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राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता संपन्न, मंत्री पटेल ने विजेताओं को किया सम्मानित

भोपाल  भारतीय ट्रायथलॉन संघ द्वारा प्रकाश तरण पुष्कर भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर एक्वाथलान प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने राजधानी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। राजधानी भोपाल में 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 23 राज्यों के 184 बालक एवं बालिकाओं, 46 कोच मैनेजर एवं 50 तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के पहले दिन मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी मनवा पावले ने मध्यप्रदेश को पहला कांस्य पदक दिलाया। मनवा पावले मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन अकादमी में कैप्टन मनोज झा से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। एक्वाथलोन सब जूनियर बॉयज मणिपुर के धनंजय मिताई ने स्वर्ण, महाराष्ट्र के वरुण राज डोंगल ने रजत तथा कर्नाटक के शिवराम मधीरा ने कांस्य पदक जीता। बालिका वर्ग में महाराष्ट्र की ईश्वरी कालमेघ ने स्वर्ण, ऋतुजाचार्य ने रजत और मध्यप्रदेश की मनवा पावले ने कांस्य पदक अर्जित किया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन जूनियर ट्रायथलॉन प्रतियोगिता में मणिपुर के तलैबा ने स्वर्ण, महाराष्ट्र के अश्विन एस ने रजत और हरियाणा के अमन चाहर ने कांस्य पदक प्राप्त किया। इसी तरह बालिका वर्ग में तमिलनाडु की कीर्ति ने स्वर्ण पदक, मध्यप्रदेश की कनक धारीवाल ने रजत तथा महाराष्ट्र की गौरी जगताप ने कांस्य पदक अर्जित किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में राजेंद्र आगल वरिष्ठ पत्रकार, राकेश गुप्ता कार्यकारिणी सदस्य एशियन ट्रायथलॉन फेडरेशन, नितिन गुप्ता महासचिव भारतीय ट्रायथलान संघ, राजेश चौबे सचिव मध्यप्रदेश तैराकी संघ, अध्यक्ष मध्यप्रदेश ट्रायथलॉन संघ, मप्र कांत तिवारी ट्रायथलान संघ के सचिव तथा प्रतियोगित आयोजन सचिव जे.पी. सक्सेना, चंद्रशेखर अवस्थी आर.डी. झा, उमाशंकर व्यास, हरीश शुक्ला, अशोक सिंह, एस.एन. पंडित, सुधीर नेमा, मनोज करैया प्रशांत रजक, चित्रेश शर्मा आदि उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का संचालन पीयूष शर्मा ने एवं आभार प्रदर्शन सह सचिव मध्यप्रदेश ओ.पी. अवस्थी ने किया।  

भविष्य की राजनीति: MP के विधायक होंगे डिजिटल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगे जुड़े

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी 230 विधायकों को सरकार हाई टेक बनाएगी। सभी को कार्यालय में वीडियो कॉफ्रेसिंग की सुविधा दी जाएगी। इससे अधिकारी उनके संपर्क में रहेंगे। इस व्यवस्था को बनाने के लिए बजट में साढ़े 11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2025-26 के बजट में ई-विधायक ऑफिस नाम से योजना प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी। इसमें प्रत्येक विधायक को पांच लाख रुपये देने का प्रविधान रखा गया है। यद्यपि, आधा वर्ष बीतने के बाद इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विधायकों के कार्यालय भी हाई टेक बनाए जाएंगे दरअसल, विधानसभा सचिवालय ई-विधान परियोजना पर काम कर रहा है। इसमें विधायकों को एक-एक लैपटॉप दिए जाने हैं। इसकी निविदा जारी हो चुकी है। संभावना है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ई-विधान व्यवस्था लागू हो जाए। इसके साथ ही विधायकों के कार्यालय भी हाई टेक बनाए जाएंगे। इससे उन्हें न केवल अपने विधायी कार्य करने में आसानी होगी, बल्कि वीडियो कॉफ्रेंस भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने हाल ही में दोहराई थी प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉफ्रेंस में भी यह बात दोहराई और कहा कि हम जल्द ही विधायकों के कार्यालयों को हाई टेक करने जा रहे हैं। इससे वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की प्रगति की न केवल अद्यतन जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे बल्कि समीक्षा भी कर सकेंगे।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम में परिवहन विभाग की सेवाएं

भोपाल  प्रदेश के समस्त जिलों में नवीन गैर परिवहन मोटरयानों और नवीन वाहनों का पंजीयन वाहन-4 पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रदेश के नागरिक प्रदेश के किसी भी जिले में मोटरयान का क्रय करने के बाद अपने मूल निवास या प्रदेश के किसी भी जिले का पंजीयन नंबर मोटरयान क्रय से संबंधित जिले में ही प्राप्त कर सकेंगे। नागरिकों को अपने मोटरयानों के पंजीयन के लिये भौतिक रूप से परिवहन कार्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। वे मोटरयान क्रय करते समय संबंधित ऑटोमोबाइल डीलर के माध्यम से यह सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। नागरिक अपने प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में अपने मोटरयानों पर अति सुरक्षा पंजीयन पट्टिका (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) लगवा सकेंगे। भारत सीरीज (बीएच सीरीज) से संबंधित पंजीयन नंबर गैर परिवहन मोटरयानों के लिये ऑनलाइन ही प्राप्त किये जा सकते हैं। पंजीयन नंबरों के लिये केन्द्र सरकार के अंतर्गत कार्यरत समस्त लोक सेवा एवं ऐसे समस्त निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी लाभान्वित होंगे, जिनके 4 या अधिक राज्यों में स्थापित कार्यालय या संस्थान हैं। आधुनिकतम मोटरयान मॉडल के व्यावसायिक रूप से बाजार में प्रचलन में आने के पूर्व ही उसके मूल्य एवं समस्त तकनीकी विवरण पोर्टल पर प्रदर्शित होने से राज्य में इनके पंजीयन के समय किसी भी प्रकार का कर अपवंचन नहीं हो सकेगा। प्रदेश में गैर परिवहन वाहनों और परिवहन वाहनों का पंजीयन निरंतर "वाहन-4" पोर्टल पर किया जा रहा है। राज्य में वाहन-4 पोर्टल पर परिवहन कार्यालयों का डाटा पोर्ट, डीलर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, होमोलोगेशन की प्रक्रिया, फैंसी नंबर जनरेट करने की प्रक्रिया और टेक्सेशन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम में परिवहन विभाग की 31 सेवाओं को शामिल किया गया है। आरटीओ द्वारा नियुक्त अधिकारी तथा जिला कलेक्टर और संभागायुक्त को क्रमश: प्रथम अपीली अधिकारी, द्वितीय अपीली अधिकारी अधिसूचित किया गया है। नागरिकों से जुड़ी चयनित 31 सेवाओं के निराकरण के लिये एक निश्चित समय अवधि तय की गई है। जिन सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में शामिल किया गया है, इनमें प्रमुख रूप से लर्निंग ड्रायविंग लाइसेंस, वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र, वाहन का पंजीयन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना, डुप्लीकेट वाहन पंजीयन कार्ड, मृत्यु के बाद स्वामित्व का हस्तांतरण, ड्राइविंग लाइसेंस में अन्य श्रेणियों का वाहन जोड़ा जाना और लाइसेंस में पता परिवर्तन जैसी सुविधाएं प्रमुख हैं। 

IMD अलर्ट: इस राज्य में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा, तैयारी जरूरी

केरल केरल में आने वाले दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती हवा का क्षेत्र बन गया है, जो राज्य में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 से 15 अक्टूबर के बीच केरल में हल्की से लेकर भारी बारिश हो सकती है और कई जगह तेज हवाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से पत्तनमतिट्टा, इडुक्की, पालक्काड, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में 12 अक्टूबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। IMD ने आगे बताया कि 12 से 17 अक्टूबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हर 24 घंटे में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी आपदाओं से सतर्क रहने की सलाह दी है। लक्षद्वीप और समुद्री क्षेत्रों में अलर्ट IMD ने कहा कि लक्षद्वीप में 11 और 12 अक्टूबर को भी बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम खराब रहेगा। वहां गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ हवाओं की रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लक्षद्वीप, केरल और कर्नाटक के समुद्री तटों पर मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है। इसका उद्देश्य मछुआरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, क्योंकि समुद्र की स्थिति अस्थिर है। पूर्वोत्तर मानसून का प्रभाव केरल में इस महीने के अंत तक पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत होने की संभावना है। सामान्यतः यह मानसून अक्टूबर के मध्य में आता है और भारी बारिश लेकर आता है। हालांकि इस बार यह कुछ देर से शुरू हो सकता है, लेकिन आने के बाद राज्य में बारिश और तेज हो सकती है।

हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति, लेकिन अस्पतालों में इमरजेंसी सुविधा नहीं

भोपाल भारत में मानसिक स्वास्थ्य का संकट अब एक 'इमरजेंसी चुनौती' बन चुका है, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि देश में हर तीन मिनट में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। चिंताजनक यह है कि इनमें से अधिकांश लोगों को कभी कोई मानसिक उपचार नहीं मिला। गांधी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचि सोनी इसे एक मूक महामारी बताती हैं। डॉ. सोनी का मत है कि मानसिक स्वास्थ्य संकट समय नहीं देखता। हमें ऐसी व्यवस्था चाहिए, जहां रात के दो बजे भी किसी संकटग्रस्त व्यक्ति को तत्काल मदद मिल सके।   शरीर चीखता है, मन चुप रह जाता है डॉ. सोनी के अनुसार, मानसिक स्वास्थ्य की आपातकालीन स्थितियां उतनी ही खतरनाक हैं, जितना अचानक हार्ट अटैक आना। वे कहती हैं कि फर्क बस इतना है कि शरीर चीखता है और मन चुप रह जाता है। मानसिक स्वास्थ्य इमरजेंसी तब आती है, जब किसी व्यक्ति के विचार, व्यवहार या भावनाएं अचानक खुद के या दूसरों के लिए खतरा बन जाती हैं। जैसे बार-बार आत्मघाती विचार आना, पैनिक अटैक या हिंसक व्यवहार। यह वह नाजुक दौर होता है, जहां उपचार में एक मिनट की देरी भी जिंदगी छीन सकती है। हर जिले में 24 घंटे मदद जरूरी इस मूक महामारी को रोकने के लिए व्यापक बदलाव आवश्यक हैं। डॉ. सोनी ने हर जिले में सुधार की राह सुझाई है। यह आवश्यक है कि हर जिला अस्पताल में 24 घंटे सातों दिन साइकेट्रिक इमरजेंसी यूनिट स्थापित हो। साथ ही डाक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स को संकट प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। टेली-साइकेट्री सेवाओं का विस्तार किया जाना चाहिए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक विशेषज्ञ मदद पहुंचे। इसके अतिरिक्त स्कूलों और कालेजों में मेंटल हेल्थ फर्स्ट एड ट्रेनिंग शुरू करना समय की मांग है, जिससे हर व्यक्ति अपने आसपास के संकट को पहचान कर तुरंत सहायता प्रदान कर सके। इमरजेंसी रेफरल की त्रासदी वर्तमान में देश के बहुत कम अस्पतालों में 24 घंटे सातों दिन साइकेट्रिक इमरजेंसी यूनिट उपलब्ध है। जब कोलार के एक बैंक अधिकारी ने नींद की गोलियां खा लीं या शाहपुरा की 24 वर्षीय छात्रा परीक्षा से पहले पैनिक अटैक के कारण बेहोश हो गईं, तो दोनों मामलों में शुरुआती इलाज के बाद उन्हें मानसिक रोग विभाग में रेफर किया गया। यही रेफरल और सही इमरजेंसी सुविधा का अभाव कीमती समय नष्ट कर देता है। जिला और छोटे शहरों में प्रशिक्षित मनोरोग चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके कारण परिवार को ही संकट संभालना पड़ता है, और यही देरी अक्सर जिंदगी छीन लेती है।

मानदेय ठप! MP में तकनीकी गड़बड़ी के कारण अतिथि शिक्षक परेशान

भोपाल मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को हमारे शिक्षक एप से ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य है। हालांकि इसमें अतिथि शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी में आगे हैं। मध्य प्रदेश के 80 फीसद अतिथि शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे हैं। इसके बावजूद भी तीन माह से अतिथि शिक्षकों को मानदेय नहीं मिला। इसका कारण यह है कि ऑनलाइन हाजिरी में आ रही तकनीकी समस्या आ रही है। इसका खामियाजा अतिथि शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। विगत तीन माह से इन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हो सका है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण अतिथि शिक्षक स्कूल में समय पर उपस्थित नहीं लगा पा रहे हैं। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश है कि ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर ही अतिथि शिक्षकों को माह में उपस्थिति का ऑनलाइन बिल जनरेट होगा।   ई-अटेंडेंस नहीं लगा पाए अब ई-उपस्थिति नहीं होने से पोर्टल पर मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अतिथि शिक्षक स्कूल में उपस्थित रहें हैं, इसका उपस्थित पंजी में विधिवत हस्ताक्षर हैं, लेकिन नेटवर्क और तकनीकी समस्याओं के कारण अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस नहीं लगा पाए। शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अतिथि शिक्षकों के लंबित वेतन भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि अतिथि शिक्षकों को विगत तीन माह के मानदेय का भुगतान उपस्थिति पंजी के आधार पर किया जाए। जिससे अतिथि शिक्षक दीपावली का त्योहार मना सके और अन्य आर्थिक समस्याओं से निजात पा सके।

क्रिकेट महासंग्राम: साउथ अफ्रीका बनाम बांग्लादेश, वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 की लड़ाई रोमांचक होगी!

नई दिल्ली साउथ अफ्रीका की टीम लगातार दो जीत से महिला वनडे विश्व कप में अपने अभियान को शानदार अंदाज में पटरी पर लाने के बाद सोमवार को बांग्लादेश से भिड़ेगी। इस दौरान साउथ अफ्रीका की टीम बांग्लादेश को रौंदकर जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश करेगी। अपने पहले मैच में इंग्लैंड से 10 विकेट की करारी हार झेलने के बाद दक्षिण अफ्रीका महिला टीम ने न्यूजीलैंड और मेजबान भारत पर दमदार जीत दर्ज कर शानदार वापसी की है। इन दो जीतों से टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है। टीम अंक तालिका में चौथे (-0.888 के नेट रन रेट के साथ) स्थान पर है। कप्तान लॉरा वॉलवार्ट, मारियाने काप, ताजमिन ब्रिट्स, सुने लुस और अयाबोंगा खाका जैसी खिलाड़ियों से सजी दक्षिण अफ्रीका की टीम कागजों पर काफी मजबूत नजर आती है। इंग्लैंड के खिलाफ 69 रनों पर ऑल आउट होने के बाद, उनका शीर्ष क्रम शानदार फॉर्म में है। ब्रिट्स और लुस ने न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, वहीं वॉलवार्ट ने भारत के खिलाफ अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। निचले क्रम में नादिन डी क्लार्क और खाका ने अहम योगदान के साथ भारत के खिलाफ मैच का पासा पलटते हुए दक्षिण अफ्रीका को यादगार जीत दिलाई थी। दक्षिण अफ्रीका इस मुकाबले में परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ होने के कारण उतरेगा, क्योंकि वह इस मैदान पर पहले ही दो मैच खेल चुका है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान पर मनोबल बढ़ाने वाली सात विकेट से जीत के साथ टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत लेकिन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार हार ने उनकी कमजोरियों को उजागर किया है। बीस साल की प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मारुफा अख्तर की अगुवाई में गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन टीम को शीर्ष क्रम में लचर बल्लेबाजी से परेशानी का सामना करना पड़ा है। कप्तान और विकेटकीपर निगार सुल्ताना जोटी भी रन बनाने के लिए जूझती रही हैं और टूर्नामेंट में उनका औसत सिर्फ नौ रन का है।बांग्लादेश को मुकाबले में बने रहने के लिए ऐसे में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। मैच दोपहर को तीन बजे से खेला जाएगा। टीमें इस प्रकार हैं दक्षिण अफ्रीका: लौरा वॉलवार्ट (कप्तान), तजमिन ब्रिट्स, एनेरी डर्कसन, मारिजन काप, एनेके बॉश, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), क्लो ट्रायोन, नादिन डी क्लार्क, अयाबोंगा खाका, मसाबाता क्लास, नॉनकुलुलेको म्लाबा, सुने लुस, तुमी सेखुखुने, नोंदुमिसो शांगासे, काराबो मेसो। बांग्लादेश: निगार सुल्ताना जोटी (कप्तान), नाहिदा अख्तर, फरजाना हक, रुब्या हैदर झेलिक, शर्मिन अख्तर सुप्ता, शोभना मोस्तरी, रितु मोनी, शोर्ना अख्तर, फाहिमा खातून, राबेया खान, मारुफा अख्तर, फरिहा इस्लाम त्रिस्ना, शंजीदा अख्तर माघला, निशिता अख्तर निशि, सुमैया अख्तर।  

आज का राशिफल 13 अक्टूबर 2025: मेष से मीन तक हर राशि की किस्मत क्या कह रही है?

मेष राशि- आज का दिन जोश से भरा रहेगा। काम में नई शुरुआत के मौके मिल सकते हैं। पुराना रुका हुआ काम आगे बढ़ेगा। ऑफिस में किसी सीनियर से तारीफ मिलेगी। निजी जीवन में साथी का साथ मिलेगा। किसी पुराने दोस्त से बात हो सकती है जो मूड अच्छा कर देगी। वृषभ राशि- दिन थोड़ा मिला-जुला रहेगा। खर्चे बढ़ सकते हैं या कोई जरूरी खरीद करनी पड़ सकती है। ऑफिस में थोड़ा दबाव रहेगा, लेकिन दिन के अंत तक राहत मिलेगी। परिवार में माहौल ठीक रहेगा। अपने गुस्से पर काबू रखें, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। मिथुन राशि- कामकाज में सुधार नजर आएगा। नई जिम्मेदारी मिल सकती है जो आगे चलकर फायदेमंद रहेगी। दोस्त मददगार रहेंगे। प्रेम जीवन में किसी बात से गलतफहमी हो सकती है, इसलिए खुलकर बात करें। शाम को कुछ नया सीखने या घूमने का मन करेगा। कर्क राशि- परिवार से जुड़ा कोई काम पूरा होगा। नौकरी या बिजनेस में सुधार के संकेत हैं। किसी पुराने काम से फायदा हो सकता है। अपनी सेहत और नींद पर ध्यान दें। जीवनसाथी के साथ समय बिताने से मन हल्का होगा। सिंह राशि- आज आत्मविश्वास और ऊर्जा दोनों ऊँचाई पर रहेंगे। नए काम की शुरुआत के लिए अच्छा समय है। करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। जीवन में सकारात्मक बदलाव शुरू होने के संकेत हैं। कन्या राशि- काम का दबाव रहेगा, लेकिन आप अपनी मेहनत से सब संभाल लेंगे। सहकर्मी या दोस्त आपकी तारीफ करेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कोई छोटी यात्रा संभव है। मन में नए विचार आएंगे जो आगे चलकर काम आ सकते हैं। तुला राशि- आज का दिन खुशनुमा रहेगा। भाग्य आपका साथ देगा। किसी काम में सफलता मिलने की संभावना है। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। कोई अच्छी खबर मिल सकती है जिससे मूड और उत्साह दोनों बढ़ेंगे। वृश्चिक राशि- भावनाओं का असर ज्यादा रहेगा। किसी खास से जुड़ी यादें मन को व्यस्त रखेंगी। काम में थोड़ा उतार-चढ़ाव रहेगा, पर मेहनत बेकार नहीं जाएगी। खुद को शांत रखने की कोशिश करें। शाम को कोई अच्छी बातचीत या संदेश मन खुश कर देगा। धनु राशि- आज कुछ नया करने का मन बनेगा। यात्रा या मीटिंग से फायदा मिलेगा। पढ़ाई, मीडिया या लेखन से जुड़े लोगों के लिए दिन अच्छा है। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। जो काम लंबे समय से रुका था, उसमें प्रगति होगी। मकर राशि- आज मेहनत रंग लाएगी। काम में आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। बॉस या वरिष्ठ अधिकारी आपकी बातों से प्रभावित होंगे। आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी। जीवनसाथी या पार्टनर से समर्थन मिलेगा। दिन संतुलित रहेगा। कुंभ राशि- नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है। दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताना सुकून देगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। पुराने झगड़े या गलतफहमियां खत्म हो सकती हैं। मीन राशि- मन शांति और रचनात्मकता से भरा रहेगा। कला, लेखन या संगीत से जुड़े लोग अच्छा प्रदर्शन करेंगे। प्रेम जीवन में नयापन आएगा। घर में कोई छोटी खुशखबरी मिल सकती है। सेहत सामान्य रहेगी।

चार साल में पूरी करेंगे 3500 KM की नर्मदा यात्रा, हाथ से चलकर करेंगे साधना

डिंडौरी  मां नर्मदा की असाधारण परिक्रमा धर्मपुरी महाराज ने अमरकंटक से दशहरा पर्व के दिन से शुरू की है। धर्मपुरी महाराज की परिक्रमा इसलिए असाधारण है क्योंकि सभी लोग पैर से चलकर मां नर्मदा की परिक्रमा करते हैं, जबकि धर्मपुरी महाराज हाथों के बल से चलकर 3500 किलोमीटर की परिक्रमा करने का संकल्प लिया है। मां नर्मदा के यूं तो भक्त निराले हैं। अलग-अलग तरीके से कठिन साधना करने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन ऊबड खाबड भरे मार्ग में इस तरह की साधना चर्चा की विषय बनी हुई है। बताया गया कि यह कठिन परिक्रमा लगभग चार वर्ष में पूरी होगी। महाराज जी अभी तक लगभग 30 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं। वे एक दिन में लगभग तीन किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे हैं। उनके साथ उनके शिष्य भी परिक्रमा में साथ चल रहे हैं। डिंडौरी जिले के करंजिया विकासखंड निवासी में महाराजश्री ने हाथ के सहारे परिक्रमा शुरू कर दी है।   परिक्रमा को बताया तपस्या के साथ समर्पण गौरतलब है कि मां नर्मदा की हजारों लोग पैदल परिक्रमा करते हैं, तो कुछ दंडवत होकर भी इस कठिन यात्रा को पूरा करते हैं। कुछ लोग वाहनों से भी परिक्रमा करते हैं, लेकिन धरमपुरी महाराज हाथों के बल चलकर मां नर्मदा की परिक्रमा करने के बड़े संकल्प में जुटे हुए हैं। आस्था का ऐसा अद्भुत और दुर्लभ नजारा शायद ही लोगों ने कभी देखा होगा। धर्मपुरी महाराज ने अपना यह संकल्प अमरकंटक से शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि तपस्या के साथ समर्पण भी है। अदभुत परिक्रमा देखकर लोग भी हैरत में उन्होंने बताया कि वे अपने शरीर की सीमाओं को पार कर अध्यात्म के शिखर पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी अदभुत परिक्रमा देखकर लोग भी हैरत में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अपने जीवनकाल में उन्होंने कई संत देखे हैं, लेकिन इस तरह की परिक्रमा का संकल्प करके परिक्रमा पथ पर हाथों के बल चलते पहली बार किसी संत को देखा है। गौरतलब है कि डिंडौरी से अमरकंटक मुख्य मार्ग में टू-लेन सडक का कार्य चल रहा है। ऐसे में ऊबड खाबड़ मार्ग से गुजरना सभी के लिए चुनौती बनी हुई है।

सर्दियों की जल्दी दस्तक: दिल्ली के मौसम में इस बदलाव ने सभी को चौंकाया

नई दिल्ली  दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से मौसम ठंडा हो गया है। पिछले दिनों में हुई बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में इस साल दिल्ली समेत पूरे देश में ठंड समय से पहले दस्तक दे सकती है। पिछले हफ्ते श्रीनगर में समय से पहले बर्फबारी हुई और जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में भी मध्यम से बारिश हुई जिससे हवा में ठंडक बढ़ गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी पूरे हफ्ते बर्फबारी जारी रही और राज्य के निचले इलाकों में भी बारिश हुई। इसका सीधा असर हिमाचल और पंजाब के तापमान में दिखाई दिया। इस बीच मौसम एक्सपर्ट्स का मानना है कि समय में पहले ठंड की दस्तक की वजह मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में गिरावट के कारण विकसित हो रही ला नीना स्थितियां हैं । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के विशेषज्ञों के अनुसार, ला नीना के कारण भारत के कई हिस्सों, खासकर उत्तरी भारत में, कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। इसका मतलब है कि पहाड़ी इलाकों में शीतलहर और बर्फबारी भी बढ़ सकती हैं। IMD ने अक्टूबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा का अनुमान लगाया है, और इस महीने औसत 75.4 मिमी वर्षा का लगभग 115 प्रतिशत बारिश होने की उम्मीद है। क्या है ला नीना ला नीना मौसम को प्रभावित करने वाली एक बड़ी घटना है, जिसका संबंध प्रशांत महासागर से है। यह एल नीनो दक्षिणी दोलन (ENSO) नाम के पूरे चक्र का एक हिस्सा है। ENSO के तीन चरण होते हैं – गर्म (अल नीनो), ठंडा (ला नीना), और न्यूट्रल जो दो से सात वर्षों के चक्रों में होते हैं। ला नीना चरण के दौरान हवाएं सामान्य से अधिक तेज हो जाती हैं और पश्चिमी प्रशांत महासागर की ओर ज्यादा मात्रा में पानी धकेलती हैं, जिससे यह गर्म हो जाता है। इसके चलते दुनिया के पूर्वी भाग में स्थित भारत ठंडा हो जाता है। इससे बारिश में वृद्धि हो जाती है और तापमान में कमी आती है।