samacharsecretary.com

Seoni Hawala Case: कॉल और मैसेज से मिली अहम जानकारी, CSP पूजा पांडेय के फोन में सबूत

 सिवनी मध्य प्रदेश सिवनी हवाला लूट कांड में CSP पूजा पांडेय के फोन से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पूजा पांडेय के मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से पता चला कि 8 अक्टूबर कि रात 11:14 बजे डीएसपी पंकज मिश्रा से हवाला रकम ले जाए जाने की जानकारी मिली और इसके ठीक 3 मिनट बाद 11:17 बजे पूजा ने अपने जीजा वीरेंद्र दीक्षित से फोन पर बात की. 8 अक्टूबर की रात से अगले 24 घंटे के दौरान पूजा पांडेय ने अपने जीजा से कुल 53 बार बात की, जिसमें 10 बार घटना के पहले और 43 बार घटना के बाद बात हुई. इसके साथ ही पूजा पांडेय के मोबाइल से चैट भी रिकवर हुई, जिसमें साली और जीजा वीरेंद्र दीक्षित के बीच की बातचीत शामिल है. रात 02:02 से लेकर सुबह 04:03 बजे तक के 4 मैसेज हैं, जीजा वीरेंद्र दीक्षित ने पूजा पांडेय को लिखा, "30-70 में नहीं मानना, वो लोग मान जाएंगे और जल्दी करो थोड़ा जल्दबाजी दिखाओगे तो काम हो जाएगा." इसके साथ ही जीजा ने घटना के बाद 9 अक्टूबर को पूजा पांडेय के साथ वारदात में शामिल तीन पुलिसवालों से भी 9 बार फ़ोन पर बात की. फोरेंसिक रिपोर्ट में जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी और क्राइम के आरक्षक प्रमोद सोनी के बीच भी वारदात के दौरान 25 बार फ़ोन पर बात हुई. इसी दौरान पंजू गोस्वामी, प्रमोद सोनी और डीएसपी पंकज मिश्रा के बीच कांफ्रेंस कॉल पर भी बात हुई. गौरतलब है कि 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात जबलपुर क्राइम ब्रांच के आरक्षक प्रमोद सोनी को जबलपुर के खिलौना कारोबारी पंजू गोस्वामी ने 2 करोड़ 96 लाख रुपये की हवाला रकम सिवनी के रास्ते नागपुर ले जाने की खबर दी थी. प्रमोद सोनी ने ये खबर बालाघाट हॉक फोर्स में डीएसपी पंकज मिश्रा को दी और पंकज मिश्रा ने सीएसपी पूजा पांडेय को इस बारे में जानकारी दी. पूजा पांडेय पर 10 पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 1.47 करोड़ की लूट का आरोप है. इस मामले में पूजा समेत 11 पुलिसकर्मी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. 18 नवंबर को डीएसपी पंकज मिश्रा, आरक्षक प्रमोद सोनी, पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया. पंजू गोस्वामी और वीरेंद्र दीक्षित की जमानत पर बहस के दौरान अपर लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया ने पूजा पांडेय और दूसरे आरोपियों के फ़ोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट से मिले तथ्यों की दलील दी, जिसके बाद 25 नवंबर को दोनों की जमानत अर्जीकोर्ट ने खारिज कर दी.

कपिल शर्मा कैफे फायरिंग केस में ब्रेकथ्रू, मुख्य साज़िशकर्ता पुलिस के शिकंजे में

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कनाडा में स्थित कॉमेडियन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर फायरिंग कराने के मुख्य साजिशकर्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इस गैंगस्टर की पहचान बंधु मान सिंह सेखों के रूप में हुई है, जो गोल्डी ढिल्लों गैंग का भारत-कनाडा बेस्ड हैंडलर बताया जा रहा है और उसके खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच ने उसके कब्जे से हाई-एंड PX-3 (मेड इन चाइना) पिस्टल 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस साल जुलाई में खुले कनाडा के सरे इलाके में खुले कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ को सबसे पहले 10 जुलाई को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया था। उसके बाद 7 अगस्त और 16 अक्टूबर को कैफे पर दो और हमले हुए। गनीमत रही कि इन घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ। कपिल शर्मा ने बुधवार को मुंबई में कहा था कि कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग की तीन घटनाओं ने अधिकारियों को देश में ऐसे हमलों के खिलाफ कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया है। शर्मा ने कहा कि मुझे लगता है कि वहां के नियम और पुलिस के पास शायद ऐसी घटनाओं को कंट्रोल करने की शक्ति नहीं है। लेकिन जब हमारा मामला हुआ, तो यह संघीय सरकार के पास गया और कनाडा की संसद में इस पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि असल में, गोलीबारी की हर घटना के बाद, हमारे कैफे में ज्यादा संख्या में लोग आए। इसलिए अगर भगवान मेरे साथ हैं तो सब ठीक है। शर्मा ने कहा कि हमलों के बाद कई लोगों ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि भगवान जो भी करते हैं, हमें उसके पीछे की कहानी पता नहीं चलती… मुझे वहां से बहुत से लोगों के कॉल आए जिन्होंने मुझे बताया कि बहुत कुछ हो रहा था, लेकिन मेरे कैफे में गोलीबारी के बाद, यह एक खबर बन गई और अब वहां कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।’’ कपिल शर्मा ने कहा कि मैंने मुंबई या हमारे देश में कहीं भी कभी असुरक्षित महसूस नहीं किया। मुंबई जैसा कोई दूसरा शहर नहीं है।

रायसेन तनाव मामला: मस्जिद के अंदर धमकी देने वाला आरोपी नावेद गिरफ्तार, पुलिस बनी फरियादी

रायसेन  रायसेन के गौहरगंज क्षेत्र में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत ने पूरे मध्यप्रदेश झकजोर कर रख दिया है। लोग घटना को लेकर आक्रोशित है। इसी बीच इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच पुलिस ने मंस्जिद के अंदर धमकी देने वाले शख्स नावेद को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। नावेद आंदोलन के दौरान मस्जिद के अंदर धमकी दे रहा था की आधा घंटा हमें बाहर निकाल दो हम हिंदुओं का गला काट देंगे। जिसको लेकर पुलिस ने खुद फरियादी बनकर आरोपी नावेद को जेल भेज दिया। रायसेन में 6 वर्षीय बच्ची के साथ हैवानियत करने का मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है। 26 नवंबर को हिंदू संगठन के लोगों ने गोहरगंज में जन आक्रोश प्रदर्शन का आयोजन किया था। वहीं कुछ शरारती लोगों ने आंदोलन के दौरान पुलिस पर पत्थर बाजी की और पुलिस ने लाठी चार्ज कर पत्थर फेंकने वालों को खदेड़ा। वही मस्जिद के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।  जहां नावेद खान पुलिस के सामने कहते दिखाई दे रहा है कि आधे घंटे के लिए हमें छोड़ दो हम सब हिंदुओं का गला काटकर चौराह खाली करवा देंगे। वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुलिस हरकत में आई और आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया। जानकारी के अनुसार यह वही आरोपी नावेद है जो कुछ वर्षों पहले हत्या के मामले में जेल भी जा चुका है। वहीं पुलिस का कहना है कि इस तरह अगर कोई भड़काऊ बात करेगा तो पुलिस सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।

रामेश्वर शर्मा ने कहा: दरिंदे सलमान को फांसी, ताकि कोई अपराध करने की हिम्मत न करे

भोपाल  रायसेन रेप केस के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि अपराधी जमीन में छुपा हो या आसमान में, उसे ढूंढ लिया जाएगा। विधायक ने आगे कहा कि आरोपी सलमान ने मासूम बेटी के साथ जो घिनौना दुराचार किया है, उसके लिए उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद हिंदू समाज में भारी आक्रोश है और सभी न्यायालय से मांग कर रहे हैं कि दरिंदे सलमान को कठोरतम सजा दी जाए।रामेश्वर शर्मा ने कहा, “ऐसे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कृत्य करने से पहले सौ बार सोचें।  मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी।  सलमान पर आरोप है कि 21 नवंबर को वह बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर जंगल में ले गया। वहां उसके साथ रेप कर फरार हो गया। इलाके में तब से ही घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन चल रहा था। लोग आरोपी के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक, खरपुसे ने बताया, घटना रात करीब 3-4 बजे के बीच की है। आरोपी को गाड़ी में लेकर जा रहे थे। रास्ते में कील के कारण गाड़ी पंक्चर हो गई। बैकअप में एक और गाड़ी थी। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करना था। उसी दौरान आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल को निकाल लिया। उनके ऊपर पिस्टल चलाने की कोशिश की। उन्होंने अपने बचाव में आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी। इस दौरान दो फायर हुए। इसके बाद दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग कर उसे पकड़ा। वह भागने का प्रयास कर रहा था। उसे पैर में गोली लगी है। वहीं थाना प्रभारी को भी चोट आई है। उनका बैच गिर गया। घटना के बाद भोपाल फॉरेंसिक साइंस लैब के इंचार्ज डॉक्टर एके बड़ोने ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ जो संघर्ष हुआ है। उसके साक्ष्य मिले हैं। इसका हम परीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। 6 दिन बाद भोपाल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने घटना के 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया। इसके बाद उसे गौहरगंज पुलिस के हवाले किया गया। गौहरगंज पुलिस उसे लेकर रात में ही रवाना हो गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जंगलों के रास्ते पैदल ही भोपाल में दाखिल हुआ था और गांधीनगर इलाके में छिपा हुआ था। सलमान के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही जय मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले ही आरोपी को गौहरगंज पुलिस को सौंपा जा चुका था। इसके अलावा रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली, भड़काऊ या हिंसा को उकसाने वाली सामग्री, पोस्ट साझा नहीं करने की चेतावनी दी। लंदन के बिजनेसमैन उठाएंगे बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा वहीं बच्ची से रेप के आरोपी सलमान की गिरफ्तारी पर रायसेन जिले के सुल्तानपुर निवासी रविराज सिंह (रॉबी) ने एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। उन्होंने बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा लेने की बात भी कही थी।  रविराज सिंह से बात की। वे मूलत: सुल्तानपुर के निवासी हैं। 16 साल से लंदन में बिजनेस कर रहे हैं। उन्होंने बताया- हाल ही में शॉर्ट ट्रिप पर देश लौटा हूं। लंदन से आने के बाद अमृतसर गया था। फिर सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाने लगा। पहले दिन जब मंडीदीप में जाम लगा, उसमें मैं 7 से 8 घंटे फंसा रहा। प्रदर्शनकारी जाम क्यों लगा रहे हैं? जब इसकी जानकारी ली तो घटना ने दिल हिलाकर रख दिया, तभी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की थी। मैं अपनी बात पर कायम हूं। बच्ची की शिक्षा का भी पूरा जिम्मा उठाऊंगा। अभी परिजनों से संपर्क नहीं हो पाया है। चूंकि, मैं दिसंबर तक यहीं हूं, इसलिए परिजनों से जल्द मिलूंगा।

ईरान की सेना पर ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला: घोषित किया आतंकवादी संगठन

कैनबरा दुनिया भर में आतंकवाद के बढ़ते खतरे से लगभग हर देश चिंतित है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया ने मुस्लिम बहुल देश ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।  ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को यहूदी समुदाय पर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आधिकारिक तौर पर आतंकवाद के राज्य प्रायोजक (State Sponsor of Terrorism) के रूप में सूचीबद्ध कर दिया। यह फैसला ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एवं खुफिया संगठन (ASIO) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें पाया गया कि IRGC ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी नागरिकों को निशाना बनाकर दो बड़े हमलों की साजिश रची थी। अल्बानीज सरकार ने इन हमलों को 'कायरतापूर्ण प्रयास' करार देते हुए कहा कि ये हमले ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में फूट डालने की कोशिश थे। यह कदम हाल ही में संसद द्वारा पारित आपराधिक संहिता संशोधन (आतंकवाद के राज्य प्रायोजक) अधिनियम 2025 के तहत उठाया गया पहला कदम है। बता दें कि IRGC इस नए कानून के तहत सूचीबद्ध होने वाला पहला संगठन बन गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय खुफिया, सुरक्षा और नीतिगत एजेंसियों के गोपनीय आकलन पर आधारित है। नए कानून के तहत अब ऑस्ट्रेलिया में किसी भी 'आतंकवाद के राज्य प्रायोजक' संगठन की निम्नलिखित गतिविधियां आपराधिक अपराध होंगी। गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि यह सूचीबद्धता ईरानी शासन की घृणित कार्रवाइयों का सीधा जवाब है। इससे पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चरमपंथी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए और व्यापक अधिकार मिलेंगे। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर IRGC की भूमिका किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा की गई अभूतपूर्व और खतरनाक आक्रामकता है। हमारे देश में इसके लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इसे ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई बताया। वहीं, अटॉर्नी जनरल मिशेल रॉलैंड ने कहा कि हमने तेजी से कदम उठाकर यह सुनिश्चित किया है कि हमारे आतंकवाद-रोधी कानून पूरी तरह प्रभावी रहें।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर दिया जोर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति के सम्बंध में अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिये आवश्यक दिशा निर्देश गौतमबुद्धनगर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था समेत विभिन्न निर्माण गतिविधियों की वास्तविक प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए।  सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें सीएम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों को तत्काल पूर्ण किया जाए। साथ ही शीघ्र अति शीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।”  सीएम का निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करें। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होने पर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा, जो इसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। निरीक्षण व बैठक के दौरान लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, विधायक धीरेंद्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर मौजूद रहे। सीएम ने सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन, निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई।

लखनऊ में 19वीं जम्बूरी के फिनाले में पहुंचे विदेशी प्रतिभागी, शहर की संस्कृति का लिया आनंद

लखनऊ 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी के डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले में भाग लेने आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने  लखनऊ शहर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दल में मालदीव, नेपाल, सऊदी अरब समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को निकट से जानने के उद्देश्य से विशेष रूप से लखनऊ पहुंचे। आयोजकों द्वारा प्रतिभागियों के लिए एक सुव्यवस्थित पर्यटन कार्यक्रम तैयार किया गया, जिसके तहत उन्हें लखनऊ के प्रमुख ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों का अवलोकन कराया गया। अतिथियों ने बड़ा इमामबाड़ा, घड़ीघर (Clock Tower), लुलु मॉल तथा शहर के अन्य प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण किया। बड़ा इमामबाड़ा की भव्यता और घड़ीघर की ऐतिहासिक संरचना ने विदेशी मेहमानों को विशेष रूप से आकर्षित किया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने लखनऊ की नवाबी तहज़ीब, यहां की कला, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक माहौल का प्रत्यक्ष अनुभव किया। शहर के खानपान का स्वाद चखने के लिए उन्हें विशेष रूप से लखनऊ के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए, जिनमें टुंडे कबाबी, दही-चाट, कुल्फी और अन्य प्रसिद्ध पकवान शामिल थे। विदेशी अतिथियों ने इन व्यंजनों की स्वादिष्टता और विशिष्टता की सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि लखनऊ की मेहमाननवाज़ी, यहां का सहज वातावरण और सांस्कृतिक समृद्धि उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। कई प्रतिभागियों ने शहर की सुंदरता और लोगों की सौहार्दपूर्ण भावना की प्रशंसा भी की। आयोजकों का कहना है कि इस भ्रमण का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और समृद्ध विरासत से परिचित कराना था, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कोहली बस एक सेंचुरी दूर: सचिन तेंदुलकर के दो वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटने को तैयार

नई दिल्ली  इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका 3 मैच की वनडे सीरीज का आगाज रविवार, 30 नवंबर से होने जा रहा है। पहला मैच रांची में खेला जाएगा। इस मैच में टीम इंडिया के स्टार प्लेयर विराट कोहली एक बार फिर एक्शन में नजर आएंगे। विराट कोहली की नजरें साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज सीरीज में ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के एक नहीं बल्कि 2-2 वर्ल्ड रिकॉर्ड पर होगी। इन दोनों ही वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को किंग कोहली मात्र एक शतक के साथ तोड़ देंगे। यह दो रिकॉर्ड है किसी भी फॉर्मेट में एक बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा शतक का और साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा सेंचुरी का।   बात एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की करें तो फिलहाल विराट कोहली सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर हैं। मास्टर ब्लास्टर ने अपने करियर में एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा 51 शतक टेस्ट में लगाए हैं। वहीं वनडे में ये कारनामा विराट कोहली ने किया है। रन मशीन विराट कोहली अगर साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैच की सीरीज में 1 भी शतक लगाते हैं तो वह क्रिकेट के इतिहास में एक फॉर्मेट में 52 शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक वहीं दूसरा रिकॉर्ड है साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा शतक जड़ने का। सचिन तेंदुलकर समेत विराट कोहली और डेविड वॉर्नर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 5-5 शतक जड़े हैं। सचिन और वॉर्नर तो अब रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में विराट कोहली के पास उनसे आगे निकलने का शानदर मौका है। विराट कोहली अगर साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक शतक ठोकते हैं तो वह वनडे क्रिकेट के इतिहास में इस टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा 6 सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।  

खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी

बरेली के किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, भारी छूट पर मिलेंगे 1002 सोलर पंप खेतों में अब सूरज की गर्मी के साथ मिलेगा सिंचाई का सहारा, रोशनी से निकलेगा पानी पीएम कुसुम योजना में बरेली में लगेंगे सोलर पंप-15 दिसंबर तक मौका, लाखों की मिलेगी सब्सिडी सिंचाई पर खत्म होगी बिजली-डीजल की मार, किसानों को मिलेंगे 2.5 लाख तक के सोलर पंप बरेली योगी सरकार ने बरेली के अन्नदाता किसानों को बड़ी सौगात दी है। किसानों की समृद्धि और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए इस बार बरेली जिले को विशेष प्राथमिकता में रखा है। पीएम कुसुम योजना के तहत जहां पूरे प्रदेश में 40,521 सोलर पंप वितरित किए जाएंगे, वहीं बरेली जनपद के लिए 1002 सोलर पंप का लक्ष्य तय किया गया है। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि यह योजना बरेली के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। जिले में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें ई–लॉटरी के माध्यम से सोलर पंप आवंटित किए जाएंगे। आवेदन केवल कृषि विभाग की वेबसाइट पर किया जाएगा। बरेली के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ-महज पांच हजार में शुरू होगी प्रक्रिया पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत आवेदन के समय किसानों को सिर्फ 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी। इसके बाद मोबाइल पर बुकिंग कन्फर्मेशन आएगा। अनुदान घटाने के बाद बची राशि किसान ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर किसान बैंक से ऋण लेकर भी किसान अंश जमा कर सकते हैं, जिस पर AIF योजना के तहत 6 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी। उपनिदेशक अमरपाल सिंह के ने बताया कि बरेली में पंप आवंटन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से होगा। तय नियमों के अनुसार बोरिंग और जमीन सत्यापन पूरा होने पर किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। बरेली में कौन-कौन से पंप सबसे ज्यादा मांग में बरेली में 2 एचपी सबमर्सिबल, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल, 5 एचपी सबमर्सिबल की मांग सबसे ज्यादा है। बरेली के ब्लॉकों में भोजीपुरा, मीरगंज, फतेहगंज, सेंथल, बहेड़ी और फरीदपुर में इन पंपों की सबसे अधिक मांग देखी जा रही है। गंगापुर, बिशारतगंज और नवाबगंज क्षेत्र में भी किसान तेजी से आवेदन कर रहे हैं। सोलर पंप के लिए बोरिंग को लेकर विभाग ने नियम स्पष्ट किए हैं। इसमें 2 एचपी पंप के लिये 4 इंच बोरिंग, 3 व 5 एचपी पंप के लिये 6 इंच बोरिंग, 7.5 व 10 एचपी पंप के लिये 8 इंच बोरिंग होना चाहिये। सत्यापन के समय बोरिंग न मिलने पर टोकन मनी जब्त हो जाएगी और आवेदन निरस्त माना जाएगा। बरेली के किसानों को कितना अनुदान मिलेगा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किसानों को भारी छूट दे रही है कि 2 एचपी सरफेस पंप : 98,593 अनुदान, 2 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,00,215 अनुदान, 3 एचपी डीसी सबमर्सिबल : 1,33,621 अनुदान,  5 एचपी एसी सबमर्सिबल : 1,88,038 अनुदान, 7.5-10 एचपी पंप : 2,54,983 तक का सर्वाधिक अनुदान मिलेगा। यह छूट सीधे किसानों की लागत को कम कर रही है और बिजली निर्भरता खत्म कर किसानों को आत्मनिर्भर बना रही है। उपनिदेशक कृषि अमरपाल सिंह ने बताया कि इस योजना से बरेली जिले में सिंचाई पर आने वाली लागत में भारी कमी आएगी। डीजल और बिजली दोनों से किसानों को राहत मिलेगी। हमारा लक्ष्य है कि जिले के अधिक से अधिक अन्नदाता सोलर पंप का लाभ लें और आत्मनिर्भर बनें।

गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी

पूर्वांचल गढ़ रहा प्रगति की नई मिसाल: CM योगी  गोरखपुर के दक्षिणांचल में भी बसेगी उद्योग नगरी: CM योगी  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग लगाने के लिए मिलने लगे निवेश प्रस्ताव एक्सप्रेसवे समीप होने से बड़े निवेशकों को भाने लगा गीडा का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट: CM योगी  एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से लिखी जाएगी औद्योगिक प्रगति की नई इबारत गोरखपुर  दशकों तक पिछड़ेपन का दंश झेलने को मजबूर रहा पूर्वांचल योगी सरकार की संकल्पशक्ति से प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है। और इस मिसाल की नई बानगी है गोरखपुर के दक्षिणांचल में बस रहा धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी से यहां औद्योगिक प्रगति की नई इबारत लिखी जाएगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के जरिये गोरखपुर के दक्षिणांचल हिस्से में एक बड़े ऊसर भूभाग में अब उद्योगों की फसल लहलहाएगी। गोरखपुर का दक्षिणांचल उद्योग नगरी की पहचान हासिल करेगा। इसकी शुरुआत दो बड़े निवेशकों को औद्योगिक भूमि आवंटन और एक बड़े निवेशक की तरफ से पसंद की गई भूमि के साथ हो भी गई है।  गोरखपुर के जिस दक्षिणांचल को सबसे पिछड़ा क्षेत्र मान लिया गया था, अब वह आने वाले समय में विकास और नई औद्योगिक पहचान की आभा से चहक उठेगा। इसका आधार बनेगा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार रोड कनेक्टिविटी के चलते योगी सरकार दक्षिणांचल के धुरियापार में नए इंडस्ट्रियल टाउनशिप की परिकल्पना को साकार कर रही है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को आकार देने की गति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री इस टाउनशिप को ग्रेटर गीडा के रूप में देखना चाहते हैं।  धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप को 6876 एकड़ में विकसित किया जा रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र 17 अधिसूचित ग्रामों में विस्तृत है। यह इंडस्ट्रियल टाउनशिप पूर्वांचल के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल लैंड बैंक वाली होगी। इस इंडस्ट्रियल टाउनशिप के पहले फेज में गीडा द्वारा 800 एकड़ भूमि को अधिग्रहित कर उसे इंडस्ट्री की डिमांड के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक के अनुसार इंडस्ट्रियल टाउनशिप के औद्योगिक सेक्टर एस-5 में दो बड़े निवेशकों को जमीन आवंटित कर दी गई है। टाउनशिप में एक अन्य बड़े निवेशक ने भी जमीन पसंद कर ली है। अडानी समूह ने अंबुजा सीमेंट की यूनिट के लिए 46.63 एकड़ जबकि श्रेयश डिस्टिलरी-एनर्जी लिमिटेड ने 60.48 एकड़ भूमि आवंटित कराई है। इन दोनों भूमि आवंटन के सापेक्ष 4200 करोड़ रुपये का निवेश आना और 6500 लोगों के लिए रोजगार सृजन प्रस्तावित है। इसके अलावा रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड ने 300 करोड़ रुपये के निवेश से कैम्पा कोला कोल्ड ड्रिंक ब्रांड की यूनिट लगाने के लिए इसी इंडस्ट्रियल टाउनशिप में करीब 50 एकड़ जमीन पसंद की है। जल्द ही इसके आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा अन्य कई निवेशक यहां अपनी पसंद की जमीन देख रहे हैं।  गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुज मलिक बताती हैं कि मूर्त रूप में आने के बाद धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप धुरियापार समेत समूचे गोरखपुर दक्षिणांचल के लिए गेम चेंजर साबित होगी। धुरियापार की पहचान अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में रही लेकिन आने वाले दिनों में इसकी ख्याति गोरखपुर के नए औद्योगिक क्षेत्र के गेटवे के रूप में होगी। औद्योगिक विकास के साथ ही यहां रोजगार की बहार भी बहेगी।