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ब्रह्मपुत्र पर शक्ति का खेल: भारत का विशाल हाइड्रो प्रोजेक्ट चीन के लिए बड़ा संदेश

नई दिल्ली  भारत की बिजली योजना बनाने वाली संस्था, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने सोमवार को बताया कि ब्रह्मपुत्र बेसिन से 2047 तक 76 गीगावॉट से अधिक बिजली ट्रांसमिट करने के लिए एक योजना बनाई गई है. इस हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की कीमत 6.4 लाख करोड़ रुपये (77 अरब डॉलर) है. इसके जरिए देश में बढ़ती बिजली की मांगें पूरी की जाएंगी. इस योजना में पूर्वोत्तर के 12 छोटे-छोटे इलाकों में 208 बड़े जल विद्युत प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इन प्रोजेक्ट्स की कुल क्षमता 64.9 गीगावॉट है. साथ ही 11.1 गीगावॉट की पंप्ड-स्टोरेज बिजली बनाने वाली प्लांट्स भी इस योजना में हैं, जो जरूरत के समय बिजली स्टोर कर सकती हैं. ये प्रोजेक्ट भारत के लिए अहम क्यों है? ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत (चीन) से निकलती है और भारत-बांग्लादेश से होकर गुजरती है. इस नदी से भारत में खासकर अरुणाचल प्रदेश में बहुत ज्यादा बिजली पैदा की जा सकती है. यह इलाका चीन की सीमा के पास है. इसलिए इस क्षेत्र की जल और बिजली योजनाएं सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं. दरअसल, चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है. इस प्रोजेक्ट की कीमत लगभग 167 अरब डॉलर (लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये) है. डैम साल भर में 300 अरब यूनिट बिजली बनाएगा. भारत को डर है कि चीन के यारलुंग ज़ांग्बो नदी पर बने बांध से शुष्क मौसम में भारत में पानी की आपूर्ति 85% तक कम हो सकती है. ब्रह्मपुत्र बेसिन में अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और पश्चिम बंगाल के हिस्से आते हैं. भारत के कुल जल विद्युत संसाधन का 80% से ज्यादा इसी क्षेत्र में है. इसमें अरुणाचल प्रदेश अकेला 52.2 गीगावॉट क्षमता रखता है. पहला फेज 2035 तक पूरा होगा इस योजना की पहली चरण 2035 तक पूरी होगी, जिसकी लागत लगभग 1.91 लाख करोड़ रुपये है. दूसरे चरण पर 4.52 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे. योजना में NHPC, NEEPCO और SJVN जैसी केंद्रीय कंपनियां भी शामिल हैं. भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा उत्पादन और 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है. यह योजना देश को स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा देगी.  

महंगाई पर ब्रेक! GST कम होने से खुदरा मुद्रास्फीति में 8 साल का सबसे बड़ा झटका

नई दिल्ली  खुदरा मुद्रास्फीति दर सितंबर में कम होकर 1.54 प्रतिशत हो गई है। यह महंगाई का जून 2017 के बाद सबसे निचला स्तर है। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में दी गई। सितंबर में खुदरा महंगाई दर में अगस्त के मुकाबले 0.53 प्रतिशत की कमी आई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से बताया गया कि खाद्य महंगाई दर सितंबर में -2.28 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर -2.17 प्रतिशत और शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर -2.47 प्रतिशत रही है। खाद्य महंगाई दर अगस्त में 0.64 प्रतिशत थी। महंगाई दर में कमी की वजह जीएसटी सुधार को माना जा रहा है, जिससे देश में दैनिक उपभोग से लेकर गाड़ियों तक की कीमतों में कमी देखी गई है। सरकार की ओर से बताया गया कि सितंबर में आवासीय मुद्रास्फीति 3.98 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त में 3.09 प्रतिशत थी। शिक्षा मुद्रास्फीति की दर सितंबर में 3.44 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त 2025 में 3.60 प्रतिशत थी। परिवहन और संचार में मुद्रास्फीति दर सितंबर 2025 में कम होकर 1.82 प्रतिशत हो गई है, जो कि अगस्त 2025 में 1.94 प्रतिशत थी। ईंधन और ऊर्जा में खुदरा मुद्रास्फीति दर सितंबर में 1.98 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त में 2.32 प्रतिशत थी। इस महीने की शुरुआत में आरबीआई एमपीसी के फैसलों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 26 के लिए महंगाई दर अनुमान को घटा दिया है। केंद्रीय गवर्नर ने वित्त वर्ष 26 (चालू वित्त वर्ष) के लिए रिटेल महंगाई दर के अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया, जो कि अगस्त एमपीसी में 3.1 प्रतिशत पर था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के लिए महंगाई दर के अनुमान को 2.1 प्रतिशत से घटाकर 1.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के अनुमान को 3.1 प्रतिशत से घटाकर 1.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 4 प्रतिशत कर दिया है। आरबीआई ने अनुमान में आगे बताया कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में महंगाई 4.5 प्रतिशत रह सकती है।

टेक और सुरक्षा पर जोर: भारत-कनाडा ने किए अहम समझौते

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद ने सोमवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। भारत-कनाडा की साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए दोनों नेताओं ने आवश्यक तंत्रों को 'पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित' करने पर चर्चा की। इसके साथ ही एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर सहमति जताई। भारत-कनाडा की ओर से जारी किए गए संयुक्त बयान में, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अनीता आनंद ने सहयोग करने, सूचना और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी-अपनी जलवायु महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने पर सहमति जताई। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, भारी उद्योगों का कार्बन-मुक्तिकरण, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी, रसायनों के सुदृढ़ प्रबंधन का समर्थन और सतत उपभोग सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, दोनों देशों ने एआई और डिजिटल अवसंरचना सहित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नए आयाम खोलने के लिए सहयोग बढ़ाने पर हामी भरी है। संयुक्त बयान में कहा गया है, "लोगों के बीच संबंध, आपसी समझ को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक सहयोग के निर्माण के लिए, दोनों पक्ष शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यावसायिक गतिशीलता में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए। उभरती प्रौद्योगिकियों (जैसे एआई, साइबर सुरक्षा और फिनटेक) में अनुसंधान साझेदारी पर जोर दिया जाएगा और विदेशी परिसरों के माध्यम से भारत में कनाडाई शैक्षणिक उपस्थिति का विस्तार किया जाएगा। इसमें कनाडा-भारत शैक्षणिक नेटवर्क और संस्थागत संबंधों को विस्तारित करने के लिए उच्च शिक्षा पर संयुक्त कार्य समूह को पुनर्जीवित करना भी शामिल है।" दोनों नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिसके तहत अधिक प्रभावी और समावेशी बहुपक्षीय संस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए काम किया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद, जयशंकर ने कहा कि उन्होंने और अनीता आनंद ने वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति अपनी प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज नई दिल्ली में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हुई। हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक तंत्रों को पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करने हेतु रचनात्मक चर्चा हुई। वैश्विक घटनाक्रमों और साझा चुनौतियों के प्रति हमारी प्रतिक्रियाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हम एक महत्वाकांक्षी सहयोग रोडमैप पर भी सहमत हुए और अपने सहयोग के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का नेतृत्व करने पर सहमत हुए ताकि यह हमारे नेताओं की अपेक्षाओं और हमारे लोगों के हितों को पूरा कर सके।"

मेधावी प्रशिक्षणार्थियों की मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सौजन्य भेंट, ITI में चमकी प्रतिभा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) के मेधावी प्रशिक्षणार्थियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी होनहार प्रशिक्षणार्थियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल सहित कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल जिले की सुश्री त्रिशा तावड़े (ऑल इंडिया में केंद्रीय जोन की टॉपर), भोपाल जिले की सुश्री चंचल सैवारिक (ऑल इंडिया में ट्रेड कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (VI & OD) में महिला टॉपर), जबलपुर जिले की सुश्री पूजा जाटव (ऑल इंडिया में ट्रेड ड्रोन तकनीशियन में महिला टॉपर), उज्जैन जिले के श्री श्याश महेश्वरी (ऑल इंडिया में ट्रेड फैशन डिजा़इन एंड टेक्नोलॉजी में पुरुष टॉपर, बालाघाट जिले के श्री अमन गजभिये (ऑल इंडिया में ट्रेड मेसन बिल्डिंग कंस्ट्रक्टर में पुरुष टॉपर) जबलपुर जिले की सुश्री श्रुति विश्वकर्मा (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक (ट्रैक्टर) में महिला टॉपर, बैतूल जिले के श्री अरविंद कुमरे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में पुरुष टॉपर), बैतूल जिले की सुश्री निकिता तायवडे (ऑल इंडिया में ट्रेड मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर में महिला टॉपर), भोपाल जिले के श्री अभिजीत सिंह सिसोदिया (ऑल इंडिया में ट्रेड मिल्क एवं मिल्क प्रोडक्ट तकनीशियन में पुरुष टॉपर) एवं खरगोन जिले के श्री शिवम यादव (ऑल इंडिया में ट्रेड स्टेनोग्राफर एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (हिंदी) में पुरुष टॉपर) ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने इन प्रशिक्षणार्थियों की विशिष्ट उपलब्धियों से अवगत कराया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त तीन शिक्षकों ने भी की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सोमवार को मंत्रालय में ही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 प्राप्त मध्यप्रदेश के तीन शिक्षकों ने भी सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।  

भारत मंडपम में चमका मध्यप्रदेश, गति शक्ति के मंच पर राज्य की तकनीकी पहल को मिली सराहना

डेटा और पारदर्शिता से गढ़ रहे हैं प्रदेश का भविष्य भोपाल भारत मंडपम में सोमवार को उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में देशभर के मंत्रालयों, राज्यों, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की इस दूरदर्शी पहल की उपलब्धियों को साझा करना और इससे जुड़े नए तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित करना था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 13 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत “एक भारत – एक योजना” के विजन के साथ की थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना था जिससे योजना निर्माण, समन्वय और क्रियान्वयन में गति और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना भारत की विकास यात्रा का मजबूत इंजन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नीति नहीं बल्कि ‘Whole-of-Government Approach’ का जीवंत उदाहरण है, जहाँ सभी मंत्रालय और राज्य एक साझा लक्ष्य की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। श्री गोयल ने बताया कि अब तक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 13.59 लाख करोड़ रूपये की 293 बड़ी परियोजनाएँ मूल्यांकित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि गति शक्ति योजना ने योजना और निष्पादन के बीच की दीवारें तोड़ दी हैं और भारत को विकास के नए युग में प्रवेश कराया है। उन्होंने विशेष रूप से मध्यप्रदेश सरकार और लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की सराहना करते हुए कहा की “मध्यप्रदेश ने दिखाया है कि जब तकनीक, दृष्टि और निष्ठा एक साथ आती हैं तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। श्री राकेश सिंह जी और उनकी टीम ने गति शक्ति के सिद्धांतों को जमीनी स्तर पर उतारकर एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे अन्य राज्य भी प्रेरणा ले सकते हैं।” राज्य मंत्री श्री जतिन प्रसाद ने कहा पीएम गतिशक्ति विकसित भारत 2047 की नीव रखने वाला एम महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रधान मंत्री जी की दूर दृष्टि का ही परिणाम है की आज हम पीएम गतिशक्ति के चौथी वर्षगांठ मे इन उपलब्धियों को सेलिब्रेट कर रहें है।   गति शक्ति ने सड़क निर्माण को विज्ञान और तकनीक से जोड़ा : मंत्री श्री राकेश सिंह मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की “गति शक्ति” योजना ने न केवल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण को तेज किया है बल्कि राज्य सरकारों को भी तकनीक आधारित निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग ने भास्कराचार्य राष्ट्रीय संस्थान (BISAG–N) के सहयोग से गति शक्ति प्लेटफॉर्म को अपनी कार्यप्रणाली का हिस्सा बना लिया है। इससे विभाग में पारदर्शिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जवाबदेही में अभूतपूर्व सुधार आया है। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग ने “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल ऐप” विकसित किया है, जिसके माध्यम से प्रत्येक पुल, सड़क और भवन की स्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। अब इंजीनियरिंग टीमों से लेकर मुख्यालय तक, हर स्तर पर कार्य की स्थिति रियल टाइम में देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अब तक राज्य की 95% सड़कों की GIS आधारित मैपिंग पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया से सड़कों के वास्तविक नेटवर्क और स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो गई है। मंत्री श्री सिंह ने कहा की गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य में सात नए ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट भी चिन्हित किए गए हैं, जिन पर डीपीआर निर्माण का कार्य जारी है। अब सड़कें केवल जनसंख्या या यातायात के आधार पर नहीं, बल्कि भूमि, पर्यावरणीय संतुलन और भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखकर तय की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गति शक्ति पोर्टल की मदद से अब बजट में दोहराव वाली सड़क परियोजनाओं की पहचान संभव हो पाई है। पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर बजट के लिए प्रस्तावित सड़कों को मार्क करके न सिर्फ ड्यूप्लकैशन को पहचान जा सकता है बल्कि सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति मे भौगोलिक संतुलन भी बेहतर रूप मे स्थापित किया जा सकता है। मंत्री श्री सिंह ने बताया की लोक निर्माण विभाग की लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली (LPPP) और रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम (RAMS) को गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसी भी सड़क की निर्माण प्रगति और रखरखाव की स्थिति एक क्लिक पर देखी जा सकेगी। विभाग ने “लोकपथ मोबाइल ऐप” को भी गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और उनका समाधान ऑनलाइन देख पाएंगे। इस ऐप से सड़क मरम्मत, गड्ढों की स्थिति और कार्य की प्रगति की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी। अब विभाग में सड़क निर्माण की समयसीमा पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर तय की जाएगी। पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म पर तैयार हो रहे विशेष मॉड्यूल का उपयोग कर मिट्टी, मौसम, स्थलाकृति और ऐतिहासिक डेटा के विश्लेषण से यह तय किया जाएगा कि किस इलाके में कौन सा कार्य कितने समय में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग ने अगस्त 2025 में 1632 इंजीनियरों को गति शक्ति प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित किया है जिससे वे एलाइनमेंट निर्धारण, डिजाइनिंग और डीपीआर सत्यापन जैसे तकनीकी कार्यों में दक्ष बन सकें। गुणवत्ता निगरानी में नया मॉडल — रैंडम इंस्पेक्शन से जवाबदेही बढ़ी मंत्री श्री सिंह ने बताया कि विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रैंडम इंस्पेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। हर माह की 5 और 20 तारीख को मुख्य अभियंताओं की टीमें जिलों में जाकर निरीक्षण करती हैं और निरीक्षण स्थलों का चयन रैंडम सॉफ्टवेयर से होता है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि गतिशक्ति पोर्टल की सहायता से अब इन निरीक्षणों और भी बेहतर और जवाबदेह बनाया जा रहा है। अपने संबोधन में श्री राकेश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से मध्य प्रदेश आज गति शक्ति के क्षेत्र में “लीडर स्टेट” के रूप में अपनी … Read more

बडगाम-नगरोटा: J&K की इन दो सीटों पर उपचुनाव, जानें प्रक्रिया और तारीखें

जम्मू-कश्मीर  भारत के चुनाव आयोग ने सोमवार को बडगाम और नगरोटा विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही इन दोनों सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 22 अक्टूबर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर तय की गई है। इन दोनों सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा और वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। 

हरियाणा में बड़ा बदलाव: मामूली अपराधों पर अब जेल जाने की जरूरत नहीं

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने छोटे तकनीकी और प्रक्रियागत चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए जुर्माना और प्रशासनिक कार्रवाई के विकल्प को मंजूरी दे दी है। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अध्यादेश-2025 को लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।  इस अध्यादेश के तहत 17 विभागों के 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया जाएगा। छोटे अपराधों के लिए अब जेल की बजाय चेतावनी और सुधार का मौका मिलेगा, जिससे राज्य में कारोबार करना और नियमों का पालन करना आसान होगा। यह अध्यादेश केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2025 में पारित बिल पर आधारित है, जिसका उद्देश्य नियामक बाधाओं को कम कर जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और कारोबार को सरल बनाना है। कैबिनेट ने हरियाणा मानव इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस एवं एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत राज्य नियम बनाने को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत छह प्रशासनिक प्रभागों के आयुक्त लोकपाल के रूप में नियुक्त होंगे, जो एचआईवी और एड्स पीड़ितों की शिकायतों का निपटारा करेंगे। रोहतक, हिसार, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अंबाला में नियुक्त लोकपाल संबंधित जिले के सिविल सर्जनों के समन्वय से काम करेंगे। साथ ही, सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं एआरटी केंद्रों में रेट्रोवायरल थैरेपी (ART) दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। 

Defender का नया अवतार बाजार में आया, पावरफुल परफॉर्मेंस और लग्ज़री लुक का परफेक्ट कॉम्बो

नई दिल्ली ब्रिटिश ऑटोमेकर लैंड रोवर ने भारत में अपनी आइकॉनिक एसयूवी का स्पेशल वर्ज़न Defender 110 Trophy Edition लॉन्च कर दिया है. आकर्षक लुक और पावरफुल इंजन से लैस इस स्पेशल एडिशन एसयूवी की कीमत 1.3 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. यह लिमिटेड-एडिशन मॉडल खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जिन्हें एडवेंचर और ऑफ-रोडिंग का शौक है. खास लुक और एक्सक्लूसिव एडिशन डिफेंडर ट्रॉफी एडिशन दो नए कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगी. जिसमें डीप सनग्लो येलो और केस्विक ग्रीन कलर शामिल है. लुक और डिज़ाइन की बात करें तो इसमें ब्लैक-आउट रूफ, बोनट, स्कफ प्लेट्स, व्हील आर्चेज और साइड क्लैडिंग दी गई है जो इसे और भी मस्क्युलर लुक देती है. बोनट और C-पिलर पर खास Trophy Edition डेकल्स भी नज़र आते हैं जो इसे और भी यूनिक स्टाइल देते हैं. इस लिमिटेड एडिशन वर्ज़न में 20-इंच ग्लॉस ब्लैक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जिन पर ग्राहक ऑल-सीज़न या ऑल-टेरेन टायर्स का विकल्प चुन सकते हैं. साथ ही, ऑफ-रोडिंग के लिए ऑप्शनल ऐक्सेसरीज़ भी दी जा रही हैं जैसे कि हेवी-ड्यूटी रूफ रैक, ब्लैक डिप्लॉयबल साइड लैडर, साइड पैनियर्स और ब्लैक स्नॉर्कल. इसके अलावा खरीदार अपनी गाड़ी को स्क्रैच से बचाने के लिए दोनों रंगों में मैट प्रोटेक्टिव फिल्म का विकल्प भी चुन सकते हैं. कैसा है एसयूवी का इंटीरियर  कैबिन के अंदर इबोनी विंडसर लेदर सीट्स, डोर सिल्स पर Trophy ब्रांडिंग वाले LED प्लेट्स, और डैशबोर्ड के क्रॉसबीम पर एक्सटीरियर कलर की फिनिश दी गई है. वहीं, इसके लेज़र-एच्च्ड एंडकैप्स पर भी ट्रॉफी के बैजिंग को बारीकी से उकेरा गया है. कंपनी ने इसके केबिन को प्रीमियम बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.  इंजन और परफॉर्मेंस Defender 110 Trophy Edition में 3.0-लीटर इनलाइन-6 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड डीज़ल इंजन दिया गया है, जो 350hp की पावर और 700Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसके साथ 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और स्टैंडर्ड फोर-व्हील-ड्राइव सिस्टम मिलता है. कंपनी के मुताबिक यह एसयूवी महज 6.4 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 191 किमी/घंटा तक जाती है. क्या है 'Trophy Edition' की कहानी? असल में, ट्रॉफी एडिशन की जड़ें 1980 में शुरू हुए कैमल ट्रॉफी (Camel Trophy) इवेंट से जुड़ी हैं, जिसे ‘The Olympics of 4×4’ भी कहा जाता था. इस इंटरनेशनल ऑफ-रोडिंग कंपटीशन में शुरुआती वर्षों में जीप का इस्तेमाल हुआ, लेकिन बाद में लैंड रोवर इसका ऑफिशिलयल व्हीकल पार्टनर बन गया. लैंडरोवर के लगभग सभी मॉडल, जैसे रेंज रोवर, सीरीज थ्री, लैंड रोवर 90, डिफेंडर, डिस्कवरी और फ्रीलैंडर इस ट्रॉफी में इस्तेमाल किए गए थे. इन्हीं वाहनों का क्लासिक 'Sandglow' कलर स्कीम आज की नई डिफेंडर 110 ट्रॉफी एडिशन में दोबारा देखने को मिलता है. कुल मिलाकर, यह SUV सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि Land Rover की उस ग्लोरी का जश्न है जिसने दशकों तक ऑफ-रोडिंग को एक कला में तब्दील किया है.

बाढ़ की जिम्मेदारी भूटान पर, ममता बनर्जी ने मुआवजे की मांग की

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि पड़ोसी देश भूटान से बहकर आने वाले पानी के कारण उत्तर बंगाल में बाढ़ आयी और उन्होंने भूटान से मुआवजे की मांग की। राहत एवं पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रही मुख्यमंत्री बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में कहा कि भूटान से विभिन्न नदियों के माध्यम से बहकर आने वाले वर्षा जल के कारण यह क्षति हुई है। बनर्जी ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, ‘‘भूटान से आने वाले पानी के कारण हमें नुकसान हुआ है हम चाहते हैं कि वे हमें मुआवजा दें।" उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले कुछ समय से भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग के गठन पर जोर दे रही हूं और मेरी मांग है कि पश्चिम बंगाल को भी इसका हिस्सा बनाया जाए। हमारे दबाव में इस महीने की 16 तारीख को एक बैठक होनी है और हमारे अधिकारी उसमें शामिल होंगे।'' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य को आपदाओं से निपटने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित रखा है। बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा के बामनडांगा क्षेत्र में कई राहत शिविरों का दौरा किया, जो चार अक्टूबर को हुई भारी बारिश के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। इससे इस क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी और दार्जिलिंग तथा उसके निचले इलाकों के ऊपरी इलाकों में जान-माल की व्यापक क्षति हुई थी। पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। प्राकृतिक आपदा के बाद बनर्जी उत्तर बंगाल के अपने दूसरे दौरे पर हैं। वह शुक्रवार तक वहां रहेंगी। राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री बनर्जी पांच अक्टूबर से चार दिनों के लिए उत्तर बंगाल में थीं।    

PF में अच्छा न्यूज़! वित्त मंत्रालय ने तय की नई ब्याज दर, आपका रिटर्न अब 7.1%

नई दिल्ली  सरकारी कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ मानी जाने वाली सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) योजना के ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर 2025) के लिए जीपीएफ पर ब्याज दर को 7.1 प्रतिशत पर यथावत रखने का औपचारिक निर्णय लिया है। यह घोषणा कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है, क्योंकि ब्याज दर स्थिर रहने से उनकी बचत पर मिलने वाला रिटर्न सुरक्षित रहेगा। GPF Scheme  क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण? जीपीएफ भारत में केंद्र और राज्य सरकार के स्थायी कर्मचारियों के लिए एक अनिवार्य बचत योजना है, जो रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा मुहैया कराती है। इस योजना में कर्मचारी अपनी मासिक तनख्वाह का एक हिस्सा, सामान्यतः कम से कम 6 प्रतिशत, अपने खाते में जमा करते हैं। इसके ऊपर सरकार द्वारा निश्चित ब्याज दर पर अतिरिक्त लाभ दिया जाता है, जो तिमाही आधार पर तय होता है। यह योजना सुरक्षित होने के साथ-साथ टैक्स फ्री ब्याज प्रदान करती है, जिससे कर्मचारियों को एक भरोसेमंद और गारंटीड रिटर्न मिलता है। रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को इस खाते में जमा पूंजी समेत ब्याज की पूरी राशि मिलती है, जो आर्थिक तौर पर उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है। कौन-कौन से फंड्स पर लागू होती है यह ब्याज दर? 7.1% ब्याज दर सिर्फ सामान्य भविष्य निधि तक सीमित नहीं है। यह कई अन्य सरकारी फंड्स जैसे: -अंशदायी भविष्य निधि (भारत) -अखिल भारतीय सेवा भविष्य निधि -राज्य रेलवे भविष्य निधि -रक्षा सेवा अधिकारी भविष्य निधि -सामान्य भविष्य निधि (डिफेंस सर्विस) पर भी लागू होती है। साथ ही, सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर भी इस दर से ब्याज मिलता है, जो आम नागरिकों के लिए खुली दीर्घकालिक बचत योजना है।   अन्य बचत योजनाओं की वर्तमान ब्याज दरें वहीं, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए डिज़ाइन की गई कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की ब्याज दर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.25 प्रतिशत है, जो जीपीएफ की तुलना में थोड़ी अधिक है। नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस), जो बाजार आधारित निवेश योजना है, में रिटर्न निश्चित नहीं होते लेकिन लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना होती है। सरकार ने हाल ही में अन्य छोटी बचत योजनाओं की भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिनमें सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र शामिल हैं।