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रिटायर्ड जस्टिस रोहित आर्य की नई तस्वीर वायरल, आरएसएस गणवेश में आने पर चर्चा तेज

भोपाल  एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जस्टिस रहे रोहित आर्य हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान बेबाकी वाले अंदाज से छाए रहते थे। कोर्ट रूम में भी दलीलों पर वह खरी-खरी बात करते थे। रिटायरमेंट के बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब उनकी एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह आरएसएस की ड्रेस पहने हुए हैं। क्या है मामला दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भोपाल स्थित तात्या टोपे स्टेडियम में पथ संचलन का आयोजन किया गया है। इसमें संघ से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रोहित आर्य मौजूद थे। जस्टिस रोहित आर्य कार्यक्रम में आरएसएस के गणवेश में थे। उन्हें मंच पर जगह मिली थी। स्वंयसेवकों को इस मौके पर उन्होंने संबोधित किया है। 2024 में हुए थे रिटायर जस्टिस रोहित आर्य साल 2024 में हाईकोर्ट जज से रिटायर हुए थे। रिटायर होने के कुछ महीने बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। इसके बाद वह बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। पार्टी ज्वाइन करने के बाद बीजेपी ने उन्हें वन नेशन वन इलेक्शन के लिए संयोजक भी बनाया था। इसके बाद से जस्टिस रोहित आर्य लगातार पार्टी में सक्रिय हैं। अब आरएसएस के कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि बने हैं। वह सुसज्जित गणवेश में स्वंयसेवकों के बीच आए थे। इस दौरान राष्ट्र की एकता का उन्होंने संदेश दिया है। हाईकोर्ट में रहने के दौरान इनके कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग खूब वायरल होती थी। कई बार अधिकारियों को भी इन्होंने जोरदार फटकार लगाई थी।

MP में ठंड का असर तेज़, तापमान में गिरावट और अगले 4 दिनों तक बारिश की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में मानसून की वापसी हो गई है। इस वापसी ने मौसम में ठंडक को बढ़ा दिया है। इस बारे में मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन हल्की बारिश का दौर देखने को मिलेगा। सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी ऐसे जिले हैं, जहां बारिश का दौर देखने को मिलेगा। इसी के साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिले ऐसे हैं, जहां राते ठंडी रहेगी। लौटकर आए मानसून और लुढ़कते हुए पारे की वजह से कई शहरों में सुबह और शाम ठंड महसूस हो रही है। ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल और इंदौर में रातें ठंडी बनी रहेगी। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। पूर्वी हिस्स में बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में लोकल सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से बारिश का अनुमान जताया है। विभाग द्वारा देखे जानकारी के मुताबिक अगले 4 दिन तक हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। सिंगरौली, उमरिया, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी बालाघाट पांढुर्णा छिंदवाड़ा से मानसून अभी लौटा नहीं है। यहां हल्की-फुल्की बारिश का द्वारा लगातार जारी है। तापमान हुआ सामान्य से कम मध्य प्रदेश के कई शहर ऐसे हैं, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से कम देखने को मिल रहा है। दरअसल उत्तरी हवाओं के चलते यहां की रातें ठंडी बनी हुई है। इन जिलों में भोपाल, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और ग्वालियर शामिल है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी की वजह से हवा का रुख बदल गया है। उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं मध्य प्रदेश की ठंडक को बढ़ा रही है। राजधान भोपाल में ठंडक बीती रात राजधानी भोपाल में काफी ठंड देखने को मिली। बीती रात यहां का तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिमाचल प्रदेश से हर ही साइड दवाओं की वजह से प्रदेश में ये असर दिखाई दे रहा है। पचमढ़ी जो हमेशा सबसे ठंडा रहता है यहां पर न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस देखने को मिला। दरअसल हिमाचल की सर्द हवाएं 20 दिन पहले ही प्रदेश में एंट्री कर चुकी है  जिसकी वजह से मौसम में ठंडक घुल गई है। अलग-अलग शहरों के तापमान की बात करें तो खजुराहो में 32.8 डिग्री ग्वालियर में 32.1 डिग्री उज्जैन सतना गुना में 31.7 डिग्री नर्मदापुरम दमोह में 31.2 डिग्री अधिकतम तापमान देखने को मिला। इंदौर में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस नौगांव में 15.3 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ में 14.4 डिग्री सेल्सियस धार्मिक 15.5 डिग्री सेल्सियस भोपाल खंडवा रतलाम उज्जैन में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

भोपाल ट्रैफिक अलर्ट: दिवाली पर कई रास्ते बंद, बदली गई पार्किंग व्यवस्था, जानिए पूरी गाइडलाइन

 भोपाल  आने वाली 21 अक्टूबर को देशभर में हर्षोल्लास से दिवाली का त्योहार मनाया जाना है। त्योहारी खरीदारी के चलते इन दिनों बाजारों और मार्गों पर भीड़ का अधिक दबाव है। इसी के चलते मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों में स्थाई बदलाव किए हैं। ये बदलाव आज से प्रभावी किए गए हैं, जो 21 अक्टूबर यानी दिवाली की रात तक 8 दिन प्रभावी रहेंगे। इसमें मुख्य रूप से शहर के जुमेराती, चौक बाजार, न्यू मार्केट, 10 नंबर मार्केट, बैरागढ़ आदि प्रमुख बाजारों में आमजन का आवागमन सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। इसी को मद्देनजर रखते हुए भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा विभिन्न बाजारों में निर्धारित समयावधि के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव के साथ पार्किंग व्यवस्था को बढ़ाया गया है। भोपाल चौक बाजार सोमवार यानी आज से 21 अक्टूबर यानी दीपावली के दिन इस त्योहारी सीजन में आंतरिक बाजार क्षेत्र (जनकपुरी, जुमेराती, छोटे भैया चौराहा, घोड़ा नक्कास चौराहा, हनुमानगंज, आजाद मार्केट) में भोपाल शहर के अलावा अन्य आसपास के शहरों के साथ साथ देहात से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आ रहे हैं। इसी के चलते भीड़ की स्थिति में पुराना शहर क्षेत्रांर्गत मुख्य बाजार में यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए परिवर्तित मार्ग व्यवस्था की गई है, जो इस प्रकार है- 1-यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर कोई भी लोडिंग वाहन/ऑटो रिक्शा/चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 2-करोंद, डीआईजी बंगला, सिंधी कॉलोनी, शाहजहांनाबाद से आने वाले चार-पहिया वाहन आंतरिक बाजार में प्रवेश नहीं करेंगे। 3-भोपाल टॉकीज चौराहे से लेकर बाल विहार ग्राउंड तक पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस तरफ से बाजार में प्रवेश करने वाले यहां वाहन खड़े कर सकते हैं। 4-भारत टॉकीज के छावनी मार्ग या इतवारा मार्ग से बाजार में आने वाले सभी दो-पहिया वाहन सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में पार्क करने की व्यवस्था है। 5-संगम टॉकीज की ओर से सब्जी मंडी होकर आने वाले चार-पहिया/तीन-पहिया वाहन सब्जी मंडी प्रांगण में पार्क कर सकते हैं। 6-लखेरापुरा, रंजन पेन कार्नर, इतवारा, मारवाड़ी रोड, इब्राहिमपुरा से कोई भी चार-पहिया, तीन-पहिया वाहन चौक बाजार से नहीं गुजर सकेंगे। ये वाहन सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग और सदर मंजिल के पास स्थित पार्किंग में खड़े कर सकेंगे। 7-चौक बाजार में भीड़ की स्थिति में दो-पहिया वाहन भी सरस्वती प्रकाशन के पास मल्टीलेवल पार्किंग में पार्क होंगे। 10 नंबर मार्केट वहीं, तय अवधि के लिए 10 नंबर मार्केट जाने वाले रास्ते को वन-वे किया गया है। इसमें वाहन वंदे मातरम् चौराहे से 10 नंबर मार्केट की तरफ जाते हुए 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की तरफ जाएंगे। वहीं, साढ़े 10 नंबर स्टॉप से वाहन 10 नंबर मार्केट तिराहा होते हुए नेशनल अस्पताल की ओर जाएंगे। नेशनल अस्पताल से 10 नंबर मार्केट और 10 नंबर मार्केट से वंदे मातरम् चौराहे की तरफ वाहन ले जाना प्रतिबंधित किया गया है। न्यू मार्केट न्यू मार्केट में टीटी नगर थाना चौराहे के पास स्थित मल्टी लेवल पार्किंग में पर्याप्त पार्किंग स्थान है। यहां आने वाले अपने वाहन पार्क करेंगे। यातायात का दबाव बढ़ने पर रंगमहल चौराहे से थाना चौराहे और टीटी क्रॉस तिराहे से थाना चौराहे तक वाहनों का आवागमन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा। एमपी नगर बाजार एमपी नगर जोन-एक में स्थित मल्टी लेवल पार्किंग और अन्य पार्किंग स्थलों पर वाहन पार्क किये जा सकेंगे। बैरागढ़ बाजार बैरागढ़ में चंचल चौराहे के पास मल्टी लेवल पार्किंग में व्यापारी अपने वाहन पार्क करेंगे। नए ब्रिज निर्माण के कारण पीडब्ल्यूडी द्वारा छोटे-छोटे पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं, जहां ग्राहक कुछ समय के लिए वाहन पार्क कर सकेंगे।

मायावती की रणनीति में 2007 की झलक, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं पर चुप क्यों हैं बीएसपी प्रमुख?

लखनऊ  बसपा प्रमुख मायावती ने क़रीब 9 साल बाद गुरुवार को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन कर 2027 के लिए चुनावी हुंकार भर दी. बसपा के संस्थापक कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर निशाना साधकर उत्तर प्रदेश की दो ध्रुवीय हो चुकी राजनीति को त्रिकोणीय बनाने की कवायद करती नज़र आईं. कांशीराम स्मारक स्थल से मायावती ने अपने खिसके सियासी जनाधार को वापस लाने की रणनीति का ख़ुद ख़ुलासा किया. 2027 की चुनावी जंग फ़तह करने के लिए 2007 जैसे सियासी समीकरण बनाने का ताना-बाना बुनती नज़र आईं. बसपा के दलित वोट बैंक को पहले से ज़्यादा मज़बूत करने के साथ ओबीसी, अति-पिछड़ों के साथ ब्राह्मण-ठाकुर वोटों की केमिस्ट्री बनाने का दाँव चला. मायावती ने साफ़-साफ़ शब्दों में कहा कि पिछड़े और अति-पिछड़ा तबक़े के साथ ही ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को बसपा से जोड़ने पर उनकी पार्टी काम करेगी. महारैली में मायावती ने ऐलान किया कि राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को ब्राह्मण, विधायक उमाशंकर सिंह को क्षत्रिय और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को अति-पिछड़ा और पिछड़ा समाज को जोड़ने का ज़िम्मा सौंपा. हालाँकि, मुस्लिम समाज को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले. 2007 के फ़ॉर्मूले से 2027 जीतने का प्लान बसपा की बहुजन पॉलिटिक्स के साथ मायावती ने 2007 में सर्वजन की सियासत पर क़दम बढ़ाया था, जिसके दम पर पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई. मायावती ने दलित वोटों के साथ अति-पिछड़े, मुस्लिम और ब्राह्मण की सियासी केमिस्ट्री बनाई थी. उत्तर प्रदेश के 2027 चुनाव को देखते हुए बसपा ने इस साल फ़रवरी से ही सोशल इंजीनियरिंग पर काम शुरू कर दिया था. इसके तहत मार्च में हर ज़िले में भाईचारा कमेटी का गठन किया था, जिसके ज़रिए पिछड़ों को जोड़ने की योजना थी. इसके लिए उन्होंने विश्वनाथ पाल के नाम का ज़िक्र किया, जो बसपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं. बसपा बना रही नई सोशल इंजीनियरिंग बसपा से पिछड़ा और अति-पिछड़ों को जोड़ने के लिए इन कमेटियों की हर दो महीने में बैठकें भी मायावती कर रही हैं. इस बीच अब ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को साथ लाने के लिए पार्टी मिशन मोड पर काम करेगी. मायावती ने ब्राह्मण समाज को जोड़ने का बीड़ा सतीश चंद्र मिश्र को दे रखा है तो ठाकुर वोट के लिए उमाशंकर सिंह को ज़िम्मा दिया है. मायावती ने इन दोनों नेताओं का नाम भी लिया. मायावती ने गुरुवार को भाषण में भी ग़रीब सवर्णों का कई बार ज़िक्र करते हुए कहा कि भाजपा, सपा और कांग्रेस की सरकारों में इस तबक़े की हालत लगातार ख़राब हुई और बसपा की सरकार बनने के बाद सर्व समाज को रोज़ी-रोटी और रोज़गार का संकट नहीं होने दिया जाएगा. सतीश चंद्र मिश्र के बेटे कपिल मिश्र के काम को भी सराहा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से कपिल ने कार्यक्रम में फ़्री मेडिकल समेत दूसरी व्यवस्थाओं में मदद की है, वह पार्टी के प्रति उनके सेवा भाव को दिखाता है. मुस्लिमों पर क्यों मायावती रहीं ख़ामोश? मायावती ने मुस्लिम वोटों पर अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन रैली के मंच पर पूर्व सांसद मुनकाद अली, शमसुद्दीन राईन और पूर्व एमएलसी नौशाद अली को जगह देकर मुस्लिम समाज को साथ आने व सम्मान देने का संदेश दिया है. बसपा के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो मुस्लिम समाज के बीच अभी बसपा को लेकर उहापोह की स्थिति है, लेकिन उसे जोड़ने के लिए अलग से योजना पर काम चल रहा है, जिसका ख़ुलासा बाद में किया जाएगा. हालाँकि, मायावती ने ज़िला से लेकर मंडल और प्रदेश स्तर पर संगठन में मुस्लिम पदाधिकारी बनाकर बसपा यह संदेश देने का प्रयास किया है कि मुस्लिम समाज के लिए पार्टी के दरवाज़े खुले हैं, लेकिन सपा के साथ जिस तरह एकमुश्त जुड़े हैं, उसके चलते फ़िलहाल मुख्य फ़ोकस नहीं है. मायावती समझ रही हैं कि मुस्लिम वोट तभी बसपा के साथ जुड़ेगा, जब उसका बहुजन वोट साथ आ जाएगा, इसीलिए पूरा फ़ोकस दलित और पिछड़े वोटबैंक पर है. रैली में मायावती ने अल्पसंख्यकों, ख़ासकर मुस्लिमों का विकास न होने व जान-माल का ख़तरा होने की बात कहकर उन्हें पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया. 2027 जीतने की मायावती ने भरी हुंकार मायावती ने साफ़ कर दिया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगी. बसपा प्रमुख ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को अपने से पहले बोलने का मौक़ा देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ़ कर दी. उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं. पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं, जिस तरह आपने कांशीराम के बाद मेरा साथ दिया, उसी तरह आकाश का भी देना है. इस तरह आकाश को भविष्य का नेता बता दिया. मायावती ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में बहुमत की सरकार बनाकर अपना 15 साल का वनवास ख़त्म करने के लिए रैली के ज़रिए तगड़ा शक्ति प्रदर्शन किया. क़रीब तीन लाख लोगों की क्षमता वाला कांशीराम स्मारक स्थल ख़चाख़च भरा रहा तो बाहर भी भीड़ दिखाई दी, जो बसपा के लिए 2027 से पहले सियासी संजीवनी से कम नहीं है.

उदित गायकी केस: पुलिस की मारपीट का वीडियो वायरल, भोपाल में फूट रहा गुस्सा

भोपाल  इंजीनियर उदित गायकी की पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए दोनों आरक्षक सौरभ आर्य और संतोष बामनिया को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की बर्बरता की इस घटना ने पूरे प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार रात को 22 वर्षीय उदित गायकी इंद्रपुरी क्षेत्र में अपने दोस्तों के साथ कार में म्यूजिक बजाकर पार्टी कर रहा था। इसकी सूचना जब रात्रि गश्त कर रहे पिपलानी थाने के आरक्षक सौरभ और संतोष को मिली तो वे युवकों के पास पहुंचे। पुलिस को देखकर उदित घबरा गया और भागने लगा, तब सौरभ ने उसे पकड़ा और डंडे से बेरहमी से उसकी पिटाई की।वह उदित के पांव के पंजों को अपने जूते से दबाता है। इतना ही नहीं, जूते की नोक उदित के पैर पर रगड़ देता है। वहीं, दूसरा पुलिसकर्मी इस दौरान उदित के दोस्तों से बात करता दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर, उदित के पिता का कहना है कि उनके बेटे को रायफल की बट से पीटा गया। जिसके निशान उसके शरीर पर थे। सीसीटीवी में कैद हुई पुलिस की बर्बरता साथ ही संतोष बंदूक लेकर उसके पास खड़ा रहा। पुलिस की यह बर्बरता गली में लगे सीसीटीवी में भी कैद हुई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उदित की कार में मौत हो गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया था। उधर मृतक की पीएम रिपोर्ट में अग्नाशय में चोट लगने से मौत की पुष्टि के बाद आरक्षकों के विरुद्ध शुक्रवार रात को हत्या का केस दर्ज किया गया। शनिवार को आरोपितों को गिरफ्तार किया और शनिवार को उन्हें जेल भेजा गया। आरोपित आरक्षक सौरभ आर्य मूलत: बैतूल जिले का रहने वाला है। वह गोविंदपुरा पुलिस लाइन में रहता था। वह वर्ष 2018 के बैच का पुलिसकर्मी है। सौरभ लंबे समय से पिपलानी थाने में पदस्थ था। वहीं आरक्षक संतोष बामनिया ने 2021 में पुलिस सेवा ज्वाइन की थी। वर्तमान में वह जहांगीराबाद में जेल रोड स्थित मैसूर सैयद कालोनी में रहता था।. FIR में कई खामियां, आरोपियों को बचाने का प्रयास उदित के पिता राजकुमार गायकी ने भी दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा- मेरा इकलौता बेटा चला गया। पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। हमें एफआईआर में कई खामियां दिख रही हैं। हम इस एफआईआर से संतुष्ट नहीं हैं। भोपाल पुलिस की जांच पर हमें भरोसा नहीं है। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मैं शासन से मांग करता हूं कि केस को सीबीआई के हवाले किया जाना चाहिए। जिससे जांच में किसी तरह की बाधा न हो। मेरे बेटे को न्याय मिल सके। आरोपियों को फांसी से कम कोई सजा नहीं होना चाहिए। मेरा बेटा नहीं, मेरी जिंदगी चली गई है। मेरे सारे सपने चले गए हैं। मैंने अपने पूरे जीवन की कमाई उस पर लगाई। उससे मुझे बहुत उम्मीदें थीं। सीबीआई जांच की मांग मृतक उदित के मामा सुभाष गवांडे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न्याय सम्मत एफआईआर दर्ज नहीं की है। ऐसे में जांच को प्रभावित भी किया जा सकता है। इस केस की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि उदित को इंसाफ मिल सके। उन्होंने कहा कि एफआईआर में रिश्वत मांगने और मारपीट का स्पष्ट जिक्र होना चाहिए था। मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा राजकुमार गायकी ने कहा- उदित को इतनी बेरहमी से क्यों पीटा गया? सरकार इस पर संज्ञान ले और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए।मेरे इकलौते बेटे ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा है। इन पुलिस वालों को भी मौत की सजा दी जानी चाहिए। पुलिस ने जो FIR दर्ज की है, उससे साफ जाहिर है कि वे अपने साथियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वे मिलकर केस कमजोर करना चाहते हैं। मैं फिर कहता हूं कि मेरे बेटे को न्याय देना है तो आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। ऐसी सजा से ही नजीर बनेगी कि आगे कोई पुलिसवाला किसी की भी जान लेने में सौ बार सोचेगा। मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया है, उसके सिर में डंडे मारे, उसके जिस्म पर कई जगह रायफल की बट से पीटने के निशान मिले हैं। बेटे के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट है, मैंने स्वयं यह निशान देखे हैं। मेरा दिल फट जाता है, जब यह मंजर को याद करता हूं। क्या यहां जंगल राज है? मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि आरोपियों को फांसी दिलाओ। ताऊ बोले- आरोपियों का पक्ष FIR में क्यों? उदित के ताऊ केके गायकी ने कहा- मैं पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हूं। एफआईआर में डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने की बात नहीं लिखी है। एफआईआर में घटना को मेंशन किया जाना चाहिए, न कि आरोपियों का साथ दिया जाना चाहिए। इससे पहले तो मैंने ऐसा कभी नहीं देखा। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि मार डालने के उद्देश्य से ही जानवरों की तरह उदित को पीटा गया। एक पुलिसकर्मी ने उसके हाथ पकड़े, दूसरे ने उसे बेरहमी से पीटा है। मार डालने के उद्देश्य से ही उसे पीटा गया है। शॉर्ट पीएम में पेनक्रियाज डैमेज होने की बात स्पष्ट है। लेकिन पुलिस ने एफआईआर में यह साफ नहीं किया कि पुलिसकर्मियों की मारपीट के कारण पेनक्रियाज डैमेज हुआ है। रही बात दोस्तों के बयानों की तो वे बच्चे हैं, उन्हें कुछ भी बयान देने पर मजबूर किया जा सकता है। पुलिस ने दबाव डालकर बयान दिलाए हालांकि, उदित के परिजन का आरोप है कि पुलिस ने दबाव डालकर उदित के दोस्तों से इस तरह के बयान दर्ज कराए हैं। दोस्तों के हवाले से लिखे घटनाक्रम में जान बूझकर मारपीट और अभद्रता की बात उल्लेख नहीं कराई गई, जिससे आरोपी पुलिसकर्मियों को आगे राहत मिल सके।  

करवा चौथ पर दिल का दौरा पड़ा भारी, बरनाला की आशा रानी व्रत खोलने से पहले हुए निधन

बरनाला  पंजाब के बरनाला में करवा चौथ के पार्टी के दौरान 59 साल की एक महिला की मौत हो गई. आशा रानी नाम की महिला की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वे अपनी सहेलियों के साथ नाच रही थीं, तभी अंतिम सांस ली. घटना की आखिरी वीडियो सामने आई है, जिसमें वे डांस करते हुए गिरती दिख रही हैं. स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस जांच कर रही है.  मृतक महिला की पहचान तपा मंडी की रहने वाली 59 साल की आशा रानी के रूप में हुई है। खुशी के मौके पर इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। मामला करवा चौथ की रात का है, लेकिन अब इसका वीडियो सामने आया है। लड़खड़ाते हुए गिरी, किसी का ध्यान नहीं गया आशा रानी ने भी अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए करवाचौथ का व्रत रखा था। रात को खुले आंगन में पार्टी रखी गई थी, जिसमें डांस का फ्लोर भी लगाया गया था। इसमें कई महिलाएं और लड़कियां पंजाबी गाने पर डांस कर रहीं थीं। आशा भी नाच रही थीं। इसी दौरान वह नाचते हुए थोड़ी लड़खड़ाते हुए नजर आईं। उन्होंने आसपास कुछ पकड़ने की कोशिश की, ताकि गिरने से बच सके, लेकिन वहां कोई ऐसी चीज नहीं थी। इस दौरान बाकी महिलाएं डांस में बिजी थीं, उसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। चंद सेकेंड में महिला मुंह के बल नीचे गिर गई। जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया। महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आशा रानी एक संपन्न और समाजसेवी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। इस घटना के बाद परिवार सदमे में है कि करवाचौथ के दिन हुई इस घटना ने खुशी के दिनों में परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। इस दुखद घटना से शहर में शोक की लहर है। शहरवासियों ने भी परिवार के साथ दुख साझा किया। 43 साल के एक्टर और बॉडी-बिल्डर भी बने थे हार्ट अटैक के शिकार 11 अक्टूबर को ही एक्टर और बॉडी-बिल्डर वरिंदर सिंह घुमन की हार्ट अटैक के चलते मौत हुई थी। वरिंदर सलमान खान के साथ वरिंदर फिल्म टाइगर 3 में नजर आए थे। उनकी बॉडी-बिल्डिंग की हर किसी ने तारीफ की थी और सलमान भी उनके दीवाने हो गए थे। द हीमैन ऑफ इंडिया कहे जाने वाले वरिंदर 'मिस्टर इंडिया 2009' में रह चुके थे। महज 43 साल की उम्र में वह भी हार्ट अटैक के शिकार बने। वह कंधे में दर्द था और वह इलाज के लिए अमृतसर के एक निजी अस्पताल गए थे, जहां सिंह अस्पताल में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई थी।

अंबेडकर मूर्ति विवाद के बाद सख्ती: ग्वालियर में धारा 163, 50 को नोटिस, सोशल मीडिया से 260 पोस्ट हटाईं

ग्वालियर  शहर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकीलों के दो गुटों के साथ-साथ अब आम जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई है। एडवोकेट अनिल मिश्रा की टिप्पणी के बाद दलित समाज संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। क्या है पूरा विवाद यह विवाद 17 मई 2025 से शुरू हुआ था, जब हाईकोर्ट परिसर में मूर्ति लगाने को लेकर वकीलों के एक पक्ष और दूसरे पक्ष में मतभेद हो गया था। उस समय माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने मूर्ति को दूसरी जगह रखवा दिया था। तब से यह विवाद लगातार बढ़ रहा है। वकीलों का एक पक्ष मूर्ति लगाने के लिए अड़ा हुआ है, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। अब यह लड़ाई हाईकोर्ट परिसर से निकलकर सोशल मीडिया पर भी पहुंच गई है, जहां राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों को देखते हुए पुलिस 24 घंटे नजर रख रही है और अब तक 160 से अधिक पोस्ट हटा चुकी है और 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दे चुकी है, फिर भी विवाद थम नहीं रहा। पुलिस की सायबर टीम भी रख रही नजर शांति समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर 15 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही जा रही है। जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है। 15 अक्टूबर को बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा। एसएसपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट अपलोड करने वालों पर सायबर टीम की नजर है। सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं, व्यवसाय करें। प्रशासन सुरक्षा के लिए तत्पर है। इस बैठक में शांति समिति के 30 से ज्यादा सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। बिना अनुमति आयोजन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने शांति समिति सदस्यों से कहा कि वे भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को फोन करके समझाएं, ताकि कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए। ध्यान दें कि कहीं पर भी बिना अनुमति के कोई आयोजन न होने पाए। यदि हो तो सख्त कार्रवाई करें। शहर की तरह गांव में भी चौकसी की जाए। जन प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जाए। राजनीति चमका रहे लोग सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टों से साफ है कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए जातिवाद की लड़ाई छेड़ रहे हैं। 15 अक्टूबर को आगरा में ओबीसी और एससी समाज द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है, वहीं सामान्य वर्ग के लोग भी शक्ति प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। 15 अक्टूबर को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। होटलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है। पुलिस की भी पूरी तैयारी किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल भी की है, ताकि असामाजिक तत्वों को संदेश दिया जा सके कि ग्वालियर पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने भी सभी समाजों के प्रमुख लोगों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 15 तारीख को किसी बड़े मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद धारा 163 लागू की गई है। अब सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी।

दिवाली से पहले बड़ा अलर्ट: धीरेंद्र शास्त्री ने पटाखों को लेकर दिया खास बयान

छतरपुर छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली पर पटाखे चलाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दिवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान देने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने रहा है कि दीवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान ना दिया जाए क्योंकि हम बकरीद और ताजिए पर ज्ञान नहीं देते। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, दिवाली को लेकर हमारा दूसरे मजहब के लोगों से अपील है कि पटाखों को लेकर अपना ज्ञान ना पेलें। क्योंकि ना तो हम आपकी बकरीद पर ज्ञान पेलते हैं और ना ताजिए पर। तो आप होली-दीवाली पर हमें ज्ञान ना दें। ये बात उन्होंने मुंबई में सिद्धि विनायक गणेश मंदिर के दर्शन करने के दौरान दिया। उन्होंने आगे कहा, यहां के दो अभिनेता है, उनसे भी हम यही बात कहेंगे कि दिवाली है, पटाखे कम चलाने चाहिए, ये बात सही है। प्रदूषण होता है, ये बात सही है, लेकिन केवल दिवाली पर अपना ज्ञान ना दें, ये हमारी प्रार्थना है क्योंकि हम तो पटाखे फोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा की घोषणा भी की। इसके अलावा धीरेंद्र शास्त्री ने आई लव मोहम्मद और आई लव महादेव पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, आई लव मोहम्मद बुरा नहीं है लेकिन आई लव महादेव भी बुरा नहीं है। हालांकि सर तन से जुदा जैसे बयान बिल्कुल गलत हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश के आगरा एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री ने शनिवार को कहा कि हिंदुओं को एक करने, हिंदू राष्ट्र बनाने और यमुना को बचाने के लिए पैदल यात्रा की जायेगी । बाबा बागेश्वर धाम ने कहा कि इस यात्रा का आयोजन ब्रज क्षेत्र में सात से 16 नंवबर के बीच किया जायेगा। यमुना की शुद्धि के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा के मुख्य मंत्रियों से कहेंगे । यमुना मईया को निर्मल कर दो ताकि जल ठाकुर जी को चढ़ने लगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसका ना आदि है और न अंत है वहीं सनातन है। तीन हजार साल पहले पृथ्वी पर सिर्फ सनातनी रहते थे। जितने भी मजहब के लोग रहते हैं और अगर अपने पूर्वज को खंगालें तो सनातनी निकलेंगे। असली मुसलमान दूसरे देशों में हैं यहां तो सभी कन्वर्टेड हैं।

रायपुर: 48 लाख रुपये की विकास योजनाओं का शुभारंभ, वनमंत्री ने किया भूमिपूजन

रायपुर : वनमंत्री ने 48 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन हर गांव में दिखेगा विकास का नया रूप: मंत्री  केदार कश्यप रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज बस्तर विकासखंड के ग्राम चमिया में 48 लाख रुपए से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। यह कार्य ग्रामीण इलाकों में सुविधाओं के विस्तार और अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए किए जा रहे हैं। वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर गाँव तक विकास पहुँचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन की सरकार में मातृशक्ति को विशेष सम्मान मिला है।  मंत्री  कश्यप ने कहा कि ग्राम पंचायत चमिया में 30 लाख रुपए की लागत से ‘महतारी सदन’ का निर्माण किया जाएगा। यह भवन महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा, जहाँ स्व-सहायता समूहों की महिलाएँ प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी और रोजगार के नए अवसर पाएंगी। इसके अलावा, ग्राम बड़े अलनार में 6.10 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण और छोटे अलनार में 12.40 लाख रुपए की लागत से उचित मूल्य दुकान भवन का निर्माण किया जाएगा। मंत्री  कश्यप ने कहा कि महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे इन कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने में सहयोग दें। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान, अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की विद्यार्थियों से मुलाकात, सफलता के लिए अनुशासन और लगन पर दिया जोर

रायपुर प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री  गजेन्द्र यादव आज अपने अछोटी प्रवास के दौरान मुड़पार गांव में विद्यालय जा रहे विद्यार्थियों से अनौपचारिक रूप से मिले। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके शैक्षणिक अनुभवों, पढ़ाई की स्थिति तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। मंत्री  यादव ने बच्चों की जिज्ञासापूर्ण बातें सुनीं और उन्हें जीवन में अनुशासन, मेहनत एवं लगन को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है। जो विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करते हैं, वही आगे चलकर समाज और देश की उन्नति में योगदान देते हैं।  यादव ने आगे कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और समाज सेवा की भावना को भी विकसित करती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, नियमित अध्ययन करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए सदैव प्रयासरत रहें। इस दौरान मंत्री ने विद्यालयों की शिक्षकीय व्यवस्था, अध्ययन की स्थिति और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने क्षेत्र के शिक्षकों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करें, ताकि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहें। मंत्री  यादव ने मुड़पार के विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। इसके लिए सरकार निरंतर विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर कार्य कर रही है। मुलाकात के अंत में मंत्री  यादव ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे निडर होकर अपने सपनों का पीछा करें। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए सरकार निरंतर योजनाएँ बना रही है और उनके सफल क्रियान्वयन हेतु समाज के सहयोग की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा हर विद्यार्थी अपने जीवन में एक उद्देश्य निर्धारित करे और उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयत्न करे। यही सच्ची शिक्षा है।