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AIIMS से महिपालपुर तक जाम मुक्त कॉरिडोर की शुरुआत, दिल्ली–गुरुग्राम यात्रा होगी बेहद आसान

गुरुग्राम  दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा को आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर तेजी से आगे बढ़ रही है. एम्स से गुरुग्राम होते हुए महिपालपुर मार्ग पर प्रस्तावित लगभग 30 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंट कंपनी आरसीटी को सौंपी गई है. कंपनी डेढ़ से दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंप देगी, जिसके आधार पर तय होगा कि मार्ग का कौन-सा हिस्सा भूमिगत रहेगा और कहां एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद एम्स से गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की दूरी महज 25 से 30 मिनट में तय हो सकेगी. वर्तमान में यही दूरी तय करने में दो घंटे तक लग जाते हैं, जबकि एम्स से गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर तक जाने में ही डेढ़ घंटे का समय लगता है. नई सड़क से न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि दिल्ली-गुरुग्राम के बीच मौजूदा मार्गों पर भी भीड़ का बोझ घटेगा. फरीदाबाद रोड से होगा कनेक्शन एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम में गांव घाटा के पास गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से जोड़ा जाएगा. इससे दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद- तीनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी. यही नहीं, नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद और मुरादाबाद वालों को भी इससे फायदा होगा. मेरठ से गुरुग्राम सिग्नल फ्री वहीं, मेरठ से सराय काले खां तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से आसानी से पहुंच सकते हैं. इसके बाद एक्सप्रेसवे के समाप्त होने वाली जगह से लेफ्ट लेकर करीब 2 किलोमीटर बाद डीएनडी फ्लाइओवर पर जाएंगे और बिना रेड लाइट एम्स पहुंचेंगे. यहां से गु्रुग्राम के लिए बनने वाले नए एलिडवेटेड रोड की मदद से लोग बिना किसी रुकावट और सिग्नल के गुरुग्राम पहुंच जाएंगे. इस तरह इससे नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ के लोगों को भी फायदा होगा. 5 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट प्रारंभिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट में परियोजना को व्यवहार्य पाया गया है, जिसके बाद एनएचएआई ने औपचारिक रूप से डीपीआर तैयार करने का काम सौंप दिया है. इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. डीपीआर पूरी होते ही निर्माण कार्य को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी. उम्मीद है कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को आसान बनाते हुए ट्रैफिक प्रबंधन में गेम-चेंजर साबित होगा. यह नई सड़क जहां आम यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं स्वास्थ्य, बिजनेस और आपातकालीन सेवाओं की मूवमेंट को भी नई गति मिलेगी. सरकार की यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को भविष्य के लिए और भी आरामदायक बनाएगा.  

MP दौरे पर उमाभारती का बड़ा आरोप: भारी भ्रष्टाचार… लोगों में आक्रोश चरम पर

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर यात्रा पर निकलीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का कहना है कि 'भारी भ्रष्टाचार' और 'सुविधाओं की असमानत' ने लोगों के अंदर आग जला दी है। टीकमगढ़ जिले में मां के मायके से अपनी मायके तक की यात्रा कर रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उनकी यह यात्रा अराजनैतिक है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन मुद्दों पर बात करेंगी। हाल ही में भाजपा की फायर ब्रांड नेता ने मुख्यमंत्री की कई चुनौतियां गिनाईं थीं, लेकिन भरोसा जताया था कि वह इनसे निपटने में सक्षम हैं।   पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता ने सोमवार को एक्स पर अपनी यात्रा के बारे में कुछ जानकारियां देते हुए कहा कि वह मां के मायके से उनकी सुसराल के बीच तीन दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने लिखा, 'मेरी मां की जन्म भूमि जिला टीकमगढ़ के गरोली ग्राम से 30 नवंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की यात्रा है जो कल मेरे ग्राम डूंडा में समाप्त होगी जहां मेरी मां ब्याह के आई थीं। मेरे मां के नाम की यह यात्रा पूर्णतया अराजनैतिक, भावनात्मक एवं प्रेरणास्पद है। यह यात्रा वाहन से है जब कोई गांव आता है तब मैं वाहन से उतरकर थोड़ा पैदल चलती हूं।' झांसी से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं उमा भारती ने कहा, 'यह यात्रा तो मुझे फिर से जन्म दे रही है।' पूर्व सीएम ने लगे हाथ राज्य में भ्रष्टाचार और असमानत की बात कहकर कई अटकलों को हवा दे दी है। उमा भारती ने कहा, 'भारी भ्रष्टाचार एवं सुविधाओं की असमानता ने लोगों के अंदर आग जला दी है, मैं इस विषय पर भोपाल पहुंच कर मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से भी बात करूंगी।' एक पखवाड़े पहले उमा भारती ने मौजूदा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कहा था कि मोहन यादव जी के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं जैसे, 'मध्य प्रदेश का आधुनिकीकरण, मध्य प्रदेश में हुए निवेशों का धरातल पर आना, उनसे रोजगारों का सृजन होना, किसानों के द्वारा गौ पालन और गौ वंश आधारित कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश का अव्वल राज्य बनना, शराब नीति का ठीक से निरीक्षण करते रहना, सरकारी शिक्षा, सरकारी स्वास्थ्य की व्यवस्था में सुधार, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था।' उन्होंने कहा था कि मोहन यादव जी इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम भी हैं। इसीलिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इनका भरोसा किया है। हम सबको विश्वास है कि वह इसमें खरे उतरेंगे।

क्या सेना के बराबर मिलेगा वेतन-पेंशन? HC के आदेश से असम राइफल्स के जवानों में उम्मीद

नई दिल्ली  असम राइफल्स में काम कर रहे जवानों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को आदेश देते हुए डेडलाइन थमाई है कि वह असम राइफल्स में काम कर रहे जवानों और भारतीय सेना में काम कर रहे जवानों के वेतन की बराबरी के मुद्दे पर तीन महीने के अंदर फैसला करे। असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और अन्य के मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विमल कुमार यादव की डिवीजन बेंच ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार असम राइफल्स के जवानों के भारतीय सेना और केंद्रीय बलों के वेतन और पेंशन की बराबरी के मुद्दे पर तुरंत फैसला ले। पीठ ने ये भी कहा कि असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन (याचिकाकर्ता) केंद्र सरकार के सामने एक रिप्रेजेंटेशन देगी, जिसमें दोनों फोर्स के सैलरी और पेंशन बेनिफिट्स के बीच अंतर को हाईलाइट किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि इस आवेदन पर तीन महीने के अंदर केंद्र सरकार को फैसला करना होगा। कोर्ट ने कहा कि जब तीसरे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू थीं, तब असम राइफल्स के जवानों को भारतीय सेना के जवानों के बराबर दर्जा दिया गया था। हालांकि, चौथे वेतन आयोग के साथ वेतन और पेंशन में अचानक बदलाव आ गया, जब पैरामिलिट्री फोर्स को इस बराबर दर्जे से बाहर कर दिया गया। सक्षम प्राधिकार के पास दें रिप्रेजेंटेशन बार एंड बेंच के मुताबिक, सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने आदेश दिया, "पिटीशनर, तीसरे केंद्रीय वेतन आयोग तक असम राइफल्स और इंडियन आर्मी के बीच सैलरी और दूसरे भत्ते में बराबरी को हाईलाइट करते हुए, सक्षम प्राधिकारी को एक पूरी रिप्रेजेंटेशन देंगे, जो चौथे पे कमीशन के बाद कमज़ोर हो गई लगती है। इसके बाद संबंधित प्राधिकारी उस रिप्रेजेंटेशन के मिलने के तीन महीने के अंदर कानून के हिसाब से उस पर विचार करेंगे।" सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स, 1835 में गठन हाई कोर्ट ने असम राइफल्स एक्स-सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका पर यह फैसला सुनाया है। याचिका में सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि सैलरी और पेंशन के मामले में असम राइफल्स के सदस्यों के साथ इंडियन आर्मी जैसा ही बर्ताव किया जाए। बता दें कि असम राइफल्स भारत की सबसे पुरानी पैरामिलिट्री फोर्स है, जिसे असल में 1835 में (कछार लेवी के तौर पर) बनाया गया था। अब इसे बॉर्डर सिक्योरिटी, खासकर इंडिया-म्यांमार बॉर्डर, और नॉर्थईस्ट में इंटरनल सिक्योरिटी और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। यह गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन आता है, जिसका मतलब है कि भर्ती, सैलरी, पेंशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरी “सर्विस कंडीशंस” MHA द्वारा कंट्रोल की जाती हैं। हालांकि, फोर्स का ऑपरेशनल कंट्रोल, जैसे डिप्लॉयमेंट, पोस्टिंग, ट्रांसफर और ऑपरेशन के दौरान कमांड, इंडियन आर्मी या मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस (MoD) के पास होता है।  

प्रदूषण में सुधार: दिल्ली की हवा घुटन से बाहर, 24 दिनों बाद AQI में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के कारण रविवार को वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ। लगातार 24 दिनों से 'बेहद खराब' श्रेणी में रहने वाली हवा थोड़ी साफ हुई। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सोमवार को 'खराब' श्रेणी में रहा। सोमवार सुबह यह 300 पर रहा, जो रविवार के 270 से अधिक के स्तर से थोड़ा अधिक है। रविवार 30 नवंबर को दिल्ली में 24 दिनों से जारी 'बहुत खराब' श्रेणी की हवा का सिलसिला खत्म हो गया। उत्तर-पश्चिमी तेज हवाओं के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों जैसे उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान साफ ​​होने के साथ-साथ हल्की राहत मिली। सोमवार सुबह लगभग 8:05 बजे दिल्ली का समग्र AQI 300 रीडिंग के साथ 'खराब' श्रेणी में था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप पर सूचीबद्ध 38 निगरानी केंद्रों में से 23 ने 'बहुत खराब' स्तर का वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया। रविवार को शहर में AQI 279 (खराब) दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 305 (बहुत खराब) से बेहतर था। नेहरू नगर में सबसे खराब AQI सोमवार सुबह 8:05 बजे समीर ऐप पर उपलब्ध रीडिंग के अनुसार, नेहरू नगर स्टेशन के मॉनिटरिंग स्टेशन का AQI सबसे खराब 354 रहा, जबकि द्वारका स्टेशन का AQI सबसे अच्छा 202 रहा। नेहरू नगर के अलावा, रोहिणी (343), बवाना (339), आरके पुरम (338), मुंडका (330), पंजाबी बाग (329), आनंद विहार (327), वजीरपुर (325), शादीपुर (324) और जहांगीरपुरी (321) के मॉनिटरिंग स्टेशन सबसे खराब AQI वाले 10 स्टेशनों में शामिल हैं। तेज हवाओं ने राहत पहुंचाई इंडियामेटस्काई पोर्टल चलाने वाले ऐश्वर्या तिवारी ने रविवार के साफ आसमान का कारण तेज हवाओं को बताया। पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर तेज़ उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही थीं, जिससे न सिर्फ दिल्ली, बल्कि पंजाब और हरियाणा में भी हवा में सुधार हुआ। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार दोपहर से हवाएं तेज हो गईं। दिन भर 10-15 किमी/घंटा की गति से चलती रहीं और रात में भी इसमें कोई ठहराव नहीं देखा गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस निरंतर हवा के प्रवाह ने पिछले तीन हफ्तों से हवा में जमा हुए प्रदूषकों को तितर-बितर करने में मदद की। दिल्ली का तापमान 6 डिग्री से नीचे आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से प्राप्त रीडिंग में न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री कम है। यह इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान और कम से कम 2022 के बाद से नवंबर का सबसे कम तापमान है। इससे पहले, दिल्ली में बुधवार 26 नवंबर को तीन साल में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था। न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था।  

सोनिया व राहुल गांधी को ‘सर्वमान्य और जनप्रिय नेता’ बताया, अरुण वोरा का बड़ा बयान

नईदिल्ली  नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज होने पर पूर्व विधायक अरुण वोरा ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं का खुला दुरुपयोग कहा है। वोरा ने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी देश के सर्वमान्य और जनप्रिय नेता हैं। वे करोड़ों भारतीयों के संवैधानिक मूल्यों की आवाज़ हैं। उनकी निष्ठा और त्याग पर कभी कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगा है। दोनों बेदाग हैं, निर्भीक हैं और सत्य के मार्ग पर अडिग हैं। उनके विरुद्ध इस प्रकार की राजनीतिक प्रेरित कार्रवाइयाँ न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं बल्कि, केंद्र सरकार की असुरक्षा और घबराहट को भी उजागर करती हैं। वोरा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ ईडी, सीबीआई और पुलिस किसी भी व्यवस्था की रीढ़ होती हैं, लेकिन आज यही संस्थाएँ राजनीतिक दबाव और सत्ता की मंशा के आगे झुकाकर विपक्ष को बदनाम करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। वोरा ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों, आर्थिक संकट और जनविरोधी नीतियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे मामलों को हवा दे रही है। कांग्रेस कभी ऐसे दमन से नहीं झुकेगी। न्याय, सत्य और संविधान की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इधर, पूर्व महापौर आरएन वर्मा ने इस मामले में केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब कार्रवाई देश के दो शीर्ष नेताओं पर हो और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी हो, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस प्रकार राजनीतिक मामलों में इस्तेमाल होना बेहद चिंताजनक है। यह प्रवृत्ति लंबी अवधि में लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करती है।

मध्य प्रदेश की ऋषिका का दमदार प्रदर्शन, करनाल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 65 किग्रा उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम

नर्मदापुरम  हरियाणा के करनाल के कल्पना चावला ऑडिटोरियम में 28 से 30 नवंबर तक वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 का आयोजन किया गया. इस प्रतियोगिता में इटारसी की रहने वाली ऋषिका पटेल ने पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता. रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन रजिस्टर्ड इंडिया, वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग यूनियन और ब्रिटिश पावरलिफ्टिंग फेडरेशन ने संयुक्त रूप से इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन किया. इसमें भारत, इंग्लैंड और ब्रिटेन सहित कई देशों की टीमों ने हिस्सा लिया. ऋषिका पटेल ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का मान चैंपियनशिप में फुल पावरलिफ्टिंग, स्ट्रिक्ट कर्ल, बेंच प्रेस, डेडलिफ्ट, इक्विप्ड और अनइक्विप्ड रॉ जैसी विभिन्न कैटेगरी शामिल थीं. खिलाड़ियों ने युवा, टीन्स, जूनियर, सीनियर, मास्टर और फिजिकली डिसेबल्ड वर्गों में प्रतिस्पर्धा की. इसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रविवार को इटारसी की ऋषिका पटेल ने देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया. 48 किग्रा वेट कैटेगरी में 65 किग्रा उठाया वजन ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका ने मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है. ऋषिका ने सब-जूनियर 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 65 किलोग्राम वजन उठाकर पहला स्थान प्राप्त किया. उनके इस प्रदर्शन से भारतीय टीम के स्कोर को भी मजबूती मिली. ऋषिका इटारसी पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्रा है. उनके पिता राकेश पटेल इटारसी के वरिष्ठ पत्रकार हैं. ऋषिका की इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और खेलप्रेमियों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. बहुत मेहनती खिलाड़ी हैं ऋषिका ऋषिका के कोच ने बताया कि, ''वह एक मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य पर केंद्रित खिलाड़ी है. उनके नियमित अभ्यास और फिटनेस रूटीन ने उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह सफलता दिलाई है. भविष्य में उसे राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर भी एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है.'' ऋषिका ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और कॉलेज प्रबंधन को दिया. उन्होंने कहा कि, ''अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व का पल है.''

वक्फ संपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेतावनी—‘UMEED’ पर डेटा न अपलोड किया तो भुगतनी पड़ेगी सजा

नई दिल्ली  वक्फ की संपत्तियों की डीटेल 'UMEED' पोर्टल पर अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे संबंधित ट्राइब्यूनल में जाकर अपनी बात रखें। बता दें कि समय सीमा बढ़ाने वाली याचिकाओं में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोल्ड (AIMPLB) और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी की याचिका भी शामिल थी। वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 5 दिसंबर तक का समय दिया गया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था को सजा भी हो सकती है।   इससे पहले 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को पूरी तरह से स्थगित करने से इनकार कर दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई थी। नियमों के मुताबिक वक्फ संपत्ति ना अपलोड करने वालों को छह माह की सजा और 20 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जो लोग संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज नहीं करवाएंगे उनकी संपत्ति का दर्जा खत्म कर दिया जाएगा और बाद में केवल वक्फ ट्राइब्यूनल के आदेश पर ही दोबारा पंजीकरण किया जा सकेगा।  

कटक में क्रिकेट और आस्था का संगम—T20I मैच का पहला टिकट अर्पित हुआ भगवान जगन्नाथ को

भुवनेश्वर  ओडिशा क्रिकेट संघ (ओसीए) ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच नौ दिसंबर को होने वाले टी-20 मैच का पहला टिकट भगवान जगन्नाथ को भेंट किया। संघ ने खेल के सुचारू संचालन के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा। भुवनेश्वर में एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि क्रिकेट संघ के कई सदस्यों के साथ ओसीए सचिव संजय बेहरा ने रविवार को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान को टिकट अर्पित किया। ओसीए अधिकारी ने कहा, ‘पहला टिकट भगवान के चरणों में समर्पित किया गया ताकि उनका आशीर्वाद प्राप्त हो सके।’ ओसीए सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कटक के बाराबती स्टेडियम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के टिकट खरीदे हैं। उन्होंने बताया कि ओसीए अध्यक्ष पंकज लोचन मोहंती और बेहरा ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें टिकट सौंपे।

संगीत सोम ने मौलाना मदनी के विवादित बयान पर जताया गुस्सा, बोले- ‘सनातनी दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा’

 मेरठ  यूपी के मेरठ में बीजेपी के पूर्व विधायक और फायर ब्रांड नेता संगीत सिंह सोम ने मौलाना मदनी द्वारा दिए गए जिहाद वाले बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो बीमार मौलाना हैं. उनकी मानसिकता बीमार है. संगीत सोम ने आरोप लगाते हुए कहा कि मदनी एक ऐसे संस्थान से आते हैं जहां से हमेशा आतंकी निकलते हैं, वह अपनी मानसिकता नहीं बदल सकते.  सोम ने कहा- 'ये लोग संविधान की बात करते हैं लेकिन पत्नी रखेंगे चार. बात संविधान की करेंगे और संविधान को ही अपने तरीके से मोड़ना चाहते हैं. देश में जब-जब आतंक होता है, उसको सही ठहराते हैं. मैं सलाह देना चाहता हूं कि कहीं ऐसा ना हो कि देश के सनातनी सड़कों पर उतर आएं और तुम जैसे मौलानाओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारना शुरू कर दें. यहां से पाकिस्तान तक दौड़ाकर ले जाएं और वहीं तुम्हारे घर में घुसा के आएं.' संगीत सोम ने आगे कहा कि इनकी समझ में अभी आ नहीं रहा है, मैं एक बार फिर दोहरा रहा हूं, होश में आ जाओ. वैसे… इनके बारे में टिप्पणी करना बेकार है. ये किसी तरीके से संविधान को नहीं मानते और ये अपनी इस मानसिकता से बाहर भी नहीं आना चाहते हैं.  मदनी के 'जिहाद' वाले बयान पर भड़के संगीत सोम दरअसल, मदनी ने कहा था कि 'जहां जुल्म होगा, वहां जिहाद होगा'. इसपर संगीत सोम ने कहा कि ये लोग देश का संविधान अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं और जहां संविधान की बात आती है, वहां शरिया कानून की बात करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चार बीवी और 21 बच्चे रखने की बात आती है, तब संविधान याद नहीं आता, लेकिन जिहाद को सही ठहराना चाहते हैं. सोम ने कहा, "पूरी दुनिया में अगर मुस्लिम कहीं सुरक्षित हैं तो वह भारत में हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग "खाते भारत की हैं और गाते पाकिस्तान की हैं." सोम ने सीधे तौर पर कहा कि आतंकी मदरसों से निकलते हैं, खासकर देवबंद से, और देश में मदरसे बंद होने चाहिए. संगीत सोम ने चेतावनी दी कि अगर मौलाना नहीं सुधरे, तो "यहां का सनातनी सड़कों पर उतर के इनको दौड़ा-दौड़ा कर मारेगा और दौड़ा-दौड़ा के पाकिस्तान तक छोड़कर आएगा." उन्होंने घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर भेजने की भी बात कही. मदनी का बयान- जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने एक कार्यक्रम में न्यायपालिका के हालिया फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि 'बाबरी मस्जिद और तलाक जैसे मामलों के फैसलों से ऐसा लगता है कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं.' उन्होंने आगे कहा था कि अदालतों के कई ऐसे फैसले सामने आए हैं, जिनमें संविधान में दिए गए अल्पसंख्यकों के अधिकारों का खुले तौर पर उल्लंघन हुआ है.

Maths के सवाल ने फंसा दिया 660 ट्रेनी IAS को, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया चुनौतीपूर्ण सवाल

 मसूरी रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड के मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंचे. 100वें फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में बोलते हुए उन्होंने वहां ट्रेनी IAS को संबोधित किया और इस दौरान एक गणित का सवाल पूछ लिया. सवाल सुनकर एक बार तो सभागार में मौजूद सभी ट्रेनी आईएएस चकित रह गए. सिविल सर्विसेज के एक दो अफसरों ने गलत जवाब दिया तो रक्षामंत्री ने कहा कि दोबारा कोशिश करने के लिए कहा.  दरअसल, राजनाथ सिंह ने पूछा, ''किसी व्यक्ति के पास इतना पैसा था कि उसने उसका आधा A को दे दिया. वन थर्ड B को दे दिया, जो बाकी अमाउंट 100 पैसा बचा था वो C को दे दिया. बताइए टोटल अमाउंट कितना था? कोई बता सकता है?''  रक्षामंत्री के सवाल पूछते ही सभागार में किसी की आवाज नहीं आई. फिर से उन्होंने एक प्रोफेसर की तरह सवाल को दोहराया. फिर एक ट्रेनी आईएएस ने जवाब दिया- 3000. यह सुनकर रक्षामंत्री ने मंद-मंद मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और कहा कि गलत. फिर से कोशिश करिए.  इसके बाद सभागार में एक और आवाज सुनाई दी. जब एक ट्रेनी अधिकारी ने सही जवाब 'सिक्स हंड्रेड' बताया, तो रक्षा मंत्री ने खुद ही गणितीय तरीके से सवाल का समाधान समझाया.  राजनाथ ने बताया, कुल राशि को A मान लेते हैं.  राम (अ) को दी गई राशि= A/2  श्याम (ब) को दी गई राशि= A/3  दी गई कुल राशि= A/2 + A/3 = 5A/6 शेष बची राशि= A- 5A/6 = 100 इसका हल निकला: A = 600 आस्था और विश्वास का संदेशमैथ्स का समाधान बताने के बाद राजनाथ सिंह ने इस घटना को आस्था और विश्वास से जोड़ा और कहा, "मैथमेटिकल प्रॉब्लम! यानी इस विश्वास के आधार मैंने मान लिया A हो ही नहीं सकता, लेकिन मान लिया कि A है. कभी-कभी आस्था और विश्वास से भी बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है, होता है, हो नहीं सकता, होता है, होता रहेगा."  बता दें कि 19 सिविल सर्विसेज के 660 ऑफिसर ट्रेनी के साथ 100वां फाउंडेशन कोर्स इसी साल 25 अगस्त को LBSNAA मसूरी में शुरू हुआ था और14 हफ़्ते का यह कोर्स 28 नवंबर को खत्म हो गया.