samacharsecretary.com

IPS गौरव राजपूत का बुलंद संकल्प: ड्रग माफिया की कमर तोड़ने तक नहीं रुकेंगे

सतना जिले में  पुलिस अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने नशा माफिया के खिलाफ 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि विंध्य क्षेत्र में 'कोरेक्स' (नशीली कफ सिरप) की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि वे ड्रग माफिया की 'कमर तोड़ने' तक नहीं रुकेंगे। 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' की समीक्षा बैठक में आईजी गौरव राजपूत ने जिले भर के सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत की गई कार्रवाइयों का हिसाब लिया। उन्होंने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया और सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाके में हर तरह के नशे की बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने दिया कार्रवाई का ब्यौरा इस दौरान, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने आईजी को जिले में की गई अब तक की कार्रवाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत नशे के धंधे में लिप्त कई छोटे-बड़े सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने आईजी को आश्वस्त करते हुए जिले से नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया। कौन हैं गौरव राजपूत गौरव सिंह राजपूत 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और विदिशा जिले के निवासी हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में वे प्रदेश के दूसरे सबसे कम उम्र के आईजी बने हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में आईपीएस की सेवा में प्रवेश किया था। आईपीएस बनने के बाद, गौरव सिंह राजपूत ने अनूपपुर, मंडला, देवास, मुरैना और कटनी जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य किया है। इन दौरान उन्होंने एक सख्त अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। पुलिस अधीक्षक के पद से पदोन्नति के बाद, वे इंदौर में महिला अपराध के डीआईजी बने। इसके बाद उन्होंने रतलाम में डीआईजी का कार्यभार संभाला और फिर सीआईडी में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें गृह विभाग के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल ही में वे भोपाल में डीआईजी सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें रीवा रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। माफियाओं को नही होने देंगे सक्सेसफुल आईजी गौरव राजपूत ने नशे को लेकर सख्त लहजे में कहा कि हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जीरो टॉलरेंस। हम इस पूरे क्षेत्र से कोरेक्स को समाप्त करके ही दम लेंगे। विंध्य की पावन धरा में कोई भी कोरेक्स नही बिकने देंगे। माफियाओं को भी सक्सेसफुल नही होने देंगे। बिल्कुल कमर तोड़कर रख देंगे। कोलगवां थाने का किया निरीक्षण इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल, प्रेमलाल कुर्वे, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग समाप्त होने के बाद, आईजी गौरव राजपूत ने कोलगवां थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां के रिकॉर्ड्स, रजिस्टरों का जायजा लिया और थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।  

मध्य प्रदेश में हाईवे लूट का पर्दाफाश, नागा साधु बनकर वारदात करने वाले सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

उज्जैन  नागा साधु का वेश बनाकर हाईवे पर कार चालकों को रोककर लूटने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बदमाशों ने शाजापुर में लाल घाटी, घट्टिया थाना क्षेत्र में जैथल व भैरवगढ़ क्षेत्र में गरोठ हाईवे पर तीन वारदातों को अंजाम दिया है। सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर ही नरवर पुलिस ने आरोपितों को पालखंदा में घेराबंदी कर रोक लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पांच हजार रुपये व सोने की दो अंगूठियां बरामद की गई है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंसूर पुत्र बहादुर अली पटेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम कालियादेह भैरवगढ़ ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डायल 112 पर सूचना दी कि सात अज्ञात बदमाशों द्वारा साधु के वेश में उसकी कार रोककर मारपीट एवं लूटपाट की गई। पटेल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हीना बी व दो बच्चों के साथ अपनी कार क्रमांक एमपी 09 जेडवी से कालियादेह से होते हुए इंदौर जा रहा था। पंवासा ओवरब्रिज पार कर नीमनवासा मोड़ पर पहुंचने पर अचानक छह व्यक्ति जिनमें चार साधु के वेश में थे हाईवे पर कार के सामने आ गए। गाड़ी रोकते ही सभी ने कार को घेर लिया और चारों साधु वेशधारी व्यक्ति धमकाने लगे कि पैसे व जेवर दे दो, नहीं तो भस्म कर देंगे। सभी आरोपितों ने पटेल व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए जबरदस्ती सोने की दो अंगूठियां एवं पांच हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद कार क्रमांक डीएल 2 सीएएक्स में बैठकर फरार हो गए। भागते समय उन्होंने पटेल को धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पटेल ने पंवासा थाने में केस दर्ज करवाया। नरवर टीआई ने आधे घंटे में किया गिरफ्तार कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही वायरलैस सेट पर जानकारी दी गई थी। नरवर टीआई बल्लू मंडलोई व टीम देवास रोड पर पालखंदा में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर कार को घेरकर उसमें सवार सात बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने पर नागझिरी व पंवासा पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। यह बदमाश पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम अलीनाथ पुत्र धर्मवीर नाथ उम्र 20 वर्ष निवासी मंगल कॉलोनी देहा बस्ती, करनाल रुरल, हरियाणा, मगन पुत्र दिलीप नाथ उम 19 वर्ष निवासी धर्मपुरा कालोनी, नजफगढ़, दिल्ली, अरुण नाथ पुत्र मीणा नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी आरके कॉलोनी मुर्यला, जिला सोनीपत, हरियाणा, राजेश पुत्र ऋषिपाल नाथ उम्र 41 वर्ष निवासी धर्मपुरा एक्स नजफगढ़, साउथ वेस्ट दिल्ली, रूमालनाथ पुत्र फूलनाथ उम्र 60 वर्ष निवासी लाल मंदिर के पास, रंगपुरी पहाड़ी नाला कैंप, थाना बसंतकुंज, दिल्ली, बिरजू नाथ पुत्र मिश्री नाथ, उम्र 45 वर्ष निवासी इन्द्रा विकास कालोनी, थाना मुखर्जी नगर, दिल्ली, राकेश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी नंद नगरी, साहिबाबाद बताए हैं। यहां भी की वारदातें आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शाजापुर के लालघाटी, घटिया थाना क्षेत्र के जैथल, देवास में भी करना स्वीकार किया है। सभी बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के है। दो बदमाश बिरजूनाथ व अलीनाथ के खिलाफ थाना मोती नगर दिल्ली व करनाल सदल हरियाणा में केस दर्ज हैं।

ईडन गार्डन्स में धमाका: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले टेस्ट का टॉस होगा विशेष सिक्के से

 कोलकाता  भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच 14 नवंबर से कोलकाता में खेला जाना है. लेकिन इस मुकाबले से पहले क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने पहले टेस्ट मैच के टॉस के लिए एक विशेष स्वर्ण सिक्का (गोल्ड क्वाइन) जारी किया है. इस सोने के सिक्के के एक तरफ महात्मा गांधी और दूसरी तरफ नेल्सन मंडेला की तस्वीर उकेरी गई है, जो शांति, स्वतंत्रता और अहिंसा के साझा मूल्यों का प्रतीक है. CAB अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बताया कि यह सिक्का विशेष रूप से इस सीरीज़ के लिए तैयार किया गया है और इसका उपयोग टॉस समारोह में किया जाएगा. गांधी और मंडेला की तस्वीरें उकेरी गई भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच यह श्रृंखला फ्रीडम ट्रॉफी के लिए खेली जा रही है, जो गांधी और मंडेला की विरासत को सम्मान देने के लिए शुरू की गई थी. यह ट्रॉफी दोनों नेताओं द्वारा दिए गए अहिंसा और समानता के संदेश का प्रतीक है. छह साल बाद ईडन में टेस्ट क्रिकेट की वापसी यह मैच ईडन गार्डन्स में छह साल बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी का प्रतीक होगा. CAB कोषाध्यक्ष संजय दास के अनुसार, पहले तीन दिनों के 96,000 टिकट पहले ही बिक चुके हैं और कुल 1.4 करोड़ टिकटों की बिक्री हुई है, जिससे यह मैच बेहद लोकप्रिय हो गया है. सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके के बाद, कोलकाता पुलिस और CAB ने खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं. मैच से एक दिन पहले, यानी 13 नवंबर को जगमोहन डालमिया मेमोरियल लेक्चर आयोजित किया जाएगा, जिसमें सुनील गावस्कर मुख्य वक्ता होंगे. इस कार्यक्रम में भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों टीमों के खिलाड़ी शामिल रहेंगे. डालमिया को उस प्रशासक के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने भारत को विश्व क्रिकेट की महाशक्ति बनाया. टीम इंडिया और पिच की तैयारी टीम इंडिया रविवार शाम को शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ कोलकाता पहुंची. सोमवार सुबह गंभीर ने बैटिंग कोच सितांशु कोटक के साथ ईडन की पिच का निरीक्षण किया, जबकि बाद में गांगुली ने भी मैदान का जायजा लिया. पिच को ओस और बारिश से बचाने के लिए पूरी तरह कवर कर दिया गया है. क्या बोले सौरव गांगुली गांगुली ने पत्रकारों से कहा, 'भारत ने टर्निंग ट्रैक मांगा है या नहीं, यह कहना मुश्किल है क्योंकि उन्होंने अभी तक कुछ नहीं कहा. लेकिन विकेट बहुत अच्छी लग रही है.' दक्षिण अफ्रीका इस सीरीज़ में विश्व टेस्ट चैंपियन के रूप में उतर रही है. टीम ने इस साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया को हराकर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल जीता था. हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान में दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ 1-1 से ड्रॉ की थी.

धर्मेंद्र के स्वास्थ्य में सुधार: 89 साल के अभिनेता हुए अस्पताल से घर वापस

मुंबई   बॉलीवुड के धुरंधर ‘धर्म पाजी’ यानी धर्मेंद्र ने एक बार फिर अपनी जिंदादिली का लोहा मनवाया. 89 साल की उम्र में मौत की अफवाहों को धूल चटाते हुए वे बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट आए हैं. सुबह-सुबह बॉबी देओल अस्पताल में पहुंचे, जिसका वीडियो वायरल हुआ और थोड़ी ही देर बाद ये खबर आई कि धर्मेंद्र डिस्चार्ज हो गए हैं. धर्मेंद्र को इस महीने की शुरुआत यानी 1 नवंबर को सांस लेने में तकलीफ के बाद अस्पताल पहुंचे थे. शुरुआत में इसे रूटीन चैकअप करार दिया गया, लेकिन फिर बताया गया कि सांस लेने में उन्हें तकलीफ हो रही है, जिसके चलते वो डॉक्टरों की निगरानी में हैं. बाद में  ICU और वेंटिलेटर का जिक्र आया और उनकी  मौत की अफवाहें उड़ीं. लेकिन उनकी दूसरी पत्नी हेमा मालिनी और बेटी ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर इस बात का खंडन करते हुए गुस्सा जाहिर किया था. एंबुलेंस से पहुंचे घर ही-मैन को एंबुलेंस के जरिए उनके घर भेजा गया, जिसका वीडियो भी सामने आया है. इंस्टैंट बॉलीवुड ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये वीडियो शेयर किया है, जिसमें धर्मेंद्र को एंबुलेंस से उनके घर ले जाया जा रहा है. इस खबर से फैंस बेहद खुश हैं और उनके जल्द से जल्द पूरी तरह ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं. सुबह 7.30 पर दी गई अस्पताल से छुट्टी डॉ. प्रतित समदानी ने ‘पीटीआई’ को बताया, धर्मेंद्र जी को सुबह करीब साढ़े सात बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उनका इलाज घर पर ही किया जाएगा क्योंकि परिवार ने उन्हें घर पर ही इलाज देने का फैसला किया है. सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचे थे बॉबी धर्मेंद्र के डिस्चार्ज होने से पहले बॉबी देओल सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचे थे. उनके अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही धर्मेंद्र एम्बुलेंस से घर के लिए रवाना हो हुए. 89 साल के धर्मेंद्र की देख-रेख अब घर में ही आगे होगा.

वन मंत्री कश्यप बोले — सुकमा में दूरस्थ नियद नेल्ला नार योजना सभी गांवों तक पहुँची, कोई पात्र हितग्राही न छूटे

रायपुर : सुकमा के दूरस्थ नियद नेल्ला नार योजना गांवों तक पहुंचे, कोई पात्र हितग्राही न छूटे : वन मंत्री  कश्यप मंत्री  कश्यप ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज  सुकमा जिले के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए, जिससे प्रत्येक पात्र हितग्राही को योजनाओं का पूर्ण लाभ समय पर मिल सके। मंत्री  कश्यप ने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीण अंचलों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने सुकमा के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं के सेचुरेशन (पूर्ण कवरेज) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रह जाए। मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और योजनाओं की स्थिति का फीडबैक सीधे ग्रामीणों से प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि दूर गांव से अपनी समस्या लेकर आने वाले ग्रामीणों की समस्याओं का  उचित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।  बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल जीवन मिशन तथा माओवादी पीड़ित और आत्मसमर्पित माओवादी परिवारों के पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री  कश्यप ने इन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक के अंत में जिला पंचायत सीईओ  मुकुन्द ठाकुर ने मंत्री  कश्यप को मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में महिला आयोग की सदस्य सु दीपिका सोरी, कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव, एसपी  किरण चव्हाण, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  धनीराम बारसे, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष  हुंगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य  कोरसा सन्नू,  हुंगाराम मरकाम सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक बनेगी करियर एक्ज़ीबिशन-कम-कॉन्फ्रेंस

नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को हासिल करने में कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन महत्वपूर्ण मॉडल स्कूल टी.टी. नगर में विद्यार्थियों से किया गया संवाद भोपाल मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी. नगर, भोपाल में मंगलवार को बच्चों को पढ़ाई के साथ उनमें व्यावसायिक क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से कॅरियर एक्जीविशन-कम-कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ कॅरियर विकल्पों, वैश्विक शैक्षणिक अवसरों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं की जानकारी दी गयी। विषय-विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष मती स्मिता भारद्वाज ने कहा कि कॅरियर केवल विषय चयन नहीं, बल्कि आत्मचेतना, क्षमता और अवसरों की समझ पर आधारित एक महत्वपूर्ण निर्णय है। इस प्रकार की प्रदर्शनियाँ विद्यार्थियों को उनकी वास्तविक संभावनाओं से सीधे तौर पर जोड़ती हैं। विद्यालय की प्राचार्य मती रेखा शर्मा ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि कॅरियर जागरूकता भविष्य का मूल आधार है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और सही दिशा तीनों से समर्थ बनाना है। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिये वास्तविक अवसरों और चुनौतियों का परिचय कराती हैं। प्रदर्शनी में देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और नेशनल-इंटरनेशनल शैक्षणिक संस्थानों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। स्टॉलों पर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के विकल्प, प्रवेश प्रक्रियाएँ, स्कॉलरशिप अवसर, इमर्जिंग कॅरियर फील्ड्स और कम्पेटिटिव एक्जाम से संबंधित जानकारी प्रदान की गयी। विद्यालय की काउंसल द्वारा तैयार किये गये कॅरियर आधारित मॉडल्स, चार्ट्स, पोस्टर्स एवं इंटरेक्टिव आकर्षण का केन्द्र रहे। इनमें फिजिक्स, केमेस्ट्री, मेथ्स, बॉयोलॉजी, वाणिज्य, मानविकी के साथ सायबर सिक्यूरिटी, डिफेंस सर्विसेस, एविएशन, क्रिएटिव ऑर्ट्स और डिजाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और स्किल इण्डिया की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों ने ऑर्ट एण्ड क्रॉफ्ट, माटीकला, पेंटिंग, ज्वेलरी डिजाइन, हेण्डीक्रॉफ्ट और एन्त्रप्रेन्योरशिप जैसे कौशल आधारित स्टॉल लगाये। इन स्टॉलों में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की।  

राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2025: मध्य प्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान, CM डॉ. यादव ने जताई खुशी

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा: म.प्र. को दो श्रेणियों में मिले पुरस्कार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई "जल संचय-जन भागीदारी" में भी अग्रणी स्थान राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर को प्रदान करेंगी पुरस्कार भोपाल मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की। मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है, जबकि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर 2025 को पुरस्कार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरस्कृत जिलों को बधाई दी है। "जल संचय-जन भागीदारी" पहल में भी वेस्टर्न-जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ को मिला। श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुनाजिले को प्रथम रैंक मिला। ज़िलों में श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं — सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार का शुभारंभ 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर किया गया था। कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी समीक्षा और मूल्यांकन विशेषज्ञ समिति द्वारा किया गया। चयनित आवेदनों का परीक्षण केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा किया गया। अंतिम रिपोर्टों के आधार पर वर्ष 2024 के 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए कुल 46 विजेताओं का चयन किया गया। राष्ट्रीय जल पुरस्कार का उद्देश्य देश में व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान करना और सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करना है। ये पुरस्कार जल के महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जल के सर्वोत्तम उपयोग के प्रयासों को अपनाने के लिये प्रेरित करते हैं। यह पहल सभी लोगों और संगठनों के लिए जल संसाधन संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में एक मजबूत साझेदारी और जन सहभागिता को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करता है। जल संचय जन भागीदारी पहल में भी अग्रणी मप्र जल संचय जन भागीदारी पुरस्कार : कैच द रेन के अंतर्गत साउथ जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ जिले को तथा श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना को, ज़िलों में श्रेणी तीन में दूसरी रैंक में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है। इस पहल के अंतर्गत राज्यों को पाँच ज़ोन में बाँटा गया है। जिलों को न्यूनतम 10,000 कृत्रिम भू-जल पुनर्भरण एवं संचयन संरचनाएँ बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के जिलों के लिए यह लक्ष्य 3,000 संरचनाएँ है, जबकि देशभर के नगर निगमों के लिए यह संख्या 10,000 निर्धारित की गई है। इन संरचनाओं में वर्षा जल संचयन (रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) के अलावा झीलों, तालाबों और बावड़ियों का पुनर्जीवन भी शामिल है। शहरी जल संरक्षण प्रयासों को सशक्त करने के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ साझेदारी की है। नगरीय निकायों को कम-से-कम 2,000 पुनर्भरण संरचनाएँ बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस वर्ष कुल 100 पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जिनमें तीन सर्वश्रेष्ठ राज्य, 67 जिले, छह नगर निगम, एक नगरीय स्थानीय निकाय, दो सहयोगी मंत्रालय/विभाग, दो उद्योग, तीन गैर-सरकारी संगठन, दो परोपकारी व्यक्ति और 14 नोडल अधिकारी शामिल हैं।  

भोपाल में आज नेशनल कॉन्क्लेव की शुरुआत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उद्घाटन

राज्यपाल श्री पटेल समापन सत्र के होंगे मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, प्रशासन पर विशेषज्ञ करेंगे चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और मध्यप्रदेश जनजाति कार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जनजाति कल्याण के लिए कार्य कर रहे अशासकीय संगठनो की नेशनल कॉन्क्लेव का भोपाल में 12 नवंबर को शुभारंभ करेंगे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल नेशनल कॉन्क्लेव के समापन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे। जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मुख्य अतिथि होंगे। कॉन्क्लेव का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया गया है। इसमें देश के 500 से ज्यादा विषय विशेषज्ञ जनजातीय कल्याण से जुड़े हुए विषयों पर चर्चा करेंगे। नेशनल कॉन्क्लेव में विषय विशेषज्ञ स्वैच्छिक संस्थाओं एवं प्रयासों के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। जनजाति समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने-अपने विचार रखेंगे। जनजातीय समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में शैक्षिक संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे, वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में शैक्षिक संगठनों की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। जनजातीय समुदाय की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियां, टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमो की पहुंच बढ़ाने, टेली मेडिसिन, एमहेल्थ जैसे आधुनिक हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने में अशासकीय संगठनों की भूमिका पर विचार होगा। कॉन्क्लेव में जनजातीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, और आजीविका बढ़ाने, जनजातीय युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर, स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विचार विमर्श होगा। इसमें स्वैच्छिक संगठनों की भूमिका तय की जाएगी, साथ ही वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में जनजातीय विकास एवं शासन प्रशासन से जुड़े विषयों, राज्य की भूमिका, पंचायत राज संस्थाओं, ग्राम सभा पारंपरिक जनजातीय संस्थाओं जनजाति विकास एजेंसियों की भूमिकाओं पर भी चर्चा होगी।  

PM किसान योजना: किस्त आने से पहले होगी नामों की छंटनी, ये किसान होंगे लिस्ट से बाहर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त अभी जारी नहीं की गई है। केंद्र सरकार ने किसानों में फैल रही अफवाहों और गलतफहमियों को दूर करने के लिए आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना में कई ऐसे आवेदन थे जो मानदंडों के अनुसार अपात्र थे। इन आवेदनों को अब संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया है और उनकी जांच की जा रही है। क्यों हटाए गए कुछ नाम? सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में ऐसे लोग योजना में पंजीकरण करा चुके हैं, जिनके पास 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन मिली थी। कुछ परिवारों के कई सदस्य पति-पत्नी, वरिष्ठ रिश्तेदार या नाबालिग एक साथ लाभ लेने के प्रयास में थे। ऐसे आवेदकों को अस्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया गया है। राष्ट्रीय सफाई अभियान के तहत अब तक 35.44 लाख से अधिक नाम सूची से हटा दिए गए हैं। सत्यापन के बाद ही मिलेगा भुगतान सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि हटाए गए नाम स्थायी रूप से निष्कासित नहीं हैं। जल्द ही भौतिक सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद योग्य पाए गए किसानों के नाम सूची में बहाल कर दिए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि केवल वास्तविक किसानों को ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को अपनी पात्रता की जांच करने के लिए पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर ‘अपनी स्थिति जानें’ या ‘योग्यता स्थिति’ सेक्शन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह प्रक्रिया मोबाइल ऐप या किसान मित्र चैटबॉट के जरिए भी पूरी की जा सकती है। 21वीं किस्त पर अपडेट सरकार ने कहा है कि 21वीं किस्त का भुगतान तब तक स्थगित रहेगा जब तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होती। वार्षिक लाभ राशि 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये करने की अटकलें अभी तक आधिकारिक नहीं हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, सत्यापन के बाद करीब 50 लाख किसानों को अपात्र घोषित किया जा सकता है। किसानों के लिए जरूरी कदम केंद्र ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अपनी जानकारी तुरंत सत्यापित करें और यदि गलती से उनका नाम सूची से हटा गया है, तो फिर से आवेदन करें। योग्य किसानों को भुगतान में देरी से बचाने के लिए ऑनलाइन या मी-सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।  

सीएम डॉ. मोहन यादव 12 नवंबर को भोपाल में नेशनल कॉन्क्लेव का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव नेशनल कॉन्क्लेव का भोपाल में 12 नवंबर को करेंगे शुभारंभ राज्यपाल  पटेल समापन सत्र के होंगे मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, प्रशासन पर विशेषज्ञ करेंगे चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजाति कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और मध्यप्रदेश जनजाति कार्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जनजाति कल्याण के लिए कार्य कर रहे अशासकीय संगठनो की नेशनल कॉन्क्लेव का भोपाल में 12 नवंबर को शुभारंभ करेंगे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल नेशनल कॉन्क्लेव के समापन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे। जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह मुख्य अतिथि होंगे। कॉन्क्लेव का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में किया गया है। इसमें देश के 500 से ज्यादा विषय विशेषज्ञ जनजातीय कल्याण से जुड़े हुए विषयों पर चर्चा करेंगे। नेशनल कॉन्क्लेव में विषय विशेषज्ञ स्वैच्छिक संस्थाओं एवं प्रयासों के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। जनजाति समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने-अपने विचार रखेंगे। जनजातीय समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में शैक्षिक संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे, वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में शैक्षिक संगठनों की भूमिका पर विशेष चर्चा होगी। जनजातीय समुदाय की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियां, टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमो की पहुंच बढ़ाने, टेली मेडिसिन, एमहेल्थ जैसे आधुनिक हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने में अशासकीय संगठनों की भूमिका पर विचार होगा। कॉन्क्लेव में जनजातीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, और आजीविका बढ़ाने, जनजातीय युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर, स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विचार विमर्श होगा। इसमें स्वैच्छिक संगठनों की भूमिका तय की जाएगी, साथ ही वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में जनजातीय विकास एवं शासन प्रशासन से जुड़े विषयों, राज्य की भूमिका, पंचायत राज संस्थाओं, ग्राम सभा पारंपरिक जनजातीय संस्थाओं जनजाति विकास एजेंसियों की भूमिकाओं पर भी चर्चा होगी।