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MP में तेजी से बढ़ रहा सेक्सटॉर्शन का संकट, लोगों को मिल रही अश्लील वीडियो की धमकियां

भोपाल  ऑनलाइन अपराध ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में अपराधी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और अश्लील वीडियो कॉल का सहारा लेकर लोगों को धमकाकर पैसे ऐंठ रहे हैं। जानें क्या है ‘सेक्सटॉर्शन’ (sextortion) सेक्सटॉर्शन वह अपराध है, जिसमें बदमाश किसी की निजी या आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे या अन्य फायदे मांगते हैं। sextortion से कैसे बचें? अनजान लोगों से निजी फोटो या वीडियो साझा न करें। संदिग्ध वीडियो कॉल, लिंक या प्रोफाइल को तुरंत ब्लॉक करें। ब्लैकमेलर को पैसे न भेजें, इससे धमकियां बढ़ती हैं। सभी सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें। sextortion की शिकायत कहां करें? भोपालसाइबर क्राइम हेल्पलाइन: 9479990636 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930

निर्धारित समयावधि में 4 लाख 56 हजार से अधिक उपभोक्‍ताओं को मिले नये बिजली कनेक्शन

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी श्रेणी के उपभोक्‍ताओं के लिये सरल और सुविधाजनक तरीके से त्‍वरित नवीन बिजली कनेक्‍शन प्रदान किए जा रहे हैं। इसके लिए उपभोक्‍ताओं को सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में घर बैठे ही नवीन कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं।   गौरतलब है कि कंपनी द्वारा विगत जुलाई 2023 से शुरू किये गये ऑनलाइन सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से अब तक भोपाल शहर में 65 हजार से अधिक नए कनेक्‍शन प्रदान किए जा चुके हैं, जबकि पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में 4 लाख 56 हजार से अधिक नए कनेक्‍शन सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से सफलतापूर्वक प्रदान किये गए हैं। इनमें 10 किलोवॉट तक के अस्थायी कनेक्शन भी शामिल हैं।   मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी के सरल संयोजन पोर्टल पर आवेदन करते ही निर्धारित समयावधि में तत्काल नया बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। नये कनेक्‍शन लेने के लिये उपभोक्‍ताओं को बिजली कंपनी के पोर्टल https://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home अथवा UPAY ऐप पर जाकर जरूरी दस्‍तावेज अपलोड कर समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए निर्धारित शुल्‍क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक द्वारा विधिवत ऑनलाइन आवेदन और भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत बिजली कंपनी द्वारा सर्वे एवं अन्‍य औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर उपभोक्ता के परिसर में नया कनेक्शन उपलब्‍ध करा दिया जाएगा।

प्रदूषण में कमी का असर: दिल्ली-NCR में GRAP-3 हटा, जानें आज का AQI लेवल

नई दिल्ली दिनभर खिली तेज धूप और हवा की रफ्तार बढ़ने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से हल्की राहत मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, दिल्ली का औसत एक्यूआई बुधवार को 327 अंक पर आ गया। पलूशन की कमी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप-3 की पाबंदियां हटा दी हैं। हालांकि ग्रैप एक और दो की पाबंदियां जारी रहेंगी। इनके तहत कड़ी सख्ती जारी रखी जाएगी।   मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रह सकती है। जारी बयान में कहा गया है कि बेहतर संकेतों को देखते हुए GRAP की सब-कमेटी ने स्टेज-3 की पाबंदियों वाला अपना 11 नवंबर का आदेश वापस लेने का फैसला किया है। यह वापसी तुरंत लागू हो गई है। हालांकि, पैनल ने यह साफ किया है कि जिन कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन साइट्स को पहले वायलेशन के लिए क्लोजर नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें तब तक काम फिर से शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी, जब तक उनको पैनल से निर्माण कार्य करने की इजाजत देने वाला कोई ऑर्डर नहीं मिल जाता है। इस बीच सभी एजेंसियों को नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया है। एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने के लिए भी कहा गया है। ग्रैप सब-कमेटी का कहना है कि कहा कि वह दिल्ली में एयर क्वालिटी पर करीब से नजर रखेगी और स्थिति की समीक्षा करती रहेगी। आगे के फैसले रियल टाइम AQI लेवल और पूर्वानुमानों के आधार पर लिए जाएंगे। हालांकि हवा अभी भी अति खराब श्रेणी में ही है, लेकिन पहले की तुलना में इसमें सुधार हुआ है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में पिछले तीन दिनों से सुधार देखा जा रहा है। धूप के चलते धुंध और प्रदूषक कणों का विसर्जन तेजी से हो रहा है। इससे हवा की गुणवत्ता में हल्का बदलाव हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 327 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को अति खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले मंगलवार को यह सूचकांक 353 रहा था। यानी 24 घंटे में इसमें 26 अंकों का सुधार हुआ है। 23 नवंबर को यह सूचकांक 391 के अंक पर पहुंच गया था। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंचने लगा था। इसकी तुलना में देखा जाए तो अब वायु गुणत्ता में सुधार हुआ है। सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की हवा में बुधवार की दोपहर दो बजे प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 288 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी हवा में अभी भी मानकों से दोगुना प्रदूषण मौजूद है। अगले दो दिनों के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।  

उत्तर भारत में सर्दी ने पकड़ी रफ्तार, पंजाब-चंडीगढ़ के लिए IMD ने जारी की अहम रिपोर्ट

पंजाब  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड एक बार फिर तेज हो गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम हल्की धुंध और सूखी हवा चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 0.5°C गिरा है। फरीदकोट सबसे ठंडा जिला रहा, जहां तापमान 4°C दर्ज हुआ। विभाग के अनुसार नवंबर के आख़िर या दिसंबर की शुरुआत में पंजाब में बारिश होने की संभावना है। बारिश के बाद ठंड और बढ़ेगी, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा। लोगों को स्वास्थ्य को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा? – अगले 7 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं। – कुछ इलाकों में हल्की धुंध जारी रहेगी। – रात के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। – दिल्ली–अंबाला और अंबाला–अमृतसर हाइवे पर मौसम साफ रहेगा। हवा की गुणवत्ता बुरी तरह बिगड़ी पंजाब के लगभग सभी शहरों में AQI 100 से ऊपर दर्ज हुआ है। रूड़की को छोड़ बाकी सभी शहर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। अमृतसर: 196 बठिंडा: 159 जालंधर: 133 खन्ना: 142 लुधियाना: 122 मंडी गोबिंदगढ़: 213 (सबसे प्रदूषित) चंडीगढ़ सेक्टर 22: 155

अयोध्या में भगवा ध्वजा के आरोहण पर बागेश्वर धाम की प्रतिक्रिया: इतिहास ने खुद को दोहराया है

शिवपुरी शिवपुरी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन का मंच हिंदुत्व गर्व, राम मंदिर की पूर्णता और राष्ट्रवादी भावनाओं से पूरी तरह सराबोर रहा। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराने के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए की। “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है” धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि-  “मुगलों की छाती पर भगवा लहराया है, कब्र से उठकर देख ले बाबर, मंदिर वहीं बनाया है”। उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कभी हरे झंडे की योजना बनाई जाती थी, आज वहां भगवा लहरा रहा है। मथुरा जन्मभूमि विवाद पर उन्होंने स्पष्ट कहा – कृष्ण लला हम आयेंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, जिन्हें दिक्कत हो वो खिसक लें।” तात्या टोपे के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने शिवपुरी की ऐतिहासिक धरा को नमन किया और कहा कि अंग्रेजों के विरुद्ध नाखून चबाने पर मजबूर करने वाले तात्या टोपे जैसे वीर के संघर्ष को कुछ ‘जयचंदों’ के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।उन्होंने कहा कि तात्या टोपे ने शिवपुरी की पावन भूमि पर फांसी को चूमकर अपने प्राण त्याग दिए। इस मौके पर धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन विरोधियों पर कड़े प्रहार किए। 

मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में  शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।  कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

गुरुग्राम के THAR मालिक ने DGP को भेजा लीगल नोटिस, कहा-15 दिन में मांगें माफी

हरियाणा  हरियाणा पुलिस एक्टिव हो गई। प्रदेश में अब नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस सख्ती करने जा रही है। सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से सभी प्रमुख टोल प्लाज़ाओं पर पुलिसकर्मियों को अल्को-सेन्सर और ई-चालान मशीनों के साथ तैनात किया गया है, ताकि मौके पर ही जांच की जाए तथा मौके पर ही नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए। बताया जा रहा है कि यह अभियान हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह द्वारा जारी निर्देशों के तहत शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ ही सालों में नशे में गाड़ी चलाने के कारण सड़क हादसों में बढ़ोतरी देखी गई। ऐसे में इस विशेष कार्रवाई से हादसों को कम करने में मदद मिलेगी। हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह थार व बुलेट को लेकर कुछ दिन पहले बयान दिया था। अब गुरुग्राम के एक थार मालिक ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा है। थार मालिक ने नोटिस में लिखा कि DGP के बयान के बाद समाज में मेरा मजाक बनाया जाने लगा। इससे परेशान होकर मैंने थार चलानी छोड़ दी। इसलिए वह अपने बयान को लेकर माफी मांगें। अगर 15 दिन में उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वह कानूनी कार्रवाई कराएंगे। बता दें कि हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने गुरुग्राम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बयान दिया था कि पुलिस सारी गाड़ियों को नहीं पकड़ेगी, केवल थार और बुलेट वालों को पकड़ेंगे। थार और बुलेट से सारे बदमाश चलते हैं। उन्होंने कहा था कि जिसके पास भी थार होगी, उसका दिमाग घुमा हुआ होगा। थार गाड़ी नहीं है एक स्टेटमेंट है, कि हम ऐसे हैं। ठीक है भुगतो जी। दोनों मजे थोड़ा ना होंगे, दादागिरी भी हो और फंसे भी ना, दोनों कैसे होगा"। गुरुग्राम के सेक्टर-102 निवासी सर्वो मित्र ने अपने एडवोकेट वेदांत वर्मा के जरिए DGP को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्होंने लिखा है कि मैंने जनवरी 2023 में थार कार खरीदी थी। DGP के बयान के बाद मुझे हर जगह ताने सुनने पड़ रहे हैं। सर्वो मित्र ने यह भी कहा कि मेरा एक बेटा कॉलेज और दूसरा नौकरी करता है। उनको भी लोग चिढ़ाते हैं। सर्वो मित्र ने मांग की है कि DGP 15 दिनों के भीतर लिखित में बिना शर्त माफी मांगें और अपना बयान वापस लें।

चुनाव आयोग का सख्त रुख: SC में बोला— SIR को लेकर राजनीतिक दल अनावश्यक भय फैला रहे

नई दिल्ली  चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बिहार, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक दल अनुचित भय और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में SIR की वैधता को चुनौती दी गई है और कुछ पक्षों ने इसे स्थगित करने की मांग की है।   केरल सरकार की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के समानांतर SIR चलाने से प्रशासन पर अत्यधिक बोझ पड़ेगा और इससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोग को 1 दिसंबर तक अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की याचिकाएं: अलग-अलग तारीखें तय सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई की भी तारीखें तय की हैं-     तमिलनाडु SIR पर सुनवाई- 4 दिसंबर     पश्चिम बंगाल SIR पर सुनवाई- 9 दिसंबर वाम दल और IUML नेता भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट केरल सरकार के अलावा, CPI(M), CPI, और IUML नेता पी.के. कुन्हलिकुट्टी ने भी SIR की वैधता को चुनौती देते हुए अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। इन पर अदालत ने 21 नवंबर को नोटिस जारी किया था। बिहार से शुरू हुआ था विवाद ECI ने जून 2025 में सबसे पहले बिहार में SIR शुरू करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, लेकिन अदालत ने प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई, जिसके चलते बिहार में SIR पूरा हो चुका है। इसके बावजूद, 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने SIR का दायरा बढ़ाते हुए इसे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल सहित कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी SIR को कानूनी चुनौती दी गई, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने 11 नवंबर को नोटिस जारी किया था। ECI का रुख: कोई तात्कालिक खतरा नहीं सुप्रीम कोर्ट में ECI ने कहा कि SIR एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। आयोग ने यह भी तर्क दिया कि राजनीतिक दल तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रचारित कर रहे हैं और इससे मतदाताओं के बीच अनावश्यक भय पैदा हो रहा है।

लोकल चुनावों से पहले बड़ा उलटफेर: दोनों शीर्ष दल NDA में, MVA को लगा करारा झटका

मुंबई  महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों से ऐन पहले सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति ने विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) को बड़ा झटका दिया है। एक तरफ जहां विपक्षी गठबंधन की एकता खतरे में है, और साथी दलों के बीच स्थानीय चुनावों को लेकर आम राय नहीं बन पा रही है, वहीं उनके समर्थकों को लामबंद रखने का जोखिम भी बढ़ा हुआ है। इसी बीच, सत्तारूढ़ गठबंधन ने खेला कर दिया है। दरअसल, पिछले साल हुए महाराष्ट्र विधानसभा में 43 सीटों पर उपविजेता रहे यानी नंबर दो पर रहे विपक्षी उम्मीदवारों को महायुति ने अब अपने साथ कर लिया है। इन 43 उप विजेताओं में सबसे ज्यादा भाजपा में शामिल हुए हैं। इनके अलावा तीन निर्दलीय उप विजेता भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।  पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में कुल 288 सीटों में से 235 पर महायुति (NDA) ने जीत हासिल की थी, जबकि MVA सिर्फ 50 सीटें ही जीत पाया था। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, तीन निर्दलीयों समेत कुल 46 उपविजेताओं में से सबसे ज्यादा 26 भाजपा में शामिल हुए हैं, जबकि 13 अजित पवार की NCP में और 7 एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं। इस दल बदल से सबसे बड़ा झटका उद्धव ठाकरे की शिवसेना को लगा है, जिसके 19 उम्मीदवारों ने पाला बदला है। दूसरे नंबर पर अजित पवार की एनसीपी है, जिसके 13 और कांग्रेस के 10 उम्मीदवारों समेत एक शेतकारी कामगार पक्ष (शेकपा) के उप विजेता हैं। महायुति ने 235 सीटें जीतीं थी बता दें कि 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति ने 235 सीटें जीतीं थी। इनमें BJP को 132 सीटें, जबकि शिंदे सेना और NCP (अजीत पवार) को क्रमशः 57 और 41 सीटें मिलीं थीं। MVA सिर्फ 50 सीटें जीत पाई थी। इनमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को 20, कांग्रेस को 16, और शरद पवार की NCP को 10 सीटें मिलीं थीं। आधार को मजबूत बनाने की कोशिश इस नए खेल से सपष्ट है कि सतारूढ़ गठबंधन के दल अपने आधार को मजबूत बनाने की लगातार कोशिशों में जुटे हैं। अब 46 उप विजेताओं के शामिल होने से महायुति का आधार वोट बढ़ने की संभावना है। हालांकि, यह भी सत्य है कि उन्हें असेंबली चुनावों में मिले सारे वोट उन्हें ट्रांसफर नहीं हो सकते क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर पार्टी कैडर को वोटर हैं लेकिन चेहरे के शैमिल होने से हर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा उनके साथ जा सकता है। इसके अलावा चुनावों में महायुति के पक्ष में नैरेटिव सेट हो सकता है, जो MVA के लिए बड़ा झटका है।  

पुरानी घटना का हवाला देकर चुनाव आयोग ने चेताया, निर्वाचन अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के बीच चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस को पत्र लिखकर चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई है। चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि एसआईआर की ड्यूटी में तैनात चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पत्र में कहा गया, जानकारी में आया है कि 24 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय की सुरक्षा तोड़ी गई। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त, अडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर, जॉइंट चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर और डिप्टी चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया गया है।   पत्र में आगे कहा गया कि चुनाव आयोग ने पहले ही घटना का संज्ञान लिया है और चीफ इलेक्शन ऑफिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। उनके कार्यालय और आवास दोनों की सुरक्षा पुख्ता की जाए। इसके अलावा एसआईआर की प्रक्रिया और डेटा की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त सुरक्षा के उपाय किए जाएं। चुनाव आयोग ने कहा कि निर्देश के बाद क्या कदम उठाए गए इसकी जानकारी 48 घंटे में दी जाए। बता दें कि बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सैकड़ों सदस्यों ने सोमवार को कॉलेज स्क्वायर से सीईओ कार्यालय तक मार्च निकाला और सीईओ कार्यालय के सामने धरना दिया था। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस के मानवीय दीवार की तरह खड़े होने के बावजूद उनमें से कुछ ने गेट तोड़ने की कोशिश की। भीड़भाड़ में कुछ प्रदर्शनकारी दफ्तर के अंदर घुस गए और वहीं धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सोमवार रात करीब 11 बजे उस समय गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई, जब केएमसी पार्षद सजल घोष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक समूह नारेबाजी करते हुए मौके पर पहुंचा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर चुनाव आयोग के अधिकारियों को डरा-धमकाकर चल रही एसआईआर प्रक्रिया को विफल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। एसआईआर एनआरसी से भी ज्यादा खतरनाक- ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पीछे असली मंशा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) है। संविधान दिवस के अवसर पर रेड रोड स्थित बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाया जा रहा है। इससे पहले, उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जब लोकतंत्र दांव पर हो, धर्मनिरपेक्षता ‘‘खतरे में हो’’ और संघवाद को ‘‘ध्वस्त किया जा रहा हो’’, तो लोगों को संविधान द्वारा प्रदत्त मूल्यवान मार्गदर्शन की रक्षा करनी चाहिए। बनर्जी ने कहा कि संविधान राष्ट्र की रीढ़ है, जो भारत की संस्कृतियों, भाषाओं और समुदायों की विविधता को कुशलतापूर्वक एक साथ पिरोता है।