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राजभाषा दिवस पर भव्य समारोह: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बोले— जल्द ही आठवीं अनुसूची में शामिल होगी छत्तीसगढ़ी भाषा

रायपुर : छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में भव्य समारोह आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी भाषा जल्द ही शामिल होगी: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रायपुर छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के अडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, संचालक संस्कृति एवं राजभाषा विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीगढ़िया तरीके से खुमरी पहना कर किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी अतिथियों ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी में दिया। छत्तीसगढ़ी में उद्बोधन देते हुए मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने के लिए पूर्व में प्रयास हो चुके हैं तथा अब पूरी तैयारी के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली छत्तीसगढ़ी की विविधता पर जोर देते हुए प्रसिद्ध कहावत ‘‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर बानी‘‘ का उल्लेख किया तथा सभी बोलियों को समाहित कर भाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने साहित्यकारों को उनके छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मंत्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सेल्फी प्वाइंट पर अपनी सेल्फी भी ली। छह साहित्यकारों का सम्मान, 13 पुस्तकों का विमोचन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति योगदान हेतु पद्म धर्मपाल सैनी (जगदलपुर), सरला शर्मा (दुर्ग), एस.पी. जायसवाल (सरगुजा), हेमलाल साहू निर्माेही (दुर्ग), डॉ. प्रकाश पतंगीवार (रायपुर) तथा काशी साहू (बिलासपुर) को मुख्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें ‘‘आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी‘‘ प्रधान संपादक डॉ. अभिलाषा बेहार, संपादक डॉ. सुधीर शर्मा, ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग प्रांतीय सम्मेलन 2024 की स्मारिका‘‘, सदाराम सिन्हा ‘स्नेही‘ कृत ‘‘सूरूज खड़े मुहाटी म‘‘, स्व. नोहरलाल साहू ‘अधमरहा‘ कृत ‘‘हाना के तराना‘‘, मकसूदन साहू कृत ‘‘बरीवाला‘‘, अरविंद मिश्र कृत ‘‘छत्तीसगढ़ी शब्द सामरथ‘‘, डॉ. राघवेन्द्र दुबे कृत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी‘‘, डॉ. किशन टण्डन कृत ‘‘भुंइयां के भगवान‘‘, जमुना प्रसाद चौहान कृत ‘‘मया के खोंदरा‘‘, डॉ. नरेन्द्र वर्मा कृत ‘‘मैं बेटा किसान के‘‘, डॉ. विवेक तिवारी कृत ‘‘हमर परियावरन‘‘, स्व. भूषण लाल परगनिहा कृत ‘‘ गउ रामायन‘‘, विकास कश्यप कृत ‘‘एक दिया‘‘, बलराम मिर्झा कृत ‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘‘ और मती आशा झा कृत ‘‘मया भरे आंखी‘‘ प्रमुख हैं। कविता पाठ, गोष्ठी और प्रदर्शनी से सजा समारोह कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी, साहित्यकारों द्वारा कविता पाठ, आठवीं अनुसूची हेतु चर्चा गोष्ठी आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों ने कविता पाठ से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। यह समारोह छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में मील का पत्थर साबित हुआ।

आधार अपडेट: UIDAI ने पेश किए नए नियम, जानें क्या हुआ बदलाव

 नई दिल्‍ली आधार जारी करने वाली संस्‍था UIDAI ने आधार नामांकन और आधार में सुधार को लेकर कुछ नियमों में बदलाव कर दिया है. इस बदलाव से आधार कार्ड बनवाने वाले और अपडेट कराने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं. इस नियम को  Third Amendment Regulations, 2025 के तहत नोटिफाई किया गया है.  नए नियमों के तहत डॉक्‍यूमेंट्स को अपडेट किया गया है, जिसका इस्‍तेमाल पहचान, एर्डेस, रिलेशन या डेट ऑफ बर्थ के प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है. यूआईडीएआई ने यह बदलाव बच्‍चों, युवाओं और सीनियर सिटीजन के सभी आयु वर्गों के लिए किया है.  अगर आप भी अपने आधार कार्ड को अपडेट कराने या बनवाने जा रहे हैं तो इन डॉक्‍यूमेंट्स के बारे में जान लीजिए.  नाम बदलने के लिए डॉक्‍यूमेंट्स  UIDAI ने नाम सुधारन के लिए कई रह के पहचान को अप्रूव किया है. इसमें पासपोर्ट सबसे भरोसेमंद डॉक्‍यूमेंट के तौर पर होता है. इसमें आपकी फोटो, नाम, डेट ऑफ बर्थ और एड्रेस एक साथ दर्ज होते हैं. इसके अलावा PAN कार्ड, वोटर ID (EPIC), ड्राइविंग लाइसेंस, सरकारी पहचान पत्र और विवाह प्रमाण पत्र भी नाम में अपडेट कर सकते हैं. एड्रेस के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट एड्रेस प्रूफ के लिए यूआईडीएआई ने बहुत से डॉक्‍यूमेंट्स को मान्‍य किया है . इसमें पासपोर्ट, बैंक पासबुक/बैंक स्टेटमेंट (अपडेटेड), बिजली-पानी-गैस के बिल (तीन महीने के भीतर जारी) शामिल हैं. किराए पर रहने वाले नागरिग, रेंट एग्रीमेंट दे सकते हैं. साथ ही हाउस या प्रॉपर्टी टैक्‍स की रसीद, आईडी कार्ड, राशन कार्ड भी दे सकते हैं.  डेट ऑफ बर्थ के लिए डॉक्‍यूमेंट जन्‍मतिथि अपडेट कराने के लिए नागरिकों के अभी बहुत से डॉक्‍यूमेंट देने होते हैं, जिसमें आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, या 10वीं-12वीं की मार्कशीट शामिल हैं. फिजिकल पैन कार्ड भी दिया जा सकता है. ई-पैन योग्‍य नहीं माना जाता है.  अब क्‍या हुआ बदलाव?  यूआईडीएआई ने नए नियम में जो बदलाव किया है, उसके मुताबिक अब  एक ही दस्तावेज जिसमें फोटो, नाम और पता तीनों हैं, आधार अपडेट के लिए पर्याप्‍त माना जाएगा. पहले अलग-अलग प्रमाण देना जरूरी होता था, लेकिन अब एक ही डॉक्‍यूमेंट से प्रॉसेस पूरा किया जा सकता है. नाम बदलना, एड्रेस चेंज, डेट ऑफ बर्थ अपडेट करना या रिलेशन जोड़ना, ये सभी काम अब एक ही डॉक्‍यूमेंट से बदले जा सकते हैं.  आधार कैसे अपडेट कर सकते हैं?      अगर आप आधार अपडेट करना चाहते हैं तो सबसे पहले सही डॉक्‍यूमेंट्स को तैयार रखना होगा.      अब नजदीकी आधार सेंटर्स या ऑनलाइन के लिए माई आधार ऐप पर जाना होगा.      यहां आप अपने डॉक्‍यूमेंट के साथ अपडेट करने वाला फार्मा भरकर जमा कर सकते हैं.      अगर डॉक्‍यूमेंट सही हुए तो आपका आधार कार्ड अपडेट हो जाएगा.   

उमरीखेड़ा मनोरंजन पार्क में नाइट स्टे शुरू, इंदौर के नजदीक खास अनुभव

 इंदौर  इंदौर शहर से महज दस किमी दूर 190 हेक्टेयर में फैले उमरीखेड़ा मनोरंजन पार्क से पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब यहां नाइट स्टे की सुविधा शुरू कर दी गई है। रात में ठहरने को लेकर वन विभाग ने ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी। इसके अंतर्गत पहली बुकिंग 29 नवंबर के लिए की गई है। जब पर्यटक खुले आसमान के नीचे प्रकृति के बीच रात बिता सकेंगे। पार्क में नाइट स्टे के लिए तीन तरह की सुविधाएं तैयार की गई हैं, जिसमें मड हाउस, स्विस टेंट और सामान्य टेंट शामिल है। इन सभी की दरें वन विभाग मुख्यालय ने तय कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि पर्यटकों को दो दिन पहले बुकिंग करवाना अनिवार्य होगा। नाइट स्टे के साथ ही आगंतुक मालवा और निमाड़ के पारंपरिक व्यंजनों का भी स्वाद ले सकेंगे, जो अनुभव को और खास बनाएगा। पार्क में सुंदर पैदल ट्रैक भी बनाया गया पार्क अप्रैल में पर्यटकों के लिए खोला गया था। इसी दौरान इंदौर वनमंडल ने रुकने की सुविधाएं तैयार कर ली थीं और उनकी दरों का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा था। दरें तय करने में कुछ महीनों का समय लगा और आखिरकार अक्टूबर में मंजूरी मिली। मंजूरी मिलते ही बुकिंग शुरू हुई और पहली बुकिंग भोपाल के पर्यटकों द्वारा कराई गई। पार्क में एक सुंदर पैदल ट्रैक भी बनाया गया है, जहां सुबह और शाम प्रकृति की शांति का आनंद लिया जा सकता है। साथ ही वन्यजीवों को भी नजदीक से देखने को मौका मिलेगा। वनमंडल अधिकारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि नाइट स्टे शुरू होने के बाद पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। दिसंबर के लिए भी कई पर्यटक मड हाउस बुक करवा चुके हैं। यह रहेंगी नाइट स्टे की दरें     मड हाउस (नान एसी) : 1500 रुपये     ठहरना और दोपहर-रात का भोजन : 3000 रुपये     स्विस टेंट (नान एसी) : 1500 रुपये     ठहरना, चाय-नाश्ता व दोपहर-रात का भोजन : 3000 रुपये     सामान्य टेंट : 750 रुपये     प्रवेश शुल्क, भोजन व अन्य एडवेंचर एक्टिविटी : 350 रुपये  

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आईएएस अधिकारियों का पलायन, 4 अब भी प्रयासरत

भोपाल   मध्य प्रदेश में क्या वजह है कि आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने में रुचि दिखा रहे हैं। पिछले एक साल में 17 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए, केवल तीन ही वापस लौटे और वर्तमान में चार प्रयासरत हैं। हाल ही में केंद्रीय कार्मिक विभाग ने एक और आईएएस अधिकारी अविनाश लवानिया की केंद्र में प्रतिनियुक्ति का आदेश जारी किया है। इसके अलावा, सचिव स्तर के चार अधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, श्रीमन शुक्ला और जॉन किंग्सले भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए प्रयासरत हैं। जो अधिकारी पहले ही प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में जा चुके हैं, उनमें प्रीति मैथिल, प्रियंका दास, सोफिया वली फारुकी, तरुण पिथोड़े, अजीत कुमार, चंद्रमोहन ठाकुर, पंकज जैन, नीरज सिंह, तन्वी सुंदरियाल, प्रवीण सिंह अढ़ायच, निकुंज श्रीवास्तव, ज्ञानेश्वर पाटिल, पवन शर्मा, बक्की कार्तिकेयन, हर्ष दीक्षित और अनुराधा पी. शामिल है। राज्य में वापस लौटे तीन अधिकारी विशेष गढ़पाले, आशीष भार्गव और रूही खान हैं। मंत्रियों और विधायकों के कामकाज की गहन समीक्षा डॉ. मोहन यादव के मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल को 12 दिसंबर को दो वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। इसी संदर्भ में संगठन और सत्ता के शीर्ष स्तर पर मंत्रिमंडल के सदस्यों की कार्य पद्धति को लेकर गहन समीक्षा चल रही है। संगठन और सत्ता के शीर्ष स्तर पर पिछले दो वर्षों में उनके विभाग का कामकाज, व्यवहार और छवि को लेकर विशेष समीक्षा की जा रही है। प्रभार के जिलों में मंत्रियों के कार्यों का क्या सकारात्मक परिणाम निकला यह भी परखा जा रहा है। इसी तरह से पार्टी के विधायकों की भी संभाग स्तर पर समीक्षा हो रही है। पार्टी के उच्च स्तर से मिली जानकारी के अनुसार इसी समीक्षा के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार में विधायकों को शामिल किया जाएगा और खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को बाहर किया जाएगा। जनसंपर्क कर्मियों की कलम बंद हड़ताल स्थगित राज्य शासन के एक आदेश के बाद जनसंपर्क विभाग के सभी अधिकारी- कर्मचारी उसका विरोध करते हुए कलम बंद हड़ताल पर चले गए थे। आयुक्त जनसंपर्क के आश्वासन के बाद फिलहाल इसे स्थगित कर दिया गया है। दरअसल विभाग के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को जनसंपर्क संचालनालय भोपाल में अपर संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आग्रह शासन से किया है और कहा है कि जब तक यह आदेश निरस्त नहीं हो जाता तब तक प्रदेश के सभी अधिकारी कर्मचारी कलम बंद हड़ताल पर रहेंगे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनसंपर्क विभाग सरकार की नीतियों को संवेदनशील और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाते हैं। यह विभाग सरकार की छवि बनाने के लिए कार्य करता है। यहां प्रशासन के बजाय कार्य की प्रकृति और संस्कृति अलग तरह की है। ऐसे में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गणेश जायसवाल की पदस्थापना ने कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं। लेकिन आज दिन में आयुक्त जनसंपर्क से तीन सत्रों में हुई बैठक और आश्वासन के बाद जनसंपर्ककर्मियों ने फिलहाल हड़ताल को स्थगित कर दिया है।  

विश्व बैंक की मदद से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना पूरी, कुल लागत 237 करोड़ रुपये

विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा, परियोजना लागत 237 करोड़ रूपये भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट द्वारा विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा कर लिया गया है। परियोजना की कुल लागत 237 करोड़ रुपये है, जिसमें इसके 10 वर्षों के संचालन और रखरखाव का खर्च भी शामिल है। परियोजना के तहत शहर में 28 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है और 271 किलोमीटर का सीवरेज नेटवर्क बिछाया गया है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से छिंदवाड़ा की 2 लाख से अधिक आबादी को लाभ हो रहा है। आधुनिक तकनीक से तैयार सीवरेज प्लांट में मलजल के शोधन के बाद निकले जल का सिंचाई और अन्य कार्यों में पुन: उपयोग किया जा रहा है। सीवरेज प्लांट के बन जाने से शहर की स्वच्छता में सुधार हुआ है। अब नगर का मलजल सीधे नदियों में पूरी तरह से न मिलने पर सफलता मिली है। सीवरेज प्लांट के निर्माण से शहर के पर्यावरण संरक्षण को और भी मदद मिली है। आधार बेस अटेंडेंस पर प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्‍पनी के मुख्‍यालय में आधार बेस अटेंडेंस सिस्टम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में कंपनी में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को आधार बेस अटेंडेंस सिस्टम की तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस प्रणाली के लागू होने से गुड गवर्नेंस के साथ कंपनी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आई है। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीनतम डिजिटल सत्यापन तकनीक से परिचित कराना तथा कार्यक्षमता को मजबूत करना था। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।  

स्थानीय से वैश्विक तक की यात्रा: विकसित भारत 2047 पर बोले नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने का रास्ता वोकल फॉर लोकल से होकर ही गुजरेगा। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश में बनी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग होगा और लोकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत 2047 और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाकर तथा ट्रेन में मौजूद यात्रियों से संपर्क कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पत्रक वितरित किए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं–13वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल 11 वर्षों में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकल उत्पादों के उपयोग, उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता को अपनाने से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में विश्वास रखा उन्होंने रेलवे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे हैं। चंडीगढ़, पंचकूला रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है। यह अभूतपूर्व विकास का उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार में विश्वास रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है। हादसे पर जताया गहरा दु:ख, कहा—लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत खिलाड़ी हार्दिक राठी की मृत्यु के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। खेल विभाग और प्रशासन को लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी प्रदेश का गौरव हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। सरकार ने पूरे प्रदेश के स्टेडियमों में लगे खेल उपकरणों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है। संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करें पंजाब सीएम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा हरियाणा को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी द्वारा एक महीने में पंजाब से नशा खत्म करने का वायदा कर सरकार तो बना ली, लेकिन हालात कैसे हैं वो सबके सामने हैं। नशे की वजह से पंजाब के युवा बर्बाद हो रहे हैं, अपराध भी बढ़ रहा है। बजाय, उस पर कुछ करने के पंजाब सीएम केवल राजनीति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख परंपरा का सम्मान बढ़ाया एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख परंपरा, गुरुओं की शिक्षाओं और उनके पवित्र स्थलों के सम्मान में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित लाने और करतारपुर कॉरिडोर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके प्रयासों से संभव हो सके हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस केवल भ्रामक प्रचार कर समाज में विभाजन पैदा करने में लगे रहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।

हलवारा एयरपोर्ट को लेकर जनमांग तेज, फैसला अब CM मान के कोर्ट में

लुधियाना  यूनाइटिड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसो. के पूर्व चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि हलवारा एयरपोर्ट को तुरंत प्रभाव से शुरू करवाया जाए। लुधियाना को आज इस एयरपोर्ट की बहुत सख्त जरूरत है। पहले ही लुधियाना एयरपोर्ट न होने की वजह से विश्व बाजार से पिछड़ चुका है अब अगर यह एयरपोर्ट जल्द शुरू न हुआ तो लुधियाना का नाम विश्व बाजार से काफी पीछे हो जाएगा। लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का प्रोजैक्ट काफी समय से लंबित रहने से उद्योग जगत और जन साधारण को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विश्वकर्मा ने पत्र में लिखा है कि इंडस्ट्री हलवारा एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने का बड़ी उत्सुकता से इंतजार कर रही है जिससे एयर कनैक्टीविटी बनने से उद्यमियों और निवेशकों को भारी राहत मिलेगी। पंजाब के इंडस्ट्रीयल हब में एयरपोर्ट के अभाव में बिजनैस ग्रोथ प्रभावित होने के साथ निवेश की संभावनाएं घट रही हैं। विश्वकर्मा ने यह भी लिखा कि हलवारा एयरपोर्ट का लुधियाना के इंडस्ट्रीयल सैक्टर के लिए विशेष रणनीतिक महत्व है और एयरपोर्ट आप्रेशनल होने से उद्योगपतियों के लिए सफर आसान होने के अलावा पंजाब में निवेशक भी आकर्षित होंगे, जिससे राज्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता में भी मजबूती आ सकेगी। 

द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द मुहर लग सकती है

नई दिल्ली  वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का पहला चरण इस साल के अंत तक पूरा हो सकता है, क्योंकि दोनों देशों आपस के ज्यादातर मुद्दों को सुलझा लिया है। अग्रवाल के मुताबिक, भारत इस कैलेंडर ईयर में अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते को लेकर देश आशावादी है। हालांकि, अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर भारत कोई समझौता नहीं कर सकता है। राष्ट्रीय राजधानी में फिक्की की 98वीं वार्षिक आम बैठक और वार्षिक सम्मेलन में वाणिज्य सचिव ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उनकी प्रतिबद्धता है कि 2025 तक भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते का पहला चरण पूरा हो जाए और अब चीजें काफी आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय बीटीए के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर भी लंबी बातचीत हुई है। भारत अमेरिका के साथ दो फ्रंट पर बातचीत कर रहा है। पहला -द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए और दूसरा- रेसिप्रोकल टैरिफ हटाने को लेकर। अग्रवाल ने कहा कि जब अमेरिका की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ हटा दिए जाएंगे, तो यह व्यापार समझौता भारतीय निर्यात के लिए लाभदायक होगा। अग्रवाल ने गुरुवार को संसदीय स्थायी समिति को बताया कि अमेरिका को भारत का निर्यात बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश बीटीए पर नियमित रूप से वर्चुअल वार्ता कर रहे हैं और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के सकारात्मक संकेत दे चुके हैं, जिससे यह उम्मीद जगी है कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि वह भारत पर लगाए गए "टैरिफ" को "कम" करने की योजना बना रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि व्यापार वार्ता में जल्द ही कोई सफलता मिल सकती है।

न्यूमरेशन फॉर्म वितरण में रिकॉर्ड— 99.43% कवर हुए, चुनाव आयोग का दावा

नई दिल्ली  देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है। यह अभियान 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है और अभी करीब एक सप्ताह शेष है यानी मतदाता अपने फॉर्म आसानी से जमा कर सकते हैं ताकि उनकी जानकारी सही तरीके से मतदाता सूची में अपडेट हो सके। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विवरण के अनुसार अंडमान-निकोबार में 99.99 प्रतिशत से अधिक वितरण के साथ लगभग 76.28 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 99.51 प्रतिशत फॉर्म वितरण के साथ 77.80 प्रतिशत फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है। गुजरात ने 99.80 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 81.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हासिल किया है। मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन 86.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोवा में 92.69 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत और राजस्थान में प्रतिशत फर्म डिजिटाइज हो चुका है। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश में 99.72 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं, साथ ही 54.97 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने भी 87.91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है। यह अभियान 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में समान रूप से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान में 5,32,828 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 11,40,598 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों से अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने की अपील भी की है ताकि प्रक्रिया और पारदर्शी बने। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर दें ताकि आगामी मतदाता सूची में उनकी सभी जानकारियां सही-सही दर्ज हो सकें। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह चरण अब अपने निर्णायक दौर में है और आयोग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डिजिटाइजेशन का आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।

ये सिर्फ कागज़ नहीं!– गवर्नर के फैसले पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, क्यों सुनाई खरी-खरी?

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल के गवर्नर की इस बात के लिए आलोचना की कि वह सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सुधांशु धुलिया की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने में देरी कर रहे हैं। कोर्ट ने पूछा कि राज्य में APJ अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ डिजिटल साइंसेज इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी के वाइस चांसलर की नियुक्ति में देरी क्यों की जा रही है, जबकि जस्टिस धूलिया ने इस पर अपनी रिपोर्ट बहुत पहले जमा कर दी थी। जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि केरल के राज्यपाल से जस्टिस धूलिया कमेटी की सिफारिशों पर जल्द ही फैसला लेने की उम्मीद है।   दरअसल, शीर्ष अदालत ने अगस्त में, राज्य सरकार और चांसलर (गवर्नर) के बीच चल रहे गतिरोध को देखते हुए कुलपति नियुक्ति के लिए नामों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए जस्टिस धूलिया की अगुवाई में एक सर्च कमेटी बनाई थी। जस्टिस धूलिया ने अपनी रिपोर्ट पहले ही जमा कर दी है लेकिन उस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने चांसलर यानी गवर्नर को यह भी निर्देश दिया था कि वे मुख्यमंत्री की सलाह के अनुसार ही कुलपतियों की नियुक्ति करें। मामला क्या? कोर्ट का यह आदेश गवर्नर द्वारा टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के चांसलर के तौर पर दायर एक स्पेशल लीव पिटीशन पर आया था, जिसमें केरल हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें राज्य सरकार की सिफारिश के बिना यूनिवर्सिटी के टेम्पररी वाइस चांसलर की गवर्नर द्वारा नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, केरल सरकार ने जस्टिस पारदीवाला की बेंच के सामने यह मामला उठाया। राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता ने बेंच को बताया कि जस्टिस धूलिया आयोग ने रिपोर्ट सौंप दी है, बावजूद इसके कुलाधिपाति यानी चांसलर (गवर्नर) ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है। क्या चांसलर ने जस्टिस धूलिया की रिपोर्ट देखी है? इस पर जस्टिस पारदीवाला ने पूछा, "क्या चांसलर ने माननीय जस्टिस धूलिया की रिपोर्ट देखी है?" जब गवर्नर के वकील ने 'नहीं' में जवाब दिया, तो जस्टिस पारदीवाला नाराज हो गए। उन्होंने पूछा, "उन्होंने अभी तक इसे क्यों नहीं देखा?" लाइव लॉ के मुताबिक, इसके बाद जस्टिस पारदीवाला ने चांसलर के वकील से कहा कि वे निर्देश लेने के बाद बताएं कि फैसला कब तक लिया जा सकता है। जब वकील ने आगे दलीलें देनी चाहीं, तो जस्टिस पारदीवाला ने उन्हें रोक दिया और कहा, "यह सिर्फ एक साधारण कागज का टुकड़ा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व जज ने इसकी जांच की है। इसलिए आपको रिपोर्ट देखनी है और समय पर सही फैसला लेना है।" जस्टिस पारदीवाला ने कहा, "हमें उम्मीद है कि आप जल्द फैसला लेंगे। जब फैसला हमारे सामने रखा जाएगा, तो हम तय करेंगे कि फैसला सही है या गलत।" इसके बाद उन्होंने मामले को अगले शुक्रवार के लिए टाल दिया।