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कीमतों में जोरदार उछाल: MCX पर चांदी ₹6000 महंगी, सोना भी पहुंचा नई ऊंचाई पर

इंदौर   14 अक्टूबर 2025 को कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में 4.00% की बड़ी बढ़त दर्ज की गई और यह 6,185.00 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी का ट्रेडिंग वॉल्यूम इस दौरान 1,60,830 यूनिट्स का रहा, जो बाजार में निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है। वहीं, सोना भी पीछे नहीं रहा। MCX पर सोने की कीमत 1.45% की तेजी के साथ 1,807.00 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गई। कुल 1,26,451 यूनिट्स के साथ सोने में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में चल रही अनिश्चितता, डॉलर की कमजोरी और जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी की ओर बढ़ा है। इस तेजी से निवेशकों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं ज्वेलरी सेक्टर और उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी थोड़ी चिंता का कारण बन सकती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है।

सेमीकंडक्टर विवाद: इस देश ने लिया चीन की बड़ी चिप कंपनी का नियंत्रण

एम्स्टर्डम वैश्विक व्यापार युद्ध के बीच नीदरलैंड्स सरकार ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए चीन की विंगटेक टेक्नोलॉजी के स्वामित्व वाली डच चिपमेकर कंपनी नेक्स्पेरिया का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। यह कदम डच आर्थिक मामलों के मंत्रालय द्वारा “गुड्स अवेलेबिलिटी एक्ट के तहत उठाया गया है, ताकि देश में आवश्यक चिप्स की सप्लाई और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नेक्स्पेरिया में “गंभीर प्रशासनिक खामियों के हालिया और तात्कालिक संकेत” मिले हैं, जो नीदरलैंड्स और यूरोप की तकनीकी क्षमताओं के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। बयान में कहा गया कि “इन क्षमताओं का नुकसान डच और यूरोपीय आर्थिक सुरक्षा के लिए जोखिम साबित हो सकता है,” विशेष रूप से ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए, जो चिप्स पर भारी निर्भर करता है। चिप उद्योग में रणनीतिक हस्तक्षेप नीजमेगन में मुख्यालय वाली नेक्स्पेरिया दुनिया की प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों में से एक है, जो मुख्यतः सरल कंप्यूटर चिप्स (जैसे डायोड और ट्रांजिस्टर) बनाती है। साथ ही यह कंपनी “वाइड गैप” सेमीकंडक्टर तकनीक पर भी काम करती है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग सिस्टम्स और एआई डेटा सेंटर्स में होता है। नीदरलैंड्स सरकार का कहना है कि यह हस्तक्षेप “अत्यंत असाधारण” स्थिति में किया गया है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में चिप आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए। यह निर्णय सितंबर में लागू किया गया था, लेकिन इसकी औपचारिक घोषणा अब की गई है। अमेरिका-चीन तनाव की पृष्ठभूमि में निर्णय यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के निर्यात पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। हालांकि डच आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने अमेरिकी दबाव से इनकार करते हुए इसे “सिर्फ एक संयोग” बताया, लेकिन यह निर्णय उस व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है जिसमें अमेरिका और नीदरलैंड्स दोनों चिप उद्योग पर निर्यात नियंत्रण को लेकर करीबी सहयोग कर रहे हैं। उधर, बीजिंग ने हाल ही में रेयर अर्थ एलिमेंट्स और मैग्नेट्स के निर्यात पर नियंत्रण लगाया है, जो यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए बेहद अहम हैं। इससे यूरोप-चीन व्यापारिक रिश्तों में और तनाव आ सकता है। विंगटेक पहले से अमेरिकी निगरानी सूची में गौरतलब है कि विंगटेक टेक्नोलॉजी को दिसंबर 2024 में अमेरिका ने अपनी “एंटिटी लिस्ट” में शामिल किया था। आरोप था कि कंपनी “संवेदनशील सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमताओं वाली संस्थाओं को हासिल करने के चीन सरकार के प्रयासों में सहायता” कर रही है। विंगटेक की तीखी प्रतिक्रिया इस फैसले पर विंगटेक ने नाराजगी जताई है। कंपनी ने अपने अब हटाए गए वीचैट पोस्ट में डच सरकार के कदम को “भू-राजनीतिक पक्षपात से प्रेरित अत्यधिक हस्तक्षेप” बताया। विंगटेक ने कहा कि उसने 2019 में नेक्स्पेरिया के अधिग्रहण के बाद से सभी स्थानीय कानूनों का पालन किया है और उसके यूरोप में हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं- जिनमें नीदरलैंड्स, जर्मनी और ब्रिटेन शामिल हैं। नेक्स्पेरिया की प्रतिक्रिया और प्रभाव नेक्स्पेरिया के प्रवक्ता ने CNBC से कहा कि कंपनी सभी नियमों का पालन कर रही है और नियमित रूप से अधिकारियों के संपर्क में है, लेकिन उन्होंने आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार किया। इस घोषणा के बाद शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में विंगटेक के शेयर 10% की गिरावट के साथ अपने दैनिक सीमा तक लुढ़क गए। कंपनी की एक कॉर्पोरेट फाइलिंग (13 अक्टूबर) के अनुसार, अब नेक्स्पेरिया अस्थायी बाहरी प्रबंधन के अधीन है, जिसमें एक वर्ष तक कंपनी की परिसंपत्तियों, व्यवसाय या कर्मचारियों में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विंगटेक के चेयरमैन झांग शुएझेंग को नेक्स्पेरिया में उनकी सभी भूमिकाओं से निलंबित कर दिया गया है, हालांकि कंपनी के दैनिक कार्य सामान्य रूप से जारी रहेंगे। बढ़ते यूरोप-चीन व्यापार तनाव इससे पहले 2023 में नीदरलैंड्स सरकार ने नेक्स्पेरिया द्वारा चिप स्टार्टअप “Nowi” के अधिग्रहण की जांच की थी, जिसे बाद में मंजूरी दे दी गई थी। लेकिन अब यह नया कदम चीन-नीदरलैंड्स व्यापारिक रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है, खासकर उस पृष्ठभूमि में जब डच कंपनी ASML को चीन को उन्नत चिप-मेकिंग उपकरणों के निर्यात पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था। जैसे-जैसे वैश्विक व्यापार युद्ध और तकनीकी प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, नीदरलैंड्स सरकार का यह अभूतपूर्व कदम इस बात को रेखांकित करता है कि सेमीकंडक्टर अब केवल एक औद्योगिक उत्पाद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा का मूल स्तंभ बन चुके हैं।

जावेद अख्तर भड़के: भारत में तालिबानी मंत्री के स्वागत और दारुल उलूम देवबंद पर की तीखी टिप्पणी

मुंबई गीतकार जावेद अख्तर ने तालिबानी नेता आमिर खान मुत्ताकी का गर्मजोशी से स्वागत किए जाने पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने भारत सरकार की ओर से अफगान तालिबान के विदेश मंत्री को मिले रिसेप्शन पर ऐतराज जताते हुए कहा कि यह देखते हुए मेरा तो सिर शर्म से झुक गया। उन्होंने कहा कि यह स्वागत उन लोगों ने किया है, जो हर तरह के आतंकवाद की आलोचना करने की बात करते हैं। आमिर खान मुत्ताकी फिलहाल 6 दिनों के भारत दौरे पर हैं। 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता संभाली थी और तब से यह पहला मौका है, जब किसी अफगान सरकार के किसी प्रतिनिधि ने भारत का दौरा किया है। जावेद अख्तर ने एक्स पर लिखा, 'दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी समूह तालिबान के प्रतिनिधि को हर तरह के आतंकवादियों के ख़िलाफ़ मंच पर बोलने वालों द्वारा दिए गए सम्मान और स्वागत को देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया। देवबंद को भी शर्म आनी चाहिए कि उसने अपने 'इस्लामिक हीरो' इस तरह से स्वागत किया। यह ध्यान रखना चाहिए कि तालिबान उन लोगों में से एक है, जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मेरे भारतीय भाइयों और बहनों! हमारे साथ क्या हो रहा है?' एक यूजर ने उलटे पूछ लिया- आप पाकिस्तान क्यों गए थे? उनकी इस बात का कई लोगों ने स्वागत किया है तो कुछ ने सवाल भी उठाए हैं। एक्स पर एक यूजर ने लिखा है कि आप तो पाकिस्तान जाकर सेलिब्रेशन तक करते हैं, जिसने भारत में आतंकवाद फैलाया था। उमर अब्बास हयात नाम के यूजर ने लिखा, 'आप पाकिस्तान में क्या कर रहे थे, जबकि पाकिस्तान ने हमारे ऊपर 26/11 हमला किया और पुलवामा अटैक कराया? सेलिब्रेशन कर रहे थे ना? अब जब भारत अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल कर रहा है तो आपको क्या परेशानी है।'वहीं कुछ लोगों ने तालिबानी नेता के स्वागत पर सवाल उठाए हैं और जावेद अख्तर की बात की प्रशंसा की है। बता दें कि तालिबान के नेता ने देवबंद का भी दौरा किया था और वहां उनका काफी गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ था।  

त्योहारों में घर जाना हुआ आसान: यूपी में दीपावली और छठ के लिए चलेंगी अतिरिक्त बसें

बलरामपुर दीपावली एवं छठ पूजा को लेकर परिवहन निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। दिल्ली, कानपुर व प्रयागराज, समेत 14 मार्गाें पर बसों का संचालन बढ़ाया जाएगा। जिस मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी उस मार्ग पर और बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। दीपावली व छठ पूजा में यात्रियों की सुविधा को लेकर परिवहन निगम ने सभी रूटों पर रोडवेज बसों के संचालन की कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बसों का संचालन करने की बात निगम के अधिकारी कह रहे है।   दिल्ली मार्ग पर 10 से बढ़ाकर 14 बसों का संचालन किया जाएगा। इसी तरह कानपुर मार्ग पर 22 से 30, बहराइच-लखनऊ मार्ग पर आठ से 10, गोंडा, लखनऊ मार्ग पर 10 से 12, अयोध्या मार्ग पर छह से 10, वाराणसी मार्ग पर दो से चार व प्रयागराज मार्ग पर चार बढ़ाकर पांच बसें कर दी गई हैं। वहीं, बस्ती मार्ग पर एक से दो, बलरामपुर,गोंडा-बढ़नी रूट पर पांच, बहराइच मार्ग पर 10 इसी तरह उतरौला मार्ग पर रोडवेज बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। इससे सफर करने वाले यात्रियों को आसानी होगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपीनाथ दीक्षित ने बताया कि वर्तमान में 101 बसाें का बेड़ा हैं। दीपावली व छठ पूजा को देखते हुए सभी मार्गों पर बसों का संचालन बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने पर बढ़ाई गई बसों का संचालन किया जाएगा।  

देश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ IIT पटना, मिला छठा स्थान, वर्ल्ड रैंकिंग में भी शानदार जगह

पटना  आईआईटी पटना ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का लोहा मनवाया है। प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में संस्थान को विश्वस्तर पर 601–800 रैंक बैंड में जगह मिली है। देश के सभी आईआईटी में आईआईटी पटना छठे स्थान पर रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे आईआईटी पटना परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, यह सफलता हमारे शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और पूर्व छात्रों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। यह हमारी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में विश्वविद्यालयों को शिक्षण, शोध, उद्योग सहयोग और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण जैसे कई मानकों पर परखा जाता है। आईआईटी पटना ने सभी मानकों पर संतुलित प्रदर्शन किया है। विशेष रूप से संस्थान को शोध गुणवत्ता में 70.4 का उत्कृष्ट स्कोर प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, शिक्षण में 34.8, शोध परिवेश में 22.5, उद्योग सहयोग में 36.0 तथा अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण में 22.8 का स्कोर प्राप्त हुआ। संस्थान का कुल स्कोर 39.0 से 43.5 के बीच रहा, जो मुख्य शैक्षणिक और शोध मानकों में संतुलित प्रगति को दर्शाता है। आईआईटी पटना अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर लगातार अग्रसर है, जहां निरंतर विकास, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है।  

भोपाल में हवा हुई ज़हरीली: AQI 39 से बढ़कर 128, एक्सपर्ट बोले- हालात और बिगड़ सकते हैं

भोपाल  सांस और हार्ट के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है। शहर की हवा में प्रदूषण बढ़ने लगा है। सात दिन में प्रदूषण तीन गुना बढ़ गया है। हवा में धूल के साथ ओजोन गैस की मात्रा अधिक पाई गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आंकड़ों में यह बात सामने आई है। टीटी नगर में इसका असर सबसे अधिक है। हवा की गुणवत्ता जांचने शहर में सात स्थानों पर जांच हो रही है। इनमें तीन रियल टाइम मॉनिटरिंग हैं। एयर क्वालिटी रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को एक्यूआइ औसत 128 मापा गया है, जबकि 6 अक्टूबर को यह 39 था। इसमें पीएम 10 और ओजोन बड़ा कारण रहा। टीटी नगर, अरेरा कॉलोनी और ईदगाह हिल्स क्षेत्र में रियल टाइम जांच में हवा की यह रिपोर्ट सामने आई। ये हैं नुकसान -हवा में धूल-धुएं के बढ़ने से सबसे पहले नाक, गला और आंखों में जलन -फेफड़ों में सूजन की समस्या -कमजोर इम्युनिटी सिस्टम वालों को दिक्कत -हृदय पर तनाव बढ़ेगा ऐसे करें बचाव -सामान्य मास्क की जगह 95 मास्क का इस्तेमाल करें। -सुबह के समय धूल के कण अधिक होते हैं, इसलिए बचें। -इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए ताज़े फल और पानी ज्यादा पीएं। एक्सपर्ट बोले अभी और बिगड़ेगी स्थिति पर्यावरणविद् एसके दुबे के मुताबिक शहर में धूल उड़ है। टूटी सड़कें बड़ा कारण है, वहीं कचरा जलाने के मामले बढ़े हैं। यह ओजोन का स्तर बढऩे का कारण है। सर्दी बढ़ने के साथ हवा का प्रदूषण अभी और बढ़ेगा। एक्यूआर का स्तर बढ़ रहा है। धूल इसका प्रमुख कारण है। मौसम खुलने से धूल और धुंआ का स्तर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में पीएम 10 सहित वाहनों का धुआं एक्यूआइ बढ़ा रहा है। सर्दी बढऩे के साथ यह स्तर और बढ़ेगा। ब्रजेश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

BMW Group India की बिक्री में उछाल, अब तक 11,978 यूनिट्स बिकीं, SUVs का बढ़ा क्रेज

नई दिल्ली लग्जरी कार निर्माता कंपनी BMW Group India ने कैलेंडर वर्ष 2025 में अपनी मज़बूत वृद्धि दर जारी रखी है. बीते सितंबर माह में खत्म हुई तीन तिमाही में कंपनी ने 11,978 कारों और एसयूवी की बिक्री के साथ अब तक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की है. यह पिछले साल की इसी नौ महीने की अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी दिखाता है, जिससे कंपनी बिक्री के मामले में एक और सर्वश्रेष्ठ वर्ष दर्ज करने की स्थिति में पहुंच गई है. कैलेंडर वर्ष 2024 में कंपनी ने 15,721 कारों और एसयूवी की बिक्री की थी. बिक्री के विभाजन की बात करें तो BMW कारों और एसयूवी की नौ महीनों में 11,510 यूनिट्स बिकीं, जबकि MINI India की 468 यूनिट्स बिकीं. 2025 की तीसरी तिमाही में यह बिक्री 4,204 यूनिट्स की रही, जो पिछले साल की तुलना में 21 प्रतिशत ज्यादा है, और BMW ने GST 2.0 सुधारों के बाद मांग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है. बीती तिमाही के लिए कंपनी की व्यक्तिगत बिक्री 4,033 BMW कारों की रही, जबकि MINI की 171 यूनिट्स बेची गईं. BMW India ने सितंबर 2025 के लिए अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ बिक्री की भी सूचना दी, हालांकि कोई बिक्री आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए. इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग BMW Group India ने भारतीय बाजार में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत मांग की रिपोर्ट जारी रखी है और सितंबर 2025 तक BMW और MINI ब्रांडों की 2,509 यूनिट्स की बिक्री हुई है. यह साल-दर-साल 246 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है, और अब तक कैलेंडर वर्ष में बेचे गए सभी वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों का हिस्सा 21 प्रतिशत है. जुलाई-सितंबर तिमाही में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कुल 1,187 यूनिट्स की दर्ज की गई है. BMW Group India ने यह भी बताया कि 2025 की तीसरी तिमाही में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 5,000 यूनिट्स के आंकड़े को पार कर जाएगी. सबसे ज्यादा बिकी BMW 3 Series सेडान BMW ने 3 Series, 5 Series, 7 Series/i7 और BMW iX1 सहित अपनी लंबी व्हीलबेस कारों की रेंज की मांग में भी वृद्धि दर्ज की है. कंपनी ने बताया कि 2025 की तीसरी तिमाही के अंत तक भारतीय बाजार में बिकने वाली सभी कारों में लंबी व्हीलबेस मॉडल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होगी, जो 2025 की दूसरी तिमाही के अंत तक 47 प्रतिशत थी. 2025 के नौ महीनों में कुल बिक्री 5,720 यूनिट्स रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 169 प्रतिशत ज्यादा है. सेडान बाज़ार में, BMW 3 Series, BMW 5 Series की जगह कंपनी का सबसे ज़्यादा बिकने वाला मॉडल बन गया है. कंपनी की साल भर में बिकने वाली सभी कारों में BMW 3 Series की 16 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. इससे पहले, 2025 की पहली छमाही तक BMW के सेडान बिक्री चार्ट में BMW 5 Series सबसे आगे थी.

शांति की ओर बड़ा कदम: हमास ने किया बंधकों को रिहा, ट्रंप बोले– अब बदलेगा मिडिल ईस्ट

यरुशलम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने इजराय के यरुशलम में नेसेट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "अंधकार और कैद में दो कष्टदायक वर्षों के बाद 20 साहसी बंधक अपने परिवारों के पास लौट रहे हैं।" बता दें, करीब दो सालों तक इजरायल और हमास के बीच चले युद्ध के बीच सीजफायर का एलान किया गया है। इसी कड़ी में इजरायल ने ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को इजरायली संसद में भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ से की। उन्होंने कहा, "थैंक्यू वेरी मच, बीबी। ग्रेट जॉब।" यह भाषण उस ऐतिहासिक मौके पर हुआ जब हमास ने 20 बचे हुए बंधकों को रिहा कर दिया। यह रिहाई संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा कराई गए सीजफायर और बंधक सौदे का हिस्सा थी।   ट्रंप का बड़ा ऐलान इस दौरान ट्रंप ने कहा कि यह समझौता युद्ध के अंत और स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने इसे मिडिल ईस्ट का नया ऐतिहासिक सवेरा बताया। ट्रंप ने कहा, "यह एक सुनहरा दौर होगा इजरायल के लिए, ठीक वैसे ही जैसे अभी अमेरिका के लिए हैं।" दो साल बाद रुका युद्ध हमास द्वारा सभी 20 बंधकों कि रिहाई के साथ ही दो साल से चल रही जंग पर रोक लग गई। इस युद्ध ने गाजा के बड़े हिस्से को खंडहर में बदल दिया था और कई हजार फलिस्तीनियों की जान चली गई थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि युद्धविराम मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की दिशा में नया अध्याय खोलेगा।  

सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत FIR को, नेहा सिंह राठौर की मुश्किलें बढ़ीं

नई दिल्ली लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद उनके एक एक्स पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस मामले में दखल नहीं देना चाहते। बेंच ने नेहा की याचिका को खारिज करते हुए जांच जारी रखने का निर्देश दिया है। पूरा मामला क्या है? दरअसल, पूरा मामला पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। नेहा पर आरोप लगाया गया है कि उनके पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। नेहा ने एफआईआर को रद्द करने की गुहार लगाई थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। बता दें कि लखनऊ के गुडंबा के रहने वाले कवि अभय प्रताप सिंह ने नेहा के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज कराई है। नेहा के वकील की दलीलें और कोर्ट का फैसला अदालत ने कहा कि यह केवल एफआईआर रद्द करने से इनकार है, अब नेहा को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आरोपों में कोई सच्चाई न हो, तो निचली अदालत में अपनी सफाई पेश कर सकती हैं। नेहा के वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि वे ट्रायल का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन पर विद्रोह जैसी गंभीर धाराएं नहीं लगाई जा सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने इसका जवाब देते हुए कहा कि ये दलीलें ट्रायल या आरोप तय करने के दौरान दी जा सकती हैं। गौरतलब है कि इससे पहले नेहा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने और निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की अपील की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। नेहा पर लगाए गए आरोप उत्तर प्रदेश पुलिस ने नेहा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 196 (देश के विरुद्ध षड्यंत्र), 197 (राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ना), 152 (राज्य के विरुद्ध युद्ध की तैयारी), 353 (सार्वजनिक शांति भंग करने का उद्देश्य) और आईटी एक्ट की धारा 69ए (राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सूचना अवरोध) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। बाद में इसमें देशद्रोह से जुड़ी धाराएं भी शामिल कर ली गईं।  

सीट शेयरिंग में बराबरी, पर भाजपा का बढ़ता प्रभुत्व बना बड़ा सवाल

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। फॉर्मूले के तहत, भाजपा और जदयू इस बार 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। वहीं, एनडीए के सहयोगी दलों को 41 सीटें दी गई हैं। सहयोगी दलों में लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को 6-6 सीटें दी गई हैं। इस बार भाजपा और जदयू दोनों बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। इंफो इन डाटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "2025 के बिहार चुनावों में, भाजपा और जेडीयू प्रत्येक 101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि सहयोगी एलजेपी (आरवी), एचएएम और आरएलएम 41 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। पहली बार, भाजपा और जेडीयू दोनों बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, जो राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभुत्व और प्रभाव को दर्शाता है।" इससे पहले के सीट बंटवारे पर अगर हम नजर डालें तो 2005 के अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में जदयू 139 सीटों और भाजपा 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव में जदयू को 88 सीटों पर, जबकि भाजपा को 55 सीटों पर सफलता मिली थी। इसी तरह, 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू 141 और भाजपा 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। इस चुनाव में जदयू ने 115 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 91 सीटें मिलीं। 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और जदयू के रास्ते अलग-अलग हो गए थे। इस चुनाव में जदयू महागठबंधन के साथ थी और नीतीश कुमार ने राजद और कांग्रेस के सहयोग से सत्ता में वापसी की थी। इस चुनाव में भाजपा ने 157 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन केवल 53 सीटों पर ही जीत हासिल की थी। इसके अलावा, 86 सीटों पर एनडीए के सहयोगी दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें महज 5 सीटों पर ही जीत दर्ज की थी। वहीं, 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू 115 सीटों पर, भाजपा 110 सीटों पर और अन्य सहयोगी दल 18 सीटों पर चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में भाजपा ने 74 सीटों पर और जदयू ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा, सहयोगी दल 8 सीट जीतने में कामयाब रहे थे। हालांकि, 2025 में भाजपा और जदयू के बीच 101-101 सीटों का बराबर बंटवारा हुआ है। इस बदलाव से यह साफ है कि भाजपा बिहार की राजनीति में अब जूनियर पार्टनर नहीं रही। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह बराबरी का फॉर्मूला चुनावी मैदान में दोनों दलों के बीच समान साझेदारी का संदेश देगा।