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ट्रम्प ने किया ऐतिहासिक फैसला, बाइडेन के कार्यकाल के अधिकांश एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स रद्द

वाशिंगटन एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े फैसले ने सभी को हैरान कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में जारी किए गए 92% एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को कैंसिल कर दिया है। इसकी जानकारी डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ के जरिए दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि यह सभी ऑर्डर्स ऑटोपेन से साइन किए गए थे, यानी जो भी ऑर्डर्स जारी किए गए थे वे मशीन द्वारा साइन किए गए थे और इस पर जो बाइडेन की मंजूरी नहीं थी। डोनाल्ड ट्रंप के इस बड़े कदम से जो बाइडेन के कई महत्वपूर्ण एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स प्रभावित हुए हैं। इन ऑर्डर्स में पर्यावरण, स्वास्थ्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे बड़े आदेश शामिल थे। इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन को भी निशाने पर लिया और कहा कि अगर जो बाइडेन इन दस्तावेजों पर अपनी सहमति का दावा करेंगे तो उन पर झूठे बयान के आरोप लगेंगे। जो बाइडेन को डोनाल्ड ट्रंप ने सुस्त और चालाक बताया है। जानकारी दे दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने यह फैसला व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स पर हुए हमले के बाद लिया है। यह अवैध रूप से किया गया था: डोनाल्ड ट्रंप दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि ‘जो बाइडेन के ऑटोपेन से साइन किए गए लगभग 92% ऑर्डर्स रद्द किए जाते हैं और ऑटोपेन का इस्तेमाल तभी वैध है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट मंजूरी दी हो। यह अवैध रूप से किया गया था, बिडेन ऑटोपेन प्रक्रिया में शामिल नहीं थे।’ हालांकि ऐसा नहीं है कि जो बाइडेन के सभी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स रद्द कर दिए गए हैं। जो बाइडेन ने अपने कार्यकाल में कुल 162 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स जारी किए थे, लेकिन इनमें से 80 ऑर्डर्स को डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभालने के तुरंत बाद ही रद्द कर दिया था। ये बड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स हो सकते हैं प्रभावित अभी भी जो बाइडेन के कई एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स जारी हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले के बाद अब इन पर भी संकट मंडराने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक अब इन ऑर्डर्स में से कुछ रद्द होने का खतरा है। इनमें एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14087 शामिल है, जो अमेरिका में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों से जुड़ा हुआ है। इस ऑर्डर से ही दवा कंपनियों पर नियंत्रण लगाया जाता है और यह आम नागरिकों को सस्ती दवाएं प्रदान करवाता है। एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14096 प्रभावित हो सकता है। दूसरा एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14096 प्रभावित हो सकता है। यह ऑर्डर पर्यावरणीय न्याय पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य गरीब और अल्पसंख्यक समुदायों को पर्यावरण प्रदूषण से बचाना था। इसके अलावा एक और ऑर्डर प्रभावित हो सकता है, जो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14110 है। इस ऑर्डर के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को लेकर नियम बनाए गए थे, खास तौर पर इसके उपयोग में क्षमता, जोखिम भरे कामों से बचाव और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। अमेरिकी नियमों पर नजर डालें तो कोई भी मौजूदा राष्ट्रपति पूर्व राष्ट्रपति के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स को रद्द, संशोधित और अमान्य करने की पावर रखता है। यानी डोनाल्ड ट्रंप चाहे तो जो बिडेन के इन ऑर्डर्स को रद्द कर सकते हैं और इसके लिए उन्हें ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि कुछ सीमाएं भी हैं, खासकर सजा में माफी और कमी से जुड़े मामलों में ये ऑर्डर्स वापस नहीं लिए जा सकते हैं।

अपराध पर कड़ी चोट: हरियाणा में पुलिस अभियान ने 7,500 अपराधियों को पकड़ा

चंडीगढ़  हरियाणा में अपराध पर नकेल कसने के लिए चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैक डाउन’ के तहत मात्र 22 दिनों में हरियाणा पुलिस ने 3066 कुख्यात अपराधियों सहित कुल 7587 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। हरियाणा की मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत पुलिस ने 305 कुख्यात अपराधियों की पहचान की और 304 को गिरफ्तार कर लगभग 100 प्रतिशत सफलता दर हासिल की। गुरुग्राम में कुल 865 अपराधियों की गिरफ्तारी हुई, जिसमें 74 अपराधी संगठित अपराध से जुड़े थे। अपराध पर और मजबूत पकड़ बनाने के लिए पुलिस ने 81 अपराधियों की हिस्ट्री शीट भी खोली, जिससे भविष्य में अपराधों को रोकने में सहायता मिलेगी। फरीदाबाद-सोनीपत ने दिखाई शानदार सतर्कता इस अभियान में फरीदाबाद ने दूसरे स्थान पर रहते हुए 138 कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा, जबकि सोनीपत ने 106 गिरफ्तारी कर तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा झज्जर में 90 और यमुनानगर में 86 अपराधियों को पकड़ा गया। इन आंकड़ों से साफ है कि अभियान पूरे राज्य में समान तीव्रता और दृढ़ता के साथ चलाया गया। हथियारों और नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार पुलिस ने अपराधियों के हथियार और संसाधनों को भी जब्त किया। अभियान में अब तक 161 देसी कट्टे, 146 पिस्तौल और 537 कारतूस बरामद किए। 12 हजार से से अधिक अवैध शराब की बाेतल, 4.5 किलो हेरोइन, 402 किलो चरस, 397 किलो गांजा भी बरामद हुए हैं। एसटीएफ की रणनीतिक सतर्कता के चलते 2 हैंड ग्रेनेड और एक आईईडी भी पकड़ा गया, जिससे बड़ी वारदात टल गई। 168 करोड़ की अवैध संपत्ति चिह्नित अपराधियों की आर्थिक शक्ति को खत्म करने के प्रयास में पुलिस ने अब तक 201 अपराधियों की लगभग 168 करोड़ की अवैध संपत्तियों की पहचान की गई। लगभग 24 लाख की संपत्ति अटैच की गई है और 21 लाख की संपत्ति नष्ट की गई। 32 करोड़ 32 लाख रुपये की संपत्ति पर कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस मामले में सोनीपत, नूंह, फतेहाबाद और पलवल जिले अग्रणी रहे। अलग-अलग जिलों में कार्रवाई के उदाहरण भिवानी में संगठित गिरोह के चौथे सदस्य अक्षय उर्फ राजपूत की गिरफ्तारी ने वहां के अपराध चक्र को बड़ा झटका दिया। गुरुग्राम में चेन स्नैचिंग गिरोह का दूसरा सदस्य पकड़ा गया। फरीदाबाद में हिमांशु हत्याकांड के मुख्य षड्यंत्रकारी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। अंबाला में गुप्त सूचना के आधार पर अवैध हथियार सहित आदित्य उर्फ हैप्पी को पकड़ा गया।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले में हादसा, अशोकनगर में अधिकारी घायल, वाहन क्षतिग्रस्त

अशोकनगर मध्य प्रदेश के अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफिले की कारें अचानक अनियंत्रित होकर टकरा गईं। इस घटना में अशोकनगर एसडीओपी विवेक शर्मा और अशोकनगर तहसीलदार भारतेंदु यादव घायल हुए हैं। जबकि, काफिले की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं हैं। ये सड़क दुर्घटना शुक्रवार रात शहर में गुना नाके के पास घटी है। केंदीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया चंदेरी महोत्सव का शुभारंभ करने के बाद शहर से होकर जा रहे थे। जिनके साथ वाहनों का बड़ा काफिला था। इसी दौरान अचानक किसी कार के ब्रेक लगे तो एसडीओपी और उसके पीछे तहसीलदार की गाड़ी टकरा गई। इससे हड़कंप मच गया। इस घटना में एसडीओपी और तहसीलदार घायल हुए हैं, उन्हें मामूली चोटें आई हैं। हादसे में काफिले के वाहन छतिग्रस्त कोतवाली प्रभारी रवि प्रतापसिंह चौहान का कहना है कि, अचानक रास्ते पर स्वागत के लिए काफिला रुका तो किसी फॉर्च्यूनर कार से एसडीओपी और उसके पीछे तहसीलदार का वाहन टकरा गया। इससे दोनों को चोट आई हैं। हालांकि, कोतवाली प्रभारी का कहना है कि, हल्की चोट आई हैं। लेकिन फॉर्च्यूनर वाहन किसका था, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। कोई मुंगावली विधायक की बता रहा है तो कोई किसी अन्य अन्य की।

अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर केस का ट्विस्ट, सीडी पेश की गई पर कोई सबूत नहीं

 पुणे पुणे की एमपी/एमएलए विशेष अदालत में गुरुवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान एक अप्रत्याशित घटना सामने आई। दरअसल हिंदू विचारक विनायक दामोदर सावरकर के कथित अपमान से जुड़े इस मामले में मुख्य सबूत के तौर पर एक सीडी पेश की गई थी। लेकिन यह सीडी अदालत में चलाए जाने पर खाली निकली। मामले की सुनवाई मजिस्ट्रेट अमोल शिंदे कर रहे हैं। शिकायत सावरकर के परपौत्र सत्यकी सावरकर ने दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने लंदन में दिए एक भाषण के दौरान सावरकर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। सीलबंद सीडी खुलने पर बढ़ा ड्रामा इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित भाषण का वीडियो एक सीलबंद सीडी में अदालत में पहले ही जमा किया गया था। बताया गया था कि संज्ञान लेते समय यही सीडी अदालत में चलाई गई थी और उसी के आधार पर राहुल गांधी को समन जारी किया गया था। लेकिन गुरुवार को सुनवाई के दौरान जब सीडी खोली और चलाई गई, तो सभी हैरान रह गए। सीडी में कोई डेटा ही नहीं था। यह देख शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर भी चौंक गए। उन्होंने अदालत को याद दिलाया कि इसी सीडी को पहले अदालत ने देखा था और उसी के आधार पर प्रक्रिया चलाई गई थी। यूट्यूब लिंक देखने का अनुरोध खारिज खाली सीडी का खुलासा होने के बाद कोल्हटकर ने अदालत से यूट्यूब पर उपलब्ध भाषण को सीधे देखने की अनुमति मांगी। राहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता मिलिंद दत्तात्रय पवार ने इसका कड़ा विरोध किया और कहा कि ऑनलाइन कंटेंट अपने आप में प्रमाणित नहीं होता। मजिस्ट्रेट शिंदे ने इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए कहा कि यूआरएल को भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के अनुरूप प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं है, इसलिए यह सबूत के रूप में स्वीकार्य नहीं है। धारा 65-बी के तहत किसी भी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को अदालत में सबूत के रूप में मान्य कराने के लिए प्रमाणीकरण प्रमाणपत्र जरूरी होता है। दो और सीडी पेश करने की कोशिश भी नाकाम इसके बाद सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों की विशेष अदालत ने सत्यकी द्वारा दायर उस याचिका को भी नामंजूर कर दिया जिसमें उन्होंने एक अतिरिक्त सीडी चलाने का अनुरोध किया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड में ऐसी कोई सीडी मौजूद नहीं है। कुल मिलाकर 14 नवंबर को सत्यकी की मुख्य जिरह के दौरान सबूत के रूप में पेश की गई वह सीडी चलाई नहीं जा सकी जिसमें दावा किया गया था कि राहुल गांधी ने 2023 में लंदन में आपत्तिजनक भाषण दिया था। जांच में पता चला कि सीडी में कोई डेटा था ही नहीं। सत्यकी सावरकर के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत से सत्यकी सावरकर लिंक चलाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने इसे भी मंजूरी नहीं दी। न्यायिक जांच की मांग, सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित खाली हुई सीडी का रहस्य जानने और न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कोल्हटकर ने स्थगन का अनुरोध किया। पवार ने इसका विरोध किया, लेकिन अंततः अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। इस पूरी घटना ने मामले में नया नाटकीय मोड़ ला दिया है और यह सवाल उठ खड़ा किया है कि पहले चलाई गई सीडी आखिर खाली कैसे हो गई।

तीन जूलर्स पर GST का सख्त रेड, अफसरों ने ग्राहक बनकर पकड़ा कच्चा बिल

सतना  एमपी में सतना जिले के सर्राफा बाजार में शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेट जीएसटी की एंटी इवेज़न ब्यूरो की टीम ने फिल्मी अंदाज में शहर के तीन नामचीन ज्वेलरी शोरूम्स पर एक साथ 'दबिश' दी। अधिकारियों ने पहले ग्राहक बनकर रेकी की और जैसे ही दुकानदारों ने टैक्स चोरी का खेल शुरू किया, पूरी टीम ने दबिश दे दी। यह कार्रवाई हनुमान चौक और फूलचंद चौक स्थित कान्हा ज्वेलर्स, न्यू कान्हा ज्वेलर्स और आनंद आदित्य ज्वेलर्स पर की गई। खुफिया तरीके से की कार्रवाई दरअसल टीम के कार्रवाई का तरीका बेहद खुफिया था। शाम करीब 5 बजे, सादे कपड़ों में कुछ अधिकारी आम ग्राहक बनकर इन शोरूम्स में दाखिल हुए। उन्होंने जेवर पसंद किए और बिलिंग की बात की। जैसे ही शोरूम संचालकों ने जीएसटी बचाने का लालच देते हुए 'कच्चे बिल' पर सामान देने या पक्का बिल न लेने की पेशकश की, अधिकारियों ने बाहर खड़ी अपनी टीम को इशारा कर दिया। देखते ही देखते 24 से ज्यादा अधिकारियों की फौज दुकानों के अंदर दाखिल हो गई और शटर गिराकर जांच शुरू कर दी गई। मेकिंग चार्ज और रिटर्न में बड़ा गोलमाल विभागीय सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी टीम ने होमवर्क करने के बाद यह रेड डाली है। जांच में सामने आया था कि इन प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की भारी भीड़ और करोड़ों के टर्नओवर के बावजूद, सरकारी खाते में जमा किया जा रहा टैक्स रिटर्न ऊंट के मुंह में जीरे के समान था।आरोप है कि ये ज्वेलर्स न केवल सोने-चांदी की बिक्री पर लगने वाले 3% जीएसटी की चोरी कर रहे थे, बल्कि आभूषणों की गढ़ाई (मेकिंग चार्ज) पर लगने वाले टैक्स को भी डकार रहे थे। घर और कारखानों तक पहुंची जांच की आंच जॉइंट कमिश्नर राकेश शाल्वी और डिप्टी कमिश्नर उमेश त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं रहा। तीन अलग-अलग टीमों ने एक साथ ज्वेलर्स के कारखानों और उनके निजी आवासों पर भी दबिश दी। देर रात तक चली इस कार्रवाई में अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, कच्चे पर्चे, लैपटॉप और बिल बुक्स को अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से शहर के अन्य टैक्स चोरों में भी खलबली मची हुई है।  

WPL 2026 Schedule Out: पहला मुकाबला मुंबई बनाम बैंगलोर, देखें पूरा कार्यक्रम और फाइनल डेट

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने वुमेंस प्रीमियर लीग यानी डब्ल्यूपीएल के चौथे सीजन के शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। डब्ल्यूपीएल 2026 का आगाज डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और 2 बार की विजेता मुंबई इंडियंस के बीच 9 जनवरी से खेले जाने वाले मैच से होगा। इस टूर्नामेंट को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग की मेजबानी नवी मुंबई करेगा वहीं दूसरा भाग वडोदरा में खेला जाएगा। WPL 2026 का आगाज 9 जनवरी से होगा और फाइनल 5 फरवरी को खेला जाएगा। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 9-17 जनवरी तक सीजन के पहले 11 गेम खेले जाएंगे। इसके बाद लीग बाकी 11 मैचों के लिए वडोदरा जाएगी, जिसकी शुरुआत गुजरात जायंट्स और RCB के बीच मैच से होगी। लीग फेज 1 फरवरी तक चलेगा। सीजन में सिर्फ़ दो डबल-हेडर दिन (10 और 17 जनवरी) हैं और दोनों में दोपहर के गेम में UP वॉरियर्स शामिल होंगे। दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर 3 फरवरी को खेला जाएगा, और टेबल में टॉप पर रहने वाली टीम सीधे 5 फरवरी को वडोदरा में होने वाले फाइनल में पहुंच जाएगी। WPL 2026 का पूरा शेड्यूल नई मुंबई लेग 9 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 10 जनवरी: UP वॉरियर्स बनाम गुजरात जायंट्स 10 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स 11 जनवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जायंट्स 12 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम UP वॉरियर्स 13 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जायंट्स 14 जनवरी: UP वॉरियर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स 15 जनवरी: मुंबई इंडियंस बनाम UP वॉरियर्स 16 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम गुजरात जायंट्स 17 जनवरी: UP वॉरियर्स बनाम मुंबई इंडियंस 17 जनवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वडोदरा लेग 19 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 20 जनवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस 22 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम UP वॉरियर्स 24 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम दिल्ली कैपिटल्स 26 जनवरी: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम मुंबई इंडियंस 27 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स 29 जनवरी: यूपी वॉरियर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 30 जनवरी: गुजरात जायंट्स बनाम मुंबई इंडियंस 1 फरवरी: दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्स  

Being’ फिल्म को मिला बेस्ट विज़ुअल्स का सम्मान, इंडीवुड ने सिनेमा एआई हैकाथॉन में दिखाई कला

H इंडीवुड की फिल्म ‘Being’ को 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के सिनेमा एआई हैकाथॉन में बेस्ट विज़ुअल्स का अवॉर्ड मुंबई  इंडीवुड की एआई-जनरेटेड फिल्म बींग ‘Being’ ने 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के सिनेमा एआई हैकाथॉन 2025 में बेस्ट विज़ुअल्स फिल्म का अवॉर्ड अपने नाम किया। दुनिया भर से आए 500 से अधिक प्रविष्टियों में से चुनकर दिया गया यह सम्मान इंडीवुड के रचनात्मक सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और एआई-चालित सिनेमा में उसकी औपचारिक एंट्री को मजबूत करता है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह द्वारा नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएफडीसी) के साथ मिलकर आयोजित यह सिनेमा एआई हैकाथॉन देश का पहला ऐसा प्रमुख मंच रहा, जिसने फिल्म निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रचनात्मक संभावनाओं को प्रदर्शित किया। इस प्रतियोगिता में 18 देशों के 500+ क्रिएटर्स ने हिस्सा लिया। 48 घंटे की इस चुनौती में शीर्ष 10 टीमों को कार्यक्रम स्थल पर ही बताए गए एक रहस्यमयी विषय पर 2 मिनट की फिल्म बनानी थी। भारत के पहले एआई फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा रहे इस आयोजन ने IFFI 2025 में तकनीक और रचनात्मकता के अनोखे संगम को प्रदर्शित किया। उत्तरी केरल की धुंध से ढकी वादियों में आधारित ‘Being’ एक ऐसी बाल्यकालिक स्मृति की गूंज को दर्शाती है, जिसने हमेशा के लिए एक जीवन को बदल दिया। बचपन में फिल्म का पात्र ‘ओरेकल’ से डरता है—एक ऐसा रहस्यमयी रूप जो दादी की चेतावनियों, लोककथाओं और मंदिर के नगाड़ों की गूंज से बना था। उसके सपनों में यह ओरेकल लाल रंग में लिपटा नजर आता था, जो बरगद की जड़ों के बीच फुसफुसाहट की तरह सरकता था। फिल्म की भावनात्मक प्रेरणा बचपन में कुम्माटी आकृतियों से जुड़े भय और बड़े होकर उसे नए नजरिये से समझने की

उदित राज का दिल्ली ब्लास्ट बयान वायरल, कांग्रेस नेता ने घटनाक्रम को बताया ‘आतंकियों का जलवा’

नई दिल्ली अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों और विवादों में रहने वाले कांग्रेस नेता उदित राज ने आतंकी हमलों को दहशतगर्दों का 'जलवा' करार दिया है। उदित राज ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी कहा जाता है कि आतंकवाद को दफन कर दिया, तब-तब आतंकवादी अपना कुछ जलवा दिखा देते हैं। उन्होंने दिल्ली धमाके का जिक्र करते हुए यह बात कही। 10 नवंबर की शाम लाल किले के पास i20 कार में हुए जोरधार धमाके में हमलावर समेत 15 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 बुरी तरह घायल हो गए। धमाके को डॉक्टरों के एक आतंकी मॉड्यूल ने अंजाम दिया। जम्मू-कश्मीर के रहने वाले एक डॉक्टर आतंकी उमर नबी ने फिदायीन हमला किया था। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़े सवाल के जवाब में उदित राज ने कहा, 'क्या गलत कह रहे हैं, स्टेटहुड का प्रॉमिश था। कई बार बेईमानी हो रही है, लूट रहे हैं वहां। लूटने के लिए ही रखा गया है। संभल तो रहा नहीं है। अभी कश्मीर में भी बम ब्लास्ट हुआ था, जब भी यह कहते हैं कि हमने आतंकवाद को दफन कर दिया पाकिस्तान में घुसकर मारा तब आतंकवादी कुछ ना कुछ अपना जलवा दिखा देते हैं।' 'जलवा' कह जाने के बाद खुद को संभालते हुए उदित राज ने अपना वाक्य बदला और कहा कुछ ना कुछ आतंकवादी गतिविधि करके दिखा देते हैं कि तुम्हारी बात में दम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘(मोदी सरकार ने) कुछ दिन पहले ही कहा था कि देखो जम्मू कश्मीर के बाहर देश में कहीं आतंकवादी हमला नहीं हुआ, धड़ाक से लाल किला में बम ब्लास्ट करके दिखा दिया। पहले भी यही कहते थे कि कश्मीर में आतंकवाद का सफाया हो गया, पहलगाम करके दिखा दिया।’

इमरान खान के सहयोगियों में आक्रोश: ‘आसिम लॉ’ और शहबाज की कथित Puppetry पर भड़के नेता

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इमरान खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में बेहद खराब परिस्थितियों में रखे जा रहे हैं और उन्हें लगभग पूरी तरह से अकेलेपन में रखा गया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया है कि खान को कई बार मारा गया है, हाई-इंटेंसिटी कॉन्फाइनमेंट में रखा गया है और हफ्तों से उनका परिवार या कानूनी टीम उनसे मिल नहीं पाई है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र डॉ. सलमान अहमद ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने वहां के शासन-प्रशासन को सेना प्रमुख और नवनियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की कठपुतली करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुनीर के इशारे पर जानबूझकर इमरान खान को यातना दी जा रही है। डॉ. अहमद ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान वर्तमान में असीम लॉ के तहत काम कर रहा है, जहां सेना प्रमुख का अधिकार संवैधानिक और न्यायिक ढांचे को दरकिनार करता है। डॉ. अहमद का दावा है कि देश के मुख्य लोकतांत्रिक संस्थान पूरी तरह से समझौता किए गए हैं। संसद, न्यायपालिका, पुलिस और सरकार सब आसिम मुनीर द्वारा नियंत्रित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को आसिम मुनीर की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इन लोगों के पास नाममात्र की शक्ति है। हाल ही में पारित 27वें संवैधानिक संशोधन को आलोचकों ने संवैधानिक तख्तापलट बताया है। इस संशोधन ने जनरल मुनीर को जीवन भर के लिए प्रतिरक्षा प्रदान की है, उन्हें फील्ड मार्शल का पद दिया है और उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के रूप में सभी तीनों सेनाओं और परमाणु शस्त्रागार पर अभूतपूर्व नियंत्रण दिया है। डॉ. अहमद के हमले का मुख्य केंद्र अडियाला जेल में इमरान खान की लंबी हिरासत और उनके साथ किया गया व्यवहार था। उन्होंने आरोप लगाया कि आसिम मुनीर इमरान खान को यातना देकर पानी माप रहे हैं और जेल में पहले दिन से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान की लगातार कैद केवल सेना प्रमुख के इमरान खान की अतुलनीय लोकप्रियता के गहरे डर को दर्शाती है, भले ही उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर गंभीर सरकारी कार्रवाई हुई हो। डॉ. अहमद ने कहा कि इमरान खान एक राजनीतिक बंदी हैं, लेकिन उन्हें एक कैदी के अधिकार भी नहीं दिए जाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के अधिकार तो भूल ही जाइए। परिवार को क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा? इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने CNN-News18 से कहा कि सरकार इस मुद्दे को बेवजह बड़ा बना रही है. ‘हमसे मिलने देने में दिक्कत क्या है? अगर वे मिलने देते तो ये तमाम अटकलें खत्म हो जातीं,’ उन्होंने कहा. अलीमा का दावा है कि वे नहीं मानतीं कि पाकिस्तान की सत्ता संरचना इमरान खान को शारीरिक नुकसान पहुंचाएगी, लेकिन सरकार का यह रवैया जनता में गुस्सा बढ़ा रहा है. क्या हालत सच में खराब है? PTI सूत्रों के मुताबिक इमरान खान की शारीरिक स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है. यह गिरावट लगातार दबाव, खराब जेल परिस्थितियों और पूरी तरह सीमित बातचीत के कारण हो रही है. पहले KP के मुख्यमंत्री उनसे मिल पाते थे, लेकिन अब उन मुलाकातों को भी रोक दिया गया है. सूत्रों का दावा है कि जो भी सेहत को लेकर अपडेट दिया जा रहा था, वह वास्तविक स्थिति को छिपाने के लिए था. क्या सड़कों पर विरोध शुरू हो सकता है? अलीमा खानम का कहना है कि जनता का गुस्सा अब फूटने वाला है. उन्होंने कहा, ‘ये होना ही है. सवाल कब का है. अगर इमरान खान की बहनों ने खुलकर बातें बताईं तो पूरे पाकिस्तान में विरोध भड़क सकता है’. परिवार अब कोर्ट में याचिका दायर कर रहा है कि इमरान खान को तुरंत कोर्ट के सामने पेश किया जाए.

गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त

बिना चिंता कराएं इलाज, सरकार करेगी भरपूर आर्थिक मदद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त गोरखनाथ मंदिर में 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया कि वह बिना चिंता किए उच्चीकृत अस्पतालों में इलाज कराएं, सरकार उनकी भरपूर आर्थिक मदद करेगी। उपचार में जो भी धनराशि खर्च होगी, उसकी व्यवस्था सरकार करेगी। सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार देर शाम गोरखपुर पहुंचे थे।  गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद शनिवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। उन्होंने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पारिवारिक मामलों के निस्तारण में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठाकर संवाद करने को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है तो उसे तत्काल योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कई लोग (खासकर महिलाएं) स्वयं या परिजनों के गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। एक बिटिया ने अपनी मां के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मनुहार की तो सीएम योगी ने कहा, चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी। अन्य लोगों को भी उन्होंने इसी आत्मीयता से भरोसा दिया कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी।