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खंडवा सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से ई-बाइक में लगी आग, दो लोगों की दर्दनाक मौत

खंडवा राखड़ से भरे ट्रक ने फिर दो लोगों की जान ले ली। राखड़ से भरे ट्रक ने ई-बाइक को रौंद दिया। ई-बाइक सवार दोनों लोग ट्रक में दब गए इसके बाद ई-बाइक में आग लगने के कारण बाइक सवार दोनों लोग जिंदा जल गए। भीषण सड़क हादसा रविवार को इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मोरटक्का चौकी क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुआ। हादसे के बाद मोरटक्का चौकी पुलिस ने आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, पुलिस ने व्यवस्था संभाल जाम खुलवाया। भीषण सड़क हादसे ने दहला इलाका जिले के ओंकारेश्वर थाने अंतर्गत मोरटक्का पुलिस चौकी क्षेत्र में रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के अनुसार ट्रक संत सिंगाजी थर्मल पावर से राखड़ भरकर आ रहा था। तेज रफ्तार ट्रक ने ई-बाइक सवार बड़वाह निवासी 35 वर्षीय विनीत शर्मा जो खंडवा में सहायक कोषालय अधिकारी के पद पदस्थ थे व उनके मित्र 40 वर्षीय मोहसिन अली को अपनी चपेट ले लिया।   टक्कर के बाद पलटा ट्रक, बाइक सवार दबकर जिंदा जले ट्रक ने ई-बाइक को जोरदार टक्कर मारी इसके बाद ट्रक पलट गया। ट्रक के नीचे बाइक सहित सवार दो लोग भी दब गए। ई-बाइक में आग लग गई। जिससे बाइक सहित दोनों युवकों को बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। देखते-देखते दोनों लोग आग में जिंदा जल गए। सूचना मिलते ही पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा, ओंकारेश्वर तहसीलदार उदय मंडलोई और मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मशक्कत कर शवों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक दोनों पूरी तरह जल चुके थे। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे देर रात तक पुलिस जवानों ने कड़ी मेहनत से खुलवाया। भारी वाहनों पर राजनीति का दबाव स्थानीय लोगों ने इस दर्दनाक हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो वर्षों से देशगांव से इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई थी, लेकिन हाल ही में राजनीति दबाव में आकर खंडवा कलेक्टर ने इस मार्ग पर फिर से भारी वाहनों की अनुमति दे दी। नतीजतन, इस सड़क पर रोजाना ट्रकों और डंपरों की भरमार है और दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।   कीड़े-मकोड़ों की तरह जान गवां रहे लोग लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर आमजन की जानें कीड़े-मकोड़ों की तरह जा रही हैं। हादसे से आक्रोशित लोगों ने एक बार फिर शासन-प्रशासन से मांग की है कि खंडवा-इंदौर इच्छापुर मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन तत्काल प्रतिबंधित किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में और भी भयावह घटनाएं सामने आ सकती हैं।

ओडिशा के कटक में विसर्जन के दौरान हिंसक झड़पें, सरकार ने ऑनलाइन सेवाएं बंद की

कटक  ओडिशा के कटक जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां गणेश और अन्य मूर्तियों के विसर्जन के दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हुई। विवाद बढ़ने और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने के कारण राज्य सरकार ने सुरक्षा कड़ी करते हुए सोशल मीडिया और इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक यह रोक आज शाम सात बजे से अगले दिन शाम सात बजे तक लागू रहेगी। इसमें विशेष रूप से कट्टक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, कट्टक डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA) और 42 मौजा इलाके शामिल हैं। सरकार ने बताया कि यह कदम गलत सूचनाओं, अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी था। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। इसके अलावा, स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बढ़ा दी गई है, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने कहा कि कटक में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की। पटनायक ने कहा कि ओडिशा की परंपरा हमेशा से भाईचारे और सामूहिक सौहार्द की रही है, और सभी को इसे बनाए रखने में मदद करनी चाहिए। बीजेडी की ओर से जारी बयान में भी इस बात पर जोर दिया गया कि सभी पक्षों को संयम दिखाना चाहिए ताकि हालात और बिगड़े नहीं।

पावर बैंक बना सबूत: ऐसे पकड़ा गया पहलगाम हमले का मददगार मोहम्मद यूसुफ

जम्मू  जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) मोहम्मद यूसुफ कटारी ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों से चार बार मुलाकात की थी और उन्हें एक एंड्रॉइड फोन चार्जर दिया था। बाद में यह एक महत्वपूर्ण सबूत बना जिसके आधार पर उसे पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 26 वर्षीय कटारी को सितंबर के आखिरी हफ्ते में सुलेमान उर्फ ​​आसिफ, जिबरान और हमजा अफगानी को महत्वपूर्ण रसद सहायता प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ये तीनों आतंकवादी पहलगाम के रिसॉर्ट शहर में 26 लोगों, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि कटारी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वह श्रीनगर शहर के बाहर जबरवान पहाड़ियों में चार बार इन तीनों से मिला था। हफ्तों की जांच के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। यह सफलता ऑपरेशन महादेव के स्थल से प्राप्त सामग्री के गहन फोरेंसिक विश्लेषण के बाद मिली है। ऑपरेशन महादेव जुलाई में शुरू किया गया एक आतंकवाद-रोधी अभियान था, जिसके परिणामस्वरूप श्रीनगर के बाहरी इलाके में जबरवान रेंज की तलहटी में पहलगाम नरसंहार में शामिल तीन आतंकवादी मारे गए थे। पुलिस ने आंशिक रूप से नष्ट हुए एंड्रॉइड मोबाइल फोन चार्जर की जांच के बाद कटारी पर ध्यान केंद्रित किया, जो ऑपरेशन के दौरान बरामद कई वस्तुओं में से एक था। श्रीनगर पुलिस ने आखिरकार चार्जर के असली मालिक का पता लगा लिया, जिसने फोन को एक डीलर को बेचने की पुष्टि की। यही वह जानकारी थी जिसने धीरे-धीरे पुलिस को कटारी तक पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि कटारी, जो कथित तौर पर ऊंचे इलाकों में खानाबदोश छात्रों को पढ़ाता था, आतंकवादी समूह के लिए एक प्रमुख स्रोत था। माना जाता है कि उसकी मदद से हमलावरों को चार्जर उपलब्ध कराया गया और दुर्गम इलाकों में उनका मार्गदर्शन किया गया। आतंकवादी सुलेमान उर्फ ​​आसिफ (पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड), जिबरान (अक्टूबर 2024 के सोनमर्ग सुरंग हमले से जुड़ा) और हमजा अफगानी 29 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के तहत एक मुठभेड़ में मारे गए। हालांकि, अधिकारियों ने चल रही जांच का हवाला देते हुए और जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन इस गिरफ्तारी को कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि यह मामला अंततः राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपा जा सकता है, जो पहले से ही पहलगाम हमले की व्यापक साजिश की जांच कर रही है। एनआईए ने 22 अप्रैल के आतंकी हमले के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आतंकवादियों को कथित तौर पर रसद सहायता और आश्रय प्रदान करने का आरोप है।  

भगवंत सिंह मान ने आनंदपुर साहिब में किया दौरा, जनता के लिए घोषणा किए बड़े लाभ

आनंदपुर साहिब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री आनंदपुर साहिब का दौरा किया, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के लोगों को एक बड़ा तोहफा देते हुए 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास किया। इससे गुरु नगरी की अलौकिक सुंदरता और निखरेगी। आपको बता दें कि हेरिटेज स्ट्रीट का शिलान्यास करने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की।  अपने संबोधन के दौरान सी.एम. भगवंत मान ने कहा कि यह हेरिटेज रोड 55 साल बाद बन रही है। आनंदपुर साहिब को व्हाइट नगरी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इसमें सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा और 6 द्वार बनाए जाएंगे, जो पुरानी विरासत से जुड़े होंगे। यह एक ऐतिहासिक बात होगी। उन्होंने कहा कि  इस सेवा को पाकर खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं। यहां होला-मोहल्ला समेत कई ऐतिहासिक मेले लगते हैं। बाढ़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बेशक, पंजाब को बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ है, लेकिन पंजाब संकटों से उबरकर संकटों को छोटा कर देता है। पंजाबियों का जज्बा, पंजाबियों के इरादे संकटों को छोटा कर देते हैं।

कैसा हो ‘विकसित यूपी’..? पहली बार खुलकर अपने सुझाव दे रहे यूपी के ग्रामीण युवा

– शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर युवाओं का फोकस, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव – तकनीकी खेती, कोल्ड स्टोरेज, समर्थन मूल्य और डिजिटल किसान मंडियों के मिल रहे सुझाव – सुझाव देने के मामले में शहरियों के मुकाबले बहुत आगे हैं यूपी के ग्रामीण युवा  – शहरी क्षेत्रों से अबतक 6 लाख, ग्रामीण क्षेत्रों से मिले करीब 21 लाख सुझाव लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 'विकसित यूपी' बनाने का जो अभियान शुरू किया है, वह अब एक जन आंदोलन बनता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस अभियान में ग्रामीण युवाओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। पहली बार गांवों से इतनी बड़ी संख्या में युवा प्रदेश के विकास के हर पहलू पर अपनी राय दे रहे हैं। सरकार के पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 27 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 21 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 6 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। यानी, शहरों से कहीं अधिक सक्रिय हैं यूपी के गांवों के युवा, जो अपने सुझावों से ‘विकसित यूपी’ के ब्लूप्रिंट को आकार दे रहे हैं। गांवों से उठी विकास की नई आवाज़ गांवों के युवाओं का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास की गति तेज हुई है और वे इस परिवर्तन का हिस्सा बनना चाहते हैं। हरदोई के सौरभ सिंह कहते हैं कि अब गांवों में भी खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। हर पंचायत में खेल मैदान और डिजिटल लाइब्रेरी जरूरी हैं। सीतापुर के योगेश कुमार का कहना है कि हर गांव तक इंटरनेट और अच्छी शिक्षा पहुंचे। तभी गांवों का युवा शहरों से मुकाबला कर सकेगा। जौनपुर की पूजा त्रिपाठी का कहना है कि गांवों में लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा और सुरक्षा के इंतजाम बेहतर हों। योगी सरकार ने जो शुरुआत की है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। महराजगंज के किसान युवक अमन चौधरी कहते हैं कि खेती में तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी बने ताकि फसल का सही दाम मिले। वाराणसी के प्रवीण सिंह का सुझाव है कि युवाओं को स्टार्टअप्स के लिए आसान लोन और तकनीकी मार्गदर्शन मिले। अब गांवों में भी इनोवेशन की लहर है। शिक्षा और कृषि सबसे आगे, ग्रामीण युवाओं की प्राथमिकता साफ अभियान के तहत अब तक मिले 7.8 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। ग्रामीण युवाओं ने स्कूलों में गुणवत्ता, डिजिटल सुविधाओं और शिक्षकों की जिम्मेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने कहा है कि अगर अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं तो व्यवस्था खुद सुधर जाएगी। सरकारी स्कूलों को सबके लिए अनिवार्य किया जाए। कृषि क्षेत्र से 6 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें तकनीकी खेती, AI आधारित फसल प्रबंधन, ड्रिप इरिगेशन, कोल्ड स्टोरेज और किसान ड्रोन जैसे विषय प्रमुख हैं। अयोध्या के युवा किसान मनोज तिवारी का कहना है कि कृषि को स्मार्ट बनाना ही विकसित यूपी की असली पहचान होगी। खेल, स्वास्थ्य और इंटरनेट पर भी जोर कन्नौज के विवेक मिश्रा ने कहा है कि हर गांव में जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्र बनें। ग्रामीण प्रतिभाओं को जिला स्तर तक प्लेटफॉर्म मिले। बस्ती के आकाश यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुझाव दिया कि हर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को डिजिटल हेल्थ नेटवर्क से जोड़ा जाए। गोंडा की ममता वर्मा ने कहा है कि  महिलाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ें, तभी गांवों में आत्मनिर्भरता आएगी। युवाओं को योगी आदित्यनाथ में दिख रही नई आशा ग्रामीण युवाओं का विश्वास साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जो पारदर्शिता, सुशासन और विकास की गति दी है, वह उन्हें अपनी बात खुलकर रखने की हिम्मत देती है। लंदन में हाल ही में 'विकसित यूपी 2047' का लोगो लॉन्च हुआ, जहां एनआरआई समुदाय ने भी योगी के विज़न की सराहना की। यूके, दुबई और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों ने भी इस अभियान में सुझाव भेजे हैं, जिससे ये पहल अब वैश्विक स्वरूप ले चुकी है। युवाओं के सुझाव, सरकार के लिए दिशा सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के युवाओं से मिले इन सुझावों का अध्ययन कर सरकार उन्हें भविष्य की विकास नीतियों में शामिल करेगी। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश का ग्रामीण युवा सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि 'नीति निर्माता' की भूमिका में नजर आ रहा है। नीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनभागीदारी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘विकसित भारत’ के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगी। आज का ग्रामीण युवा सिर्फ रोज़गार नहीं, 'सार्थक विकास' चाहता है। उसे योगी आदित्यनाथ में वह नेतृत्व दिख रहा है जो उसकी आकांक्षाओं को दिशा दे सके। गांव से निकली यह आवाज़ अब केवल सुझाव नहीं, बल्कि नए उत्तर प्रदेश की नींव का पत्थर बन चुकी है।

मोहन भागवत का पाकिस्तान को करारा संदेश, जानें क्या कहा

सतना  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सतना में आयोजित एक कार्यक्रम में इशारों ही इशारों में पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए अखंड भारत का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि कई सिंधी भाई यहां बैठे हैं। बेहत खुशी की बात है कि वे अविभाजित भारत में आए। परिस्थितियों ने हमें उस घर (पाकिस्तान) से यहां भेजा है क्योंकि वह घर और यह घर (भारत) अलग नहीं हैं। पूरा भारत एक घर है, लेकिन किसी ने हमारे घर का एक कमरा हटा दिया और उस पर कब्जा कर लिया है। मुझे इसे वापस लेना है। ऐसे में हमें अखंड भारत याद रखना होगा। सतना में बीटीआई ग्राउंड में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत सारे सिंधी भाई यहां बैठे हैं। मुझे बड़ा आनंद है कि वो पाकिस्तान नहीं गए। वो अविभाजित भारत आए। ये आदत नई पीढ़ी तक जानी चाहिए क्योंकि हमारा घर है। परिस्थितियों ने हमें उस घर से यहां भेजा है। वह घर और यह घर अलग नहीं है। इसके बाद आगे अपने संबोधन में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इशारों ही इशारों में बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पूरा भारतवर्ष एक घर है। लेकिन हमारे घर का एक कमरा, जिसमें मेरा टेबल, कुर्सी और कपड़ा आदि सामान रहता था उसे किसी ने कब्जा लिया। कल मुझे उसे वापस लेकर वहां फिर से अपना डेरा डालना है। हमें अविभाजित भारत याद रखना है। मोहन भागवत ने आगे कहा कि वैसे ही हमारी एक भाषा है। भारत में सबकी एक भाषा है और वह है हृदय भाषा… हमें तय कर लेना है कि भाषा-भूषा, भजन, भवन, भ्रमण और भोजन सभी हमें हमारा चाहिए। हमारी पंरपरा में यह जैसा है वैसा चाहिए। दुनिया का इतिहास बहुत पुराना है लेकिन किसी देश के पास इतना गौरवपूर्ण इतिहास नहीं है जितना भारत के पास है। हमारे महापुरुष आज भी हमारे आदर्श हैं। आज भी गुरुओं और गुरुपुत्रों के बलिदान को पूरे देश में माना जाता है। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सतना जिले में रविवार को सिंधी समाज के आध्यात्मिक गुरु बाबा मेहरशाह के नवनिर्मित दरबार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि एक अंग्रेज ने टूटा हुआ दर्पण दिखाकर हमारे बीच फूट डाली थी जबकि हम सभी सनातनी हैं। अब हमें गुरुओं के दिखाए आध्यात्मिक दर्पण से खुद को देखना चाहिए।  

एमपी में कफ सिरप से बच्चों की मौत का खतरा, यूपी सरकार ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ  मध्य प्रदेश समेत देश के कुछ राज्यों में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सहायक आयुक्त औषधि दिनेश कुमार तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को चेतावनी जारी की है। जारी आदेश में सभी औषधि निरीक्षकों को सम्बंधित बैच की बिक्री रोकने के साथ ही उनके नमूने राज्य औषधि प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ योगी सरकार ने भी सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और रिपोर्ट आने तक उक्त कफ सिरप का प्रयोग पूर्णतः बंद रखा जाए। रविवार को सहायक औषधि आयुक्त के स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि मेसर्स स्रेशन फार्मक्यूटिकल द्वारा खास बैच के कोल्ड आरआईएफ़ सिरप में डाईएथिलीन ग्लाइकाल और एथेलिन ग्लाइकाल जैसे विषैले रसायनों की मौजूदगी की आशंका है। ये दोनों रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं और इनका सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। तिवारी ने अपने आदेश में सभी औषधि विक्रेताओं, सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि उक्त बैच के कफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग तत्काल रोका जाए। साथ ही दुकानों व अस्पतालों में उपलब्ध स्टॉक का नमूना जांच हेतु लखनऊ स्थित राज्य औषधि प्रयोगशाला में तत्काल भेजा जाए। उन्होंने औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानों पर औषधि की उपलब्धता की जांच करें और नमूने एकत्र कर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें। निर्माण प्रयोगशालाओं को भी कफ सिरप में प्रयुक्त प्रोपलीन ग्लाइकाल के नमूनों की जांच करने को कहा गया है। अपने आदेश में तिवारी ने कहा कि लखनऊ प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी उत्पादकों और वितरकों पर आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

सरेआम धोखेबाजी का आरोप, टॉस विवाद में पाकिस्तान को मिला मैच रेफरी का सहारा

नई दिल्ली  इंडिया और पाकिस्तान के बीच कोलंबो में खेले जा रहे वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 के लीग मैच के दौरान मैच रेफरी ने एक कांड कर दिया। इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच खेला जा रहा है, लेकिन इस हाई-वोल्टेज मैच में टॉस के दौरान एक बड़ा ब्लंडर हो गया, जिसे सुधारा नहीं जा सका। मैच रेफरी ने पाकिस्तान की टीम को टॉस जिता दिया और भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर कुछ कर भी नहीं पाईं। एक तरह से टीम इंडिया के साथ सरेआम धोखेबाजी हो गई। इसका वीडियो भी कैमरे में कैद हो चुका है। दरअसल, भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच में टॉस फेंका। पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने कॉल किया और बोला – टेल्स…इसके बाद मैच रेफरी शांद्रे फ्रिट्ज और टॉस प्रेजेंटर मेल जोंस ने बोला- Heads is the Call और हेड्स आया। इस तरह जीत तो टॉस में भारत की होनी थी, लेकिन पाकिस्तान जीत दे गई और इसके बाद पाकिस्तान की कप्तान से सीधे सवाल पूछा गया कि वे क्या करना पसंद करेंगी तो सना ने भी देर करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। वीडियो आप स्टार स्पोर्ट्स द्वारा शेयर की गई है। देख सकते हैं। इस तरह के ब्लंडर आमतौर पर क्रिकेट में होते नहीं हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। अन्यथा वह आवाज उठा सकती थीं। हो सकता है कि शोर में या फिर किसी अन्य वजह से हरमनप्रीत कौर ने फातिमा सना का कॉल नहीं सुना हो, लेकिन मैच रेफरी और मैच प्रेजेंटर की ये जिम्मेदारी होती है कि वह बताए कि आखिर टॉस में क्या आया है। खैर मैच शुरू हो चुका है और इस पर आगे विवाद और भी बढ़ सकता है। फिलहाल के लिए भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही है, क्योंकि टॉस के बाद पाकिस्तान ने गेंदबाजी चुनी थी।  

दार्जिलिंग में बारिश ने मचाई तबाही, 18 लोगों की गई जान, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक

दार्जिलिंग उत्तर बंगाल में लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। दार्जिलिंग जिले में हुए भूस्खलन और पुल टूटने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। मौक का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक, मिरिक और सुखिया क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई लोग हताहत हुए हैं। इस हादसे के बाद दार्जिलिंग जिला पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं कालिम्पोंग में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पीएम मोदी ने जनहानि पर जताया दुख प्रधानमंत्री मोदी ने दार्जिलिंग में पुल ढहने की घटना पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- दार्जिलिंग में एक पुल दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रपति ने भी हादसे पर जताया दुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे पर दुख जताया है। एक्स पर राष्ट्रपति भवन की तरफ से किए पोस्ट में लिखा गया- पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुई दुखद जनहानि अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं बचाव एवं राहत कार्यों की सफलता की प्रार्थना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को वहां तैनात किया गया है और जरूरत पड़ने पर और जवानों को भेजा जाएगा। शाह ने कहा कि उन्होंने दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट से भी बात की और वहां की स्थिति का जायजा लिया। शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण हुई दुखद जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। गृह मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और जरूरत पड़ने पर और टीमें भी वहां भेजी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा, भाजपा कार्यकर्ता भी जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता दे रहे हैं। लोहे का पुल ढहा, आवाजाही हुई बाधित पश्चिम बंगाल में भारी बारिश के कारण दुधिया में लोहे के पुल का एक हिस्सा ढह जाने के बाद सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग एसएच-12 सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। मिरिक-सुखियापोखरी रोड के पास भूस्खलन सबसे बड़ा भूस्खलन मिरिक-सुखियापोखरी रोड के पास हुआ, जिसने कई घर बहा दिए और वाहनों की आवाजाही बाधित कर दी। इससे आसपास के कई छोटे गांवों से संपर्क टूट गया। दार्जिलिंग उप-निबंधक रिचर्ड लेप्चा ने कहा कि सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य के फंसे होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों की मदद से राहत अभियान चल रहा है। कई घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। भाजपा सांसद ने घटना पर जताया दुख वहीं इस घटना पर भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण हुए भारी नुकसान के बारे में जानकर मुझे बेहद दुख हुआ है। मौतें हुई हैं, संपत्ति का नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। मैं स्थिति का जायजा ले रहा हूं और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद करने का दिया निर्देश- राजू एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा- हमने अपने भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद और सहायता के लिए जुटने का निर्देश पहले ही दे दिया है। हम अपने लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मैं अपने सभी गठबंधन सहयोगियों और क्षेत्र के अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से भी समन्वय स्थापित करने की अपील करता हूं ताकि हम जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद और सहायता पहुंचा सकें।   अनौपचारिक रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंची जिले के अधिकारियों के अनुसार, बिश्नुलाल गांव, वार्ड 3 लेक साइड और जसबीर गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए। इस क्षेत्र से छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति चाय बगान में मृत पाया गया। कई घर और चाय बगान के क्वार्टर मलबे में दब गए हैं। मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारी और लगातार बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। 'भूमि खिसकने और कई घर क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट हैं। नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।' उन्होंने यह भी कहा कि मिट्टी और मलबे में राहत कार्य करने के लिए मशीनरी और आपातकालीन वाहन पहुंचाना बेहद कठिन है। अभी तक अनौपचारिक रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल मलबे और मिट्टी के भारी परतों को हटाकर और लोगों को बचाने में जुटा है। सीएम ममता बनर्जी ने जताया दुख, टोल फ्री नंबर जारी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर दुख जताते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैं बहुत चिंतित हूं कि कल रात कुछ घंटों के भीतर अचानक भारी बारिश के कारण उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल दोनों के कई इलाके बाढ़ में डूब गए हैं, साथ ही बाहर से हमारे राज्य में अत्यधिक नदी का पानी आ गया है… राज्य मुख्यालय और जिलों में 24×7 नियंत्रण कक्ष हैं। कृपया मेरे नबान्न आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से +91 33 2214 3526 और +91 33 2253 5185 पर संपर्क करें, जबकि टोल फ्री नंबर +91 86979 81070 और 1070 हैं।' 6 अक्तूबर तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी … Read more

हरजस सिंह की धुआंधार पारी: ऑस्ट्रेलिया में 141 गेंदों पर 314 रन और 35 छक्के

सिडनी शनिवार का दिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। भारतीय मूल के युवा बल्लेबाज हरजस सिंह ने सीमित ओवरों के ग्रेड क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इससे पहले किसी ने नहीं किया था। वेस्टर्न सबर्ब्स की ओर से सिडनी क्रिकेट क्लब के खिलाफ खेले गए मैच में हरजस ने मात्र 141 गेंदों पर 314 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 35 छक्के और 12 चौकों की बरसात कर दी। ग्रेड क्रिकेट में लगाया तिहरा शतक यह उपलब्धि हरजस को क्रिकेट इतिहास के बेहद खास क्लब में ले आई है। वह ग्रेड-लेवल क्रिकेट के सीमित ओवरों के प्रारूप में तिहरा शतक बनाने वाले पहले क्रिकेटर बन गए। साथ ही वह न्यू साउथ वेल्स प्रीमियर फर्स्ट ग्रेड क्रिकेट (लंबे प्रारूप को मिलाकर) में तिहरा शतक लगाने वाले तीसरे क्रिकेटर बन गए। इससे पहले केवल दो खिलाड़ियों- फिल जैक्स (321 रन) और विक्टर ट्रम्पर (335 रन) ने ही तिहरा शतक लगाया था। भारत से जुड़ी जड़ें, ऑस्ट्रेलिया में उभरता सितारा सिडनी में जन्मे हरजस सिंह भारतीय मूल के हैं। उनके माता-पिता साल 2000 में चंडीगढ़ से सिडनी जाकर बस गए थे। क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बचपन से ही झलकता था। हरजस ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 में भी शानदार प्रदर्शन किया था। भारत के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उन्होंने 64 गेंदों पर 55 रन बनाए थे, जो उस मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सर्वाधिक स्कोर था। उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 253 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था। ऑस्ट्रेलिया ने 2024 अंडर-19 विश्व कप का खिताब भी जीता था। 'ये मेरे जीवन की सबसे बेहतरीन पारी थी' रिकॉर्ड तोड़ पारी के बाद हरजस सिंह ने फॉक्स क्रिकेट से बातचीत में अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा, 'यह निश्चित रूप से मेरी अब तक की सबसे साफ़-सुथरी बल्लेबाज़ी थी। मैं इस पर बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं क्योंकि ऑफ-सीजन में मैंने अपनी पावर हिटिंग पर काफी मेहनत की थी, और आज उसका नतीजा मिला। यह मेरे लिए बहुत खास दिन है।' उन्होंने आगे कहा, 'पिछले एक-दो सीजन में मैं मैदान के बाहर की चीजों पर ज्यादा ध्यान दे रहा था, लेकिन अब मैंने खुद को सिर्फ अपने खेल पर केंद्रित करना शुरू किया है, और इसका फायदा साफ दिख रहा है।'   ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं को मिला सितारा हरजस सिंह की यह तिहरी शतकीय पारी अब उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम के चयनकर्ताओं की नजरों में एक बड़ा दावेदार बना चुकी है। उनके साथी खिलाड़ी जैसे सैम कॉन्स्टास, ह्यूग वेबजेन, माहली बियर्डमैन और ओलिवर पीक पहले ही स्टेट टीमों या नेशनल लेवल पर पहुंच चुके हैं। सैम कॉन्स्टास तो टेस्ट डेब्यू भी कर चुके हैं। अब हरजस की यह विस्फोटक पारी न केवल उनके करियर को नई दिशा देगी, बल्कि यह संकेत भी दे रही है कि ऑस्ट्रेलिया के पास एक और भविष्य का सुपरस्टार तैयार हो चुका है।