तक सीमित नहीं रही, बल्कि चंबा से सिरमौर और कांगड़ा से किन्नौर तक गोलीकांड और अपराध की घटनाएं आम बात बन गई हैं। यह सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि यह भारी कर्ज के तीन साल हैं। प्रदेश सरकार ने भारीभरकम कर्ज तो लिया, लेकिन उस कर्ज को जनता के हित में लगाने में पूरी तरह असफल रही। यह सरकार बेरोजगारों के साथ किए गए भद्दे मजाक के तीन साल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि नौकरियां देने के वादे तो किए गए, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक सरकारी पदों को समाप्त कर दिया गया। यह बेरोजगार युवाओं के साथ घोर अन्याय है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था के पतन के तीन साल हैं। आए दिन नए फरमान जारी किए जा रहे हैं। पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू कर दिया गया, जबकि शिक्षकों को इसकी न तो समुचित ट्रेनिंग दी गई और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। बच्चे पांचवीं कक्षा में पहुंच जाते हैं और उन्हें बिना तैयारी के ऊँचे स्तर की अंग्रेजी पढ़ाई जाती है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं, जिसके कारण कुछ स्कूलों को सीबीएसई में बदल दिया गया और करीब 2000 स्कूल बंद कर दिए गए। अध्यापक व्यवस्था को भी पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सेवाओं के पतन के तीन साल भी हैं। गरीब व्यक्ति पहले हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के माध्यम से इलाज करवा रहा था, लेकिन आज वह इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हिमकेयर बंद, आयुष्मान बंद, अस्पतालों में दवाइयों की कमी और अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। यह सरकार स्वास्थ्य सेवाएं देने में पूरी तरह विफल सिद्ध हुई है। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि यह भाई-भतीजावाद, मित्रों की सरकार और माफिया राज के तीन साल भी हैं। शासन-प्रशासन में पारदर्शिता समाप्त हो गई है और मित्रवाद हावी हो गया है। उन्होंने कहा कि मंडी, जहां आज भी हजारों लोग आपदा के जख्म झेल रहे हैं, अपने घरों की जगह स्कूलों, धर्मशालाओं और रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं, वहीं कांग्रेस सरकार वहां जश्न मनाने की तैयारी कर रही है। यह जश्न नहीं, बल्कि बर्बादी का उत्सव है। डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि इसी व्यवस्था पतन और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी 4 दिसंबर को धर्मशाला के जोरावर स्टेडियम में एक विशाल प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को उसकी विफलताओं का आईना दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जो झूठी गारंटियों के दम पर सत्ता में आई थी। 28 लाख बहनों को ₹1500 रुपये प्रतिमाह देने की गारंटी, 58 साल की उम्र तक पक्की नौकरी देने की बातें, पहली ही कैबिनेट में फैसले लेने के वादे – सब आज हवा-हवाई साबित हो चुके हैं। मित्र, रोगी मित्र, वन मित्र जैसे नामों पर युवाओं के साथ हजारों रुपये मानदेय में अन्याय किया गया है। डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार भाजपा पर गुटबाजी का आरोप लगाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए तीन साल से भाजपा का नाम जप रही है। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि यदि उन्हें वास्तव में लगता है कि भाजपा गुटों में बंटी है, तो वे कल ही चुनाव करा लें, जनता स्वयं बता देगी कि कांग्रेस कहां खड़ी है और भाजपा कहां। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह आपदा प्रबंधन, समय पर वेतन और पेंशन भुगतान, कानून-व्यवस्था की मजबूती, नशा कारोबार पर रोक और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करे, लेकिन कांग्रेस सरकार इन सभी जिम्मेदारियों से भाग रही है। हिमाचल की जनता आज इस सरकार से पूरी तरह त्रस्त है। डॉ. बिंदल ने कहा कि ना भूतों ऐसी सरकार देखी गई और ना भविष्य में ऐसी सरकार देखने को मिलेगी। अंत में डॉ. बिंदल ने प्रदेश की जनता से 4 दिसंबर के विशाल प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।

जनता पूछेगी तो जवाब देना होगा: CM मान ने ECI की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

चंडीगढ़ आज देश में चुनावों को लेकर एक अजीब-सी बेचैनी फैली हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं, चर्चा कर रहे हैं, और अपने मन का संदेह खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है—जब जनता, जो लोकतंत्र की असली मालिक है, अपने ही चुनावी सिस्टम पर भरोसा खोने लगे, तो समझ जाइए कि समस्या बहुत गहरी है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर पैदा हुए संदेहों के बीच उन्होंने वह बात कही, जो करोड़ों भारतीयों के मन की आवाज़ थी—“सबूत जनता क्यों दे? जवाब तो चुनाव आयोग को देना चाहिए।” यह बात सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि लोकतंत्र की असली आत्मा की रक्षा करने वाला एक साहसिक संदेश था। जब जनता सवाल उठाती है, तो वह देश को कमजोर नहीं करती—वह लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। CM मान ने साफ कहा कि अगर वोटर चिंतित हैं, अगर प्रक्रिया पर शक है, तो इसे दूर करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। जनता से सवाल पूछने के बजाय, उसका सम्मान किया जाए। क्योंकि लोकतंत्र जनता से ही चलता है, और जनता के भरोसे पर ही टिकता है। इस दौर में, जब कई नेता जनभावनाओं से जुड़ने से बचते हैं, CM मान का यह बयान लोगों के मन को छू गया। उन्होंने उन्हीं शब्दों में बात की, जिनमें आम आदमी सोचता है। यही कारण है कि उनका संदेश सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव किसी पार्टी का आयोजन नहीं, बल्कि जनता का पवित्र अधिकार है और जब इस अधिकार पर सवाल उठते हैं, तो चुप्पी समाधान नहीं — पारदर्शिता समाधान है। CM भगवंत मान का यह बयान —एक ऐसा सच है, जिसे कहने की हिम्मत बहुत कम नेताओं में होती है। CM मान ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोगों को भरोसा दे, डर नहीं। यह बात सुनकर हर वह नागरिक राहत महसूस करता है जो अपने वोट को अपनी आवाज़ समझता है। ऐसे समय में, जब लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर बेचैन थे, CM मान की आवाज़ एक भरोसा बनकर उभरी। उन्होंने न जनता को दोषी ठहराया, न सवाल पूछने वालों को दबाया, बल्कि यह कहा कि सवाल उठाना जनता का हक है, और जवाब देना संस्था का कर्तव्य। ऐसे ही नेताओं से लोकतंत्र मजबूत होता है—जो जनता की चिंता को समझते हैं और सच बोलने से नहीं डरते। भगवंत मान ने साबित कर दिया कि पंजाब सिर्फ बहादुरों की धरती नहीं, बल्कि सच्चाई बोलने और जनता के अधिकारों की रक्षा करने वालों की धरती है। CM मान का यह बयान सिर्फ पंजाब की आवाज नहीं, पूरे भारत की आवाज है।यह याद दिलाता है कि अभी भी इस देश में ऐसे नेता हैं जो कुर्सी से नहीं, जनता के भरोसे से अपनी ताकत लेते हैं।

एविएशन सेक्टर में अलर्ट: प्रमुख भारतीय हवाई अड्डों पर GPS छेड़छाड़ की घटनाओं का खुलासा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन एयरपोर्ट्स में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, अमृतसर, बेंगलुरु और चेन्नई शामिल हैं। सरकार ने बताया कि यह वही समस्या है जिसमें सेटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम बाधित हो जाता है और इसका असर सीधे उड़ान संचालन पर पड़ सकता है। नवंबर 2023 में DGCA ने सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को ऐसे मामलों की कंपलसरी रिपोर्टिंग के निर्देश दिए थे। इसके बाद से देशभर से लगातार घटनाओं की रिपोर्ट मिल रही हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि जब भी सैटेलाइट नेविगेशन में दिक्कत आती है, तब भारत में मौजूद न्यूनतम ऑपरेटिंग नेटवर्क जो जमीन आधारित पारंपरिक नेविगेशन और सर्विलांस सिस्टम पर चलता है उड़ानों को सुरक्षित रूप से संचालित करने में सक्षम है। उन्होंने संसद को आश्वस्त किया कि सभी बड़े एयरपोर्ट्स इन घटनाओं को नियमित रूप से दर्ज कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस क्या है? GPS स्पूफिंग एक तरह का साइबर हमला है, जिसमें हमलावर नकली सैटेलाइट सिग्नल भेजते हैं। इससे विमान या किसी भी GPS-आधारित उपकरण को गलत लोकेशन या डेटा प्राप्त होता है। ऐसी स्थिति में विमान के नेविगेशन सिस्टम को गलत पोजिशन, गलत अलर्ट या गलत टेरेन वार्निंग मिल सकती हैं, जिससे विमान अपनी असली दिशा से भटक सकता है। हाल ही में दिल्ली एयरपोर्ट के पास कई उड़ानों को 60 नॉटिकल मील तक गलत लोकेशन डेटा मिला। इस कारण कुछ विमानों को एहतियातन नज़दीकी एयरपोर्ट जैसे जयपुर या लखनऊ की ओर डायवर्ट करना पड़ा।   एयरपोर्ट के आसपास GPS और GNSS खतरें एयरपोर्ट के पास GPS स्पूफिंग या GNSS इंटरफेरेंस के कारण नेविगेशन, एयरस्पेस सुरक्षा और पायलट के वर्कलोड पर गंभीर असर पड़ सकता है। आधुनिक विमान इन सिस्टम्स पर काफी हद तक निर्भर हैं। GPS या GNSS सिग्नल में गड़बड़ी से विमान की पोजीशन, ऊंचाई और स्पीड में गलतियां हो सकती हैं, जिससे विमान निर्धारित रूट से भटक सकता है या संवेदनशील इलाके में प्रवेश कर सकता है। रनवे अवेयरनेस, टेरेन वार्निंग और ऑटोपायलट जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम GPS पर निर्भर हैं। स्पूफिंग की स्थिति में ये सिस्टम गलत अलर्ट दे सकते हैं या पूरी तरह फेल हो सकते हैं, जिससे रनवे या बाधा से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर एयरपोर्ट के पास यह खतरा और भी अधिक होता है, क्योंकि लैंडिंग और अप्रोच के दौरान विमान जमीन के बेहद करीब होता है। गलत पोजिशन डेटा से रनवे मिसअलाइनमेंट, ग्लाइड पाथ में गड़बड़ी या गो-अराउंड जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, एक ही इलाके में कई विमानों के GPS डेटा में गड़बड़ी से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के लिए सही लोकेशन समझना मुश्किल हो जाता है। इससे विमानों के बीच सेपरेशन कम हो सकता है और पायलट एवं ATC दोनों पर वर्कलोड बढ़ जाता है। सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास GNSS का समुचित संरक्षण और विभिन्न रेडंडेंसी सिस्टम्स का इस्तेमाल आवश्यक है ताकि इन खतरनाक परिस्थितियों से बचा जा सके और हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रहे।   

भारत ही नहीं, दुनिया को दिशा देती है गीता : नायब सिंह सैनी का संबोधन

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत सोमवार को धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में भव्य और ऐतिहासिक वैश्विक गीता पाठ आयोजित किया गया। इस सामूहिक पाठ में 21 हजार बच्चों ने एक स्वर में गीता के श्लोकों का उच्चारण कर वह दिव्य दृश्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को ज्ञान, भक्ति और अध्यात्म से सराबोर कर दिया। इस अभूतपूर्व सहभागिता ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भारतीय अवधारणा को साकार रूप दिया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में वैश्विक गीता पाठ में भाग लेने वाले स्कूली छात्रों के लिए मंगलवार को विशेष अवकाश की भी घोषणा की। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव और गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी एवं गीता जयंती के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्री कृष्ण से नागरिकों के जीवन को ज्ञान के आलोक से आलोकित करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इसी शुभ तिथि पर 5163 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को श्रीमद्भगवद् गीता का दिव्य उपदेश दिया, जिसका संदेश आज भी संपूर्ण मानवता के लिए पथप्रदर्शक है। आज 21 हजार विद्यार्थियों द्वारा अष्टादशी श्लोकों के जाप से आकाश गूंज उठा है। यह गर्व की बात है कि आज भारत के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा अनेक देशों में भी एक साथ इन श्लोकों के स्वर गूंज रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता पाठ का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि वैज्ञानिक भी है। वेद, उपनिषद और गीता के मंत्रों के उच्चारण से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ध्वनि तरंगें मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करती हैं, विचारों में नैतिकता लाती हैं और व्यक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गीता महोत्सव बन चुका है अंतर्राष्ट्रीय उत्सव, कई देश कर रहे सहभागिता मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मयोगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ही प्रेरणा से हम गीता जयंती समारोह को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाते हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में अमेरिका की अपनी प्रथम यात्रा के दौरान 19 सितम्बर, 2014 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को महादेव देसाई द्वारा लिखित पुस्तक "The Gita According to Gandhi" भेंट की। इस अद्भुत पहल से प्रेरित होकर हम वार्षिक गीता जयंती समारोह को वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने लगे हैं। इसमें कई देशों के प्रतिभागी और लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए और महाभारत थीम आधारित अनुभव केंद्र का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने 28 नवंबर को कर्नाटक के उडुपी में भी इस अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए देशवासियों से इसे देखने का आग्रह किया। आज यह महोत्सव उनके मार्गदर्शन में विश्वव्यापी स्वरूप ले चुका है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर करता है अग्रसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गीता के अलावा योग को भी पूरे संसार में फैलाने का काम किया है। उन्हीं के प्रयासों से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, क्रोध और अनिश्चितता जैसी कई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए गीता हमें जीवन के हर उतार-चढ़ाव में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन गीता का पाठ करने वाला व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार से ऊपर उठ जाता है। गीता का प्रत्येक श्लोक ज्ञान का दीप है और प्रत्येक अध्याय जीवन का मार्गदर्शक। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का उपदेश व्यक्ति को कर्तव्य पालन के मार्ग पर अग्रसर करता है और समाज में अनुशासन व संतुलन स्थापित करता है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस सिद्धांत को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में अनुशासन, समरसता और संतुलन स्वतः स्थापित हो जाएगा। गीता का संदेश कालातीत, यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत नायब सिंह सैनी ने कहा कि गीता का हर श्लोक हमें जीवन जीने की नई प्रेरणा देता है। गीता केवल अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण जी के बीच का संवाद ही नहीं है, यह हमारे हर प्रश्न का समाधान करती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस भी घर में गीता का नियमित रूप से पाठ होता है, वहां पर कभी किसी तरह की कोई नेगेटिव एनर्जी नहीं आ सकती। गीता हमें सिखाती है कि सुख-दुःख, सफलता असफलता, लाभ-हानि जीवन का हिस्सा हैं। इनसे विचलित हुए बिना हमें समभाव बनाए रखना चाहिए। यदि हर व्यक्ति इस शिक्षा को अपने जीवन में उतारे, तो आपसी संघर्ष और तनाव कम होगा। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश कालातीत है—यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति गीता के उपदेशों को अपनाए, तो कुरीतियाँ, असमानताएँ और संघर्ष स्वतः समाप्त हो जाएंगे और एक आदर्श समाज की स्थापना होगी। गीता के इस संदेश को अपनाकर हम एक दूसरे के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर सकते हैं और समाज में समरसता ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थिजन को गीता के ज्ञान को समझकर अपने जीवन में अपनाने और इसे दूसरों तक पहुंचाने का संकल्प दिलवाया।

A320 फ्लीट में बड़ी दिक्कत: नई खामी सामने आते ही कई जेट्स ग्राउंडेड

नई दिल्ली  विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयरबस (Airbus) ने सोमवार को बताया कि उसके कई A320-परिवार के विमानों के फ्यूज़लेज पैनल (Fuselage Panels) में एक औद्योगिक गुणवत्ता समस्या (Industrial Quality Issue) का पता चला है। उद्योग सूत्रों के अनुसार इस संदिग्ध उत्पादन दोष के कारण कंपनी के कुछ विमानों की डिलीवरी में देरी होने की आशंका है जिससे एयरबस के चुनौतीपूर्ण वार्षिक डिलीवरी लक्ष्यों को झटका लग सकता है। क्या है समस्या? सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह समस्या कई दर्जन A320 परिवार के विमानों के फ्यूज़लेज पैनल को प्रभावित कर रही है। हालांकि इस बात के तत्काल कोई संकेत नहीं हैं कि यह समस्या उन विमानों तक पहुंची है जो पहले से ही सेवा में लगे हुए हैं। समस्या मुख्य रूप से नए निर्माणाधीन विमानों में पाई गई है। समस्या की जड़ या सटीक कारण का तुरंत पता नहीं चल सका है और एयरबस ने तत्काल इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। डिलीवरी लक्ष्यों पर दबाव यह तकनीकी समस्या ऐसे समय में सामने आई है जब एयरबस अपने वार्षिक डिलीवरी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जोर-शोर से प्रयास कर रहा है। नवंबर में आपूर्ति: उद्योग सूत्रों ने बताया कि विमान निर्माता कंपनी ने नवंबर में 72 विमानों की आपूर्ति की। कुल आपूर्ति: इससे इस वर्ष अब तक (नवंबर तक) कुल 657 विमानों की आपूर्ति हुई है। चुनौतीपूर्ण लक्ष्य: कंपनी का इस वर्ष का लक्ष्य लगभग 820 विमानों की आपूर्ति करना है। दिसंबर की चुनौती: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एयरबस को अब दिसंबर के महीने में 160 से अधिक जेट विमानों का रिकॉर्ड बनाना होगा। रिकॉर्ड तोड़ने की चुनौती दिसंबर में 160 से अधिक जेट विमानों की डिलीवरी करना एयरबस के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। वर्ष के अंतिम महीने में अब तक का सबसे बड़ा डिलीवरी रिकॉर्ड 2019 में बनाया गया था जब कंपनी ने 138 विमानों की आपूर्ति की थी। उत्पादन दोष की यह नई समस्या एयरबस के लिए रिकॉर्ड डिलीवरी हासिल करने के प्रयासों में एक बड़ी बाधा बन सकती है।