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गोविंदपुरा में पोषण माह का भव्य आयोजन, पुरुष बने पोषण चैंपियन

गोविंदपुरा में धूमधाम से मना पोषण माह, पुरुष बने पोषण चैंपियन अन्नप्राशन, जन्मदिन का जश्न और क्विज़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह भोपाल गोविंदपुरा परियोजना के इंद्रपुरी सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 549 में सोमवार को 8वें पोषण माह की गतिविधियों का रंगारंग आयोजन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की थीम रही – “बच्चों की पोषण देखभाल करने वाले पुरुषों को पोषण चैंपियन से सम्मानित करना और उनकी कहानियां साझा करना।” कार्यक्रम का शुभारंभ परियोजना अधिकारी श्रीमती शुभा श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन और सरस्वती पूजन से किया। इसके बाद माहौल और भी जीवंत हुआ जब सामाजिक संस्थाओं से जुड़ीं श्रीमती किरण शर्मा (सकारात्मक सोच संस्था), श्रीमती रेणु (आरंभ संस्था) और श्रीमती रेखा श्रीधर (मीत संस्था) ने मंच से महिलाओं और पुरुषों को संबोधित किया। उन्होंने परिवार और समाज में पोषण संबंधी जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि “पोषण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं, पुरुष भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं।” सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती अनामिका पटेल ने उपस्थित लोगों को पोषण माह की रूपरेखा और उद्देश्य समझाए। वहीं श्रीमती नीति सक्सेना ने पुरुष प्रतिभागियों के लिए क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया। सवालों के जवाब देने में पुरुषों का उत्साह देखते ही बनता था। थीम के अनुरूप कार्यक्रम में अन्नप्राशन और जन्मदिन समारोह भी रखा गया। खास बात यह रही कि बच्चों के जन्मदिन का केक टीएचआर (टेक होम राशन) से तैयार किया गया था, जिसे काटकर पूरे उल्लास के साथ बच्चों का जन्मदिन मनाया गया। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पोषण व्यंजन प्रदर्शनी भी सजाई। प्रतिभागियों ने इन पौष्टिक व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी महत्ता समझी। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत स्वल्पाहार के साथ किया गया। पूरे कार्यक्रम में माहौल उत्साह और जागरूकता से सराबोर रहा।

योगी का संदेश: नलकूपों से पानी की बर्बादी रोकने के लिए अपनाएं स्मार्ट पद्धति

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए योगी ने कहा,‘‘ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। '' उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और ‘डार्क जोन' वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान होगा। नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार हो मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए, फलस्वरूप सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आदित्यनाथ ने कहा कि नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले की साजिश में पाकिस्तान-अमेरिका का कनेक्शन, NIA की चार्जशीट में दावा

चंडीगढ़  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चंडीगढ़ सेक्टर-10 में हुए ग्रेनेड अटैक केस में एक और अहम आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया. उसने बताया है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान और अमेरिका से रची गई थी. यह हमला बाबर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े आतंकियों ने रचा था. इस मामले में गिरफ्तार पंजाब निवासी अभिजोत सिंह उर्फ बाब्बा उर्फ गोपी को चार्जशीट किया गया है. जांच में पता चला है कि यह साजिश पाकिस्तान में बैठे BKI आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और अमेरिका स्थित गैंगस्टर हैप्पी पासिया ने मिलकर रची थी. पासिया ने ही भारत में लोगों की भर्ती, फंडिंग और हथियार पहुंचाने का जिम्मा उठाया था. रिंदा और पासिया दोनों को एनआईए पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है. इनके साथ ही दो गिरफ्तार आरोपी रोहन मसीह और विशाल मसीह को भी मार्च 2024 में चार्जशीट किया गया था. आर्मेनिया में हुआ था संपर्क एनआईए की जांच में सामने आया है कि दिसंबर 2023 में अभिजोत सिंह आर्मेनिया गया था, जहां उसकी मुलाकात पासिया के करीबी शमशेर शेहरा से हुई. शेहरा ने ही उसे पासिया के आतंकी गिरोह में शामिल कराया. भारत लौटने के बाद, जुलाई 2024 में अभिजोत ने टारगेट की रेकी की और अगस्त 2024 में रोहन मसीह के साथ मिलकर रिटायर्ड पुलिस अफसर की हत्या की कोशिश की. इसके लिए उसे विदेश से पैसे भी मिले. सितंबर 2024 में रोहन और विशाल ने मिलकर ग्रेनेड अटैक को अंजाम दिया. एनआईए की तलाश जारी एनआईए अब भी उन बाकी आरोपियों और सहयोगियों की तलाश में है, जिन्होंने इस हमले के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और हथियार उपलब्ध कराए थे. वहीं, पुलिस का कहना कि यह हमला रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक जसकीरत सिंह चहल को निशाना बनाकर किया गया था, जो 1986 में नकोदर में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) थे, जब पुलिस की गोलीबारी में चार सिख प्रदर्शनकारी मारे गए थे. 11 सितंबर, 2024 के हमले से दो साल पहले तक चहल सेक्टर 10 के मकान की पहली मंजिल पर किराए पर रह रहे थे. यह मकान हिमाचल प्रदेश के एक संस्थान के रिटायर्ड प्रिंसिपल केके मल्होत्रा ​​का है.  

ग्रीन पटाखों की नई नीति: उत्पादन की अनुमति, लेकिन बेचने पर प्रतिबंध बरकरार

नई दिल्ली  दुर्गा पूजा और नवरात्रि के बाद अब दिवाली की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर इलाके में हरियाणा और पंजाब में जलने वाले पराली से प्रदूषण का खतरा बढ़ने लगा है. वहीं, दिवाली में जलने वाले पटाखों से होने वाले प्रदूषण को लेकर भी चिंता बनी हुई है. राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी, 2025 से पूरे वर्ष के लिए सभी प्रकार के पटाखों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध है. इसके साथ ही राजधानी में पटाखों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन हाल में सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखा निर्माताओं को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली सीजन से पहले दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रीन पटाखों के निर्माण की अनुमति दे दी है, लेकिन एनसीआर क्षेत्र में उनकी बिक्री पर रोक लगा दी है. सीजेआई बीआर गवई की अगुवाई वाली पीठ ने राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) से वैध प्रमाणन वाले निर्माताओं को उत्पादन जारी रखने की अनुमति दी है, बशर्ते वे एक वचनबद्धता प्रस्तुत करें कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कोई बिक्री नहीं होगी. लेकिन इससे यह असमंजस बना हुआ है कि ग्रीन पटाखे के बनाने की अनुमति तो मिल गई है, लेकिन बिक्री नहीं होगी, तो फिर बनाने का क्या मतलब है? इसे लेकर ग्रीन पटाखों के निर्माता सवाल उठा रहे हैं. 8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, टिकीं निगाहें सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली सरकार, निर्माताओं और विक्रेताओं सहित सभी हितधारकों से परामर्श करने और 8 अक्टूबर, 2025 को होने वाली अगली सुनवाई पर अदालत के समक्ष एक संतुलित नीति पेश करने का भी निर्देश दिया गया है. इससे अब लोगों की निगाहें आठ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है.   हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों पर केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया था. एमसी मेहता मामले की सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने टिप्पणी की, “अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है, तो उन्हें पूरे देश में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए…” उन्होंने कहा था कि जो भी नीति होनी चाहिए, वह अखिल भारतीय स्तर पर होनी चाहिए. हम केवल दिल्ली के लिए नीति नहीं बना सकते क्योंकि वे देश के कुलीन नागरिक हैं. मैं पिछले साल सर्दियों में अमृतसर गया था, और वहां प्रदूषण बदतर था. इससे पहले नवंबर 2024 में, दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि ‘कोई भी धर्म ऐसी किसी भी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता, जो प्रदूषण में योगदान दे या लोगों के स्वास्थ्य से समझौता करे. जानें दिल्ली सरकार का क्या है आदेश दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में 1 जनवरी, 2025 से पूरे वर्ष के लिए सभी प्रकार के पटाखों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. पटाखों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और फोड़ने पर स्थायी प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं. आदेश में आगे कहा गया है, “दिल्ली में, विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में, गंभीर वायु प्रदूषण होता है और पार्टिकुलेट मैटर सांद्रता (पीएम 2.5 और पीएम 10) जैसे प्रदूषकों का स्तर वायु गुणवत्ता के निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है. वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 19 की उप-धारा (1) के अंतर्गत संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को वायु प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र घोषित किया गया है.”   आदेश में कहा गया है कि त्योहारों के मौसम में पटाखे जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है. इसलिए, दिल्ली सरकार ने वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत 2020 से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. अक्टूबर से जनवरी के महीनों के दौरान वायु गुणवत्ता में गिरावट की पिछली घटनाओं को देखते हुए, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध है. इसके साथ ही पटाखों के फोड़ने (ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से वितरण सहित) और उन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.  

दीपावली से पहले हरियाणा में सक्रिय होंगे राजनीतिक दल, पीएम मोदी का संभावित दौरा

चंडीगढ़  हरियाणा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बार दीपावली से पहले हरियाणा का दौरा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार उनका कार्यक्रम अंबाला छावनी में तय हो सकता है, जहां वे 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में बन रहे स्मारक का लोकार्पण करेंगे। अगर यह कार्यक्रम अंतिम रूप नहीं ले पाया, तो संभावना है कि प्रधानमंत्री पहली नवंबर को हरियाणा दिवस पर रोहतक पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का हरियाणा से नाता सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा। अगस्त 2014 से लेकर अब तक वे 16 बार हरियाणा का दौरा कर चुके हैं। इस बार का दौरा उनकी 17वीं यात्रा होगी। हर दौरे में उन्होंने किसी न किसी योजना की सौगात हरियाणा को दी है- चाहे वह किसानों की आय बढ़ाने की पहल हो या गांवों में लंबे समय से बसे परिवारों को मालिकाना हक देने का फैसला। भाजपा सरकार के एक साल का रिपोर्ट कार्ड मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा की भाजपा सरकार ने 17 अक्टूबर को अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा कर लिया है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। सरकार का दावा है कि पिछले एक साल में चार दर्जन से अधिक चुनावी वादे पूरे किए गए हैं और लक्ष्य 90 तक पहुंचने का है। महिलाओं के लिए बड़ी पहल हरियाणा सरकार ने हाल ही में ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये सीधे खाते में दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर इस योजना की जानकारी दी और बताया कि पहली नवंबर को हरियाणा दिवस पर महिलाओं के खाते में यह राशि आनी शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि हिमाचल, तेलंगाना और पंजाब में भी ऐसी घोषणाएं हुईं, लेकिन वहां अब तक कोई राशि महिलाओं तक नहीं पहुंची। हरियाणा इस दिशा में देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। अंबाला या रोहतक में कार्यक्रम की तैयारी प्रधानमंत्री मोदी के हरियाणा दौरे के दो संभावित स्थल माने जा रहे हैं—अंबाला और रोहतक। अंबाला: यहां 1857 की क्रांति से जुड़े शहीदों की स्मृति में बन रहे स्मारक का उद्घाटन करवाने की योजना है।   रोहतक: अगर कार्यक्रम पहली नवंबर को हुआ तो संभावना है कि प्रधानमंत्री हरियाणा दिवस समारोह में रोहतक पहुंचें और वहां से जनता को संबोधित करें। सैनी सरकार के लिए नैतिक बल प्रधानमंत्री का दौरा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार के लिए भी नैतिक बल साबित होगा। यह लगातार तीसरी बार है जब हरियाणा में भाजपा सरकार बनी है। नायब सिंह सैनी ने पहली बार मार्च 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के स्थान पर जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में वे जनता के जनादेश से मुख्यमंत्री बने। एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर मोदी का दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नई ऊर्जा भरने का काम करेगा। जापान दौरे से लौटेंगे सैनी प्रधानमंत्री के संभावित आगमन से पहले मुख्यमंत्री सैनी पांच अक्टूबर को जापान रवाना हो रहे हैं। वहां वे एक सप्ताह तक निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर दौरे पर रहेंगे। उम्मीद है कि उनके लौटते ही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर अंतिम मुहर लगेगी। राजनीतिक और सामाजिक संदेश प्रधानमंत्री मोदी के हरियाणा दौरे का असर सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा। यह प्रदेश की राजनीति, खासकर आने वाले चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा। महिलाएं, किसान और युवा—तीन ऐसे वर्ग हैं जिन पर भाजपा ने हमेशा फोकस किया है और यह दौरा भी इन्हीं मुद्दों को आगे बढ़ाने का मंच बन सकता है।

5 करोड़ की फिरौती मामले में Sonipat मुठभेड़, तीन बदमाश पकड़े गए

सोनीपत  सोनीपत में अपराध की दुनिया का कुख्यात चेहरा बन चुके एक गैंग को शनिवार सुबह एसटीएफ ने मुठभेड़ में धर दबोचा। पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले इस गिरोह पर लंबे समय से पुलिस की निगाह थी। खेड़ी दमकन रोड पर हुई इस कार्रवाई में गोलीबारी के बीच दो बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों घायल बदमाशों समेत उनके तीसरे साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह वही गैंग है जिसने 16 सितंबर 2025 को सोनीपत के पंखा फैक्टरी मालिक नीटू दांगी का अपहरण किया था। अपहरणकर्ताओं ने उनके पिता से पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। मामले के बाद से गांव निजामपुर के रहने वाले कपिल और दीपक फरार चल रहे थे। दोनों पर हत्या, हत्या प्रयास, लूट, रंगदारी और गैंगवार जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।   ताबड़तोड़ फायरिंग और पुलिस की जवाबी कार्रवाई शनिवार सुबह एसटीएफ यूनिट ने सूचना के आधार पर लोकेशन ट्रेस की और आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की। तभी बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों को पैरों में गोली मारकर काबू कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी मोहम्मद साहिल मौके से दबोच लिया गया। घायल बदमाशों को गोहाना सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हथियार और एक्सयूवी गाड़ी बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों से दो देसी कट्टे और एक एक्सयूवी गाड़ी बरामद की। एसटीएफ सोनीपत के इंचार्ज योगेंद्र सिंह ने पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया। इस दौरान मौके पर एसटीएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

Punjab Bypoll Update: भगवंत मान की पार्टी ने नाम किया हरमीत संधू को मैदान में

तरनतारन  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक हरमीत सिंह संधू को आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया। यह सीट आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के जून में निधन के बाद खाली हुई थी। उपचुनाव की तारीख का ऐलान अभी चुनाव आयोग की ओर से किया जाना बाकी है। मुख्यमंत्री मान ने तरनतारण में ग्रामीण लिंक सड़कों के निर्माण प्रोजेक्ट का शुभारंभ करते हुए लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संधू के नाम की घोषणा करते हुए कहा, ‘हरमीत संधू जनता की पसंद हैं और आप सरकार उन्हें आपके बीच से ही उम्मीदवार बना रही है।’ हरमीत संधू का राजनीतिक सफर संधू तीन बार तरनतारन से विधायक रह चुके हैं। 2002 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। 2007 और 2012 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर विधायक बने। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में पराजय झेलनी पड़ी। जुलाई 2025 में उन्होंने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। संधू की उम्मीदवारी के साथ तरनतारन उपचुनाव की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब राजनीतिक दलों और मतदाताओं की निगाहें चुनाव आयोग पर टिकी हैं, जो उपचुनाव की तारीख का ऐलान करेगा।

सीएम हेल्पलाइन में फर्जीवाड़ा! दमोह में 29 फर्जी शिकायतकर्ता पकड़े गए, सूची प्रशासन को सौंप‍ी

दमोह दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायत करने वाले 29 शिकायतकर्ताओं को जनपद सीईओ ने चिह्नित किया है। जिसकी सूची बनाकर कलेक्टर के पास भेजी गई है। अब इन लोगों की शिकायत का सत्यापन कराया जाएगा और यदि शिकायत गलत पाई गई तो आगे कार्रवाई की जाएगी। बता दें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यह योजन इसलिए शुरू की गई थी, ताकि आम लोगों को शासन की उस योजना का लाभ मिल सके, जिससे वह वंचित हैं। यदि अधिकारी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं तो वह हितग्राही अपनी समस्याओं की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर सकता है। यह योजना सार्थक हुई लोगों को न्याय मिलना शुरू हो गया, लेकिन लोग इसका गलत इस्तेमाल करने लगे। जिसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और झूठी शिकायत करने वाले लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मांगी जानकारी दमोह कलेक्टर ने ब्लाक स्तर के अधिकारियों से जानकारी मांगनी शुरू कर दी है। तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने 29 लोगो की सूची बनाकर दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर को भेजी है। यह वे लोग हैं जो लगातार शिकायत करते हैं। जबकि उस योजना से उनका दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है। 26 सितम्बर को दमोह कलेक्टर ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को एक पत्र जारी किया था। जिसमें पूछा था आपके यहां सीएम हेल्पलाइन में यदि कोई ऐसे व्यक्ति हैं, जो बार बार शिकायत करते हैं या फिर शिकायत दर्ज करना उन्होंने अपनी आदत बना ली है तो उनका नाम, फोन नंबर शिकायत के विवरण की जानकारी सहित दर्ज करे और उनकी सूची भेजे। जिसके बाद तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने लोगों की एक सूची तैयार की है, जिनका काम ही सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करना है। उनके नाम ओर शिकायत की दर्ज संख्या सहित पूरी जानकारी भेजी गई है। ऐसी होती है ज्यादा शिकायत तेंदूखेड़ा ब्लाक में जो शिकायत दर्ज हैं उनमें अधिकाश लोग जिले या दूसरी जनपद से है। जिनकी शिकायतें जांच में गलत पाई गई है तो कुछ शिकायतो में लेनदेन करके मामलों का निराकरण हुआ है। शिकायत का जनहित या समाज हित से कोई वास्ता नहीं है। बल्कि निर्माण कार्य और पंचायत बंद या फिर सचिव, सरपंच की झूठी शिकायतों का हवाला दिया गया था। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद उनकी जानकारी एकत्रित की गई और सूची दमोह कलेक्टर के पास भेजी जा चुकी है। तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी ने बताया कलेक्ट्रेट से पत्र प्राप्त हुआ था। उसके बाद अप्रैल माह से सितम्बर तक की जानकारी एकत्रित की गई थी और 29 ऐसे शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार की है जो लगातार सी एम हेल्पलाइन पर शिकायत करते है। इनकी शिकायतों में फर्जी मजदूर और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी का हवाला दिया जाता है। पत्र के माध्यम से जानकारी भेजी गई है आगे जो कार्रवाई होगी दमोह कलेक्टर करेंगे। 

नई चेक क्लियरेंस व्यवस्था शुरू: बड़े शहरों में तेजी से होगा चेक क्लियर, जल्द पूरे देश में लागू

नई दिल्ली बैंकिंग सिस्टम (Banking System) में 4 अक्तूबर 2025 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 4 अक्टूबर से फास्ट चेक क्लियरेंस सिस्टम (Fast Cheque Clearance System) लागू करने का फैसला किया है. इस नई व्यवस्था से चेक जमा कराने पर पैसे उसी दिन खातों में जमा हो सकेंगे, जिससे पहले की तरह 1–2 दिन इंतजार नहीं करना पड़ेगा.  RBI का बड़ा फैसला फिलहाल चेक क्लियरेंस में कुछ दिन का वक्त लग जाता है. जिसे बदलकर अब RBI नई व्यवस्था के तहत Continuous Cheque Clearing मोड पर ले आएगा. इसके तहत सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जो भी चेक जमा होंगे, उनकी इमेज और डेटा तुरंत स्कैन करके क्लियरिंग हाउस को भेजी जाएगी. उसे शाम 7 बजे तक चेक कंफर्म करना होगा. अगर बैंक समय पर जवाब नहीं देता है, तो चेक को ऑटोमैटिक क्लियर मान लिया जाएगा.  नए नियम को 2 चरणों में लागू करने का प्लान: चरण- 1: 4 अक्टूबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक बैंक को शाम 7 बजे तक पुष्टि का समय रहेगा.  चरण- 2: 3 जनवरी 2026 से बैंक को चेक कंफर्म करने के लिए केवल 3 घंटे का समय मिलेगा. अगर सुबह 10 बजे चेक भेजा गया है, तो दोपहर 2 बजे तक इसे क्लियर करना पड़ेगा. जिससे क्लियरेंस और भी तेज हो जाएगी. यह नई व्यवस्था शुरुआत में बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई के क्लियरिंग ग्रिड पर लागू होगी, फिर देशभर में इस नियम को लागू किया जाएगा. इससे बैंकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता में सुधार होगा और चेक भुगतान अनुभव कहीं अधिक सहज बन जाएगा.   ग्राहकों से ये अपील RBI ने बड़े अमाउंट के चेक के लिए Positive Pay System को अनिवार्य किया है. इसमें ग्राहक बैंक को चेक के महत्वपूर्ण विवरण पहले से बताते हैं, इससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और गलत चेक ऑटोमैटिक रूप क्लियर नहीं होंगे. इस परिवर्तन से ग्राहक और व्यवसाय दोनों को फायदा होगा. ग्राहकों को तेज भुगतान मिलेगा और लेन-देन की अनिश्चितता कम होगी. वहीं व्यवसायों का कैश फ्लो बेहतर मैनेज होगा. बैंकिंग प्रणाली की कार्यकुशलता और विश्वसनीयता बढ़ेगी.    यही नहीं, RBI ने ग्राहकों को यह सलाह दी है कि वे चेक भरते समय सावधानी बरतें, विवरण सही लिखें और खाते में पर्याप्त राशि रखें. इससे चेक की अस्वीकृति या देरी की समस्या कम होगी. 

वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन

इंदौर शहर का सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन इंदौर भाजपा और उससे जुड़े सांप्रदायिक संगठनों द्वारा शहर की फिजा को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है इसी कड़ी में एकलव्य सिंह गोड ने शीतला माता बाजार से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाले जाने का फतवा जारी कर शहर के माहौल को बिगाड़ा है। इसको लेकर वामपंथी समाजवादी दल लगातार अभियान चला रहे हैं। गत दिनों इन दलों ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देकर एकलव्य गोड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के बाद गांधी जयंती पर इन दलों और अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांधीपतिमा पर धरना दिया तथा सभा की।  उसके बाद कार्यकर्ता सराफा थाने पहुंचे और वहां पर करीब 1 घंटे तक प्रदर्शन कर एवं नारेबाजी के बाद में थाना प्रभारी और क्षेत्रीय सीएसपी को एकलव्य गोड के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री, रुद्रपाल यादव ,राहुल निहुरे, राजेंद्र यादव आदि ने किया।धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,सीपीएम  व श्रम संगठनों और अन्य जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लया। विरोध  सभा को सोहनलाल शिंदे ,रुद्रपाल यादव,  अरुण चौहान,  रामस्वरूप मंत्री,राजेंद्र यादव,  कैलाश लिंबोदिया, सीएल सरावत,   हरिओम सूर्यवंशी , विनीत तिवारी, राहुल निहोरे , अजीत केतकर, वास्कल एंथोनी, सफी शेख, परेश टोकेकर ,प्रमोद नामदेव, संदीप शर्मा  कविता सोलंकी ने संबोधित किया ।   सभा का संचालन  अरुण चौहान ने किया । इस मौके पर श्रम संगठन व जनसंगठन, सामाजिक संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए । जिनमे अभय नीमा, भारतीय सामाजिक न्याय संगठन से सलीम शेख, हर्ष मरमट, रमेश झाला, पूनम खंडेलवाल, हरि मरमट, प्रकाश पाठक व अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ता जत्था बनाकर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री  की प्रतिमा स्थल पर गए और उनके न्याय प्रिय व उनके द्वारा दिए गए जय जवान जय किसान के नारे को बुलंद कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता सराफा पुलिस थाना पहुंचे और प्रदर्शन किया ।पुलिस थाना प्रभारी आर के लिटोरिया से मिलकर उनके क्षेत्र शीतला माता बाजार वर्ग विशेष के लोगों को कार्य से बंद करने भाजपा नेता एकलव्य सिंह गोड के बयान को शहर के माहौल को खराब करने का बताया और उन पर एफआईआर दर्ज किए जाने कि मांग की।   औकार्यक्रम में मुख्य रूप से भागीरथ कछवाय,यूसुफ खान, काशीराम नायक ,फादर पायस, और अन्य अनेक साथियों ने हिस्सा लिया।