samacharsecretary.com

ठंड आते ही बढ़ जाता है हार्ट अटैक रिस्क, डॉक्टर बोले— बस 40 पैसे की यह दवा बचा सकती है जान

नई दिल्ली  सर्दियों ने दस्तक दे दी है और हर कोई जानता है कि इन दिनों हार्ट अटैक के केस काफी ज्यादा बढ़ जाते हैं। खासतौर से जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी कोई बीमारी है, बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, उनके लिए तो खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरत है कि अपने लाइफस्टाइल और डाइट में जरूरी बदलाव किए जाएं और साथ ही किसी इमरजेंसी वाली सिचुएशन के लिए भी तैयार रहा जाए। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ साकेत गोयल ने एक ऐसी ही 20 से 40 पैसे वाली गोली के बारे में बताया है, जो हार्ट अटैक में मौत के रिस्क को 28 प्रतिशत तक कम कर सकती है। ये ठीक उतनी ही इफेक्टिव है, जितना हॉस्पिटल में दिया जाने वाला इंजेक्शन। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। सर्दियों में क्यों बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा? सर्दियों में हार्ट अटैक के केस काफी बढ़ जाते हैं। दरअसल ऐसा इसलिए है क्योंकि सर्दियों में हमारी ब्लड वेसल्स यानी नसें थोड़ी सिकुड़ जाती हैं। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा फोर्स लगाना पड़ता है, जिससे हार्ट पर लोड बढ़ जाता है। जिन लोगों को पहले से ही हार्ट से जुड़ी प्रॉब्लम्स हैं या बीपी और कोलेस्ट्रॉल की शिकायत है, उनके लिए तो खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इमरजेंसी के लिए जरूर रखें ये गोली डॉ साकेत कहते हैं कि किसी भी इमरजेंसी सिचुएशन के लिए आपको एक डिस्प्रिन (एस्पिरिन) की गोली जरूर रखनी चाहिए। ये 20-40 पैसे की एक गोली अगर सही समय पर दी जाए, तो लाइफ सेविंग साबित हो सकती है। अगर आपको कोई भी हार्ट अटैक से जुड़ा लक्षण दिखता है जैसे सीने में तेज जकड़न या दबाव, दोनों बांहों में जकड़न होना, छाती में जलन होना, तेज पसीना आना, जबड़े में अकड़न महसूस होना; तो तुरंत डिस्प्रिन की गोली लें। इसे चबाकर खाना है और उसके बाद पानी पी लेना है। डॉक्टर कहते हैं कि ये गोली लेने का कोई नुकसान नहीं है। अगर मरीज को गैस या एसिडिटी भी बन रही है, तो ये गोली ली जा सकती है। ये हार्ट अटैक से मौत में 25 से 28 प्रतिशत तक बचाव कर सकती है, जो हार्ट अटैक में दिए जाने वाले इंजेक्शन जितना ही है। गोली देने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाएं डॉक्टर कहते हैं कि जैसे ही आप ये दवा मरीज को दे दें, उसके बाद तुरंत किसी अच्छे हॉस्पिटल लेके जाएं। वहां जितना जल्दी हो सके ECG कराएं और हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाएं।  

दिल्ली धमाके में गिरफ्तारी के बाद NIA की बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर शाहीन के घर छापा—परिजनों से सख्त पूछताछ

लखनऊ  राजधानी लखनऊ के खंदारी बाजार क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब सोमवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम दिल्ली विस्फोट कांड की मुख्य आरोपी डॉ शाहीन के घर पहुंची। एनआईए के अधिकारियों ने डॉ शाहीन के आवास पर करीब छह घंटे तक छापेमारी की और घर की गहन तलाशी ली। घर में मौजूद शाहीन के पिता और भाई शोएब से पूछताछ भी की। कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक डिवाइस कब्जे में लेने की बात कही जा रही है। टीम के बाहर निकलने पर मीडिया ने बात करने की भी कोशिश की लेकिन किसी सदस्य ने कोई जवाब नहीं दिया।   दिल्ली में पिछले महीने लाल किले पर हुए कार ब्लास्ट में डॉ शाहीन को मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच के दौरान नाम सामने आने के बाद एटीएस ने शाहीन के भाई परवेज को भी लखनऊ से गिरफ्तार किया था। परवेज अलग घर लेकर रहता था। तब उसके घर से दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई थी। आज एनआईए के पहुंचने पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। खंदारी बाजार की कई गलियों में आम लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई। बताया जा रहा है कि टीम में फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। अलसुबह करीब छह बजे टीम शाहीन के घर पहुंची और एक-एक कोने की गहन तलाशी ली है।  

Maruti Suzuki की पहली फुली इलेक्ट्रिक कार e-Vitara 2 दिसंबर को आएगी, ये होंगे खास फीचर्स

मुंबई  भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki आगामी 2 दिसंबर, 2025 को भारत में अपनी पहली फुली इलेक्ट्रिक कार, Maruti Suzuki e-Vitara को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह है तैयार है. इस मॉडल का प्रोडक्शन अगस्त 2025 में कंपनी की गुजरात में हंसलपुर फैसिलिटी में शुरू हुआ था, और पहला बैच सितंबर 2025 में एक्सपोर्ट किया गया था. भारत में लॉन्च होने के करीब आने के साथ, ही इसके बारे में अब तक काफी जानकारी सामने आ चुकी है. Maruti Suzuki e Vitara का एक्सटीरियर Maruti e-Vitara की स्टाइलिंग Maruti Suzuki EVX कॉन्सेप्ट से ली गई है. प्रोडक्शन मॉडल में Y-शेप के DRLs के साथ एंगुलर हेडलैंप यूनिट्स और व्हील आर्च, बंपर और निचले दरवाज़ों के चारों ओर बड़ी क्लैडिंग दी गई है. इसके अलावा, एक कनेक्टेड टेल-लैंप डिज़ाइन भी शामिल किया गया है, जो EVX कॉन्सेप्ट पर दिखाए गए डिज़ाइन से काफी मिलता-जुलता है. Maruti Suzuki e Vitara का इंटीरियर वहीं इसके इंटीरियर की बात करें तो, Maruti e-Vitara में ऐसा डैशबोर्ड लेआउट दिया गया है, जो अभी बिक्री पर मौजूद किसी भी दूसरे मारुति सुजुकी मॉडल में नहीं है. एक ही हाउसिंग में लगे दो फ्री-स्टैंडिंग डिस्प्ले, डैशबोर्ड के ऊपर दिए गए हैं, साथ ही पूरे फेशिया में एक चौड़ा, सॉफ्ट-टच पैनल लगाया गया है. सेंट्रल एयर-कंडीशनिंग वेंट्स के नीचे फिजिकल कंट्रोल्स का एक छोटा सेट लगाया गया है. गियर सिलेक्टर को रोटरी डायल से बदल दिया गया है. Maruti Suzuki e Vitara के फीचर्स दुनिया भर में, Maruti e-Vitara में ADAS, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10.1-इंच का इंफोटेनमेंट डिस्प्ले, एम्बिएंट लाइटिंग, एक टेलिस्कोपिक स्टीयरिंग व्हील, कीलेस एंट्री और स्टार्ट, चार स्पीकर और एक ऑटो-डिमिंग इंटीरियर रियर-व्यू मिरर जैसे फीचर्स हैं. वहीं इसके हायर वेरिएंट में 19-इंच एलॉय व्हील, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, एक इनफिनिटी ऑडियो सिस्टम, वायरलेस चार्जिंग, फॉग लैंप और एक 360-डिग्री कैमरा जैसे एक्स्ट्रा फीचर्स शामिल हैं. Maruti Suzuki e Vitara का बैटरी पैक, पावर आउटपुट और रेंज भारत में लॉन् होने वाली, Maruti e-Vitara को इसके दोनों ग्लोबल बैटरी ऑप्शन, 49 kWh और 61 kWh के साथ पेश किया जा सकता है, और बड़ा पैक हायर ट्रिम्स के लिए ही रिज़र्व रखा जा सकता है. इसके लोअर वेरिएंट में फ्रंट-माउंटेड मोटर का इस्तेमाल किया गया है, जो 142 bhp की पावर और 192.5 Nm का टॉर्क बनाती है. वहीं इसके हायर-वेरिएंट में यही मोटर ज़्यादा पावरफुल कॉन्फ़िगरेशन के साथ आती है और 172 bhp की पावर उत्पन्न करती है, जबकि टॉर्क एक समान रहता है. इंटरनेशनल मार्केट में इसका AWD वर्जन भी पेश किया जाएगा, लेकिन भारत के लिए इसकी पुष्टि नहीं हुई है. वेरिएंट के आधार पर, Maruti e-Vitara की WLTP-सर्टिफाइड रेंज 428 km तक है. Maruti Suzuki e Vitara के प्रतिद्वंद्वी भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद, Maruti e-Vitara का मुकाबला Hyundai Creta Electric, Tata Curvv EV, MG ZS EV और Mahindra BE 6 से होगा. भारत में इसकी बिक्री Maruti Suzuki के NEXA डीलरशिप नेटवर्क के जरिए होगी. Maruti Suzuki e Vitara की अनुमानित कीमत जहां UK में कंपनी इस कार को ज्यादा कीमत पर लॉन्च करेगी, वहीं भारत में इस मॉडल के ज़्यादा सस्ता होने की उम्मीद है, क्योंकि इसका प्रोडक्शन Suzuki Motor के गुजरात की हंसलपुर फ़ैसिलिटी में किया जाता है. जहां तक ​​इसकी कीमतों की बात है, तो संभावना जताई जा रही है कि इसकी शुरुआती कीमत लगभग 17 लाख रुपये हो सकती है, और टॉप-ऑफ़-द-टॉप कीमत 23 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो सकती है.

घरेलू LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, मगर बिना 4 अंकों के डिलीवरी नहीं होगी; नए नियम जारी

भोपाल  . दिसंबर के पहले दिन की सुबह-सुबह एमपी सहित देशवासियों के लिए गुड न्यूज़ आ गई है। तेल कंपनियों ने आज से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर यानी कुकिंग गैस की कीमत कम हो रही है। 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 10 रुपए तक कम कर दिए गए है। वहीँ, एमपी के ग्वालियर में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था में किए गए बदलाव अब उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। तेल कंपनियों ने सभी गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब सिलेंडर तभी दिया जाएगा, जब उपभोक्ता डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DSC) या ओटीपी बताएंगे। यह कोड बुकिंग के समय उपभोक्ता के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। नई व्यवस्था के तहत बिना डीएससी कोड के किसी भी स्थिति में सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।  बढ़ रहे थे गलत डिलीवरी के मामले अब तक उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करने के बाद हॉकर को डीएससी कोड बताता था। कई बार उपभोक्ता घर पर नहीं मिलता था या उसके पास कोड मौजूद नहीं होता था, तब भी एजेंसी सिलेंडर की डिलीवरी कर देती थी। इससे गलत डिलीवरी के मामले बढ़ रहे थे और कई बार उपभोक्ता को सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आती थीं। इसी को देखते हुए कंपनियों ने इसे अनिवार्य किया है और इसके लिए अपने सॉटवेयर में भी बड़े पैमाने पर बदलाव कर दिए हैं। उपभोक्ताओं को आ रही दिक्कतें नई व्यवस्था से उन उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है जो कामकाज के कारण घर पर नहीं रहते। इसके अलावा कई बार बुकिंग जिस मोबाइल नंबर से होती है, वह उपभोक्ता के पास मौजूद नहीं होता या वह नंबर किसी अन्य सदस्य का होता है, ऐसे में हॉकर डिलीवरी नहीं कर पा रहे हैं। ग्वालियर-चंबल एलपीजी फेडरेशन के कॉर्डिनेटर श्यामानंद शुक्ला ने बताया कि कंपनियां अब किसी भी हालत में डीएससी कोड के बिना सिलेंडर देने को तैयार नहीं हैं। यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों के लिए जरूरी माना जा रहा है। धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम… नई प्रक्रिया से गलत डिलीवरी और धोखाधड़ी के मामलों पर रोक लगने लगी है। पहले कई हॉकर अपने लाभ के लिए किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर दे देते थे, जिससे वास्तविक उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब ओटीपी आधारित सिस्टम से सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिलेंडर सिर्फ असली उपभोक्ता को ही मिले। शहर में गैस आपूर्ति     शहर में 5.44 लाख उपभोक्ता     40 गैस एजेंसियां संचालित     रोजाना 12 हजार सिलेंडरों की डोर स्टेप सप्लाई     इंडेन, एचपी और बीपीसीएल की एजेंसियों से वितरण

‘हताशा’ टिप्पणी पर सियासी तूफान, विपक्ष ने मोदी को याद दिलाई PM पद की मर्यादा

नई दिल्ली  संसद के शीतकालीन सत्र में सदन से बाहर ही पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए बयान पर हंगामा शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने सदन में जाने से पहले मीडिया से बात की और विपक्ष से संवाद की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बिहार चुनाव के नतीजों की बात करते हुए हार की हताशा वाला तंज कस दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि मैं अपील करूंगा कि हार की हताशा से बाहर निकलकर संसद में कामकाज करने दिया जाए। उनका कहना था कि विपक्ष को हार की हताशा से उबरते हुए संसद में चर्चा करनी चाहिए और महत्वपूर्ण विषयों पर बात हो। इसे लेकर विपक्ष पूरी तरह हमलावर है।   आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि पीएम मोदी खुद किस हताशा में हैं। उन्होंने कहा, 'पीएम ने यदि इस तरह बोला है कि विपक्ष हार की हताशा में है तो फिर वे किस हताशा में हैं। आप के अंदर कौन सी हताशा है। चुनाव मौलिक मुद्दों पर ना लड़कर कट्टा, भैंस और मुजरा जैसी बातें कहीं। क्या यह प्राइम मिनिस्टर की गरिमा है।' यही नहीं केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका वाड्रा ने भी पीएम मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना कब से ड्रामा करना हो गया। उन्होंने कहा कि कई गंभीर मसले हैं। चुनाव की स्थिति, SIR और पलूशन बड़े मुद्दे हैं। इन मसलों पर बात होनी चाहिए। आखिर संसद किसलिए होती है। मुद्दे उठाना ड्रामा तो नहीं है। ड्रामा यह है कि चर्चा ही नहीं करने दिया जाता। लोकतंत्र की हद में रहकर जनता के मसले उठाना तो कोई ड्रामा नहीं है। कांग्रेस की ही सांसद नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि आखिर कौन हमें समझा रहा है। जो सबसे बड़े ड्रामा मास्टर हैं। हमें उनसे सीखना है कि ड्रामा कैसे करना है और कब करना है। यह हमें नहीं आता। कपड़े बदलकर और कैमरे का ऐंगल बदलकर कैसे ड्रामा किया जाता है, हमें यह सीखना होगा। ऐसा लग रहा है कि विश्व गुरु अब मानसिक गुरु भी बन गए हैं। रेणुका चौधरी ने कहा कि हम लोग संसद में SIR का मसला जरूर उठाएंगे। हम लोग बहुत मजबूत हैं और किसी भी तरह की हताशा में नहीं हैं। सपा सांसद रामगोपाल यादव, अवधेश कुमार आदि ने भी संसद में SIR का मुद्दा उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक SIR पर बात नहीं हो जाती, हम किसी और मसले पर बात ही नहीं करेंगे।  

टेस्ट नाकामी की गूंज: BCCI ने गंभीर और अगरकर को तलब किया, विराट–रोहित विवाद पर होगी बड़ी पड़ताल

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई ने टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर समेत टीम मैनेजमेंट की एक अहम बैठक बुलाई है। ये बैठक बुधवार को रायपुर में होगी। उसी दिन रायपुर में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे है। मीटिंग मैच से पहले होगी। स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट के मुताबिक मीटिंग में बोर्ड गंभीर और अगरकर से टेस्ट क्रिकेट की रणनीति, टीम चयन और मैनेजमेंट के सीनियर खिलाड़ियों संग रिश्तों को लेकर स्पष्टीकरण मांगेगा। बैठक में रोहित शर्मा, विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ टीम मैनेजमेंट के सलूक और संवाद पर भी सफाई मांगी जाएगी।   मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया, संयुक्त सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया, हेड कोच गौतम गंभीर और राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर शामिल होंगे। अभी यह साफ नहीं है कि बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास बैठक में शामिल होंगे या नहीं। चूंकि बैठक मैच वाले दिन ही है, ऐसे में सीनियर खिलाड़ियों के इसमें शामिल होने की संभावना बहुत कम है। बीसीसीआई के एक बड़े अधिकारी के मुताबिक बैठक का उद्देश्य चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के बीच सामंजस्य सुनिश्चित करना, चयन में निरंतरता और टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। अधिकारी ने स्वीकार किया कि टेस्ट फॉर्मेट में हाल में हुईं चीजों से बोर्ड चिंतित है। उन्होंने कहा, 'होम टेस्ट सीजन के दौरान मैदान और मैदान से बाहर की रणनीतियों पर कन्फ्यूजन के उदाहरण दिखे। हम स्पष्टता और फॉरवर्ड प्लानिंग चाहते हैं, खासकर तब जब अगल टेस्ट सीरीज 8 महीने बाद है।' बैठक में चर्चा सिर्फ टेस्ट क्रिकेट से जुड़े मसलों पर नहीं होगी। अधिकार ने माना कि मौजूदा टीम मैनेजमेंट जिस तरह से सीमित ओवरों के सीनियर खिलाड़ियों के साथ पेश आ रही है, उससे बेचैनी बढ़ी है। अधिकारी ने कहा, 'इंडिया अगले साल टी20 वर्ल्ड कप को डिफेंड करने के लिए फेवरिट है और उसके बाद वनडे वर्ल्ड कप के लिए मजबूत दावेदार है। ऐसे में हम इन मुद्दों को जल्द से जल्द हल करना चाहते हैं।' रिपोर्ट में किसी का नाम तो नहीं लिया गया है लेकिन हालात इस तरह इशारा करते हैं कि मौजूदा मैनेटमेंट के विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ संवाद, गफलत को लेकर बोर्ड में भी असहजता है। दोनों दिग्गजों ने टी20 इंटरनेशनल को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। दोनों के साथ नए मैनेजमेंट के वाजिब संवाद में कमी को लेकर अक्सर चर्चाएं छिड़ती रहती हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज सीनियर खिलाड़ी कहीं अलग-थलग न महसूस करें, इसलिए बीसीसीआई का दखल देना महत्वपूर्ण है। रायपुर मीटिंग में चीजों को ठीक करने पर जोर दिखेगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम

जीवन के हर चरण में महिलाओं की मददगार बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जन्म से वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा करायी जा रही उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में व्यापक नीति-सुधार लागू किया है। राज्य सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों का एक समग्र ढांचा विकसित किया है, जो बच्ची के जन्म से लेकर पोषण, आर्थिक स्वावलंबन, संपत्ति के स्वामित्व तथा वृद्धावस्था तक सुरक्षा और सहारा प्रदान करता है। वर्ष 2025 के बजट में बालिका कल्याण योजनाओं, विवाह सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटन किया गया है, जिससे महिला कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास और प्राथमिकता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है। शिक्षा, पालन-पोषण तथा वित्तीय सहायता ने दी राहत उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी का समग्र विकास हो सके। इस दृष्टि से, विशेष तौर पर बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेहद प्रभावी रही है, जिसने बालिकाओं की शिक्षा तथा पालन-पोषण में वित्तीय सहारा प्रदान कर लाखों परिवारों को राहत दी है। यह योजना जन्म से ही लड़कियों को अवसर प्रदान करने की नींव मजबूत करती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराती है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को बेटी के जन्म या विवाह को लेकर आर्थिक बोझ महसूस न हो। ऐसे में, इस कड़ी में प्रदेश सरकार की लोककल्याणकारी योजनाएं बड़ा सहारा बनकर उभर रही हैं। संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं को छूट का प्रावधान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संपत्ति स्वामित्व को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट प्रदान की जा रही है, जिससे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर लेन-देन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। यह प्रावधान न केवल महिलाओं को संपत्ति की मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी प्रदान कर रहा है। योगी सरकार का मानना है कि महिलाएं जब आर्थिक रूप से स्वावलंबी होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। इसी उद्देश्य से आर्थिक नीतियों तथा भूमि-संपत्ति से जुड़े नियमों में महिलाओं के हित में सुधार किए गए हैं। पेंशन योजनाओं से वृद्धावस्था और दिव्यांग महिलाओं को सहारा जीवन चक्र के अंतिम चरण को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं से लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिलता है, जिससे जीवनयापन अधिक सम्मानजनक और सुरक्षित होता है। प्रदेश सरकार का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि जीवन के किसी भी चरण में महिलाएं असुरक्षित या उपेक्षित न महसूस करें। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के ये प्रयास महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त नीतिगत ढांचा प्रस्तुत करते हैं। यह पूर्ण-चक्र समर्थन मॉडल उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के नए मानक स्थापित करने वाले राज्यों में अग्रणी बना रहा है।

मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी

क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं धान खरीद में अब तक 1.51 लाख किसानों से 9.02 लाख एमटी की खरीद अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं मिड-डे मील व आंगनबाड़ी में फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश खरीद केंद्रों पर मैनपावर बढ़ेगा, धान उठान व मिल-मैपिंग की प्रक्रिया और सरल होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि धान क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे उनके खाते में पहुंच जाए। सोमवार को धान खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि धान खरीद की गति तेज हो और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369 और ग्रेड-A का ₹2389 प्रति क्विंटल तय हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। अब तक 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाए, ताकि किसानों को अपने गांव-कस्बे के निकट ही सुविधा उपलब्ध हो सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआरके सप्लाई सुचारु रखने हेतु वेंडरों की संख्या बढ़ाई जाए और तकनीकी अड़चनों का तत्काल समाधान किया जाए। बैठक में बताया गया कि अब तक लगभग 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में उत्तीर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री ने खरीद केंद्रों पर आवश्यकता के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र पर भीड़ न लगे और किसानों को वापस न जाना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि खरीद सुचारु और निरंतर गति में बनी रहे। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए और किसानों को दोनों वस्तु आसानी से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग स्टॉक और आपूर्ति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी, पाक हैंडलर ने तैयार किया 6 हमलों का प्लान, पकड़ में आया नेटवर्क

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देशभर छह स्थानों पर ग्रेनेड हमले की साजिश का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आरोपी आईएसआई समर्थित पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे। तीन संदिग्धों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इनके निशाने पर तीन राज्यों के छह संवेदनशील स्थान थे। यह मॉड्यूल दिल्ली के अलावा पंजाब और यूपी के कई सार्वजनिक स्थानों पर ग्रेनेड से हमला कर बड़ी तबाही मचाने की फिराक में था। स्पेशल सेल ने इन संदिग्धों से मिले मोबाइल, चैट और वीडियो क्लिपिंग की जांच में छह संभावित टारगेट की पहचान की है। इनमें तीन स्थान पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि दो यूपी और एक दिल्ली में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों ने इन स्थानों की रेकी कर रूट मैप, वीडियो और तस्वीरें भट्टी को भेजी थीं। इस खुलासे के बाद तीनों राज्यों में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए भर्ती जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए भारतीय युवाओं को निशाने पर लेता था। उनकी आर्थिक जरूरतों और बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें गैंगस्टर से लेकर आतंकी गतिविधियों तक में झोंक दिया जाता था। भट्टी और उसके साथी पहले युवाओं को पैसे कमाने का झांसा देते, फिर छोटे-छोटे काम देकर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करते थे। इसके बाद उन्हें टारगेट की रेकी, हथियारों की डिलीवरी, ठिकानों की तलाश और हमले की योजना का हिस्सा बनाया जाता था। पकड़े गए युवकों ने स्वीकार किया कि भट्टी सोशल मीडिया ऐप्स, ऑडियो कॉल और एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए लगातार संपर्क में रहता था। वह भारत में अपनी मौजूदगी के बिना ग्राउंड ऑपरेटर्स के जरिए पूरे मॉड्यूल को नियंत्रित करता था। पुलिस का मानना है कि यह एक पूरी तरह विदेशी संचालित आतंकी मॉड्यूल है, जिसका उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना था। छह स्थानों की तस्वीरें, रूटमैप और वीडियो बरामद स्पेशल सेल को जांच में छह संदिग्ध स्थानों की फोटो और वीडियो क्लिप मिली हैं। इनमें भीड़भाड़ वाले बाजार, पुलिस स्टेशन, प्रशासनिक भवन और वह स्थल शामिल हैं जहां सुरक्षा बलों की नियमित आवाजाही रहती है। जांच एजेंसियां इन सभी डाटा को फोरेंसिक तरीके से विश्लेषित कर रही हैं। इन सुरागों के आधार पर दिल्ली, पंजाब और यूपी पुलिस ने दर्जनों छापेमार टीमें बनाई हैं। दिल्ली से लेकर गुरदासपुर, अमृतसर, बिजनौर और नोएडा तक कई ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मॉड्यूल के दो से तीन सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। गिरोह के और लिंक तलाशे जा रहे पूछताछ में सामने आया है कि भट्टी पंजाब के गैंगस्टरों से लेकर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई समर्थित नेटवर्क से सीधे जुड़ा हुआ है। वह अपने साथियों के जरिए फंडिंग, हथियार सप्लाई और नए युवाओं की भर्ती का काम संभालता था। जांच एजेंसियों ने भट्टी के दो अन्य संपर्कों की पहचान कर ली है, जिन्हें जल्द ही पंजाब पुलिस के साथ साझा किया जाएगा। वहीं दिल्ली और यूपी में भी इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोकल लिंक तलाशे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह मॉड्यूल छोटी रकम के बदले युवाओं को आतंकी गतिविधियों में उतारने वाला बेहद खतरनाक तंत्र है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ग्रेनेड हमला कर दहशत फैलाना और देश को अस्थिर करना था। गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले की तैयारी में था हरगुनप्रीत फिरोजपुर के कोहाला गांव का रहने वाला हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत 12वीं पास है। वह अपने एक दोस्त के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। पैसों के लोभ में वह गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले के लिए तैयार हो गया। वह साथी मोहन के साथ गुरदासपुर पहुंचा और विकास से ग्रेनेड व हथियार लेकर रेकी की। 25 नवंबर की शाम उसने सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका, जबकि उसका साथी मोटरसाइकिल चलाता रहा। पुलिस का मानना है कि इस हमले के जरिए मॉड्यूल अपनी सक्रियता साबित करना चाहता था, ताकि भट्टी को पाकिस्तान से और फंडिंग मिल सके। आसिफ ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया था उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मच्छमार गांव का रहने वाला 5वीं कक्षा पास आसिफ उर्फ आरिश करीब ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। भट्टी ने पहले उसे ग्राउंड ऑपरेटर्स के वीडियो भेजे, फिर पंजाब में ग्रेनेड फेंकने का टास्क दिया। आसिफ को लोकेशन मैप, टारगेट की तस्वीरें और रूट प्लान भेजा गया। वह विकास से भी जोड़ा गया था। कुछ दिनों पहले भट्टी ने उसे ‘अगले निर्देश’ का इंतजार करने को कहा था। पुलिस मान रही है कि उसकी भूमिका यूपी और दिल्ली में टारगेट चुनने से लेकर विस्फोटक पहुंचाने तक की हो सकती थी। मध्य प्रदेश के दतिया का रहने वाला 24 वर्षीय विकास प्रजापति उर्फ बेटू इंद्रगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था। इंस्टा पर भट्टी की गैंगस्टर वाली छवि से प्रभावित होकर वह उससे जुड़ गया। भट्टी ने वीडियो कॉल पर उसे पार्सल खोलने का तरीका सिखाया, जिसमें ग्रेनेड भरा था। विकास को डिलीवरी कन्फर्मेशन के बदले नकद और हथियार दिए गए। उसने गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन और अमृतसर टाउन हॉल पुलिस स्टेशन की रेकी कर वीडियो भट्टी को भेजे। भट्टी ने विकास से कहा था कि वह ग्रेनेड हरगुनप्रीत और उसके साथी तक पहुंचाए और ऑपरेशन के लिए मोटरसाइकिल की व्यवस्था करे।

मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा एक्शन: अवैध शराब तस्करी पर कसा शिकंजा

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई पांच जिलों से कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब जब्त भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा विगत दिनों की गई समीक्षा बैठक में जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होने, पेट्रोलिंग को पूर्णतः प्रभावी और सतत रखने, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पुलिस की निरंतर और सटीक कार्यवाहियों के परिणामस्वरूप राज्य के भोपाल, देवास, मंदसौर, छतरपुर और अनूपपुर जिलों से लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं। *जिलों द्वारा की गई प्रमुख कार्रवाई-* *भोपाल-* थाना खजूरी सड़क पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 1200 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक सहित कुल 1 करोड़ 60 लाख 42 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर महत्वपूर्ण प्रहार मानी जा रही है *देवास-* पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। सोनकच्छ प्रगति नगर बायपास पर वाहन चैकिंग के दौरान ट्रक को रोककर उसमें भरी 85 लाख 35 हजार 440 रूपए की 675 पेटी, कुल 5936.4 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा करीब 20 लाख रूपए का ट्रक जप्त किया है। आरोपी ट्रक में बाहर की ओर भूसे की बोरियां रखकर भीतर शराब की पेटियाँ छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक रावत पिता सज्जन रावत तथा लालु रावत पिता मुकाम रावत दोनों निवासी ग्राम आम्बुआ, जिला अलीराजपुर शामिल हैं। *मंदसौर-* थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक ट्रक कंटेनर में भरी 120 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की। ट्रक में शराब को भरकर लोहे के पलंग की फर्जी बिल्टी के माध्यम से ले जाया जा रहा था। जब्‍त की गई संपत्ति  की कीमत लगभग 20 लाख रूपए है।  *छतरपुर-* थाना बमनौरा पुलिस ने ग्राम डोंगरपुर में अवैध शराब के संग्रह स्थल पर छापा मारकर 20 पेटी (180 लीटर) अवैध शराब लगभग 90 हजार रूपए,  बरामद की है। *अनूपपुर*- जिले की कोतवाली पुलिस ने 62.55 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बिना नंबर की स्कूटी सहित 54 हजार 210 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार इन जिलों की कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 87 लाख रूपए से अधिक की अवैध शराब एवं वाहन जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने तस्करों को भी गिरफ्तार किया है तथा आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या विक्रय में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के अवैध व्यापार एवं संबद्ध आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अपने सतत, दृढ़ एवं निर्णायक अभियान को जारी रखेगी, ताकि राज्य में शांति, सुरक्षा एवं सामाजिक स्वास्थ्य को और अधिक सशक्त किया जा सके।