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जनवरी से मानसिक तनाव में थीं संचिता उगाले, करीबी दोस्त ने साझा किए भावुक दावे

संचिता उगाले के निधन से हर कोई सदमे में है. 22 वर्षीय अभिनेत्री ने 14 जून 2026 में आत्महत्या कर ली. अब, उनकी करीबी दोस्त और एक्स को-स्टार गीतांजलि मंगल ने हाल ही में एक बातचीत में उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर बात की. संचिता उगाले की दोस्त ने किया सनसनीखेज खुलासा संचिता उगाले की दोस्त गीतांजलि मंगल ने टेली टॉक इंडिया के साथ बातचीत में बताया कि आत्महत्या की खबर सुनकर दिल टूट गया था. उन्होंने कहा, “मेरी दोस्त में बहुत क्षमता थी, और वो कर लेती अगर वो इतनी निराश नहीं होती. मैं सिर्फ इतनी गुजारिश करूंगी कि रूमर्स पर भरोसा मत करों. मैं सोशल मीडिया देख रही हूं, उसका मजाक बनाया जा रहा है, जो लोग कलतक उससे बात नहीं करते थे, वो आज उसकी चर्चा कर रहे हैं.” गीतांजलि ने कहा, संचिता का नहीं था बॉयफ्रेंड गीतांजलि ने आगे क्लियर किया कि वह किसी रिलेशनशिप में नहीं थी ना बॉयफ्रेंड था, हां मेंटली थोड़ी परेशान जरूर थी. कोई बात उसे परेशान कर रही थी. उन्होंने साझा किया, “मैं चाहती हूं सही डेट और सही रास्ता सामने आए. अगर कोई मुझसे पूछेगा मेरे पास जो मैसेज हैं, जिसमें उसने कहा है, ‘मैं नहीं जीना चाहती, मेरी जिंदगी खत्म हो गई है’, वो मैं दिखाऊंगी, लेकिन सोशल मीडिया पर नहीं, ये सही है शक्स को दिखाऊंगी, जो न्यायक्षेत्र है, जब मुझसे ये मांगा जाएगा. वो डिप्रेशन में थी, ये बात जनवरी से शुरू हुई थी.” संचिता जनवरी से थी परेशान इसी बातचीत के दौरान, गीतांजलि ने बताया कि जनवरी 2026 के लास्ट में उन्होंने संचिता से संपर्क किया. उन्होंने दिवंगत अभिनेत्री से पूछा कि वह कहां थीं. इसपर संचिता इमोशनल रूप से टूट गई और कहा कि वह अपने काम से खुश नहीं है और उनका कहीं मन भी नहीं लगता है. मुझे किसी चीज में पॉजिटिविटी नहीं मिल रही है. यह किस तरह की लाइफ है, जो बेहद दर्दनाक है.

सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: मंडी यार्ड और संपर्क सड़कों का होगा विकास

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की विभिन्न कृषि उपज मण्डी समितियों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए 18 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इससे मण्डी यार्ड निर्माण, संपर्क सड़कों का निर्माण तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के कार्य करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई इस स्वीकृति से कृषि उपज मण्डी समिति सोजत सिटी (पाली), पलसाना एवं श्रीमाधोपुर (सीकर), अनाज मण्डी (बीकानेर), मेड़ता सिटी (नागौर) तथा दूदू (जयपुर) में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगें। इन विकास कार्यों से मण्डियों में किसानों और व्यापारियों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे कृषि विपणन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि उपज मण्डी समितियों से जुड़ी संपर्क सड़कों के निर्माण एवं क्षतिग्रस्त सम्पर्क सड़कों की मरम्मत से ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी उपज सुगमता से मण्डी तक ला सकेंगे। इससे मण्डियों में फसलों की आवक बढ़ेगी, किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी तथा मण्डी राजस्व में भी वृद्धि होगी।

झारखंड: RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंकने वाले दो आरोपी ट्रेन से दबोचे गए

 रांची झारखंड की राजधानी रांची में चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर दो व्यक्तियों ने दो बार पेट्रोल बम से हमले किए. ये हमले मंगलवार की रात 12:36 बजे और 12:39 बजे हुए. घटना के बाद दोनों आरोपी स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से भाग रहे थे. जिन्हें एसआइटी ने बुधवार की देर रात कोडरमा जंक्शन पर गिरफ्तार कर लिया. दोनों वारदात को अंजाम देने के लिए लोहरदगा से रांची आए थे. इधर जब कोडरमा में आरोपियों की पहचान की गई, तब तक ट्रेन खुल चुकी थी. फिर आरोपियों को गया के रफीगंज में ट्रेन से उतारा गया है. अब पुलिस उनसे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. जिसमें नए तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है. जानमाल की नहीं हुई क्षति रांची में कार्यालय पर पहली बार ऐसा हमला किया गया है. जिस समय बम फेंका गया, उस समय संघ कार्यालय में करीब 20 लोग मौजूद थे. गनीमत रही कि किसी तरह की क्षति नहीं हुई. अगर ब्लास्ट शक्तिशाली रहता, तो जान-माल की बड़ी क्षति हो सकती थी. बुधवार की दोपहर में एनआइए की टीम भी जांच करने पहुंची थी. वहां पर इस टीम ने भी जांच की और संघ के पदाधिकारियों से मामले में जानकारी ली. इससे यह संभावना बढ़ गई है कि मामले की जांच एनआइए अपने हाथ में ले सकती है. दो बम फेंके गए आरएसएस कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर के इंट्री गेट के पास सॉस की शीशे की बोतल से बना पेट्रोल बम फेंका गया. इस क्रम में उसका शीशा टूट गया, जिससे बम नहीं फटा. वहीं दूसरा पेट्रोल बम आरएसएस कार्यालय की छत पर फेंका गया, जिसने काफी रोशनी के साथ ब्लास्ट किया. इसे कोल्डड्रिंक्स की बोतल से बनाया गया था. तीन संदिग्ध भी हिरासत में घटना के बाद एसएसपी ने एसआइटी का गठन किया. टीम अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले पुलिस ने घटना के बाद तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था. जिनसे पूछताछ जारी है. इसके साथ ही घटनास्थल से कुछ दूरी पर दो ओर जाने वाले मार्गों में लगे सीसीटीवी की भी पुलिस पड़ताल कर रही है. घटना में शामिल एक बाइक और एक कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुलिस ने बरामद की है. संभव है कि उक्त गाड़ियां चोरी की हों या फिर उन पर लगा नंबर प्लेट फर्जी हो. जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे. इधर वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि कार्यालय के बाहर सड़क पर दो व्यक्ति आए. घटना को अंजाम देते वक्त दोनों ही बेखौफ दिख रहे थे. लेकिन जैसे ही एक युवक ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका कि उसके चेहरे से गमछा हट गया. वहीं उसके पीछे खड़े युवक ने एक हाथ से गमछा के सहारे अपने चेहरे को ढंक कर रखा था और दूसरे हाथ से मोबाइल से पेट्रोल बम फेंकने का वीडियो बना रहा था. दोनों पेट्रोल बम फेंकने से पहले लाइटर से उसके पलीते को जलाया गया.

छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा कदम, स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी अनिवार्य

नई दिल्ली  राजधानी में बच्चों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एलजी वीके सक्सेना ने पॉक्सो (POCSO) कानून के लागू करने की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया है कि दिल्ली के सभी स्कूलों का व्यापक ऑडिट किया जाए। इसका मकसद सुनिश्चित करना है कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं।     एलजी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि पॉक्सो कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाए और जिन स्कूलों में कमियां पाई जाएं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।     साथ ही विभाग को यह भी बताना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए या उठाए जाएंगे।     एलजी ने कहा कि हर स्कूल में अनिवार्य रूप से चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी सक्रिय होनी चाहिए और उसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।     इसके अलावा जुलाई को 'चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ' के रूप में मनाते हुए पूरे शहर में जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।     इस अभियान की प्रगति और परिणामों की रिपोर्ट भी एलजी को सौंपी जाएगी। छुट्टी के समय पुलिस तैनाती बढ़ाने पर दिया गया जोर स्कूलों और छात्रों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को स्कूल परिसरों और प्रमुख केंद्रों के आसपास पर्याप्त जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर स्कूलों की छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न और यौन अपराधों के मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए एलजी ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

वास्तु शास्त्र के अनुसार धन आकर्षित करने के आसान उपाय और सही दिशा का महत्व

 क्या आपने कभी गौर किया है कि दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बावजूद कुछ घरों में आर्थिक तंगी बनी रहती है? कमाया हुआ धन कब और कहां खर्च हो जाता है, पता ही नहीं चलता. अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है, तो समस्या शायद आपकी मेहनत में नहीं, बल्कि आपके घर की ऊर्जा में हो सकती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारा घर केवल ईंट-पत्थर की दीवारें नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का एक सक्रिय केंद्र है जो हमारे बैंक बैलेंस पर गहरा असर डालता है. 1. पैसा कहाँ रखें? वास्तु में दिशाओं का बड़ा महत्व है. उत्तर दिशा (North): इसे धन के देवता 'कुबेर' का स्थान माना जाता है. उत्तर दिशा को हमेशा हल्का, साफ और बाधा मुक्त रखें. यहां भारी अलमारी या कबाड़ रखने से बचें, ताकि धन के नए अवसर बिना किसी रुकावट के आपके घर की तरफ खिंचे चले आएं. दक्षिण-पश्चिम (Southwest): अगर आप चाहते हैं कि कमाया हुआ पैसा टिके और फिजूलखर्ची पर लगाम लगे, तो अपनी तिजोरी या लॉकर को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें. यह दिशा स्थिरता का प्रतीक है, जिससे धन का संचय बढ़ता है. 2. छोटे उपाय, बड़े असर नल का ध्यान: वास्तु में पानी को धन का प्रतीक माना गया है. अगर घर में कहीं भी नल टपक रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. पानी का टपकना इस बात का संकेत है कि आपका पैसा भी हाथों से पानी की तरह बह रहा है. कबाड़ हटाओ: घर में जमा पुरानी रद्दी, टूटी-फूटी चीजें या जंग लगा सामान नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का घर होते हैं. इन्हें हटा दें. घर जितना खुला और हवादार होगा, उतनी ही सकारात्मक ऊर्जा के साथ लक्ष्मी का प्रवेश सुगम होगा. मनी प्लांट: घर के दक्षिण-पूर्व (Southeast) कोने को 'अग्नि कोण' कहते हैं. यहां एक हरा-भरा मनी प्लांट लगाने से न केवल घर की शोभा बढ़ती है, बल्कि यह आर्थिक तरक्की के नए रास्ते भी खोलता है. 3. ये गलतियां न करें ईशान कोण का रखें ध्यान: घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे पवित्र माना जाता है. यहाँ कभी भी भारी फर्नीचर, स्टोर रूम या कूड़ेदान न बनाएं. इसे हमेशा खाली और साफ रखना चाहिए. प्रवेश द्वार: मुख्य द्वार घर का मुख है. इसे हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें. द्वार पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, ताकि पॉजिटिव एनर्जी और सुख-समृद्धि बिना किसी बाधा के घर में आ सके. 4. उपाय वास्तु का एक सरल उपाय यह भी है कि उत्तर दिशा की दीवार पर एक छोटा सा शीशा (दर्पण) लगाएं. यदि यह दर्पण तिजोरी या धन रखने वाले स्थान की ओर इशारा करता हो, तो इसे वास्तु में धन की वृद्धि करने वाला माना जाता है. यह दिखने में तो छोटा बदलाव है, लेकिन ऊर्जा के स्तर पर यह धन के अवसरों को कई गुना बढ़ा सकता है.

10 जुलाई 2026 को बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों पर रह सकता है असर

 द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को एक विशेष योग बनने जा रहा है, जिसे व्यतिपात योग कहा जाता है. यह योग सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक प्रभावी रहेगा. ज्योतिष के अनुसार इस योग को सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके दौरान कई राशियों को मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस बार भी कुछ राशियों के लिए यह समय थोड़ा कठिन रह सकता है. खासकर पांच राशियों के लोगों को सावधानी रखने की जरूरत है, क्योंकि उनके जीवन में तनाव और उलझनें बढ़ सकती हैं. आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को इस दौरान आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी. खर्चे बढ़ सकते हैं. पैसों की कमी महसूस हो सकती है. परिवार के लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है, खासकर किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल न होने पर. आंखों से जुड़ी समस्या भी परेशान कर सकती है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में सतर्क रहना होगा. माता-पिता की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है और उन्हें मनाने में समय लग सकता है. कामकाज में मन नहीं लगेगा, जिससे तनाव बढ़ेगा. गलत संगत से बचने की सलाह दी जाती है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है. परिवार के किसी बुजुर्ग की तबीयत खराब होने से मन परेशान रहेगा. खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े काम अटक सकते हैं. प्रेम संबंधों में भी तनाव देखने को मिल सकता है. मकर राशि मकर राशि के लोगों को कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं. बिजनेस करने वालों को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यस्थल पर दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है और स्वास्थ्य के लिहाज से कान से जुड़ी दिक्कत परेशान कर सकती है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों को इस दौरान नई योजनाओं को शुरू करने से बचना चाहिए. व्यापार में नुकसान होने की आशंका है. संपत्ति से जुड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा. घर के लोगों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे मन अशांत रहेगा. इस तरह व्यतिपात योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. ऐसे समय में धैर्य और समझदारी से काम लेना ही बेहतर रहेगा.

खोड़ गांव में खजूर खेती बनी मॉडल, मंत्री ने किसान की सराहना की

 पाली पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के खोड़ मण्डल स्थित खैरोफड़ा ग्राम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसान द्वारा विकसित किए गए प्राकृतिक खेती आधारित खजूर के बाग का गहन निरीक्षण किया। मंत्री ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक कृषि पद्धति, उन्नत जल प्रबंधन और उत्पादन व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने इसे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी उदाहरण बताया। 5 वर्ष की मेहनत लाई रंग, सालाना आय 10 लाख रूपये निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रगतिशील कृषक ने मंत्री कुमावत को बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने खेत में खजूर के 270 पौधे लगाए थे। बेहतर देखरेख और सही प्रबंधन के चलते आज ये सभी पौधे पूरी तरह विकसित होकर फल देने लगे हैं। किसान ने बताया कि खजूर के इस बाग से अब उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रूपये की शानदार वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस सफलता को देख कैबिनेट मंत्री ने किसान के प्रयासों की पीठ थपथपाई। बूंद-बूंद सिंचाई और प्राकृतिक खाद का अनूठा संगम इस कृषि मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। कृषक द्वारा बाग में बूंद-बूंद (ड्रिप) सिंचाई पद्धति का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की एक-एक बूंद का समुचित और किफायती उपयोग सुनिश्चित होता है। इसके साथ ही, पौधों को पोषण देने के लिए रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह प्राकृतिक खाद का प्रयोग किया जा रहा है। इस दोहरे प्रबंधन से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर खेती की लागत कम होकर यह अधिक लाभकारी साबित हो रही है। क्षेत्र के किसानों के लिए बनेगा रोल मॉडल मंत्री कुमावत ने कहा कि सीमित पानी में प्राकृतिक तरीके से खजूर की खेती करना कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और सटीक कृषि प्रबंधन का यह अनूठा प्रयास मरूभूमि के लिए वरदान है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखता है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को भी पूरा करता है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और स्थानीय किसानों से इस सफल प्रयोग को देखने और सीखने का आह्वान किया ताकि क्षेत्र में बागवानी को और बढ़ावा दिया जा सके।

पूर्व सिविल जज केस की सुनवाई में CJI सूर्यकांत का सख्त रुख, अदालत में वकीलों को लगाई फटकार

चंडीगढ़   सुप्रीम कोर्ट में एक अनोखे मामले की सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने काफी अहम और सख्‍त टिप्‍पणी की है. CJI जस्टिस सूर्यकांत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि 3 से 4 तथाकथित सीनियर वकील माहौल खराब कर रहे हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि इस मामले पर वे खुद नजर रखे हुए हैं. यह मामला एक पूर्व सिविल जज से जुड़ा है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की 4 बेंच इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर चुकी है. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जहां CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने इसपर सुनवाई की. शीर्ष अदालत ने पंजाब-हर‍ियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को मामले की सुनवाई करने के लिए तत्‍काल दो जजों की खंडपीठ गठित करने का निर्देश दिया है।  पूर्व सिविल जज अमरीश कुमार जैन की सेवा समाप्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को उनकी याचिका की सुनवाई के लिए नया डिवीजन बेंच गठित करने का निर्देश दिया है. यह मामला उस समय शीर्ष अदालत पहुंचा जब हाईकोर्ट की चार अलग-अलग पीठ ने इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई में अब और देरी नहीं होनी चाहिए और इसे जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह में अंतिम रूप से सुना जाए. भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने बुधवार को सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को निर्देश दिया कि वे दो जजों वाली एक पीठ का गठन करें, जो अमरीश कुमार जैन की याचिका पर सुनवाई करे. अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित जजों को सलाह दी जाए कि किसी भी परिस्थिति में वे मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग न करें।  हाईकोर्ट के रजिस्‍ट्रार को रिपोर्ट देने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर की जाए और 13 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में इसे अंतिम रूप से सुना जाए. साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सुनवाई पूरी होने और फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अनुपालन रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत करने को कहा गया है. सुनवाई के दौरान अमरीश कुमार जैन अपने वकील अभय प्रताप सिंह के साथ अदालत में उपस्थित हुए. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने उनसे उन जजों के नाम पूछे जिन्होंने मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया था. इस पर जैन ने बताया कि सबसे पहले जस्टिस लिसा गिल ने खुद को अलग किया, इसके बाद तत्कालीन चीफ जस्टिस ने फैसला 6 महीने तक सुरक्षित रखने के बाद मामले से दूरी बना ली. बाद में जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा तथा जस्टिस दीपक सिब्बल की अध्यक्षता वाली पीठ ने भी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. जैन ने अदालत को यह भी बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में अपने पेंशन संबंधी लाभ जारी करने के लिए आवेदन दिया था, ताकि वह अपने बेटे की एलएलबी की अंतिम वर्ष की फीस जमा कर सकें, लेकिन उनकी यह मांग भी स्वीकार नहीं की गई।  CJI की सीनियर वकीलों पर सख्‍त टिप्‍पणी CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वे खुद मामले की निगरानी करेंगे और हाईकोर्ट को पीठ गठित करने का निर्देश देंगे. उन्होंने जैन को चेतावनी भी दी कि यदि वह किसी प्रकार की अनुचित गतिविधि या शरारत करने की कोशिश करेंगे तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. अदालत ने कहा कि मामले का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, CJI ने यह भी टिप्पणी की कि जैन को अपना पक्ष स्वयं रखना चाहिए. उन्होंने संकेत दिया कि कुछ वरिष्ठ वकील जजों के बार-बार खुद को अलग करने जैसी परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं. CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वह ऐसे मामलों पर करीबी नजर रखे हुए हैं और कुछ तथाकथित वरिष्ठ वकील न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं. इस पर जैन ने कहा कि वह पहले भी दो पीठों के समक्ष स्वयं बहस कर चुके हैं और आगे भी खुद अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।  दो दशक पुराना मामला अमरीश कुमार जैन ने नवंबर 2005 में पंजाब ज्‍यूडिशियल सर्विसेज में प्रवेश किया था और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर कार्यरत थे. वर्ष 2009 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की प्रशासनिक सिफारिशों के आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं. जैन ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि वर्ष 2007 में जालंधर के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश उनके प्रति पूर्वाग्रह रखते थे और इसी कारण उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज की गईं. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अक्टूबर 2018 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था. अदालत ने उन्हें वरिष्ठता, सेवा की निरंतरता, वेतनवृद्धि और प्रमोशन जैसे सभी लाभ देने का निर्देश दिया था, हालांकि बकाया वेतन देने से इनकार कर दिया गया था।  दोबारा टर्मिनेशन हाईकोर्ट के इस फैसले को जनवरी 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था. इसके बाद मार्च 2019 में जैन को फिर से सेवा में बहाल कर दिया गया. हालांकि, मार्च 2022 में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक पक्ष से एक बार फिर उनकी सेवा समाप्त करने की सिफारिश की और 18 अप्रैल 2022 को उन्हें दोबारा पद से हटा दिया गया. जैन का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल उनका रोजगार छिन गया बल्कि वे पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से भी वंचित हो गए. अब इस पूरे विवाद की सुनवाई नए सिरे से हाईकोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष होगी, जिसकी निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट करेगा। 

सुनील शेट्टी बोले: 30 साल के करियर में भी हर फिल्म रिलीज से पहले रहता है बॉक्स ऑफिस का डर

सुनील शेट्टी को फिल्मों में काम करते हुए 30 साल से ज्यादा का समय हो गया है. उन्होंने 100 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है. अब उनकी नई फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. लेकिन उससे पहले एक्टर ने बताया कि फिल्म के चलने या न चलने का जो सस्पेंस होता है, उसकी वजह से उनके मन में डर, चिंता और एक्साइटमेंट का मिक्सचर बना रहता है. बॉक्स ऑफिस का रहता है बड़ा प्रेशर ANI के साथ बातचीत में सुनील शेट्टी ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में सब कुछ बॉक्स ऑफिस यानी फिल्म की कमाई से जुड़ा होता है. उन्होंने बहुत आसान शब्दों में समझाया कि एक शुक्रवार को आप बिल्कुल टॉप पर पहुंच सकते हैं और अगर फिल्म नहीं चली तो अगले ही शुक्रवार को आप नीचे भी आ सकते हैं. इसीलिए फिल्म रिलीज होने से पहले हर एक्टर के पेट में चूहे कूदने लगते हैं. वेलकम टू द जंगल’ में है सितारों की बड़ी पलटन सुनील शेट्टी की आने वाली फिल्म का नाम है ‘वेलकम टू द जंगल’. यह एक मजेदार और हंसाने वाली कॉमेडी फिल्म है. इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि करीब 25–30 बड़े कलाकार एक साथ काम कर रहे हैं. फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, अरशद वारसी, परेश रावल, जैकी श्रॉफ और जॉनी लीवर जैसे कई बड़े सितारे शामिल हैं. सुनील शेट्टी का कहना है कि जब इतने सारे टैलेंटेड कलाकार एक साथ होते हैं, तो काम करने में बहुत मजा आता है और एक तरह का भरोसा और सुरक्षा भी महसूस होती है. क्या है फिल्म की कहानी? इस फिल्म की कहानी एक बहुत ही मजेदार गड़बड़ी पर आधारित है. फिल्म में अक्षय कुमार और बाकी कलाकार जंगल के अंदर एक ‘नकली फिल्म’ की शूटिंग करने जाते हैं. लेकिन वहां कुछ ऐसा कन्फ्यूजन होता है कि जंगल के डाकू और बाकी लोग इन फिल्मी कलाकारों को असली के आर्मी वाले समझ लेते हैं. इसके बाद जंगल में जो चूहे-बिल्ली का खेल और हंगामा शुरू होता है, वही इस फिल्म की असली कहानी है. कब रिलीज होगी फिल्म? फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है और इसके प्रोड्यूसर फिरोज ए. नाडियाडवाला हैं. यह धमाकेदार कॉमेडी फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. सुनील शेट्टी का कहना है कि फिल्म बहुत ही एंटरटेनिंग बनी है, लेकिन अब सब कुछ दर्शकों के हाथ में है कि उन्हें यह कैसी लगती है.

जामुन के बीज हैं फायदेमंद: घर पर बनाएं पाउडर और करें सेहत व गार्डनिंग में इस्तेमाल

 गर्मी और बारिश के मौसम में बाजार में जामुन की बहार आ जाती है और लोग बड़े चाव से भी खाते हैं. आम और तरबूज के अलावा गर्मी की दोपहर में लोग छतों पर बैठकर जामुन खाते हैं और उसके बीजों को कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जामुन के बीज भी कई तरह से काम आ सकते हैं, यह किसी खजाने से कम नहीं होते हैं. आयुर्वेद में भी जामुन के बीजों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. अगर सही तरीके से इनका इस्तेमाल किया जाए, तो ये सेहत और घर-गृहस्थी दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. आइए आपको घर पर जामुन के बीजों को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे जानने के बाद हर कोई आपकी तारीफ करेगा. जामुन के बीज का पाउडर बनाएं जामुन के बीजों का पाउडर बनाया जा सकता है, इनको बनाने के लिए आप सबसे पहले बीजों को अच्छी तरह धोकर धूप में चार से पांच दिन तक सुखा लें. जब वे पूरी तरह सूख जाएं, तो उनका बाहरी छिलका हटाकर मिक्सर में पीस लें. इस पाउडर को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखकर महीनों तक रख लें. जामुन के बीजों के पाउडर का फायदा जामुन के बीजों के पाउडर का ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, डाइजेशन प्रोसेस को सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसे आप अपनी रोजाना की लाइफ में कई तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. हर्बल ड्रिंक में इस्तेमाल एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच जामुन के बीज का पाउडर मिलाकर पिया जा सकता है. कई लोग इसे अपनी रोजमर्रा की हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाते हैं. हालांकि, अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी है, तो इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. हर्बल चाय में मिलाएं जामुन के बीज का पाउडर हर्बल चाय में भी मिलाया जा सकता है. इससे चाय का स्वाद थोड़ा अलग हो जाता है और इसमें प्राकृतिक तत्व भी जुड़ जाते हैं. पौधों के लिए खाद बनाएं अगर आप बीजों का सेवन नहीं करना चाहते, तो इन्हें सुखाकर पीस लें और गमलों की मिट्टी में मिला दें. यह जैविक खाद की तरह काम करते हैं और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं. नया पौधा उगाएं ताजे जामुन के बीजों को मिट्टी में लगाकर जामुन का पौधा भी तैयार किया जा सकता है. नियमित पानी और धूप मिलने पर कुछ हफ्तों में अंकुर निकलने लगते हैं. ध्यान रखने वाली बातें     बीजों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सूखा लें.     किसी भी घरेलू उपाय को इलाज का ऑप्शन न मानें.     गर्भवती महिलाएं, बच्चे या किसी बीमारी से पीड़ित लोग नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.     जरूरत से ज्यादा मात्रा में जामुन के बीज का सेवन नहीं करना चाहिए.