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भारतीय हॉकी में नया रिकॉर्ड: मनप्रीत सिंह ने दिलीप तिर्की का 412 मैचों का रिकॉर्ड तोड़ा

 नई दिल्ली  भारतीय हॉकी टीम के लिए दिग्गज खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वे अब टीम इंडिया के लिए सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ये उपलब्धि एफआईएच हॉकी प्रो लीग में नीदरलैंड्स के खिलाफ दी। इस मौके पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है और 10 लाख रुपए की राशि देने का भी एलान किया है। मिडफील्ड के स्टार खिलाड़ी ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अपना 413वां मुकाबला खेला और इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही मनप्रीत ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिलीप तिरके का रिकॉर्ड तोड़ा है, जो वर्तमान में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। 2011 में 19 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 सालों से भारतीय हॉकी टीम के लिए रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं। मनप्रीत सिंह ने तोड़ा दिलीप तिरके का रिकॉर्ड मनप्रीत सिंह ने पूर्व कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिरके के 412 मैचों के रिकॉर्ड को पार कर लिया। यह उपलब्धि नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 मैच के दौरान हासिल हुई। हॉकी इंडिया ने इस बड़ी उपलब्धि पर मनप्रीत को बधाई दी और उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। मनप्रीत ने 2011 में किया था डेब्यू 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 साल से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। वे मैदान पर कभी थकते नहीं दिखते। तेजी, नेतृत्व और निरंतरता के लिए मशहूर मनप्रीत ने भारतीय हॉकी को दुनिया के नक्शे पर फिर से मजबूती से जगह दिलाई है। अब 33 साल के मनप्रीत विश्व हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा कैप्स की सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल चार खिलाड़ी हैं। वे दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। मनप्रीत को अब तक मिल चुके हैं कई पुरस्कार मनप्रीत सिंह की यात्रा चुनौतियों और सफलताओं से भरी रही है। लंदन 2012 ओलंपिक में पहला अनुभव कठिन रहा, लेकिन टोक्यो 2021 में उन्होंने टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद पेरिस 2024 में भी टीम को लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मिला। उनके नाम एशियन गेम्स 2014 और 2022 में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। मिथापुर, जालंधर से आने वाले मनप्रीत को 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। मनप्रीत सिंह ने जताई खुशी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मनप्रीत ने कहा, "भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सबसे बड़ा सम्मान रहा है। इस मुकाम तक पहुंचकर मैं बेहद खुश हूं।" उन्होंने आगे कहा, "यह उपलब्धि अपने सभी साथी खिलाड़ियों को समर्पित करता हूं। हॉकी इंडिया का हर कदम पर सहयोग मिला। मेरी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों ने बिना शर्त साथ दिया। वे ही मेरी ताकत हैं।"  

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन समेत सभी विधायकों ने किया मतदान, मुकाबला कड़ा

 रांची झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार यानी 18 जून को मतदान पूरा हो चुका है. झारखंड के सभी 81 विधायकों ने वोट डाल दिए, पहला वोट BJP विधायक नवीन जायसवाल का और आखिरी वोट सुदिव्य कुमार सोनू ने डाले2 राज्यसभा सीटों के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं. झामुमो की ओर से बैजनाथ राम, कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवाणी चुनाव लड़ रहे हैं. विधायकों का विधान सभा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है. राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे. सभी 81 विधायकों ने किया मतदान झारखंड के सभी 81 विधायकों के वोट पड़े, पहला वोट BJP विधायक नवीन जायसवाल का और आखिरी वोट JMM विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने डाले. JMM विधायक डाल रहे वोट राज्यसभा चुनाव में JMM के विधायक वोट डाल रहे हैं. जेएमएम का आखिरी तीन वोट बचा हुआ है. जयराम महतो भी पहुंचे डुमरी विधायक जय राम महतो भी विधान सभा पहुंचे. उन्होंने ने कहा काफी आत्ममंथन करके आया हूं. जिसको भी वोट करूंगा उम्मीद है कि वो झारखंड के लिए काम करेंगे. सीएम पहुंचे विधानसभा सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा पहुंचे. एक साथ मतदान करेंगे इंडिया गठबंधन के विधायक.     झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा में मतदान जारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सभी विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. पूरे राज्य की नजर इस अहम चुनाव पर टिकी है. राजनीतिक सरगर्मी तेज. विधानसभा में मतदान की प्रक्रिया जारी विधानसभा के कमरा नंबर 42 में मतदान की प्रक्रिया जारी है. बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया मतदान बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने किया मतदान. बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता ने भी मतदान किया. जेडीयू विधायक सरयू राय ने किया मतदान. बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने भी किया मतदान. नेता प्रतिपक्ष सह विधायक नेता बाबूलाल मरांडी भी मतदान कक्ष में पहुंचे. एनडीए के सभी विधायकों ने किया मतदान. विधानसभा पहुंचे NDA विधायक मतदान के लिए बस से विधानसभा पहुंचे बीजेपी विधायक. परिमल नथवानी पहुंचें, उन्होंने जीत का दावा किया. कहा भगवान का आशीर्वाद प्राप्त है. झरिया विधायक रागिनी सिंह ने बोला जीत के लिए आश्वस्त है. जदयू विधायक का कहना है कि मेरा वोट सुरक्षित है और मैने कहीं पर ध्यान नहीं दिया है. पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू का कहना है कि हमारे आकड़े सुरक्षित है. धनबाद विधायक राज सिन्हा का कहना है कि हमलोग अभी से बधाई दे रहे हैं कि जीत हमारी होगी. कांग्रेस के विधायक विधानसभा पहुंचे राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे.

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से 5 साल के दान-खर्च का पूरा हिसाब मांगा गया

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों यानी महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज (अध्यक्ष), श्री चंपत राय (महासचिव) और स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज (कोषाध्यक्ष) को लीगल नोटिस मिला है. 'तीन दिनों में दें सारा ब्योरा' इस नोटिस में ट्रस्ट से कहा गया है कि वे नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर, वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच मिले दान और किए गए खर्च का पूरा और साल-दर-साल ब्योरा दें. इसमें ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का विवरण, ऑडिटर की रिपोर्ट, ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई ज़मीन की जानकारी, बैंक खाते की जानकारी और FCRA के तहत मिले किसी भी विदेशी योगदान का ब्योरा शामिल होना चाहिए. ये नोटिस बिहार के बक्सर से RJD के मौजूदा सांसद सुधाकर सिंह ने उन्हें भेजा है. 'नोटिस पूरी तरह से जनहित में जारी' एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने कहा, 'यह नोटिस पूरी तरह से जनहित में जारी किया गया है, न कि किसी राजनीतिक, पक्षपाती या व्यक्तिगत मकसद से. ट्रस्ट भारत और विदेशों में लाखों भक्तों द्वारा दिए गए सार्वजनिक चंदे को एक ट्रस्टी (अमानतदार) के तौर पर संभालता है. जहां जनता का पैसा शामिल हो, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही कोई एहसान नहीं है. ये हर दानदाता और आम जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है.' इधर, सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, 'मेरी चिंता बस यह पक्का करने की है कि भक्तों द्वारा नेक नीयत से दिए गए फंड का हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से हो. ज़मीन की खरीद, ऑडिट की गई जानकारी न देने और खर्च में पारदर्शिता की कमी को लेकर लगातार खबरें और चिंताएं सामने आती रही हैं. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80G के तहत रजिस्टर्ड और जनता का पैसा संभालने वाले ट्रस्ट की यह जिम्मेदारी है कि वह जनता को साफ और वेरिफाई करने लायक हिसाब दें. मुझे उम्मीद है कि ट्रस्टी इसे टकराव का मामला मानने के बजाय ज़रूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देंगे.' क्या कुछ है नोटिस में   इस नोटिस में इंडियन ट्रस्ट्स एक्ट, 1882, इनकम टैक्स एक्ट, 1961, उत्तर प्रदेश पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 का ज़िक्र किया गया है. ये कानून पब्लिक धार्मिक ट्रस्ट के ट्रस्टियों पर सही अकाउंटिंग और जानकारी देने की जिम्मेदारी डालते हैं. इसमें मद्रास हाई कोर्ट के हालिया फैसले (आर. थिरुमुरुगन बनाम आर. थेन्नारासु और अन्य, 21 नवंबर 2025) का भी हवाला दिया गया है. इस फैसले में कहा गया था कि किसी पब्लिक धार्मिक संस्था को दिया गया दान ट्रस्टियों की निजी संपत्ति नहीं होता, बल्कि यह समुदाय के फ़ायदे के लिए होता है, और समुदाय को ऑडिट और पारदर्शिता की मांग करने का पूरा अधिकार है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर तय समय के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को उचित कानूनी मंचों के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा. यह बात फिर से दोहराई जाती है कि जानकारी देने की यह मांग पब्लिक चैरिटेबल फंड और ऑडिट किए गए स्टेटमेंट से जुड़ी है. कानून के तहत, ट्रस्ट के लिए इन्हें बनाए रखना और मांगे जाने पर इन्हें पेश करना अनिवार्य है.

वास्तु दोष का असर: घर की गलत दिशा में बाथरूम से बढ़ सकती हैं आर्थिक समस्याएं

 आज के समय में बड़े शहरों में रहने वाले लोग ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में रहने वाले लोग भी अनजाने में कई बार अपने घर में ऐसी गलत निर्माण करवा लेते हैं, जिसका असर उनके जीवन पर पड़ता है. सुविधा और आधुनिकता के चलते कई बार घर की दिशा और ऊर्जा संतुलन पर ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे वास्तु दोष उत्पन्न हो जाते हैं. आज के समय में 90 के दशक के बाद से घरों में अटैच्ड बाथरूम का चलन काफी बढ़ गया है. पहले जहां एक पूरे परिवार के लिए एक ही बाथरूम होता था, वहीं अब हर कमरे के साथ बाथरूम होना आम बात हो गई है. सुविधा और प्राइवेसी के लिहाज से यह सही है, लेकिन कई बार इसकी दिशा पर ध्यान नहीं दिया जाता है. आइए पंडित कमल नंदलाल जी से जानते हैं बाथरूम की सही दिशा. बाथरूम की ये दिशा है अशुभ वास्तु के अनुसार बाथरूम का संबंध राहु से माना जाता है. ऐसे में अगर बाथरूम गलत दिशा में बना हो, तो यह जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है. खासतौर पर उत्तर दिशा में बना टॉयलेट गंभीर वास्तु दोष माना जाता है. उत्तर दिशा को देव दिशा कहा गया है. यह कुबेर की दिशा होती है, जो धन और समृद्धि के देवता माने जाते हैं. यही दिशा धन के आगमन की भी मानी जाती है. वहीं दक्षिण दिशा को धन के संचय की दिशा कहा गया है. इसलिए तिजोरी अक्सर दक्षिण दिशा में रखने की सलाह दी जाती है. अगर उत्तर दिशा में कोई वास्तु दोष होता है, खासकर टॉयलेट, तो इससे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है. कमाई होने के बावजूद बचत नहीं हो पाती और धीरे-धीरे आर्थिक संकट बढ़ने लगता है. आजकल फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स में यह समस्या काफी आम हो गई है. ऐसे में अगर आपके घर में भी उत्तर दिशा में टॉयलेट बना हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. एक सरल उपाय से इसके दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. घर का केंद्र (ब्रह्मस्थान) घर के बिल्कुल बीचोबीच कभी भी बाथरूम या टॉयलेट नहीं होना चाहिए. क्या है बाथरूम की शुभ दिशा दक्षिण-पश्चिम का बाहरी हिस्सा (South of South-West) यदि उत्तर-पश्चिम में जगह न हो, तो दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच के हिस्से (SSW) में भी टॉयलेट बनाया जा सकता है. केवल स्नानघर (Only Bathroom/Shower Area) के लिए दिशा यदि आप केवल नहाने की जगह (बिना कमोड/टॉयलेट सीट के) बना रहे हैं, तो इसके लिए पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा बेहद शुभ होती है. यहां से आने वाली सुबह की धूप और सकारात्मक ऊर्जा स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जाती है. करें ये उपाय अगर आपका टॉयलेट उत्तर दिशा में बना हुआ है तो उसके अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप एक हरे रंग की कांच की बोतल लें और उसमें मनी प्लांट का पौधा लगाएं. इस बोतल को घर की उत्तर दिशा में रख दें. यह उपाय उत्तर दिशा की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है और वास्तु दोष के प्रभाव को कम करता है.

इंदौर के उभरते कराटे सितारों का कमाल, राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर बढ़ाया गौरव

इंदौर  उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित हुई राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता में इंदौर के होनहार खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 4 से 7 जून 2026 तक संचालित हुई केआईओ (KIO) राष्ट्रीय सब-जूनियर, कैडेट एवं जूनियर कराटे चैंपियनशिप 2026 में इंदौर के युवा कराटेबाजों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय दिया। इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल छह पदक अपने नाम किए, जिसमें एक स्वर्ण पदक और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। इस शानदार सफलता से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी वॉरियर मार्शल आर्ट्स अकादमी का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है।   पदक विजेताओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन कराटे अकादमी के मुख्य कोच राहुल जाट ने प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी देते हुए बताया कि चैंपियनशिप में इंदौर की प्रतिभावान खिलाड़ी यशस्वी सोनी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अपनी श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही अकादमी के अन्य होनहार खिलाड़ियों में होमेश गुर्जर, मानवी मिश्रा, श्रुत जैन, पहर शर्मा और स्तुति गौर ने भी कड़े मुकाबलों में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए देश भर से आए प्रतिद्वंदियों को मात दी और कांस्य पदक जीतकर शहर का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों का सराहनीय प्रयास पदक विजेताओं के अतिरिक्त इंदौर के अन्य कराटे खिलाड़ियों ने भी इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपनी तकनीकी और जुझारू क्षमता से सभी को प्रभावित किया। कोच राहुल जाट के अनुसार प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों में दिया चतुर्वेदी, काव्या गुर्जर, राजविका परमार, अद्विका चौधरी, भाव्या परमार तथा रोनित थापा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। भले ही ये खिलाड़ी पदक तालिका में स्थान बनाने से चूक गए, लेकिन राष्ट्रीय मंच पर उनके इस जुझारू खेल प्रदर्शन ने खेल अकादमी के सम्मान को और अधिक बढ़ाया है। खेल प्रेमियों और पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं इंदौर के मार्शल आर्ट्स खिलाड़ियों की इस अभूतपूर्व राष्ट्रीय उपलब्धि पर स्थानीय खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के अभिभावकों ने गहरा हर्ष व्यक्त किया है। खिलाड़ियों की इस बड़ी सफलता पर इंदौर जिला सेइकोकाई के अध्यक्ष अजय शुक्ला, संगठन के सचिव मयूर यादव तथा अमेय शर्मा ने सभी पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई दी। पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर के इन बच्चों ने राष्ट्रीय स्तर पर शहर का मान बढ़ाया है और उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।   

हथकरघा उद्योग को बढ़ावा, उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर

 लखनऊ  बुनकरों को आधुनिक तकनीक वाली मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस संदर्भ में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार है। इसलिए विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी बुधवार को पिकप भवन में उन्होंने राज्य हथकरघा निगम, यूपिका, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने राज्य हथकरघा निगम एवं यूपिका के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में निर्मित हथकरघा एवं वस्त्र उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित किया जाए। उत्पादों की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्केटिंग को और सुदृढ़ बनाने, ई-कामर्स प्लेटफार्म से जुड़ाव बढ़ाने तथा नए बाजारों की तलाश करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजट व्यय, निगमों की वित्तीय स्थिति, उत्पादन एवं विपणन संबंधी उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

कोचिंग संस्थानों के विवाद में बढ़ी हलचल, अलख पांडे बोले—हम खान सर के साथ

 पटना पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थानों के मालिकों के बीच चल रहे विवाद में अलग-अलग कोचिंग संचालक भी कूद पड़े हैं। हाल ही में गुरु रहमान ने रौशन आनंद सर के भाई की मौत पर दुख जताते हुए कहा था कि खान सर झूठ बहुत बोलते हैं। अब मशूहर फिजिक्स वाला के निदेशक अलख पांडेय ने भी इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अलख पांडेय ने कहा है कि वो खान सर के साथ हैं। फिजिक्सवाले के टीचर अलख पांडेय ने कहा, 'मुझे खान सर पर कुछ बोलने के लिए काफी कमेंट मिल रहे हैं। एक बात बताइए अगर आपके भाई के उपर कोई बात आएगी तो आप बैठ कर वीडियो बनाएंगे या फिर उसकी मदद करने की कोशिश करेंगे। एक इंसान जो देश के लिए इतना कुछ कर रहा है। उसने शिक्षा काफी सस्ती कर दी। पिछले 5 साल से वो यूट्यूब पर और सोशल मीडिया पर बिल्कुल सस्ती शिक्षा दे रहा है। उस इंसान का कोई कर्त्व्य नहीं बनता था कि वो बिहार में आकर सस्ते अस्पताल खोले,सस्ता इलाज करे तो वो उसने आप सब के लिए किया। आज उसका परिणाम क्या मिलता है, तो फैजल खान ने ये किया, फैजल खान ने वो किया।' अलख पांडेय ने आगे कहा कि अभी हमारी खान सर से जब अंतिम बातचीत हो रही थी तो हम लोग यही बात कर रहे थे कि जो भी सच्चाई है वो सामने आनी चाहिए। निष्पक्ष जांच हो जाए। पुलिस सामने आकर सब सच-सच बोल दे। अगर मेरे भाई के अंदर कोई कमी निकल जाती है तो दे देना सजा। इतना विश्वास है रखते हैं। हम अंत तक खान सर के साथ खड़े हैं। शुरुआत से अंत तक। रौशन आनंद सर के भाई के साथ जो हुआ वो बहुत दुख की बात है। उसमें भी हम प्रशासन और पुलिस से सच्चे दिल से यही निवेदन करेंगे कि जिसका भी नाम आए उसे फांसी दे दी जाए और उसपर कड़ी कार्रवाई हो। गुरु रहमान ने क्या कहा था आपको बता दें कि इससे पहले गुरु रहमान ने फैजल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहे विवाद पर कहा था कि रौशन आनंद का अपने भाई को खो देना एक ह्रदय विदारक घटना है और मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वो उनके भाई को अपने चरणों में स्थान दें। साथ ही साथ रौशन आनंद और उनके माता-पिता तथा परिजनों की सहनशीलता बढ़े। इस दुख की घड़ी में मैं प्रत्येक पल रौशन के साथ हूं। इस बार तो अति हो गई है। लेकिन खान झूठ बहुत ज्यादा बोलता है। सुबह क्या बोलेगा, दोपहर में क्या बोलेगा और रात में क्या बोलेगा यह नहीं पता है।

इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट में रोमांच: बाउंसरों के बीच फिलिप्स का जुझारू अर्धशतक करीब

नई दिल्ली द ओवल मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच एक बेहद कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। दिन के आखिरी सेशन में जब इंग्लिश तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर अपनी रफ्तार से कहर बरपा रहे थे तब कीवी ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स ने उनका डटकर सामना किया। ढलती दोपहर की धूप में चश्मा (सनग्लासेस) पहनकर बल्लेबाजी कर रहे फिलिप्स को आर्चर की एक तीखी बाउंसर सीधे जा लगी लेकिन उन्होंने दर्द को छुपाते हुए मुस्कुराकर अपनी टीम के ड्रेसिंग रूम की तरफ थंब्स-अप (अंगूठा) दिखाया जो पहले दिन का सबसे यादगार पल बन गया। ग्लेन फिलिप्स अपनी टीम के लिए खड़े रहे मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी रही लेकिन उसके टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे। टॉम ब्लंडेल ने एक जुझारू अर्धशतक जमाया जबकि डेरिल मिचेल और रचिन रविंद्र ने भी उपयोगी योगदान दिया। हालांकि, नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण मेहमान टीम मैच पर पूरी तरह शिकंजा नहीं कस सकी। ऐसे में निचले मध्यक्रम में ग्लेन फिलिप्स की पारी न्यूजीलैंड के लिए संकटमोचक साबित हुई। जोफ्रा आर्चर ने किया परेशान दूसरी तरफ, इंग्लैंड के युवा गेंदबाजी आक्रमण ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। अपना पहला टेस्ट खेल रहे सोनी बेकर ने अपनी लाइन-लेंथ से प्रभावित किया, जबकि जैकब बेथेल ने शाम के सत्र में दो महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर इंग्लैंड की मैच में वापसी कराई। इसके बावजूद, पूरी पारी के दौरान जोफ्रा आर्चर ही आकर्षण का केंद्र रहे जिन्होंने अपनी शॉर्ट-पिच गेंदों से कीवी बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा ली। फिफ्टी के करीब हैं फिलिप्स आर्चर और फिलिप्स के बीच की जंग ने टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक रोमांच को जीवंत कर दिया। आर्चर लगातार अपनी गति और आक्रामकता से फिलिप्स को छका रहे थे और उन्हें बत्तख की तरह झुकने पर मजबूर कर रहे थे। लेकिन फिलिप्स ने भी हार नहीं मानी और शरीर पर गेंदें झेलने के बावजूद क्रीज पर डटे रहे। उन्होंने न सिर्फ आर्चर के बाउंसरों के तूफान को झेला बल्कि न्यूजीलैंड की पारी को बिखरने से भी बचाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक ग्लेन फिलिप्स 49 रन बनाकर नाबाद लौटे और वह अपने अर्धशतक से महज एक रन दूर हैं। चोटों और दर्द के बावजूद चश्मा पहनकर मुस्कुराते हुए आर्चर का सामना करने के उनके अनोखे अंदाज ने ओवल के मैदान पर मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।

टेलीग्राम पर 22 जून 2026 तक बैन: NEET UG के चलते सरकार का बड़ा फैसला

भारत सरकार ने इंस्टेंट मैसेजिंग और सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक बैन कर दिया है. इस बैन का है कि पर लीक से जुड़ी जानकारी को फैलने से रोका जा सके, ताकि NEET UG परीक्षा के दौरान किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े. टेलीग्राम व्हाट्सऐप से अलग है, क्योंकि यह अपने यूजर्स को चैट और हेवी साइज की फाइल्स शेयरिंग का ऑप्शन देता है. मामला तब और गरमा गया जब टेलीग्राम के CEO पावेल दुरोव ने आरोप लगायाकि रिलायंस कंपनी कुछ विदेशी ऐप्स को ब्लॉक कर रही हैं, ताकि वॉट्सऐप को फायदा हो सके. आइए जानते हैं वो 5 खास फीचर्स जो अभी भी व्हाट्सऐप पर नहीं मिलते टेलीग्राम पर लगा बैन सिर्फ कुछ दिनों का है, लेकिन इस बैन की एक बड़ी वजह इसके कुछ ऐसे फीचर्स माने जा रहे हैं जो NEET UG जैसे एग्जाम के दौरान गलत जानकारी या पेपर लीक को तेजी से फैलाने में इस्तेमाल हो सकते हैं. यूजरनेम फीचर, मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं टेलीग्राम और व्हाट्सऐप दोनों मैसेजिंग ऐप हैं, लेकिन प्राइवेसी के मामले में टेलीग्राम काफी आगे है. यह यूजर्स को यूजरनेम बनाने की सुविधा देता है. इसकी वजह से ग्रुप में मौजूद लोगों को आपका मोबाइल नंबर नहीं दिखता, बल्कि सिर्फ यूजरनेम दिखाई देता है. यह छोटा सा फीचर प्राइवेसी की एक एक्स्ट्रा लेयर जोड़ देता है. अपने आप खत्म होने वाले मैसेज टेलीग्राम की मदद से आप ऐसे मैसेज भेज सकते हैं जो कुछ समय बाद अपने आप गायब हो जाते हैं. हालांकि ऐसा फीचर व्हाट्सऐप में भी डिसअपीयरिंग मैसेजेस के नाम से मौजूद है, लेकिन टेलीग्राम में यह पहले से आया था. साथ ही व्हाट्सऐप में शेड्यूल मैसेज का ऑप्शन नहीं मिलता, जबकि टेलीग्राम में आप मैसेज भेजने का समय पहले से सेट कर सकते हैं और मैसेज उसी समय डिलीवर होता है. एडवांस चैट कस्टमाइजेशन चैट कस्टमाइजेशन के मामले में टेलीग्राम काफी ज्यादा फीचर्स देता है. यूजर अपनी चैट का कस्टम थीम बना सकते हैं, रंग बदल सकते हैं, एनिमेटेड इमोजी और स्टिकर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे चैट को ज्यादा पर्सनल बनाया जा सकता है. व्हाट्सऐप भी ऐसे कुछ फीचर्स लेकर आ रहा है, लेकिन इनमें से कुछ फीचर्स पेड सब्सक्रिप्शन मॉडल का हिस्सा हो सकते हैं. बॉट्स और मिनी ऐप्स यह फीचर टेलीग्राम को सबसे अलग बनाता है. ऐसे फीचर्स दूसरे ज्यादातर मैसेजिंग ऐप्स में देखने को नहीं मिलते. टेलीग्राम में आप चैट के अंदर बॉट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई काम अपने आप कर सकते हैं. जैसे टास्क ऑटोमेट करना, ग्रुप मैनेज करना, पोल बनाना या गेम खेलना. इस वजह से टेलीग्राम सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं रह जाता, बल्कि कई तरह के काम करने वाला एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन जाता है. बड़े ग्रुप और मैसेज एडिटिंग फीचर टेलीग्राम का सबसे बड़ा फीचर इसके बड़े ग्रुप हैं. इस ऐप पर 2 लाख तक मेंबर्स वाला ग्रुप बनाया जा सकता है और एक साथ सभी लोगों तक मैसेज पहुंचाया जा सकता है. वहीं व्हाट्सऐप में ग्रुप की लिमिट काफी कम है. इसी वजह से बड़े स्तर पर जानकारी फैलाने के लिए टेलीग्राम ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. मैसेज एडिटिंग फीचर भी काफी फेमस है. इसकी मदद से भेजे गए मैसेज को बाद में एडिट किया जा सकता है, जबकि मैसेज का टाइमस्टैम्प वही रहता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने इस फीचर को लेकर टेलीग्राम से कुछ बदलाव करने की मांग की है.

रेलवे का बड़ा फैसला! मेंटेनेंस के चलते हर शुक्रवार बंद रहेगा पठानकोट नैरोगेज सेक्शन, 2 जोड़ी ट्रेनें भी रद्द

पठानकोट  करीब पौने चार साल तक बंद रहने के बाद दोबारा शुरू हुई नैरोगेज ट्रेन सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। रेलवे ने ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव का हवाला देते हुए नूरपुर रोड-बैजनाथ के बीच चल रही दो जोड़ी ट्रेनों को अगले आदेश तक रद्द कर दिया है। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिस ट्रैक को लगभग पौने चार वर्षों तक बंद रखा गया, उसकी मरम्मत और रखरखाव का कार्य उसी दौरान पूरा किया जाना चाहिए था। अब जब रेल सेवा बहाल हो चुकी है और लोग फिर से ट्रेन का उपयोग करने लगे हैं, तो हर सप्ताह ट्रेनों का संचालन बंद रखने का फैसला उनकी समझ से परे है। फरवरी में ही मिल गई थी सेफ्टी क्लीयरेंस फरवरी में चक्की पुल को मंजूरी मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों ने कई बार इस सेक्शन पर रेल सेवा जल्द बहाल करने का दावा किया था। फरवरी से मई तक मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे ट्रैक की व्यापक मरम्मत और रखरखाव का कार्य आसानी से किया जा सकता था। इसके बावजूद उस दौरान कोई विशेष मेंटेनेंस अभियान नहीं चलाया गया। अब, ट्रेन सेवा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद रखरखाव का हवाला देकर सेवाएं बंद किए जाने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे अपनी प्रशासनिक खामियों और अधूरे कार्यों को छिपाने की कीमत यात्रियों से वसूल रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में बसों का लेना होगा सहारा ट्रेन सेवाएं बंद होने से पठानकोट, नूरपुर, ज्वालामुखी, कांगड़ा, पालमपुर और बैजनाथ की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को मजबूरन बसों का सहारा लेना पड़ेगा। इससे उन्हें रेल किराए की तुलना में कई गुना अधिक खर्च वहन करना होगा। रेलवे के आदेश के अनुसार ट्रेन संख्या 52462 (बैजनाथ पपरोला-नूरपुर रोड) और 52474 (नूरपुर रोड-बैजनाथ पपरोला) को अगले आदेश तक रद्द रखा जाएगा। इसके अलावा, ट्रैक और अन्य संरचनाओं के रखरखाव के लिए प्रत्येक शुक्रवार कांगड़ा वैली रेलवे सेक्शन में सभी नैरोगेज यात्री ट्रेन सेवाएं बंद रहेंगी। फैसले पर पुनर्विचार करे रेलवे रेल यात्रियों और स्थानीय संगठनों ने रेलवे मंत्रालय से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमित रखरखाव आवश्यक है, तो इसके लिए पूरे दिन ट्रेन सेवाएं बंद करने के बजाय कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रियों का सवाल है कि जब रेलवे को ट्रैक की स्थिति और रखरखाव की जरूरतों की पहले से जानकारी थी, तो सेक्शन शुरू करने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे क्यों नहीं किए गए। उनका मानना है कि सेवा बहाल होने के कुछ ही समय बाद लिया गया यह फैसला रेलवे की कार्यप्रणाली और योजना निर्माण पर सवाल खड़े करता है। वहीं, इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण विभाग को यह कदम उठाना पड़ रहा है।