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राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 18 नवंबर से भोपाल में, 700 छात्र दिखाएंगे अपनी खोजों का कमाल

भोपाल राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का 52वां आयोजन श्यामला हिल्स स्थित क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान में 18 नवम्बर से भोपाल में होगा। प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों के 700 बाल वैज्ञानिक सहभागिता करेंगे। प्रदर्शनी में प्रतिदिन 5 हजार से अधिक विद्यार्थी और नागरिकों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। प्रदर्शनी का समापन 23 नवम्बर को होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के आयोजन एवं व्यवस्थाओं के संबंध में बैठक ली। मंत्री  सिंह ने कहा कि आयोजन के दौरान ऐसी व्यवस्था की जाये जिससे देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले विभिन्न प्रतिभागी मध्यप्रदेश की संस्कृति और परम्पराओं से परिचित हो सके। बैठक में आवास एवं परिवहन व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आयोजन के संबंध में उपयोगी सुझाव दिये। कार्यक्रम के आयोजन में एनसीईआरटी का सहयोग रहेगा। प्रतिभागी विद्यार्थी समाज तथा पर्यावरण की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिये वैज्ञानिक विचारों को सृजन कर इसके लिये आयोजन के दौरान शाम को होने वाले सत्र में प्रतिभागी विद्यार्थियो को देश की ख्याती प्राप्त वैज्ञानिक विचारों को साझा करने के लिये मैनिट, आयशर महाविद्यालय एवं अन्य ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक संस्थाओं के वैज्ञानिकों को आमंत्रित किये जाने पर चर्चा की गई।  

अस्पताल ने सरोगेसी के नाम पर किया छल, उपभोक्ता आयोग ने लगाया जुर्माना और लौटाई पूरी रकम

भोपाल  मरीज और डॉक्टर के बीच रिश्ता भरोसे का होता है। अगर कोई डॉक्टर या अस्पताल मरीज को धोखा देता है तो वह वित्तीय नुकसान ही नहीं, भरोसे को भी ठेस पहुंचाता है। भोपाल उपभोक्ता आयोग ने ऐसे ही एक मामले में ऐतिहासिक फैसला देते हुए एक अस्पताल को मरीज से ली गई पूरी रकम लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उसे क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है। अस्पताल ने मरीज को सरोगेसी के नाम पर धोखा दिया था। दरअसल, चूनाभट्ठी निवासी एक दंपती को 15 वर्षों के वैवाहिक जीवन में कोई संतान नहीं थी। बावड़िया कला स्थित पुष्पांजलि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और डॉ. वर्षा जैन के यहां सरोगेसी से संतानसुख का विज्ञापन देखकर वे वहां पहुंचे। उनका परीक्षण करने के बाद डॉक्टर ने सरोगेसी की सलाह दी। बताया गया कि इस प्रक्रिया पर नौ लाख रुपये का खर्च आएगा। एक बार सफल नहीं हुआ तो यह प्रक्रिया तीन बार की जाएगी। उसके बाद एक अनुबंध कराया गया। दूसरी महिला मिलने पर बताने की बात कही बताया गया कि गर्भधारण के लिए उदयपुर से एक महिला को बुलाकर अस्पताल के पहले तल पर रखा गया है। उस महिला से दंपती को कभी मिलने नहीं दिया गया। बाद में कहा गया कि सरोगेसी के लिए आई महिला का गर्भपात हो गया है। वह कभी मां नहीं बन पाएगी। दंपती से कहा गया कि दूसरी महिला मिलने पर उन्हें बताया जाएगा, लेकिन फिर ऐसा हुआ ही नहीं। कई महीनों बाद भी जब अस्पताल से सूचना नहीं आई तो दंपती ने अपने पैसे वापस मांगे। अस्पताल ने अपना पता बदल दिया। शाहपुरा थाने में शिकायत हुई तो अस्पताल संचालक ने कह दिया कि उसने सरोगेसी का काम छोड़ दिया है। दो साल परेशान होने के बाद 2022 में पीड़ित महिला ने आयोग में याचिका लगाई। चिकित्सकीय उपेक्षा से इन्कार सुनवाई के दौरान अस्पताल संचालक का कहना था कि उनके द्वारा कोई चिकित्सकीय उपेक्षा या लापरवाही नहीं की गई है। उनके द्वारा सभी कार्य बीमित हैं। इस कारण बीमा कंपनी उत्तरदायी होगा। बीमा कंपनी ने कहा कि ये सभी प्रक्रियाएं बीमा के अंतर्गत नहीं आती हैं। 3.75 लाख देने का आदेश सुनवाई के बाद आयोग की अध्यक्ष गिरीबाला सिंह व सदस्य अंजुम फिरोज ने अस्पताल को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार का दोषी माना। उन्होंने अस्पताल को आदेश दिया कि वह दो महीने के भीतर दंपती को तीन लाख 75 हजार रुपये अदा करे। इसमें ढाई लाख रुपये इलाज पर हुआ खर्च और एक लाख 25 हजार रुपया मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए तय हुआ।

फिर एक्टिव हुआ भोपाल प्रशासन, भीख मांगने वालों को SDM-DSP ने क्या समझाया?

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भीख मांगना और देना दोनों अपराध हैं। 3 फरवरी 2025 को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इसके आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के बाद एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। पहले तो कुछ दिनों तक प्रशासन खूब मुस्तैद दिखा था, लेकिन बाद में कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। अब कुछ महीने बाद फिर जिला प्रशासन भीख मांगने वालों पर कड़ाई करते दिख रहा है। भिक्षा मांगने वालो पर एक्शन लेने के लिए अफसर भोपाल की सड़कों पर उतरे। अफसरों ने व्यापमं चौराहे पर कार्रवाई की। यहां कई लोगों को भिक्षावृत्ति करने से रोका। वहीं, गुटखा-पाउच बेचते हुए महिला को रोका। कलेक्टोरेट में बैठक होने के बाद एमपी नगर एसडीएम एलके खरे और एसीपी मनीष भारद्वाज पुलिस बल के साथ अलग-अलग इलाकों में सख्ती बरतते दिखाई दिए। यह है आदेश आपको बता दें कि कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया था। साथ ही भिखारियों के लिए कोलार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रहने-खाने की व्यवस्था की गई है। भोपाल में एक भिखारी पर 26 जनवरी की रात एफआईआर दर्ज हुई थी। एमपी नगर थाने में यह मामला दर्ज हुआ था। इससे पहले इंदौर में भी ऐसा ही आदेश लागू किया गया था। भीख न देने पर बदतमीजी दरअसल, एक नागरिक ने भीख न देने पर भिखारी द्वारा की गई बदतमीजी की शिकायत की थी। पुलिस ने भिखारी को पकड़ा और पूछताछ की। जमानती धारा होने के कारण उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए भीख मांगने और देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। भिक्षावृत्ति करने वालों के लिए पुनर्वास भिखारियों के पुनर्वास के लिए भी व्यवस्था की गई है। कोलार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भिक्षुक गृह बनाया गया है। यहां भिखारियों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था होगी। उन्हें यहां आश्रय दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे भिखारियों को भीख मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे एक सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। यह कदम शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है। इससे नागरिकों को भीख मांगने वालों से होने वाली परेशानी से भी निजात मिलेगी।

धर्मेंद्र भदौरिया के यहां बड़ा छापा, दिवाली के बाद खुलेंगे संदिग्ध लॉकर

 इंदौर  रिटायर्ड जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर लोकायुक्त की कार्रवाई  दूसरे दिन भी जारी है। अभी तक की जांच में कुल 20 करोड़ 24 लाख 55 हजार 169 रुपए की चल-अचल संपत्ति पाई गई है। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। चार बैंक लॉकर दीवाली के बाद खोले जाएंगे। लोकायुक्त की जांच में सिंह और परिवार के बैंक खातों में करीब 1.26 करोड़ रुपए जमा होने की बात सामने आई है। भदौरिया के बेटे सूर्यांश भदौरिया द्वारा विशाल पंवार के शिवा चाइनीज वोक फ्रेंचाइजी में भी पार्टनरशिप मिली है। छानबीन में पता चला है कि अन्नपूर्णा और विजयनगर की शॉप में बेटे की 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। इसके एवज में सूर्यांश ने विशाल को 25 लाख रुपए दिए थे। लोकायुक्त टीम ने बुधवार को भदौरिया के पलासिया (कैलाश कुंज) स्थित निवास के साथ ही ग्वालियर और अन्य करीब आठ ठिकानों पर सर्चिंग की थी। पत्नी के नाम भी लॉकर डीएसपी सुनील तालान के मुताबिक बैंक खातों में करीब 1,26,31,013 रुपए जमा हैं। बीमा और अन्य पॉलिसी भी 21 के लगभग मिली हैं। इनमें 13,90,648 रुपए की किस्त भरी जाना अभी ज्ञात हुआ है। पत्नी के नाम बैंक ऑफ बड़ौदा में लॉकर पाया है। कुल चार लॉकर विभिन्न बैंकों में मिले हैं। खातों और लॉकर को फ्रीज कराया है। अब आरोपी की उपस्थिति में सभी लॉकर खोले जाएंगे। लोकायुक्त को मानपुर में परिवार के किसी सदस्य के नाम पर फार्म हाउस का पता चला तो तस्दीक के लिए टीम भेजी। यह किसी रिश्तेदार के नाम निकला। वहां शराब कंपनी का ऑफिस संचालित होता है। इसकी जांच की जा रही है। बेटा-बेटी द्वारा जितेंद्र चौधरी को करीब पौने तीन करोड़ रुपए उधार देने की बात सामने आई। इसकी भी जांच की जा रही है। निजी टाउनशिप में बेटे के नाम के प्लॉट पर बड़ा बंगला बन रहा था। गाइडलाइन के अनुसार कीमत 3,36,73,000 पाई गई है। जांच पीडब्ल्यूडी से भी कराई जाएगी।

मध्य प्रदेश पुलिस के लिए दिवाली पर सौगात, 5 अहम फैसलों से जवानों में उत्साह

भोपाल  मध्य प्रदेश पुलिस कर्मियों के लिए इस दिवाली खुशखबरी लेकर आई है। पीएचक्यू ने राज्य स्तरीय संयुक्त पुलिस परामर्शदात्री समिति और पुलिस कल्याण समिति की बैठक के मिनट्स जारी किए हैं, जिनमें पाँच बड़े और कर्मचारी हितैषी फैसले लिए गए हैं। मुख्य फैसले: परोपकार निधि में बड़ा इजाफा – 10 साल बाद इसे बढ़ाकर 1 लाख से 5 लाख किया गया। वित्तीय पावर में वृद्धि – सभी इकाई प्रमुखों की वित्तीय पावर अब 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई। शिक्षा और चिकित्सा में राहत –  पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा और परिजनों के उपचार के लिए शिक्षा निधि और चिकित्सा राहत निधि में वृद्धि। सुविधाएँ और खेल – सभी पुलिस इकाइयों के आवासीय परिसर में खेल मैदान बनाए जाएंगे और सब्सिडियरी कैंटीन सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट की जाएंगी। पीएचक्यू ने निर्देश दिए हैं कि सभी निर्णयों का क्रियान्वयन दो सप्ताह में सभी इकाई और शाखाओं द्वारा सूचित किया जाए। इस निर्णय से पुलिसकर्मियों के कल्याण और परिवारों की भलाई को बड़ा सहयोग मिलेगा। दिवाली पर यह तोहफा उनके लिए खास खुशी लेकर आया है।

छत्तीसगढ़ के बाद अब MP में राजनीतिक हलचल, निगम-मंडल नियुक्तियों को लेकर मंत्री का ऐलान

ग्वालियर  छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी निगम मंडल आयोग में नियुक्तियों की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि “बहुत जल्द मध्य प्रदेश में भी निगम मंडल आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्तियां होंगी। हमारी पार्टी का संगठन इस पर जल्द निर्णय करेगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में निगम मंडल आयोग के अध्यक्षों को कैबिनेट और राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया। इसमें 13 को कैबिनेट मंत्री और 22 को राज्य मंत्री जैसी सुविधाएं मिली हैं। एमपी में लंबे समय से इन नियुक्तियों का इंतजार था और अब प्रदेश की राजनीति में इस खबर ने नया जोश और चर्चा का माहौल बना दिया है। 

विजय नगर, जबलपुर में 20 साल से बनी अवैध चौपाटी हटाई गई, नगर निगम ने चलाया बुलडोजर

जबलपुर  जबलपुर शहर में विजयनगर स्थित चौपाटी को अवैध करार देते हुए शुक्रवार को नगर निगम ने हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह-सुबह दल बल के साथ पहुंचे अतिक्रमण निरोधक दल ने बुलडोजर चलाकर विजयनगर सड़क के किनारे काबिज चौपाटी को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान चौपाटी में खानपान के स्टॉल हटाते शेड को तोड़ना शुरू कर दिए। इसके विरोध में चौपाटी संचालको ने सड़क पर धरना प्रदर्शन कर कुछ देर के लिए सड़क जाम कर दी। पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हटाया और फिर उन्हें 2 घंटे की मोहलत दी गई, यह कहते हुए कि स्वयं अपना सामान हटा लें अन्यथा कार्रवाई के दौरान टूट-फूट हो सकती है। 2 घंटे पूरे होने पर नगर निगम ने अनाउंस करते हुए कारवाई शुरू कर दी है। विजयनगर चौपाटी करीब 20 साल पहले आबाद हुई थी, लेकिन उस समय नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया और अब कार्रवाई कर रहा है।  

त्योहारी सीजन में यात्रियों को तोहफा, हिसार-वलसाड़ के बीच चलेगी दिवाली स्पेशल ट्रेन

मंदसौर  दिवाली पर नियमित ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड व लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते अतिरिक्त़ ट्रेने चलाई जा रही है। इसके तहत ही 16 अक्टूबर से 6 नवंबर हिसार-वलसाड़ साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे करेगी। वहीं यह हरियाणा, राजस्थान, मप्र व गुजरात के यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी। मंदसौर में वलसाड़ जाने के लिए बुधवार रात 1:10 बजे मिलेगी। वहीं हिसार तरफ जाने के लिए गुरुवार रात 10:48 बजे मिलेगी।     मिली जानकारी के अनुसार ट्रेन 04727 हिसार-वलसाड़ स्पेशल हिसार से तत्काल प्रभाव से 5 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को दोप. 12.05 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन चित्तौड़गढ़ (रात 11:15/11:20), नीमच (रात 12:20/12:22), मंदसौर (रात 1:10/1:12), रतलाम (रात 3:15/3:25) एवं दाहोद ( गुरुवार सुबह 5:22/5:24) होते हुए गुरुवार सुबह 11:30 बजे वलसाड़ पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 09728 वलसाड़-हिसार स्पेशल तत्काल प्रभाव से 6 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को वलसाड़ से दोप. 2:50 बजे प्रस्थान करेगी। दाहोद (शाम 7:46/7:48), रतलाम ( रात 9:20/9:30), मंदसौर (रात 10:48/10:50 बजे), नीमच (रात 11:29/11:31 बजे) एवं चित्तौड़गढ़ (रात 1:30/1:35बजे) होते हुए शुक्रवार दोपहर 2:05 बजे हिसार पहुंचेगी। ट्रेन दोनों दिशाओं में हांसी, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, नारनौल, रिंगस, फुलेरा, किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वड़ोदरा, भरुच, सूरत एवं नवसारी स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन में फर्स्ट एसी कम सेकंड एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर एवं सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे।  

सहारनपुर की सियासत में बदला माहौल, इकरा हसन को गुर्जर समाज ने पहनाई भगवा पगड़ी

सहारनपुर  सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में सांसद इकरा हसन को भगवा गुर्जर समाज ने पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया. यह सम्मान गुर्जर समाज द्वारा आयोजित 'PDA चौपाल' कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां इकरा हसन के साथ सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी भी मौजूद थे. इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.  दरअसल, कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर में एक जनसभा में शामिल हुईं. यह जनसभा बुधवार, 15 अक्टूबर को देवबंद क्षेत्र के मीरपुर गांव में आयोजित हुई. यह कार्यक्रम गुर्जर समाज द्वारा सामाजिक जागरूकता और एकता के लिए 'PDA चौपाल' के तहत रखा गया था. इस कार्यक्रम में इकरा हसन और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी पहुंचे. गुर्जर समाज ने इकरा हसन को पगड़ी, माला और शॉल पहनाकर सम्मानित किय. पूरे कार्यक्रम के दौरान भीड़ उत्साह में झूमती रही और इकरा हसन ज़िंदाबाद के नारे लगे.  सहारनपुर के मीरपुर गांव में हुई 'PDA चौपाल' में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे. इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी भी मंच पर उपस्थित रहे. गुर्जर समाज ने मंच पर दोनों नेताओं का पगड़ी, माला और शॉल पहनाकर भव्य स्वागत किया. सम्मान के समय पूरा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से गूंज उठा, जिससे पता चलता है कि भीड़ में इकरा हसन के लिए जबरदस्त उत्साह था.  पगड़ी पहनकर दिया भाषण गुर्जर समाज से पगड़ी पहनकर इकरा हसन ने सभा को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने समाज में एकता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया. उनके भाषण के दौरान मौजूद भीड़ लगातार तालियां बजाकर उनका समर्थन करती रही.   चुनावी समीकरणों से जुड़ाव वायरल हो रहे इस वीडियो के राजनीतिक गलियारों में भी खूब चर्चे हैं. राजनीतिक विश्लेषक इस कार्यक्रम और इकरा हसन को मिले सम्मान को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं. गुर्जर समाज के इस समर्थन को समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इकरा हसन के भाषण और सम्मान ने पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे को बल दिया है. 

मध्य प्रदेश में प्रमोशन आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने नहीं दी अंतरिम राहत, सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

जबलपुर  प्रमोशन में आरक्षण के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से सरकार को अंतरिम राहत नहीं मिली। गुरुवार को सुनवाई में सरकार ने डीपीसी व प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर कहा कि अब अंतरिम आदेश की जगह अंतिम निर्णय सुनाया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से कहा, यदि वह चाहे तो वांटिफायबल डेटा सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत कर सकती है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 और 29 अक्टूबर को तय की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला आने तक प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक बनी रहेगी। नई प्रमोशन पॉलिसी 2016 होगी लागू सरकार ने नई प्रमोशन नीति (Promotion Policy MP) को लेकर पक्ष स्पष्ट किया। बताया गया कि नई प्रमोशन पॉलिसी 2016 के बाद हुए प्रमोशन पर लागू होगी, जबकि 2016 से पहले हुए प्रमोशन पुराने नियमों के तहत ही मान्य रहेंगे। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि जब पुरानी पॉलिसी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो फिर नई पॉलिसी क्यों लागू की जा रही है। नई पॉलिसी कैसे काम करेगी सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट (MP High Court) ने व्यवहारिक तरीके से सवाल पूछे कि पहले रद्द किए प्रमोशन पर नई पॉलिसी कैसे काम करेगी। कोर्ट ने सरकार को ये बताने को कहा था कि जब पुरानी पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला आता है तो उसे सरकार नई पॉलिसी के रहते कैसे लागू करेगी।