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मंत्री सहयोगी की पत्नी का सुसाइड, पति ने थाने में सरेंडर किया—8 माह का वैवाहिक संबंध

मुंबई  महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे के सहयोगी अनंत गर्जे के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी पत्नी मुंबई के वर्ली इलाके में मृत पाई गईं। पशुपालन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री और बीजेपी की नेता पंकजा मुंडे के सहयोगी अनंत गर्जे की पत्नी, डेंटिस्ट गौरी पाल्वे-गार्जे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतका के पिता अशोक मारुति पावले ने अनंत गर्जे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी को उसके पति द्वारा प्रताड़ित और परेशान किया जाता था।  शिकायत दर्ज होने के बाद गर्जे ने वर्ली पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, गौरी ने शनिवार को अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी, जिसके बाद रविवार को अशोक मारुति पावले ने अनंत गर्जे और उनके भाई अजय गर्जे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस जोड़े ने कुछ महीने पहले फरवरी में ही शादी की थी। वर्ली पुलिस स्टेशन ने एक एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। मामले में और जानकारी का इंतजार है।

छिन सकती है सिद्धा की कुर्सी, कर्नाटक में बढ़ते DK समर्थक विधायकों के कदम

बेंगलुरु कर्नाटक में मुख्यमंत्री परिवर्तन के मुद्दे पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष जारी है। इस बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों का एक और समूह पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचा है। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, कम से कम छह विधायक रविवार रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर जल्द ही कुछ और विधायकों के दिल्ली आने की संभावना है। खबरों के अनुसार, यह मामला 2023 में हुए सत्ता-साझेदारी समझौते पर आधारित है, जिसके तहत सिद्धरमैया को ढाई साल (20 नवंबर तक) मुख्यमंत्री रहना था और इसके बाद यह जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मिलनी थी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जो विधायक दिल्ली में हैं, उनमें एच सी बालकृष्ण (मगदी), के एम उदय (मद्दूर), नयना मोटाम्मा (मुदिगेरे), इकबाल हुसैन (रामनगर), शरथ बाचेगौड (होसाकोटे) और शिवगंगा बसवराज (चन्नागिरी) शामिल हैं। खरगे बेंगलुरु, राहुल गांधी विदेश में सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे फिलहाल बेंगलुरु में हैं और वह जल्द ही दिल्ली जाने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के भी विदेश यात्रा से लौटने की संभावना है। शिवकुमार का समर्थन करने वाले लगभग दस विधायकों ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली जाकर खरगे से मुलाकात की थी। राज्य में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने ढाई साल पूरे कर लिए। हालांकि, शिवकुमार ने तब कहा था कि उन्हें विधायकों के खरगे से मिलने के लिए दिल्ली जाने की जानकारी नहीं है। सिद्धा चाहते हैं मंत्रिमंडल में बदलाव शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों के दिल्ली जाने के बाद, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को बेंगलुरु स्थित खरगे के आवास पर उनके साथ एक घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सिद्धरमैया अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल पर जोर दे रहे हैं, वहीं शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंज़ूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि सिद्धरमैया पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं कम हो जाएंगी।

पुलिस जुटा रही प्रोफेसरों की बैंक डिटेल, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लॉकर चेकिंग का ऐलान

फरीदाबाद  हरियाणा के फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से विस्फोटक बनाने का सामान मिलने के मामले के बाद पुलिस को स्थानीय स्तर पर अमोनियम नाइट्रेट, यूरिया खरीदने का पता चला था। इसके बाद शहर के अलग अलग हिस्सों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अलफलाह यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों के लॉकर चेक किए जाएँगे और प्रोफेसरों की बैंक डिटेल को भी खंगाला जाएगा। करीब 200 डॉक्टर पहले ही पुलिस के रडार पर हैं। दरअसल फरीदाबाद की त्यागी मार्केट के पास के जामा मस्जिद से 23 नवंबर 2025 को दानेदार सफेद पाउडर, दूसरी पॉलिथीन में सफेद महीन पाउडर और तीसरी पॉलिथीन में काले रंग का पाउडर मिला है। पुलिस ने जब्त कर इसे जाँच के लिए भेज दिया है। इससे पहले पुलिस की जाँच में पता चला है कि जमा किए गए केमिकल फरीदाबाद, नूंह और आसपास के इलाकों से खरीदे गए थे। मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर 2023 से ही अमोनियम नाइट्रेट जैसे केमिकल जमा कर रहे थे। इसके बाद, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तुरंत एक बड़ा अभियान शुरू किया है। वे खाद की दुकानों, केमिकल गोदामों, हार्डवेयर की दुकानों और कारखानों की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह देख रही है कि हर दुकानदार ने कितना सामान खरीदा और बेचा, स्टॉक रजिस्टर में क्या लिखा है और सामान खरीदने वालों की पहचान क्या है। फरीदाबाद पुलिस मस्जिद, होटल, कॉलोनियों, धर्मशालाओं और खाद-बीज की दुकानों में तलाशी ले रही है। डबुआ के त्यागी मार्केट स्थित जामा मस्जिद से एक संदिग्ध पाउडर मिलने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अब इस पाउडर के सैंपल की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर शाहीन सईद, डॉक्टर मुजम्मिल शकील और डॉक्टर उमर नबी के नाम आतंकी मॉड्यूल में सामने आने के बाद, पुलिस अब यूनिवर्सिटी के सभी डॉक्टरों और प्रोफेसरों की जानकारी जुटा रही है। यूनिवर्सिटी में सभी डॉक्टरों के लॉकर और बैंक स्टेटमेंट भी चेक किए जाएंगे। पुलिस का सर्च ऑपरेशन के दौरान इलाके में रहने वाले किराए दारों का डीटेल भी देखा जा रहा है, साथ ही मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही घर किराए पर देने को कहा गया है। इलाके में दूसरे राज्यों से आए लोगों की जाँच भी की जा रही है। इस बीच अल फलाह यूनिवर्सिटी में सख्ती के बाद जिनके बच्चे पढ़ रहे हैं, वे काफी परेशान दिखे। यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्रों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। एनआईए और दूसरी जाँच एजेंसियां लगातार कैंपस में आकर पड़ताल कर रही हैं। इससे छात्रों और उनके परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार को भी कई छात्र-छात्राओं के पेरेंट्स कैंपस पहुँचे और यूनिवर्सिटी प्रबंधन से बात करने की कोशिश की। ये लोग हो चुके हैं गिरफ्तार आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के शक में पुलिस यूनिवर्सिटी के मुजम्मिल को घर किराए पर देने वाले यूनिवर्सिटी के इमाम मोहम्मद इश्तियाक, धौज गांव के बाशिद और शोएब और पलवल के असवटी के शब्बीर से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को शक है कि इन सभी का संपर्क आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे मुजम्मिल और दिल्ली बम ब्लास्ट में मारे गए उमर नबी से था। सुसाइड बॉम्बर आतंकी डॉ. उमर नबी की कार चलाने वाले और उसके संपर्क में रहने वाले यूनिवर्सिटी के कई छात्रों को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। मस्जिद में मिला संदिग्ध पाउडर डबुआ थाना प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि 23 नवंबर की सुबह 5 बजे हमने गली-गली जाकर चेकिंग अभियान चलाया। डबुआ की त्यागी मार्केट स्थित जामा मस्जिद से एक कट्टे में दानेदार व्हाइट पाउडर, दूसरी पॉलिथीन में बारीक व्हाइट पाउडर, तीसरे प्लास्टिक के कट्टे में दानेदार ब्लैक पाउडर जैसा कुछ संदिग्ध पदार्थ मिला। पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस शहर के अलग अलग हिस्सों में ये सर्च अभियान चला रही है। इस दौरान मकान मालिकों को किराएदारों की वेरिफिकेशन कराने के लिए बोला जा रहा है। कॉलोनियों में दूसरे राज्यों से जो लोग आकर रह रहे हैं, उनके बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।

सरकार कुंडली खंगाल रही, योजना में लाभार्थियों की हिस्सेदारी उम्मीद से कम

हिसार  प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र महिलाओं में से जिले में अब तक 50 प्रतिशत से भी कम ने पंजीकरण कराया है। सरकार का मानना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि कुछ लोगों को शक है कि इस योजना में पंजीकरण करवा लिया तो कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। ऐसे में पात्रता के दायरे में आने के बावजूद पंजीकरण न कराने वाली महिलाओं के घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) की ओर से ग्राम पंचायत स्तर के ऑपरेटर महिलाओं से पंजीकरण नहीं कराने का कारण पूछ रहे हैं, उनकी आर्थिक स्थिति का ब्योरा जुटा रहे हैं। वहीं, जो पंजीकरण कराना चाह रहीं हैं उनके आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2100-2100 रुपये देने का एलान किया था। एक नवंबर 2025 से लागू की गई इस योजना में पहले चरण में एक लाख तक की सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया गया है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ो के अनुसार जिले में 1 लाख 47 हजार 600 महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं, लेकिन अब तक 72 हजार ने ही पंजीकरण किया है। इससे सरकार के सामने सवाल खड़ा हो गया कि आर्थिक स्वावलंबन की इतनी बड़ी योजना के प्रति महिलाएं क्यों नहीं रुचि ले रहीं। सूत्रों के अनुसार सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची है की काफी संख्या में लोगों ने फर्जी तरीके से बीपीएल कार्ड बनवा रखे हैं और उसी के हिसाब से परिवार पहचान पत्र में आय कम दिखा रखी है। ऐसे में कुछ लोग पात्र होते हुए भी इसलिए पंजीकरण नहीं करवा रहे क्योंकि उन्हें शक है कि सालाना आय में अंतर मिला तो बीपीएल श्रेणी से बाहर कर दिए जाएंगे। आवेदन कम आने के कारण – हर महीने 2100 रुपये के हिसाब से साल भर रकम मिलने के बाद बीपीएल कार्ड कटने का डर – काफी संख्या में महिलाओं के पास रिहायशी प्रमाण पत्र न होना – दूसरे प्रदेशों से आए लोगों ने परिवार पहचान पत्र बनवाया, अब यहां से चले गए -जिन महिलाओं के विधवा या बुढ़ापा पेंशन के फार्म भरे गए हैं, वे आवेदन नहीं कर रही – वास्तविक तौर पर परिवार की सालाना आय एक लाख से अधिक होना, लेकिन परिवार पहचान पत्र में कम दर्शाना। बीपीएल सूची से नाम कटने का डर पिछले 6 महीने में हिसार जिले में करीब 66 हजार लोगों के राशन कार्ड काटे जा चुके हैं। जिले में जून से पहले 3 लाख 64 हजार बीपीएल राशन कार्ड थे। नवंबर में इन कार्डों की संख्या 2 लाख 98 हजार तक आ गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीपीएल सूची से नाम कटने के डर से कुछ लोग पंजीकरण नहीं करवा रहे। क्रीड की ओर से योजना के तहत पात्र महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए गांव स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कोई शिविर में नहीं आ रहा तो घर पर जाकर जानकारी दे रहे हैं। लाडो लक्ष्मी योजना में पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज की जानकारी दे रहे हैं। बीपीएल कार्ड कटने के डर से पंजीकरण नहीं करने वाली महिलाओं को सही तथ्य बता रहे हैं। – अभिषेक बंसल, जिला प्रबंधक, क्रीड  

अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई: अहमदाबाद में 15 JCB लगीं, 918 मकान तोड़े जा रहे

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में प्रशासन ने झीलों से अवैध कब्जा हटाने की मुहिम तेज कर दी है। चंडोला झील पर कार्रवाई के बाद अब इसनपुर झील पर बने सैकड़ों पक्के मकानों को तोड़ने का अभियान शुरू किया गया है। सोमवार सुबह से ही इसनपुर झील क्षेत्र में 15 से अधिक जेसीबी मशीनें पहुंचीं और 918 अवैध मकानों को ध्वस्त करने का काम शुरू हो गया। जानकारी के मुताबिक, इसनपुर झील पर अवैध कब्जा पिछले 50 साल से अधिक समय से बना हुआ था। मकानों में कई परिवार पीढ़ियों से रह रहे थे। प्रशासन ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद झील क्षेत्र को खाली कराने का निर्णय लिया है। कार्रवाई को देखते हुए किसी भी प्रकार के विरोध या अव्यवस्था की आशंका को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार स्थल पर मौजूद रहकर बुलडोज़र कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। अहमदाबाद नगर निगम द्वारा पिछले कुछ वर्षों से शहर की झीलों और जल निकायों को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। अवैध निर्माणों के कारण जलभराव, बाढ़ और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याओं को देखते हुए इस तरह की कार्रवाइयाँ की जा रही हैं। इस बड़े पैमाने की कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि इसनपुर झील को उसके मूल स्वरूप में लाया जा सकेगा और क्षेत्र में जल संरक्षण की स्थिति भी बेहतर होगी।

DGP हरियाणा ने दी चेतावनी, गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाले गायक होंगे निशाने पर

चंडीगढ़:  हरियाणा में अब गानों और वीडियो के जरिए गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देना गायकों को महंगा पड़ सकता है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने इसे लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसे गायकों को अपराधी माना जाना चाहिए। रविवार को उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं में गैंगस्टर जैसी जीवनशैली को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने कहा कि ये गायक अपने संगीत से युवाओं को दी जाने वाली अच्छी शिक्षा और सामाजिक अनुशासन को मिनटों में खत्म कर देते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस पहले से ही बंदूक संस्कृति, हिंसा का महिमामंडन करने वाले और नफरत भड़काने वाले गानों के खिलाफ अभियान चला रही है। 'गैंगस्टर कल्चर' को बढ़ावा देने वाले गायक माने जाएं अपराधी, DGP ने सख्त कार्रवाई की जाने की कही बात, ऑपरेशन ट्रैकडाउन को लेकर भी बोले साइबर टीमों की सोशल मीडिया पर नजर ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस की साइबर अपराध इकाई की टीमें लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखती हैं। जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। पुलिस के अनुसार, ऐसे गाने या संगीत वीडियो बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित करते हैं और युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस अभियान के तहत कई आपत्तिजनक गानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।     “जो गायक संगीत और वीडियो के जरिये युवाओं में गैंगस्टर जैसी जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं, उन्हें अपराधी माना जाना चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।” — ओपी सिंह, डीजीपी, हरियाणा अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 4500 से ज्यादा गिरफ्तार हरियाणा पुलिस ने 5 नवंबर से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भगोड़ों, गंभीर अपराधियों और संगठित आपराधिक गिरोहों के गुर्गों को पकड़ना है। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक कुल 4,566 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 1,439 कुख्यात और वांछित अपराधियों के साथ-साथ 3,127 अन्य आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई ने अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश दिया है कि राज्य में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ ने बचाई 60 जानें इसी अभियान के एक हिस्से ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत कई अपराधियों को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे हत्या या हत्या के प्रयास जैसे जघन्य अपराधों की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने दावा किया है कि इस त्वरित कार्रवाई से अब तक 60 लोगों की जान बचाई गई है, जो इन अपराधियों के निशाने पर थे।

धर्मेंद्र की मृत्यु पर पंजाब में गम, साहनेवाल से मुंबई तक चले जीवन और करियर की यात्रा

साहनेवाल  बाॅलीवुड के ही-मैन एवं प्रख्यात अभिनेता धर्मेंद्र की माैत की सूचना से पूरा पंजाब गमगीन है। धर्मेंद्र पिछले लंबे समय बीमार थे और उनका मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार को उनके निधन की सूचना से प्रशंसकों में  शोक की लहर दाैड़ गई। धर्मेंद्र के गांव साहनेवाल में लोग गमजदा हैं।  साहनेवाल में मांगी जा रही थीं दुआएं साहनेवाल में गांव की चौपाल पर उनके लिए दुआएं की जा रही थी। 91 वर्षीय सतपाल सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र के निधन की खबर से वे बेहद दुखी हैं। धर्मेंद्र का साहनेवाल से गहरा नाता है। उनका बचपन साहनेवाल में ही गुजरा और वे हमेशा साहनेवाल को याद करते रहते थे। फगवाड़ा में गुजरा था बचपन धर्मेंद्र का जन्म लुधियाना के पास साहनेवाल में हुआ था। उनका बचपन फगवाड़ा में बीता। उनके पिता मास्टर केवल कृष्ण चौधरी आर्य हाई स्कूल में गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते थे। धर्मेंद्र ने 1950 में यहीं से मैट्रिक की। 1952 तक रामगढ़िया कॉलेज में आगे की पढ़ाई की और फिर एक सपने के साथ मुंबई चले गए।  आर्य हाई स्कूल में उनके सहपाठी, वरिष्ठ एडवोकेट एस.एन चोपड़ा ने बताया कि धर्मेंद्र मृदुभाषी, विनम्र और हमेशा मुस्कुराते रहते थे। उनमें एक खास चमक थी। प्रसिद्धि ने उनकी विनम्रता को कभी नहीं बदला। हरजीत सिंह परमार ने कहा कि जब भी वह आते, तो हमारे साथ बैठना, पुरानी बातें करना, मजाक करना और पुरानी यादें ताजा करना चाहते थे। वह कभी किसी स्टार की तरह नहीं आए, वह हमारे दोस्त की तरह आए।  

अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर कार्यक्रम के लिए जताई भक्ति, कहा—‘नंगे पैर ही शामिल होऊंगा’

अयोध्या  रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य और दिव्य स्वरूप में सजने को पूरी तरह तैयार है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आएंगे और राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह का शुभारंभ करेंगे। इस बीच राम मंदिर ध्वजारोहण को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। दो दिन पहले जहां सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य महाराज ने अयोध्या के सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं देने का आरोप लगाया था वहीं अब सांसद ने कहा है कि उन्हें अभी तक राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह का न्योता नहीं मिला है। यदि मुझे न्योता मिला तो सारा काम धाम छोड़कर मैं नंगे पैर ही वहां जाऊंगा। एक निजी चैनल से बातचीत में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि तुलसीदास जी ने लिखा भी है-दैहिक दैविक भौतिक तापा। राम राज नहिं काहुहि ब्यापा। यह मान्यता थी लेकिन भाजपा की सरकार ने जो प्रभु श्रीराम के राज की मान्यताएं थीं उन मान्यताओं को बिगाड़ दिया है। उधर, इटावा से सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने भी तंज कसते हुए कहा कि राम मंदिर के ध्वजारोहण जैसे धार्मिक कार्यक्रम में पीएम के जाने का क्या मतलब है। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम थोड़े है। वहीं भाजपा प्रवक्ता एसएन सिंह ने कहा कि सपा नेताओं को अयोध्या की भव्यता चुभती है। वे अनर्गल प्रलाप करते हैं। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि स्थानीय सांसद और अयोध्या का नागरिक होने के नाते वह कार्यक्रम की तैयारियों पर भी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह तैयारियां देखने गए भी थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के चलते तैयारियां सरकारी लोगों के ऊपर है। प्रदेश और देश के तमाम सुरक्षा कर्मी आए हैं। कहा कि स्थानीय सांसद होने के नाते, अयोध्या में पैदा होने नाते मेरी भी नैतिक जिम्मेदारी और सोच है। इसीलिए कल भी गया था। आज भी जाऊंगा। सपा सांसद ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मेरे ऊपर प्रभु श्रीराम, हनुमान जी, मां सीता और सरयू माई की कृपा है। जब मैं बीए पार्ट वन का छात्र था तो सीता रसोई देखने जाता था।

कनाडा ने पीएम मोदी की मीटिंग से पहले लिया शानदार फैसला, भारतीय नागरिक खुशहाल

नई दिल्ली भारत और कनाडा के रिश्ते फिर से नई दिशा में बढ़ रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में G20 लीडर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मुलाकात ने दोनों देशों के बीच जम चुके रिश्तों को लगभग खत्म कर दिया. इसी बैठक के बाद दोनों देशों ने पुराने और रुके हुए व्यापार समझौते CEPA पर दोबारा बातचीत शुरू करने का ऐलान किया, जिसे रिश्तो में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. लेकिन इस मुलाकात से पहले कनाडा ने भारतीय मूल के परिवारों को बड़ा तोहफा दिया है. कनाडा की सरकार ने नागरिकता नियमों में बड़े बदलाव का रास्ता साफ कर दिया है. ‘लॉस्ट कनेडियन्स’ कानून को अब रॉयल असेंट मिल गया है. यह बिल C-3 दरअसल कनाडा की सिटिजनशिप एक्ट 2025 में अहम बदलाव करता है और उन हजारो परिवारों को राहत देगा जो कई सालो से अपने बच्चों के लिए नागरिकता को लेकर परेशान थे. यह बिल इसी हफ्ते सीनेट से पास हुआ और रॉयल असेंट मिलने के बाद अब इसे लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. कनाडा की इमिग्रेशन मिनिस्टर लीना डियाब ने कहा क यह कानून पुराने नियमो के कारण बाहर रह गए लोगों को न्याय देगा. उन्होंने बताया क नया कानून उन परिवारों की मुश्किलें खत्म करेगा जिनके बच्चे या जिन्हें खुद विदेश में पैदा होने की वजह से नागरिकता नहीं मिल सकी थी. क्या है यह बिल? इस बिल का मकसद उस पुराने नियम को खत्म करना है जिसे ‘सेकंड जेनरेशन कट-ऑफ’ कहा जाता था. 2009 में कनाडा ने कानून बदलकर यह तय कर दिया था कि जो कनाडाई नागरिक खुद विदेश में पैदा हुआ है, वह अपने बच्चे को नागरिकता सिर्फ तभी दे सकता है जब बच्चा कनाडा में पैदा हो. इससे बड़ी संख्या में ऐसे लोग बन गए जिन्हें ‘लॉस्ट कनेडियन्स’ कहा जाने लगा. यानी ऐसे लोग जो खुद को कनाडा का नागरिक मानते थे लेकिन कानून उनकी राह में अटक जाता था. भारतीयों के लिए क्या है राहत? कई भारतीय मूल परिवार ऐसे थे जिनके बच्चे विदेश में पैदा होने या गोद लिए जाने के कारण सिटिजनशिप नहीं पा सके. नया कानून लागू होते ही ऐसे लोग सीधे तौर पर नागरिकता पा सकेंगे, बशर्ते उनका केस पुराने कानून से प्रभावित हुआ हो. साथ ही नया नियम कहता है क कोई भी कनाडाई नागरिक, जो खुद विदेश में पैदा या गोद लिया गया हो, वह अपने बच्चे को नागरिकता दे सकेगा. भारत-कनाडा में होगी बातचीत भारत और कनाडा ने 2010 में CEPA यानी कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट की बातचीत शुरू की थी. 2022 में इस पर काफी तेजी भी आई थी. खासकर दवाइयो, क्रिटिकल मिनरल्स, टूरिज्म, ग्रीन एनर्जी और माइनिंग जैसे क्षेत्रो में दोनों देशों ने मिलकर काम बढ़ाया था. लेकिन 2023 में कनाडा ने बातचीत रोक दी थी, जिससे रिश्तो में कड़वाहट और तनाव साफ दिखने लगा. भारत के विदेश मंत्रायल ने रविवार रात जारी बयान में साफ कहा है कि दोनों देश अब एक हाई-अम्बिशन व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं. लक्ष्य है कि 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाए. इससे न सिर्फ कारोबार बढ़ेगा बल्कि नौकरी, निवेश और तकनीक साझा करने जैसे कई नए दरवाजे खुल सकते हैं. इसके साथ ही दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर सहियोग को और मजबूत करने पर भी बात की है. खासकर लम्बे समय के लिए यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट पर फिर से चर्चा शुरू करने का इरादा दिखा है. यह क्षेत्र दोनों देशों के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जाता है.

पाकिस्तान में दहशत: पेशावर FC HQ पर दो आत्मघाती धमाके, हमलावरों की अंधाधुंध गोलीबारी

पेशावर पाकिस्तान के पेशावर में पैरामिलिट्री फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) मुख्यालय, पैरा मिलिट्री फोर्सेज का मुख्यालय है. पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के इस मुख्यालय पर सोमवार की सुबह हमला हो गया. फ्रंटियर कोर के मुख्यालय से दो धमाकों की आवाज सुनी गई. पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू कर दिया है. पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार को FC के मुख्यालय पर आत्मघाती हमले में हमलावर समेत तीन लोग मारे गए हैं. मरने वालों में आत्मघाती हमलावर के साथ ही एक अन्य आतंकी भी शामिल बताया जा रहा है.इस हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों की भी जान गई है. एक धमाका मेन गेट, और दूसरा एफसी मुख्यालय परिसर के साइकिल स्टैंड के पास  हुआ. अधिकारियों ने इसकी पुष्टि कर दी है. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा पुलिस के महानिरीक्षक (आईजी) जुल्फिकार हमीद ने पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए कहा है कि दो आत्मघाती विस्फोट हुए. एक विस्फोट मेन गेट पर हुआ. दूसरा धमाका मुख्यालय परिसर में मोटरसाइकिल स्टैंड के पास हुआ. मोटरसाइकिल स्टैंड अर्धसैनिक बलों के मुख्यालय के परिसर में स्थित है. पेशावर हमले की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है. सामने आए सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि मेन गेट के बार एक धमाका होता है और आग की लपटें दिख रही हैं.एक शख्स इसके बाद मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करता भी नजर आ रहा है. इलाके में अब भी गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दे रही है. सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच गोलीबारी जारी है.