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हाईकोर्ट सख्त: अपीलीय प्राधिकरण पर जुर्माना, दोषियों से वसूली का आदेश

जबलपुर  अपीलीय प्राधिकरण द्वारा निर्धारित अवधि में दायर अपील को समय अवधि के आधार पर खारिज कर दिया गया था। जबलपुर हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए. के. सिंह की युगलपीठ ने अपीलीय प्राधिकारी की गलती को स्वीकार करते हुए 25 हजार रुपये की कॉस्ट लगाई है। युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि कॉस्ट की राशि सरकारी खजाने से नहीं वसूली जाए। सरकार कॉस्ट की राशि दोषियों से वसूल कर सकती है। लक्ष्मी मोटर्स सतना की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अपीलीय प्राधिकारी और संयुक्त आयुक्त स्टेट टैक्स सतना के समक्ष उनकी तरफ से 26 नवंबर को खारिज कर दिया गया था। अपील 26 जुलाई 2024 को पारित आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। अपीलीय प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि अपील निर्धारित समय अवधि गुजरने के बाद दायर की गई है। एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई याचिकाकर्ता ने कहा था कि सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि सामान्य धारणा अधिनियम 1897 की धारा 9 में निहित प्रावधानों के अनुसार आदेश पारित करने की तिथि को छोड़कर सीमा अवधि की गणना की जाए। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में तीन महीनों की सीमा अवधि का प्रावधान है। धारा 107 की उपधारा (4) के अंतर्गत, अपीलीय प्राधिकारी को अपील पर विचार करने के लिए एक महीने की अतिरिक्त छूट अवधि दी गई है। आदेश जारी किए युगलपीठ ने माना कि अपील दायर करने की अवधि 27 जुलाई से प्रारंभ होकर 26 नवंबर 2024 को समाप्त हो रही थी। अपीलीय प्राधिकरण 25 नवंबर 2024 को दायर अपील को समय सीमा द्वारा वर्जित नहीं कर सकते थे। युगलपीठ ने कॉस्ट लगाते हुए उक्त आदेश जारी किए।

गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन पर मिला नेताओँ का प्यार, MP के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

भोपाल  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आज जन्मदिन है। 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में जन्में अमित शाह आज 61 वर्ष के हो गए हैं। उनके जन्मदिन पर जहां देश-विदेश से बधाईयां दी जी रही हैं तो वहीं, मध्य प्रदेश के भाजपा नेता भी उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्ट के कई दिग्गज नेताओं द्वारा उन्हें बधाई दी गई है। सीएम मोहन ने दी शुभकामनाएं सबसे पहले बात करें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए शाह को बधाई देते हुए लिखा- 'राष्ट्र की सुरक्षा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति आपका अटूट समर्पण प्रेरणादायक है। उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दी बधाई बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि, 'कुशल संगठक, श्रेष्ठ रणनीतिकार, भारत के यशस्वी गृह व सहकारिता मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। बाबा महाकाल से आपके आरोग्यपूर्ण, सुयशपूर्ण एवं सुदीर्घ जीवन की कामना करता हूं।' ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी बधाई केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन पर बधाई दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा- 'कर्मठ, निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व के धनी, देश के माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।' उन्होंने आगे लिखा- 'राष्ट्रनिर्माण, सुरक्षा और सुशासन के प्रति आपका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भगवान स्वामीनारायण से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुदीर्घ सार्वजनिक सेवा जीवन की कामना करता हूं।' शिवराज सिंह ने दी शुभकामनाएं केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहन ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अमित शाह को शुभकामनाएं देते हुए लिखा- 'जनप्रिय राजनेता, कुशल संगठक, श्रेष्ठ रणनीतिकार, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की आत्मीय बधाई! ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं!'

अब WhatsApp पर नहीं भेज पाएंगे अनगिनत मैसेज! नया नियम रोक सकेगा स्पैम

WhatsApp पर सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है. आने वाले दिनों में यूजर्स को मैसेज लिमिट देखने को मिलेगी. न्यू चैट पर निर्धारित संख्या के मैसेज करने के बाद उस चैट पर मैसेज रुक जाएंगे. इसकी मदद से लोगों को स्पैम मैसेज और अनचाहे मैसेज से बचाया जा सकेगा. इस फीचर का नाम New Chat Message Limit है, जिसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है.  WhatsApp के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Wabetainfo ने बताया है कि व्हाट्सऐप में एक नया फीचर दस्तक देने जा रहा है. इसका नाम  New Chat Message Limit है और यह अभी बीटा वर्जन में है. इसको अभी Android 2.25.31.5 वर्जन में स्पॉट किया है. स्मार्टफोन यूजर्स को आने वाले दिनों में ये बदलाव देखने को मिलेगा.  WhatsApp देगा अलर्ट  WhatsApp के इस अपकमिंग फीचर को लेकर बताया है कि लिमिट करीब आने पर यूजर्स को अलर्ट भी मिलेगा. ऐसे में आप समझ सकेंगे कि जल्द ही मैसेज लिमिट लागू होने वाली है. ऐसे में यूजर्स सिर्फ जरूरी मैसेज ही कर पाएंगे.  WhatsApp यूजर्स को क्या होगा फायदा ?  WhatsApp का यह न्यू फीचर इसलिए तैयार किया है, जब किसी न्यू यूजर्स को मैसेज भेजे जाते हैं और वह रिप्लाई नहीं करता है. ऐसी चैट्स पर लिमिटेड मैसेज ही सेंड किए जा सकेंगे. इस फीचर की मदद से मैसेजिंग ऐप अपने यूजर्स को अनजान और स्पैम मैसेज से दूर रखना चाहती है. शेयर किया स्क्रीनशॉट्स  Wabetainfo की तरफ से इस अपकमिंग फीचर को लेकर एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है. इस फीचर की मदद से यूजर्स आसानी से स्पैम और अनचाहे मैसेज से बचेंगे.  हालांकि अभी तक मैसेज लिमिट को लेकर कोई डिटेल्स सामने नहीं आई है. यह लिमिट मंथली होगी या वीकली, उसके बारे में भी डिटेल्स आनी बाकी है. 

तीन दिवसीय रतनगढ़ मेला शुरू: भीड़ नियंत्रण को 100 सीसीटीवी और हजारों जवान तैनात

दतिया   प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मंदिर पर तीन दिवसीय लक्खी मंगलवार से शुरू हो गया है। तीन दिन में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यहां राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु आते हैं। बुधवार को सर्पदंश पीडि़तों के बंध काटे जाएंगे। मान्यता है कि माता रतनगढ़ के दरबार में सर्पदंश का जहर उतर जाता है। सुरक्षा  के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। ज्ञात रहे कि 2006 में मड़ीखेड़ा डैम से पानी छोड़े जाने से सिंध नदी में नाव पलट गई थी। इसमें 56 की मौत हुई थी। 2013 में नए पुल पर भगदड़ में 115 की जान गई थी। 8 सेक्टर में बांटा एमपी के इस मंदिर में लगाए गए घंटे का वजन 1935 किलो है। इसे देश का सबसे बड़ा और वजनी घंटा बताया जाता है। 16 अक्टूबर 2015 को तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लोकार्पण किया था। सेंवढ़ा एसडीएम अशोक अवस्थी के अनुसार जिलेभर के अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आठ सेक्टर में 1800 पुलिस बल व 1500 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम रहे, इसके लिए आने और जाने के अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं। वहीं, 25 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें पर्याप्त रोशनी, पीने के पानी के टैंकर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने बताया कि श्रद्धालुओं का आगमन 21 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा दृष्टि से ट्रैक्टर में डबल ट्रॉली लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि मोटरसाइकिल पर तीन सवारी न बैठाएं और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे श्रद्धा और सावधानी के साथ माता रतनगढ़ के दर्शन करें और किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें। किसी जानकारी की पुष्टि शासकीय अधिकारी या कंट्रोल रूम के माध्यम से ही करें। रतनगढ़ माता मेला दतिया की धार्मिक पहचान है, इसे श्रद्धालुओं के सहयोग से शांतिपूर्ण और सफल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

छात्रा को नहीं मिला था तीसरे राउंड में एडमिशन, हाईकोर्ट ने दी NEET UG केस में फौरन राहत

इंदौर  इंदौर हाई कोर्ट से NEET UG छात्रा को मिली राहत मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक NEET UG की छात्रा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को छुट्टी के दिन भी सुनवाई करते हुए छात्रा के पक्ष में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। इस आदेश […] मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक NEET UG की छात्रा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इंदौर हाई कोर्ट की खंडपीठ ने मंगलवार को छुट्टी के दिन भी सुनवाई करते हुए छात्रा के पक्ष में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत छात्रा को तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दी गई है, जो उसके भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है। क्या था मामला? दरअसल, यह छात्रा, जिसका नाम आर्ची अनन्या अग्रवाल है, को NEET की दूसरी काउंसलिंग में सेकंड राउंड में सीट मिल गई थी। लेकिन, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने उसे तीसरे राउंड में भाग लेने से मना कर दिया। इसका तर्क यह था कि जब छात्रा को दूसरी काउंसलिंग में सीट मिल गई है, तो वह तीसरे राउंड में भाग नहीं ले सकती। इंदौर हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए छात्रा के वकील के तर्कों पर गौर किया। वकील ने बताया कि 2024 में इस संबंध में कुछ संशोधन किए गए हैं, जिससे छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने की अनुमति मिलनी चाहिए। हाई कोर्ट का आदेश इंदौर हाई कोर्ट की डबल बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस गजेंद्र सिंह ने सुनवाई की। छात्रा के वकील नितिन सिंह भाटी ने अदालत में तर्क दिया कि छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने के लिए अनुमति दी जानी चाहिए। अंततः, कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक याचिका का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक छात्रा को तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति दी जाए। आर्ची अनन्या अग्रवाल की तैयारी आर्ची अनन्या अग्रवाल ने 22 सितंबर 2025 को NEET की दूसरी काउंसलिंग में श्री सत्य सांई यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस (सीहोर) में सीट प्राप्त की थी। उसने 720 में से **443** अंक प्राप्त किए थे और तीसरे राउंड की काउंसलिंग की फीस भी जमा कर दी थी। अब उसे 22 अक्टूबर 2025 को होने वाली तीसरी काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति प्राप्त हो गई है। क्या कहते हैं नियम? छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने से रोकने का मुख्य कारण 2018 के नियमों को बताया गया था, जिसमें कहा गया था कि यदि किसी छात्र को दूसरी काउंसलिंग में सीट मिल जाती है, तो वह तीसरे राउंड में भाग नहीं ले सकता। हालांकि, वकील ने 2024 के संशोधन का हवाला देते हुए तर्क किया कि इस मामले में छूट दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए। इंदौर निवासी छात्रा का नाम आर्ची अनन्या अग्रवाल है। उसे 22 सितंबर 2025 में NEET की दूसरी काउंसलिंग में श्री सत्य सांई यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस (सीहोर) में सीट अलॉट हो गई थी। उसे 720 में से 443 नंबर मिले थे। उसने तीसरे राउंड की भी फीस भरी थी दो 22 अक्टूबर 2025 को होनी है, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी गई। अनुमति नहीं देने का कारण 2018 के नियम का हवाला दिया गया कि भले ही फीस भरी हो लेकिन दूसरी काउंसलिंग में सीट मिलने पर तीसरे राउण्ड में पार्टिसिपेट नहीं कर सकती। इस पर छात्रा के एडवोकेट की ओर से 2024 के संशोधन का तर्क दिया गया कि उसे अनुमति दी जा सकती है। इसमें मंगलवार को इंदौर हाई कोर्ट डबल बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस गजेंद्रसिंह के समक्ष सुनवाई हुई। उसकी ओर से एडवोकेट नितिन सिंह भाटी ने तर्क रखे।इसमें कोर्ट आदेश दिया कि जब तक याचिका तय नहीं होती तब तक छात्रा को अनुमति दें। थर्ड राउंड की काउंसलिंग बुधवार 22 अक्टूबर को है। अब वह इसमें वह शामिल हो सकेगी। भविष्य की उम्मीदें इस निर्णय से आर्ची अनन्या अग्रवाल और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। छात्रा अब तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भाग लेकर अपने मेडिकल करियर की दिशा में एक और कदम बढ़ा सकती है। यह निर्णय न केवल आर्ची के लिए, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो अपने हक के लिए लड़ने की प्रेरणा ले सकते हैं। इस तरह के मामलों में न्यायपालिका की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इंदौर हाई कोर्ट ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रा के भविष्य को संवारने में मदद की है। यह निर्णय निश्चित रूप से उन छात्रों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।     एमपी के 75 छात्रों के लिए दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा इस प्रकार, इंदौर हाई कोर्ट ने एक बार फिर साबित किया है कि न्याय की राह में किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।  

राम मंदिर से लेकर दिवाली तक नफरत — सीएम योगी ने अखिलेश पर बोला जोरदार हमला

लखनऊ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह के तहत गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कुटुम्ब स्नेह मिलन और दीपोत्सव के राष्ट्रोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस व सपा पर जमकर हमला किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या में दीवाली को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए योगी ने कहा कि अखिलेश यादव के बयान से साफ हो गया है कि उनको अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर और देवी-देवताओं से ही नहीं, दिवाली से भी नफरत है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि गद्दी विरासत में मिल सकती है पर बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीवाली का विरोध कर सकते हैं। बबुआ ने प्रजापति समाज के लोगों का अपमान किया है। उन्हें नहीं मालूम है कि दो करोड़ लोग मिट्टी के दीयों से लेकर बर्तन के कारोबार से जुड़े हुए हैं। मिट्टी के उत्पाद आर्थिक निर्भरता व स्वावलंबन का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के लोग अयोध्या में प्रभु राम के मंदिर का विरोध करते हैं। ये लोग कंस और दुर्योधन की प्रतिमा लगाने चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 6 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु राम का दर्शन किया। प्रयागराज में महाकुंभ के 66 करोड़ से अधिक लोग साझी बने। लेकिन सपा और कांग्रेस के लोग इसमें शुरुआत से ही खोट निकाल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कोर्ट में कहा था कि भगवान राम और कृष्ण मिथक हैं। सपा ने निर्ममता के साथ राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में मंदिर को लेकर कांग्रेस और सपा के लोग सवाल करते थे तो संघ का स्वयंसेवक कहता था कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। संघ और रामभक्तों का संकल्प ही है कि अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर दिव्य और भव्य रूप में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ने सरकार की प्रताड़ना से उफ तक नहीं किया। वह विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर एक संदेश है कि प्रयास जारी रखिए सफलता जरूर मिलेगी। हलाल उत्पाद खरीदने से बचें मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने ब्रिटिश और फ्रांस के उपनिवेश के खिलाफ ही लड़ाई नहीं लड़ी, राजनीतिक इस्लाम को लेकर भी मोर्चा लिया था। अब भी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के रूप में राजनीतिक इस्लाम को बढ़ाने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि हलाल उत्पाद पर प्रदेश में रोक लगाई गई है। हलाल उत्पाद खरीद से मिलने वाले रुपये से ही धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने पर जोर दिया। इसके पूर्व प्रांत प्रचारक रमेश ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सनातन, भारत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कोई फर्क नहीं है। तीनों एक ही हैं। यह दुनिया का पहला संगठन है जो स्वावलंबी है। इस दौरान गोरक्षप्रांत के संघ प्रमुख डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने भी लोगों को संबोधित किया। जीवन के विभिन्न अंग में काम कर रहा संघ मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ ने जीवन के विभिन्न अंग में काम किया। जहां सरकार नहीं पहुंच सकी वहां संघ ने काम किया। पूर्वोत्तर राज्यों में संघ को अपने स्वयंसेवकों को खोना पड़ा। लेकिन वह अपने मिशन पर लगे रहे। अस्सी के दशक में गोरखपुर वनवासी आश्रम की स्थापना की। पूर्वोत्तर के राज्यों से आने वाले बच्चे पढ़कर निकले को मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा दूरदर्शी है। इसका दूरगामी परिणाम मिला है। नक्सलवाद को लेकर संघ का काम अच्छा है। शिक्षा के क्षेत्र में संघ ने सनातन के साथ पीढ़ी को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवक को देश का नेतृत्व मिला तो दुनिया उसके पराक्रम और दूरदर्शी सोच को देख रही है।  

फसल बचाने की जुगाड़: शाजापुर में हेलीकॉप्टर से हांका देकर हिरणों को किया काबू

शाजापुर   शाजापुर जिले में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए एक ऐतिहासिक अभियान चलाया गया है. दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञों की मदद से 45 काले हिरणों (कृष्णमृग) को पकड़ा गया और उन्हें गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया  यह ऑपरेशन जिले के इमलीखेड़ा गांव में चलाया गया. इस दौरान हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का उपयोग करते हुए नीलगाय और काले हिरणों को पकड़ा गया.शाजापुर जिला कलेक्टर रिजु बाफना ने बताया, "दक्षिण अफ्रीका की एक टीम और वन विभाग की मदद से इमलीखेड़ा से पकड़े गए काले हिरणों को बिना किसी पशु हानि के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया." उन्होंने पुष्टि की कि 45 काले हिरणों को हेलीकॉप्टर की मदद से पकड़ा गया था. क्या है बोमा तकनीक दक्षिण अफ्रीका की एक लोकप्रिय विधि है, जिसमें जानवरों को हेलीकॉप्टर का उपयोग करके झुंड में एक बाड़े (पेन) में खदेड़कर पकड़ा जाता है.  इस पहल का उद्देश्य जिले में जंगली जानवरों (नीलगाय और कृष्णमृग) द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करना है. वन विभाग ने एक वीडियो शेयर करते हुए इसे 'वन्यजीवों के संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक कार्य' बताया है. सरकार के अधिकारियों के अनुसार, यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश के खेतों से काले हिरणों को दक्षिण अफ्रीकी तकनीक की मदद से पकड़कर जंगलों में छोड़ा गया है. यह अभियान केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अनुमति और राज्य सरकार की सहमति से चलाया जा रहा है.

दक्षिणी मध्यप्रदेश में एक्टिव हुआ सिस्टम, 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी

 इंदौर मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट बदल चुका है। दक्षिणी हिस्से में सक्रिय हुए नए सिस्टम की वजह से मंगलवार से ही आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी इंदौर, बुरहानपुर, बैतूल, खरगोन, धार, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट समेत 15 जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। दिवाली की रात जबलपुर में तेज बारिश ने जहां लोगों को चौंका दिया, वहीं मंगलवार को भोपाल और आसपास के जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। विभाग का कहना है कि अगले तीन दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर तेजी से बढ़ने की संभावना है। अरब सागर में सिस्टम एक्टिव, असर MP तक दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बना लो प्रेशर एरिया अगले 24 घंटों में और मजबूत हो सकता है। साथ ही, समुद्र में चक्रवातीय गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं, जिनका प्रभाव विशेष रूप से मध्यप्रदेश के दक्षिणी इलाकों में पड़ेगा। रात में ठंड, दिन में गर्मी राज्य में मौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। रातें ठंडी हो गई हैं, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी बनी हुई है। भोपाल में रात का तापमान गिरकर 17.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। इंदौर में 18.6 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 19.5 डिग्री, जबकि जबलपुर में 21 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम तापमान राजगढ़ में 15.4 डिग्री रहा। नवंबर से पड़ेगी कड़ाके की ठंड मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो जनवरी के अंत तक रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2010 के बाद यह सबसे सर्द सर्दी हो सकती है। साथ ही, सर्दियों में सामान्य से ज्यादा बारिश की भी संभावना है। विदा हो चुका है मानसून, फिर भी जारी है बारिश मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि मध्यप्रदेश से मानसून 13 अक्टूबर को विदा हो चुका है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाले सिस्टम के कारण छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी है। इस साल प्रदेश में मानसून की एंट्री 16 जून को हुई थी और कुल 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा। बारिश में कई जिलों ने तोड़ा रिकॉर्ड इस मानसून सीजन में प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। गुना सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.7 इंच पानी गिरा। वहीं श्योपुर में 216.3% बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग में औसत से दोगुनी बारिश हुई। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) वर्षा हुई, जो भारी कमी की श्रेणी में आता है। उज्जैन, सीहोर और बैतूल में कोटा पूरा तो नहीं हुआ, लेकिन सामान्य के करीब वर्षा हुई। 

इंटरनेट ब्राउज़िंग में क्रांति: OpenAI का नया ब्राउज़र देगा Chrome को टक्कर

मुंबई  इंटरनेट ब्राउज़िंग का ढर्रा बदलने के लिए OpenAI ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने लोकप्रिय चैटबॉट ChatGPT को सीधे ब्राउजर में समाहित करते हुए अपना नया ब्राउजर ChatGPT Atlas लॉन्च किया है। अब सिर्फ एक टैब खोलने या वेबसाइट बदलने की बजाय, ChatGPT आपके ब्राउज़र के भीतर एक सहायक-प्रकार की भूमिका निभाएगा चाहे आप आर्टिकल पढ़ रहे हों, प्रोडक्ट्स कॉम्पेयर कर रहे हों या ऑफिस का काम कर रहे हों। Atlas फिलहाल macOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और जल्दी ही Windows, iOS तथा Android के लिए भी रोल-आउट होने जा रहा है। इसमें Sidebar के माध्यम से ChatGPT आपके वर्तमान टैब को समझेगा, इनलाइन एडिटिंग करेगा और “Agent Mode” के जरिये आपके लिए सीधे काम भी कर सकता है जैसे ऑनलाइन शॉपिंग करना या डॉक्यूमेंट एडिट करना। अगर आप ब्राउज़िंग अनुभव को नया रूप देना चाहते हैं जहां सर्च, चैट, ऑटोमेशन सब एक साथ हों तो ChatGPT Atlas आपके लिए दिलचस्प ऑप्शन हो सकता है। डाउनलोड कैसे करें और किन बातों को ध्यान में रखना है। OpenAI Atlas Browser के मुख्य फीचर्स AI Integration वाला Browser Atlas Browser दुनिया का पहला ऐसा ब्राउज़र है जो ChatGPT की AI टेक्नोलॉजी से पूरी तरह इंटीग्रेटेड है। इसका मतलब है कि यूज़र्स अब किसी भी वेबसाइट पर सर्फिंग करते वक्त सीधे AI से सवाल पूछ सकते हैं, सारांश बना सकते हैं या किसी भी कंटेंट को तुरंत समझ सकते हैं। अगर आप किसी आर्टिकल या रिपोर्ट को पढ़ रहे हैं, तो Atlas खुद उसका AI Summary बना देगा। साथ ही, आप चाहें तो नोट्स सेव कर सकते हैं या किसी भी टेक्स्ट को हाइलाइट करके उसका सरल एक्सप्लेनेशन पा सकते हैं। Voice Command और Chat Mode इस ब्राउज़र में इनबिल्ट वॉइस चैट की सुविधा है। यानी आप बोलकर सवाल पूछ सकते हैं और Atlas AI आपको जवाब देगा बिना किसी टाइपिंग के। ChatGPT की तरह ही इसमें Chat Mode दिया गया है जहां आप किसी भी वेबपेज पर इंटरएक्टिव बातचीत कर सकते हैं। OpenAI ने दावा किया है कि Atlas में Zero Tracking Policy है। यानी आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री, पासवर्ड या डेटा किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं किया जाता। यह Chrome या Edge की तुलना में काफी ज्यादा सिक्योर है। Atlas Browser को Windows, macOS, और iOS के लिए लॉन्च किया गया है। Android वर्ज़न पर कंपनी फिलहाल काम कर रही है, जो जल्द रिलीज़ किया जाएगा। AI Search Assistant पारंपरिक सर्च की बजाय इसमें AI-Powered Search दिया गया है जो आपके सवाल का सीधा जवाब देता है न कि सिर्फ लिंक की लिस्ट। इससे रिसर्च और ब्राउज़िंग काफी तेज़ और उपयोगी हो जाती है। Atlas Browser में आप अपने हिसाब से ChatGPT मॉडल चुन सकते हैं जैसे GPT-4 Turbo या GPT-5 ताकि परफॉर्मेंस और प्राइसिंग दोनों में बैलेंस बना रहे। अगर आप पहले से ChatGPT यूज़र हैं, तो उसी अकाउंट से Atlas में लॉगिन कर सकते हैं। इससे आपकी चैट हिस्ट्री और प्रॉम्प्ट्स अपने आप सिंक हो जाते हैं। AI Screenshot Explainer एक यूनिक फीचर है जहां आप किसी इमेज या स्क्रीनशॉट को अपलोड करें, और Atlas आपको बताएगा कि उसमें क्या दिख रहा है, उसका एनालिसिस या सारांश क्या है। Atlas सिर्फ ब्राउज़र नहीं, बल्कि एक AI Workspace भी है जहां आप अपने ईमेल, डॉक्युमेंट्स और वेबपेजेस को एक ही जगह मैनेज कर सकते हैं। OpenAI Atlas कैसे डाउनलोड करें 1. Mac पर कोई भी ब्राउजर खोलें और chatgpt.com/atlas पर जाएं। 2. macOS के लिए उपलब्ध इंस्टॉलर फ़ाइल (.dmg फ़ॉर्मेट) डाउनलोड करें 3. डाउनलोड की गई फ़ाइल खोलें और Atlas ऐप को ऐप्लिकेशन फ़ोल्डर में ले जाएं। 4. ऐप्लिकेशन से Atlas लॉन्च करें और सेटअप प्रक्रिया शुरू करें।

मोदी-ट्रंप रिश्तों में आएगा नया मोड़? जल्द हो सकती है अहम मुलाकात

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी मलयेशिया के दौरे पर आसियान समिट में जा सकते हैं। यदि वह ASEAN समिट में गए तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात हो सकती है और इस पर दुनिया भर की नजरें होंगी। वह आसियान समिट से इतर डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर इस दौरान बात हो सकती है। पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बीते कुछ महीनों में करीबी बढ़ती दिखी है और ऐसी स्थिति में नरेंद्र मोदी और ट्रंप की मुलाकात के मायने क्या होंगे, यह देखने वाली बात होगी। अमेरिका ने जिस तरह पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को तवज्जो दी है और उन्हें वाइट हाउस तक बुलाया था, उससे कयास लग रहे हैं कि एक बार फिर से शीत युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं। तब भारत गुटनिरपेक्षता की राजनीति करते हुए एक तरह से रूस के ब्लॉक में था। वहीं अमेरिका की गोद में पाकिस्तान बैठा था। एक बार फिर से रूस और भारत का विरोध करते हुए अमेरिका उसी रणनीति पर आगे बढ़ता दिखता है। ऐसे हालात में पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मीटिंग में क्या निकलता है, यह चर्चा का विषय है। अब तक सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट नहीं किया है कि पीएम नरेंद्र मोदी का ASEAN समिट में जाना तय है या नहीं। लेकिन दौरे से इनकार भी नहीं है। बता दें कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि वह 26 अक्तूबर से होने वाले ASEAN समिट में जाएंगे और पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की उम्मीद है। इससे पहले दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात इस साल फरवरी में हुई थी, जब पीएम नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय वार्ता के लिए अमेरिका गए थे। लेकिन रिश्तों के बिगड़ने की शुरुआत तब हुई, जब अमेरिका की ओर से भारत पर मोटा टैरिफ लगाया गया। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बार-बार दावे हुए कि उन्होंने जंग रुकवाई है। इस बात ने भी भारत को असहज किया है और दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंचे हैं।