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क्या सच में उदयपुर जा रहे हैं विजय और रश्मिका? शादी की अटकलों के बीच एयरपोर्ट पर हुए स्पॉट

 उदयपुर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की खबरें इन दिनों बी-टाउन का हॉट टॉपिक बनी हुई हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों 26 फरवरी को उदयपुर में एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी करने वाले हैं। दोनों के इन्विटेशन कार्ड की एक फोटो भी सोशल मीडिया पर फैल रही है। हालांकि, अभी तक कपल की ओर से शादी को लेकर कोई कंफर्मेशन सामने नहीं आई है। इस बीच अब ये जोड़ा एयरपोर्ट पर नजर आया है। हालांकि, दोनों अलग-अलग दिखे, लेकिन इनके एयरपोर्ट पर नजर आते ही ये कयास लगाए जाने लगे कि दोनों उदयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं। कैजुअल लुक में एयरपोर्ट पर दिखा कपल आज सुबह यानी शनिवार 21 फरवरी को शादी की चर्चाओं के बीच रश्मिका और विजय देवरकोंडा को एयरपोर्ट पर देखा गया है। इसके बाद ये अटकलें लगाई गईं कि दोनों शादी के लिए उदयपुर रवाना हो रहे हैं। हालांकि, अभी तक ये कंफर्म नहीं है कि दोनों कहां के लिए रवाना हुए हैं। लेकिन दोनों सेलेब्स एयरपोर्ट पर कैजुअल अंदाज में नजर आए। इस दौरान विजय देवरकोंडा जहां ओपन ब्लैक शर्ट और ब्लैक पैंट में नजर आए। वहीं रश्मिका ग्रे स्लीवलेस टी-शर्ट और ब्लैक लोअर में नजर आईं।   इस दौरान रश्मिका के माथे पर छोटी सी बिंदी भी नजर आई। दोनों ही सेलेब्स इस दौरान चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे। गाड़ी से उतरते समये रश्मिका फोन में व्यस्त दिखीं। हालांकि, पैपराजी को देखकर उन्होंने हाय किया। इस दौरान दोनों साथ में नहीं बल्कि अलग-अलग नजर आए।  सजे हुए विजय के घर का वीडियो और कार्ड की तस्वीरें वायरल बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें विजय देवरकोंडा का घर झालरों से सजा हुआ नजर आ रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद दोनों की शादी को लेकर चर्चाएं और भी तेज हो गईं। वहीं दोनों के इन्विटेशन कार्ड की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इनमें शादी की तारीख 26 फरवरी बताई जा रही है, जबकि 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कपल या उनके परिवार की ओर से शादी को लेकर को आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। शादी में होगी नो फोन पॉलिसी बीते दिनों कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रश्मिका और विजय ने शादी के कार्यक्रम में नो फोन पॉलिसी को लागू किया है। यानी कोई भी गेस्ट फोन लेकर फंक्शन में शामिल नहीं हो सकेगा। यहां तक कि शादी को शूट करने वाली टीम ने भी एनडीए (गैर-खुलासा समझौता) पर हस्ताक्षर किए हैं। वहीं रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि दोनों ने शादी की सिक्योरिटी के लिए विदेशी कंपनी से डील की है।  

मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा

मद्रास   दक्षिण के अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर विवादों में घिर चुके हैं। इस बार मद्रास उच्च न्यायालय ने अभिनेता को झटका देते हुए आयकर विभाग द्वारा 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना अदा करने के आदेश को बरकरार रखने का फैसला लिया है। अभिनेता ने मद्रास उच्च न्यायालय में आयकर विभाग द्वारा लगाए जुर्माने को गलत बताते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन न्यायालय ने याचिका को खारिज करते हुए फैसले को बरकरार रखा है। दरअसल साल 2016-17 में अभिनेता ने आयकर रिटर्न दाखिल किया था और अपनी संपत्ति का विवरण देते हुए 35,42,91,890 रुपए की संपत्ति घोषित की थी। अभिनेता पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है और असल संपत्ति छिपाने की कोशिश की। आयकर विभाग ने अभिनेता की संपत्ति की तुलना साल 2015 के दस्तावेजों से की, जिसमें पाया गया कि विजय ने कथित तौर पर फिल्म 'पुली' में अभिनय के लिए प्राप्त 15 करोड़ रुपए की आय को छुपाया था, जिसका खुलासा उन्होंने अपने आयकर रिटर्न में नहीं किया था। जिसके बाद साल 2022 में अभिनेता पर आयकर विभाग ने 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया। अभिनेता ने जुर्माना न भरने का फैसला करते हुए आयकर विभाग द्वारा लगाए गए जुर्माने को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी। आदेश को चुनौती देते हुए अभिनेता का दावा था कि आदेश 30 जून, 2019 से पहले पारित किया जाना चाहिए था, और चूंकि आदेश देरी से जारी किया गया था, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने जुर्माने की राशि के भुगतान पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन अब न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति के समक्ष अंतिम सुनवाई में जुर्माने के फैसले को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। अब अभिनेता को 1.50 करोड़ रुपए भरने पड़ेंगे। इसके अलावा अभिनेता करूर भगदड़ मामले में भी फंसे हैं। अभिनेता से लगातार सीबीआई घटना को लेकर पूछताछ कर रही है। अभिनेता दो बार सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं। सीबीआई लगातार अभिनेता और उनकी पार्टी की करूर भगदड़ में भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि विजय के देरी से आने की वजह से भीड़ ज्यादा एकत्रित हो गई और उन्हें देखने के लिए जुटी भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। हालांकि अभिनेता और पार्टी से जुड़े अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया है।उच्च न्यायालय ने फैसले को किया बरकरार मद्रास उच्च न्यायालय का फैसला, अभिनेता विजय को 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना देना होगा अभिनेता विजय पर 1.50 करोड़ रुपए का जुर्माना, मद्रास उच्च न्यायालय ने रखा फैसला जस का तस

MP में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम विवाद, विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाने पर उठे सवाल

रतलाम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रतलाम में गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए मंत्री विजय शाह को मुख्य अतिथि बनाए जाने के फैसले ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस निर्णय का तीखा विरोध करते हुए इसे सेना और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। कांग्रेस का कहना है कि जिस मंत्री पर देश की बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है, उसे गणतंत्र दिवस जैसे गरिमामय राष्ट्रीय पर्व पर मंच देना गलत संदेश देता है। कांग्रेस का तीखा हमला कांग्रेस प्रदेश विवेक त्रिपाठी ने कहा कि देश की बेटी और भारतीय सेना की बहादुर अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक शब्द बोलने वाले मंत्री को रतलाम में तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह न सिर्फ सेना का अपमान है, बल्कि संविधान और राष्ट्रीय मूल्यों के भी खिलाफ है। क्या था पूरा मामला दरअसल, मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक सार्वजनिक बयान दिया था, जिसे विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने अमर्यादित और अपमानजनक करार दिया। कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी हैं और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े प्रेस ब्रीफिंग में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। बयान सामने आने के बाद देशभर में नाराजगी देखने को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर संज्ञान लिया और मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति को लेकर मध्यप्रदेश सरकार से जवाब तलब किया। कोर्ट ने सरकार को तय समय-सीमा में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा ने किया बचाव वहीं, भाजपा ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि सरकार ने मंत्री के बयान को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि एसआईटी दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। 

SC का आदेश: कर्नल सोफिया अपमान मामले में MP सरकार को 2 हफ्ते में बताना होगा केस कब शुरू होगा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया जाए। ऑपरेशन सिंदूर का ब्योरा देश को देने वाली कर्नल को मध्य प्रदेश के मंत्री ने 'आतंकियों की बहन' कह डाला था।सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से मुकदमा चलाए जाने की मांगी गई अनुमति पर देरी को लेकर सवाल उठाए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सीजेआई कांत ने कहा, 'आप 19 अगस्त से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। आज 19 जनवरी है।' अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'हमें बताया गया कि राज्य की ओर से कोई ऐक्शन हीं लिया गया है और मामला लंबित है। हम मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश देते हैं कि कानून के मुताबिक मंजूरी पर उचित कदम उठाए जाएं।' इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि उन्होंने एसआईटी की अपील पर फैसला नहीं लिया है क्योंकि मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। शाह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जब यह बताया कि शाह ने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी तो अदालत ने कहा, 'माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।' प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा। सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को "कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू" बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी "ऑनलाइन माफी" पर असंतोष जताया। अदालत ने कहा था- धैर्य की परीक्षा ले रहे अदालत मंत्री कुंवर विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के आरोप में खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान पर घिरे मंत्री सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एक वीडियो वायरल होने के बाद शाह आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था। कुरैशी ने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान देश भर में प्रसिद्धि हासिल की थी।

मध्य प्रदेश में आदिवासी छात्रों के लिए UPPSC और PSC तैयारी, 2 नए छात्रावास बनाने की योजना

जबलपुर  अपने अटपटे बयानों के लिए पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री आजकल बहुत नापतौल कर बयान दे रहे हैं. जनजातीय मंत्री विजय शाह ने जबलपुर में अपने विभाग के अलावा किसी दूसरे सवाल का कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने बताया कि आदिवासी छात्र-छात्राओं को यूपीएससी और पीएसी की तैयारी के लिए जबलपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाएगा. जिसमें छात्र-छात्राओं को सरकारी खर्च पर विशेष कोचिंग करवाई जाएगी. जबलपुर में बनेंगे 2 नए छात्रावास मध्य प्रदेश सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह जबलपुर पहुंचे. जहां उन्होंने दो नए छात्रावासों के निर्माण की घोषणा की है. जिन्हें 8 करोड़ 18 लख रुपए की लागत से बनाया जाएगा. एक छात्रावास जबलपुर के महाकाल में और दूसरा कुडम में बनेगा. मंत्री कुंवर विजय शाह का कहना है कि "आदिवासी जनजाति के छात्रों को लेकर जबलपुर में एक नया प्रयोग किया जा रहा है, जो अगले शिक्षा सत्र से शुरू होगा. आदिवासी छात्रों को सरकार कराएगी कोचिंग इसके तहत 100 लड़के और 100 लड़कियों को यूपीएससी और पीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग करवाई जाएगी. इस प्रोजेक्ट के लिए विभाग की ओर से 18 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. उन्होंने बताया इसी तरह अनुसूचित जाति जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए नीट, आईआईटी, जेईई और करंट अफेयर्स की तैयारी के लिए भी जबलपुर में व्यवस्था की जा रही है. इन छात्रों के लिए हॉस्टल बनाया जा रहा है. यह हॉस्टल सुरक्षा के नजरिए से अत्यधिक व्यवस्थाओं से लैस होगा. राज्यसभा सीट और इंदौर मामले पर जवाब देने से बचे विजय शाह मंत्री विजय शाह का कहना है कि मध्य प्रदेश में 5000 अनुसूचित जाति जनजाति छात्रावास हैं. इनमें स्थाइ वार्डन नहीं है और वार्डन का चार्ज किसी शिक्षक को दिया गया है. ऐसी स्थिति में शिक्षक छात्रावास को 100% समय नहीं दे पाता. इसलिए इन सभी छात्रावास में स्थाइ वार्डन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है." इसके बाद कांग्रेस दिग्विजय सिंह के स्थान पर राज्यसभा में आदिवासी नेता को राज्यसभा सदस्य बनना चाहती है. इस सवाल पर मंत्री ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलेंगे. इंदौर में गंदे पानी के मुद्दे पर भी कुंवर विजय शाह ने कुछ नहीं कहा.

रायपुर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम में रेंज का पहला साइबर थाने का उद्घाटन, डिजिटल सुरक्षा को मिली नई दिशा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम में रेंज के पहले साइबर थाने का किया शुभारंभ डिजिटल अपराधों पर सख्त नियंत्रण और नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को मिली मजबूती रायपुर कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों के विरुद्ध निर्णायक और दूरदर्शी कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज पूरे राजनांदगांव रेंज एवं जिले के प्रथम साइबर थाने का शुभारंभ किया। इस थाने को कवर्धा के पुराने पुलिस लाइन में स्थापित किया गया है, इस थाने के जिले में स्थापना को जिले की कानून-व्यवस्था एवं डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।        इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज का युग डिजिटल है और शासन से लेकर आम नागरिक तक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ी है, जिससे आम नागरिक, महिलाएं, वरिष्ठजन और युवा वर्ग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में साइबर थाना की स्थापना आम जनता को त्वरित न्याय, सुरक्षा और भरोसा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि साइबर अपराधों में समय सबसे अहम होता है। यदि शुरुआती घंटों में सही कार्रवाई हो जाए तो ठगी की राशि रोकी जा सकती है और अपराधियों तक शीघ्र पहुंचा जा सकता है। साइबर थाना के माध्यम से शिकायतों का तत्काल पंजीकरण, ऑनलाइन फ्रॉड की राशि को समय रहते होल्ड करना, डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन और अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण का केंद्र बनेगा, बल्कि नागरिकों में डिजिटल जागरूकता और विश्वास भी बढ़ाएगा।       कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि साइबर थाना में एक निरीक्षक प्रभारी सहित कुल 30 प्रशिक्षित अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदस्थापना की गई है। थाना के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के राजपत्रित अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे साइबर अपराधों की विवेचना उच्च गुणवत्ता और पेशेवर तरीके से की जा सके।       पुलिस अधीक्षक ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले में साइबर तकनीक के माध्यम से 112 ऑनलाइन ठगी मामलों में लगभग 50 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए हैं। इसके साथ ही सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 872 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए गए हैं, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल से कबीरधाम जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित विवेचना और डिजिटल सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।        उन्होंने बताया कि गंभीर अपराधों की विवेचना में कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों तक शीघ्र पहुंच बनाई गई है। महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में विशेष संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर, डीएसपी आशीष शुक्ला, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान, थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप सहित अन्य पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

हनुमंत कथा के चौथे दिन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

रायपुर : हनुमंत कथा के चौथे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद रायपुर जयंती स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के चौथे दिवस  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए।  उप मुख्यमंत्री शर्मा व्यासपीठ की आरती में भाग लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय तथा पूर्व सांसद सुसरोज पाण्डेय भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती की ओर से एवं राज्य सरकार की तरफ से वे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के चरणों में नमन और अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन से समाज में सकारात्मक चर्चा होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब भी महाराज के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए उनके सतत प्रयास देखे हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री समाज में समरसता, एकता और देश को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और जन-जागरूकता के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना है कि महाराज का छत्तीसगढ़ में बार-बार आगमन हो और उनका मार्गदर्शन मिलता रहे।  उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समापन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में महाराज की चिंता रहती है और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में पुनः महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन की कामना की।

रश्मिका मंदाना की द गर्लफ्रेंड की विजय ने की खूब तारीफ

मुंबई,  फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कई भाषाओं में रिलीज की गई फिल्म एक टॉक्सिक रिश्ते को दिखाती है। फिल्म की एक्टर विजय देवरकोंडा ने जमकर तारीफ की, जिससे खुश रश्मिका ने उन्हें एक प्यारा रिप्लाई किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विजय देवरकोंडा ने फिल्म ‘द गर्लफ्रेंड की तारीफ में एक पोस्ट डाला था, जिसका जवाब देते हुए रश्मिका ने बहुत सारे हार्ट इमोजी पोस्ट किए।  उन्होंने लिखा, ये शब्द बहुत ही पावरफुल हैं, ये मेरे लिए बहुत जरूरी हैं, हालांकि इतनी अच्छी बातों को पचाना मेरे लिए मुश्किल होगा, लेकिन बहुत अच्छी बात कही है आपने। ये फिल्म धीमी गति से जलने वाली कहानी है जो लंबे समय तक चलती रहेगी। उन्होंने आगे लिखा, विजय देवरकोंडा, आप शुरू से ही इस फिल्म का इनडायरेक्ट तरीके से हिस्सा रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि आपको इस फिल्म के लिए मुझ पर गर्व होगा। रश्मिका ने चार लाइनों के पोस्ट में चार बार हार्ट इमोजी पोस्ट किया है। दरअसल विजय देवरकोंडा ने फिल्म की तारीफ कर लिखा, मुझे पता है उन्होंने कुछ जबरदस्त बनाया है, कुछ खास बनाया है, कुछ ऐसा जिसे पचाना मुश्किल होगा। मुझे पता है कि सभी कलाकारों का अभिनय बेहतरीन है और हम पर्दे पर फिल्म को देखने के लिए बेताब हैं। आप सभी ने बहुत सारी मेहनत की है।  ये पोस्ट इसलिए भी खास है, क्योंकि बीते साल से ही रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा के डेटिंग की खबरें लगातार आ रही हैं। दोनों के वेकेशन पोस्ट भी सामने आ चुके हैं। खबरें तो यहां तक हैं कि दोनों स्टार्स बीते साल ही गुपचुप तरीके से सगाई कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगले साल फरवरी में वे सात फेरों के बंधन में बंध सकते हैं। दोनों की शादी 26 फरवरी, 2026 को राजस्थान के उदयपुर पैलेस में होने वाली है। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा दोनों एक साथ कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं।  

मंत्री डॉ. शाह ने जताई संवेदना, मृतकों के परिजनों से मिलकर दिया मदद का भरोसा

पन्धाना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को पन्धाना तहसील के ग्राम जामली राजगढ़ में ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के मृतकों के परिजन के घर जाकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन को हर संभव मदद प्रदान किये जाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने दुर्घटना के घायलों के हर संभव इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने मेडिकल कॉलेज खंडवा के अधीक्षक डॉक्टर रंजीत बडोले से फोन पर बात कर दुर्घटना के घायल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता हो तो घायलों को उच्च स्तरीय उपचार के लिये इंदौर रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार एयरश्री एंबुलेंस सुविधा की मदद भी लें। मंत्री डॉ. शाह ने इस दौरान मृतकों के परिवार की बेटी सोनू और पिंकी खरते का अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास में एडमिशन कराने के निर्देश भी दिए।  

भारी भगदड़ के बाद विजय का बड़ा कदम, पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद

करूर करूर में भगदड़ के बाद तमिलगा वित्रा कजगम (TVK) चीफ और ऐक्टर विजय ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इस रैली में जिन लोगों की जान गई है उनके परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। बता दें कि शनिवार को तमिलनाडु के करूर में मची भगदड़ में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया था। शनिवार को ऐक्टर से राजनेता बने विजय ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया था। इसमें 10 हजार लोगें के पहुंचने का अनुमान था। हालांकि पहुंचने वालों की संख्या 27 हजार को भी पार कर गई। लोग सुबह से ही विजय का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में वे गर्मी और भूख-प्यास से परेशान थे। ऐक्टर विजय शाम को 7 बजे के बाद पहुंचे। उनके भाषण के दौरान ही लोग बेहोश होकर गिरने लगे और भगदड़ मच गई। इसमें करीब 39 लोगों की मौत हो गई और 100 के करीब लोग घायल हो गए। घटना को लेकर राजनीति गलियारों में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से करूर में अभिनेता एवं टीवीके प्रमुख विजय की रैली में मची भगदड़ के बाद की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें स्थिति से निपटने के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना पर तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट भी मांगी है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव के. पलानीस्वामी ने रविवार को दावा किया कि शनिवार को यहां टीवीके की राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा में हुई चूक का सबूत है। पलानीस्वामी ने कहा कि अगर पुलिस और राज्य सरकार ने पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए होते तो ऐसी ‘‘त्रासदी’’ टाली जा सकती थी। इस हादसे में 39 बेकसूर लोगों की जान चली गई और 51 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पलानीस्वामी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सभा में सुरक्षा चूक के सबूत हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण अफरा-तफरी और भगदड़ मची। टीवीके को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए एहतियाती कदम उठाने चाहिए थे, क्योंकि उसने अब तक चार सभाएं की हैं।’’