बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कामकाज प्रभावित, 5 दिन काम की मांग तेज
भोपाल / नईदिल्ली SBI, PNB और यूनियन बैंक सहित देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक आज से लगातार तीन दिन बंद रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 2 साल से अटकी 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर शुक्रवार को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। अगर सरकार और बैंक मैनेजमेंट ने मांगें नहीं मानीं, तो 26 अक्टूबर से देशभर के बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी। बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि हड़ताल की वजह से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, इस दौरान UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। 5-डे बैंकिंग पर 2 साल से अटकी मंजूरी UFBU का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके तहत कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोज 40 मिनट ज्यादा काम करेंगे। IBA ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार के पास भेजा था, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय से इसे मंजूरी नहीं मिली है। क्या है 5-डे बैंकिंग प्रस्ताव? वर्तमान में बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। नए प्रस्ताव के लागू होने पर हर शनिवार को छुट्टी रहेगी। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक कामकाज का समय 40 मिनट प्रतिदिन बढ़ जाएगा। नई PLI स्कीम पर विवाद: सीनियर अफसरों को फायदा, निचले स्टाफ से भेदभाव यूनियनों ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा जारी नई PLI गाइडलाइंस का विरोध किया है। यूनियनों का आरोप है कि यह स्कीम भेदभावपूर्ण है: स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारी: व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI मिलेगा। वर्कमेन और स्केल I से III के कर्मचारी: इन्हें अधिकतम सिर्फ 15 दिनों का बेसिक पे + डीए ही मिलेगा। UFBU का तर्क है कि PLI पूरी तरह बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन पर आधारित होना चाहिए और स्केल VII तक के सभी कर्मचारियों को एक समान दिनों का इंसेंटिव मिलना चाहिए। यह नया नियम IBA और यूनियनों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन है। दिल्ली हाईकोर्ट और श्रम आयुक्त के पास पहुंचा मामला PLI स्कीम को लेकर विवाद अब मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया के तहत लंबित है। इसके अलावा इस मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है। यूनियनों ने मांग की है कि द्विपक्षीय बातचीत के जरिए इंसेंटिव स्कीम में संशोधन किया जाए। पेंशन अपडेशन और OPS की भी मांग हड़ताल के मुख्य कारणों के अलावा बैंक यूनियनों ने कई पुरानी मांगों को भी फिर उठाया है: सभी पेंशनभोगियों के लिए पेंशन अपडेशन और सुधार। सभी रिटायर कर्मचारियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला। NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को ऑल्ड पेंशन स्कीम में स्विच करने का विकल्प। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार-रविवार की छुट्टी 11 सितंबर को शुक्रवार है। इसके बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है। ऐसे में कई जगह बैंकिंग सेवाओं पर असर लगातार तीन दिन तक रह सकता है। कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी की छुट्टी भी है। ऐसे में वहां कुछ ग्राहकों के लिए बैंक से जुड़ा काम चार दिन तक अटक सकता है। यानी जिस ग्राहक को शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है, उसके लिए यह सामान्य तीन दिन की छुट्टी से ज्यादा बड़ी परेशानी बन सकती है। किन कामों पर सबसे ज्यादा असर? हड़ताल का सीधा असर बैंक शाखाओं में होने वाले काम पर पड़ सकता है। खासकर, कैश जमा करना, कैश निकालना, चेक से जुड़े काम या शाखा में दस्तावेज जमा करना। बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों से आमने-सामने होने वाले काम। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं अलग तरीके से चलती हैं। इसलिए UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग को शाखा की हड़ताल के बराबर नहीं समझना चाहिए। फिर भी किसी खास सेवा के लिए बैंक की अपनी व्यवस्था या तकनीकी स्थिति अलग हो सकती है। SBI ने ग्राहकों को क्या बताया? देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने ग्राहकों को हड़ताल के संभावित असर को लेकर जानकारी दी है। बैंक ने कहा है कि शाखाओं और कार्यालयों का सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं, लेकिन हड़ताल के कारण काम प्रभावित हो सकता है। यानी SBI की शाखाएं पूरी तरह बंद होंगी ही, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के हिसाब से कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंक कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल? बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग 5 डे वर्किंग की है। अभी बैंकिंग क्षेत्र में सभी कार्यदिवसों की व्यवस्था पांच दिन वाली नहीं है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ सोमवार से शुक्रवार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर काफी समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक ठोस समाधान नहीं निकला।