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कर्नाटक की कमान किसके हाथ? शिवकुमार–सिद्धारमैया पर जल्द आएगा बड़ा फैसला

बेंगलुरु  कर्नाटक कांग्रेस में जारी कथित सत्ता संघर्ष पर जल्द ही विराम लग सकता है। खबर है कि जल्द ही कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच जारी रस्साकशी को लेकर बैठक कर सकता है। संभावनाएं हैं कि दोनों नेताओं को दिल्ली भी तलब किया जा सकता है। खास बात है कि मई 2023 में दोनों नेताओं के बीच कथित तौर पर एक समझौता हुआ था, जिसमें दोनों को ढाई साल नेतृत्व की बात कही गई थी। हालांकि, सार्वजनिक रूप से इसके बारे में कभी बात नहीं हुई। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान 1 दिसंबर से पहले कर्नाटक पर बड़ा फैसला ले सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुलाकात आने वाले एक या दो दिनों में हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धारमैया और शिवकुमार को संभावित रूप से 28 या 29 नवंबर को दिल्ली बुलाया जा सकता है। खास बात है कि 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है और पार्टी इससे पहले इस मुद्दे को सुलझाना चाहेगी। क्या उम्मीद रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धारमैया के करीबी एक नेता ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि राहुल गांधी का समर्थन मिलेगा। साथ ही उन्होंने संकेत दिे हैं कि सिद्धारमैया के पास विधायकों का समर्थन है। इधर, शिवकुमार समर्थक विधायक इकबाल हुसैन ने ऐलान कर दिया है कि उनके नेता सीएम बनने वाले हैं। हालांकि, उन्होंने अंतिम फैसला आलाकमान की तरफ से लिए जाने की बात कही है। दिल्ली से लौटे विधायक खबर है कि दिल्ली पहुंचे शिवकुमार समर्थक कुछ विधायक बेंगलुरु लौट आए हैं। मंगलवार को कुछ नेताओं ने कहा कि नेतृत्व इस मामले पर फैसला लेगा। कुछ विधायकों ने कहा कि उन्होंने आलाकमान से मुख्यमंत्री के मुद्दे पर भ्रम जल्द से जल्द खत्म करने का अनुरोध किया है, जबकि अन्य ने कहा कि वे प्रस्तावित मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान युवाओं या नये चेहरों को मौका देने की मांग कर रहे हैं। सीक्रेट डील का जिक्र शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर बात नहीं करना चाहते, क्योंकि यह पार्टी में चार-पांच लोगों के बीच एक 'गुप्त समझौता' है, और उन्हें अपनी अंतरात्मा पर भरोसा है। हुसैन ने कहा कि सभी लोग आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे, साथ ही उन्होंने शिवकुमार के प्रमोशन पर भरोसा जताया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा उस बयान के साथ हूं…। 200 फीसदी वह जल्द ही सीएम बनेंगे। हाईकमान फैसला लेगा। जैसा कि हमारे नेता (शिवकुमार) ने कहा है कि सत्ता हस्तांतरण की सीक्रेट डील 5-6 पार्टी नेताओं के बीच हुई थी और वही 5-6 लोग फैसला लेंगे।'  

नाम पढ़ते ही चौंक गए अधिकारी: वोटर लिस्ट में टीवी, ऐंटीना, काजू-बादाम जैसे अनोखे नाम

अगर मालवा  काजू सिंह, बादाम, पिस्ता, शेरनी बाई, टीवी, ऐंटेना, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, दिलीप कुमार, हेमामालिनी… चौंकिए मत। ये मतदाताओं के नाम हैं। मामला मध्य प्रदेश के अगर मालवा जिले का है। SIR के तहत अपडेट हो रहे मतदाता सूची में इस तरह के अनोखे नाम पढ़कर हर कोई हैरान है। अधिकारियों ने बताया जिले के दो मतदान केंद्रों- 93 और 94 में मतदाताओं के नाम फिल्मी पोस्टर, हीरो-हीरोइन, ड्राई-फ्रूट या टूरिज्म के ब्रोशर जैसे हैं। मगर इस तरह के अनोखे नाम रखने की वजह क्या है, जानिए पूरी बात। यह अनोखी वोटर लिस्ट दरअसल पढ़ी समुदाय (Pardhi Community) की जीवनशैली से जुड़ी है, जो पीढ़ियों से घुमंतू जीवन जी रहे हैं। ये समुदाय चलते-फिरते जीवन में अपने बच्चों के नाम उसी चीज़ पर रख देते थे, जो जन्म के समय आसपास दिखाई देता था। कभी तंबू सिनेमा में चल रही फिल्म, कभी गुजरते शहर का नाम, तो कभी वह स्नैक जो परिवार खा रहा होता था या ऐसे ही कुछ और। हंसते हुए BLO ने क्या बताया? एनडीटीवी रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 से BLO के रूप में तैनात संतोष जैसवाल बताते हैं- “माधुरी दीक्षित, जीतेंद्र दीक्षित, प्याज बाई, सरांगपुर बाई, हेमामालिनी… शुरुआत में ये नाम अजीब लगे, लेकिन अब तो याद हो गए। उन्होंने मुस्कुराते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- इतने फॉर्म भरे हैं कि बॉलीवुड मुझे कास्टिंग डायरेक्टर रख ले!” उनके अन्य साथी BLO हंसते हुए कहते हैं- “काजू सिंह, सनी देओल, शेरनी बाई, शेर खान… शुरुआत में लगा कि कोई मजाक कर रहा है। मगर आज ये नाम रोज़मर्रा जैसे लगते हैं।” मतदाता ने गर्व से सुनाई अपने नाम की कहानी जिन नामों को आमजन अनोखा समझ रहे हैं, वो नाम इन लोगों के लिए रोजमर्रा का हिस्सा बन गए हैं। देश प्रेमी नाम वाले मतदाता ने अपने नाम पर गर्व करते हुए इसके रखने की कहानी साझा की। देश प्रेमी ने बताया- “मेरे जन्म के दिन पिताजी फिल्म देखने गए थे। हीरो का नाम अच्छा लगा, कहानी पसंद आई, तो बस मेरा नाम देश प्रेमी रख दिया। हमारे यहां सोल्जर, परदेसी, राजकुमार जैसे नाम बहुत आम हैं।”

राम मंदिर पर फहराता ध्वज: पाकिस्तान बोखलाया, संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की गुहार

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित मंदिर में हुए ध्वजारोहण पर पाकिस्तान खिसियाता नजर आ रहा है। पड़ोसी मुल्क ने एक बार फिर बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाया है और भारत पर मुस्लिम विरासत को कम करने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। अल्पसंख्यकों के अधिकारों के हनन और आतंकवाद फैलाने के आरोप से घिरे मुल्क ने UN यानी संयुक्त राष्ट्र से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। फिलहाल, भारत सरकार की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केसरिया ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया। यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्प विविधता को दिखाता है। पाकिस्तान ने क्या कहा पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने लिखा, 'पाकिस्तान ने आयोध्या में ऐतिहासिक बाबरी के स्थान पर बने तथाकथित राम मंदिर पर ध्वजारोहण पर चिंता जाहिर की है। सदियों पुरानी प्रार्थना की जगह को 6 दिसंबर 1992 में चरमपंथी भीड़ ने गिरा दिया था। इसके बाद भारत में हुई न्यायिक प्रक्रिया में जिम्मेदारों को बरी कर दिया गया और मस्जिद की जगह पर मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई।' पाकिस्तान ने भारत पर भेदभाव के आरोप लगाए। मानवाधिकार उल्लंघन के कई आरोप झेल चुके पाकिस्तान ने कहा, 'यह भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते दबाव और मुस्लिम सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जानबूझकर कम करने की कोशिश है।' पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है। पाकिस्तान ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र और संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों को इस्लामिक विरासत की सुरक्षा और सभी अल्पसंख्यकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा में भूमिका निभानी चाहिए।' रिपोर्ट में खुली पाकिस्तान की पोल संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार की 24 जुलाई 2025 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान में कमजोर समुदायों के खिलाफ हुई हिंसा पर हैरानी जताई थी। विज्ञप्ति के अनुसार, UNHR एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान से अपील की है कि अहमदिया समुदाय समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के बीच कड़े कदम उठाए जाएं। आगे कहा गया, 'हम कमजोर समुदायों के खिलाफ उनके धर्म या विश्वास के आधार पर बढ़ती हिंसा की खबरों से हैरान हैं।' आगे कहा गया, 'इन समुदायों ने अपने खिलाफ दुश्मनी और नफरत की वकालत के संदर्भ में हमले, हत्याएं और उत्पीड़न देखा है।' एक्सपर्ट्स ने कहा, 'पाकिस्तान को सजा से बचने के उस पैटर्न को तोड़ना होगा, जिसमें हमलों और नफरत भड़काने वालों को बगैर रोकटोक काम करने दिया जाता है।' साथ ही कहा गया कि ये हमले सरकारी मिलीभगत से होते हैं। एक्सपर्ट्स ने पाकिस्तान सरकार से इन उल्लंघनों की जांच करने और आपराधियों को सजा दिलाने की मांग की थी।  

लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, सिंगरौली में नायब तहसीलदार रिश्वत लेते दबोचा गया

 सिंगरौली  लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में राजस्व निरीक्षक हरी प्रसाद वैश की भूमिका भी संदिग्ध मिली है, जिस पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। करौली (सीधी) निवासी प्रवीण चतुर्वेदी ने वर्ष 2016 में चितरंगी क्षेत्र के बालाखण्ड गांव में जमीन खरीदी थी। कब्जे को लेकर हुए विवाद में उन्होंने 2017 में बेदखली के लिए आवेदन दिया। 2021 में आदेश जारी होने के बाद भी चार वर्षों तक कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता के बार-बार अनुरोध पर नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने मिलकर 15,000 रुपये की रिश्वत मांग ली। लोकायुक्त ने शिकायत की जांच की तो 22 नवंबर को नायब तहसीलदार द्वारा 4,000 रुपये तथा 23 नवंबर को राजस्व निरीक्षक द्वारा 8,000 रुपये मांगने की पुष्टि हुई। दोनों अधिकारियों की रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और पूरी तैयारी के साथ निगरानी की। 25 नवंबर को लोकायुक्त दल ने बैरीटोला खुर्द स्थित सरकारी आवास में छापा मारकर नायब तहसीलदार महेंद्र कोल को 4,000 रुपये लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि राजस्व निरीक्षक के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई जारी है।

MP में फिर सर्दी की दस्तक, बादलों से रात का तापमान बढ़ा, दिन में ठंडक बनी रहेगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अगले दो दिनों बाद प्रदेश में ठंड का असर दोबारा तेज़ होगा। फिलहाल भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बादलों की मौजूदगी के चलते तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक आसमान में बादल छाए जरूर हैं, लेकिन बरसात की संभावना नहीं है। पहाड़ों पर बर्फबारी, लेकिन उत्तरी हवा रुकी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी लगातार जारी है, लेकिन हवा की दिशा बदलने से उत्तर की ओर से आने वाली सर्द हवाएं प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पा रही हैं। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण हल्के बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। इससे दिन में हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि रात का तापमान 5-6 डिग्री तक ऊपर चढ़ गया है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री भोपाल में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 16.7 डिग्री और जबलपुर में 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।वहीं, नौगांव, रीवा, मुरैना, खजुराहो, चित्रकूट और दतिया सबसे ठंडे रहे। नौगांव 8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, मुरैना 9.4 डिग्री, खजुराहो 9.6 डिग्री, चित्रकूट 9.7 डिग्री और दतिया 9.9 डिग्री रहा। मंगलवार को दिन में भी मौसम ठंडा रहा और भोपाल सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। नवंबर में टूटा ठंड का पुराना रिकॉर्ड इस बार नवंबर में ही ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड दर्ज हुई, जबकि इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। लगातार 15 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर चली। हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में ठंडक में थोड़ी कमी आई है। आमतौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े में तेज ठंड की शुरुआत होती है, लेकिन इस साल हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ा और प्रदेश 6 नवंबर से ही ठिठुरने लगा। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली-1931 के बाद यह सबसे लंबा सिलसिला रहा। रात का पारा गिरकर 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो नया रिकॉर्ड बना। फिलहाल हवाओं का रुख बदल गया है, जिससे पिछले चार दिनों से शीतलहर थमी हुई है। यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है। हालांकि रात के तापमान में 2-3 डिग्री की कमी हो सकती है। दिसंबर के पहले सप्ताह में फिर से कड़ाके की ठंड लौटने के आसार हैं।  

महाघोटाले की आंच: MP में जल जीवन मिशन की 280 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट, 141 अफसरों पर गिरी गाज

भोपाल  जल जीवन मिशन में गड़बड़ी के मामलों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने अब कड़ा रूख अपना लिया है। मंगलवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मिशन की समीक्षा बैठक में बड़े स्तर पर लापरवाही उजागर की। पीएचई के प्रमुख सचिव पी. नरहरि से मुख्य सचिव ने सीधे सवाल-जवाब किए और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तलब की। क्या पाया गया? बैठक में खुलासा हुआ कि अफसर–ठेकेदार–एजेंसी के गठजोड़ ने घटिया सामग्री सप्लाई की, टेंडर नियमों का उल्लंघन किया और कई प्रोजेक्ट में फर्जी बैंक गारंटी तक लगाई गई। मुख्य सचिव ने साफ कहा—“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, जीरो टॉलरेंस पर कड़ी कार्रवाई होगी। बड़ी कार्रवाई  280 एजेंसियां ब्लैकलिस्ट अब दूसरे विभागों में काम नहीं मिलेगा।  22 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट + अनुबंध निरस्त फर्जी बैंक गारंटी वाले ठेकेदारों पर CBI केस भी दर्ज।  141 अधिकारी नोटिस पर त्रुटिपूर्ण DPR बनाने पर उपयंत्री से लेकर कार्यपालन यंत्री स्तर तक नोटिस जारी।  10 अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई गुणवत्ताहीन सामग्री व टेंडर नियमों के उल्लंघन में दोषी पाए गए।  30 करोड़ की पेनल्टी विभाग ने एजेंसियों पर अब तक लगभग ₹30 करोड़ का आर्थिक दंड लगाया। केंद्र ने बजट रोका – क्यों बढ़ी चिंता? पिछले एक साल से केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के फंड जारी नहीं किए हैं। अक्टूबर 2024 में 600 करोड़ आए थे, पर उसके बाद दूसरी दीपावली भी निकल गई लेकिन राशि नहीं मिली। मुख्य सचिव की यह सख्त समीक्षा केंद्र के फंड रिलीज से जोड़कर देखी जा रही है। विधानसभा में तीन बार हंगामा विपक्ष ने आरोप लगाया कि “योजना को चौपट कर दिया गया।” विधायक समितियों से जांच कराने की मांग… सत्ता पक्ष के विधायक गोपाल भार्गव ने भी समर्थन किया। समग्र संदेश मुख्य सचिव का साफ संकेत है कि जल जीवन मिशन में अब कोई समझौता नहीं होगा। गुणवत्ता, वित्तीय शुचिता और पारदर्शिता पर बड़ा फोकस—और गड़बड़ी पकड़ी गई तो सीधी कार्रवाई।

बुंदेली रंग में रंगा ओरछा, खजरी मुकुट के साथ श्रीराम राजा सरकार का उत्सव

 ओरछा   शिखर पर धर्मध्वज फहराने के साथ मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि (Ayodhya Ram Mandir) के मंदिर की पूर्णत: का उल्लास बुंदेलखंड की अयोध्या कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के ओरछा स्थित श्रीराम राजा सरकार की बरात में भी दिखा। यहां खजरी का मुकुट लगाकर ठेठ बुंदेली अंदाज में निकले श्रीराम राजा सरकार को निहारने के लिए दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ आतुर दिखी। बुंदेली गीतों से हर द्वार पर तिलक हुआ पालकी के एक ओर छत्र तथा दूसरी ओर चंवर था, जिसे देखकर बुंदेली वैभव की याद ताजा हो गई। बरात में सभी परंपरागत रस्में निभाई गईं। बुंदेली गीतों से हर द्वार पर तिलक हुआ। महिलाओं ने मंगल कलश सजाए। बरात में राजसी प्रतीक चिह्न पंखा, तिकोना, छड़ी व मशाल सरकार की पालकी के साथ रहे। श्रीराम राजा सरकार छोटे भाई लक्ष्मण के साथ पालकी में विराजे। पुलिस के जवानों ने सशस्त्र सलामी दी बुंदेली लोकरीति के बीच मंगलवार शाम श्रीराम राजा सरकार राजसी ठाटबाट के साथ हाथी, घोड़ा, ढोल नगाड़ा, बैंड-बाजे, ध्वज पताका के साथ सियाजी से शादी करने बरात लेकर जनकपुर के लिए निकले। सबसे पहले श्रीराम राजा मंदिर के मुख्य द्वार पर पुलिस के जवानों ने दूल्हा सरकार की मंदिर से निकासी के मौके पर उन्हें सशस्त्र सलामी दी। फूलों की वर्षा कर स्वागत वंदन मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित रमाकांत शरण महाराज और पुरोहित पंडित वीरेंद्र कुमार बिदुआ ने कलेक्टर जमुना भिडे के साथ वैदिक विधि से पूजन कर दूल्हा सरकार को उनके भाई लक्ष्मण सहित पालकी में विराजमान कराया। इसके बाद बरात हजारों राम भक्तों और ढोल-नगाड़ों के साथ नगर भ्रमण के लिए निकली। लोगों ने घर-घर मंगल कलश सजाकर दूल्हा बने श्रीराम राजा सरकार का फूलों की वर्षा कर स्वागत वंदन किया।  

सम्राट चौधरी की नई पहल: पिंक पुलिस करेगी छेड़खानी पर त्वरित कार्रवाई

पटना  पुलिस मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ जैसे ही सम्राट चौधरी ने गृह विभाग संभाला, बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नया दौर शुरू होता दिखा. 1972 के बाद पहली बार किसी गैर-मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय की कमान ली है और सम्राट चौधरी ने आते ही घोषणा कर दी. छेड़खानी हुई तो आरोपी ही नहीं, जिम्मेदार पुलिसकर्मी भी कार्रवाई होगी. अपराधियों-कुख्यातों की संपत्ति जब्ती से लेकर साइबर अपराध पर ‘सफाई अभियान’ पर सख्त फैसला लिया. पदभार ग्रहण करते ही सम्राट चौधरी शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने साफ कर दिया कि अब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एंटी रोमियो स्क्वॉड और पिंक पुलिस तैनात होगी सम्राट चौधरी ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉड यूपी मॉडल पर तैयार किया जाएगा. हर स्कूल-कॉलेज के छुट्टी समय के आसपास पिंक पुलिस तैनात रहेगी और किसी भी तरह की छेड़खानी पर सीधे कार्रवाई होगी. उन्होंने साफ कहा -अगर किसी युवती, छात्रा या महिला से छेड़खानी हुई, तो आरोपी तो गिरफ्तार होगा ही, लेकिन लापरवाही करने वाली पुलिस पर भी कार्रवाई होगी. डिजिटल अपराध के खिलाफ सफाई अभियान साइबर क्राइम और डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए गृहमंत्री ने बड़ा अभियान चलाने का एलान किया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर अपशब्द, भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक फोटो-वीडियो डालने वालों की पहचान तत्काल की जाए और कार्रवाई में देरी न हो. जेल प्रशासन को भी कड़ी चेतावनी दी गई है. जेल में मोबाइल मिलने पर जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी. डॉक्टर की अनुमति के बिना कैदियों को बाहर से भोजन भेजने पर रोक होगी. 400 माफियाओं की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू सम्राट चौधरी ने कहा कि संगठित अपराध का नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हो गई है. राज्य में बालू, शराब और जमीन से जुड़े करीब 400 कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए सूची तैयार है. दो माफियाओं की संपत्ति जब्ती की अनुमति कोर्ट से मिल चुकी है. गृहमंत्री ने कहा— बिहार में अपराध करके करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. स्पीडी ट्रायल चलेगा और सजा सुनिश्चित की जाएगी. कानून-व्यवस्था सुधारने की तैयारी पदभार संभालने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने पांच पूर्व डीजीपी और निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. बैठक में अपराध नियंत्रण, जेल मॉनिटरिंग, स्पेशल कोर्ट बढ़ाने और आर्म्स एक्ट मामलों में समयबद्ध सजा सुनिश्चित करने पर सुझाव मिले. उन्होंने कहा कि सभी सुझावों को लागू किया जाएगा और पुलिस प्रशासन को और मजबूत किया जाएगा. बिहार में सुशासन कायम रहेगा अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज और सुशासन को और मजबूत किया जाएगा. यूपी मॉडल की चर्चा पर उन्होंने कहा कि बिहार अपना मॉडल भी प्रभावी तरीके से लागू करेगा.

BLO सम्मान समारोह: परिवार के साथ फाइव स्टार होटल में लंच और 10,000 रुपए इनाम

गाजियाबाद. मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को सफल बनाने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने ऐलान किया है कि SIR में शत-प्रतिशत और सबसे बेहतरीन काम करने वाले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को नकद इनाम के साथ-साथ परिवार सहित फाइव स्टार होटल में विशेष सम्मान समारोह और लंच का मौका मिलेगा. सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र से टॉप-5 BLO चुने जाएंगे. इसके लिए  चयन का आधार होगा- घर-घर जाकर सबसे ज्यादा फॉर्म भरवाना, सबसे तेज और सटीक तरीके से एप पर डिजिटाइजेशन करना। इसमें प्रथम और द्वितीय स्थान वाले BLO को 10,000-10,000 रुपए नकद, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम स्थानपर रहने वाले BLO को 5,000-5,000 रुपए नकद मिलेंगे. साथ ही ये पांचों BLO अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी के हाथों प्रशस्ति पत्र और विशेष सम्मान प्राप्त करेंगे. उन्हें फाइव स्टार होटल में भव्य लंच के लिए आमंत्रित किया जाएगा. लोगों से की ये अपील जिलाधिकारी ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत करने का यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है. जो BLO दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उनकी मेहनत को हम पूरी गरिमा के साथ सम्मानित करेंगे.” सिटी मजिस्ट्रेट संतोष उपाध्याय ने लोगों से अपील की है कि अपने क्षेत्र के BLO की अधिक से अधिक मदद करें, फॉर्म भरवाएं ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक बने. वे खुद मोहल्लों में घूम-घूमकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. लापरवाह BLO को नोटिस वहीं लापरवाही बरतने वाले कुछ BLO को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं और कुछ पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है. प्रशासन का साफ संदेश है – काम में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन मेहनत करने वालों को भरपूर सम्मान मिलेगा. इस अनोखी पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है. शिक्षक और अन्य विभागों के कर्मचारी जो BLO की ड्यूटी कर रहे हैं, इसे प्रोत्साहन की बड़ी मिसाल बता रहे हैं.

वायरल हुई गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की प्रिंटेड जैकेट, कोटपुतली-बहरोड़ में तीन लोग गिरफ्तार

 जयपुर राजस्थान पुलिस ने कोटपुतली-बहरोड़ जिले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम वाली जैकेट बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई किसी भी तरह से अपराधियों और गैंगस्टरों को बढ़ावा देने वाले लोगों पर कार्रवाई के तहत की गई है. एजेंसी के मुताबिक, कोटपुतली-बहरोड़ के SP देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस टीम ने कोटपुतली के सिटी प्लाजा में एक दुकान पर छापा मारा और आरोपियों द्वारा बेची जा रही 35 जैकेटें जब्त कीं, जिन पर कथित तौर पर गैंगस्टर का नाम लिखा था. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कृष्ण उर्फ ​​गुड्डू (38), संजय सैनी (31) और सुरेश चंद शर्मा (50) के रूप में हुई है, जो सभी कोटपुतली इलाके के रहने वाले हैं. 'युवा गुमराह होते हैं…' SP ने कहा कि अपराधियों का महिमामंडन करने से अपराध को बढ़ावा मिलता है और युवा गुमराह होते हैं. उन्होंने कहा कि जिला पुलिस भविष्य में गैंगस्टर या आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले किसी भी शख्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी. कौन है लॉरेंस बिश्नोई? गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम पहली बार सुर्खियों में तब आया, जब 29 मई, 2022 को हिप-हॉप आइकन, पंजाबी रैपर सिद्धू मूसे वाला की हत्या से उनका नाम जुड़ा. मूसे वाला भारत की विपक्षी कांग्रेस पार्टी का सदस्य भी था. बिश्नोई के साथियों ने इंटर-गैंग दुश्मनी के तहत इस हत्या की ज़िम्मेदारी ली. पिछले साल बिश्नोई के गैंग ने मुंबई के पॉश बांद्रा इलाके में हुई कद्दावर नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की ज़िम्मेदारी ली. सिद्दीकी तीन बार विधायक और महाराष्ट्र राज्य सरकार में पूर्व मंत्री थे. वह बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़, खासकर एक्टर सलमान खान के साथ अपनी नज़दीकियों के लिए जाने जाते थे. लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से सलमान खान को कई बार धमकियां दी जा चुकी हैं. सलमान पर 1998 में राजस्थान में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान शिकार के लिए गए दो हिरणों को मारने के आरोप में लगा था. बिश्नोई धार्मिक समुदाय इस प्रजाति को पवित्र मानता है. हाल ही में बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों को मुंबई में सलमान खान के घर पर फायरिंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.