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कोल्ड वेव का असर: जानें अपने शहर का मौसम और सावधानियां

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के 12 जिलों में अगले तीन दिन ठंड का पूर्वानुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट' जारी किया। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, रांची, खूंटी और बोकारो के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है। इसके अनुसार, इन जिलों में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ठंड का प्रभाव रहने की संभावना है। तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, नौ जिलों में शीतलहर की स्थिति जारी है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बोकारो, कोडरमा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़ और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। 27 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड का अलर्ट रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘झारखंड के निचले क्षोभमंडल में उत्तर-पश्चिम से पश्चिम की ओर हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी और मध्य के कुछ जिलों में ठंड का प्रभाव जारी रहने की संभावना है और यह स्थिति 27 दिसंबर तक बनी रह सकती है।'' उन्होंने बताया कि अगले तीन दिन में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, इसके बाद अगले दो दिन तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। अभिषेक आनंद ने कम दृश्यता के कारण सुबह के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह भी दी।   गुमला में 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरा पारा बुलेटिन के अनुसार, गुमला में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके बाद डालटनगंज में 6.1 डिग्री और हजारीबाग व लोहरदगा में 7.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसमें कहा गया है कि रांची में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस, चाईबासा में 11.6 डिग्री और जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

ठिठुरन बढ़ेगी! छत्तीसगढ़ में 3 दिन में लुढ़केगा पारा, उत्तर-मध्य हिस्सों में शीतलहर का असर

रायपुर छत्तीसगढ़ में ठंड का असर लगातार बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर चली. अगले 3 दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक हल्की गिरावट होने और उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. बीते दिन ऐसा रहा प्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार दुर्ग जिले के एक–दो स्थानों पर शीतलहर चली है. प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ. रायपुर का तापमान सामान्य के आसपास राजधानी रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है. शहर में दिन के समय हल्के बादल और शाम के समय ठंडक महसूस की गई. हवा की औसत गति 2 किमी प्रति घंटा रही. रायपुर में ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बताया कि 25 दिसंबर को रायपुर शहर में कुहासा छाए रहने की संभावना है. इस दिन अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों को ठंड को देखते हुए सावधानी बरतने और आवश्यक एहतियात अपनाने की सलाह दी है. प्रदेश में मौसम शुष्क, बारिश के आसार नहीं मौसम विभाग ने बताया कि पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई. अगले एक से दो दिनों तक भी प्रदेश में सूखा मौसम बने रहने की संभावना है.

रीवा-सतना में दृश्यता सिर्फ 50 मीटर, घने कोहरे और ठंड से बढ़ी यात्रा कठिनाई

भोपाल मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह रीवा और सतना में हालात इतने खराब रहे कि ‘ब्लाइंड मॉर्निंग’ जैसी स्थिति बन गई।  प्रदेश के कुछ जिलों में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की उछाल देखी जा रही है. इसमें मुख्य रूप से भोपाल संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटे की बात की जाए तो नरसिंहपुर जिले में शीतल दिन देखा गया. वहीं रीवा, सतना, छतरपुर और दतिया जैसे जिलों में शीतल दिन रहा. नर्मदापुरम के पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान अधिकतम तापमान अपने निचले स्तर पर रिकॉर्ड हुआ. आगर-मालवा में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. बड़े जिलों की न्यूनतम तापमान की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा जबलपुर में 9 डिग्री और ग्वालियर में 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में घने कोहरे और ठंड का अलर्ट है. कोहरे की वजह से मालवा एक्सप्रेस करीब 4 घंटे देरी से चली, जबकि शताब्दी, सचखंड, पंजाब मेल और झेलम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर भी असर देखा गया। रीवा और सतना के अलावा दमोह, खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर, मुरैना और सीधी में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा। इन जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं भोपाल, दतिया, इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, गुना, रायसेन, शिवपुरी, सागर, शाजापुर, भिंड और धार में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में पश्चिम क्षेत्र में बना हुआ है. साथ ही सब ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं उत्तर भारत के राज्यों में चल रही है. प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में ठंड के साह ही मध्यम से घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की संभावना बनी हुई है. इसमें मुख्य रूप से ग्वालियर, रीवा और शहडोल संभाग के जिले शामिल है. इन जिलों में कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में मध्यम कोहरे का अलर्ट जारी किया है. इसमें मुख्य रूप से भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और मैहर में मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी है. इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे इससे पहले रविवार-सोमवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर बना रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 8.8 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री पहुंच गया। रीवा में 5.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 5.9 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री, नौगांव में 7.6 डिग्री, खंडवा-सतना में 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में पारा 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। MP में इतना रहा तापमान… नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।     भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: पचमढ़ी (नर्मदापुरम) – 4.6°C (सबसे कम), रीवा – 5.6°C, कल्याणपुर (शहडोल) – 5.9°C, राजगढ़/खजुराहो (छतरपुर) – 7°C, चित्रकूट (सतना) – 7.1°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान उज्जैन – 11.4°C ग्वालियर – 11.3°C जबलपुर – 9°C भोपाल – 8.8°C इंदौर – 8.8°C  

मध्य प्रदेश में शीतलहर और कोहरा, 21 शहरों में पारा 10°C से नीचे, भोपाल-इंदौर में न्यूनतम तापमान समान

भोपाल सर्द हवाओं के कारण जहां रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में घना कोहरा छाने के कारण दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को रात का सबसे कम 4.7 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया। शहडोल एवं सिवनी जिले में शीतलहर का प्रभाव रहा। प्रदेश में रविवार को 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। रीवा, सतना, ग्वालियर, खजुराहो में अति घना कोहरा रहा। जिसके चलते दृश्यता 50 मीटर से कम रह गई थी। उधर दिन का सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, ग्वालियर, खजुराहो, नरसिंहपुर, रीवा, सतना में शीतल दिन रहा। ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं उमरिया में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर, नौगांव, सागर और दमोह में 200 से 500 मीटर तथा भोपाल और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक रही। घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री और नौगांव में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा और सतना में तापमान 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन और उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिन और ठंडे रहने के आसार मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव रखने की जरूरत है।

तापमान में तेज गिरावट के संकेत, अगले सप्ताह प्रदेश में ठंड और घना कोहरा—IMD की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पाली, करौली, उदयपुर, अजमेर सहित कई शहरों में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान बढ़ने से सुबह और शाम की सर्दी से लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में 21 दिसंबर तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। हालांकि 22 और 23 दिसंबर को 10 जिलों में घने कोहरे और शीतलहर की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 24 दिसंबर से तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। शुक्रवार को दिन के समय अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका सीकर का फतेहपुर और सिरोही का माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले तीन दिन छाए रहेंगे बादल विक्षोभ का असर अगले 3 दिन रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि  22 दिसंबर तक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। इसके बाद न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

शीतलहर से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी, आवश्यक तैयारियों और जनजागरूकता पर जोर

शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियों एवं जनजागरूकता के लिए एडवाइजरी जारी गर्म कपड़े पहनें, कई परतों में वस्त्र धारण करें, अनावश्यक यात्रा से बचें संतुलित आहार व विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का करें सेवन भोपाल आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  तरुण राठी ने शीतलहर से बचाव के लिए समस्त चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा मैदानी कर्मियों एवं आम नागरिकों को शीतलहर के लक्षण, बचाव उपाय तथा Do’s & Don’ts के संबंध में जागरूक करने और आवश्यक तैयरियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में माह दिसंबर एवं जनवरी के दौरान शीतलहर का प्रकोप प्रायः देखने को मिलता है। इस अवधि में कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5–7 डिग्री सेल्सियस अथवा उससे कम दर्ज किया जाता है, जिससे जन-मानस के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, फ्रॉस्टबाइट जैसी शीतजनित बीमारियाँ तथा विषम परिस्थितियों में मृत्यु की संभावना भी हो सकती है। शीतलहर के दौरान विशेष रूप से 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे, हृदय एवं श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्ति, बेघर लोग, खुले स्थानों व निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक, सड़क किनारे रहने वाले व्यक्ति एवं छोटे व्यवसायी अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। शीतलहर क्या है शीतलहर एक मौसम संबंधी घटना है जिसमें न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट आती है, ठंडी हवाएँ चलती हैं तथा पाला या बर्फ जमने जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।  शीतलहर के दौरान क्या करें (Do’s) स्थानीय रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें। पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनें तथा कई परतों में वस्त्र धारण करें। सिर, गर्दन, हाथ एवं पैरों को अच्छी तरह ढकें; टोपी, मफलर एवं मोज़े का प्रयोग करें। वॉटरप्रूफ जूतों का उपयोग करें। गर्म एवं तरल पेय पदार्थ (चाय, सूप आदि) लेते रहें तथा संतुलित आहार व विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें। ठंडी हवा से बचें, यथासंभव घर के अंदर रहें एवं अनावश्यक यात्रा से बचें। बच्चों, बुजुर्गों, अकेले रहने वाले एवं असहाय व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। आवश्यक दवाइयों, ईंधन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का पूर्व भंडारण रखें। ठंड से प्रभावित होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और निकटस्थ अस्पताल से संपर्क करें। क्या न करें (Don’ts) अत्यधिक ठंड में खुले स्थानों पर अनावश्यक समय तक न रहें। गीले कपड़े पहनकर न रहें, तुरंत सूखे कपड़े पहनें। हाइपोथर्मिया से पीड़ित व्यक्ति को मादक पेय पदार्थ न दें। गंभीर ठंड के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें। हाइपोथर्मिया एवं फ्रॉस्टबाइट के लक्षण तेज कंपकंपी, अत्यधिक थकान, भ्रम की स्थिति, बोलने में कठिनाई, नींद आना। हाथ-पैर की उंगलियों, कानों या नाक में सुन्नता, सफेद या पीला पड़ना। शिशुओं में ठंडी, लाल त्वचा एवं ऊर्जा की कमी। हाइपोथर्मिया एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है। ऐसे में व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाकर सूखे कंबल से ढकें और शीघ्र अस्पताल पहुँचाएँ। मौसम की जानकारी नागरिक अद्यतन मौसम पूर्वानुमान एवं शीतलहर संबंधी चेतावनी निम्न वेबसाइट्स से प्राप्त कर सकते हैं

धुंध और हादसे: जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर टकराए पांच वाहन, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला   पंजाब घने कोहरे की चपेट में है। जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर गांव काला बकरा के पास घनी धुंध के कारण पांच वाहन आपस में टकरा गए। पहले एक अज्ञात ट्रक के पीछे चल रहे टिप्पर की उससे जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद पीछे से आ रही कई अन्य गाड़ियां भी एक-दूसरे से भिड़ गईं। हादसे में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। वाहनों की टक्कर के चलते हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे करवाकर यातायात को नियंत्रित किया। इसके बाद हाईवे को दोबारा सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। आज भी जालंधर धुंध की चादर में लिपटा हुआ है। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क सुरक्षा बल ने मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।  बुधवार को कोहरे के कारण अमृतसर में दृश्यता शून्य रही जबकि फरीदकोट में 20 मीटर, बठिंडा में 40 मीटर, लुधियाना में 200 मीटर और पटियाला में 300 मीटर दर्ज की गई।  मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन पंजाब में अत्यधिक घना कोहरा रहने का अनुमान है और इस दौरान ठंड में वृद्धि होगी। बुधवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक रहा। श्री आनंदपुर साहिब में सबसे अधिक 27.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी 0.2 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य से 3.6 डिग्री ऊपर था। होशियारपुर में न्यूनतम पारा 6.7 डिग्री, जबकि अमृतसर में यह 7.0 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ-साथ कोहरे का असर भी बना रहेगा।  खराब मौसम के कारण श्रीनगर की उड़ान रद्द, 8 उड़ानें लेट अमृतसर श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को खराब मौसम के कारण उड़ानों की आवाजाही प्रभावित रही। कतर एयरवेज की दोहा के लिए जाने वाली उड़ान 10:20 बजे रवाना हुई। यह सुबह 4:10 बजे निर्धारित थी। एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह के लिए उड़ान भी 6:20 बजे की बजाय 10:30 बजे निकली। इसी प्रकार स्पाइसजेट की दुबई उड़ान 12:30 बजे रवाना हुई। यह सुबह 8:50 बजे जानी थी। आने वाली उड़ानों में भी देरी रही। स्पाइसजेट की दुबई उड़ान सुबह 7:50 की बजाय 11:11 बजे पहुंची। इंडिगो की दिल्ली उड़ान सुबह 6:05 की बजाय 10:52 बजे आई जबकि एयर इंडिया की मुंबई और दिल्ली उड़ानें भी देरी से आईं। इसके अलावा श्रीनगर के लिए एक इंडिगो उड़ान रद्द कर दी गई। 

भोपाल-इंदौर-ग्वालियर में ठंड की मार, ट्रेनें और सड़क यातायात कोहरे से लेट

भोपाल   मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक शीतलहर से राहत नहीं मिलने की चेतावनी दी है। साथ ही कई जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे विजिबिलिटी मात्र 200 मीटर तक रहने की संभावना है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली ट्रेनें कोहरे की वजह से 30 मिनट से 8 घंटे तक लेट चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर एसएफ, मंगला लक्षद्वीप समेत कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चल रही हैं। दूसरी ओर आज सुबह भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन समेत 12 जिलों में कोहरा छाया रहा। रीवा और सागर में विजिबिलिटी 1 से 2 किलोमीटर दर्ज की गई। भोपाल, गुना, ग्वालियर, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन खजुराहो, मंडला में विजिबिलिटी 2 से 4 किमी तक रही। उत्तरी हिस्से के अन्य जिलों में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर जारी रहा। इंदौर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 5.4 डिग्री, इंदौर में 4.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 7.3 डिग्री और जबलपुर में पारा 9.2 डिग्री रहा। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा      ग्वालियर: 9.8 डिग्री     उज्जैन: 8.0 डिग्री     दमोह: 8.5 डिग्री     जबलपुर: 8.6 डिग्री     खजुराहो: 8.2 डिग्री     मंडला: 8.5 डिग्री     नरसिंहपुर: 8.6 डिग्री     रीवा: 7.3 डिग्री     सतना: 8.4 डिग्री मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत की पहाड़ियों पर बर्फबारी से ठंडी हवाएं एमपी पहुंच रही हैं, जिससे शीतलहर का प्रभाव बढ़ गया है। घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।  शाजापुर में 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा, भोपाल-ग्वालियर में भी कोहरा इससे पहले बुधवार सुबह भोपाल, ग्वालियर समेत 22 जिलों में कोहरा छाया रहा। कोहरे की वजह से ट्रेनें-फ्लाइट भी डिले हुई। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर और विदिशा में घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, नर्मदापुरम, उज्जैन, मंडला, रीवा, सतना में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। वहीं, भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, मलाजखंड, दतिया, गुना, इंदौर, रतलाम में 2 किमी के बाद कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। कोहरा छाने के दौरान वाहनों को सावधानी से चलाने की समझाइश भी दी गई। शाजापुर में इतना कोहरा था कि 50 मीटर के बाद कुछ भी नहीं दिख रहा था।   मंदसौर-शाजापुर सबसे ठंडे, पारा 4 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई शहरों में पारे में खासी गिरावट देखी गई। 5 बड़े शहरों की माने तो इंदौर में सबसे कम 4.9 डिग्री रहा। भोपाल में 5.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 8 डिग्री और जबलपुर में 8.6 डिग्री रहा। मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया। शाजापुर में पारा 3.8 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़ में 4.4 डिग्री, पचमढ़ी-नौगांव में 5.4 डिग्री, उमरिया-मलाजखंड में 5.6 डिग्री, रायसेन में 6.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 6.8 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, मंडला में 8.1 डिग्री, खंडवा-सतना में 8.4 डिग्री, दमोह-बैतूल में 8.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.6 डिग्री, खजुराहो, रतलाम-गुना में 9.6 डिग्री और दतिया में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में कोहरा छा रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ– तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। 19 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इसके पीछे ही एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस आ रहा है। इससे ठंड का असर और भी बढ़ेगा। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 185 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। बुधवार को यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। बीते दिनों रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच चुकी है। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

कोहरे में डूबा पलामू, कांपा गुमला: जानिए झारखंड में आगे कैसा रहेगा मौसम

रांची झारखंड के कई जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। कहीं ठंड में बढ़ोतरी हुई है तो कहीं दिन के तापमान में मामूली गिरावट से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। राहत की बात यह है कि राज्य के किसी भी हिस्से में शीतलहर की स्थिति नहीं बनी है। सुबह-शाम ठंड का असर, शीतलहर से फिलहाल राहत        मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जिसके कारण सुबह और शाम के समय ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ सुकून मिल रहा है। फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। कोहरे की वजह से कई इलाकों में द्दश्यता काफी कम हो गई। वहीं शीतलहर का भी कोई अलर्ट नहीं है। डालटनगंज में घने कोहरे से 300 मीटर तक सिमटी दृश्यता पलामू जिले के डालटनगंज में द्दश्यता घटकर 300 मीटर रह गई, जबकि राजधानी रांची में 700 मीटर और जमशेदपुर में 800 मीटर रिकॉर्ड की गई। बेतला क्षेत्र में घने कोहरे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 9 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर चलना जोखिमभरा रहा। ठंड के कारण किसान, मजदूर और छोटे व्यवसायी ठिठुरते हुए काम करते नजर आए। शाम ढलते ही ठंड बढ़ने से लोग जल्दी घरों में दुबक गए। स्कूल और कोचिंग जाने वाले बच्चों को भी सुबह की ठंड झेलनी पड़ी। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के लगभग सभी जिलों में सुबह के समय कोहरा या धुंध देखी जा रही है, जबकि दिन में आसमान साफ रहता है। गुमला का तापमान पहुंचा 7 डिग्री राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड किया गया। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो राज्य में सबसे अधिक है। डालटनगंज में अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री गिरकर 25.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 0.6 डिग्री घटकर 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री बढ़कर 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र रांची के अनुसार  अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

मध्य प्रदेश में सीजन का पहला कोहरा, मुरैना-रायसेन में 50 मीटर की विजिबिलिटी, 14 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा भी अपना असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुरैना ज़िले में कँपकँपाती सर्द हवाओं के बीच घने कोहरे ने डेरा डाल दिया, जहाँ दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। यहाँ न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसी तरह, रायसेन ज़िले में भी कोहरे की मोटी चादर बिछ गई, जिससे दृश्यता 50 मीटर तक सिमट गई और सड़कों पर वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा। राजधानी भोपाल समेत टीकमगढ़ में भी तेज ठंड के माहौल में कोहरे का आगमन दर्ज किया गया। इस बीच, मौसम विभाग ने आगामी घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 ज़िलों में घने कोहरे का अलर्ट घोषित किया गया है। अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। इससे एक दिन पहले, रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। वहीं, प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन, पचमढ़ी, 5.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा स्थान बना रहा। मुरैना जिले में सुबह से ही सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर रह गई। जिले में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रायसेन में भी इस मौसम का पहला घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी ठंड के साथ कोहरे की दस्तक हुई, जबकि टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया। दूसरी ओर, तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।इसके अलावा बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, दमोह और मंडला में 8.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.9 डिग्री, सतना में 9.6 डिग्री और गुना में 9.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर नया सिस्टम, ठंड बढ़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, नए नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 17 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है। जिसका असर एमपी में अगले दो-तीन दिन में दिखाई देने लगेगा। इससे ठंड का असर फिर से बढ़ जाएगा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 17 दिसंबर से फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, 17 दिसंबर की रात से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में दिखाई देगा, जिससे ठंड और बढ़ने की संभावना है। पचमढ़ी-कल्याणपुर सबसे ठंडे, भोपाल में 7 डिग्री पहुंचा पारा मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से कम रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 7 डिग्री, जबलपुर में 9.4 डिग्री, ग्वालियर-उज्जैन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा और यहां तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़-कल्याणपुर में 5.6 डिग्री, शाजापुर में 6.1 डिग्री, मंदसौर में 6.7 डिग्री, रीवा-उमरिया में 7.2 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, खजुराहो में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.3 डिग्री, रायसेन-दतिया में 8.4 डिग्री, मंडला में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, नरसिंहपुर, टीकमगढ़-दमोह में 9 डिग्री, खंडवा में 9.4 डिग्री और सतना में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।