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अमरेली में डरावना मंजर: रनवे से फिसला विमान, लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

अहमदाबाद अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद विमान दुर्घटना के नाम मात्र से लोगों की रुह कांप जाती है। रविवार को उसी गुजरात में एक बड़ा हादसा टलते बच गया। गुजरात के अमरेली पर एयरपोर्ट लैंडिंग के दौरान एक विमान फिसल गया। विमान रनवे से फिसलकर किनारे पर पहुंच गया। हालांकि विमान की रफ्तार कम हो गई थी। इससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गुजरात के अमरेली एयरपोर्ट पर यह हादसा पहली बार नहीं है। इससे पहले भी इसी एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश होने की घटना हो चुकी है। इससे एयरपोर्ट अथॉरिटी की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार को फिर हादसा होने से अमरेली एयरपोर्ट भी चर्चा में आ गया है।    क्या बोले कलेक्टर? अमरेली कलेक्टर विकल्प भारद्वाज ने बताया कि एयरक्राफ्ट को नुकसान हुआ है लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है। रनवे पर लैंडिंग के समय साइड में स्लिप होने से तिरछे हुए एयरक्राफ्ट का वीडियो सामने आया है। कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा प्लेन में हुए नुकसान की जांच के बाद ही पता चल पाएगा। क्या था अहमदाबाद हादसा? गत 12 जून को दोपहर में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी। रनवे के कुछ दूर जाते ही प्लेन क्रैश हो गया और एयरपोर्ट के पास बीजे मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग पर गिर पड़ा। इससे विमान में भयंकर आग लग गई। विमान में सवार 242 लोगों 1 को छोड़कर सभी की मौत हो गई। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर विमान गिरने से कई ट्रैनिंग डॉक्टरों की भी मौत हो गई थी।  

केंद्र के राहत पैकेज पर पंजाब सरकार का विरोध, विधानसभा में जोरदार प्रदर्शन

चंडीगढ़  पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है. पंजाब के खजाने में एक भी रुपया नहीं पहुंचा है, जिसके खिलाफ शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने विधानसभा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.हाथों में प्लेकार्ड और नारेबाजी करते हुए विधायकों ने इसे पंजाब के साथ ‘धोखा’ बताया. विधायकों ने कहा, ‘हमें ₹20,000 करोड़ की जरूरत थी, लेकिन मिला ₹1600 करोड़ का ‘जुमला’, और उसमें से भी एक रुपया नहीं आया’.   AAP ने केंद्र सरकार को दी चेतावनी! पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी. सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया’. चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया. पंजबा को केंद्र ने 1600 करोड़ का झुनझुना दिया जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का ‘झुनझुना’ थमा दिया. यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है.’ उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है. गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए. साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए. पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा… ₹1600 करोड़ ‘अपमान’ और ‘नाकाफी’,राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को “पंजाब का अपमान” बताया. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं. इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है. सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है. किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, ‘पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है’.  

बाढ़ ने लील लिया जीवन: पंजाब में हजारों पक्षियों और सैकड़ों मवेशियों की मौत, CM मान का मुआवजा ऐलान आज

चंडीगढ़  पंजाब में आई बाढ़ ने जहां इंसानी जिंदगी पर गहरी चोट की, वहीं पशु-पक्षियों का भी भारी नुकसान हुआ है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 59 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही 6,515 पक्षियों और 502 मवेशियों की मौत दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे और प्रभावित लोगों व पशुपालकों के लिए मुआवजे की घोषणा करेंगे। पशुपालन विभाग ने 23 सितंबर तक के नुकसान को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है। आंकड़ों के मुताबिक, 6,515 पक्षियों की मौत हुई, जिनमें सबसे ज्यादा 5,015 अमृतसर में दर्ज की गईं। पोल्ट्री फार्म सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। वहीं, होशियारपुर में करीब 1,500 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हुई।   मवेशियों पर भी भारी असर पूरे राज्य में अब तक 502 मवेशी बाढ़ में मारे गए या बह गए। सबसे ज्यादा मार अमृतसर जिले पर पड़ी, जहां अकेले 218 मवेशियों की मौत हुई। इनमें 172 सूअर, सात बैल, 18 बछड़े, 22 बछिया और एक घोड़े की मौत शामिल है। अजनाला सेक्टर में अचानक आई बाढ़ से लोग अपने पशुओं को भी नहीं बचा पाए। गुरदासपुर में 151 मवेशियों की मौत हुई, जो राज्य में दूसरा सबसे ज्यादा नुकसान है। वहीं फिरोजपुर में एक बछड़े और एक हीफर की मौत की पुष्टि हुई है। महामारी रोकने को टीकाकरण अभियान बाढ़ प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने का खतरा देखते हुए पशुपालन विभाग ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार शुक्रवार तक पूरे पंजाब में 2.33 लाख से ज्यादा पशुओं को हैमरेजिक सेप्टीसीमिया वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा चुकी है। पशुपालन विकास एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि लगभग सभी मवेशियों का टीकाकरण कर दिया गया है। अब तक किसी बड़े स्तर पर महामारी जैसी स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। बीमारियों ने दी दस्तक रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ के बाद पशुओं में कई तरह की बीमारियों के लक्षण सामने आए हैं। इनमें खुरपका, थनों में सूजन, टिक-बॉर्न संक्रमण, त्वचा रोग, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और पोषण की कमी शामिल हैं। हरे चारे की कमी से पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर दुग्ध उत्पादन पर पड़ा है।   विधानसभा सत्र में सरकार का जवाब विशेष सत्र के दौरान विपक्ष राहत कार्यों और मुआवजे पर सवाल उठा सकता है। ऐसे में पशुपालन विभाग की रिपोर्ट सरकार के जवाब का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान सदन में बाढ़ से हुए नुकसान का ब्योरा देने के साथ-साथ प्रभावित लोगों और पशुपालकों के लिए राहत नीति स्पष्ट करेंगे। बाढ़ ने किसानों और डेयरी कारोबारियों को गहरा आर्थिक झटका दिया है। पोल्ट्री मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब उनकी नजर विधानसभा सत्र पर टिकी है, जहां सरकार की राहत और मुआवजा नीति साफ होगी।

फिर सहमी दिल्ली! एयरपोर्ट और कई स्कूलों को भेजी गई बम धमाके की चेतावनी

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की धमकी से सहम गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के जरिये बम रखने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को मेल प्राप्त हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। स्कूलों व संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह के बम धमाके की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने वाले स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को मिले ईमेल में स्पष्ट धमकी दी गई थी कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, यह भी अफवाह मात्र साबित हुई। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला। दिल्ली पुलिस को स्पष्ट रूप से संबोधित करते हुए लिखे गए ईमेल में कहा गया, “उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।”  

दिल्ली में गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, काला जठेड़ी गिरोह के 6 गुर्गे हथियारों संग गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के मुख्य हथियार सप्लायर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 6 अत्याधुनिक पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किये गए हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह गिरफ्तारी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की इस कार्रवाई से बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सबसे पहले सहदेव उर्फ देव को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान सहदेव ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से अवैध हथियार लाकर काला जठेड़ी गिरोह के विभिन्न सक्रिय सदस्यों को उनकी मांग पर सप्लाई करता था। सहदेव की निशानदेही पर ही पुलिस ने गिरोह के अपराधी साहिल को दिल्ली में गिरफ्तार किया। हर्ष इंदौरा ने बताया कि साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए, जिससे उसकी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य रोहित उर्फ बच्ची अपने साथियों के साथ नोएडा होते हुए दिल्ली आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर नोएडा-दिल्ली सीमा के पास उनकी कार को रोककर रोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी के बाद, उनके कब्जे से भी अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है, जल्द ही नए खुलासे हो सकते हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि गिरोह के विभिन्न सदस्यों को उनकी मांग पर हथियारों की सप्लाई होती थी। ये लोग अब तक किस-किस को हथियार की सप्लाई करते थे, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।  

ग्रामीण इलाकों से मिल रहे सबसे ज्यादा फिडबैक, अबतक 9.5 लाख ग्रामीणों ने दिये सुझाव

शहरी क्षेत्रों से आए लगभग 3 लाख सुझाव, शिक्षा, कृषि और विकास पर जनता दे रही खुलकर अपने सुझाव फीडबैक देने के मामले में महाराजगंज, संभल और सोनभद्र सबसे आगे, इटावा और फिरोजाबाद से सबसे कम फीडबैक लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में जारी योगी सरकार का 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 300 नोडल अधिकारी और प्रबुद्धजन विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर न सिर्फ बीते 8 वर्षों की उपलब्धियां साझा कर रहे हैं, बल्कि जनता से भविष्य की योजनाओं पर सुझाव भी ले रहे हैं। अभियान में रविवार तक करीब 12.5 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 9.5 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 3 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। युवा, महिला, किसान, छात्र और वरिष्ठ नागरिक सभी वर्ग इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा और कृषि पर आम जनमानस की राय एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 12.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। फीडबैक में सबसे ज्यादा राय शिक्षा क्षेत्र पर आई। लोग चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों को और मज़बूत किया जाए और शिक्षा को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाया जाए। कृषि क्षेत्र पर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं, जिसमें किसानों को और सुविधाएं देने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने जैसी बातें प्रमुख रहीं। फीडबैक देने में महाराजगंज, संभल, सोनभद्र, कानपुर देहात और गोरखपुर सबसे आगे हैं। वहीं इटावा, फिरोजाबाद, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर में सबसे कम भागीदारी रही है। जनता के सुझाव महाराजगंज के नागरिकों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने और बंद पड़ी गन्ना मिलों को फिर से चालू कराने की मांग की है। गाजियाबाद की सुषमा ने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और खेल-कौशल आधारित बनाने का सुझाव दिया, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास साथ-साथ हो सके। लखनऊ के रणजीत पटेल ने 112 पुलिस की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल वैन शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने शिक्षा में सरकारी स्कूलों को बढ़ावा देने और बेरोजगारी दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति आयु घटाने का सुझाव दिया। मऊ की वंदना सिंह ने कॉलोनियों में सड़क और नाली की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता बताई और निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुझाव के आधार पर सरकार तैयार करेगी विजन डॉक्युमेंट सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें। सर्वाधिक अच्छे सुझावों को जनपद और प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

एशिया कप 2025: टीम इंडिया ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, हार्दिक बाहर

दुबई  एशिया कप 2025 के फाइनल में टीम इंडिया की भिड़ंत पाकिस्तान के साथ हो रही है। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। 41 साल में यह पहला मौका है जब भारत-पाकिस्तान के बीच इस टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला खेला जाना है। फाइनल मैच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। जीत के विजय रथ पर सवार टीम इंडिया सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम जीत के विजय रथ पर सवार है और अभी तक टूर्नामेंट में अजेय रही है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा का बल्ला खूब रन उगल रहा है, तो गेंदबाजी में इंडियन स्पिनर्स की फिरकी का जादू सिर चढ़कर बोला है।   बल्लेबाजी पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता दूसरी ओर, पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अपनी बेस्ट क्रिकेट नहीं खेली है। गिरते-पड़ते सलमान आगा की सेना फाइनल तक पहुंची है। हालांकि, सुपर 4 में भारत के खिलाफ मिली हार के बाद टीम ने जोरदार कमबैक करते हुए लगातार दो मैचों में जीत का स्वाद चखा है। गेंदबाजी में शाहीन अफरीदी फॉर्म में लौट चुके हैं। वहीं, हैरिस रऊफ ने भी लय पकड़ ली है। मगर पाकिस्तान की चिंता उनका बैटिंग ऑर्डर रहा है, जो हर बड़े मैच में फेल नजर आया है।

भगत सिंह की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किया पुष्पहार, भावुक पल देखिए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

आमजनों से अभद्रता अस्वीकार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार निलंबित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता के साथ संवेदना, सहानुभूति और मददगार के रूप में व्यवहार करना लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है। लोक सेवकों द्वारा आमजनों से अभद्रता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आमजन से अभद्र व्यवहार और बेहद अशिष्ट शब्दावली का प्रयोग करने पर मऊगंज जिले के प्रभारी तहसीलदार श्री वीरेन्द्र कुमार पटेल को निलंबित किया गया है।  उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में प्रभारी तहसीलदार श्री पटेल द्वारा एक व्यक्ति से किए गए अशोभनीय कृत्य के संदर्भ में यह कार्यवाही की गई है। मऊगंज जिले के कलेक्टर द्वारा प्रभारी तहसीलदार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा के प्रतिवेदन पर कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद द्वारा प्रभारी तहसीलदार, तहसील मऊगंज श्री पटेल को कदाचरण के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

योगी सरकार 35 हजार स्काउट-गाइड्स के लिए तैयार करेगी डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में विश्वस्तरीय व्यवस्था

– 23 से 29 नवंबर तक लखनऊ में चलेगी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी, मेजबानी करेगी योगी सरकार  – टेंट सिटी में होंगे 3500 टेंट, 64 रसोई, 1600 शौचालय, 100 बिस्तरों का अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी – भूमि पूजन के साथ शुभंकर और लोगो भी होगा लॉन्च, नवंबर में पीएम मोदी करेंगे जम्बूरी का उद्घाटन, राष्ट्रपति करेंगी समापन – एडवेंचर, संस्कृति, शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ेगी युवा ऊर्जा, योगी सरकार के प्रयासों से 61 साल बाद यूपी को मिली जम्बूरी की मेजबानी लखनऊ उत्तर प्रदेश एक ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने जा रहा है। 61 साल बाद भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन यूपी में होगा। इसके डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले की तैयारियों का आगाज़ सोमवार (29 सितंबर) को भूमि पूजन के साथ होगा। इसके बाद अगले 55 दिनों में ये टेंट सिटी पूरी तरह से आकार ले लेगी। राजधानी लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में सुबह 11:30 बजे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भूमि पूजन करेंगे। इसी मंच से 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का लोगो और शुभंकर भी लॉन्च किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इनमें उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और भारत स्काउट गाइड यूपी के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेन्द्र सिंह विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। 35 हजार स्काउट्स-गाइड्स की मेजबानी करेगी टेंट सिटी भूमि पूजन के साथ जिस भूमि पर टेंट सिटी तैयार की जाएगी, वहां 35 हजार स्काउट्स और गाइड्स के लिए अस्थायी लेकिन विश्वस्तरीय सुविधाएं बसाई जाएंगी। इसमें लगभग 3500 टेंट होंगे, जिनमें प्रतिभागियों का ठहराव होगा। इसके अलावा 64 सामूहिक रसोई घर, 1600 शौचालय और स्नानागार, 100 दुकानों वाली ‘जम्बूरी मार्केट’, प्रदर्शनियों के लिए विशाल हॉल और मीटिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसमें प्रत्येक प्रतिभागी दल के लिए अलग आवासीय सुविधा होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 100 बिस्तरों वाला अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी स्थापित की जाएंगी, ताकि 23 से 29 नवंबर तक चलने वाले इस मेगा आयोजन में किसी भी प्रतिभागी को स्वास्थ्य सुविधा की कमी न हो। इसके साथ ही पूरा परिसर प्लास्टिक फ्री होगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। वाई-फाई जोन, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग हॉल के साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन की व्यवस्था होगी।  आयोजित होंगी साहसिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियां जम्बूरी में आने वाले स्काउट्स-गाइड्स हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों से साहसिक अनुभव प्राप्त करेंगे। वहीं फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा जैसी स्काउटिंग की मूल विधाओं से व्यवहारिक जीवन जीने की कला सीखेंगे। सांस्कृतिक मंच पर ग्लोबल विलेज, लोक नृत्य, नाटक और गीत-संगीत का रंग बिखरेगा। विज्ञान और तकनीक की दुनिया से रूबरू कराने के लिए रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। साथ ही सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और टीमवर्क आधारित गतिविधियां युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगी। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी होंगे सहभागी 24 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जम्बूरी का भव्य उद्घाटन करेंगे। समापन 28 नवंबर को राष्ट्रपति महोदया के कर-कमलों से होगा। इस बीच पूरे एक सप्ताह तक चलने वाला यह महाकुंभ युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख देगा। यूपी के लिए गौरव का क्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से 61 वर्ष बाद राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश को मिली है। लखनऊ में बनने वाली यह टेंट सिटी न केवल आयोजन का केंद्र होगी बल्कि यह संदेश भी देगी कि उत्तर प्रदेश अब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम है। भूमि पूजन के साथ ही इस ऐतिहासिक जम्बूरी की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। पिछली बार 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है। युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात भी करेंगे। प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 35 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को लखनऊ में संबोधित करेंगे।