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संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी – पद्म आनंद कुमार

रायपुऱ : कठिनाइयां ही इंसान को मजबूत बनाती हैं: वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी – पद्म आनंद कुमार वित्त मंत्री ने की 66 विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा मेरिट सूची में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा 1-1 लाख रुपये शिक्षा सहायता पद्म  आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के टिप्स रायपुऱ युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, प्रेरणा और सुनियोजित कैरियर निर्माण के उद्देश्य से प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी के विशेष पहल पर आज रायगढ जिले के पुसौर में भव्य कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद तथा सुपर-30 के संस्थापक पद्म  आनंद कुमार ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने 66 चयनित विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही कहा कि आगामी वर्ष कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं की मेरिट सूचियों में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को 1-1 लाख रुपये शिक्षा सहायता दिया जाएगा। कठिनाइयाँ ही इंसान को मजबूत बनाती हैं कार्यक्रम में सर्वप्रथम वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सरकार युवाओं के भविष्य निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत अत्यंत आवश्यक हैं। कठिनाइयाँ ही इंसान को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अपने छात्र जीवन के संघर्षों तथा सरकारी स्कूल से कलेक्टर और मंत्री बनने की प्रेरक यात्रा साझा करते हुए कहा कि मेहनत, निर्णय शक्ति और समय के सही उपयोग से कोई लक्ष्य असंभव नहीं। उन्होंने बताया कि केवल डिग्री को महत्व देना पर्याप्त नहीं, बल्कि लक्ष्य आधारित पढ़ाई, दृढ़ संकल्प और परिस्थितियों को स्वीकार कर आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने विराट कोहली के कठिन समय में अद्भुत समर्पण का उदाहरण देकर समझाया कि कठिनाइयाँ जीवन में ऊँची छलांग लगाने की तैयारी करवाती हैं।  चौधरी ने युवाओं को सलाह दी कि अपनी क्षमता को पहचानें और उसके अनुसार करियर चुनें। योजना बनाकर, धैर्य और परिश्रम के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ें।  साधारण शुरुआत असाधारण सफलता का आधार बनती है   छात्रों को संबोधित करते हुए पद्म आनंद कुमार ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने वाला व्यक्ति जीवन में अवश्य सफल होता है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की प्रेरक यात्रा साझा करते हुए बताया कि पिता के निधन के बाद उन्हें आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा, पापड़ बेचने पड़े और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में चयन होने के बावजूद वे आर्थिक परिस्थितियों के कारण नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि सुविधाओं का अभाव सफलता में बाधा नहीं, बल्कि संघर्ष करने की प्रेरणा है। जो भी काम करो, उसे सर्वश्रेष्ठ तरीके से करो, मेहनत में कमी मत आने दो। उन्होंने सुपर-30 के विद्यार्थियों अभिषेक राज, शशि नारायण और निधि झा जैसी सफल प्रेरक कहानियाँ उदाहरण स्वरूप साझा कीं। उन्होंने कहा कि अवसरों की कमी का रोना न रोएँ, बल्कि अवसर स्वयं बनाएँ। संघर्षों को सफलता की सीढ़ी बनाएँ। अंत में उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ा बनने के लिए जन्म से नहीं, कर्म और संकल्प से पहचान बनती है। कोई भी साधारण शुरुआत असाधारण सफलता का आधार बन सकती है। कार्यक्रम में विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का मंच पर सम्मान किया गया। पुसौर और खरसिया विकासखण्ड के बच्चों ने पहली बार सुपर-30 के संस्थापक पद्म आनंद कुमार को देखा और उनकी बातों को तन्मयता से सुना। उनके प्रेरक विचारों के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम से प्रेरणा प्राप्त की। कार्यक्रम में नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान, नगर पंचायत पुसौर के अध्यक्ष मती मानी मोहित सतपथी, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती हेमलता चौहान,  उमेश अग्रवाल, मती लक्ष्मी जीवन पटेल,  बृजेश गुप्ता,  जैमिनी गुप्ता,  संदीप पंडा,  प्रवीण द्विवेदी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक  दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे, एसडीएम  महेश शर्मा सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के स्कूलों का किया आकस्मिक निरीक्षण

रायपुर : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्वयं बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की स्थिति और स्कूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। प्राथमिक शाला धवलपुर में शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा          शिक्षा मंत्री सबसे पहले प्राथमिक शाला धवलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय की सभी गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर की जाँच की और नियमितता एवं समयपालन पर जोर दिया। मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा पाठ्यपुस्तकों और गणवेश जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित न रहे। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। अधोसंरचना और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा        इसके बाद श्री यादव हायर सेकेंडरी स्कूल धवलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विशेषकर विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी संबंधी योजनाओं की जानकारी ली और समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने निर्देश दिए। मंत्री ने अधोसंरचना विकास और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया तथा निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन की भी जाँच की ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे। विद्यार्थियों की सहभागिता और सुझाव           निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। शिक्षा मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। छात्राओं से मुलाकात-मांगों पर दिया आश्वासन          शिक्षा मंत्री ने स्कूल से लौट रही हायर सेकेंडरी स्कूल मैनपुर की छात्राओं से भी बातचीत की। छात्राओं ने स्कूल भवन एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता बताई। इस पर मंत्री श्री यादव ने उनकी माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण से बढ़ा विश्वास         शिक्षा मंत्री के औचक निरीक्षण से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में सरकार के प्रति विश्वास और उत्साह और अधिक बढ़ा है। यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। 6245

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलेः साम्राज्य आए-गए, पीढ़ियां आईं-गईं, मगर एकमात्र आस्था अडिग थी

सत्य को कोई धूमिल नहीं कर सकता: योगी आदित्यनाथ श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों की ओर से किए श्रद्धासुमन अर्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोलेः साम्राज्य आए-गए, पीढ़ियां आईं-गईं, मगर एकमात्र आस्था अडिग थी लखनऊ को गुरु तेग बहादुर जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त होना सौभाग्य का विषय: मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी बोले, अयोध्या में जब-जब राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष हुए तब सिख कभी पीछे नहीं हटे लखनऊ । सिख पंथ के नौवें गुरु तथा हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। मंगलवार को ऐशबाग के डीएवी कॉलेज में आयोजित विशेष गुरुमति समागम में उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका और शबद कीर्तन का श्रवण किया। उन्होंने नवम सिख गुरु तेग बहादुर जी महाराज, भाई मति दास जी, भाई सती दास जी व भाई दयाला जी की स्मृति को कोटि-कोटि नमन कर करोड़ों प्रदेशवासियों की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि सत्य को कोई धूमिल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि साम्राज्य आए गए, पीढ़ियां आईं गईं, मगर एकमात्र अडिग थी आस्था और इसी के कारण आज हम अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर की पूर्णता, धर्म ध्वजा की स्थापना और इस कार्यक्रम के आयोजन में यहां सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी द्वारा सिरोपा, कृपाण और गुरु साहिब की फोटो देकर सम्मानित किया गया। आज का दिन है प्रेरणा का दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरा देश इस कार्यक्रम के साथ जुड़ा हुआ है। आज का दिन हम सबके लिए प्रेरणा का दिवस है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी को इतनी यातना इसलिए दी गई क्योंकि मुगलों ने पूरे भारत का इस्लामीकरण करने की मुहिम चला रखी थी। औरंगजेब जैसा क्रूर बादशाह मनमानी करने पर उतर आया था। तिलक मिटाने और जनेऊ तोड़ने के लिए उसने देशभर में अत्याचार किया। कश्मीर में जब उसके अत्याचार की पराकाष्ठा हो गई और अफगान खान जैसा सिपहसालार वहां अत्याचार करने लगा, तब पंडित कृपाराम जी को जब कहीं शरण नहीं मिली तो वे गुरु महाराज के चरणों में जाकर उनकी याचना करने लगे। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज उस समय मात्र 9 वर्ष के थे। उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी से कहा कि याचना हो रही है, आप कह रहे हैं किसी बड़े व्यक्ति को बलिदान देना होगा, तो भला आपसे बड़ा कौन है। गुरु तेग बहादुर जी महाराज के बलिदान को किया याद मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी महाराज ने जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई। उन्हें कैद कर लिया गया। भाई मति दास को पहले यातना दी जाती है, उन्हें आरी से चीरा जाता है। भाई सती दास को रुई से लपेटकर आग लगाई जाती है और भाई दयाला को उबलते हुए पानी के देग में डालकर बलिदान कर दिया जाता है। गुरु तेग बहादुर जी महाराज तब भी अपने धर्म-संकल्प से डिगे नहीं, तो उनके साथ कितनी बड़ी क्रूरता बरती गई। जब हम इतिहास के उन क्रूर क्षणों को स्मरण करते हैं तो हमें लगता है कि यातनाएं न केवल गुरु परंपरा ने सही थीं, बल्कि वक्त आने पर उससे टक्कर लेने के लिए खुद को तैयार भी किया था। गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज को जब हम स्मरण करते हैं तो पाते हैं कि मात्र 9 वर्ष की उम्र में जिन्होंने अपने गुरु व पिता को खोया हो, जिनके चारों साहिबजादे सनातन की रक्षा करने के लिए बलिदान हो गए हों, दुनिया में बहुत कम ऐसा उदाहरण देखने को मिलता है। वे एक शहीद पिता के पुत्र हैं तो शहीद पुत्रों के पिता भी हैं। बाबर को जाबर कह गुरु नानक देव जी ने किया था विरोध मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि अयोध्या की पावन धरती पर आपके बीच आया हूं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या आए थे। श्रीरामजन्मभूमि पर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सनातन के भगवा ध्वज का आरोहण राम मंदिर के शिखर पर एक भव्य समारोह में हुआ है। यही वह भगवा ध्वज है जिसकी रक्षा करने के लिए सिख गुरुओं की परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बलिदान करती आई है। याद करिए, वर्ष 1510 से लेकर 1515 के बीच प्रथम गुरु नानक देव जी महाराज अयोध्या धाम में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का दर्शन करने जाते हैं। वर्ष 1528 में विदेशी आक्रांता बाबर के सिपहसालार द्वारा मंदिर को तोड़ा गया। उस समय बाबर के अत्याचार को देखते हुए गुरु नानक देव महाराज ने बाबर को जाबर कहकर उसके कुकृत्यों का विरोध किया था। अयोध्या में जब-जब राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष हुए, तब सिख गुरुओं, योद्धाओं, संतों, निहंगों, राजाओं व सामान्य नागरिकों ने बलिदान देने में एक क्षण भी नहीं सोचा।  आस्था बनी महायज्ञ की साक्षी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के बारे में यह बात हम सबको स्मरण रखनी होगी कि जो आस्था 500 वर्षों के बाद श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के महायज्ञ की साक्षी बनी है, वही आस्था आज इस कार्यक्रम में भी हम सबको देखने को मिल रही है। 350 वर्षों के बाद भी हर सिख, हर सनातनी गुरु तेग बहादुर जी महाराज व सभी शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपनी आस्था व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि यही बात मैं आप सबको स्मरण दिलाने के लिए आया हूं। गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों को जो सम्मान तब मिलना चाहिए था, वह 2020 में मिला। पहले मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम हुआ और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 26 दिसंबर की तिथि को सदैव के लिए वीर बाल दिवस के रूप में समर्पित करते हुए उन चारों साहिबजादों की स्मृति को जीवंत बना दिया गया है। यह आने वाली पीढ़ी, हर नौजवान व हर युवा को बताता है कि जो भी देश और धर्म के लिए कुछ करेगा, उसके प्रति समाज इसी प्रकार से कृतज्ञता ज्ञापित करेगा। वही कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर हम सभी के सामने आज का यह दिवस भी है। याहियागंज गुरुद्वारा है गौरवशाली क्षणों का साक्षी मुख्यमंत्री ने कहा कि … Read more

गांवों का विकास पंचायतों की शक्ति से— उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बड़ा बयान

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित 'आत्मनिर्भर पंचायत–समृद्ध मध्यप्रदेश' थीम आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने वॉटरशेड जनभागीदारी कप प्रोत्साहन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों को पुरस्कृत किया तथा प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं अपेक्षाओं को सुना। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में एक हैंडपंप लगना भी बड़ी उपलब्धि माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश की पंचायतों में पाइपलाइन और जल शोधन संयंत्रों का निर्माण यह दर्शाता है कि विकास की रफ्तार किस दिशा में बढ़ी है। उन्होंने जोर दिया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता संबंधी राष्ट्रीय मिशनों में अग्रणी भूमिका निभाएँ। निरोगी काया अभियान, एनीमिया एवं कुपोषण उन्मूलन, टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे मिशनों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था केवल अधिकार का नहीं, बल्कि समन्वय, संवेदनशीलता और कर्तव्य का विषय है। 15वें वित्त आयोग एवं पंचम वित्त आयोग से प्राप्त संसाधनों का उपयोग पारदर्शी एवं योजनाबद्ध ढंग से किया जाए, जिससे पंचायतें आत्मनिर्भर और सक्षम बन सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आग्रह किया कि जनप्रतिनिधि नियमित बैठकों, स्थायी समितियों, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनहित के निर्णयों को प्राथमिकता दें।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी! एक OTP में हो जाएगी Tatkal टिकट की बुकिंग

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्री तत्काल आरक्षण प्रणाली में बड़े बदलाव की शुरुआत की है। अब आरक्षण काउंटर से भी तत्काल टिकट बनवाने के लिए यात्री के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। यह ओटीपी बताने के बाद ही तत्काल टिकट जारी होगा। इसकी प्रायोगिक शुरुआत रानी कमलापति से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से हो गई है। यह ट्रेन देश की पहली ऐसी ट्रेन बन गई है जिसमें ओटीपी आधारित आरक्षण शुरू किया गया है। एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा रेल अधिकारियों के मुताबिक इस नई व्यवस्था से ऐसे एजेंटों की भीड़ कम होगी जो काउंटर खुलते ही कई टिकटों की बुकिंग करने लगते थे। ये टिकट वे भारी कमिशन पर मजबूर यात्रियों को बेचते। नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक मोबाइल नंबर से एक समय में सिर्फ एक ही तत्काल टिकट बुक हो पाएगा। इससे यात्री की असली पहचान सुनिश्चित होगी। इससे टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और तत्काल बुकिंग में होने वाला फर्जीवाड़ा रुक जाएगा।   लगभग 130 ट्रेनें होती हैं संचालित अब शताब्दी एक्सप्रेस की कुल 1500 सीटों में से 30 फीसदी यानी 450 सीटें अब ओटीपी-आधारित तत्काल कोटे में शामिल हैं। रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन से प्रतिदिन 550-600 तत्काल टिकट बनाए जाते हैं, जबकि इन स्टेशनों से लगभग 130 ट्रेनें संचालित होती हैं और 10-30 फीसदी यात्री तत्काल टिकट पर यात्रा करते हैं। बताया जा रहा कि यह प्रयोग सफल रहा तो देश भर की दूसरी ट्रेनों के आरक्षण में भी ओटीपी प्रणाली लागू की जाएगी। एजेंटों का वर्चस्व बड़ी चुनौती तत्काल टिकट आरक्षण में एजेंटों का वर्चस्व तोड़ना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती रही है। तत्काल टिकट काउंटर खुलने से पहले एजेंटों की लंबी लाइन लग जाती थी, जिसकी वजह से आम यात्रियों को टिकट मिलने में दिक्कत होती थी और कई बार उन्हें एजेंटों के जरिए महंगे दाम पर टिकट लेना पड़ता था। अब यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए ऑनलाइन भी एजेंट सुबह 10:00-10:30 बजे तक एसी क्लास और 11:00-11:30 बजे तक नान-एसी क्लास के टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ओटीपी आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू होने से कॉल टिकटिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी। टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी और सामान्य यात्रियों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना अधिक आसान हो जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

अब पुलिसकर्मियों को बाल कटवाने या क्लीन शेव रखने की जरूरत नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया स्पष्ट

रायपुर  राज्य पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बाल जीरो कट रखने और क्लीन शेव अनिवार्य होने को लेकर फैल रही चर्चाओं पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने आरटीआई के माध्यम से बताया है कि इस संबंध में न तो कोई प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है और न ही प्रशासन शाखा या उप शाखा के किसी अभिलेख में ऐसा कोई उल्लेख मौजूद है। इसका अर्थ है कि पुलिसकर्मियों के लिए लंबे बाल या दाढ़ी रखना अनुशासनहीनता की श्रेणी में नहीं आता। यह जानकारी संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान द्वारा लगाए गए आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दीवान ने 13 अक्टूबर को आवेदन लगाया था, जिस पर 12 नवंबर को एआईजी अंशुमान सिसोदिया ने जवाब दिया। दीवान ने बताया कि वर्ष 1861 से पुलिस व्यवस्था पर अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का प्रभाव रहा है और कई पुराने, अप्रचलित नियम आज भी व्यवहार में लाए जा रहे हैं। दाढ़ी बढ़ाने पर किया जाता था दंडित उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मियों को केवल बाल जीरो कट न कराने या दाढ़ी बढ़ाने पर अनुशासनहीनता बताकर दंडित किया गया, जबकि संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में वास्तविक नियमों की जानकारी नहीं थी। दीवान का कहना है कि वर्तमान में कई स्थानों पर हर मंगलवार और शुक्रवार को बाल जीरो कट रखना अनिवार्य बताया जाता है, जिससे जवानों को अनावश्यक अपमान झेलना पड़ता है।  

200 देशों को कर्ज देने वाला चीन, अमेरिका को सबसे अधिक कर्ज, ट्रंप की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

बीजिंग  दुनिया के नक्शे पर आज चीन केवल एक प्रोडक्शन सेंटर या आर्थिक शक्ति नहीं रह गया है, बल्कि अब वह दूसरे मुल्कों को कर्ज और वित्तीय सहायता देकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला बड़ा खिलाड़ी बन चुका है. अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान जैसे देशों से लेकर छोटे और गरीब देशों तक, लगभग हर कोने में चीन का पैसा पहुंच चुका है. हैरानी की बात यह है कि जिन देशों को चीन उधार दे रहा है, उनमें सबसे ऊपर नाम अमेरिका का है. बढ़ते तनाव, टकराव और प्रतिस्पर्धा के बावजूद ‘अंकल सैम’ ही चीन से सबसे बड़ा उधार लेने वाला देश है, यह फैक्ट दुनिया को चौंका देने के लिए काफी है. डैन वोंग नामक एक लेखक ने अपनी किताब ब्रेकनेक (Breakneck) में लिखा है कि चीन की इंजीनियरिंग क्षमता, निर्माण की गति और शहरी बदलाव सिर्फ विकास की कहानी नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं. उनका सवाल सीधा है- “क्या चीन इतना आगे निकल चुका है कि अब अमेरिका ही पीछे छूटने से डर रहा है?” इसी बीच AidData रिसर्च लैब की रिपोर्ट ने इस बहस को और तीखा कर दिया है. रिपोर्ट बताती है कि साल 2000 से 2023 तक चीन ने दुनियाभर में कर्ज और अनुदान के रूप में 2.2 ट्रिलियन डॉलर बांटे हैं, और करीब 200 देशों व क्षेत्रों को इससे फायदा या कर्ज का बोझ मिला है. दुनिया का सबसे बड़ा आधिकारिक कर्जदाता चीन ने यह पैसा केवल आर्थिक रूप से कमजोर देशों को नहीं दिया. सिर्फ 6 फीसदी रकम की सहायता ग्रांट या सस्ते कर्ज के रूप में दी है. 47 फीसदी गरीब देशों ने और 43 फीसदी अमीर व विकसित देशों ने चीन से कर्ज लिया. यानी जितने विकासशील देश चीन पर निर्भर होते जा रहे हैं, उतने ही डेवलप हो चुके और अमीर देश भी चीन पर वित्तीय रूप से निर्भर हो गए हैं. AidData के अनुसार, चीन अब दुनिया का सबसे बड़ा आधिकारिक कर्जदाता (official creditor) बन चुका है. सिर्फ इतना ही नहीं, चीन की राज्य-स्वामित्व वाली कंपनियां और बैंक पूरी दुनिया में बुनियादी ढांचा, खनिज संसाधन, एयरपोर्ट, पाइपलाइन, डेटा सेंटर और हाई-टेक कंपनियों में निवेश कर रहे हैं. रिपोर्ट कहती है कि चीन की रकम 2,500 अमेरिकी परियोजनाओं में लगी है, जिनमें टेस्ला (Tesla), अमेज़न (Amazon), डिज्नी (Disney) और बोइंग (Boeing) जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं. टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में खूब लगाया पैसा दुनिया अक्सर बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की चर्चा करती है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार BRI चीन की कुल विदेशी उधारी का सिर्फ 20 फीसदी हिस्सा है. चीन का बहुत सारा पैसा अमीर देशों की टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भी जा रहा है. यानी वह केवल सड़कें और पुल नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक पर भी अपना नियंत्रण मजबूत कर रहा है. अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया… भारत भी… सब कर्जदार 2000 में चीन का सिर्फ 11 प्रतिशत कर्ज अमीर देशों को जाता था, लेकिन 2023 तक यह बढ़कर 75 प्रतिशत हो गया. यानी अमीर दुनिया गरीब देशों की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से चीन के पैसों पर निर्भर होती गई है. चीन के 10 सबसे बड़े कर्जदार देशों की सूची में सबसे ऊपर है संयुक्त राज्य अमेरिका (202 बिलियन डॉलर), उसके बाद रूस (172 बिलियन डॉलर), ऑस्ट्रेलिया (130 बिलियन), वेनेज़ुएला (106 बिलियन) जैसे देश आते हैं. भारत भी इससे बाहर नहीं है. भारत ने चीन से 11.1 बिलियन डॉलर कर्ज और अनुदान के रूप में प्राप्त किए हैं. इन सभी आंकड़ों से एक बात साफ उभरती है कि चीन का खेल केवल डेवलपमेंट हेतु मदद का नहीं, बल्कि रणनीतिक आर्थिक प्रभाव का है. कर्ज और निवेश के माध्यम से चीन न केवल देशों में बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है, बल्कि वैश्विक राजनीतिक समीकरणों को भी अपने हित में मोड़ रहा है. और यही वजह है कि भविष्य की दुनिया की राजनीति, तकनीक और व्यापार में चीन की भूमिका पहले से कहीं अधिक निर्णायक होती जा रही है.

बढ़ी सुविधा: सिंगल हेल्थ पॉलिसी में अब परिवार के साथ लिव‑इन पार्टनर और भाई‑बहन का कवर

नई दिल्ली. भारत में हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने रिटेल हेल्थ प्लान को और अधिक लचीला बनाते हुए बड़ा बदलाव किया है. अब एक ही पॉलिसी में भाई, बहन और लिव इन पार्टनर को भी शामिल किया जा सकेगा. पहले यह विकल्प उपलब्ध नहीं था और कवरेज सिर्फ पति पत्नी, बच्चे और माता पिता जैसे पारंपरिक परिवार तक सीमित रहता था. इससे कई लोग एक ही घर में रहने के बावजूद अलग अलग पॉलिसियां लेने को मजबूर होते थे. पॉलिसीबाजार के अनुसार, मौजूदा ढांचा भारत की बदलती जीवनशैली से मेल नहीं खा रहा था. देश के बड़े शहरों में युवाओं का भाई बहन के साथ रहना आम बात है और काफी कपल शादी करने के बजाय लिव इन में रहते हैं. ऐसे परिवारों के लिए एक संयुक्त हेल्थ पॉलिसी का विकल्प जरूरी माना जा रहा था. इसी को देखते हुए अब कंपनियों ने कवरेज का दायरा बढ़ा दिया है. मॉडर्न फैमिली पैटर्न को देखते हुए बदलाव सिद्धार्थ सिंगल (Siddharth Singhal), हेड ऑफ हेल्थ इंश्योरेंस, पॉलिसीबाजार, ने कहा कि यह अपडेट सेक्टर के लिए सबसे प्रोग्रेसिव कदम है क्योंकि भारत के शहरी परिवारों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं. उन्होंने कहा कि यह बदलाव वास्तविक घरेलू जिम्मेदारियों और रिश्तों को मान्यता देता है जहां वित्तीय और हेल्थ संबंधी फैसले कई बार भाई बहन या लिव इन पार्टनर मिलकर लेते हैं. कवरेज की क्वॉलिटी पहले जैसी इंश्योरटेक कंपनियों ने बताया कि नए विकल्प जुड़ने के बावजूद एक्सक्लूजन, वेटिंग पीरियड, बेनिफिट्स और अंडरराइटिंग के नियम बिल्कुल पहले जैसे ही रहेंगे. इसका मतलब है कि परिवार बढ़ाने पर कवरेज की गुणवत्ता में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा. उपभोक्ताओं को सिर्फ अतिरिक्त सदस्य जोड़ने का फ्लेक्सिबल विकल्प दिया जा रहा है. कौन सी कंपनियों ने शुरुआत की आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड इस नए फीचर को लॉन्च कर चुके हैं. इंडस्ट्री जानकारों का कहना है कि अन्य कंपनियां भी जल्द ही इस मॉडल को अपनाएंगी क्योंकि बाजार में इनक्लूसिव और मॉडर्न फैमिली सेटअप को ध्यान में रखने वाली पॉलिसियों की मांग लगातार बढ़ रही है. यह कदम हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच और उपयोगिता दोनों बढ़ाने वाला माना जा रहा है. अंत में कहा जा रहा है कि इस बदलाव से उपभोक्ताओं को न सिर्फ सुविधा मिलेगी बल्कि लंबे समय की हेल्थ सिक्योरिटी प्लानिंग भी आसान होगी. एक ही पॉलिसी में पूरा घर कवर होने से प्रीमियम मैनेजमेंट सरल होगा और अलग अलग प्लान खरीदने का झंझट भी खत्म होगा.

मंत्री टेटवाल ने कहा- ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थी देश-दुनिया में कर रहे हैं संस्थान का नाम रोशन

341 विद्यार्थियों में 90 प्रतिशत विद्यार्थियों का हुआ प्लेसमेंट भोपाल  हमारे प्रशिक्षु अब केवल चुनौतियों का सामना करने वाले युवा नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और नवाचार से परिपूर्ण नागरिक बन चुके हैं, जो राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार हैं। संस्थान और राज्य सरकार मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'कुशल भारत-समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये युवाओं को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। यह बात कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने मंगलवार को संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क के 2024 बैच के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के परिश्रम, क्षमता और उपलब्धियों का सम्मान है।    मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द मोदी के नेतृत्व में कौशल-आधारित विकास की जो सशक्त परिकल्पना सामने आई है, उसने युवाओं में आत्मविश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की नई ऊर्जा जगाई है। उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में कौशल विकास को नई पहचान मिली है और यह विश्वास मजबूत हुआ है कि सक्षम युवा ही प्रदेश को प्रगति के शिखर पर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, अत्याधुनिक सुविधाएँ और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध हों और ग्लोबल स्किल्स पार्क इसी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्स, डिजिटल सुविधाएँ और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता मिलकर विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्षमता प्रदान करती हैं। समारोह में मंत्री डॉ. टेटवाल ने संस्थान के प्रशिक्षार्थियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इंडस्ट्री 4.0, ऊर्जा प्रणालियाँ, प्रैक्टिकल इंजीनियरिंग और व्यवहारिक कौशल जैसे क्षेत्रों में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क के अनेक विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अवसर प्राप्त हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, जो प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने गीता के ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का उल्लेख करते हुए युवाओं से कहा कि आज की दुनिया निरंतर बदल रही है और ऐसे समय में सतत सीखना उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि उनका कौशल तकनीक के साथ लगातार अपडेट होना चाहिए तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार रखना चाहिए। मंत्री श्री टेटवाल ने प्रशिक्षकों, संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीम के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की उत्कृष्टता पूरे दल की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने संस्थान को सुझाव दिया कि उद्योग जगत की आवश्यकताओं और बदलती तकनीक के अनुरूप अल्पावधि के कोर्स भी नियमित रूप से संचालित किए जाएँ, जिससे विद्यार्थियों की अप-स्किलिंग सुचारु रूप से होती रहे। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क के प्रशिक्षित विद्यार्थियों का देश और प्रदेश के साथ ही विश्व की प्रतिष्ठित कंपनियो में भी प्लेसमेंट हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रशिक्षित 11 विद्यार्थी अबु धाबी में जॉब कर रहे है। यह एशिया का विश्वस्तरीय संस्थान है। मंत्री डॉ. टेटवाल ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क परिवार से जुड़ने वाला हर युवा जीवनभर इस परिवार का अभिन्न सदस्य बना रहता है। इस अवसर पर 2024-2025 सत्र में उत्कृष्ट समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु चयनित प्रशिक्षु को मिनिस्टर मेडल अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद विभिन्न ट्रेडों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और विशेष सम्मान प्रदान किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ‌द्वारा विद्यार्थियों को वर्चुअल शुभकामना संदेश दिये गये, जिसमें उनके अनुभव, सुझाव और मार्गदर्शन ने उपस्थित प्रशिक्षुओं को नई ऊर्जा और दिशा दी। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह ने वर्चुअल शुभकामना संदेश एवं बधाई दी। ग्लोबल स्किल पार्क की विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाओं की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर व सफल करियर हेतु प्रेरित किया। ग्लोबल स्किल पार्क मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने कहा कि आज जो विद्यार्थी यहाँ से आगे बढ़ रहा है, वह हमारे परिवार का हिस्सा है। हमारा विश्वास है कि ये बच्चे सिर्फ भविष्य नहीं बदलेंगे, बल्कि नए अवसरों और नई ऊँचाइ‌यों की मिसाल बनेंगे। हम सभी उन्हें उनके उज्ज्वल, सफल और सशक्त भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने अपने सत्र के अनुभव साझा किए और कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में उन्हें समस्या खोजने वाला नहीं, बल्कि समाधान प्रस्तुत करने वाला बनने की सोच विकसित हुई। वि‌द्यार्थियों ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्‌द्योग-संलग्न व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुशासित एवं सहयोगी शिक्षण वातावरण तथा मार्गदर्शक संकाय की सराहना की। परिणामस्वरूप आज यहाँ के अधिकांश छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक कार्यरत हैं।  

बिहार मंत्रिमंडल में ताज़ा अपडेट: नए 26 मंत्रियों को आवास, 13 मिनिस्टर्स को मिला नया एड्रेस

पटना बिहार सरकार के सभी नए 26 मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित कर दिए हए हैं। जिसमें 13 पुराने और 13 नये मंत्री शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार और मो जमा खान को पुराना बंगला ही आवंटित हुआ है। 13 नये बने मंत्रियों में उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल को 2 स्ट्रैंड रोड का बंगला मिला है। यह बंगला बिहार विधानसभा अध्यक्ष के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को आवंटित था। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता को 33 हार्डिंग रोड, आईटी एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह को चार स्ट्रैंड रोड, श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को 41 हार्डिंग रोड, पर्यटन तथा कला संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद को 25 हार्डिंग रोड बंगला मिला है। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव को 43 हार्डिंग रोड, आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद को 12 हार्डिंग रोड, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद को तीन सर्कुलर रोड, एससी एवं एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन को 26 एम स्ट्रैंड रोड, सहकारिता एवं पर्यावरण मंत्री डॉ प्रमोद कुमार को 27 हार्डिंग रोड, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार को 21 हार्डिंग रोड, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह को 13 हार्डिंग रोड और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को 24 एम स्ट्रैंड रोड का बंगला आवंटित हुआ है।