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वोटर अधिकार बनाम घुसपैठिया बचाओ यात्रा: अमित शाह ने राहुल गांधी को घेरा

रोहतास केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर निशाना साधा और उनकी बिहार में निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा को घुसपैठिया बचाओ यात्रा बताया। रोहतास जिले के डेहरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए, शाह ने कांग्रेस पार्टी पर विकास के मुद्दों की अनदेखी करने और इसके बजाय बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाया। अमित शाह ने डेहरी में सभा को संबोधित करते हुए कहा, “वे (कांग्रेस) हर बार झूठा प्रचार करते हैं। राहुल गांधी ने यात्रा की। उनकी यात्रा का विषय वोट चोरी नहीं था। मुद्दा अच्छी शिक्षा, रोजगार, बिजली, सड़कें नहीं थीं। उनकी यात्रा का मुद्दा बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को बचाना था। क्या आपमें से किसी ने अपना वोट खोया है? यह राहुल गांधी की 'घुसपैठिया बचाओ यात्रा' थी।” कांग्रेस की यात्रा की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए शाह ने पूछा, "क्या घुसपैठियों को वोट का अधिकार होना चाहिए? क्या घुसपैठियों को नौकरी, घर, 5 लाख रुपये तक का इलाज और मुफ्त राशन मिलना चाहिए? ये राहुल बाबा एंड कंपनी वोट बैंक के लिए हमारे युवाओं की बजाय घुसपैठियों को नौकरी दे रही है।" अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के सत्ता में आने पर कथित खतरों के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह करते हुए कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम घर-घर जाएं और लोगों को बताएं कि अगर गलती से भी उनकी (महागठबंधन) सरकार बन गई, तो बिहार के हर जिले में सिर्फ घुसपैठिए होंगे।” यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भाजपा और कांग्रेस दोनों ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बिहार में अपने चुनावी अभियान तेज कर दिए हैं। बिहार में अगले महीने विधानसभा चुनाव की घोषणा संभव है।  

प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ हर समस्या का कर रही समाधान: जोगाराम पटेल

जयपुर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने गुरुवार  को ग्राम पंचायत सांगरिया में सीवरेज के गंदे पानी की निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था का जायजा लिया।श्री पटेल ने कहा मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ हर समस्या का समाधान कर रही है। उन्होंने कहा सांगरिया में सीवरेज के पानी की त्वरित निकास से आमजन को राहत मिली है। उन्होंने कहा नगर निगम द्वारा अस्थाई एवं त्वरित समाधान के लिए हेलीपेड सर्किल से कुड़ी नाले में आवश्यक संसाधन लगाकर गंदे पानी की निकासी की जा रही है और सांगरिया की भावी आवश्यकता को ध्यान में रखकर डीपीआर भी बनाई जा रही है। क्षेत्र में फॉगिंग करने के दिए निर्देश संसदीय कार्य मंत्री ने दूरभाष पर नगर निगम आयुक्त श्री सिद्धार्थ पालानीचामी को गंदे पानी के कारण मच्छरों से बीमारियां फैलने की आशंका के मद्देनजर क्षेत्र में फॉगिंग करने के निर्देश दिए। स्वनिधि योजना से छोटे व्यापारियों का हो रहा आर्थिक सशक्तिकरण संसदीय कार्य मंत्री ने हेलीपेड सर्किल विवेक विहार स्थित सरस मिनी बूथ पर जनसुनवाई की और चाय का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने यूपीआई के माध्यम से डिजिटल पेमेंट कर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा डबल इंजन की सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना से छोटे व्यापारियों एवं बेरोजगार युवाओं को सब्सिडी एवं कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करवाकर उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्रामवासियों में जताया मंत्री का आभार सरपंच सांगरिया श्री तेजाराम चौधरी ने कहा 14 सितम्बर को माननीय मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने जिला कलक्टर और नगर निगम आयुक्त को मौके पर बुलाकर ग्रामवासियों को आश्वाशन दिया था कि आज ही गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उसी दिन वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम सीवरेज के गंदे पानी का निकासी शुरू हो गई। इसलिए आज ग्रामवासियों के एक प्रतिनिधि मंडल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

भारत में पहुंची ‘समुद्र की रानी’ from बांग्लादेश, लोग उत्साहित, दुकानदार हैं टेंशन में

कोलकाता  दुर्गा पूजा से पहले बांग्लादेश से हिल्सा मछली, जिसे समुद्र की रानी भी कहा जाता है, की पहली खेप भारत-बांग्लादेश सीमा पर पहुंच चुकी है। आठ ट्रकों में करीब 32 टन मछली भारत आई है। बांग्लादेश ने हाल ही में त्योहारों को ध्यान में रखते हुए 1200 टन हिल्सा मछली के निर्यात को मंजूरी दी थी। यह आपूर्ति 16 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच होगी। प्रत्येक ट्रक में पद्मा नदी की लगभग चार टन मछलियां लदी हैं। मछली आयातक संघ के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने बताया कि यह खेप थोक बाजारों में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि एक किलो 'पद्मा हिल्सा' की कीमत ग्राहकों के लिए लगभग 1800 रुपये होगी। मकसूद ने आगे कहा कि अब लगभग हर दिन बांग्लादेश से मछलियां कोलकाता के बाजारों में आएंगी। खुदरा विक्रेताओं में तनाव इस कीमती खेप ने मछली प्रेमियों और व्यापारियों में उत्साह पैदा किया है, खासकर पद्मा नदी की हिल्सा के अनोखे स्वाद के कारण। हालांकि, ऊंची कीमतों के चलते खुदरा विक्रेता चिंतित हैं। सुबह-सुबह नीलामी के लिए जुटे खुदरा विक्रेताओं ने ऊंची दरों पर चिंता जताई। एक स्थानीय विक्रेता ने कहा कि मछली की गुणवत्ता शानदार है, लेकिन इसकी कीमत इतनी अधिक है कि इससे ज्यादा मुनाफा कमाने की उम्मीद नहीं है। अगर लोग इतनी ऊंची कीमत पर मछली खरीदेंगे, तभी हम कुछ लाभ कमा पाएंगे। खुदरा बाजार में कीमतों के और बढ़ने की संभावना है, और अनुमान है कि कीमत 2000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक हो सकती है। इन मछलियों का आकार 800 ग्राम से 1 किलोग्राम तक बताया जा रहा है। एक अन्य विक्रेता ने स्थानीय मछलियों से प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए कहा कि पहले कुछ लोगों ने गुजरात से हिल्सा मंगवाई थी। दोनों का स्वाद अलग है, और बांग्लादेशी मछली की मांग हमेशा ज्यादा रहती है, लेकिन इस बार कीमत बहुत अधिक है। क्या बोले अधिकारी? अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि मछली की यह खेप उसकी निर्यात नीति 2024–27 के तहत होनी चाहिए, जिसमें न्यूनतम निर्यात मूल्य 12.5 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम निर्धारित है। इस मंजूरी की वैधता 16 सितंबर से 5 अक्टूबर तक है।  

भगवान विष्णु पर बयान को लेकर CJI गवई ने जताई सफाई, VHP ने की संयम की अपील

नई दिल्ली  खजुराहो के प्रसिद्ध जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की मरम्मत करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस बीआर गवई ने एक टिप्पणी कर दी थी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल हो रहा था। यही नहीं विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन ने भी चीफ जस्टिस को नसीहत दी थी कि वाणी पर संयम रखना चाहिए। अब इस मामले में खुद चीफ जस्टिस बीआर गवई का बयान आया है और उन्होंने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को सोशल मीडिया पर गलत ढंग से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि किसी ने मुझे अगले दिन बताया कि मेरी टिप्पणी को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी किसी मामले की सुनवाई के दौरान की। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मैं चीफ जस्टिस बीआर गवई को बीते 10 सालों से जानता हूं। वह हर धार्मिक स्थल जाते हैं और सभी का आदर करते हैं। मेहता ने कहा कि यह एक गंभीर मसला है। उन्होंने कहा कि हमने न्यूटन का लॉ पढ़ा है कि हर ऐक्शन का रिएक्शन होता है। लेकिन आज तो हर ऐक्शन पर सोशल मीडिया में गलत रिएक्शन होता है। उन्होंने कहा कि चीफ जस्टिस तो अकसर सभी धर्मों के स्थलों पर जाते हैं। वह सभी का आदर करते हैं। वहीं कपिल सिब्बल भी इस दौरान मौजूद थे। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों का सामना तो हम हर दिन करते हैं। इस तरह किसी को बदनाम नहीं किया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा कि नेपाल में भी ऐसी ही चीजें हुई थीं। बता दें कि मूर्ति की मरम्मत की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने याची को झिड़कते हुए कहा था कि आपकी अर्जी जनहित याचिका नहीं है बल्कि प्रचार याचिका है। उन्होंने कहा था कि यदि आप भगवान विष्णु के इतने कट्टर भक्त हैं तो फिर उन्हीं से प्रार्थना कीजिए। उनकी टिप्पणी का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था और लोग उनकी आलोचना कर रहे थे। क्या कहा था चीफ जस्टिस ने, जिस पर मचा इतना बवाल इसी को लेकर विश्व हिंदू परिषद का भी गुरुवार को बयान आया। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने चीफ जस्टिस के नाम एक लेटर लिखा था। उन्होंने लिखा था, 'परसों सर्वोच्च न्यायालय में खजुराहो के प्रसिद्ध जावरी मंदिर में स्थित भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की मरम्मत के लिए याचिका की सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने मौखिक टिप्पणी की, मूर्ति की मरम्मत के लिए भगवान से ही प्रार्थना कीजिए। आप कहते हैं कि आप भगवान विष्णु के कट्टर भक्त हैं, तो अब उन्हीं से प्रार्थना कीजिए। न्यायालय न्याय का मंदिर है। भारतीय समाज की न्यायालयों में श्रद्धा और विश्वास है। हम सब का कर्तव्य है कि यह विश्वास ना सिर्फ बना रहे वरन् और मजबूत हो।' VHP बोली- जजों को भी रखना होगा वाणी पर संयम इसके आगे नसीहत देते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा, 'हम सब का यह भी कर्तव्य है कि अपनी वाणी में संयम रखें। विशेष तौर पर न्यायालय के अंदर। यह जिम्मेवारी मुकदमा लड़ने वालों की है, वकीलों की है और उतनी ही न्यायाधीशों की भी है। हमको लगता है कि मुख्य न्यायाधीश की मौखिक टिप्पणी ने हिन्दू धर्म की आस्थाओं का उपहास उड़ाया गया है। अच्छा होगा अगर इस तरह की टिप्पणी करने से बचा जाए।'  

सीएसए का 27वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 63 मेडल और 649 उपाधियों से चमके छात्र

सीएसए का 27वां दीक्षांत समारोह संपन्न,  वितरित हुए 63 पदक एवं 649 उपाधियां, छात्र हुए प्रफुल्लित कानपुर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के ऑडिटोरियम हॉल (कैलाश भवन) में आज कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की श्री राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की अध्यक्षता में 27वें दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 63 मेधावियों को पदक एवं पुरस्कार दिए गए।कुल 649 छात्र छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गई।उपाधियां और मेडल पाकर छात्र-छात्राएं झूम उठे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 14 छात्र छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक , 14 छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय रजत पदक, 14 छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय कांस्य पदक एवं 21 छात्र छात्राओं को प्रायोजित स्वर्ण पदक से नवाजा गया। कुल 49 छात्र छात्राओं को 63 पदक दिए गए।प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि आईसीएआर  के  महानिदेशक डॉ एम एल जाट और विशिष्ट अतिथि श्री बलदेव सिंह औलख मा. राज्यमंत्री कृषि,कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान उत्तर प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर आनंद कुमार सिंह ने मेधावियों को पदक दिए।  इस दौरान पदक धारकों की तस्वीर कुलाधिपति महोदया एवं अतिथियों के साथ ली गई। इस अवसर पर एक से अधिक पदक कई छात्र छात्राओं को मिले। राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदया द्वारा इस अवसर पर संबिलियन विद्यालय/माध्यमिक विद्यालय कानपुर नगर,कानपुर देहात, रायबरेली एवं फतेहपुर के विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी 03 छात्र-छात्राओं सहित 13 को प्रमाणपत्र,पुस्तकें, पेन, एवं बैग आदि भेंट की। तथा सभी को चॉकलेट भी दी ।तथा 05 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट भेंट की। इन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में एक को मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रथम स्थान प्राप्त करने पर दिया गया। जबकि रावतपुर प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को गवर्नर हाउस से आई पुस्तके भी भेंट की गई। तथा पांच पुस्तके जिला प्रशासन को भी दी गई।सर्व प्रथम कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। तथा शिक्षण, शोध एवं प्रसार कार्यों के नवाचारो के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आईसीएआर के महानिदेशक डॉ एम एल जाट ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा दलहन, तिलहन एवं खाद्यान्न फसलों की 300 से अधिक प्रजातियां निकालकर कृषि क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। तथा हरित क्रांति में इस विश्वविद्यालय का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों तथा छात्रों से कहा कि हमें मांग के अनुरूप शोध करने की आवश्यकता है तथा दलहन और तिलहन फसलों में आत्मनिर्भर होना जरूरी है,साथ ही वैज्ञानिकों से आवाहन किया कि जलवायु अनुकूल प्रजातियां का विकास करें।उन्होंने गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद के लिए कृषि विविधीकरण पर बल दिया। इस अवसर पर कुलाधिपति एवं श्रीराज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने डिजिलॉकर में 649 डिग्रियों को अपलोड किया। तथा सभी उपाधि धारक छात्र छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने की अति आवश्यकता है। इसके लिए वैज्ञानिकों/अधिकारियों/छात्र छात्राओं को अथक मेहनत करनी होगी। उपाधि धारक छात्र छात्राओं का आवाहन करते हुए कहा कि देश में आपके नवाचारों की अति आवश्यकता है साथ ही उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों से कहा कि श्रीअन्न (मिलेट्स)  के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाए। डिग्री धारक छात्र छात्राओं से कहा कि वह अपने गांव में अपने खेतों पर जैविक और प्राकृतिक खेती करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि लागत को कम किया जाए तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती को अपनाया जाए।  उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन दीदी एवं कृषि सखियों के भी चयन से  कृषि उत्पादकता  में वृद्धि होगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता सिंह ने किया। इस अवसर पर विधायक एव बोर्ड के सदस्य, श्री सुरेन्द्र मैथानी जी,अवधेश कुमार सिंह , विधायक नीलिमा कटियार जी,जिला प्रशासन के अधिकारी गण,सभी अधिष्ठाता गण, निदेशक गण, विभागाध्यक्ष एवं सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

बिहार चुनाव 2025: तेजस्वी यादव ने युवाओं के लिए रखी नौकरी की गारंटी

बेगूसराय  बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा पर हैं। इस यात्रा के तहत वो बेगूसराय पहुंचे।बेगूसराय में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो बिहार में हर नौजवान को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा की बिहार और बेगूसराय के विकास के लिए आगे आना होगा। बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ गया है। बिहार में अब कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं होगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए नीतीश सरकार को बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार के पास बिहार को आगे बढ़ाने के लिए कोई विजन नहीं है। वह हमारे विजन को नकल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई कार्रवाई पर जोर होगा। जाते-जाते उन्होंने ‘जय बिहार, जय बिहारी’ का नारा देकर लोगों का हौसला बढ़ाया। उसके बाद ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे पर उपस्थित हजारों की भीड़ ने तेजस्वी यादव का समर्थन किया। असल में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव अपने निर्धारित समय से 5 घंटा देर से बेगूसराय पहुंचे थे। वे सदर प्रखंड के कंकौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित अधिकार यात्रा में बुधवार की नौ बजे रात संबोधित कर रहे थे।  

आज़म खान के पक्ष में आया हाईकोर्ट का फैसला, मिली जमानत की मंजूरी

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। रामपुर क्वालिटी बार पर कब्जे के मामले में हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार की है। बता दें कि आजम खान को अब सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। जल्द ही वह अब जेल से बाहर आ जाएंगे। 16 सितंबर को भी एक केस में हुए थे बरी सपा के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 16 सितंबर को अवमानना के एक मामले में बरी कर दिया था। मामला साल 2020 में छजलैट थाना क्षेत्र का था। कथित तौर पर रोड जाम करने के आरोप में सपा नेता आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और अन्य सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 2-2 साल की सजा हुई थी। अब्दुल्ला आजम की विधायकी भी गई थी। इसी केस में कोर्ट में बार बार पेश नहीं होने पर आजम खान पर अवमानना का मुकदमा दर्ज किया गया था।

सीएम योगी आदित्यनाथ का मानवीय पहलू, आपदा पीड़ितों के लिए मदद का हाथ

लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आपदा में जनसहभागिता का अनोखा उदाहरण देखने को मिला है. जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. यह किट योगी सरकार द्वारा सरकारी वित्तीय सहायता, मुआवजा और राहत किट के अतिरिक्त वितरित की जा रही है. इस किट को जिलाधिकारी की पहल पर 45 लाख रुपये की लागत से कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया. इसी के साथ खीरी पूरे प्रदेश में ऐसा पहला जिला हैं, जहां पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएसआर स्पेशल किट वितरित की जा रही है. एक किट की लागत करीब 900 रुपये है. बता दें कि पिछले वर्ष भी आपदा की घड़ी में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया गया था. निराश्रितों, दिव्यागों, बुजुर्गों को मदद जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा आपदा के समय प्रदेशवासियों के साथ खड़े रहते हैं. उनके द्वारा न केवल आपदा की घड़ी में पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करायी जाती है बल्कि वह खुद पीड़ितों पर दर्द साझा करने के लिए उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछते रहते हैं. इसी क्रम में सीएम योगी की दूरदर्शी सोच को आत्मसात करते हुए सरकारी सहायता के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि किट को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों के सभी बाढ़ प्रभावित गांव में निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को चिन्हित किया गया है. इसके साथ ही हर जरूरतमंद को स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने गुरुवार को सदर तहसील में विधायक योगेश वर्मा के साथ जरूरतमंदों को सीएसआर स्पेशल किट वितरित की. जरूरत पड़ने पर और भी स्पेशल किट जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की निघासन, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ औा पलिया तहसीलों में चिन्हित दिव्यांगजन, निराश्रित महिला एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले वृद्धजनों को स्पेशल सीएसआर किट का वितरण किया गया. उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को पांच हजार स्पेशल किट उपलब्ध करायी जा रही है. वहीं जरूरत पड़ने पर और भी सीएसआर स्पेशल किट को बनवाया जाएगा. किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड (2 पैकेट) और गर्म पानी रखने के लिए 2 लीटर की थर्मस शामिल है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए असरदार: यह सूखे पत्ते की चाय करें सेवन

नई दिल्ली  खड़े मसाले में इस्तेमाल होने वाला तेज पत्ता शुगर में काफी फायदेमंद माना जाता है। तेज पत्ता में भरपूर एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं। ये सभी पोषक तत्व डायबिटीज में असरदार साबित होते हैं। तेज पत्ता में आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, सेलेनियम और कॉपर होता है। कुछ दिनों तक नियमित रूप से तेज पत्ता का पानी या चाय पीने से पुरानी से पुरानी डायबिटीज को कम किया जा सकता है।     आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।       आयुर्वेदिक में स्वामी रामदेव भी तेज पत्ता की चाय पीने की सलाह देते हैं। ये शुगर के मरीज के लिए जड़ी बूटी के जैसा काम करती है। तेज पत्ता आसानी से मिल जाता हैं। आचार्य बालकृष्ण की मानें तो डायबिटीज में तेज पत्ता काफी फायदेमंद है। कई रिसर्च में भी ये सामने आ चुका है कि डाइट और एक्सरसाइज के साथ कुछ आयुर्वेदिक उपाय करने से शुगर कम होने लगती है। ऐसा करने से इंसुलिन फंक्शन में सुधार आता है।     तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।       तेज पत्ता का इस्तेमाल खाने में तो सभी करते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज को इसकी चाय या पानी पीना चाहिए। तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए 1 तेज पत्ता 1 गिलास पानी में डालकर रातभर के लिए भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छानकर पी लें।     आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।       आप इसे नॉर्मल दूध वाली चाय में भी तेज पत्ता का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा तेज पत्ता की चाय में थोड़ी दालचीनी, इलायची और तुलसी डालकर भी इसे तैयार कर सकते हैं। नॉर्मली आप सुबह खाली पेट तेज पत्ता का पानी पी सकते हैं। इससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने लगेगा।     तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।       तेज पत्ता न सिर्फ खाने का स्वाद बढाता है बल्कि कई बीमारियों में भी असरदार काम करता है। तेज पत्ता का सेवन करने से पेट की समस्या जैसे कब्ज, एसिडिटी, मरोड़ और दर्द को कम किया जा सकता है। अगर किडनी में स्टोन हो रहे हैं तो तेज पत्ता का पानी पीने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों को नींद की समस्या रहती है। वो तेज पत्ता के तेल की कुछ बूंदें पानी में डालकर पी लें।  

नहर प्रबंधन सुधार की दिशा में कदम, हरियाणा सरकार ने पुराने आदेश वापस लिए

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने किसानों की सुविधा और नहर जल प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने जून 2020 में जारी उन आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनके तहत जुई, सिवानी और हिसार जल सेवाएं प्रभागों से कुछ नहर तंत्र लोहारू डिवीजन में स्थानांतरित किए गए थे। पिछले पांच वर्षों में इस व्यवस्था के चलते कई व्यवहारिक कठिनाइयाँ सामने आईं। नहरों के केवल टेल हिस्से लोहारू डिवीजन में रहे, जबकि हेड हिस्से अपने मूल प्रभागों के पास ही थे। इस विभाजन से नहर जल का कुशल प्रबंधन नहीं हो पाया और खासतौर पर टेल एंड पर बसे किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा। सरकार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए नहरों को उनके मूल प्रभागों को लौटा दिया है। इस कदम से हेड से लेकर टेल तक बेहतर नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। पानी की आपूर्ति निष्पक्ष और भरोसेमंद ढंग से टेल एंड गांवों तक पहुँचेगी। फील्ड स्टाफ भी किसानों की शिकायतों के समाधान में अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार रहेगा। विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ और कार्य की दोहराव भी समाप्त हो जाएगी। किसानों की सुविधा सर्वोपरि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को सुविधा में कोई कमी न आए। वर्ष 2023 में सरकार ने गांव खेड़ा, ब्लॉक सिवानी, जिला भिवानी में 17.54 करोड़ रुपये की लागत से एकीकृत कार्यालय परिसर, नहर विश्राम गृह और स्टाफ आवासीय भवन को मंजूरी दी थी। यह परियोजना अब 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसमें तीनों अहम कार्यालय—एसडीओ सिवानी (लोहारू डिवीजन, एलडब्ल्यूएस सर्किल), एसडीओ माइकाड़ा (माइकाड़ा डिवीजन) और एसडीओ सिवानी (सिवानी डिवीजन, वाईडब्ल्यूएस सर्किल)—एक ही छत के नीचे काम करेंगे। इससे किसानों को रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। क्या कहती हैं मंत्री श्रुति चौधरी सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि यह फैसला हमारी सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और नहर जल प्रबंधन को सुधारने का प्रमाण है। हम जमीनी हालात को देखते हुए पुराने फैसलों की समीक्षा करने से हिचकिचाते नहीं हैं। नहर प्रबंधन को सही दिशा देने के साथ-साथ हम आधुनिक ढांचे में भी निवेश कर रहे हैं ताकि हर किसान को सेवाएं आसानी और बिना किसी झंझट के मिल सकें। किसानों के लिए राहत सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल नहर प्रबंधन सुचारू होगा बल्कि किसानों तक समय पर पानी पहुंचच पाएगा। प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और किसानों की संतुष्टि भी सुनिश्चित होगी। खासकर टेल एंड के किसान इस निर्णय से सीधा लाभ उठाएंगे और जल वितरण व्यवस्था में सुधार का अनुभव करेंगे।