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भूमि खरीददारों के लिए खुशखबरी! योगी सरकार ने शुरू की घर बैठे सुविधा

जलालपुर, अंबेडकर नगर जमीन खरीदने-बेचने से जुड़े लोगों के लिए बड़ी सुविधा प्रदान की है। सरकार ने दाखिल-खारिज (प्रॉपर्टी म्यूटेशन) की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन कर दिया है। पहले यह काम राजस्व विभाग के दफ्तरों में जाकर ही होता था, जहाँ लंबी लाइनें, कई चक्कर और कागजी औपचारिकताओं के कारण आवेदकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह पूरा सिस्टम डिजिटलाइजेशन होने से लोग घर बैठे ही जमीन को अपने नाम दर्ज करा सकेंगे। दाखिल-खारिज वह कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति द्वारा खरीदी गई जमीन को सरकारी अभिलेखों में उसके नाम चढ़ाया जाता है। जमीन की खरीद के बाद नामांतरण बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे ही व्यक्ति को भूमि पर कानूनी स्वामित्व प्राप्त होता है और आगे किसी विवाद या खतौनी से संबंधित कार्य में सुविधा मिलती है। सरकार ने बताया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज सुविधा शुरू होने के बाद अब न तो किसी को तहसील के चक्कर लगाने होंगे और न ही किसी बिचौलिए पर निर्भर रहना पड़ेगा। आवेदक सरकारी पोर्टल पर जाकर म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी रियल टाइम में देख सकते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। राजस्व विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है और आम जनता को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है। नई व्यवस्था से समय, धन और श्रम-तीनों की बचत होगी और लोगों को तेजी से सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। ऑनलाइन दाखिल-खारिज लागू होने से भूमि संबंधी कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को बड़ी सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके तहत 45 दिन में खारिश दाखिल हो जाएगा और यदि कोई विवाद है तो उसे 90 दिन में निस्तारित कर दिया जाएगा इस संबंध में तहसीलदार गरिमा भार्गव ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्रों को शीघ्रता से निस्तारण किया जा रहा है

यूपी के प्रमुख डैम और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे इको टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत यूपी इको टूरिज्म बोर्ड और सिंचाई विभाग के सहयोग से प्रदेश के प्रमुख बांधों और जलाशयों पर एडवेंचर और वॉटर स्पोर्ट्स आधारित पर्यटन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। इस योजना से पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योजना के तहत झांसी की गढ़मऊ झील, बांदा का नवाब टैंक, महोबा का अर्जुन डैम, सोनभद्र का ढंढरौल डैम, हमीरपुर का मौदहा डैम, चित्रकूट का गुंता डैम और सिद्धार्थनगर का मझौली सागर इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर प्रवेश द्वार, कॉटेज, टिकट काउंटर, कैंटीन, चिल्ड्रन प्ले एरिया, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लैंडस्केपिंग, सोलर लाइटिंग और सेल्फी प्वाइंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही बोटिंग, फिशिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और एक्वा प्रेशर वॉकवे जैसी गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। इनमें सिद्धार्थनगर का मझौली सागर सबसे बड़ी परियोजना है, जहां 88.2 हेक्टेयर क्षेत्र में इंटरप्रिटेशन सेंटर, फ्लोटिंग जेट्टी, टॉय ट्रेन, कॉटेज और रेस्टोरेंट सहित कई सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। सोनभद्र के ढंढरौल डैम क्षेत्र में फसाड लाइटिंग, पार्किंग, जेट्टी और सूचना केंद्र, बांदा के नवाब टैंक में म्यूजिकल फाउंटेन और वाटर स्क्रीन, महोबा के अर्जुन डैम में सन मंदिर क्षेत्र में नई पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसी क्रम में चित्रकूट के गुंता डैम में प्रवेश द्वार और बच्चों के लिए सुविधा क्षेत्र, झांसी की गढ़मऊ झील में पाथवे और कैफेटेरिया तथा मौदहा डैम में ओपन एयर थिएटर, वॉच टावर और पार्क विकसित करने की योजना है। पर्यटन विभाग ने बताया कि इन परियोजनाओं से जिन क्षेत्रों में पहले से धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन मौजूद है, वहां पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और पर्यटन श्रृंखला और मजबूत होगी। परियोजनाओं को सिंचाई विभाग की स्वीकृति के बाद आगे बढ़ाया जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होते ही इन क्षेत्रों में पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है, जिससे प्रदेश के राजस्व और स्थानीय रोजगार दोनों में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की बड़ी कार्रवाई

2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में एमडी, करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री सहित आरोपी गिरफ्तार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ रूपए भोपाल अवैध मादक पदार्थो के कारोबार में लिप्‍त तस्‍करों द्वारा अपनाए जा रहे नये-नये हथकंडे मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की सजगता की वजह से नाकाम साबित हो रहे है। नारकोटिक्‍स प्रकोष्‍ठ नीमच ने आज 28 नवंबर को ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर एमडी बनाने के कारखाने का भंडा फोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री भी जप्त की है। जप्त मादक पदार्थ एमडी तथा एमडी बनाने की सामग्री की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ से अधिक है। ज्ञात हो अवैध मादक पदार्थों की तस्‍करी पर कड़ाई से अंकुश लगाने के मकसद से पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग द्वारा प्रदेशव्‍यापी विशेष मुहिम "नशे पर प्रहार" चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्‍स श्री के.पी. वेंकाटेश्वर राव के मार्गदर्शन में तथा उप पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स श्री महेश चंद जैन के नेतृत्व में नारकोटिक्‍स विंग को यह सफलता मिली है। अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री के.पी. वेंकाटेश्वर राव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर नारकोटिक्‍स विंग ने कार्यवाही करते हुए, ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर तीन आरोपी निरंजन दायमा, निवासी खेड़ी, थाना मनासा , अर्जुन गरासिया तथा रमेश गरासिया, निवासी लसूड़िया, थाना रामपुरा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्‍जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री तीन मोटर साइकिल, तीन मोबाइल फोन भी जप्त किए। एमडी, केमीकल, अन्‍य सामग्री सहिम सहित पुलिस ने लगभग 30 करोड़ रूपये की सामग्री जब्‍त की है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में नारकोटिक्स विंग के निरीक्षक श्री राकेश चौधरी, निरीक्षक श्री भारत सिंह चावड़ा, निरीक्षक श्री हरीश सोलंकी, निरीक्षक श्री तेजेन्द्र सिंह सेंगर तथा निरीक्षक श्री मलय महंत एवं नारकोटिक्स इंदौर व नीमच टीम का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक, नीमच श्री अंकित जायसवाल एवं जिला पुलिस बल नीमच का भी सराहनीय योगदान रहा।  

चक्रवात ‘दित्वा’ से जूझ रहे श्रीलंका की मदद को आगे आया भारत, राहत सामग्री भेजी, PM का बड़ा बयान

नई दिल्ली  चक्रवाती तूफान 'दित्वा' का कहर झेल रहे पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तुरंत राहत सामग्री और ज़रूरी मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) मदद भेजी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे स्थिति बदलेगी, भारत और मदद देने के लिए तैयार है। उन्होंने शुक्रवार को 'चक्रवात दित्वा' से हुई भारी तबाही और कई लोगों की जान जाने के बाद श्रीलंका के लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताई।   सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, “चक्रवात दित्वा के कारण श्रीलंका के जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। मैं सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, आराम और जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। अपने सबसे करीबी समुद्री पड़ोसी के साथ एकजुटता दिखाते हुए, भारत ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत तुरंत राहत सामग्री और ज़रूरी HADR सपोर्ट भेजा है। जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, हम और मदद देने के लिए तैयार हैं। भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और विज़न MAHASAGAR के हिसाब से, भारत ज़रूरत के समय में श्रीलंका के साथ मज़बूती से खड़ा है।" बता दें कि श्रीलंका में इस तूफानी चक्रवात की वजह से हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में आई बाढ़ और लैंडस्लाइड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है और 21 लोग अभी भी लापता हैं। श्रीलंका ने शुक्रवार को ज़रूरी सेवाओं में शामिल लोगों को छोड़कर बाकी सभी के लिए पब्लिक हॉलिडे की घोषणा की है।  

आरक्षण पर सुप्रीम मोड़: क्या महाराष्ट्र में विजेता उम्मीदवार भी हो जाएंगे बेदख़ल?

नई दिल्ली  ओबीसी आरक्षण विवाद में फंसे महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है और चुनाव का रास्ता सशर्त साफ कर दिया है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार (28 नवंबर) को महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को उन स्थानीय निकायों में 50% से ज़्यादा आरक्षण को नोटिफाई करने से रोक दिया है, जहाँ अभी चुनाव की अधिसूचना होनी बाकी है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि जिन नगर परिषदों और नगर पंचायतों में पहले से 50 फीसदी से अधिक आरक्षण अधिसूचित हो चुका है, वहां चुनाव तो तय कार्यक्रम के अनुसार होंगे, लेकिन उनके नतीजे रिट याचिकाओं के अंतिम फैसले से प्रभावित होंगे। CJI जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने महाराष्ट्र लोकल बॉडीज में OBC रिजर्वेशन को चुनौती देने वाली रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है। यानी इन सीटों पर हो सकता है कि कुछ उम्मीदवारों को जीतकर भी हारना पड़ सकता है या उन्हें जीत का स्वाद चखने से वंचित रहना पड़ सकता है क्योंकि जिन सीटों पर आरक्षण रद्द होगा, वहां जीते उम्मीदवार को विजेता होने के सुख से वंचित होना पड़ सकता है। 2 दिसंबर को मतदान होने हैं राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट बलबीर सिंह ने बेंच को बताया कि 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत हैं, जहां चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और वहां 2 दिसंबर को मतदान होने हैं। इनमें से 40 नगर परिषद और 17 नगर पंचायत ऐसी हैं, जहां आरक्षण 50% से ज़्यादा दिया गया है। हालांकि, उन्होंने पीठ को बताया कि राज्य में 29 नगर परिषदों, 32 ज़िला पंचायतों और 346 पंचायत समितियों के चुनाव अभी भी नोटिफाई होने बाकी हैं। रिट पिटीशन के नतीजे से प्रभावित होंगे चुनाव परिणाम इसके बाद CJI सूर्यकांत ने इस मामले को तीन जजों की बेंच को भेज दिया और 21 जनवरी को सुनवाई की तारीख तय करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि जहां भी चुनाव अधिसूचित हो चुके हैं, वहां तय समय पर चुनाव कराए जाएं। बेंच ने आदेश दिया, "इस बीच, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव नोटिफाइड शेड्यूल के हिसाब से बिना देरी के हो सकते हैं। हालांकि, जिन नगर परिषदों, नगर पंचायतों और में आरक्षण 50% से ज़्यादा है, उनके नतीजे रिट पिटीशन के नतीजे पर निर्भर करेंगे।" समाज को जाति की रेखाओं में नहीं बांटना चाहिए सुनवाई के दौरान आयोग के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि राज्य में केवल दो महानगरपालिकाएं ऐसी हैं, जहां आरक्षण 50 प्रतिशत से ऊपर जाने की संभावना है। इस पर अदालत ने कहा कि इनके चुनाव भी अधिसूचित किए जा सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम भी रिट याचिकाओं के नतीजों से प्रभावित होंगे। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि हम जो भी करें, समाज को जाति की रेखाओं में नहीं बांटना चाहिए। स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर 2021 से अटके हुए बता दें कि महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण की वजह से स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर 2021 से अटके हुए हैं। दिसंबर 2021 में, सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि इसे 'ट्रिपल-टेस्ट' को पूरा करने के बाद ही लागू किया जा सकता है। बाद में, राज्य सरकार ने लोकल बॉडी चुनावों में OBC रिज़र्वेशन के मुद्दे की जांच के लिए मार्च 2022 में जयंत कुमार बंठिया कमीशन का गठन किया था। बंठिया आयोग ने जुलाई 2022 में अपनी रिपोर्ट दी थी। मई 2025 में, कोर्ट ने बंठिया कमीशन की रिपोर्ट से पहले के कानून के हिसाब से OBC रिज़र्वेशन देकर चार महीने के अंदर चुनाव कराने का निर्देश दिया था। पिछले हफ़्ते, कोर्ट ने कहा कि राज्य के अधिकारियों ने इस आदेश का गलत मतलब निकाला है कि रिज़र्वेशन 50% से ज़्यादा हो सकता है। यह साफ़ करते हुए कि बंठिया से पहले की स्थिति के हिसाब से चुनाव कराने का निर्देश 50% की लिमिट पार करने की इजाज़त नहीं है, बेंच ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि रिज़र्वेशन तय लिमिट यानी 50 फीसदी की सीमा के अंदर ही होना चाहिए।  

सैंटियागो नीवा बने महिला बॉक्सिंग टीम के हेड कोच, ओलंपिक तैयारी पर फोकस

नई दिल्ली  बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने सैंटियागो नीवा को महिला नेशनल बॉक्सिंग टीम का हेड कोच नियुक्त किया है। नीवा साल 2017 से 2021 तक भारत के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। भारत के साथ नीवा के पिछले कार्यकाल ने देश के हाई-परफॉर्मेंस स्ट्रक्चर पर गहरी छाप छोड़ी है। ऐसे में स्वीडिश टैक्टिशियन टीम को और बेहतर बनाने के मकसद से भारतीय खेमे में वापस आ रहे हैं। नीवा के मार्गदर्शन में भारतीय बॉक्सिंग ने 2019 मेन्स वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीते, जिसमें अमित पंघाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था, जबकि मनीष कौशिक ने देश को ब्रॉन्ज जिताया। इसके बाद भारत ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में अब तक की सबसे बड़ी ओलंपिक बॉक्सिंग टीम उतारी, जहां लवलीना बोरगोहेन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। लॉस एंजिल्स 2028 के मद्देनजर नीवा सभी वेट कैटेगरी में भारतीय महिला खिलाड़ियों को मेडल की दावेदार बनाने पर काम करेंगे। नीवा के पास दो दशकों से ज्यादा एलीट इंटरनेशनल कोचिंग अनुभव है, उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग में कुछ सबसे असरदार हाई-परफॉर्मेंस रोल निभाए हैं। नेशनल महिला टीम ने हाल ही में ग्रेटर नोएडा में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते। इस मौके पर नीवा ने कहा, "मैं भारत वापस आकर बहुत उत्सुक हूं। मेरे पिछले कार्यकाल के 5 साल बहुत शानदार रहे हैं। मैं इस नए अध्याय का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। उम्मीद है कि हम साथ मिलकर बड़ा मुकाम हासिल करेंगे। मुझे पहले भी महिला बॉक्सर्स के साथ काफी सफलता मिली है। भारतीय महिला टीम में बहुत क्षमता है। 2028 एलए ओलंपिक में हम इतिहास रचना चाहेंगे।" नीवा की नियुक्ति पर बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, "सैंटियागो की नियुक्ति हमारे विमेंस प्रोग्राम के लिए एक जरूरी कदम है। वह टेक्निकल एक्सीलेंस और अंतरराष्ट्रीय समझ का मिश्रण लेकर आए हैं, जिससे भारत के प्रदर्शन में निखार आएगा। उन्होंने कहा, "हमारे एथलीट्स ने दिखाया है कि वे दुनिया के सबसे मुश्किल प्लेटफॉर्म पर भी आगे बढ़ सकते हैं। सैंटियागो के मार्गदर्शन से हमें दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भारत की मौजूदगी और महत्वाकांक्षा को मजबूत करने का भरोसा है।"

चैंपियन टीम की घर वापसी: श्रीलंका के खिलाफ रोमांचक होम सीरीज का ऐलान

नई दिल्ली  पहली बार महिला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम अगले महीने फिर मैदान पर अपने खेल का जौहर दिखाएंगी। बीसीसीआई ने शुक्रवार को ऐलान किया कि भारत दिसंबर में श्रीलंका के साथ 5 टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज की मेजबानी करेगा। इसी महीने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ये पहली इंटरनेशनल सीरीज होगी। दिसंबर में भारत और बांग्लादेश के बीच सीरीज थी लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के बाद वो स्थगित हो गई। उसके बाद बीसीसीआई और श्रीलंका क्रिकेट ने मिलकर 5 टी20 मैच की सीरीज का कार्यक्रम बनाया। अगले साल भारतीय महिला क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाएगी। फरवरी-मार्च में दोनों देशों के बीच 1 टेस्ट, 2 टी20 और 3 ओडीआई की सीरीज खेली जाएगी। श्रीलंका के खिलाफ होम टी20 सीरीज से भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा। इस सीरीज से खिलाड़ियों को महिला प्रीमियर लीग 2026 (WPL 2026) के लिए भी अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिलेगा। भारत-श्रीलंका टी20 सीरीज की बात करें तो ये मैच विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में खेले जाएंगे। दोनों देशों के बीच सीरीज का पहला टी20 मैच 21 दिसंबर को विशाखापत्तनम के डॉक्टर वाईएस राजशेखर रेड्डी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरा मैच भी उसी स्टेडियम में 23 दिसंबर को खेला जाएगा। भारत और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच तीसरा टी20 इंटरनेशनल 26 दिसंबर को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। उसके बाद के दोनों मैच भी तिरुवनंतपुरम में ही 28 दिसंबर और 30 दिसंबर को खेला जाएगा। पिछले महीने वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम के हौसले निश्चित तौर पर बुलंद होंगे। हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम वनडे वर्ल्ड कप की लय को बरकरार रखना चाहेंगी। दूसरी तरफ श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम 2026 के व्यस्त सीजन से पहले अच्छे प्रदर्शन से अपना मनोबल बढ़ाना चाहेगी।  

ओह माय गॉड: ठिठुरन बढ़ी, हरियाणा के इस जिले में पारा लुढ़का 5.5 डिग्री

हिसार प्रदेश में ठंड का असर बढ़ने लगा है। खासकर रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वीरवार को कैथल में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इसके साथ ही रात के वक्त कैथल प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार कमजोर पश्चिमी विक्षोभके असर से दक्षिणी जिलों में हल्के बादल छाने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर लगातार बर्फबारी हो रही है जिसका असर मैदानी राज्यों खासकर हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर पड़ रहा है। पहाड़ों से बर्फीली हवाएं मैदानों की तरफ रुख कर रही हैं। इसके असर से तापमान में गिरावट आ रही है। दिन के समय धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिल रही है लेकिन रात के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।   आगे ऐसा रहेगा मौसम डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को दक्षिणी जिलों में हल्के बादल छा सकते हैं। इसके अलावा रात व दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी। शनिवार को यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा और फिर से बर्फीली हवाएं मैदानों की तरफ रुख करेंगी। इससे तापमान में दोबारा गिरावट आएगी। आने वाले दिनों में बारिश की कोई संभावना है। चूंकि अभी वातावरण में नमी नहीं है तो पाला जमने की स्थिति भी आ सकती है।  

‘आवास खाली करो’ नोटिस पर बढ़ा टकराव, सम्राट चौधरी की दो टूक— बपौती समझने की भूल न करें

पटना  बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा राबड़ी आवास खाली नहीं करने की धमकी पर दो-टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास की मालिक जनता होती है, यह किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार से उनका कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है। नीतीश सरकार में गृह मंत्री सम्राट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला नहीं मिल सकता है। पूर्व सीएम राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जो घर कैटगराइज किया गया है, वो मिल गया है।   सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार में सबका घर बदलता रहा है। पिछले 28 साल में उन्हें भी 6 घर बदलने पड़े। लालू और राबड़ी पर बोलते हुए सम्राट ने कहा कि उन्हीं के बेटे (तेजस्वी) अदालत में गए थे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने तय कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को घर नहीं मिलेगा, तो अधिकार ही नहीं है। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के 'जो करना है करें, डेरा खाली नहीं करेंगे' वाले बयान को सम्राट ने अराजकता के बोल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के लोग अराजकता और गुंडागर्दी वाले हैं। वो कैसे बोल सकते हैं कि सरकारी आवास नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार कानून व्यवस्था वाला राज है। उन्हें सरकार ने ही आवास दिया था, अब दूसरा दे दिया गया है। सरकार का काम है कि नेता विरोधी दल को सम्मान देंगे। उन्हें पहले से बड़ा घर दिया जा रहा है। दरअसल, पिछले दिनों नीतीश सरकार के भवन निर्माण विभाग ने पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए कर्णांकित कर दिया। इसके तहत लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास को खाली करना पड़ेगा। लालू एवं राबड़ी बीते लगभग 20 सालों से इस घर में रह रहे हैं। आरजेडी ने राज्य में नई सरकार के गठन के बाद हुए इस फैसले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा के दबाव में आकर काम करने का आरोप लगाया। आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने हाल ही में सरकार को कहा कि राबड़ी आवास को किसी भी हालत में खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जो करना है करेंगे, सरकार को जो करना है करे, लेकिन डेरा खाली नहीं किया जाएगा।  

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव मंजूर, CM मान ने कहा— राज्य की जीत तय

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दिए जाने को राज्य के लिए "शानदार जीत" करार दिया है। इस संबंध में सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट भी किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं है, बल्कि पंजाब की विरासत है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन में भाग लेने वाले शिक्षकों, छात्रों और संकाय सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 'भारी दबाव' को झेला और महीने भर चले आंदोलन के दौरान अपना जज्बा नहीं टूटने दिया। मान ने कहा, "छात्र, शिक्षक, संकाय सदस्य और सभी पंजाबी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने संघर्ष जारी रखा और अंततः उनका संघर्ष रंग लाया।"  बता दें कि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट चुनाव कार्यक्रम को बीते गुरुवारप को मंजूरी दे दी। उपराष्ट्रपति पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के कुलाधिपति भी हैं। यह घटनाक्रम छात्रों द्वारा सीनेट चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग को लेकर किये जा रहे जोरदार प्रदर्शन के बीच हुआ है। यह चुनाव एक वर्ष से अधिक समय से नहीं हुआ है।  कब कराए जाएंगे चुनाव? प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव सात सितंबर 2026 से चार अक्टूबर 2026 तक कराए जाएंगे। उपराष्ट्रपति सचिवालय से पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति रेणु विग को भेजे गए पत्र में लिखा है, "मुझे यह सूचित करने का निर्देश दिया गया है कि माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने उपरोक्त पत्र में प्रस्तावित सीनेट चुनाव के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है।"  कई राजनीतिक दलों ने दिया था छात्रों को समर्थन विश्वविद्यालय की कुलपति ने इससे पहले कुलाधिपति को पत्र लिखकर सीनेट चुनाव कार्यक्रम की मंजूरी मांगी थी। पंजाब विश्वविद्यालय बचाओ मोर्चा के बैनर तले पीयू के छात्र चुनाव कार्यक्रम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पंजाब के कई राजनीतिक दलों, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), कांग्रेस, साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा जैसे किसान संगठन शामिल हैं, ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।