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बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव की ताजपोशी, विपक्ष का नया चेहरा तय

पटना राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव 18वीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होंगे। राजद और महागठबंधन के विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई। शनिवार को एक पोलो रोड में हुई बैठक में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के विधायकों ने एक स्वर से तेजस्वी को अपना नेता माना। तय हुआ कि विपक्ष की संख्या भले ही कम है, लेकिन जनहित के मसले पर मजबूती से सदन में आवाज उठाएंगे। लोगों की भलाई के लिए विपक्ष मजबूती से सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगा। एक दिसम्बर को विधानमंडल का सत्र शुरू होने से पहले तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के विधायकों और प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। इस मीटिंग में भाग लेने के लिए तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली से पटना पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया कर्मियों ने उनसे कई सवाल पूछे पर तेजस्वी यादव ने कोई उत्तर नहीं दिया। वे सीधे बैठक के लिए रवाना हो गए। विधानसभा चुनाव में हार पर कांग्रेस और राजद में तकरार के बीच तेजस्वी यादव को विपक्ष का नेता चुन लिया गया। राजद के साथ कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के नेताओं ने तेजस्वी के नाम पर मुहर लगा दी। इस बार के चुनाव में पूरा विपक्ष 35 सीटों पर सिमट गया। इनमें 25 विधायक राजद के तो 6 विधायक कांग्रेस के हैं। वाम दलों के चार विधायक हैं। सदन में इनकी उपस्थिति बहुत कमजोर रहने वाली है क्योंकि एनडीए के पास 202 विधायकों की ताकत है। बैठक में कहा गया कि संख्या बल कम होने के बावजूद विपक्ष जनता और जनहित के मुद्दों को सदन से सड़क तक संघर्ष करेगा। शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की जा रही है। माले विधायक अजय कुमार ने बताया कि विपक्ष संगठित होकर सरकार की गलत नीतियों का विरोध करेगा। विपक्ष हमेशा रचनात्मक विरोध करेगा। राजद के भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का विरोध पूरी मजबूती से किया जाएगा। संख्या कम है लेकिन मनोबल कम नहीं है।  

सैनी सरकार की बड़ी पहल: हरियाणा में जनगणना अब पूरी तरह डिजिटल तरीके से

चंडीगढ़ हरियाणा में 2027 में होने वाली जनगणना के लिए सैनी सरकार ने रोडमैप जारी किया है। हरियाणा की फाइनेंशियल कमिश्नर सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में की जाएगी। मिश्रा 2027 की जनगणना के लिए राज्य नोडल अधिकारी भी हैं। सुमिता ने कहा कि एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र डेटा इकट्ठा करेंगे और डिजिटल तरीके से एक सेंट्रल सर्वर पर अपलोड करेंगे। उन्होंने एक ऑफिशियल बयान में कहा कि मोबाइल ऐप, एक पोर्टल और दूसरे टूल एंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म पर हिंदी, इंग्लिश और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे। जनगणना अधिकारी नियुक्त  सभी लेवल पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति की तैयारी शुरू करने के लिए सुमिता मिश्रा ने सभी डिविजनल कमिश्नरों को डिविजनल जनगणना अधिकारी और डिप्टी कमिश्नरों/जिला मजिस्ट्रेटों को अपने अधिकार क्षेत्र में काम की निगरानी के लिए प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी नियुक्त किया है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नरों, एडिशनल जिला मजिस्ट्रेटों और सीनियर डिप्टी कलेक्टरों को जिला जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह स्ट्रक्चर सब-डिवीजनल और ब्लॉक लेवल तक फैला हुआ है ताकि ग्रामीण क्लस्टर और तहसीलों में पूरी कवरेज पक्की हो सके। उन्होंने कहा कि फील्ड ऑपरेशन के दौरान टेक्निकल सपोर्ट, डेटा वैलिडेशन और लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन देने के लिए प्लानिंग, स्टैटिस्टिक्स, इन्फॉर्मेटिक्स और एजुकेशन डिपार्टमेंट के ऑफिसर्स को एडिशनल या डिप्टी डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर अपॉइंट किया गया है। डिफेंस इलाकों के लिए अलग प्रोटोकॉल बनाया गया  शहरी इलाकों के लिए, म्युनिसिपल कमिश्नर और एडमिनिस्ट्रेटिव हेड प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर के तौर पर काम करेंगे, जबकि शहरी निकायों के CEO और सेक्रेटरी चार्ज सेंसस ऑफिसर के तौर पर काम करेंगे। सिर्फ मिलिट्री, पैरामिलिट्री और दूसरे डिफेंस संस्थानों के कब्ज़े वाले इलाकों के लिए एक अलग प्रोटोकॉल बनाया गया है। सेंसस ऑपरेशन के डायरेक्टर संबंधित अधिकारियों से सलाह करके इन इलाकों के लिए स्पेशल चार्ज ऑफिसर तय करेंगे। सरकार या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) के कंट्रोल वाली कॉलोनियों के लिए भी खास नियम बनाए गए हैं, जिनमें रेलवे, सिंचाई, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और थर्मल पावर स्टेशन शामिल हैं। प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर्स को अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे सभी इलाकों की पहचान करनी होगी। 700-800 लोगों की आबादी पर एक एन्यूमेरेटर एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर फील्ड ऑपरेशन का मुख्य हिस्सा होंगे। सुमिता मिश्रा ने कहा कि एक एन्यूमेरेटर लगभग 700-800 लोगों की आबादी को संभालेगा और हर सुपरवाइज़र छह एन्यूमेरेटर की देखरेख करेगा, जिसमें 10 परसेंट रिज़र्व इमरजेंसी के लिए रखे जाएंगे। इस एक्सरसाइज को डिजिटल गवर्नेंस में एक बड़ा कदम बताते हुए, उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों को सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम पोर्टल पर मोबाइल नंबर, ईमेल ID, ऑफिस की जगह और पहचान के डॉक्यूमेंट जैसी डिटेल्स के साथ रजिस्टर होना चाहिए ताकि सुरक्षित, पेपरलेस ऑपरेशन पक्का हो सके। उन्होंने आगे बताया कि एन्यूमेरेटर और सुपरवाइज़र के लिए राज्य भर में ट्रेनिंग सेशन अगले साल की शुरुआत में शुरू होने वाले हैं। ज़िला और नगर निगम प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे सभी ग्रामीण, शहरी और स्पेशल एडमिनिस्ट्रेटिव इलाकों में जनगणना को आसानी से पूरा करने के लिए लगातार और करीबी तालमेल बनाए रखें। बता दें कि भारत की 16वीं जनगणना जाति के आधार पर 2027 में की जाएगी, जिसकी रेफरेंस डेट 1 अक्टूबर, 2026 होगी। 

मारुति की इलेक्ट्रिक एंट्री: 2 दिसंबर को भारत में e-Vitara होगी उपलब्ध

मुंबई  मारुति सुज़ुकी भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपने अब तक के सबसे बड़े कदम की तैयारी कर रही है। कंपनी 2 दिसंबर 2025 को अपनी पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक SUV—e-Vitara—को लॉन्च करने जा रही है, जिससे ब्रांड एक नए दौर की ओर बढ़ेगा। इसे सबसे पहले भारत मोबिलिटी ऑटो एक्सपो 2025 में पेश किया गया था और तभी से यह मॉडल देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। खास बात यह है कि e-Vitara का विकास और उत्पादन दोनों भारत में ही किए जा रहे हैं, जो घरेलू EV निर्माण को नई दिशा देता है। वैश्विक मंच पर पहले ही बना चुकी है अपनी पहचान e-Vitara भले ही अभी भारतीय सड़कों पर दिखाई नहीं दी हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसकी मौजूदगी पहले ही मजबूत हो चुकी है। गुजरात के हंसलपुर प्लांट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही e-Vitara का पहला निर्यात बैच भी फ्लैग ऑफ किया गया। सितंबर से इसके आधिकारिक एक्सपोर्ट शुरू हुए और केवल अगस्त में ही 12 यूरोपीय देशों—जैसे यूके, जर्मनी, फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन—में लगभग 2,900 यूनिट भेजी जा चुकी थीं। कंपनी का लक्ष्य e-Vitara को 100 से अधिक देशों में निर्यात करना है, जिससे यह मारुति की पहली सच्ची ‘ग्लोबल इलेक्ट्रिक SUV’ बन सकती है। डिजाइन और डायमेंशन: आधुनिक लुक के साथ दमदार प्रेज़ेंस e-Vitara का डिजाइन बेहद साफ-सुथरी और आधुनिक लाइनों पर आधारित है। इसकी लंबाई 4,275 मिमी, चौड़ाई 1,800 मिमी और ऊंचाई 1,640 मिमी है, जबकि 2,700 मिमी का व्हीलबेस इसे पारंपरिक कॉम्पैक्ट SUVs जैसी मजबूत सड़क उपस्थिति देता है। यह एक नए लाइटवेट 3-in-1 इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम पर आधारित है, जिसमें मोटर, इन्वर्टर और ट्रांसमिशन को एक ही यूनिट में इंटीग्रेट किया गया है। इससे गाड़ी का वजन कम होता है और प्रदर्शन तथा कार्यक्षमता दोनों में सुधार मिलता है। बैटरी पैक और परफॉर्मेंस: लंबी रेंज और कई विकल्प मारुति सुज़ुकी e-Vitara को दो बैटरी विकल्पों के साथ बाजार में उतारेगी, जिनका उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों वाले ग्राहकों को ध्यान में रखना है। 49 kWh बैटरी पैक वाला मॉडल फ्रंट-माउंटेड मोटर के साथ आता है, जो 144 hp की पावर और 189 Nm का टॉर्क पैदा करता है। यह रोजमर्रा की ड्राइविंग—चाहे शहरी हो या हाईवे—के लिए उपयुक्त है। बड़ा 61 kWh पैक 174 hp की अधिक शक्तिशाली आउटपुट प्रदान करता है। वैश्विक बाजारों में इसका एक ऑल-व्हील ड्राइव विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें पीछे एक अतिरिक्त 65 hp मोटर जोड़ी गई है। इससे कुल आउटपुट 184 hp और 300 Nm तक पहुंच जाता है। भारत में AWD वर्जन आएगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन टॉप-स्पेक वेरिएंट्स के 500 km से अधिक की रेंज देने की उम्मीद है, जो इसे अपनी श्रेणी की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली इलेक्ट्रिक SUVs में शामिल करता है। इंटीरियर: अब तक का सबसे प्रीमियम मारुति केबिन e-Vitara का इंटीरियर मारुति सुज़ुकी के अन्य मॉडलों की तुलना में कहीं अधिक प्रीमियम फील देता है। केबिन में 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम एक ट्विन-डेक फ्लोटिंग सेंटर कंसोल पर लगाया गया है, जो इसे मॉडर्न और हाई-टेक अपीयरेंस देता है। सॉफ्ट-टच मटीरियल, डुअल-टोन थीम और मल्टी-कलर एंबियंट लाइटिंग के साथ गाड़ी का माहौल और भी शानदार बनता है। आराम की बात करें तो वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और स्लाइड-रिक्लाइन-फोल्ड होने वाली 40:20:40 रियर सीट जैसे फीचर्स इसे बेहद व्यावहारिक बनाते हैं। फिक्स्ड-ग्लास सनरूफ और हार्मन ऑडियो सिस्टम के साथ केबिन का प्रीमियम अनुभव और बढ़ जाता है। सुरक्षा फीचर्स: मजबूत बॉडी और एडवांस ADAS सुरक्षा को e-Vitara के विकास में उच्च प्राथमिकता दी गई है। इसका बॉडी स्ट्रक्चर 50% से अधिक हाई-टेंसाइल स्टील से बनाया गया है और इसमें बैटरी सुरक्षा के लिए विशेष संरचना शामिल है। स्टैंडर्ड फीचर्स में सात एयरबैग, ऑल-डिस्क ब्रेक्स, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटर और e-Call इमरजेंसी अलर्ट शामिल हैं। इसके अलावा SUV लेवल-2 ADAS तकनीक से लैस है, जिसमें एडाप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, लेन-कीपिंग असिस्ट और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसी सिस्टम शामिल हैं। इन फीचर्स के साथ e-Vitara मारुति सुज़ुकी की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल हो जाएगी। चार्जिंग नेटवर्क और ओनरशिप इकोसिस्टम मारुति सुज़ुकी e-Vitara के साथ एक संपूर्ण EV इकोसिस्टम प्रदान करने की तैयारी में है। हर ग्राहक को स्मार्ट होम चार्जर और इंस्टॉलेशन सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी देश के 100 बड़े शहरों में पब्लिक फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां हर 5–10 किलोमीटर पर चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे। लंबे समय तक परेशानी-मुक्त ओनरशिप सुनिश्चित करने के लिए मारुति 1,500 से अधिक EV-रेडी वर्कशॉप भी स्थापित कर रही है, जो 1,000 से अधिक शहरों को कवरेज देंगी। मारुति सुज़ुकी के लिए ऐतिहासिक लॉन्च आधुनिक डिजाइन, दमदार रेंज, प्रीमियम इंटीरियर, वैश्विक एक्सपोर्ट रणनीति और मजबूत सुरक्षा फीचर्स के साथ e-Vitara कंपनी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण लॉन्च साबित होने जा रही है। यह न केवल मारुति सुज़ुकी के EV सफर की शुरुआत है, बल्कि इसे भारतीय इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में एक बड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा करने की क्षमता भी प्रदान करती है।

30 नवंबर को BSF प्रमुख दलजीत सिंह चौधरी का कार्यकाल पूरा, IPS प्रवीण कुमार संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

नई दिल्ली  केंद्र सरकार की ओर से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नेतृत्व में बदलाव किया गया है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक प्रवीण कुमार (ITBP chief IPS Praveen Kumar) को BSF DG का अतिरिक्त भार सौंपा गया है। प्रवीण कुमार 30 नवंबर से यह अतिरिक्त पदभार संभालेंगे। बता दें कि बीएसएफ के वर्तमान डीजी दलजीत सिंह चौधरी (BSF DG Daljit Singh Chaudhary) के 30 नवंबर 2025 को रिटायर हो रहे हैं। जिसे देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, स्थायी नियुक्ति होने तक या अगले निर्देश जारी होने तक प्रवीण कुमार BSF की कमान भी संभालेंगे। सरकार की ओर से प्रवीण कुमार की नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा जताया गया है।   1993 बैच के IPS अधिकारी हैं प्रवीण कुमार बता दें कि ITBP के वर्तमान डीजी प्रवीण कुमार पश्चिम बंगाल कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। प्रशासन के कार्य में उन्हें लंबा अनुभव है, जिसे देखते हुए सरकार की ओर से उन्हें यह अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि दलजीत सिंह चौधरी के रिटायरमेंट के बाद BSF DG का अतिरिक्त प्रभार प्रवीण कुमार को सौंपा जा रहा है। यह व्यवस्था 30 नवंबर से प्रभाव में आ जाएगी। इंटेलिजेंस ब्यूरो में लंबे समय तक दी सेवाएं प्रवीण कुमार ने 1 अक्टूबर 2025 को ITBP के DG का पदभार संभाला था। इससे पहले वे दो दशक से अधिक समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में विभिन्न अहम जिम्मेदारियों में जुड़े रहे। खुफिया संचालन और फील्ड ऑपरेशन के अनुभव के कारण उन्हें BSF जैसे बड़े सीमा सुरक्षा बल की कमान संभालने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। BSF सबसे बड़ा बॉर्डर-गार्डिंग फोर्स पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा संभालने की जिम्मेदारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स या बीएसएफ की है। यह देश का सबसे बड़ा बॉर्डर-गार्डिंग फोर्स है। ऐसे में करीब 2.70 लाख से अधिक जवानों वाली इस फोर्स के DG का पद देश की सुरक्षा व्यवस्था में अत्यंत रणनीतिक और महत्वपूर्ण माना जाता है। ITBP और अब BSF दोनों की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रवीण कुमार पर देश की दो अहम सीमाई एजेंसियों का नेतृत्व एक साथ संभालने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दोनों बलों के बीच बेहतर समन्वय और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: पंजाब सरकार ने 300 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल को दी मंजूरी

चंडीगढ़  पंजाब के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने 12 प्रमुख श्रेणियों के 300 स्पेशलिस्ट डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री दफ्तर के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट ने 12 महत्वपूर्ण श्रेणियों अर्थात मैडीसिन, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग विशेषज्ञ), साइकियाट्री (मनोरोग विशेषज्ञ), डर्मेटोलॉजी (त्वचा रोग विशेषज्ञ), चेस्ट एवं टी.बी. (छाती रोग विशेषज्ञ), सर्जरी, गायनेकोलॉजी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग विशेषज्ञ), ऑप्थल्मोलॉजी (नेत्र रोग विशेषज्ञ), ई.एन.टी. (कान, नाक, गला विशेषज्ञ) तथा एनेस्थीसियोलॉजी में 300 विशेषज्ञ डाक्टरों को एम्पैनल करने का भी निर्णय लिया है. इस कदम से विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और पंजाब के लोगों को सकैंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा. यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. इन विशेषज्ञ डाक्टरों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया जिला स्तर पर सिविल सर्जनों के माध्यम से की जाएगी तथा एम्पैनल हुए डाक्टर ओ.पी.डी., आई.पी.डी., इमरजेंसी, बड़े-छोटे ऑपरेशन तथा अन्य विभिन्न सेवाओं के लिए प्रति मरीज एम्पैनलमेंट फीस लेने के हकदार होंगे. केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी कैबिनेट ने पंजाब को-ऑपरेटिव सोसायटीज नियम, 1963 के तहत नियम 28ए यानी एकसमान अनुशासनात्मक एवं अपीलीय ढांचे को भी मंजूरी दे दी है. इससे अपील चैनलों की दोहरी प्रक्रिया रोकी जा सकेगी, एक ही बोर्ड या उसकी समितियों में परस्पर विरोधी निर्णयों से बचा जा सकेगा तथा अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में कमांड की स्पष्ट लड़ी बनेगी. साथ ही यह सुनिश्चित होगा कि अपीलों की सुनवाई संस्था के भीतर केवल एक बार ही हो. इससे पंजाब में सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत सभी शीर्ष संस्थाओं एवं केन्द्रीय सहकारी बैंकों में एकरूपता आएगी. पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में संशोधन मंत्रिमंडल ने खनन सेवाओं को और अधिक कुशल, नागरिक-हितैषी तथा पारदर्शी बनाने के लिए पंजाब स्टेट माइनर मिनरल्स (संशोधन) पॉलिसी 2025 के अनुसार पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, 2013 में संशोधन करने की भी अनुमति दे दी है. प्रदेश में आवंटित की जाने वाली क्रशर माइनिंग साइटों तथा भूमि मालिकों की माइनिंग साइटों के माइनिंग लीज धारकों को माइनिंग अधिकारों के आवंटन के लिए मौजूदा पंजाब माइनर मिनरल रूल्स 2013 में इन नए नियमों/संशोधनों को जोड़ने/बदलने की आवश्यकता थी.

जबलपुर रियल एस्टेट में उछाल: अब घर-ज़मीन के दाम पहले से ज्यादा चुकाने होंगे

जबलपुर जबलपुर जिले में जमीन के दाम बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। 2025-26 की कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल ने जबलपुर समेत सभी जिला पंजीयन कार्यालय को निर्देशित किया है। इसके बाद जबलपुर में जमीनों के दाम बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है। जिलेभर में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों का सर्वे किया जाएगा और इस साल हुई रजिस्ट्रियों का आंकलन भी होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन क्षेत्रों की जमीन के दाम नई कलेक्टर गाइडलाइन में बढ़ाए जाएं और कहां नहीं। भोपाल से मिले निर्देश के बाद सर्वे की तैयारी भोपाल से मिले निर्देश के बाद जिला पंजीयन कार्यालय ने सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। जिले की उप जिला मूल्यांकन समितियों को जमीन का सर्वे और रजिस्ट्रियों का आंकलन करने कहा गया है। जबलपुर में तीन उप जिला मूल्यांकन समिति हैं, जिसमें एक जबलपुर, दूसरी सिहोरा और तीसरी पाटन हैं।   एसडीएम करेंगे अपने क्षेत्रों का सर्वे उप जिला मूल्यांकन समिति में अध्यक्ष एसडीएम और सदस्य उप पंजीयक हैं। अब जबलपुर एसडीएम, सिहोरा एसडीएम और पाटन एसडीएम, समिति के पदाधिकारियों के साथ अपने-अपने क्षेत्रों का सर्वे करेंगे। इस दौरान वे जमीनों के मौजूदा दाम, वहां इस साल हुई रजिस्ट्री और उनके दाम और भविष्य में जमीन की संभावना के साथ आसपास आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे। इसके बाद उन रजिस्ट्रियों का आंकलन करेंगी, जिसमें कलेक्टर गाइडलाइन और मौजूदा दाम में बड़ा अंतर है। इसके बाद यह अपनी रिपोर्ट तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति के समक्ष रखेंगे। इस दौरान संबंधित अधिकारी की सहमति भी ली जाएगी। अंत में सर्वे और जमीनों की जानकारी को भोपाल भेजा जाएगा। वहां से सहमति मिलने के बाद ही दाम तय होंगे। 400 से ज्यादा जमीनों का होगा सर्वे इस बार जिले में करीब 400 से अधिक लोकेशन पर विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। बीते एक वर्ष में शहर के आउटर इलाकों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में कई नए निजी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लांच होने से मार्केट में जमीनों की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। सर्वे टीम इन सभी बिंदुओं को प्राथमिकता देते हुए संबंधित क्षेत्रों में बीते समय की रजिस्ट्रियों, औसत बाजार मूल्य और विकास गतिविधियों का विश्लेषण करेगी। इसके आधार पर प्रस्तावित नए रेट तैयार कर विभागीय बैठक में प्रस्तुत किए जाएंगे। जमीनों के दाम बढ़ने के अनुमान से अभी से ही रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है। अवैध कॉलोनियां गिराएंगी जमीन के दाम इस बार जमीन के दाम बढ़ाने में कई अड़चनें है। सबसे बड़ी अड़चन अवैध कॉलोनियां है। प्रशासन द्वारा अवैध कालोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के शहरी क्षेत्र में करीब 50 और ग्रामीण क्षेत्र में 150 अवैध कॉलोनियां हैं। इनमें जिला प्रशासन ने करीब 98 अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं तीन कालोनियों पर एफआइआर भी दर्ज की है। इतना ही नहीं अभी 15 और कॉलोनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना है। इस सभी वजहों से लोग इन क्षेत्रों में जमीन खरीदने से पीछे हट रहे हैं। ऐसे में यदि दाम बढ़ने हैं तो आम आदमी इन जमीनों को खरीदने में परहेज करेगा। दिसंबर तक देंगे रिपोर्ट महानिदेशक पंजीयन मुख्यालय भोपाल से पत्र मिल गया है, जिसके बाद नई कलेक्टर गाइडलाइन बनाने के लिए सर्वे किया जाना है। तीनों उप जिला मूल्यांकन समिति को पत्र लिखकर जमीनों का सर्वे करने कहा है। दिसंबर तक अपनी रिपोर्ट भी दे देंगे। – डॉ. पवन अहिरवाल वरिष्ठ पंजीयक, जबलपुर  

दिल्ली में अनमोल बिश्नोई की कस्टडी बढ़ी 7 दिन, NIA करेगी अहम पूछताछ—कई खुलासों की उम्मीद

नई दिल्ली  दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी 7 दिन बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और इंटरनेशनल गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई पर खतरे की आशंका को देखते हुए जज ने खुद राष्ट्रीय जांच एजेंसी हेडक्वार्टर पहुंचकर मामले की सुनवाई की। कोर्ट के 7 दिन की कस्टडी बढ़ाने के इस आदेश से एनआईए को गैंगस्टर नेटवर्क, फंडिंग चेन और विदेश से होने वाली आपराधिक गतिविधियों की बारीकी से जांच करने का पर्याप्त समय मिलेगा। एनआईए के वकील राहुल त्यागी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि अनमोल बिश्नोई से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। इसी को देखते हुए कोर्ट ने 7 दिन की और कस्टडी बढ़ा दी है। पूछताछ में अभी और खुलासे हो सकते हैं। एनआईए के अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि अनमोल बिश्नोई पर हमला हो सकता है। इसी को देखते हुए एनआईए हेडक्वार्टर में ही मामले की सुनवाई की गई। शुरुआती पूछताछ में अनमोल बिश्नोई ने बताया है कि उसके गिरोह में कितने लोग हैं और कहां-कहां से काम किया जाता है। इसके साथ ही कई खुलासे हुए हैं। 5 दिसंबर तक एनआईए उससे पूछताछ करेगी। एनआईए ने अमेरिका से प्रत्यर्पण कर 19 नवंबर को भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने गैंगस्टर अनमोल बिश्वोई को 11 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में भेज दिया था, हालांकि केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट से 15 दिन की कस्टडी मांगी थी। 2022 से फरार चल रहे अनमोल को एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह लॉरेंस के टेरर सिंडिकेट से जुड़ा 19वां आरोपी है। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल से उसकी पहचान की थी। उसके बाद लंबी डिपोर्टेशन प्रक्रिया चली थी। इससे पहले मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आपराधिक गतिविधियां अंजाम दीं। वह अमेरिका से ही गैंग को निर्देश देता था और शूटरों को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था। पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला अनमोल नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भागा था। अनमोल का नाम कई हाई प्रोफाइल केसों से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वह मुख्य साजिशकर्ता था।

रोइंग चैंपियनशिप में छाया भोपाल, बड़े तालाब में खिलाड़ियों ने दिखाया दम और कौशल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब पर आठवीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स व 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में देश भर के रोइंग खिलाड़ी अपना दम दिखाने जुटे हैं। दो दिन भोपाल के मौसम से तालमेल बैठाने के बाद देश के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया। सीनियर वर्ग में छह और जूनियर वर्ग में चार इवेंट है। ठंडी हवाओं के बीच खिलाड़ियों का बड़ा तालाब पर आना शुरू हो गया था। एक घंटे बाद मुकाबले प्रारंभ हुए। 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी व ऑफिसिल्य भोपाल आए हुए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैंपियनशिप का शुभारंभ किया था। बाहर से आए खिलाड़ियों ने दो दिन तक भोपाल में मौसम के अनुकूल खुद को बनाया और प्रतियोगिता के लिए जमकर अभ्यास किया। इसलिए शुक्रवार को खिलाड़ी पूरे जोश के साथ हीटस में भाग ले रहे थे।   खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी मप्र रोइंग अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक दलबीर सिंह राठौर ने बताया कि अगले दो दिन खिलाड़ियों की परीक्षा की घड़ी है, जिसने जितने मेहनत की होगी उसे उतनी सफलता मिलेगी। अन्य खिलाड़ियों के साथ हमारे खिलाड़ियों ने भी दो दिनों तक सभी ने जमकर अभ्यास किया है। अब शनिवार और रविवार को सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। मप्र मेजबान है इसलिए हमारा दल सबसे बड़ा भी है और जीत का दावेदार भी। हमारे खिलाड़ी यहां के मौसम और चलने वाली तेज हवाओं से परिचित है, इसका लाभ उनके प्रदर्शन पर नजर आएगा।   बोट क्लब का मौसम बहुत सुहावना है शुक्रवार को राजधानी का मौसम बहुत ही सुहावना था। भारी संख्या में दर्शक वाटर स्पोटर्स की गतिविधियां देखने पहुंचे थे। बडे तालाब के जिस स्थान पर रोइंग चैंपियनशिप आयोजित हो रही है, उसे बोट क्लब कहा जाता है। यह राजधानी का सबसे सुंदर स्थान है, जहां सुबह और शाम भारी संख्या में लोग आते है। बोट क्लब के एक तरफ रंग बिरंगी व्यावासयिक नावें कुलांचे भर रही थी तो दूसरी तरफ सफेद बतखे पर्यटकों का मनमोह रही थी। वहीं देशभर के खिलाड़ी अपने खेल कौशल से उपस्थित दर्शकों की प्रशंसा बटोर रहे थे। तालाब पर उठने वाली पानी की लहरे समुद्र का अहसास करा रही थी। इस चैंपियनशिप में भाग लेने आए खिलाड़ी और प्रशिक्षकों ने भी बड़े तालाब की सराहना की।

SIR में शानदार परफॉर्मेंस! जबलपुर के बीएलओ को मिली हेलीकॉप्टर से हवाई सैर की सौगात

जबलपुर मतदाता सूचना विशेषा गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य के दबाव में सामने आ रहे कर्मचारियों को अटैक के मामलों के बीच शहर से अच्छी खबर है। जिला प्रशासन द्वारा बीएलओ के तनाव को कम करने के लिए अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी बूथों के 100 फीसदी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने पर प्रशासन ने बीएलओ सुपरवाइजर स्नेहलता पटेल को सम्मानित कर जबलपुर से कान्हा और बांधवगढ़ की हवाई यात्रा भी कराई। ऐसे ही अन्य बीएलओ को नकद पुरस्कार के साथ उनके तनाव को कम करने के लिए मूवी टिकट भी प्रशासन दे रहा है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को प्रोत्साहित करने के लिए अनूठी पुरस्कार योजना शुरू की गई है। स्नेहलता पटेल को पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से जाय राइड इसी पहल का हिस्सा है।   उन्होंने इस सम्मान के लिए कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और सभी बीएलओ को निष्ठा एवं लगन से कार्य करने का संदेश दिया। स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा के बूथ क्रमांक 52 से 61 तक कुल 10 बूथों के सत्यापन और डिजिटाइजेशन का दायित्व सौंपा गया था। उनके अधीन 7,706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन मंगलवार को पूरा कर लिया गया था। 73.34 फीसदी गणना पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्रों में से 73.34 प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 है। इनमें से अभी तक 14 लाख 12 हजार 151 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। पाटन विधानसभा में 86 प्रतिशत डिजिटाइजेशन शुक्रवार की रात आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार 86.50 प्रतिशत गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ पाटन विधानसभा जिले की आठो विधानसभा क्षेत्रों में पहले स्थान पर है। मतदाताओं से प्राप्त गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में विधानसभा क्षेत्र सिहोरा 85.04 फीसदी के साथ दूसरे तथा विधानसभा क्षेत्र बरगी 84.20 फीसदी गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ जिले में तीसरे स्थान पर है। 78.10 फीसदी के साथ पनागर चौथे, 67.41 फीसदी के साथ उत्तर पांचवें एवं 61.81 फीसदी के साथ कैंट छठे स्थान पर है। वहीं पश्चिम में 59.94 और पूर्व में 59.94 फीसदी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन हुआ है।

ऑस्ट्रेलिया के PM अल्बानीज ने की दूसरी पारी की शुरुआत, 62 वर्ष की उम्र में जोडी हेडन से विवाह

कैनबरा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने 62 साल की उम्र में दूसरी बार शादी की है। उनकी लाइफ पार्टनर और पिछले कई साल से साथ रह रहीं जोडी हेडन अब आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलिया की फर्स्ट लेडी बन गई हैं। यह ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में पहली बार है जब कोई प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए शादी के बंधन में बंधा है। कैनबरा स्थित प्रधानमंत्री आवास 'द लॉज' में आयोजित इस सादगी भरे समारोह में केवल निकटतम परिवार और मित्र ही शामिल हुए। पिछले साल वेलेंटाइन डे पर अल्बनीज ने हेडन को प्रपोज किया था, जिसके बाद से ही इस शादी का इंतजार था। लेकिन समारोह की तारीख और तैयारियों को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में अल्बनीज ने कहा- हम अपने परिवार और सबसे करीबी दोस्तों के सामने एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम और जीवनभर साथ निभाने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए बेहद खुश हैं। जोडी हेडन लंबे समय से अल्बनीज के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती रही हैं। वे 2022 के चुनाव अभियान के दौरान भी उनके साथ थीं, और इस वर्ष मई में उनकी लेबर पार्टी की शानदार जीत के समय भी वे उनके साथ उपस्थित थीं। शादी में हेडन ने सिडनी के डिजाइनर 'रोमांस वाज बॉर्न' का डिजाइन किया हुआ ड्रेस पहना, जबकि प्रधानमंत्री ने MJ Bale का सूट चुना। हेडन की पांच वर्षीय भांजी, एला, फ्लावर गर्ल बनीं, और प्रधानमंत्री के पालतू कुत्ते टोतो ने रिंग बेयरर की भूमिका निभाई। मेहमानों को विली द बोटमैन नाम की ब्रेवरी द्वारा तैयार किए गए विशेष कैन में बीयर परोसी गई, जो सिडनी के इनर वेस्ट इलाके में स्थित है। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन ने स्टीवी वंडर के मशहूर गाने Signed, Sealed, Delivered (I’m Yours) पर हाथों में हाथ डाले गलियारे से बाहर कदम रखा। इसके बाद दोनों ने अपना पहला डांस फ्रैंक सिनात्रा के क्लासिक गीत The Way You Look Tonight पर किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, अल्बनीज और हेडन अब सोमवार से अगले शुक्रवार तक ऑस्ट्रेलिया में ही अपना हनीमून मनाएंगे, जिसके सभी खर्च वे निजी रूप से वहन करेंगे। इस अंतरंग लेकिन ऐतिहासिक शादी ने ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, और देशभर से नवविवाहित जोड़े के लिए शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई है। एंथनी अल्बनीज का परिचय एंथनी अल्बनीज का जन्म 2 मार्च 1963 को सिडनी के डार्लिंगहर्स्ट में एक सिंगल मदर मैरीएने एलरी के घर हुआ था, जो एक आयरिश मूल की ऑस्ट्रेलियाई महिला थीं। उनके पिता कार्लो अल्बनीज एक इतालवी जहाज स्टूअर्ड थे, जिनसे उनकी मां की मुलाकात 1962 में एक जहाज यात्रा के दौरान हुई थी, लेकिन कार्लो वापस इटली लौट गए। बचपन में अल्बनीज को बताया गया कि उनके पिता की मौत कार दुर्घटना में हो गई थी, लेकिन 2009 में उन्होंने अपने पिता से इटली में पहली बार मुलाकात की, जहां उन्होंने अपने दो सौतेले भाई-बहनों की भी खोज की; कार्लो की 2014 में मृत्यु हो गई। गरीबी में पले-बढ़े अल्बनीज को उनकी मां ने काउंसिल हाउसिंग में पाला, जो रूमेटॉइड आर्थराइटिस से पीड़ित थीं और डिसेबिलिटी पेंशन पर निर्भर रहीं। 2000 में एंथनी अल्बनीज ने कैरमेल टेबुट से शादी की, जिनसे उनका बेटा नाथन पैदा हुआ, लेकिन 2019 में उनका तलाक हो गया।