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UPI ट्रांजेक्शन में बदलाव, फरवरी से लागू होंगे नए नियम; जानें इसके प्रभाव

नई दिल्ली भारत में डिजिटल पेमेंट अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिजली का बिल भरने और दोस्तों को पैसे भेजने तक, हर जगह यूपीआई (UPI) का यूज हो रहा है. ऐसे में अगर यूपीआई के नियमों में कोई बदलाव होता है, तो उसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और NPCI ने फरवरी 2026 से यूपीआई के नए नियम लागू करने का फैसला किया है. इन नए नियमों का मकसद लेनदेन को और तेज बनाना, धोखाधड़ी से सुरक्षा बढ़ाना, यूजर्स को अपने पैसों और भुगतान पर ज्यादा नियंत्रण देना है. अगर आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी UPI ऐप का यूज करते हैं, तो आइए आज हम आपको UPI के कौन से नए नियम फरवरी से लागू हो रहे हैं.  अब UPI पेमेंट होगा और भी तेज नए नियमों के तहत UPI लेनदेन और API रिस्पॉन्स को 10 सेकंड के भीतर पूरा करना जरूर होगा. पहले यह समय सीमा 30 सेकंड थी, जिसकी वजह से कई बार पेमेंट अटक जाता था या देर से पूरा होता था. अब फायदा यह होगा कि पेमेंट जल्दी पूरा होगा, Pending या Processing में फंसे ट्रांजैक्शन कम होंगे, भीड़-भाड़ वाले समय (जैसे सेल या महीने के आखिर में) भी सिस्टम बेहतर काम करेगा. इससे ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदारों को भी राहत मिलेगी.  API क्या होता है API यानी एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस, इसे आप दो एप्स या सिस्टम के बीच बात करने का जरिया समझ सकते हैं. जब आप UPI से भुगतान करते हैं तो आपका UPI ऐप आपके बैंक से पूछता है क्या खाते में पैसे हैं फिर वह सामने वाले के बैंक से कहता है पैसे स्वीकार करो. यह पूरी बातचीत API के जरिए होती है. अब API तेज होगी, तो पूरा भुगतान भी जल्दी और स्मूथ होगा.  सुरक्षा पर खास जोर और यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल 2026 के नए UPI नियमों में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी, खासकर बड़े अमाउंट वाले लेनदेन के लिए. इसमें मुख्य बदलाव भुगतान से पहले स्पष्ट कन्फर्मेशन मैसेज, ऑटो पेमेंट और सब्सक्रिप्शन के लिए बेहतर सुरक्षा, यूजर्स आसानी से अपनी सब्सक्रिप्शन को देख, मैनेज और कैंसल कर पाएंगे. इससे गलत कटौती और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.  लंबे समय से यूज न हुई UPI ID पर रोक लग सकती है अगर आपकी कोई UPI ID लंबे समय से यूज नहीं हुई है, तो उसे अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है. इसे डॉरमेंट UPI ID कहा जाएगा. इसे दोबारा चालू करने के लिए यूजर को री-वेरिफिकेशन करना होगा. इस नियम का उद्देश्य है पुराने और भूले हुए अकाउंट्स का गलत यूज रोकना है. अब अगर कोई UPI पेमेंट फेल हो जाता है या अटक जाता है, तो बैंक और ऐप्स को कुछ घंटों के भीतर समस्या सुलझानी होगी, यूजर को साफ-साफ बताया जाएगा कि पैसा कटा या नहीं, कहां अटका, कब वापस मिलेगा, इससे यूजर्स की परेशानी और भ्रम दोनों कम होंगे.  UPI का रिकॉर्ड प्रदर्शन सरकार ने संसद में बताया कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक UPI के जरिए 230 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. यह आंकड़ा 2022-23 के 139 लाख करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा है. इससे साफ है कि UPI पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है. UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. वर्तमान में यह 8 देशों में यूज हो रहा है. जिसमें भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, कतर, सिंगापुर, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात शामिल है. सरकार और NPCI मिलकर विदेशों में व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M) भुगतान को आसान बना रहे हैं. IMF की रिपोर्ट (जून 2025) के अनुसार, UPI दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम रिटेल पेमेंट सिस्टम है. ACI Worldwide रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में करीब 49 प्रतिशत  हिस्सा UPI का है. 

यूपीआई टेक्स में मध्यप्रदेश के 12 उद्यमों ने की सहभागिता

भोपाल उ.प्र. की राजधानी लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो यूपीआई टेक्स में एमएसएमई विभाग के सहयोग से मध्यप्रदेश की 12 चयनित एमएसएमई इकाइयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन इकाइयों द्वारा फैब्रिक्स, पर्ल (मोती) निर्माण, पैकेजिंग, बांस आधारित उत्पाद तथा मसाला उद्योग सहित विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। मध्यप्रदेश के इन मंडपों की आगंतुकों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों द्वारा सराहना की गयी। सहभागी 12 एमएसएमई इकाइयों में से 2 महिला उद्यमियों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जो महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा एक्सपो में भाग लेने वाली सभी इकाइयों के लिए स्टॉल स्थापना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। इस प्रकार की प्रदर्शनियों में सहभागिता से प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को नए बाजार, व्यापारिक संपर्क तथा निर्यात के अवसर प्राप्त होते हैं। मध्यप्रदेश एमएसएमई विभाग भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।  

अब UPI से मिलेगा PF का पैसा, सरकार का बड़ा ऐलान: जानिए कितनी राशि और कब तक

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने 8 करोड़ मेंबर्स के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अप्रैल 2026 तक इसके सदस्य UPI के जरिए अपनी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से पात्र राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। PF निलकने का बदल जाएगा नियम  रिपोर्ट्स के अनुसार, नई व्यवस्था में PF मेम्बेर्स अपने UPI पिन का उपयोग करके सुरक्षित लेनदेन पूरा कर सकेंगे। खाते में एक न्यूनतम हिस्सा (25 प्रतिशत) सुरक्षित रहेगा ताकि मेम्बेर्स को वर्तमान 8.25 प्रतिशत ब्याज दर और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता रहे। बचा हुआ पैसा तुरंत बैंक खाते में पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसे डिजिटल पेमेंट, एटीएम से नकद निकासी या डेबिट कार्ड के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। खामियां को दूर करने में जुटा EPFO EPFO वर्तमान में इस सिस्टम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तकनीकी चुनौतियों और सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को दूर करने का काम तेजी से कर रहा है। फिलहाल सदस्यों को निकासी के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता है, जो समय लेने वाला प्रोसेस है। ऑटोमैटिक सेटलमेंट में भी तीन दिन लगते हैं। नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। ऑटो-सेटलमेंट की शुरू हुई सेवा  ईपीएफओ ने कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संकट में फंसे लोगों को तुरंत मदद के लिए ऑनलाइन ऑटो-सेटलमेंट की शुरुआत की थी। बता दें हर साल 5 करोड़ से अधिक दावों का निपटारा होता है, जिनमें ज्यादातर निकासी से जुड़े होते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईपीएफओ अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ खातों से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि उसके पास कोई बैंकिंग लाइसेंस नहीं है। हालांकि, सरकार ईपीएफओ की सेवाओं को बैंकों जैसा बेहतर और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है। अक्टूबर में सरल हुए नियम  अक्टूबर 2025 में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने आंशिक निकासी के प्रावधानों को सरल बनाने को मंजूरी दी। पहले के 13 शर्तों को घटाकर तीन मुख्य श्रेणियों में समेट दिया गया है 1. आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी) 2. आवासीय जरूरतें। 3. विशेष परिस्थितियां। अब सदस्य पात्र राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जबकि न्यूनतम हिस्सा सुरक्षित रहेगा। निकासी की सीमा भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। क्या पूरा PF निकाला जा सकेगा? हां। नए प्रावधानों के तहत सदस्य अपने EPF खाते में उपलब्ध 100% योग्य राशि, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंश निकाल सकेंगे। हालांकि, योजना में यह भी प्रावधान किया गया है कि खाते में कम से कम 25% योगदान हमेशा न्यूनतम बैलेंस के रूप में बना रहेगा, ताकि 8.25% सालाना ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहे और रिटायरमेंट कॉर्पस सुरक्षित रहे। इस बदलाव से सदस्यों को क्या फायदा होगा?     क्लेम फाइल करने की जरूरत लगभग खत्म     तेज, सुरक्षित और आसान निकासी     EPFO पर प्रशासनिक बोझ कम डिजिटल इंडिया के अनुरूप PF सेवाएं कुल मिलाकर, EPFO की UPI-आधारित निकासी सुविधा PF को एक “लॉक्ड रिटायरमेंट फंड” से बदलकर जरूरत के समय तुरंत उपलब्ध वित्तीय सहारा बना देगी वह भी बिना लंबी प्रक्रिया और कागजी झंझट के होगा।    

UPI ट्रांजैक्शन ने खोला राज: चेतन बनकर होटल में ठहरे अशरफ, दो आधार कार्ड से हुआ खुलासा

मंदसौर मंदसौर में बस स्टैंड के पास स्थित एक होटल में राजस्थान का रहने वाला अशरफ नाम का युवक पहचान छिपाकर हिंदू युवती के साथ ठहरा था। अशरफ ने अपना नाम चेतन बताया था। आधार कार्ड में भी नाम चेतन था। उसका ये झूठ यूपीआई ट्रांजैक्शन में पकड़ा गया। होटल संचालक अशोक मारू ने भुगतान से जुड़े यूपीआई ट्रांजैक्शन की जांच की तो जिस खाते से 600 की राशि आई थी, वह अशरफ खान नाम से थी। जबकि होटल में दर्ज पहचान हिंदू नाम चेतन प्रकाश की थी। इसी विरोधाभास के चलते होटल संचालक को संदेह हुआ। रात के वक्त जब दोनों होटल लौटे तो होटल संचालक ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान युवक के पास से एक और आधार कार्ड मिला, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उसने फर्जी पहचान के जरिए होटल में ठहरने की कोशिश की थी। इसके बाद होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उससे पूछताछ की और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी अशरफ को गिरफ्तार कर लिया है। हिंदू नाम के आधार पर लिया कमरा पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान अशरफ खान निवासी जैसलमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। वह अपनी हिंदू गर्लफ्रेंड के साथ होटल राज में चेतन प्रकाश नाम के आधार कार्ड के जरिए रुका हुआ था। जांच में आरोपी के पास दो आधार कार्ड मिले। दोनों में फोटो तो एक ही था, लेकिन नाम और पते अलग-अलग दर्ज थे। दोनों आधार कार्ड राजस्थान के बताए जा रहे हैं। लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने आया था बताया जा रहा है कि अशरफ लैब टेक्नीशियन की परीक्षा देने के लिए अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंदसौर आया था। परीक्षा श्रीजी कॉलेज में थी। इसीलिए दोनों ने सुबह होटल राज में रूम लिया और परीक्षा देने चले गए। युवती राजस्थान के नागौर जिले की रहने वाली बताई जा रही है। दोनों जोधपुर के एक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में काम करते हैं। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले जाकर पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि दोनों के परिजन को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है। धार्मिक पहचान छिपाने की कोशिश शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि युवक को आशंका थी कि मुस्लिम नाम से हिंदू युवती के साथ होटल में ठहरने पर परेशानी हो सकती है। इसलिए उसने हिंदू नाम वाले फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि होटल संचालक ने युवक की इस चालाकी को पकड़ लिया।

EPFO का बड़ा फैसला, अब UPI के जरिए आसानी से निकाल सकेंगे PF का पैसा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव किया है. अब PF खाते से पैसा निकालने के लिए लंबे फॉर्म और बैंक वेरिफिकेशन की झंझट नहीं रहेगी. नया नियम UPI आधारित निकासी को संभव बनाता है, जिससे सेकंडों में पैसा सीधे खाते में ट्रांसफर होगा. यह सुधार खासकर सैलरीड क्लास और मध्यम वर्ग के लिए राहत है, जो इमरजेंसी में PF पर निर्भर रहते हैं. NPCI के साथ साझेदारी से शुरू हुई यह सुविधा डिजिटल इंडिया की दिशा में एक अहम कदम है. अब तक PF निकालने की प्रक्रिया बेहद लंबी और पेपरवर्क से भरी होती थी. कर्मचारी को अलग-अलग फॉर्म भरने पड़ते थे, बैंक वेरिफिकेशन और कई स्तर की जांच से गुजरना पड़ता था. इस कारण निकासी में कई बार हफ्तों का इंतजार करना पड़ताथा. यही वजह थी कि EPFO ने तकनीकी बदलाव की ओर कदम बढ़ाया और UPI को PF निकासी से जोड़ने का फैसला किया. नए नियम से कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा समय की बचत का होगा. अब मेडिकल खर्च, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसे अचानक आने वाले खर्चों में PF तुरंत मददगार बनेगा.पेपरवर्क खत्म होने से क्लेम रिजेक्शन की संभावना भी घटेगी. पारदर्शिता बढ़ेगी क्योंकि पैसा सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में जाएगा. यह सुविधा PF को बैंक खाते जितना लिक्विड बना देगी. UPI आधारित निकासी NPCI के सहयोग से शुरू की गई है. शुरुआत BHIMUPI से होगी और धीरे-धीरे Paytm, PhonePe, GPay जैसे लोकप्रिय ऐप्स भी जुड़ेंगे. RBI की गाइडलाइन के अनुसार, सामान्य ट्रांजैक्शन की लिमिट ₹1 लाख प्रतिदिन होगी, जबकि मेडिकल, एजुकेशन और IPO से जुड़े मामलों में यह सीमा ₹5 लाख तक बढ़ाई जाएगी. इससे सुरक्षा और दुरुपयोग रोकने की गारंटी मिलेगी. लेबर मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने कहा कि यह बदलाव कर्मचारियों को पेपरवर्क से मुक्त करेगा और क्लेम रिजेक्शन कम करेगा. उद्योग जगत के विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम डिजिटल इंडिया की रणनीति को मजबूत करेगा और कर्मचारियों को वित्तीय आत्मनिर्भरता देगा. फिनटेक सेक्टर के लिए भी यह एक बड़ा अवसर है क्योंकि UPI प्लैटफॉर्म पर PF निकासी जुड़ने से डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम और व्यापक होगा. EPFO ने संकेत दिया है कि शुरुआत छोटे अमाउंट से होगी और धीरे-धीरे बड़े अमाउंट पर भी यह सुविधा लागू होगी. कर्मचारियों को EPFOऐप पर अपनी UPI ID लिंक करनी होगी और KYC अपडेट रखना होगा. आने वाले समय में यह सुधार PF को रिटायरमेंट प्लानिंग का और भी मजबूत स्तंभ बना देगा.

अंदर का आदमी ही निकला ठग: इंदौर में अकाउंटेंट ने UPI से निकाले 11.5 लाख, मामला दर्ज

इंदौर मल्हारगंज पुलिस ने उद्योगपति विकास धूत के 76 वर्षीय पिता मुरलीधर धूत की शिकायत पर अकाउंटेंट और उसके साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित अकाउंटेंट ने यूपीआई पासवर्ड बदल कर खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस के मुताबिक विकास धूत की अवंतिका जिनिंग फैक्ट्री (जवाहर मार्ग) है। आरोपित हिमांशू जोशी (द्वारकापुरी) अकाउंटेंट की नौकरी करता था। मुरलीधर धूत नहीं करते थे ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल मुरलीधर धूत वृद्धावस्था के कारण ई-बैंकिंग का उपयोग नहीं कर सकते थे और हिमांशु से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाते थे। आरोप है कि इस दौरान हिमांशु ने यूपीआई आईडी और पासवर्ड बदल दिए और खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।   बैंक से चेक अनादरित होने पर बैंलेस की जांच की और हिमांशु से पूछताछ की गई। उसने माफी मांगी और शपथपत्र देकर कहा वह रुपये लौटा देगा। महीनों बाद भी रुपये न देने पर साइबर सेल को शिकायत की गई। मंगलवार को मल्हारगंज पुलिस ने हिमांशु और कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

भारत का UPI जल्द यूरोप में लॉन्च: यात्रियों को मिलेगी कैशलेस और झंझट-फ्री पेमेंट सुविधा

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और एनपीसीआई इंटरनेशनल ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर ऐतिहासिक पहल की है जो भविष्य में यूरोपीय देशों की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों या वहां कारोबार करने वालों को काफी सहूलियत देगी। इसके तहत अब भारत का यूपीआई जल्द ही यूरोप के इंस्टैंट पेमेंट सिस्टम टिप्स यानी टार्गेट इंस्टैंट पेमेंट सेटलमेंट से जुड़ जाएगा। दोनों पक्षों ने इसके “रियलाइजेशन फेज'' को शुरू करने पर सहमति दे दी है। इसके लागू होने के बाद फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड आदि देशों में घूमने गए भारतीय पर्यटक सीधे अपने फोन से यूपीआई स्कैन करके खरीदारी कर सकेंगे।   इन जगहों पर मिलेगी यूपीआई की सुविधा रेस्तरां, होटल, दुकानें, टैक्सी हर जगह भारतीय यूपीआई काम करेगा, बिना विदेशी क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नकदी के झंझट के। साथ ही पैसा तुरंत व बहुत ही कम फीस में ट्रांसफर होगा। साथ ही यूरोप से आने वाले लोग भी भारत में आसानी से पेमेंट कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इससे छोटे-मध्यम उद्यमियों को खास तौर पर फायदा होगा क्योंकि लेन-देन सस्ता, तेज और पारदर्शी हो जाएगा। कब से चालू होगी यह सुविधा वर्तमान में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) की बातचीत अपने अंतिम चरण में है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीआई-टिप्स लिंकेज इस समझौते को तेजी से अमलीजामा पहनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच वित्तीय एकीकरण की जमीन पहले से ही तैयार होगी। आरबीआई और एनपीसीआई तकनीकी एकीकरण, रिस्क मैनेजमेंट और सेटलमेंट व्यवस्था पर तेजी से काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि 2026 की पहली छमाही तक यह सुविधा चालू हो जाएगी। आरबीआई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक यह कदम जी-20 दिशानिर्देशों के तहत उठाया गया है जिसके सभी सदस्य देशों ने आपस में वित्तीय लेन-देन को सुविधाजनक बनाने की सहमति दी है।  

NPCI ने बदली UPI की तस्वीर: क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा से आसान होंगे छोटे पेमेंट

नई दिल्ली  देश में डिजिटल भुगतान को नई दिशा देने के लिए अब बड़े बैंक UPI के जरिए क्रेडिट पेमेंट्स को तेजी से बढ़ाने की तैयारी में हैं। HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जल्द ही ‘UPI पर क्रेडिट लाइन’ सुविधा लॉन्च कर सकते हैं। अभी तक बैंक UPI पर क्रेडिट बढ़ाने के लिए RuPay क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे थे, लेकिन नई व्यवस्था के तहत ग्राहक बिना किसी कार्ड के भी छोटे-बड़े भुगतान क्रेडिट पर कर सकेंगे। बड़े बैंकों की एंट्री नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह सुविधा वर्ष 2023 में शुरू की थी। हालांकि, दो साल तक किसी बड़े बैंक ने इसे अपनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। शुरुआत सिर्फ कर्नाटक बैंक और सुर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने की, जिन्होंने Navi और Paytm के साथ मिलकर क्रेडिट लाइन को सक्रिय किया।अब पहली बार प्रमुख प्राइवेट बैंक HDFC और Axis Bank इस प्रोडक्ट को लॉन्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ET की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैंक Navi, Super.Money और SalarySe जैसे फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं ताकि ग्राहकों को आसानी से ऑनबोर्ड किया जा सके और प्रारंभिक जांच ऐप के माध्यम से की जा सके। नियमों पर स्पष्टता के बाद मिली हरी झंडी बैंकों की सबसे बड़ी चिंताओं में क्रेडिट लाइन का ब्याज निर्धारण, इंटरेस्ट-फ्री अवधि और अन्य नियम शामिल थे। स्पष्ट गाइडलाइंस न होने के कारण बड़े बैंक अब तक इस मॉडल से दूर थे। लेकिन हाल ही में NPCI और RBI दोनों ने जरूरी नीतिगत स्पष्टता दे दी है, जिसके बाद इनके लॉन्च का रास्ता साफ हो गया है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार अब तक लगभग 3-4 लाख ग्राहक UPI-बेस्ड क्रेडिट लाइन का उपयोग कर चुके हैं। भले ही ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अभी नियमित UPI भुगतान की तुलना में कम है, लेकिन सुविधा की गति तेजी से बढ़ रही है क्योंकि यह छोटे खर्चों के लिए त्वरित क्रेडिट उपलब्ध कराती है। बैंकों के लिए नए ग्राहकों का बड़ा अवसर बैंक इस सुविधा के जरिए छोटे लोन प्रदान कर नए ग्राहकों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का अवसर देख रहे हैं। फिनटेक कंपनियों के अनुसार, छोटे क्रेडिट समय पर चुकाने वाले ग्राहक आगे चलकर बैंक के विश्वसनीय और मजबूत कस्टमर बन जाते हैं। UPI पर क्रेडिट विकल्प मिलने से बैंक उन लाखों यूजर्स तक पहुंचना चाहते हैं जो रोजाना UPI से भुगतान करते हैं और भविष्य में बैंकिंग सेवाओं के महत्वपूर्ण ग्राहक बन सकते हैं।   रिस्क भी कम नहीं हालांकि, कुछ बैंक इस मॉडल को अपनाने में सावधानी बरत रहे हैं। उनका कहना है कि बहुत बड़ी संख्या में छोटे-छोटे लोन देने से क्रेडिट बबल बनने का खतरा है। यदि ग्राहक समय पर भुगतान न कर पाए, तो इतनी छोटी रकम में रिकवरी मुश्किल हो सकती है। इसलिए बैंक इस प्रोडक्ट में पूरी तरह प्रवेश करने से पहले जोखिम का व्यापक विश्लेषण कर रहे हैं।  

नेटवर्क फेल? कोई दिक्कत नहीं! ऐसे करें ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट

नई दिल्ली आज के डिजिटल युग में यूपीआई (UPI) लोगों के रोजमर्रा के लेन-देन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि मोबाइल में इंटरनेट खत्म हो जाता है, नेटवर्क नहीं आता या बैंक सर्वर डाउन हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है। क्या बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट किया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने एक ऐसी सुविधा शुरू की है, जिसके तहत यूजर्स बिना इंटरनेट के भी UPI ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। इस सुविधा का नाम है USSD आधारित सेवा से काम करती है। आइए जानते हैं कि इस ऑफलाइन UPI पेमेंट फीचर का उपयोग कैसे करें। ऑफलाइन UPI पेमेंट करने से पहले ध्यान रखें ➤ आपका मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक होना चाहिए। ➤ मोबाइल नंबर से UPI आईडी और UPI PIN सेट होना जरूरी है। ➤ यह सुविधा सभी प्रमुख टेलीकॉम नेटवर्क (जैसे Jio, Airtel, Vi, BSNL आदि) पर उपलब्ध है। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: बिना इंटरनेट के UPI पेमेंट कैसे करें ➤ स्टेप 1: अपने मोबाइल से *99# डायल करें। ➤ स्टेप 2: स्क्रीन पर एक मेनू खुलेगा, जिसमें कई ऑप्शन दिखेंगे जैसे Send Money, Receive Money, Check Balance, My Profile आदि। ➤ स्टेप 3: अब ‘Send Money’ (पैसे भेजें) का ऑप्शन चुनें। आप पैसे भेजने के लिए तीन तरीके इस्तेमाल कर सकते हैं: ➤ मोबाइल नंबर से UPI ID से बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड से ➤ स्टेप 4: जिस व्यक्ति को पैसे भेजने हैं, उसकी जानकारी डालें और फिर भेजने की राशि दर्ज करें। ➤  स्टेप 5: अब आपको अपना UPI PIN दर्ज करना होगा। पिन डालते ही ट्रांजेक्शन पूरा हो जाएगा और आपको तुरंत कन्फर्मेशन मिल जाएगा। कितना शुल्क लगेगा? ऑफलाइन UPI पेमेंट के लिए प्रति ट्रांजेक्शन लगभग ₹0.50 का शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क बेहद मामूली है और सेवा, पूरे भारत में उपलब्ध है। फायदे क्या हैं? ➤ इंटरनेट न होने पर भी पेमेंट की सुविधा। ➤ गांव या दूरदराज के इलाकों में भी लेन-देन संभव। ➤ हर तरह के मोबाइल (स्मार्टफोन या बेसिक फोन) पर काम करता है। ➤ सुरक्षित और तेज़ प्रक्रिया।  

लो जी! अब ऑफलाइन UPI की एंट्री, मोबाइल में नेटवर्क न हो तब भी ट्रांजैक्शन पक्का

जम्मू-कश्मीर  जो लोग मोबाइल से पैसों का लेन-देन करते हैं उनके लिए यह खबर बेहर अहम है। अब मोबाइल से पैसों का लेन-देन और भी आसान हो गया है। इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने पर भी ट्रांजैक्शन हो सकता है। आज के समय में अब हर छोटी-बड़ी खरीददारी मोबाइल से करना चाहता है। भारत में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने पैसों के लेन-देन को बहुत आसान बना दिया है। लेकिन कभी-कभी इंटरनेट न होने या बैंक सर्वर डाउन होने की वजह से ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। लेकिन अब आप बिना इंटरनेट के भी UPI पेमेंट कर सकते हैं,बस आप को एक काम करना हो जो है *99# डायल करना होगा। इस सेवा के माध्यम से आप एक बार में 5,000 रुपए तक का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं वो भी सिर्फ  50 रुपए में। ऑफलाइन UPI पेमेंट कैसे करें इस तरीके से पैमेंट करने के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर आपके बैंक अकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। इसके बाद अपने बैंक की ऐप या वेबसाइट से UPI PIN सेट करें। अपने मोबाइल से *99# डायल करें और कॉल बटन दबाएं। स्क्रीन पर कई विकल्प आएंगे जैसे Send Money, Check Balance, Request Money आदि। पेमेंट करने के लिए बैंक अकाउंट चुनें। प्राप्तकर्ता का मोबाइल नंबर, UPI ID या अकाउंट नंबर और IFSC कोड दर्ज करें। पेमेंट की राशि दर्ज करें और अपना UPI PIN डालें। कुछ ही सेकंड में ट्रांजैक्शन सफल हो जाएगा — बिना इंटरनेट।