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Tata Motors ने दिवाली पर रचा धमाका, गाड़ियों की बिक्री में रिकॉर्ड तोड़ तेजी

नई दिल्ली  दिवाली और नवरात्रि के पावन त्योहारों ने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (Tata Motors Passenger Vehicles Ltd) के लिए बंपर खुशियाँ लाई हैं. कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि उन्होंने सिर्फ़ 30 दिनों के अंदर 1 लाख से ज़्यादा गाड़ियाँ ग्राहकों को डिलीवर की हैं. यह पिछले साल की इसी अवधि के मुक़ाबले 33 फ़ीसदी की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है. यह आँकड़ा बताता है कि भारतीय ग्राहकों के बीच टाटा मोटर्स की गाड़ियों की माँग कितनी तेज़ी से बढ़ रही है. कौन सी गाड़ियाँ हैं असली हीरो? इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री में सबसे बड़ा हाथ एसयूवी (SUVs) गाड़ियों का रहा है. एसयूवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स की गाड़ियाँ ग्राहकों को ख़ूब लुभा रही हैं. Tata Nexon (टाटा नेक्सन) ने इस बिक्री में धमाकेदार प्रदर्शन किया. नेक्सन की 38,000 से ज़्यादा गाड़ियाँ बेची गईं, जो पिछले साल की तुलना में 73 फ़ीसदी की शानदार बढ़त है. नेक्सन को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया है, जिससे यह टाटा की सबसे बड़ी 'हीरो' बनकर उभरी है. दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली गाड़ी रही Tata Punch (टाटा पंच). पंच ने भी 32,000 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जिसमें 29 फ़ीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है. इन दोनों लोकप्रिय एसयूवी ने मिलकर बिक्री की रफ़्तार को बहुत तेज़ कर दिया. इलेक्ट्रिक गाड़ियों का जादू चल पाया? टाटा की इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने इस 30 दिन की अवधि में 10,000 से ज़्यादा यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल के मुक़ाबले 37 फ़ीसदी की दमदार बढ़ोतरी है. यह आँकड़ा साफ़ बताता है कि भारतीय ग्राहक अब धीरे-धीरे पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं और पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपना रहे हैं. इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स सबसे आगे है. आगे क्या है Tata Motors की प्लानिंग?  इस बेहतरीन त्योहारी प्रदर्शन ने टाटा मोटर्स के लिए पूरे वित्त वर्ष (fiscal) का माहौल सेट कर दिया है. सीईओ शैलेश चंद्र ने बताया कि कंपनी अब इस साल के अंत तक नए लॉन्च की तैयारी कर रही है. ग्राहकों के निरंतर उत्साह को देखते हुए, यह उम्मीद है कि बिक्री की यह मज़बूत रफ़्तार आगे भी जारी रहेगी. यह देखना दिलचस्प होगा कि टाटा मोटर्स आने वाले समय में कौन सी नई गाड़ियाँ बाज़ार में उतारती है, और क्या वे भी इतनी ही सफल हो पाती हैं! 

नदीम ने रची थी गुलशन कुमार की हत्या की साजिश? वकील ने बताई अनुराधा पौडवाल से जुड़ी चौंकाने वाली वजह

मुंबई कैसेट किंग गुलशन कुमार की हत्या मेन मास्टरमाइंड नदीम सैफी थी। यह कहना है, लॉयर उज्ज्वल निकम का। 1997 में दिनदहाड़े गुलशन कुमार को गोलियों से छलनी कर दिया गया था। इस हत्याकांड ने हर किसी को झकझोर दिया था। उनकी हत्या की वजह भी अभी तक किसी को ठीक से नहीं पता। कुछ लोग इसे पैसे का लेनदेन बताते हैं। वहीं उज्ज्वल निकम ने इशारा किया है कि दोनों की सिंगर अल्का याज्ञनिक और अनुराधा पौडवाल की वजह से राइवलरी थी। इसीलिए भारत नहीं आ रहा नदीम शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में उज्ज्वल निकम से पूछा गया कि क्या गुलशन कुमार की हत्या में नदीम का हाथ था? इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'हां, उसका हाथ था। इसीलिए वह वापस नहीं आ रहा है। वह ट्रायल फेस नहीं कर रहा है। वरना ट्रायल में क्यों नहीं आता।' नदीम कई साल यूके में रहने के बाद अब दुबई में रह रहा है। ट्रायल नहीं फेस करना चाहता नदीम उज्ज्वल ने बताया कि कुछ साल पहले नदीम ने वापस आने की इच्छा जाहिर की थी। वह बोले, 'उसने प्रपोजल दिया था कि वापस आना चाहता हूं। मैंने कहा, 'बिल्कुल वापस आओ और ट्रायल फेस करो।' वह नहीं चहता था।' क्यों हुई गुलशन कुमार की हत्या उज्ज्वल से पूछा गया कि गुलशन कुमार की हत्या क्यों हुई थी? इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'वो एकदम अलग कहानी है। अनुराधा पौडवाल इनकी सिंगर थीं। अल्का याज्ञनिक उनकी सिंगर थीं। बस। पुलिस को लगता है कि नदीम इस हत्या का मुख्य षड्यंत्रकर्ता था। उसने ही सब रचा था। पुलिस का मानना है कि हत्या नदीम के कहने पर हुई और साजिश दुबई में रची गई।' कैसे हुई थी हत्या गुलशन कुमार वैष्णो देवी और शिव के परम भक्त थे। 12 अगस्त 1997 को वह मंदिर से पूजा करके वापस आ रहे थे तभी उन पर हमला कर दिया गया। गुलशन कुमार को 16 गोलियां लगी थीं और मौके पर ही उनका निधन हो गया। 30 अगस्त को इस हत्याकांड में नदीम-श्रवण की जोड़ी वाले नदीम का हाथ सामने आया। रिपोर्ट्स थीं कि गुलशन कुमार ने नदीम के अल्बम 'हाय अजनबी' की ठीक से पब्लिसिटी नहीं की तो वह नाराज था। हालांकि काफी पहले से दोनों के बीच काफी मनमुटाव चल रहा था।

भ्रष्टाचार पर फिर बरसे सीएम मान, बोले— अब नहीं चलेगा किसी का ‘राजनीतिक रसूख’

चंडीगढ़ भ्रष्टाचार के प्रति अपनी सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि पुलिस उप महानिरीक्षक (रोपड़ रेंज) हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया गया है। भुल्लर को हाल में रिश्वतखोरी के एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। भुल्लर को एक अन्य व्यक्ति के साथ आठ लाख रुपये की रिश्वतखोरी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था। भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद अपनी पहली टिप्पणी में मान ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन राज्य सरकार के मूल में है, जो पिछले चार वर्षों में उसके कार्यों के माध्यम से लगातार प्रदर्शित हुआ है। मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है जिसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मान ने कहा कि इसी नीति के तहत, भ्रष्टाचार के आरोप में हाल में एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। मान ने कहा कि पुलिस उपमहानिरीक्षक को 16 अक्टूबर से निलंबित माना जाएगा। उन्होंने दोहराया कि समाज के खिलाफ इस गंभीर अपराध में संलिप्त पाए जाने पर किसी भी अधिकारी या नेता को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट गतिविधियों में किसी भी तरह की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसे कृत्यों में लिप्त लोगों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

क्या है कफाला सिस्टम? सऊदी में ऐतिहासिक बदलाव से प्रवासी मजदूरों को मिला आज़ादी का तोहफा

दुबई  सऊदी अरब में अब पहले के मुताबिक जॉब करना आसान हो गया है क्योंकि इस देश ने गुलामी की जंजीर कही जाने वाली दशकों पुरानी कफाला सिस्टम का अंत कर दिया है। यह लेबर स्पॉन्सरशिप सिस्टम था, जिसके तहत लाखों विदेशी कामगारों के जीवन और अधिकारों को नियंत्रित किया जाता था। जून 2025 में घोषित यह निर्णय अब प्रभावी हो गया है। यह प्रवासी कल्याण और श्रम अधिकारों में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस सुधार से लगभग 1.3 करोड़ प्रवासी कामगारों को लाभ होने की उम्मीद है, जिनमें से अधिकांश दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया से हैं। इनमें भारतीयों की भी बड़ी संख्या है। कफाला सिस्टम क्या? कफाला, अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ 'प्रायोजन' यानी स्पॉन्सरशिप होता है। यह शब्द खाड़ी देशों में जीवन के एक तरीके को उजागर करता है। इसके तहत कोई भी विदेशी कामगार या श्रमिक वहां किसी नियोक्ता के स्पॉन्सरशिप पर ही काम कर सकता था। इस सिस्टम में नियोक्ताओं का अपने कर्मचारियों पर लगभग पूरा कंट्रोल होता है। कर्मचारी अपने स्पॉन्सरशिप की इजाजत के बिना न तो नौकरी बदल सकते हैं, न देश छोड़ सकते हैं, या यहां तक ​​कि उसे कोई कानूनी मदद भी नहीं मिल सकती है। यह एक तरह से गुलामी की जंजीर थी। 1950 के दशक से ही चला आ रहा यह सिस्टम 1950 के दशक से ही चला आ रहा है। सऊदी अरब के अलावा यह कतर, कुवैत, जॉर्डन जैसे देशों में बहुत प्रचलित सिस्टम है। कफाला सिस्टम मूल रूप से तेल-समृद्ध खाड़ी अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए आवश्यक सस्ते विदेशी श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उसका प्रबंधन करने के लिए डिजाइन किया गया था। इस प्रणाली के अनुसार, प्रत्येक प्रवासी श्रमिक एक स्थानीय प्रायोजक, जिसे कफ़ील कहा जाता था, से बंधा होता था, जो उनके निवास, रोजगार और कानूनी स्थिति पर अधिकार रखता था। श्रमिकों के शोषण का जरिया था ये सिस्टम शुरुआत में यह सिस्टम प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए लाया गया था ताकि विदेशी जमीं पर उनके रहमे-सहने, खाने-पीने का इंतजाम उसके स्पॉन्सर करें लेकिन बाद में यह सिस्टम श्रमिकों के शोषण का जरिया बन गया। नियोक्ता श्रमिकों के पासपोर्ट जब्त कर लेते थे, वेतन देने में देरी या इनकार किया करते थे, और उनकी आवाजाही पर बैन लगा रहे थे। बेचारा श्रमिक उनकी मर्जी के बिना अपने घर भी नहीं लौट सकते थे, या दुर्व्यवहार की स्थिति में अधिकारियों से भी संपर्क नहीं कर सकते थे। सऊदी अरब Vision 2030 का हिस्सा हालांकि, कई अधिकार समूह अक्सर कफाला सिस्टम की तुलना 'आधुनिक गुलामी' से करते रहे हैं, और कहते हैं कि इसने श्रमिकों से उनकी बुनियादी स्वतंत्रता छीन ली और उन्हें शोषण के दलदल में धकेल दिया है। लेकिन अब सऊदी अरब के हालिया श्रम सुधारों ने कफाला सिस्टम की जगह कॉन्ट्रैक्ट एंप्लॉयमेंट मॉडल को लागू किया है। सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार, नए सिस्टम में विदेशी वर्कर्स को मौजूदा कंपनी या कहें कफील की इजाजत लिए बगैर नई कंपनी ज्वाइन करने की अनुमति होगी। बता दें कि सऊदी अरब Vision 2030 के तहत देश में सुधार कर रहा है और कफाला सिस्टम को खत्म करना भी इसी पहल का हिस्सा है।

चीन को नहीं रास आई भारत की प्रगति, WTO में दर्ज कराई आपत्ति

नई दिल्ली आधुनिक भारत की अर्थव्‍यवस्‍था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍था बन चुकी है, क्‍योंकि देश की घरेलू खपत अन्‍य देशों की तुलना में ज्‍यादा है. एग्रीकल्‍चर हो या ईवी, भारत हर सेक्‍टर्स में तरक्‍की के नए मुकाम हासिल कर रहा है. ईवी प्रोडक्‍ट्स के मामले में भारत घरेलू निर्माण पर फोकस है. यही बात ड्रैगन को पसंद नहीं आ रही है, जिस कारण उसने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के पास शिकायत कर डाली है. चीन का आरोप है कि भारत की इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी सब्सिडी योजनाएं आयात की तुलना में घरेलू उत्‍पादों को प्राथमिकता दे रही हैं, जो वैश्विक व्‍यापार नियमों का उल्लंघन करती हैं. चीन का कहना है कि भारत के विशाल ईवी बाजार तक पहुंच चाहने वाले चीनी वाहन निर्माताओं को संभवतः दरकिनार किया जा रहा है.  चीन ने भारत से रखी ये मांग WTO के एक कम्युनिकेशन लेटर के मुताबिक, बीजिंग ने WTO सेटलमेंट मैकनिज्‍म के तहत तीन भारतीय कार्यक्रमों के तहत सेटमेंट करने की रिक्‍वेस्‍ट की है. चीन ने उन्नत रसायन सेल (ACC) बैटरी भंडारण के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना, ऑटोमोबाइल और ऑटो उद्योग के लिए पीएलआई योजना, और इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक अलग पॉलिसी की मांग रखी है.  चीन ने भारत पर और क्‍या लगाए आरोप  चीन का दावा है कि ये उपाय घरेलू स्‍तर पर बन रहे वस्‍तुओं के उपयोग पर 'पात्रता और प्रोत्साहनों के वितरण की शर्तें' लगाते हैं, जो चीनी उत्‍पादों के साथ भेदभाव है. चीन का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध सब्सिडी और प्रतिपूरक उपायों (SCM) समझौते, टैरिफ और व्यापार पर सामान्य समझौते (गैट) 1994, और व्यापार-संबंधी निवेश उपायों पर समझौते (ट्रिम्स) के तहत भारत के दायित्वों का उल्लंघन करते हैं.  WTO फाइलिंग में कहा गया है कि ये उपाय चीन को मिलने वाले लाभों को रद्द या कम कर देते हैं. चीन विवाद को सुलझाने के पहले कदम के रूप में परामर्श के लिए एक डेट की मांग कर रहा है. भारत के इन योजनाओं का क्‍या है मतलब?  भारत के प्रोत्साहन कार्यक्रमों का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करते हुए स्थानीय इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देना है. मई 2021 में शुरू की गई PLI-ACC योजना में 50 GWh घरेलू बैटरी क्षमता विकसित करने के लिए ₹18,100 करोड़ का परिव्यय शामिल है. सितंबर 2021 में ₹25,938 करोड़ की लागत से स्वीकृत ऑटो-केंद्रित PLI योजना का लक्ष्य ऑटोमोटिव टेक्‍नोलॉजी का घरेलू उत्पादन और रोजगार पैदा करना है.  भारत का बढ़ा व्‍यापार घाटा  लेकिन BYD जैसे चीनी ईवी निर्माताओं को यूरोपीय संघ में घटते मुनाफे और विनियामक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें 27% टैरिफ भी शामिल है. हालांकि फिर भी चीन का आयात बढ़ा है. 2024-25 में चीन को भारत के निर्यात में 14.5% की गिरावट के आई, लेकिन चीन से आयात में 11.5% की वृद्धि हुई है. इससे बीजिंग के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 99.2 बिलियन डॉलर हो गया. 

BCCI का साफ संदेश: मोहसिन नकवी, अब टालमटोल बंद करो, ट्रॉफी सौंपो भारत को!

नई दिल्ली भारतीय टीम ने हाल ही में पाकिस्तान को हराकर एशिया कप 2025 जीता था. जीत के बाद भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ मोहसिन नकवी के हाथों एशिया कप ट्रॉफी लेने से इनकार दिया था. इसके बाद मोहसिन नकवी ट्रॉफी लेकर दुबई के होटल चले आए थे. फिर पाकिस्तान जाने से पहले उन्होंने ये ट्रॉफी एसीसी ऑफिस में छोड़ दी. हालांकि नकवी भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपने को तैयार नहीं हुए. नकवी ने कहा था कि सूर्यकुमार यादव एसीसी ऑफिस आकर ट्रॉफी ले जाएं. अब भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी को एक आधिकारिक ईमेल भेजकर कहा है कि विजेता टीम को ट्रॉफी जल्द से जल्द सौंप दी जाए. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'हमने एसीसी को पत्र लिखा है कि ट्रॉफी चैम्पियन टीम को दी जाए. हम उनके जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं. अगर प्रतिक्रिया नहीं आई या नकारात्मक रही तो हम आईसीसी को लिखेंगे. हम कदम-दर-कदम आगे बढ़ रहे हैं और इसे लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे.' देवजीत सैकिया ने साफ कर दिया है कि अगर मोहसिन नकवी एशिया कप ट्रॉफी लौटाने को राजी नहीं होते हैं, तो बीसीसीआई सख्त एक्शन लेगा. एशिया कप ट्रॉफी यदि भारत को सौंपा नहीं जाता है, तो बीसीसीआई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) को इसके लिए पत्र लिखेगा, सैकिया ने ये स्पष्ट कर दिया है. मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन भी हैं. जिद पर अड़े रहे मोहसिन नकवी 28 सितंबर को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 फाइनल में सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था. भारतीय खिलाड़ियों ने पहले ही साफ कर दिया था कि वे मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगे. टीम ने आग्रह किया था कि ट्रॉफी उन्हें एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के वाइस चेयरमैन दें. हालांकि, मोहसिन नकवी ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया था. मैच जीतने के बावजूद भारतीय खिलाड़ी करीब एक घंटे तक मैदान पर इंतजार करते रहे, लेकिन जब स्थिति नहीं बदली, तो वे बिना एशिया कप ट्रॉफी लिए ही ड्रेसिंग रूम लौट गए. भारतीय टीम ने उस टूर्नामेंट में पाकिस्तान को तीन बार धूल चटाई थी. भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हैंडशेक भी नहीं किया था, जिसपर काफी बवाल हुआ था. भारतीय टीम ने फैन्स की भावनाओं को ध्यान में रखकर ऐसा किया था.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में शुभमन का बड़ा कदम, टीम में होगा खास फेरबदल

एडिलेड  भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. अब भारतीय टीम सीरीज में वापसी के इरादे से दूसरे वनडे मैच में मैदान पर उतरेगी. भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 23 अक्टूबर (गुरुवार) को एडिलेड ओवल में खेला जाना है. भारतीय समयानुसार ये मुकाबला सुबह 9 बजे शुरू होगा. एडिलेड वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली बल्ले से शानदार प्रदर्शन करना चाहेंगे. पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में खेले गए सीरीज के पहले मुकाबले में इन दोनों दिग्गजों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था. कोहली अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे, वहीं रोहित महज 8 रन बना सके थे. इन दोंनो का ये कमबैक मैच भी था, जिसे वो यादगार नहीं बना पाए. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम की खिताबी जीत के बाद पहली बार रोहित-कोहली (ROKO) भारतीय टीम के लिए खेलने उतरे थे. एडिलेड वनडे के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग-11 पर भी फैन्स की निगाहें हैं. भारतीय कप्तान शुभमन गिल इस मुकाबले के लिए प्लेइंग-11 में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को मौका मिल सकता है, जो पहले ओडीआई से बाहर रहे थे. कुलदीप के खेलने पर किसकी होगी छुट्टी? कुलदीप यादव के प्लेइंग-11 में ना होने पर कुछ पूर्व क्रिकेटर्स ने हैरानी जताई थी. अब कुलदीप को इस मैच में मौका मिलने की संभावना दिख रही है. कुलदीप यदि खेलते हैं, तो वॉशिंगटन सुंदर या नीतीश कुमार रेड्डी की प्लेइंग-11 से छुट्टी हो सकती है. वैसे सुंदर के प्लेइंग-11 से बाहर होने की ज्यादा संभावना है. दूसरी ओर मेजबान ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मुकाबले के लिए कम से कम दो फेरबदल जरूर करेगी. स्पिनर एडम जाम्पा और विकेटकीपर एलेक्स कैरी को प्लेइंग-11 में शामिल किया जाएगा. ये दोनों पहले वनडे के लिए स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे. अब ये दोनों बाकी दो वनडे मैचों के लिए टीम में लौट आए हैं. एलेक्स कैरी के वापस आने के बाद अब जोश फिलिप या मैथ्यू रेनशॉ को प्लेइंग-11 से बाहर रहना पड़ सकता है. वहीं एडम जाम्पा को मैथ्यू कुह्नमैन के स्थान पर एकदाश में जगह मिलेगी. कुह्नमैन को स्क्वॉड से रिलीज कर दिया गया है और वो पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए वापसी करेंगे. इसके साथ ही बेन ड्वारशुइस भी पिंडली में लगी चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर हो चुके हैं. भारतीय टीम का फुल स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जायसवाल, कुलदीप यादव, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर) और प्रसिद्ध कृष्णा. दूसरे वनडे के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रेविस हेड, मैथ्यू शॉर्ट, जोश फिलिप (विकेटकीपर), मैथ्यू रेनशॉ, कूपर कोनोली, मिचेल ओवेन, मिचेल स्टार्क, नाथन एलिस, एडम जाम्पा, जोश हेजलवुड, मार्नस लाबुशेन, एलेक्स केरी (विकेटकीपर) और जेवियर बार्टलेट. दूसरे वनडे में भारत की संभावित प्लेइंग-11: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह. दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया की संभावित प्लेइंग-11: मिचेल मार्श (कप्तान), ट्रेविस हेड, मैथ्यू शॉर्ट, मैथ्यू रेनशॉ, एलेक्स केरी (विकेटकीपर), मिचेल ओवेन, कूपर कोनोली, मिचेल स्टार्क, नाथन एलिस, एडम जाम्पा, जोश हेजलवुड.

अकील डेथ मिस्ट्री में नया मोड़: पूर्व DGP के बेटे ने वीडियो में खुद दी सफाई

 पंचकूला पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी व पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, मृतक की पत्नी और बहन के खिलाफ एमडीसी थाना पंचकूला में हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई 16 अक्तूबर की रात मोहम्मद मुस्तफा अकील अख्तर की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में मलेरकोटला निवासी शमसुद्दीन चौधरी की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता शमसुद्दीन चौधरी ने पुलिस कमिश्नर पंचकूला को शिकायत दी थी। आरोप लगाया गया कि अकील की मौत सामान्य नहीं थी बल्कि इसके पीछे साजिश हो सकती है। शिकायत में कहा गया है कि अकील ने मौत से पहले 27 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसने अपने परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए थे और उनसे जान का खतरा बताया था।   शिकायत में सोशल मीडिया वीडियो, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की मांग की गई थी। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि बीती 16 अक्तूबर को सेक्टर-4 एमडीसी निवासी अकील अख्तर घर में मृत पाए गए थे। उस समय परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी।    पहले वीडियो में  निजी विवादों और जान को खतरे की बात कही थी प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। बाद में सोशल मीडिया पर मृतक के वीडियो पोस्ट वायरल हुए, जिनमें उन्होंने निजी विवादों और जान को खतरे की बात कही थी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम एसआईटी गठित की गई।   डीसीपी बोलीं- जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी, दोषी नहीं बच सकेगा डीसीपी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और सबूत आधारित जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। इसकी निगरानी एसीपी रैंक के अधिकारी करेंगे। यह टीम मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करेगी जिसमें मृतक के डिजिटल उपकरण, सोशल मीडिया रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट शामिल हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।   अकील का एक और वीडियो…परिवार को दी क्लीन चिट पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर का एक और नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने उसके मौत से जुड़े मामले को नया मोड़ दे दिया है। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में अकील अख्तर ने परिवार के सदस्यों को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उसने पहले जो भी आरोप लगाए थे, वो उसकी खराब मानसिक और शारीरिक स्थिति के कारण लगाए गए थे।   वीडियो में अकील कहता है कि पिता मोहम्मद मुस्तफा, मां, पत्नी और बहन ने उसकी बीमारी के दौरान पूरी देखभाल की। मेरे परिवार वालों ने मेरा बहुत ध्यान रखा, मैंने पहले जो भी बातें कही थीं, वो मेरी तबीयत खराब होने के कारण कही गई थी और उनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था।’ अकील अख्तर बहन का जिक्र करते हुए कहता है कि वह उसका बहुत ख्याल रखती थी।   बेटे की हत्या में पूर्व डीजीपी और परिजनों पर हुए केस से पैतृक गांव के लोग भौचक्के सहारनपुर केचिलकाना इलाके के गांव हरड़ाखेड़ी निवासी पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध मौत के मामले में नया खुलासा होने से उनके पैतृक गांव में लोग भौचक्के हैं। तरह-तरह की चर्चाएं ग्रामीण कर रहे हैं। पूर्व डीजीपी, उनकी पत्नी, पुत्रवधू तथा बेटी के खिलाफ पंजाब के मलेरकोटला में हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई है।   बता दें कि पूर्व डीजीपी मुस्तफा के बेटे अकील की 16 अक्तूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मलेरकोटला में मौत हो गई थी। इसके अगले दिन अकील के शव को पैतृक गांव हरडाखेड़ी में लाकर सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था। इसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक लोग शामिल हुए थे। अकील हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते थे तथा उनका एक बेटा और एक बेटी हैं। अकील की मौत से पहले उनके और परिवार के बीच लगातार तनाव चल रहा था। थाना मनसा देवी कॉम्प्लेक्स में अकील के पिता पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, माता पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना, बहन तथा पत्नी के खिलाफ हत्या एवं आपराधिक षड्यंत्र रचने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।  पूर्व डीजीपी के बेटे अकील अख्तर इस महीने की शुरुआत में पंचकूला के सेक्टर 4 स्थित अपने आवास पर बेहोशी की हालत में पाए गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय, पुलिस को किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला और उन्होंने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया। इसके तुरंत बाद अकील का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि, इस मामले ने तब नाटकीय मोड़ आया, जब अकील की मौत से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बाद, मलेरकोटला के रहने वाले शमशुद्दीन चौधरी ने शिकायत दर्ज कराई। फिर पंचकूला पुलिस ने मुस्तफा, उसकी पत्नी और दो अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। डीसीपी ने क्या बताया? पंचकूला की डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा, “हमें एक शिकायत मिली थी और उसके आधार पर, हमने अब हत्या और साजिश की धाराओं के तहत एक एफआईआर दर्ज की है। मृतक के पिता, माता, बहन और पत्नी सहित परिवार के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने गड़बड़ी के आरोपों के आधार पर संदेह व्यक्त किया है। मृतक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह कह रहा है कि अगर वह मृत पाया गया था, तो एक डायरी में बयान दर्ज है और क्या उसे जहर दिया गया था। हमने इन सभी बातों को अपनी जांच में शामिल किया है ताकि इस मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच हो सके। हमने तुरंत एक एसीपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया है।”   गांव के रसूखदार परिवार के साथ घटे इस तरह के घटनाक्रम को लेकर गांव की चौपालों और नुक्कड़ों पर लोग तरह तरह की बात कर रहे हैं। हालांकि मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण कोई भी खुलकर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं।   पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा की पत्नी रजिया सुल्ताना चार वर्ष पहले पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री बनी थी। रजिया सुल्तान ब्लॉक सरसावा की प्रमुख भी … Read more

भाई दूज पर टीका लगाने का उत्तम समय, कब करें शुभ कार्य?

सनातन धर्म में भाई दूज का पर्व बेहद महत्वपूर्ण है. यह त्योहार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इसे भ्रातृ द्वितीया भी कहा जाता है. यह पर्व भाई और बहन के बीच स्नेह, विश्वास और प्रेम को मजबूत करने का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाई का तिलक करके उनकी लंबी उम्र, सुख, समृद्धि और जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं. इस दिन भाई अपनी ओर से बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपनी स्नेह और जीवन रक्षा का वचन देते हैं. इस वर्ष भाई दूज 23 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा. यह तिथि यम द्वितीया के नाम से भी प्रसिद्ध है. भाई दूज 2025 शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, भाई दूज कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि को मनाई जाती है. 22 अक्टूबर, बुधवार को भाई दूज की तिथि रात 8 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगी और 23 अक्टूबर यानी अगले दिन रात 10 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी. भाई को टीका करने का मुहूर्त – पहला मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. ये है सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त. – दूसरा अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो कि सुबह 11 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. – तीसरा विजय मुहूर्त रहेगा, जो कि दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. – चौथा गोधूली मुहूर्त रहेगा, जिसका समय शाम 5 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 09 मिनट तक रहेगा. भाई दूज 2025 शुभ योग (Bhai Dooj 2025 Shubh Yog) भाई दूज का त्योहार सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग में मनाया जाएगा, जो कि बहुत ही खास माने जाते हैं. भाई दूज 2025 पूजन विधि  भाई दूज के दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें. पूजा स्थल पर चौकी बिछाकर भगवान गणेश और चित्रगुप्त की पूजा करें. इसके बाद बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर आरती करती हैं और मिठाई खिलाती हैं. भाई बहन को उपहार देता है और जीवनभर उसकी रक्षा का वचन देता है. इस दिन भाई-बहन के प्रेम और आशीर्वाद का विशेष महत्व होता है. भाई दूज का महत्व  भाई दूज के दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने का शास्त्रीय विधान है. यह पर्व भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है. इस दिन बहनें भाई को तिलक करने से पहले कुछ नहीं खाती हैं. इस अवधि को भाई द्विज व्रत कहा जाता है. यह जरूरी नहीं कि पूरी तिथि व्रत रखा जाए, लेकिन जब तक तिलक न किया जाए, तब तक व्रत का पालन करना शुभ माना जाता है. भाई को तिलक कराने के बाद यदि वह बहन के घर भोजन करता है, तो उसकी उम्र लंबी होती है, सुख और समृद्धि आती है और पारिवारिक दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है.

रायपुर : हम आत्मनिर्भर हैं और भविष्य को लेकर आश्वस्त भी

रायपुर : हम आत्मनिर्भर हैं और भविष्य को लेकर आश्वस्त भी' आदिवासी स्वरोजगार योजना ने बदली जिंदगी, व्यवसाय को मिली मजबूती रायपुर छोटी सी मदद कैसे किसी परिवार और उसके भविष्य को सशक्त व आत्मनिर्भर बना देती है, इसकी मिसाल है कांकेर की श्रीमती शारदा उसेंडी। राज्य शासन की पहल से एक छोटे से लोन ने न केवल उसकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि बच्चों की बेहतर पढ़ाई-लिखाई के दरवाजे भी खोले। बारहवीं तक पढ़ी अंतागढ़ विकासखण्ड के पोण्डगांव की श्रीमती शारदा उसेंडी पहले अपने छोटे से किराना दुकान और थोड़ी-बहुत खेती के सहारे जीवन-यापन कर रही थीं। आय सीमित होने के कारण आर्थिक स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हो पा रहा था। इसी बीच कांकेर के जिला अंत्यावसायी विभाग के माध्यम से उसे जानकारी मिली कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए “आदिवासी स्वरोजगार योजना“ के तहत ऋण सुविधा उपलब्ध है। उसने तत्परता दिखाते हुए विभाग में आवेदन दिया। विभाग ने उसके आवेदन को भारतीय स्टेट बैंक, अंतागढ़ भेजा, जहां से उसके लिए एक लाख रूपए का ऋण स्वीकृत हुआ। ऋण के साथ ही विभाग की ओर से दस हजार रूपए का अनुदान भी मिला।  श्रीमती उसेंडी ने इस राशि से अपने किराना व्यवसाय को विस्तार दिया। वह बताती है कि  अभी उसे दुकान से हर महीने पांच से सात हजार रुपए तक की शुद्ध कमाई हो रही है। उसके पति और बच्चे भी इस व्यवसाय में पूरा सहयोग कर रहे हैं। अपने किराना दुकान की बदौलत उसने नियमित रूप से बैंक की किस्तें चुकाने के साथ-साथ दोनों बेटों की शिक्षा पूरी करवाई है। उसकी बेटी अभी कॉलेज में पढ़ रही है। श्रीमती शारदा उसेंडी बताती हैं – “दुकान के विस्तार के बाद हमारी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो गई है। अब हम आत्मनिर्भर हैं और भविष्य को लेकर आश्वस्त भी।” उसने छत्तीसगढ़ शासन के अंत्यावसायी विभाग, कांकेर के प्रति आभार जताते हुए आदिवासी युवक-युवतियों से अपील की है कि वे “आदिवासी स्वरोजगार योजना“ का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की राह में कदम बढ़ाएं।