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EU कोर्ट का फैसला: पूरे यूरोपीय संघ में सेम-सेक्स मैरिज को मिले सम्मान

नई दिल्ली  यूरोपीय यूनियन की सबसे बड़ी कोर्ट ने सेम-सेक्स मैरिज को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए पोलैंड को फटकार लगाई है। कोर्ट ने ये भी कहा कि सभी सदस्य देशों को इस तरह की शादी को मान्यता देनी चाहिए। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पोलैंड ने जोड़े की शादी को मान्यता न देकर गलती की। जोड़े से कहा गया था कि पोलिश कानून सेम-सेक्स मैरिज की इजाजत नहीं दे सकता। कपल ने जर्मनी में एक दूजे का हाथ थामा था और पोलैंड आकर अपनी शादी को रजिस्टर कराना चाहता था। ईयू कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कहा, "यह न केवल आने-जाने और रहने की आजादी का उल्लंघन है, बल्कि निजी और पारिवारिक जीवन के सम्मान के मौलिक अधिकार का भी उल्लंघन है।" कैथोलिक बहुल पोलैंड में, एलजीबीटी+ बराबरी के अधिकारों की लड़ाई लंबे समय से चल रही है, लेकिन वर्षों से उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली है। हालांकि, मौजूदा सरकार सेम-सेक्स यूनियनों सहित सिविल पार्टनरशिप को नियंत्रित करने के लिए एक बिल पर काम कर रही है। पोलैंड स्थित मीडिया आउटलेट टीवीपी वर्ल्ड न्यूज के अनुसार यूरोपियन कोर्ट ने यह फैसला एक पोलिश कोर्ट के अनुरोध पर दिया। दरअसल, दो पुरुषों के विवाह की रजिस्ट्री नहीं की गई थी और जर्मन मैरिज सर्टिफिकेट को ट्रांसक्राइब करने से इनकार कर दिया गया था। 2018 में बर्लिन में शादी करने वाले इस कपल की पहचान इस केस में सिर्फ उनके नाम के पहले अक्षर से हुई है। कपल के वकील ने इस फैसले पर कमेंट करने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ईयू नागरिकों को दूसरे सदस्य देशों में जाने और अपने देश लौटने पर "एक नॉर्मल फैमिली लाइफ" जीने की आजादी दी जानी चाहिए। फैसले में कहा गया, "जब वे किसी होस्ट सदस्य देश में फैमिली बनाते हैं, खासकर शादी की वजह से, तो उन्हें अपने देश लौटने पर उस फैमिली लाइफ को जारी रखने का भरोसा होना चाहिए।" कोर्ट ने कहा कि इसके लिए सदस्य देशों को अपने राष्ट्रीय कानूनों में सेम जेंडर के बीच शादी की इजाजत देने की जरूरत नहीं है। लेकिन विदेशी शादियों को मान्यता देने के तरीके में सेम-सेक्स कपल्स के साथ भेदभाव करने की भी इजाजत नहीं है। पोलैंड के प्रधानमंत्री, डोनाल्ड टस्क, और उनकी यूरोप समर्थक गठबंधन सरकार का सेम-सेक्स यूनियन पर बिल पास कराने का काम उनके कंजर्वेटिव गठबंधन दल के विरोध की वजह से रुक गया है। पोलैंड के राष्ट्रपति, करोल नॉवरोकी ने भी कहा है कि वह “किसी भी ऐसे बिल को वीटो करेंगे जो शादी के संवैधानिक रूप से सुरक्षित स्टेटस को कमजोर करेगा।”

सीएम केयर योजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए औपचारिकताएँ प्राथमिकता से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता समय की मांग भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में सीएम केयर योजना अंतर्गत प्रस्तावित सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य अधोसंरचना के शीघ्र विस्तार के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को जटिल हृदय रोग, कैंसर एवं अन्य उच्च स्तरीय उपचारों के लिए अब बाहर जाने की आवश्यकता न रहे, इसके लिए योजना का प्राथमिकता से क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी सीटों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रहा है। बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमडी/एमएस की 1909 सीटें, डीएम की 41 सीटें तथा एम.च. की 43 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में हृदय रोग, कैंसर, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, युरोलॉजी सहित अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयुष्मान भारत के उपचार डेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, जनरल मेडिसिन, युरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और सीटीवीएस जैसी सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आयुष्मान योजना में कैंसर के कीमोथेरेपी, डायलिसिस संबंधित, एंजियोग्राफी-एंजियोप्लास्टी, रेडियोथेरेपी, सीटी-एमआरआई-पीईटी स्कैन, सीटीवीएस-लैप्रोस्कोपी आदि तृतीयक सेवाओं की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसी स्थिति में भविष्य की मांग अनुसार शीघ्र तैयारी पूर्ण कर स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का विकास करना होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपर-स्पेशलिटी विभागों के उन्नयन, आवश्यक मानवबल, उपकरणों, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण तथा संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, जिससे सीएम केयर योजना का लाभ शीघ्र आमजन तक पहुँच सके। सीएम केयर योजना का उद्देश्य प्रदेश में कार्डियक और ऑन्कोलॉजी उपचार को उच्च गुणवत्ता के साथ सुलभ बनाना है। इसके अंतर्गत ऑन्कोलॉजी/ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस में अधिक सुपर-स्पेशलिस्ट तैयार करना, कार्डियक एवं कैंसर उपचार के तृतीयक ढांचे को मजबूत करना, उन्नत उपचार पर होने वाले जेब खर्च को घटाना, कार्डियोलॉजी एवं ऑन्कोलॉजी में उत्कृष्टता संस्थान विकसित करना, राज्य में रोबोटिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण शामिल है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर भगवा ध्वजारोहण सभी को अभिभूत करने वाला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के प्रतीक स्वरूप मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामय उपस्थिति में हुआ दिव्य-भव्य भगवा ध्वजारोह सभी को अभिभूत करने वाला है।  

केरल में खुलेंगे नए स्कूल, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को तय समय में नीति लाने को कहा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए केरल की स्कूल शिक्षा पर चिंता जताई। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि शत प्रतिशत साक्षरता का दावा करने वाला राज्य अगर इस स्थिति में है, तो ये बहुत चिंताजनक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा है कि उन सभी इलाकों में जहां पहले से कोई सरकारी लोअर प्राइमरी या प्राइमरी स्कूल नहीं है, वहां नए स्कूल खोले जाएं, जिससे हर बच्चे को पढ़ाई का मौका मिले। कोर्ट ने साफ कहा कि तीन महीने के अंदर सरकार को इसके लिए एक पॉलिसी तैयार करनी होगी।  सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जहां भी हर 1 किलोमीटर के दायरे में कोई लोअर प्राइमरी स्कूल नहीं है और हर 3 किलोमीटर के दायरे में कोई अपर प्राइमरी स्कूल नहीं है, वहां नए स्कूल खोले जाएं। अगर स्कूल के लिए कोई बिल्डिंग मौजूद नहीं है तो अस्थाई तौर पर प्राइवेट बिल्डिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही स्थायी स्कूल भवनों के लिए बजट का भी इंतजाम करना जरूरी है। इसके अलावा, कोर्ट ने ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी भी तय की।  अदालत ने कहा कि पंचायतें अपनी तरफ से उपलब्ध जमीन की जानकारी सरकार को दें ताकि नए स्कूलों के लिए जगह मिल सके। स्कूलों में टीचरों की कमी न हो, इसके लिए रिटायर्ड टीचरों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया जा सकता है, जब तक नए टीचरों की भर्ती पूरी नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को स्पष्ट आदेश दिया है कि हर क्षेत्र में सरकारी स्कूल होने चाहिए, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए अब सरकार को तीन महीने के अंदर एक पॉलिसी तैयार करनी होगी। हालांकि, सरकार के लिए यह चुनौती भी है कि वह जल्दी से जल्दी योजना तैयार करे, बजट का प्रावधान करे और नए स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू करे।

सरकारी आदेश से हलचल: राबड़ी देवी को छोड़ना पड़ेगा 10 सर्कुलर रोड बंगला, नया ठिकाना क्या होगा?

पटना बिहार की नई एनडीए सरकार में अब नई व्यवस्था बन रही है। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का आधिकारिक आवास खाली करना होगा। राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता विपक्ष की हैसियत में नई सरकार ने नया आवास आवंटित किया है। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें अब 39 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया है। इसको लेकर भवन निर्माण विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यह बदलाव लालू परिवार के लिए एक झटका है क्योंकि लालू परिवार लंबे समय से इस आवास में रह रहा था। 2005 में राज्य में नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद 16 जनवरी 2006 को इस आवास में लालू परिवार की एंट्री हुई थी, जो आज तक नहीं बदल पाया था। लेकिन इस बार नई सरकार में लालू परिवार का यह ठिकाना अब बदलने जा रहा है। दरअसल, नई सरकार में भाजपा का दबदबा दिख रहा है और यह उसी का संकेत लगता है। हालांकि, भवन निर्माण विभाग का जिम्मा जेडीयू कोटे से मंत्री बने विजय चौधरी के पास है। औपचारिक पत्र जारी मंगलवार को मंत्रियों और बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के लिए भवन निर्माण विभाग ने आवास का आवंटित किया है। इसी के तहत राबड़ी देवी को अब 39 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया गया है। भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव-सह-भू-सम्पदा पदाधिकारी शिव रंजन ने इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी कर दिया है। भाजपा ने ली चुटकी, रहेगी पैनी नजर इस बदलाव पर भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि अगर राबड़ी देवी जी को 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली करने का आदेश हुआ है तो उन्हें तुरंत वह आवास खाली कर देना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार वह अपने परिवार के ट्रैक रिकार्ड की तरह किसी सरकारी संपत्ति की चोरी वहां से नहीं करेंगीं और ना ही नुकसान पहुंचाएंगी। बाथरूम से टोटी भी नहीं खोलेंगे क्योंकि हम लोगों की पैनी नजर रहेगी।  

छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।  इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव –    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। –    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन  –    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।          पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव –    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।   

राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज: सरकार ने 15 अधिकारियों की नई पोस्टिंग की

रायपुर  छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जी हां, सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के 16 अधिकारियों की तबादला किया गया है। सचिवालय सेवा के 16 अनुभाग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक अलग पदों पर पदस्थ किया गया है। इस सूची के अनुसार, जेल विभाग में पोस्टेड अनुभाग अधिकारी अभिलाषा दास को सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) में भेजा गया है। आइए देखते है पूरी सूची… अनुभाग अधिकारी का नाम : वर्तमान पदस्थापना : नवीन पदस्थापना अभिलाषा दास : जेल विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) मुकेश तांडी : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-3) : कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग अंजू शर्मा : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6) : ऊर्जा विभाग आशीष कुमार अग्रवाल : महिला एवं बाल विकास : आदिम जाति विकास विभाग शबीहा परवीन खान : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग : उच्च शिक्षा विभाग ज्याति पटेल : वित्त विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग स्नेहा यादव : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग : गृह विभाग मुकेश शाकार : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) : यथावत। सुनील गिरड़कर : ऊर्जा विभाग : वित्त विभाग सीमा साहू : आदिम जाति विकास विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (लेखा शाखा) महेन्द्र कुमार माण्डले : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राधेश्याम भोई : जनसंपर्क विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग प्रफुल्ल टोप्पो : विमानन विभाग : वित्त विभाग प्रवीण रिछारिया : जेल विभाग : वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार विजय लाल जाटवर : महिला एवं बाल विकास विभाग : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सतीश सिंह राजपूत : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग : सामान्य 

किसानों-मजदूरों का 26 नवंबर का रैली दिन: मोर्चा ने क्या मांगे उठाईं?

तरनतारन  ऐतिहासिक विजयी किसान आंदोलन की 5वीं सालगिरह पर संयुक्त किसान मोर्चा पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में 26 नवंबर को एक बड़ी किसान और मजदूर रैली  करने का ऐलान किया है। इसकी तैयारियों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा जिला तरनतारन की एक मीटिंग एस.के.एम. जिला तरनतारन के कन्वीनर नछत्तर सिंह मुगल चक की अध्यक्षता में हुई। इस संबंध में तरसेम सिंह लुहार व मनजीत सिंह बग्गू ने कहा कि संगठन द्वारा तय कोटे के अनुसार तरनतारन जिले से किसान पूरे जोश के साथ पहुंचेंगे। पंजाब सरकार और खासकर केंद्र सरकार की किसानों और मजदूरों के लिए नुक्सानदायक नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की भी एस.पी. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान तीन लोक देख कानून वापस लेने का वादा किया था कि सभी फसलों और एम.एस.पी. का दाम स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार दिया जाएगा, लेकिन मामला जस का तस है। इसके उल्ट, पंजाब यूनिवर्सिटी पर कब्जा करने और पंजाब राज्य की राजधानी चंडीगढ़ पंजाब को सौंपने के बजाय, केंद्र सरकार उस पर पूरी तरह से कब्जा कर रही है। पंजाब के पानी को लूटा जा रहा है। पंजाब के खेती के सामान का व्यापार वाघा बॉर्डर व हुसैनीवाला बॉर्डर के बजाय गुजरात के रास्ते पाकिस्तान से हो रहा है, जिससे पंजाब के किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा के शीतकालीन सत्र में कानूनी संशोधन के जरिए चंडीगढ़ को पंजाब से हमेशा के लिए छीनने के प्रस्ताव की कड़ी निंदा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार कांग्रेस सरकारों से भी बड़ी पंजाब की दुश्मन साबित हो रही है। पंजाबी इस धक्के को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को पूरा मुआवजा नहीं दिया है, इसलिए इन गांवों के लोगों को कम से कम एक लाख रुपए की मदद दी जानी चाहिए, जिसमें सत्तर हजार रुपए प्रति एकड़ और दस लाख रुपए प्रति घर के नुक्सान के हिसाब से शामिल हैं।   इस मौके पर दूदलजीत सिंह दयालपुरा, बलबीर सिंह झामका, दलविंदर सिंह पन्नू, गुरसाहिब सिंह दल, दिलबाग सिंह लखोवाल, गुरचरण सिंह सबरा, पूरन सिंह मरीमेघा, गुरबचन सिंह घरका, हरजीत सिंह रवि, तरसेम सिंह कलसी, सतपाल सिंह नथोके, दया सिंह अलादीनपुर, सुखदेव सिंह तूर, भूपिंदर सिंह पंडोरी तख्तमल, अमृत पाल सिंह जोड़ा आदि मौजूद थे।

प्रदेश के जिला मुख्यालयों में राज्य जैव विविधता क्विज-2025 का आयोजन

भोपाल  जैवविविधता जागरूकता एवं संरक्षण के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड, भोपाल एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 25 नवम्बर 2025 को प्रदेश के समस्त 55 जिला मुख्यालयों में मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता क्विज-2025 का जिला स्तरीय आयोजन लिखित परीक्षा के माध्यम से ऑफलाईन आयोजित किया गया। जिला स्तरीय क्विज़ प्रतियोगिता प्रदेश के समस्त जिलों में क्षेत्रीय वनमण्डलाधिकारियों के निर्देशन मे सफलतापूर्वक आयोजित की गई। प्रतियोगिता में समस्त जिलों के नामांकित नोडल अधिकारियों, क्विज़ समन्वय अधिकारियों, विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकों एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। जिला स्तरीय जैवविविधता क्विज प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 55 जिलों की कुल 3,720 विद्यालयीन टीमों के 11,160 विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभागिता की गई। प्रत्येक जिले की प्रथम द्वितीय एवं तृतीय विजेता टीमों को समापन समारोह मे प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी पदक से सम्मानित किया गया एवं शेष सभी पंजीकृत टीमों के प्रतिभागियों को क्विज सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किया जाकर कार्यक्रम का समापन किया गया। अगले चरण में सभी जिलों में प्रथम रही 55 टीमों 12 दिसम्बर 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय जैवविविधता क्विज प्रतियोगिता में भाग लेगी।  

रतलाम के भक्तों की अद्भुत कलाकारी: 38 करोड़ राम नाम से सजा अयोध्या धाम, रिकॉर्ड की तैयारी

रतलाम  राम जानकी विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में भगवान रामलला के मंदिर पर धर्म ध्वजा की स्थापना की गई. इस शुभ अवसर पर रतलाम के अयोध्या धाम में भक्तों द्वारा कागज पर 38 करोड़ बार 'राम' नाम लिखकर अद्भुत साज-सज्जा की गई है. राम जानकी के मंदिर को राम नाम लिखे रंग-बिरंगे पन्नों से सजाया गया है. इन पर राम नाम को लिखने और सजाने का कार्य रतलाम और आसपास के क्षेत्र के राम भक्तों ने किया है. इस सजावट को देखने और प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी थी. नोटों से नहीं राम नाम की दौलत से सजाया मंदिर रतलाम के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर को धनतेरस पर नोटों के बंदनवार से सजाया जाता है. इसी तरह भगवान राम के मंदिर को 'राम' नाम के धन के वैभव से सजाया गया है. अयोध्या धाम मंदिर समिति के शैलेंद्र सोनी के अनुसार, 38 करोड़ से अधिक राम नाम लिखे रंग-बिरंगे कागजों से मंदिर की साज-सज्जा की गई है. इसके लिए श्रद्धालुओं ने दिन रात मेहनत कर रंग-बिरंगे राम नाम लिखे पन्नों से बंदनवार बनाने और सुंदर कलाकृतियां बनाने का काम किया. शैलेंद्र सोनी ने बताया कि "यह विश्व में ऐसा पहला आयोजन है. इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी आवेदन किया गया है. उम्मीद है कि यह अनोखा राम नाम का विश्व कीर्तिमान जरूर बनेगा." राम जानकी विवाह पंचमी के मौके पर विशेष आयोजन राम जानकी विवाह पंचमी के पावन अवसर पर अयोध्या में भगवान राम लाल के मंदिर पर ध्वजा स्थापित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न हुआ. देश के अन्य राम मंदिरों में भी अलग-अलग आयोजन हो रहे हैं. इस अवसर पर रतलाम के अमृत सागर गढ़ कैलाश स्थित अयोध्या धाम मंदिर में विशेष आयोजन किया गया और राम नाम की अनोखी सज्जा भी की गई है. इस खास आयोजन और राम नाम लिखे पन्नों से बनी कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे.