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कानूनी दुनिया में महंगाई का झटका: MP बार काउंसिल चुनाव शुल्क हुआ 5 गुना ज्यादा, पैसा वापस नहीं

जबलपुर मध्य प्रदेश के सवा लाख से अधिक वकीलों का पंजीयन करने वाली सर्वोच्च संस्था एमपी स्टेट बार काउंसिल का चुनाव लड़ना अब आसान नहीं रहा। देश के वकीलों की सर्वोच्च संस्था बार काउंसिल आफ इंडिया ने एक आदेश के जरिए चुनाव नामांकन शुल्क में सीधे पांच गुना बढ़ोत्तरी कर दी है, जो कि वापस नहीं होगा। इससे प्रत्याशियों में खासा रोष है। इसको लेकर विरोध के स्वर भी उठ रहे है। पहले एसबीसी का चुनाव लड़ने के लिये नामांकन फीस महज 25 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर एक लाख पच्चीस हजार रुपये कर दिया गया है। राशि की वापसी न होने का भी विरोध हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को एक आदेश जारी करके स्टेट बार काउंसिल के चुनावों के लिए सात सदस्यीय चुनाव समितियां गठित करके 31 जनवरी, 2026 तक सभी चुनाव कराने के निर्देश बीसीआई को दिए थे। इसी आदेश के बाद बीसीआई द्वारा स्टेट बार काउंसिल को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि लॉ ग्रेजुएट्स के नामांकन के लिए पहले फीस 16 हजार रुपये थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने घटाकर 600 रुपये कर दिया। स्टेट बार काउंसिल की आय घटने के कारण अब स्टेट बार काउंसिल के पास चुनावी खर्च के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं बच रही। इसके लिए जरूरी है कि नामांकन की फीस 25 हजार से बढ़ाकर एक लाख 25 हजार रुपये की जाए। मप्र स्टेट बार काउंसिल की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल अगले माह पूरा होने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में जनवरी 2026 तक नई कार्यकारिणी के चुनाव कराए जाने हैं। वेकेशन में प्रत्याशियों ने शुरू किया जनसंपर्क आगामी कार्यकारिणी को लेकर चुनाव की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों ने जहां नामांकन शुल्क बढ़ाये जाने पर रोष व्यक्त किया है तो वहीं अपनी जोर आजमाइश भी शुरू कर दी है। दशहरा पर्व पर पड़ी छुट्टियों पर अपना भाग्य आजमा रहे प्रत्याशियों ने वकीलों के घरों में पहुंचकर जन संपर्क करना शुरू कर दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी मतदाताओं से अपने पक्ष में मत का प्रयोग करने की अपील की जा रहीं है। शुल्क बढ़ाया जाना अनुचित : सैनी एसबीसी के वाइस चेयरमेन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि चुनाव में नामांकन शुल्क सीधे पांच गुना बढ़ाया जाना अनुचित है। इसकों लेकर एसबीसी ने बीसीआई को पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज करायी है। जल्द ही बीसीआई की सामान्य सभा की बैठक होने वाली है, जिसमें संभवत: शुल्क घटाने पर विचार विमर्श होगा।

12 शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द, पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका

भोपाल मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रदेश के 12 शासकीय नर्सिंग कॉलेज आज भी मान्यता से वंचित हैं। एनएसयूआई का कहना है कि इन कालेजों में शैक्षणिक ढांचे की भारी कमी, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं। राज्य सरकार की गाइडलाइन के बावजूद इन कालेजों ने न तो फैकल्टी नियुक्त की और न ही जरूरी सुविधाएं पूरी कीं। एनएसयूआई ने अगस्त 2025 में इन कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर शिकायत की थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मंत्री और नेताओं के जिलों में ही कॉलेजों की खराब स्थिति     रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 12 कॉलेजों को मान्यता नहीं मिली उनमें रायसेन, मंदसौर, नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, खंडवा, अमरकंटक, भोपाल, झाबुआ, सीधी, राजगढ़ और दतिया के कॉलेज शामिल हैं।     एनएसयूआई का आरोप है कि इनमें से कई कॉलेज कुछ संस्थान केवल एक या दो फैकल्टी के भरोसे चल रहे हैं।राज्य सरकार के 13 मंत्रियों और भाजपा नेताओं के गृह जिलों में हैं, लेकिन वे भी अपने जिलों के कॉलेजों की स्थिति सुधार नहीं पाए।   कई कॉलेजों में प्राचार्य और उप प्राचार्य तक नहीं हैं, जबकि कुछ संस्थान केवल एक या दो फैकल्टी के भरोसे चल रहे हैं। एनएसयूआई ने कहा कि कुछ कॉलेजों ने इतनी खामियों के बावजूद एम.एससी. नर्सिंग की 35 सीटों के लिए आवेदन तक कर दिया है, जो नर्सिंग शिक्षा के साथ खिलवाड़ है। गरीब छात्राओं का भविष्य संकट में     एनएसयूआई ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी लापरवाही के कारण हजारों छात्राओं का भविष्य अधर में है। जो छात्राएं निजी कालेजों की ऊंची फीस भरने में सक्षम नहीं हैं, वे अब प्रवेश से वंचित रह जाएंगी।     एनएसयूआई का कहना है कि यह स्थिति कहीं न कहीं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है।     विभाग के कुछ अधिकारी निजी संस्थानों से मिलीभगत कर रहे हैं, जिससे सरकारी कॉलेजों की मान्यता रुकी हुई है। इन कॉलेजों में करीब 1000 से ज्यादा सीटें हैं, जो अब खाली रह जाने का खतरा है।

अनुराग शर्मा करेंगे 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व

झांसी झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) के अंतरराष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अनुराग शर्मा कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में भाग लेंगे। यह सम्मेलन5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। कैरिबियन द्वीप राष्ट्र बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में होने वाले 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक होगा। इस सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के 56 सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधि एकजुट होंगे। इस सम्मेलन में संसदीय लोकतंत्र को सुदृढ़ करने, सुशासन, समावेशी विकास और 21वीं सदी की उभरती वैश्विक चुनौतियों के समाधान के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा है। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय 'द कॉमन वेल्थ व ग्लोबल पार्टनर है। सांसद अनुराग शर्मा का यह प्रतिनिधित्व ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रहा है जब वह सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में अपने तीन वर्षों के ऐतिहासिक और अत्यंत सफल कार्यकाल का समापन करने जा रहे हैं। उनका यह कार्यकाल संगठन के लिए एक नए युग का सूत्रपात करने वाला रहा है और इसे सीपीए के इतिहास में सर्वाधिक परिवर्तनकारी दौरों में से एक माना जा रहा है। विगत तीन वर्षों में, सीपीए के कोषाध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में संगठन में अभूतपूर्व संरचनात्मक और प्रशासनिक क्रांतियाँ आई हैं। सांसद शर्मा के अथक प्रयासों का परिणाम है कि सीपीए को ब्रिटेन में केवल एक ब्रिटिश चैरिटी के रूप में काम करने की पुरानी, सीमित व्यवस्था से बाहर निकालकर, एक विशाल, स्थायी और अंतरराष्ट्रीय संगठन (इंटरनल बॉडी) के रूप में कानूनी मान्यता दिलाई गई है।  

बाढ़ राहत पैकेज जल्द शुरू! पंजाब में 10 से 15 अक्टूबर तक भुगतान का आदेश

लहरागागा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि 10 से 15 अक्टूबर तक बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार दिवाली से पहले ही लोगों को मुआवजा देने की शुरुआत कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने घग्गर नदी के किनारे रहने वाले लोगों की मेहनत की भी बहुत सराहना की, जिन्होंने बांध को मजबूत बनाने के लिए कड़ी मेहनत की और घग्गर को ओवरफ़्लो नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर के हल्का लहीरागागा के लोगों को कई बड़े तोहफे दिए। उन्होंने बिजली बोर्ड के कार्यालय का उद्घाटन किया। इसके अलावा इलाके में नए तहसील परिसर का उद्घाटन भी किया गया, जिसकी लागत 16 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही एक फाउंडेशन द्वारा तैयार किए गए ‘सौरव कॉम्प्लेक्स’ कम्युनिटी हॉल को भी जनता के लिए समर्पित किया गया, जिसमें लोग विवाह-शादियों और अन्य कार्यक्रम करवा सकते हैं। उन्होंने पुरानी सब्जी मंडी में कम्युनिटी रसोई की भी शुरुआत की, जिसमें लोग केवल 10 रुपये में ढेर सारी रोटियां खा सकते हैं। इसके बाद उन्होंने जरूरतमंद परिवारों की 101 लड़कियों के सामूहिक विवाह समारोह में भी हिस्सा लिया। 

उत्तर कोरिया में महिलाओं के लिए बड़ा आदेश, ब्रेस्ट इम्प्लांट और प्लास्टिक सर्जरी पर रोक

फियोंगयांग उत्तर कोरिया में अब ब्रेस्ट इम्प्लांट की सर्जरी पर भी रोक लगा दी गई है. यह देश पहले से ही रोजमर्रा की चीजों पर कड़े नियमों के लिए जाना जाता है, जैसे पश्चिमी कपड़े पहनना या हेयरस्टाइल. अब ब्रेस्ट इम्प्लांट और प्लास्टिक सर्जरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. यहां एक डॉक्टर और दो महिलाओं पर ब्रेस्ट सर्जरी कराने के आरोप में सार्वजनिक मुकदमा चल रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, किम जोंग उन की सरकार अब ऐसे मामलों पर नजर रखने के लिए मोहल्लों में गश्त और गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, ताकि ऐसी महिलाओं की पहचान की जा सके जिन्होंने यह सर्जरी करवाई है. अगर किसी महिला ने किस भी तरह का कोई भी बदलाव करवाया, तो नेताओं को पुलिस में रिपोर्ट करना होगा.  गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही सरकार उत्तर कोरिया में ब्रेस्ट इम्प्लांट को गैर-समाजवादी काम (Non-socialist work) माना गया है और यह कानूनन मना है. हाल ही में एक डॉक्टर पर, जिसने छुपकर यह सर्जरी की थी, सार्वजनिक सुनवाई हुई. इसी तरह दो 20 साल की लड़कियों पर भी ब्रेस्ट सर्जरी करवाने का आरोप लगा. बताया गया कि दोनों अपने फिगर को बेहतर बनाना चाहती थीं. डॉक्टर ने अपने घर पर अवैध रूप से चीन से लाए गए सिलिकॉन का इस्तेमाल करके सर्जरी की थी. 20 साल की दोनों महिलाओं ने अपने शरीर का आकार बदलवाने के लिए यह ऑपरेशन कराया था. सरकार अब ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है और संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने के लिए पड़ोस में गश्त और गुप्त एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. 20 साल की लड़कियों ने कराई ब्रेस्ट सर्जरी  एक सूत्र के मुताबिक, सितंबर के बीच में दक्षिणी उत्तरी ह्वांगहे प्रांत के एक सूत्र ने बताया कि सितंबर के बीच में सारिवॉन जिले के सांस्कृतिक हॉल में एक डॉक्टर और उन महिलाओं का सार्वजनिक मुकदमा हुआ, जिन्होंने अवैध ब्रेस्ट सर्जरी करवाई थी. डॉक्टर पर आरोप था कि उसने अपने घर पर अवैध रूप से ब्रेस्ट सर्जरी की और इसके लिए चीन से तस्करी कर लाया गया सिलिकॉन इस्तेमाल किया. मुकदमे के दौरान डॉक्टर मंच पर सिर झुकाए खड़ा रहा, जबकि 20 साल की दोनों लड़कियां शर्म के कारण अपना चेहरा नहीं उठा सकीं. 

मुरीदके एयरबेस का दर्द अभी बाकी, ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई गूगल पर उजागर

इस्लामाबाद  मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके एयरबेस पर किए गए हमलों के निशान आज भी साफ दिख रहे हैं. गूगल अर्थ की नई तस्वीरों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तक हमले वाली दोनों जगहें अभी भी ढकी हुई हैं. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान अब भी मरम्मत कर रहा है. यह खुलासा भारत की सैन्य ताकत और पाकिस्तान की कमजोरी को दिखाता है. ऑपरेशन सिंदूर: मई 2025 का बड़ा हमला 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. यह पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर सटीक हमले किए. इनमें मुरीदके एयरबेस भी शामिल था, जो पाकिस्तान का महत्वपूर्ण हवाई अड्डा है. मई के अंत में जारी सैटेलाइट तस्वीरों से साफ दिखा कि हमले ने भारी नुकसान पहुंचाया. मुरीदके एयरबेस पर हमले का मुख्य निशान एक बड़ा गड्ढा था. यह गड्ढा करीब तीन मीटर चौड़ा था और एयरबेस सुविधा से सिर्फ 30 मीटर दूर था. यह सुविधा पाक वायुसेना के लिए बहुत गोपनीय मानी जाती है. हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों से पुष्टि हुई कि भारत ने सटीक निशाना साधा. हमले से एयरबेस की संरचना को गहरा नुकसान हुआ, जिसमें छतें उड़ गईं और इमारतें टूट गईं. सितंबर 2025 की गूगल अर्थ तस्वीरें: मरम्मत के संकेत अब सितंबर 2025 की गूगल अर्थ तस्वीरों से नया खुलासा हुआ है. हमले वाली दोनों जगहें – गड्ढा और क्षतिग्रस्त हिस्से – अभी भी ढकी हुई दिख रही हैं. ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने तिरपाल या अन्य सामग्री से इन्हें छिपाया है, ताकि मरम्मत जारी रख सके. अन्य पाकिस्तानी एयरबेस जैसे सरगोधा में जून 2025 तक रनवे की मरम्मत हो चुकी थी, लेकिन मुरीदके में काम धीमा चल रहा है. यह ढकाव नुकसान की गहराई दिखाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अंडरग्राउंड सुविधा को ठीक करने में महीनों लग सकते हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मई के हमलों से पाकिस्तानी सुविधाओं को सीमित लेकिन साफ नुकसान हुआ. पाकिस्तान की हवाई ताकत पर सवाल ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की हवाई ताकत को कमजोर कर दिया. मुरीदके एयरबेस पर हमला न सिर्फ बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पाकिस्तान के आत्मविश्वास को भी झकझोर दिया. भारत ने न्यूनतम नुकसान के साथ सटीक हमले किए, जो वायुसेना की क्षमता दिखाता है. पाकिस्तान ने शुरुआत में नुकसान को कम बताया, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने सच्चाई उजागर कर दी. नूर खान और सरगोधा जैसे अन्य बेस भी प्रभावित हुए. मुरीदके पर फोकस इसलिए, क्योंकि यह अंडरग्राउंड हथियार भंडारण का केंद्र था. भारत की सतर्कता बरकरार यह तस्वीरें दिखाती हैं कि मई के हमले का असर आज भी है. पाकिस्तान मरम्मत में जुटा है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा. भारत के लिए यह चेतावनी है कि सीमा पर सतर्कता जरूरी है. ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगा. विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी तस्वीरें निगरानी के लिए महत्वपूर्ण हैं. गूगल अर्थ जैसी तकनीक से दुनिया को सच्चाई पता चलती है.

‘न पछतावा, न जिम्मेदारी’: करूर घटना पर हाईकोर्ट ने विजय की पार्टी को फटकारा

नई दिल्ली मद्रास उच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते करूर में हुई भगदड़ को लेकर दक्षिण के सुपरस्टार विजय की TVK पार्टी को कड़ी फटकार लगाई है। अभिनेता के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार ने कहा कि वह और उनकी पार्टी के नेता, जिन्होंने करूर में रैली का आयोजन किया था घटनास्थल से भाग गए और 41 लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी के बाद उन्हें कोई पछतावा नहीं हुआ। न्यायाधीश ने एक हिट एंड रन मामले में टीवीके की प्रचार बस को जब्त करने का आदेश दिया और वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि बस एक दुर्घटना में शामिल थी। उन्होंने पुलिस को रैली के सभी सीसीटीवी कैमरे, खासकर विजय की बस के अंदर और बाहर के कैमरे, जब्त करने का भी आदेश दिया।   अदालत ने दिया एसआईटी गठन का आदेश अदालत ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) असरा गर्ग की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का आदेश दिया है और राज्य सरकार से एसआईटी के साथ सहयोग करने को कहा है। अदालत ने कहा कि रैली आयोजकों ने उन लोगों को छोड़ दिया जो अभिनेता की एक झलक पाने आए थे, लेकिन अंततः अपनी जान गंवा बैठे और पार्टी को उनकी मदद करनी चाहिए थी। अदालत ने कहा कि घटना के बाद उन्होंने कोई पछतावा, कोई जिम्मेदारी या कोई खेद नहीं दिखाया। 'विजय के खिलाफ क्यों दर्ज नहीं किया मामला' अदालत ने स्थानीय पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य टीवीके नेताओं के प्रति उदारता दिखा रहा है। यह भी पूछा गया कि विजय के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया। अब तक टीवीके के दो नेताओं पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। इनमें विजय के करीबी सहयोगी और उनके दूसरे नंबर के अधिकारी एन 'बुस्सी' आनंद और सीटी निर्मल कुमार शामिल हैं। भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने विजय से किया संपर्क सूत्रों के अनुसार, करूर भगदड़ के कुछ दिनों बाद भाजपा ने दक्षिण के सुपरस्टार विजय की पार्टी से संपर्क किया है। इससे संकेत मिलता है कि भगवा पार्टी 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनेता के विशाल प्रशंसक आधार का उपयोग करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने टीवीके नेतृत्व को बताया है कि अगर डीएमके द्वारा विजय को गलत तरीके से निशाना बनाया गया तो वह अकेले नहीं होंगे। नेता ने टीवीके को बताया कि वह भी डीएमके को घेरना चाहती है और विजय को धैर्य रखना चाहिए। भाजपा के अलावा कांग्रेस ने भी टीवीके से संपर्क किया था, जिससे संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय पार्टियां इसे द्रविड़ प्रमुखों डीएमके और एआईएडीएमके के प्रभुत्व वाली राज्य की राजनीति में अपनी छाप छोड़ने के अवसर के रूप में देख रही हैं।  

यूपीएससी प्रीलिम्स के बाद तुरंत प्रकाशित होगी अंतरिम आंसर-की

नई दिल्ली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसने प्रारंभिक परीक्षा के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। आयोग सिविल सेवा परीक्षा समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है। अभी तक अंतिम परिणाम जारी होने के बाद ही उत्तर कुंजी जारी होती थी। यूपीएससी ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की जाएगी। यह हलफनामा सिविल सेवा परीक्षा से संबंधित लंबित याचिका पर दाखिल किया गया था। यूपीएससी ने कहा कि मामले के लंबित रहने के दौरान उसने अदालत द्वारा नियुक्त न्याय मित्र के सुझाव समेत विभिन्न कारकों पर विचार-विमर्श किया है। अधिवक्ता वर्धमान कौशिक के माध्यम से दाखिल किए गए हलफनामे में कहा गया है, व्यापक विचार-विमर्श और संवैधानिक निकाय के रूप में यूपीएससी को सौंपी गई भूमिका के मद्देनजर आयोग इस निर्णय पर पहुंचा है कि प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होने के बाद अंतरिम उत्तर कुंजी प्रकाशित किया जाए। हलफनामे में कहा गया है कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों से अभ्यावेदन या आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रत्येक ऐसे अभ्यावेदन या आपत्ति के समर्थन में तीन प्रामाणिक स्त्रोत्र देना होगा तथा जिन आपत्तियों के पक्ष में प्रामाणिक स्त्रोत्र नहीं हो, उन्हें शुरुआत में ही खारिज कर दिया जाएगा। आयोग तय करेगा कि प्रस्तुत स्त्रोत प्रामाणिक हैं या नहीं। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि अंतरिम उत्तर कुंजी तथा प्रश्न पत्र एवं उत्तर कुंजी पर उम्मीदवारों से प्राप्त आपत्तियों या अभ्यावेदन को संबंधित विषय के विशेषज्ञों की टीम के समक्ष रखा जाएगा, जो सभी पहलुओं पर विचार करेगी और उत्तर कुंजी को अंतिम रूप देगी। विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा तैयार की गई ऐसी अंतिम उत्तर कुंजी प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों की घोषणा का आधार बनेगी। हलफनामे में कहा गया है कि आयोग इन प्रक्रियाओं का पालन यथाशीघ्र शुरू करना चाहता है। यूपीएससी द्वारा लिया गया निर्णय याचिका में उठाई गई शिकायतों का प्रभावी और पर्याप्त निवारण माना जाए।  

बॉर्डर पर बढ़ी निगरानी: पाकिस्तान सीमा पर लगाई जाएंगी AK-630

नई दिल्ली पाकिस्तान सीमा से सटे आबादी वाले इलाकों और आस्था के केंद्रों को सुरक्षा देने के इरादे से मिशन सुदर्शन चक्र के तहत भारतीय सेना ने एक स्वदेशी कंपनी से छह एके-630 एमएम बंदूकें खरीदने की तैयारी की है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले सबक पर काम करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। सशस्त्र संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में नागरिक ठिकानों और धार्मिक इमारतों पर सीधे हमले किए थे। आगे ऐसा न होने देने के लिए सेना पहले से तैयारी कर लेना चाहती है। छह एके630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की होगी खरीद  रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना वायु रक्षा (एएडी) ने एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूईआइएल) के साथ छह एके630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की खरीद के लिए एक आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) जारी किया है। ये एक 30 मिमी मल्टी-बैरल मोबाइल एयर डिफेंस गन सिस्टम है जिसमें लगातार हाई लेवल की फायरिंग की जा सकती है। बंदूक प्रणाली को एक ट्रेलर पर लगाया जाएगा और हाई मोबिलिटी वाहन से ले जाया जाएगा।   जानिए इस एयर डिफेंस सिस्टम की खासियत उन्होंने बताया कि एके630 का उपयोग यूआरएएम (ड्रोन, राकेट, तोपखाने और मोर्टार) से पैदा हुए खतरे को विफल करने के लिए किया जाएगा। इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के निकट स्थित प्रमुख आबादी वाले क्षेत्रों और आस्था के केंद्रों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। ये गन सिस्टम 3000 राउंड प्रति मिनट की दर से चार किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है। इसमें सभी मौसमों में काम करने वाले इलेक्ट्रो-आप्टिकल फायर कंट्रोल सिस्टम लगा होगा, जो किसी भी मौसम में लक्ष्य की पहचान कर सकता है। इसे सुदर्शन चक्र कवच के तौर पर विकसित किया जा रहा है और इसे पूरे वायु रक्षा संरचना से जोड़ा जाएगा। बता दें कि भारतीय सेना के एएडी ने पाकिस्तान के ड्रोन और विमानों के जरिये हवाई हमलों को विफल करने में अहम भूमिका निभाई है। एएडी सैनिकों से राजनाथ सिंह ने की थी मुलाकात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में गुजरात के भुज में एएडी सैनिकों से मुलाकात की थी, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के बहुस्तरीय हमलों को विफल कर दिया था। भारत का आयरन डोम है मिशन सुदर्शन चक्र मिशन सुदर्शन चक्र भारत की 2035 तक एक व्यापक, बहुस्तरीय, स्वदेशी सुरक्षा कवच तैयार करने की महत्वाकांक्षी योजना है। इसमें निगरानी, साइबर सुरक्षा और वायु रक्षा प्रणालियों को एकसाथ जोड़ा जाएगा ताकि देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों को दुश्मनों के हमलों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने की थी इस मिशन की शुरुआत इजरायल की तर्ज पर इसे तैयार किया जाएगा, जिसकी वजह से इसे भारत का आयरन डोम कहा जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस मिशन की शुरुआत की है। इसके तहत स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देते हुए रक्षात्मक अवरोध और संभावित आक्रामक क्षमता विकसित करना लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को भारत में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी दी थी और कहा था कि भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में कोई संयम नहीं बरता जाएगा।  

NZ बनाम AUS: मार्श का बल्ला बोला, ऑस्ट्रेलिया ने कीवी टीम को हराकर सीरीज जीती

नई दिल्ली NZ vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मिचेल मार्श ने शानदार शतक जड़कर न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20I मैच में अपनी टीम को 3 विकेट से जीत दिलाई और 2-0 से सीरीज अपने नाम की। मार्श ने 52 गेंदों में नाबाद 103 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभाले रखा, जबकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। मिचेल मार्श का पहला T20I शतक दरअसल, न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी (NZ vs AUS) करते हुए 9 विकेट पर 156 रन बनाए। टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन (48) टिम सिफर्ट ने बनाए। इसके बाद माइकल ब्रेसवेल (26) और जिम्मी नीशम (25) ने आखिर में तेज खेल दिखाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कंगारू टीम की ओर से शॉन ऐबट ने तीन विकेट, जबकि जोश हेजलवुड, जेवियर बार्टलेट को दो-दो सफलता मिली। एडम जम्पा और मार्कस स्टोइनिस को एक-एक विकेट मिला। इसके जवाब में, ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत लक्ष्य को 18 ओवर में ही हासिल कर लिया। उनके अलावा मिचेल ओवेन ने (14 रन) थोड़ा योगदान किया। न्यूजीलैंड की तरफ से जिमी नशीम ने 4 ओवर में 26 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके अलावा जेकब डफी ने द विकेट और बेन सीयर्स ने एक विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की टी20आई सीरीज का पहला मैच 6 विकेट से जीता था। उस मैच में भी कप्तान मिचेल मार्श ने 85रन की मैच विनिंग पारी खेली थी। दूसरा मैच जो कि 3 अक्टूबर को होना था, लेकिन बारिश की वजह से मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। तीसरे टी20आई मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 12 गेंद बाकी रहते हुए 157 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए टी20 सीरीज 2-0 से अपने नाम की।