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लोकतंत्र का पर्व सहरसा में जोरों पर: दो सीटों पर 1 घंटे पहले थमेगा मतदान

सहरसा बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार थमने के साथ ही सहरसा जिले में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने समाहरणालय के सभा कक्ष में संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि जिले की चार विधानसभा सीटों 74 सोनवर्षा, 75 सहरसा, 76 सिमरी बख्तियारपुर और 77 महिषी पर 6 नवंबर, गुरुवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। हालांकि, सिमरी बख्तियारपुर और महिषी विधानसभा क्षेत्रों में भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मतदान शाम 5 बजे तक ही कराया जाएगा। मतगणना 14 नवंबर, शुक्रवार को होगी। सहरसा जिले में कुल 12 लाख 96 हजार 74 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 6 लाख 79 हजार 117 पुरुष, 6 लाख 16 हजार 875 महिला और 22 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए कुल 1566 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सोनवर्षा विधानसभा में 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जहां 358 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 1 हजार 868 मतदाता मतदान करेंगे। सहरसा विधानसभा में 10 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं और यहां 437 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 69 हजार 912 मतदाता वोट डालेंगे। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा में 15 उम्मीदवार मैदान में हैं और यहां 410 मतदान केंद्रों पर 3 लाख 36 हजार 625 मतदाता मतदान करेंगे। इस क्षेत्र में पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 35 लोकेशन पर 69 मतदान केंद्र हैं, जहां भौगोलिक स्थिति के कारण मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। महिषी विधानसभा में 14 प्रत्याशी मैदान में हैं और यहां 361 मतदान केंद्रों पर 2 लाख 87 हजार 669 मतदाता मतदान करेंगे। महिषी क्षेत्र में भी पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर 46 मतदान केंद्र हैं, जो कठिन भूगोल वाले क्षेत्र में स्थित हैं और यहां भी मतदान शाम 5 बजे तक ही होगा। दोनों तटबंध वाले क्षेत्रों में मतदान कर्मियों और सामग्री के आवागमन के लिए जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की व्यवस्था की गई है। डीएम ने बताया कि सोनवर्षा और महिषी विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम डिस्पैच, संग्रहण और मतगणना केंद्र के रूप में रमेश झा महिला महाविद्यालय को चुना गया है। सोनवर्षा के विभागीय जांच अधिकारी अपर समाहर्ता गणेश कुमार और महिषी के विभागीय अधिकारी अपर समाहर्ता मृत्युंजय कुमार होंगे। सहरसा विधानसभा का मतगणना केंद्र सहरसा जिला स्कूल में रहेगा, जिसके प्रभारी अपर समाहर्ता संजीव चौधरी होंगे। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर का मतगणना केंद्र राजकीय कन्या उच्च विद्यालय सहरसा में बनाया गया है, जिसके अधिकारी उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला होंगे। डीएम ने बताया कि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का एक मामला जन सुराज पार्टी के निर्वाचन अभिकर्ता पर दर्ज किया गया है। सहरसा जिले में 3092 मतदान कर्मियों ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया है। चुनावी सख्ती के तहत अब तक 40 लाख 39 हजार 490 रुपये नकद और 11,153.525 लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत करीब 36 लाख 72 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए 53 कंपनियां CAPF, 2 कंपनियां BSAP, 1500 पुलिसकर्मी और पदाधिकारी, तथा 2400 होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। कोसी तटबंध के भीतर स्थित 105 मतदान केंद्रों तक पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को जीपीएस युक्त नावों और ट्रैक्टरों की सुविधा दी गई है। इन मतदान केंद्रों पर 15 क्लस्टर पॉइंट बनाए गए हैं, जहां जनरेटर और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई है। रात में नावों को आसानी से पहचानने के लिए रेडियम लाइट स्ट्रिप लगाई गई है। इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में मतदान कर्मियों की मदद के लिए 8 SDRF टीम तैनात की गई हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। इस बार जिले में 12 मॉडल मतदान केंद्र, 11 यूथ केंद्र, 15 वीमेन केंद्र, और 4 पीडब्लूडी केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 6932 पोलिंग अधिकारी और 177 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात रहेंगे। सभी मतदान केंद्रों पर पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, और रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए 794 व्हीलचेयर और स्वयंसेवकों की सहायता का प्रावधान किया गया है। डीएम ने बताया कि सक्षम ऐप के माध्यम से पंजीकृत दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के दिन वाहन सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।

दूसरे चरण की तैयारी पूरी: 121 सीटों पर कल पड़ेगा वोट, 1314 उम्मीदवार मैदान में

पटना बिहार में पहले चरण मतदान कल यानी छह नवंबर को है। 115 विधानसभा क्षेत्र के 45341  मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी। छह विधानसभा क्षेत्रों के 2135 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से पांच बजे तक ही वोटिंग होगी।  बुधवार सुबह से ही डिस्पैच सेंटरों से मतदान कर्मी ईवीएम-वीवीपैट और अन्य सामग्री लेने में जुट गए। आज शाम तक सभी मतदान केंद्र पर सुरक्षा बल पहुंच जाएंगे। गुरुवार सुबह पांच बजे ही बूथ लेवल एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया जाएगा। इसके दो घंटे बाद यानी सात बजे मतदान शुरू होग। पहले चरण में इन जिलों में मतदान पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होगा। यह जिले हैं- मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर। इन 121 सीटों पर कुल 2496 नामांकन दाखिल हुए थे। जांच के क्रम में 1939 को वैध पाया गया। उनमें से 70 प्रत्याशियों ने नामांकन बाद में वापस ले लिया। इसके बाद, कई सेट में नामांकन की छंटनी करते हरेक प्रत्याशी के एक नामांकन को लिया गया तो प्रत्याशियों की कुल वास्तविक संख्या 1314 रह गई। इनमें 1192 पुरुष और 122 महिलाएं शामिल हैं। इस चरण में 102 सामान्य और 19 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर मतदान होगा। 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता पहले चरण में कुल 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।। इसके अलावा, 1, 00, 904 सर्विस वोटर भी इस चरण में वोट डालेंगे। मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। 3, 22, 077 दिव्यांग मतदाता और 5, 31, 423 वरिष्ठ नागरिक मतदाता (जिनमें 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 5, 24, 687 और 100 वर्ष से अधिक आयु वाले 6,736 मतदाता शामिल हैं) भी लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे। पहले चरण के मतदान में सात लाख 37 हजार 765 मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। इनमें से अधिक 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा वोटर है। वहीं 18 से 40 वर्ष के बीच के 1, 96, 27, 330 युवा मतदाता इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।  

घर बैठे मतदान का विकल्प: बिहार में वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग 1 नवंबर से करेंगे मतदान

पटना बिहार में 6 नवंबर नहीं, बल्कि 1 नवंबर से ही मतदान शुरू होने जा रहा है। दरअसल, वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग वोटर 1 व 2 नवंबर को घर बैठे मतदान कर सकेंगे। कटिहार जिला प्रशासन ने दिव्यांग वोटरों को यह बड़ी सुविधा देने की घोषणा की है। जिला प्रशासन ने ऐसे मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट द्वारा होम वोटिंग  की व्यवस्था की है। कौन कर सकेगा घर से वोट? यह सुविधा केवल उन मतदाताओं को दी जा रही है जिन्होंने मतदाता प्रारूप-12 (Form 12D) भरकर जमा किया है। इस प्रक्रिया में मतदाता के घर जाकर निर्वाचन दल उन्हें पोस्टल बैलेट से मतदान कराएंगे। होम वोटिंग की तिथि और समय होम वोटिंग की सुविधा 1 नवंबर और 2 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। होम वोटिंग को लेकर प्रखंडवार मतदान दल गठित किया गया है। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, यदि पहली बार टीम पहुंचने पर मतदाता घर पर नहीं मिलते हैं, तो दूसरी विजिट का समय सूचित किया जाएगा। हालांकि, दो बार अनुपस्थित रहने पर मतदान दल दोबारा नहीं आएगा। निर्वाचन ड्यूटी कर्मियों के लिए भी पोस्टल बैलेट की सुविधा इसके अलावा चुनावी कार्य में प्रतिनियुक्त सभी श्रेणी के कर्मी भी डाक मतपत्र (Postal Ballot) के माध्यम से मतदान कर सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने हरिशंकर नायक उच्च विद्यालय, मिरचाईबाड़ी (कटिहार) में पोस्टल बैलेट फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किया है। यहां विधानसभा वार कुल सात काउंटर तथा अन्य जिलों के कर्मियों के लिए एक अतिरिक्त काउंटर बनाए गए हैं। कर्मचारी वर्ग के लिए मतदान की तिथियां कटिहार जिले के कर्मी: 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक अन्य जिलों से आए कर्मी: 30 अक्टूबर और 31 अक्टूबर समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक

सीवान में गरजे अमित शाह: बोले, ‘ओसामा को जीतने मत देना’, RJD पर बोला जोरदार हमला

सीवान बिहार चुनाव का घमासान तेज हो गया है। शुक्रवार को एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्तीपुर और बेगूसराय में चुनावी रैली को संबोधित किया। तो वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीवान में चुनावी जनसभा की। इस दौरान उनके निशाने पर लालू यादव की आरजेडी रही। शहाबुद्दीन का नाम लेकर शाह ने लालू-राबड़ी पर हमला बोला। उन्होने कहा कि सीवान की जनता ने कभी शहाबुद्दीन के सामने सरेंडर नहीं किया। 20 साल के लालू और राबड़ी के जंगलराज को सीवान के लोगों ने सहा है। लेकिन कभी झुके नहीं है। एक बार फिर लालू ने रघुनाथपुर से शहाबुद्दी के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया है। सीवान वाले इस धरती से आरजेडी को जवाब देंगे, और ओसामा को जीतने नहीं देंगे। शाह ने बताया कि मैंने बिहार प्रदेश भाजपा को कहा था, कि मेरा सबसे पहले दौरा सीवान में लगाइएगा। नामांकन के बाद मेरा सबसे पहला दौरा सीवान में हो। आपको लगेगा क्यों सीवान आना चाहते हैं? मैं सीवान की जनता को सलाम करने आया हूं। क्योंकि 20 साल के लालू-राबड़ी के जंगलराज को सीवान की जनता ने सहा। शहाबुद्दीन का खौफ सीवान ने सहा है। भूमि लालवान हो गई, लेकिन सीवान वालों ने झुकने का नाम नहीं लिया और लालू -राबड़ी के राज को खत्म किया। शहाबुद्दीन का नाम लेकर शाह ने कहा कि 20 साल तक ए- कैटेगरी हिस्ट्रीशीटर। जिस पर 75-75 केस, 2-2 कारावास, ट्रिपल मर्डर, एसपी सिंघल पर हमला। छोटा लाल गुप्ता और मुन्ना चौधरी की हत्या, के साथ व्यापारियों के बेटों को तेजाब में निलहाकर कर गला देने का आरोप था। लेकिन सीवान की जनता शहाबुद्दी के सामने कभी सरेंडर नहीं हुई। शहाबुद्दीन के सामने सीवान से हमारे ओम प्रकाश को आपने सांसद बनाकर भेजा। शाह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप सब एकजुट हो जाइए, इसी शहाबुद्दीन के बेटे को रघुनाथपुर से लालू ने प्रत्याशी बनाया है। लेकिन मैं कहने आया हूं, कि बिहार में मोदी और नीतीश कुमार का राज है। 100 शहाबुद्दीन भी आ जाएं, तो भी किसी का बाल बांका नहीं हो सकता। सीवान वालों इसी भूमि से लालू-राबड़ी को जवाब दे दो। फिर से जंगलराज नहीं आने देंगे। ओसामा को नहीं जीतने देंगे। शहाबुद्दीन की विचारधारा को नहीं आने देंगे। शाह ने लोगों से पूछते हुए कहा कि शहाबुद्दीन की विचारधारा को वोट दे सकते हैं क्या? आज में कहने आया है कि दीपावली मनाई, छठ बनाएंगे और असली दिवाली 14 नवंबर को होगी, जब लालू के बेटे का सूपड़ा साफ हो जाएगा।  

बिना वोटर ID भी मिलेगा वोट डालने का अधिकार, ECI बोले – पहचान की प्रक्रिया होगी सुनिश्चित

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं लेकिन उनके पास मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) नहीं है तो भी वे वोट डाल सकते हैं। ऐसे मतदाताओं के लिए 12 विकल्प दिए गए हैं। यह निर्देश आयोग ने 7 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से दिया, ताकि ऐसे मतदाता भी आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें जिनके पास मतदान के समय वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है। चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता निम्नलिखित पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर मतदान कर सकते हैं। 1. आधार कार्ड 2. मनरेगा जॉब कार्ड 3. बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक 4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड 5. ड्राइविंग लाइसेंस 6. पैन कार्ड (PAN Card) 7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड 8. भारतीय पासपोर्ट 9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज 10. केंद्र/राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र 11. सांसद (MP), विधायक (MLA), विधान परिषद सदस्य (MLC) को जारी आधिकारिक पहचान पत्र 12. समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड हालांकि चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार और जिन आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, वहां लगभग सभी मतदाताओं को EPIC कार्ड जारी किए जा चुके हैं। साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नए मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर EPIC कार्ड प्रदान कर दिए जाएं। चुनाव आयोग ने दोहराया कि मतदान का अधिकार केवल उन नागरिकों को है जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं। पहचान पत्र दिखाना आवश्यक है, परंतु नाम सूची में न होने पर कोई भी व्यक्ति मतदान नहीं कर सकेगा। आयोग ने इस बार बुर्का या पर्दा ओढ़ने वाली महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा, “पर्दानशीन महिलाओं की गरिमा और गोपनीयता बनाए रखने हेतु महिला मतदान अधिकारियों और सहायक कर्मियों की उपस्थिति में उनकी पहचान की जाएगी।” आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों के चुनाव कार्यक्रम की भी घोषणा कर दी है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। इस वर्ष 24 जून तक यह संख्या 7.89 करोड़ थी, जबकि 1 अगस्त 2025 की ड्राफ्ट सूची में 7.24 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए। आयोग ने बताया कि करीब 65 लाख नामों को हटाया गया है।

सुपौल चुनाव: नामांकन 13 अक्टूबर से, वोटिंग 11 नवंबर को तय

सुपौल सुपौल जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर 11 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा। यह जानकारी सोमवार को जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी सावन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि चुनाव को लेकर जिले में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 13 अक्टूबर से आरंभ होगी। अभ्यर्थी 20 अक्टूबर तक संबंधित निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 21 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जाएगी, जबकि अभ्यर्थी 23 अक्टूबर तक नामांकन वापस ले सकते हैं। मतगणना 14 नवंबर को सुबह 8 बजे जिला मुख्यालय स्थित बीएसएस कॉलेज परिसर में होगी। वोटरों का विवरण अब तक जिले में कुल 15,36,954 वोटर रजिस्टर्ड हैं। इनमें 807,584 पुरुष, 729,356 महिला और 14 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार मतदाताओं का विवरण इस प्रकार है:     निर्मली: 3,03,529     पिपरा: 3,04,332     सुपौल: 2,92,484     त्रिवेणीगंज: 3,03,595     छातापुर: 3,33,014 जिलाधिकारी ने बताया कि संवीक्षा के 10 दिन पहले तक आम लोग या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदाता सूची में सुधार या नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नामांकन के लिए चुनाव चिह्न आवंटन और परमिशन हेतु सिंगल विंडो निर्वाचक पदाधिकारी स्तर से ही होगी। मतदान सामग्री के डिस्पैच के लिए दो स्थान तय किए गए हैं। निर्मली, सुपौल और छातापुर विधानसभा क्षेत्र के लिए डिस्पैच सेंटर बीएसएस कॉलेज, जबकि पिपरा और त्रिवेणीगंज के लिए आईटीआई कॉलेज परिसर में बनाया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी शरथ आरएस और उप निर्वाचन पदाधिकारी अनिरुद्ध कुमार भी मौजूद थे। शत प्रतिशत बूथों पर वेबकास्टिंग और सुरक्षा जिलाधिकारी ने बताया कि चुनाव के दौरान सभी बूथों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। जिला कंट्रोल रूम के माध्यम से हर बूथ की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों की भी तैनाती की जाएगी। चुनाव निगरानी के लिए विधानसभा वार सेक्टर पदाधिकारी और दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं, जो आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करेंगे।

केंद्रीय बलों की तैनाती से मजबूत होगी सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर से बिहार पहुँचीं 71 CRPF कंपनियां

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने बिहार में विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है। इस बार के विधानसभा चुनाव में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की फिलहाल 500 कंपनियों को तैनात किया गया है। केंद्रीय बलों की अधिकांश कंपनियां, रविवार को बिहार में पहुंच चुकी हैं। अब इन्हें लोकल पुलिस प्रशासन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। निष्पक्ष चुनाव की गारंटी देने के लिए केंद्रीय बलों के जो 50,000 जवान बिहार पहुंचे हैं, उनमें सीआरपीएफ की वे 71 कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें विशेष तौर पर जम्मू-कश्मीर से बुलाया गया है। चुनावी ड्यूटी पर मोर्चा संभालने वाले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में बीएसएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी भी शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, बिहार में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव को संपन्न कराने के लिए सीआरपीएफ की 118 कंपनियों को तैनात किया गया है। इनमें से 71 कंपनियां, जम्मू-कश्मीर से बुलाई गई हैं। चुनाव में किसी तरह की कोई हिंसा न हो, इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विधानसभा चुनाव के संवेदनशील बूथों पर कोई अप्रिय घटना न हो और बिना किसी भय के लोग चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकें, इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों को भारी संख्या में बिहार के लिए रवाना किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। विधानसभा चुनाव में कोई भी आपराधिक या असामाजिक तत्व, किसी तरह की बाधा न पहुंचा सकें, इसके सीएपीएफ की 500 कंपनियों को तैनात किया गया है। आने वाले दिनों में केंद्रीय बलों की संख्या बढ़ भी सकती है। अग्रिम तैनाती के दौरान केंद्रीय बल, बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में एरिया डोमिनेशन, विश्वास निर्माण के उपाय, फ्लैग मार्च और सर्विलांस का काम करेंगे। हालांकि प्रशासन द्वारा डिटेल डेपलॉयमेंट प्लान को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है। बिहार सरकार से आग्रह किया गया है कि वह केंद्रीय बलों के लोकल ट्रांसर्पोटेशन, लॉजिस्टिक, रहने की जगह और दूसरी आवश्यकताओं बाबत त्वरित निर्णय लें। चुनाव के दौरान सीएपीएफ की कंपनियों द्वारा किए गए सभी तरह के मूवमेंट की जानकारी प्रतिदिन, केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी जाएगी।  

7 राज्यों में उपचुनाव: बिहार के चुनाव के साथ होगा मतदान

नई दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनावों के अलावा जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मिजोरम व राजस्थान सहित सात राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव आयोजित करने की घोषणा की है। आयोग ने इन विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की तिथियों का भी ऐलान कर दिया है। इन सभी सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग और 14 नवंबर को मतों की गिनती होगी। जम्मू-कश्मीर की दो सीटें बडगाम और नगरोटा में भी चुनाव होगा। ये दोनों सीटें पिछले एक साल से रिक्त पड़ी हैं। बडगाम उमर अब्दुल्ला के इस्तीफे के कारण खाली हुई, जबकि नगरोटा देवेंद्र राणा के निधन से। नगरोटा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला तय है। इसके अलावा पंजाब की तरनतरण, झारखंड की घाटशिला तथा राजस्थान की अंता विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव आयोजित होंगे। उधर, तेलंगाना की जयंती हिल्स, मिजोरम की दम्पा और ओडिशा की नुआपाड़ा में भी चुनाव संपन्न होंगे।