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उज्जैन में नैवेद्य लोक है लजीज व्यंजनों का नया ठिकाना, मिलेगा इंदौर की छप्पन दुकान जैसा स्वाद

उज्जैन   इंदौर की छप्पन दुकान की तरह उज्जैन में भी नैवेद्य लोक की शुरुआत हुई है। सीएम मोहन यादव ने नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। भव्य नैवेद्य लोक उज्जैन के नानाखेड़ा में स्थित है। यहां 34 दुकानें बनाई गई हैं। नैवेद्य लोक में आपको शुद्ध शाकाहारी और लजीज व्यंजन मिलेंगे। यह उज्जैन वासियों के लिए बड़ी सौगात है। 18 करोड़ रुपए से हुआ है निर्माण वहीं, नैवेद्य लोक में बने इन दुकानों की साइज 62 वर्गफीट से लेकर 180 वर्गफीट तक है। इन सभी दुकानों की निर्माण लागत 18 करोड़ रुपए बताई जा रही है। दुकानों का निर्माण उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया है। 28 हजार स्क्वायर फिट में बने नैवेद्य लोक में दुकानों के साथ ही यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुसज्जित ओपन थियेटर, साउंड सिस्टम, महिला, पुरुष, दिव्‍यांग जनों के उपयोगार्थ नवीन सेंसर उपकरण के साथ प्रसाधन कक्ष, सीसीटीवी कैमरा-सर्वर रूम, आपातकालीन विद्युत व्यवस्था के लिए डीजी सेट, पार्किंग, अंडर ग्राउंड विद्युत व्यवस्था, सीवरेज और लैंडस्केपिंग आदि सुविधाएं विकसित की गई हैं। लजीज व्यंजनों के साथ रोजगार भी मिलेगा वहीं, नैवेद्य लोक के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि इस नैवेद्य लोक में व्यंजनों के स्वाद के साथ ही रोजगार भी मिलेगा। इस कार्य के लिए मेरी ओर से सभी को बधाई। अति पिछड़े इलाके को किया गया विकसित नैवेद्य लोक की विशेषता बताते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि यहां अति पिछड़े इलाके को विकसित किया गया है। पहले यहां काफी गंदगी हुआ करती थी। इस नैवेध लोक के माध्यम से उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक विशेष सुविधा प्रदान करेगा। श्रद्धालु यहां मालवा के व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। सीईओ संदीप सोनी ने कहा कि इसे पूरी तरह से मॉल वाला लुक दिया गया है। लोग आएंगे तो उन्हें शानदार एंबियंस मिलेगा। गौरतलब है कि लोकार्पण के दिन ही वहां के लोगों की भीड़ उमड़ी है। इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने भी यहां व्यंजनों का स्वाद चखा है।

सिंहस्थ-2028 के लिए एम.पी. ट्रांसको के कार्य एक वर्ष पहले होंगे पूरे, ऊर्जा मंत्री तोमर ने की पुष्टि

सिंहस्थ-2028 के लिये एम.पी. ट्रांसको के कार्य एक वर्ष पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य, हो रही है नियमित मॉनिटरिंग : ऊर्जा मंत्री  तोमर उज्जैन ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक सिंहस्थ-2028 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी उज्जैन क्षेत्र में अपनी पारेषण (ट्रांसमिशन) प्रणाली को सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना पर तेजी से कार्य कर रही है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने बताया कि कंपनी के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सिंहस्थ-2028 से संबंधित सभी कार्य आयोजन तिथि से कम से कम एक वर्ष पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं। इससे पारेषण तंत्र की स्थिरता, विश्वसनीयता एवं आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त परीक्षण एवं सुधार का समय मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इन निर्देशों के परिपालन में प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी स्वयं कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है कि वे नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करें। चिंतामन सबस्टेशन का निर्माण कार्य प्रारंभ सिंहस्थ अवधि में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में 132 के.व्ही. चिंतामन सबस्टेशन के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।इसके अलावा उज्जैन- चंद्रावती गंज एवं  देपालपुर- चिंतामन 132 के वी ट्रांसमिशन लाइन का "लाइन इन लाइन आउट"कार्य भी प्रगति पर है।  इसके साथ ही त्रिवेणी विहार क्षेत्र से संबंधित विद्युत अवसंरचना कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं, जिससे स्थानीय लोड प्रबंधन में सुधार होगा। शंकरपुर सब स्टेशन में क्षमता वृद्धि उज्जैन क्षेत्र के 220 के.व्ही. शंकरपुर सबस्टेशन में पूर्व में स्थापित 20 एम.व्ही.ए. क्षमता के ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जा चुका है। इस उन्नयन से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा संभावित अतिरिक्त मांग को सहजता से पूरा किया जा सकेगा। 400 के.व्ही. ताजपुर सब स्टेशन का विस्तार उज्जैन स्थित 400 के.व्ही. ताजपुर सबस्टेशन में 132 के.व्ही. नेटवर्क के विस्तार की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा 33 के.व्ही. के चार नए फीडर विकसित किए जाएंगे। इससे सिंहस्थ-2028 के दौरान विद्युत वितरण व्यवस्था अधिक सुदृढ़, संतुलित एवं भरोसेमंद बन सकेगी। मिलेगी निर्बाध बिजली ऊर्जा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से सिंहस्थ-2028 में उज्जैन में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।  

उज्जैन जिले में सियासी हलचल, 2022 महापौर चुनाव पर कोर्ट के फैसले से कुर्सी में उठे सवाल

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन महापौर चुनाव को लेकर एक बड़ा फैसला आया है।  उज्जैन महापौर चुनाव 2022 को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए चुनाव याचिका को सुनवाई के काबिल माना है। अब इस फैसले से महापौर की कुर्सी पर संकट गहरा सकता है। दरअसल ये फैसला उज्जैन नगर निगम महापौर चुनाव 2022 से जुड़े विवाद को लेकर आया है। फैसले से सियासी हलचल भी तेज है। प्रधान जिला न्यायाधीश की अदालत ने चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए महापौर, निर्दलीय प्रत्याशी के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। इस फैसले से अब चुनाव याचिका पर सुनवाई का रास्ता भी साफ हो गया है। चुनाव में वैध मतों को अस्वीकृत करने का लगा था गंभीर आरोप दरअसल ये सारा विवाद 60 वैध मतों को लेकर है जो अनुचित रूप से अस्वीकृत कर दिए गए थे। याचिका के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर ने पहले तो आश्वासन दिया कि यदि आंकड़े गलत पाए गए तो दोबारा से गिनती होगी।  लेकिन बाद में मांग नहीं मानी गई और कोई गिनती नहीं कराई गई।  सबसे गंभीर और बड़े आरोप मतदान केंद्र क्रमांक 274 को लेकर है। दावा किया गया है  कि वहां परमार को 277 मत मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड में 217 मत दर्शाए गए। जिसको लेकर काफी विवाद हुआ था। कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार की  923 मतों से हुई थी हार महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार ने परिणाम को चुनौती दी है। नतीजों के अनुसार परमार को 1,33,317 तो भाजपा प्रत्याशी मुकेश टटवाल को 1,34,240 मत मिले थे। कांग्रेस प्रत्याशी परमार ने आरोप लगाया कि मतगणना के बाद घोषित आंकड़े असत्य थे और उन्होंने लिखित रूप से पुनर्मतगणना की मांग की थी। महापौर मुकेश टटवाल, निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल चौहान के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर ने आवेदन देकर याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने की मांग की थी। अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि साक्ष्यों के आधार पर ही असलियत का पता लगेगा।अदालत ने साफ किया कि बिना साक्ष्य के यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका झूठी है या निराधार है। लिहाजा इस फैसले के बाद महापौर की कुर्सी पर सियासी संकट गहराने लगा है।

उज्जैन में चौड़ीकरण पर विवाद, ‘विकास’ नहीं ‘विनाश’ के खिलाफ पोस्टर वॉर तेज

 उज्जैन मध्य प्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन इन दिनों विकास और जन-आक्रोश के दोराहे पर खड़ी है। उज्जैन में इन दिनों सिंहस्थ 2028 को लेकर कई विकास कार्य किए जा रहे हैं जिसमें सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षिप्रा नदी के घाटों पर भी निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रही कॉलोनी के मार्ग के आसपास बसे 200 घरों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां MR-4 मार्ग चौड़ीकरण के प्रशासन के 24 मीटर वाले फॉर्मूले के खिलाफ 'पोस्टर वॉर' शुरू हो गया है। 190 परिवार सड़क पर उतर गए हैं और घरों की दीवारों पर दर्द भरे पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम विकास से नहीं विनाश के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने घर की दीवारों पर पोस्टर लगाकर प्रभावित परिवारों के लिए सरकार से राहत की गुहार लगाई है। प्रभावित परिवारों ने अब जनप्रतिनिधियों और शासन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए 15 मीटर के समझौते को स्वीकार करता है या फिर विकास का पहिया इन आशियानों के ऊपर से होकर गुजरता है। आर-पार की लड़ाई का ऐलान उज्जैन शहर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच प्रशासन द्वारा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे MR-4 मार्ग चौड़ीकरण अभियान ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला MR-5 मार्ग का है, जहां राणकेश्वर धाम से गाड़ी अड्डा और क्षिप्रा नदी के बड़े पुल तक होने वाले निर्माण ने दारू गोदाम, अमर नगर और प्रीति नगर के निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। प्रशासन जहां इस मार्ग को 24 मीटर चौड़ा करने की योजना पर अडिग है, वहीं स्थानीय रहवासियों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विरोध का आलम यह है कि क्षेत्र की गलियों में अब सन्नाटे के बजाय नारों और पोस्टरों की गूंज है। दुकानों और घरों के बाहर चस्पा किए गए पोस्टरों पर लिखा है, "हम विकास के नहीं, विनाश के खिलाफ" हैं। महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी से घर बनाने वाली महिलाओं और बुजुर्गों की आंखों में आंसू हैं। एक स्थानीय महिला ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि "हमने अपनी गाढ़ी कमाई इन मकानों में लगा दी है, अगर ये टूट गए तो हम सड़क पर आ जाएंगे। हम विकास चाहते हैं, लेकिन अपनों की बर्बादी की कीमत पर नहीं।" क्या है मामला वर्तमान में इस प्रस्तावित मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में 15, 18 और 24 मीटर चौड़ाई तय की गई है, जिसे लेकर भ्रम और भय की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे सिंहस्थ के महत्व को समझते हैं और विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर घरों को पूरी तरह जमींदोज करना न्यायसंगत नहीं है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि वे 15 मीटर चौड़ीकरण के लिए सहर्ष तैयार हैं, जिससे मार्ग भी सुगम होगा और लोगों के आशियाने भी बच सकेंगे। लोगों का तर्क है कि यदि 24 मीटर का पैमाना लागू हुआ, तो लगभग 150 से 200 परिवार पूरी तरह बेघर हो जाएंगे।  

एकता कपूर ने किए महाकाल के दर्शन, उज्जैन में दर्शन कर बोलीं – मन को मिली गहरी शांति

उज्जैन उज्जैन महाकाल के दर्शनों के लिए बडी से बडी हस्तियां पहुंचती ही रहती हैं।  इसी कड़ी में प्रसिद्ध टेलीविजन सीरियल निर्माता और फिल्म प्रोड्यूसर एकता कपूर आज अपनी टीम के साथ विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने अपनी आगामी वेब सीरीज ‘लॉकअप’ की सफलता की कामना को लेकर बाबा महाकाल के दरबार में विधिवत पूजन-अर्चन किया। एकता कपूर ने नंदी हॉल से भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न की। इस दौरान दर्शनों के पश्चात उन्होंने “जय श्री महाकाल” का उद्घोष भी किया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में गूंज उठा। इस अवसर पर एकता कपूर के साथ फिल्म एवं टीवी जगत की जानी-मानी अभिनेत्रियां दीपशिखा नागपाल, नीलम कोठारी, विद्या मालवदे, सीमा किरण सचदेव एवं पूजा भी उपस्थित रहीं। सभी अभिनेत्रियों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मंदिर की दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा को अनुभव किया। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से एकता कपूर एवं उनके साथ आई सभी अभिनेत्रियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सत्कार किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया और सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद एकता कपूर ने कहा कि उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से उनका नया प्रोजेक्ट दर्शकों का भरपूर प्रेम प्राप्त करेगा। इस धार्मिक यात्रा ने न सिर्फ टीम को मानसिक शांति दी, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा से भी भर दिया।  

उज्जैन में शिव-विवाह उत्सव की शुरुआत, बाबा महाकाल नौ स्वरूपों में देंगे दर्शन, तैयारियां अंतिम चरण में

उज्जैन  महाशिवरात्रि में कुछ ही दिन का समय शेष बचा है। लेकिन शिव और पार्वती के विवाह के इस त्योहार को लेकर उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं। मंदिर की दीवारों से लेकर शिखर पर रंग-रोगन किया जा रहा है। इसी के साथ 6 फरवरी से मंदिर में 9 दिनों तक चलने वाले उत्सव की शुरुआत होगी, जिसमें बाबा भक्तों को नौ अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। बाबा महाकाल की नगरी में महाशिवरात्रि का त्योहार 9 दिन तक चलता है, जो 6 फरवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें रोजाना भगवान का रुद्राभिषेक, 24 घंटे निराकार रूप में दर्शन और जलधारी, रात के समय स्नान और वस्त्र धारण का कार्यक्रम रहेगा। साथ ही अलग-अलग नौ विग्रहों की स्थापना और पूजा की जाएगी। ये नौ दिन भगवान की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों जैसी होती है। भक्तों के लिए मंदिर भी खुले रहेंगे और भक्त बाबा महाकाल पर जलधारी अर्पित कर पाएंगे। महाकाल मंदिर के पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि पहले दिन बाबा का दुशाला ओढ़ाकर श्रंगार होता है और फिर दूसरे दिन बाबा को शेषनाग धारण कराए जाते हैं। तीसरे दिन घटाघटा स्थापित किया जाता है, जो शिवलिंग के समान ही होता है। चौथे दिन प्रभु के छवि दर्शन होते हैं और पांचवें दिन बाबा को मन-महेश, उमा महेश, शिव तांडव और होलकर के रूप में सजाया जाता है। इस वर्ष 15 फरवरी को होने वाली खास पूजा और अनुष्ठान पर पुजारी पं महेश शर्मा ने बताया कि 15 फरवरी को जलधारी के साथ चारों पहर की पूजा और आरती होगी और रात के समय स्नान के साथ बाबा को दूल्हे के रूप में श्रंगार कर सजाया जाएगा और रात को विशेष श्रंगार पूजा होगी, जिसे सेहरा दर्शन भी कहा जाता है। इस दौरान नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भजन और कीर्तन का आयोजन होगा और भक्तों के आगमन के लिए तैयारियां की जा रही हैं क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है। मंदिर में हो रही तैयारी पर उन्होंने कहा कि गर्भगृह की सफाई, मंदिर के कुंड़ों की सफाई और रंग-रोगन का काम शुरू हो चुका है, जिसे 6 फरवरी तक खत्म करने की कोशिश रहेगी। अधिकारियों ने देखी व्यवस्था महापर्व 2026 के अवसर पर ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम बनाए जाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह द्वारा आज श्री महाकालेश्वर मंदिर परिक्षेत्र एवं श्री महाकाल लोक के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्रों का विस्तृत भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान रोशन कुमार सिंह ने दर्शन मार्ग, श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं तथा भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। साथ ही मंदिर परिसर एवं श्री महाकाल लोक में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस अवसर पर मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक, अतेंद्र सिंह एडीएम उज्जैन अभिलाष मिश्रा आयुक्त नगर पालिका निगम एवं संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि, मंदिर अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

गर्दन में चाकू फंसा, 46 किमी दूर अस्पताल तक पहुंचा नाबालिग; महिदपुर में विवाद में हिंसा

महिदपुर  मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील में बाइक टकराने के मामूली विवाद में समझाइश देने से नाराज 3 लोगों ने एक नाबालिग को घेरकर उस पर चाकू से हमला कर दिया। इस विवाद में चाकू नाबालिग की गर्दन में जा घुसा, जिसके बाद उसे गर्दन में फंसे चाकू के साथ ही इलाज के लिए उज्जैन लाना पड़ा। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें आरोपी नाबालिग पर चाकू से हमला करता दिख रहा है। वहीं एक अन्य वीडियो में उज्जैन के अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने के दौरान भी उसकी गर्दन में फंसा चाकू साफ नजर आ रहा है। यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी आज सामने आया। वीडियो में 3 लोग नाबालिग पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियो पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह घटना उज्जैन से करीब 45 किमी दूर महिदपुर तहसील के दर्जी बाखल क्षेत्र में उस वक्त हुई, जब दो दोस्त एक किराना दुकान से सामान लेकर लौट रहे थे, इसी दौरान गाड़ी टकराने की बात को लेकर हुए विवाद में एक नाबालिग को चाकू मार दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान अरशान खान और पीड़ित नाबालिग अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से बाइक सवार तीन युवक आ रहे थे और उनकी बाइक नाबालिग लड़के से टकरा गई। जिसके बाद नाबालिग ने उन बाइक सवार 3 लोगों से ध्यान से बाइक चलाने की बात कही, जिससे विवाद बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गए। हमले के दौरान चाकू नाबालिग की गर्दन में जा घुसा, और वहीं फंसा रह गया। जिसके बाद चाकू लगी हालत में उसे इलाज के लिए पहले महिदपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उज्जैन रेफर किया गया। गुरुवार को घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें विवाद के बाद आरोपी नाबालिग पर चाकू से हमला करते हुए और फिर फरार होते हुए नजर आ रहे हैं। साथ ही उज्जैन का भी एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें नाबालिग इलाज के दौरान गर्दन में फंसे चाकू के साथ अस्पताल में खड़ा दिखाई दे रहा है और दर्द से कराहता नजर आ रहा है। पुलिस ने अरशान खान की रिपोर्ट पर तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश की जा रही है, फिलहाल युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

उज्जैन में मानव तस्करी रैकेट बेनकाब: सरगुजा की दो युवतियों को ले जाकर बेचा, पुलिस ने एक को छुड़ाया

अंबिकापुर सरगुजा की दो लड़कियों को मानव तस्करों ने उज्जैन ले जाकर बेचने का मामला सामने आया है. मोटी तनख्वाह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेची गई दो युवतियों में से एक को पुलिस ने बरामद कर लिया है, वहीं दूसरे की तलाश जारी है. जानकारी के अनुसार, लखनपुर थाना क्षेत्र की बेची गई युवती को एक हफ्ते तक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. लड़की ने शोर मचाया तो उज्जैन पुलिस ने उसे छुड़ाया. सूचना पर उज्जैन पहुंचे परिजनों को पुलिस ने युवती को सौंपा. वहीं लापता दूसरी लड़की को बेचकर खरीदार से शादी कराने की शिकायत परिजनों ने पुलिस से की है. बताया जा रहा है कि आरोपी लड़की को अंबिकापुर से ट्रेन से लेकर उज्जैन गए, और ढाई लाख रुपए में बेच दिया. मानव तस्करी के मामले में 4 के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है.

30 सितंबर को उज्जैन में नगर पूजा: सम्राट विक्रमादित्य के समय से चली आ रही अनोखी परंपरा

उज्जैन  शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर 30 सितंबर को नगर की सुख समृद्धि के लिए मदिरा की धार से पूजा होगी। चौबीस खंभा माता मंदिर में सुबह 8 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद अधिकारी व कोटवारों का दल ढोल ढमाकों के साथ 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। महाअष्टमी पर नगर पूजा की परंपरा सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही है। कालांतर में भी रियासत के समय पूजन का क्रम जारी रहा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद शासन की ओर से नगर पूजा कराई जा रही है। इस बार तिथि वृद्धि के कारण 30 सितंबर को महाअष्टमी मनाई जाएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह माता महामाया व महालया को मदिरा का भोग लगाकर नगर पूजा की शुरुआत करेंगे। इसके बाद शासकीय दल अन्य मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए रवाना होगा। 27 किमी लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगेगी पूजा के दौरान शहर में 27 किलो मीटर लंबे मार्ग पर मदिरा की धार लगाई जाएगी। इसके साथ पुरी, भजिए, भीगे हुए गेहूं व चने की घुघरी सहित नैवेद्य की अन्य वस्तुएं अर्पण की जाएगी। मान्यता है इससे नगर में मौजूद अतृप्त आत्माओं को तृप्ति मिलती है और वें प्रसन्न होकर नगरवासियों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। शक्तिपीठ हरसिद्धि में दोपहर 12 बजे होगी पूजामहाअष्टमी पर शक्तिपीठ हरसिद्धि माता मंदिर में दोपहर 12 बजे शासकीय पूजा होगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा सपत्नीक माता हरसिद्धि का पूजन करेंगे। हरसिद्धि मंदिर में सात्विक पूजा होती है, यहां माता को मदिरा का भोग नहीं लगाया जाता है। इसलिए कलेक्टर यहां अलग से पूजा अर्चना करने आते हैं। गढ़कालिका में रात 12 बजे होगी महाआरती नगर के प्राचीन देवी मंदिरों में शुमार श्री गढ़कालिका माता मंदिर में महाअष्टमी पर रात 12 बजे महाआरती होगी। माता का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शारदीय नवरात्र की पूर्णाहुति पर भंडारे का आयोजन होगा। नगर पूजा में यह खास     27 किलो मीटर लंबा नगर पूजा मार्ग     40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में होगी पूजा     12 घंटे का समय लगेगा नगर पूजा में     25 से अधिक बोतल मदिरा का उपयोग होगा  

शिप्रा पुल से कार गिरी, टीआई मृत, एसआई और महिला कांस्टेबल की तलाश जारी

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में बड़ा हादसा सामने आया है. यहां शिप्रा नदी के पुल से बीती रात एक कार नीचे जा गिरी. लोगों को पता चला तो सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. रात में रेस्क्यू के दौरान कार के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका. आज सुबह जब दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ तो उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद किया है. थाना प्रभारी का अंतिम संस्कार हादसे में मृत थाना प्रभारी अशोक शर्मा का रविवार को चक्रतीर्थ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ, जब थाना प्रभारी अशोक शर्मा दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उज्जैन से उन्हेल लौट रहे थे. कार नदी में कैसे गिरी, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है.  थाना प्रभारी का किया गया अंतिम संस्कार, SI और आरक्षक की खोज के लिए अभियान जारी  शिप्रा नदी में हुए कार हादसे ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस विभाग के लिए बेहद ही विचलित करने वाले खबर रही। रविवार को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर एसआई और आरक्षक को खोजने के लिए अभियान शुरू हुआ। जिसमें NDRF के 30 और होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 लोग जुटेंगे। उज्जैन में शनिवार को शिप्रा नदी में कार गिरने से लापता हुए 3 पुलिसकर्मियों में से 2 की तलाश अब भी जारी है। आज सुबह तक रेस्क्यू टीमें एसआई मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल का पता नहीं लगा सकी हैं। इससे पहले रविवार सुबह करीब 8 बजे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटना स्थल से 4 किलोमीटर दूर मिला था। इसके बाद रेस्क्यू अभियान तेज किया गया। लेकिन रविवार देर रात तक चली सर्चिंग के बावजूद न तो कार मिल पाई और न ही दोनों पुलिसकर्मियों का कोई सुराग मिला। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर से एसआई और आरक्षक की तलाश के लिए अभियान शुरू हुआ है, जिसमें NDRF के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 सदस्य जुटे हैं। कॉन्स्टेबल आरती चला रही थीं कार एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हेल थाना इलाके से दो दिन पहले 14 वर्षीय लड़की गुमशुदा हो गई थी। इसी मामले में तीनों पुलिसकर्मी चिंतामन की ओर जा रहे थे। सफेद रंग की कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं। यह कार उन्हीं की थी। सर्चिंग बनी बड़ी चुनौती पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी बाधा बन रही है। आशंका है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं। इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। सर्चिंग में ड्रोन की मदद शनिवार देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल और होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रहे थे, तभी पुल पर रैलिंग नहीं होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई। दरअसल, उन्हेल थाना प्रभारी एक केस की जांच के लिए शनिवार को उज्जैन आए थे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल भी मौजूद थीं. देर शाम तीनों लौट रहे थे कि उनकी कार शिप्रा पुल के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी. घटना के बाद से ही तीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. मोबाइल फोन भी बंद थे और उनकी आखिरी लोकेशन शिप्रा पुल के आसपास की मिली. इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ. आज रविवार की सुबह जैसे ही सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर उतरी तो घंटों की मशक्कत के बाद नदी से कार को बाहर निकाला गया. उसमें से अशोक शर्मा का शव बरामद किया गया है. फिलहाल सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और कॉन्स्टेबल आरती पाल के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है, उनकी तलाश की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी चुनौती बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं. इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा. घटना को लेकर उज्जैन के एसपी ने क्या कहा? एसपी उज्जैन प्रदीप शर्मा ने कहा कि बहुत ही दुखद घटना हुई है. हमारे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, उनके साथ निमामा साहब और एक महिला आरक्षक आरती सिंह गए थे. दो दिन पूर्व एक 14 साल की बच्ची मिसिंग हुई थी, उसी की तलाश में रात में ये लोग रवाना हुए थे. इसी दौरान इनकी गाड़ी डिस लेंस होकर बड़े पुल से नीचे गिरी. अभी करीब दो ढाई किलोमीटर आगे अशोक शर्मा का शव भैरवगढ़ पुल के नीचे से बरामद किया है. एनडीआरएफ की टीम लगी है, बाकी दोनों के लिए सर्च जारी है. टीआई 37 साल से सेवा में थे टीआई अशोक शर्मा (58) मूलत: बुलंदशहर, यूपी के निवासी थे। 27 मई 1988 को कांस्टेबल भर्ती हुए और एसआई रहते हुए उन्हेल थाने का प्रभार संभाल रहे थे। परिवार में पत्नी शशि व दो बेटे हैं। एक डॉक्टर है और दूसरा गुड़गांव में … Read more