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पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

तकनीक, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल दक्षता से लैस रहे यूपी पुलिस: मुख्यमंत्री पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश में iGOT प्रशिक्षण पूर्णता में यूपी पुलिस अव्वल, 59 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण जनसंवाद, व्यवहार और तकनीकी दक्षता पर विशेष फोकस के साथ बदलेगी पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था ड्रोन, साइबर फॉरेंसिक और सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण से सशक्त होगी यूपी पुलिस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि बदलते समय में पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, संवेदनशील व्यवहार, संवाद कौशल, साइबर अपराधों की समझ और फॉरेंसिक दक्षता प्रभावी पुलिसिंग की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह परिणामोन्मुख, व्यवहारिक, तकनीक आधारित और समयानुकूल बनाया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस दक्षता, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनविश्वास के मानकों पर देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल के रूप में स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो तथा प्रशिक्षण का नियमित मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को केवल कानून लागू करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें संवाद कौशल, मानवीय व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के अंतर्गत पुलिस अकादमी मुरादाबाद, 11 प्रशिक्षण संस्थान, 6 पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, 2 आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग संस्थान तथा 62 अस्थायी एवं 31 स्थायी रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर संचालित हैं। 112 RTC पर एक साथ प्रशिक्षण प्रारंभ कर अंतिम परीक्षाओं को शुचितापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया तथा एक साथ परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। प्रशिक्षण क्षमता को 18 हजार से बढ़ाकर 60,244 तक किया गया है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का उच्चीकरण किया गया है तथा बाह्य विषयों में आवधिक मानक निर्धारित कर गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण सामग्री प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराई जा रही है और 5,000 विशेषज्ञ प्रशिक्षक तैयार किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत iGOT पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 तक 3,90,799 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं तथा 59,02,703 कोर्स पूर्ण किए जा चुके हैं। 20 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस की 149 इकाइयों का iGOT पोर्टल पर सृजन कराया गया, जिससे जनपद, वाहिनी और इकाई स्तर पर प्रशिक्षण का प्रभावी पर्यवेक्षण संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि 2 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित साधना सप्ताह में उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश की समस्त राज्य पुलिस एवं केंद्रीय पुलिस बलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने अकेले 28 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण किए, जो कई राज्यों के समस्त विभागों के संयुक्त प्रदर्शन से भी अधिक रहा। इस अवधि में 2,61,032 कर्मियों ने 2 घंटे से अधिक तथा 2,16,724 कर्मियों ने 4 घंटे से अधिक का लर्निंग समय पूरा किया। 2,45,645 कर्मियों ने AI कोर्स भी पूर्ण किए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोल आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी से विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए एमओयू के तहत नवंबर 2025 में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 34 पुलिस उपाधीक्षकों को ‘एमए इन पुलिस साइंस एंड स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट’ की डिग्री प्रदान की गई। वहीं मई 2026 में पुलिस अकादमी मुरादाबाद में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 47 उपनिरीक्षकों को ‘पीजी डिप्लोमा इन पुलिस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट’ प्रदान किया गया। बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 4,253 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 15,131 आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस, 2,282 महिला पीएसी आरक्षी, 10,469 आरक्षी नागरिक पुलिस तथा 1,341 यूपीएसएसएफ आरक्षियों सहित बड़ी संख्या में कार्मिकों का आधारभूत प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 4,500 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं प्लाटून कमांडरों के प्रस्तावित प्रशिक्षण के लिए विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संशोधित कर 11 संवेदनशीलता मॉड्यूल जोड़े गए हैं। ATS, STF, NDRF, SDRF, RAF, यूपी-112, विमेन पावरलाइन, चाइल्डलाइन, BDS और फायर सर्विसेज जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा ऑपरेशनल मॉक ड्रिल और कैप्सूल कोर्स संचालित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन प्रशिक्षण, साइबर फॉरेंसिक लैब, फॉरेंसिक लैब, ड्राइविंग सिम्युलेटर और फायरिंग सिम्युलेटर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से अतिथि विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाता है। बैठक में बताया गया कि जनता से दुर्व्यवहार की शिकायत वाले 5,816 पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके लिए संवाद कौशल एवं सौम्य व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई द्वारा 3 से 5 फरवरी 2026 तक 37 पुलिसकर्मियों को Behaviour, Operational Soft Skills एवं Caselets का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन करने के लिए इम्पैक्ट असेसमेंट व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें महिला सम्मान, संवाद क्षमता, आत्मनियंत्रण, तनाव प्रबंधन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील व्यवहार जैसे 18 प्रमुख बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी मुरादाबाद में मालदीव पुलिस सेवा के उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। विदेश मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित इस प्रस्ताव को गृह मंत्रालय के माध्यम से विचारार्थ भेजा गया है। मुख्यमंत्री जी ने इसे भारत और पड़ोसी देशों के बीच आंतरिक सुरक्षा सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्रणाली में निरंतर नवाचार, जवाबदेही और आधुनिकता सुनिश्चित की जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस हर चुनौती का सामना अधिक दक्षता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल क्षमता के साथ कर सके।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित  मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, महिलाओं की गोदभराई कार्यक्रम में लिया हिस्सा मऊ/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र आदि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की गोदभराई कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। मऊ के विकास पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हुईं लाभार्थी  👉 रमला देवी- 38.68 लाख का चेक- सबमिशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकनाइजेशन योजना के तहत हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग सेंटर  👉 लवंगी- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किस्त की धनराशि का प्रमाण पत्र  👉 भगवान सोनकर- पीएम स्वनिधि योजना के तहत 50 हजार का तृतीय ऋण का अनुदान 👉 संजू सिंह- आयुष्मान कार्ड  👉 अमृता यादव व तोयेशा चौहान (कक्षा-10) को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप  👉 मधुबनी संकुल स्तरीय संघ- 33 समूहों को सीआईएफ दिए जाने हेतु 49.50 लाख का चेक- (चेक श्रद्धा सिंह ने प्राप्त किया) 👉 नया सवेरा संकुल स्तरीय संघ-30 समूहों को सीआईएफ दिए जाने हेतु 49.50 लाख का चेक- (चेक रिंकू सिंह ने प्राप्त किया)  👉 मालती- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी व स्वीकृति पत्र 👉 सुधीर- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चार लाख रुपये का चेक  👉 स्वरांजलि- स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत टैबलेट  👉 महेश कुमार त्रिपाठी-नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 21.87 लाख का चेक।

बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल दुर्घटना को मुख्यमंत्री ने बताया हृदय विदारक, राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश

हमीरपुर हादसे पर सीएम योगी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल दुर्घटना को मुख्यमंत्री ने बताया हृदय विदारक, राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान, बारिश व आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का भी सीएम ने लिया संज्ञान सभी जिलाधिकारियों को तत्काल सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और राहत राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश सीएम की आमजन से अपील- खराब मौसम में रखें विशेष सतर्कता और अनावश्यक यात्रा से बचें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर जिले में बेतवा नदी के निर्माणाधीन पुल पर हुई दर्दनाक दुर्घटना में श्रमिकों की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने हादसे को अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। सीएम ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार देर रात कई जिलों में तेज आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली से भारी तबाही का भी संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने, नुकसान का आकलन करने और राहत राशि जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं। हमीरपुर हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान, बारिश व आकाशीय बिजली से प्रदेश के कई जिलों में भारी नुकसान तथा जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल फील्ड में जाकर सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और राहत राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और हर तीन घंटे में स्थिति की अद्यतन रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मुआवजा वितरण, राहत शिविरों, बचाव अभियान और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने को भी कहा गया है, ताकि आमजन तक सही और समयबद्ध सूचना पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

चौधरी साहब कहते थे कि देश के विकास का रास्ता गांव, खेत व खलिहालों से होकर जाता हैः सीएम योगी

किसानों के मसीहा थे चौधरी चरण सिंहः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि  चौधरी साहब कहते थे कि देश के विकास का रास्ता गांव, खेत व खलिहालों से होकर जाता हैः सीएम योगी  सीएम ने कहा- कृषि, राजस्व के क्षेत्र में अनेक रिफॉर्म का श्रेय चौधरी चरण सिंह को किसानों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम चला रही उत्तर प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने विधान भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत मां का महान सपूत और किसानों का मसीहा बताया।  चौधरी साहब को जाता है कृषि, राजस्व के क्षेत्र में अनेक रिफॉर्म का श्रेय  मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े थे। देश में कृषि, राजस्व के क्षेत्र में तमाम रिफॉर्म का श्रेय उन्हें जाता है। उनका स्पष्ट मत था कि देश के विकास का रास्ता गांव, खेत व खलिहालों से होकर जाता है।  सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा होना चाहिए किसान  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान विकास के एजेंडे और सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा होना चाहिए। शासन की योजनाएं किसानों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। चौधरी चरण सिंह द्वारा देशहित में किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत रत्न की उपाधि से भी सम्मानित किया गया।  किसानों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम चला रही उत्तर प्रदेश सरकार सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए किसानों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रम चला रही है। इसमें लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण भी महत्वपूर्ण है। देश के प्रमुख राजनेता होने के साथ ही उन्होंने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। 29 मई 1987 को उनका देहावसान हुआ।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री केपी मलिक, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, उमेश द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

किसान हित योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री सूर्य प्रताप शाही

किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही योगी सरकार: सूर्य प्रताप शाही कृषि मंत्री शाही ने कहा कि सपा सरकार की नीतियों से किसान हुए थे निराश, योगी सरकार ने दिया सम्मान और राहत कृषि मंत्री बोले, योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख किसानों का किया कृषि ऋण माफ लखनऊ  योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का किसान निराश, हताश और आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ऐतिहासिक फैसलों के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया। सीएम योगी ने पहली कैबिनेट में लिया कृषि ऋण माफ करने का ऐतिहासिक फैसला कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली कैबिनेट बैठक में ही 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता का नहीं था, बल्कि किसानों को सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का माध्यम था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान, समर्थन मूल्य पर खरीद और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिसके कारण किसान आर्थिक रूप से टूट चुके थे। योगी सरकार ने किया गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जब योगी सरकार सत्ता में आई, तब गन्ना किसानों का लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान लंबित था। योगी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर किसानों का भुगतान सुनिश्चित कराया। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया, जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के समय का बकाया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले गन्ना किसानों को 3 से 4 वर्षों तक भुगतान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों, बिचौलियों और भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान रहते थे लेकिन योगी सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर किसानों को समय पर भुगतान दिलाने का काम किया।

आंधी-बारिश के कहर पर एक्शन में CM योगी, बोले- फील्ड में उतरें अधिकारी, तुरंत करें राहत कार्य

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में तेज आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने जमकर तबाही मचाई. कहीं पेड़ गिरे, कहीं बिजली सप्लाई ठप हुई तो कई जगहों पर जान-माल का नुकसान भी हुआ. मौसम के इस कहर के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले का संज्ञान लिया है।  सीएम योगी ने आंधी, अतिवृष्टि और बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान पर दुख जताया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।  सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उनका तत्काल आंकलन किया जाए और 24 घंटे के भीतर अनुमन्य मुआवजा दिया जाए. पीड़ितों को राहत के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े।  मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि अधिकारी सिर्फ दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट न लें, बल्कि प्रभावित इलाकों में जाएं, लोगों से बात करें और यह सुनिश्चित करें कि हर जरूरतमंद परिवार तक मदद पहुंचे।  सीएम योगी ने यह भी कहा कि जिन इलाकों में फसल, मकान या पशुधन को नुकसान हुआ है, वहां तुरंत सर्वे कराया जाए. साथ ही राहत राशि देने में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।  बिजली गिरने और तेज आंधी की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी अपील की गई है. प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब होने की वजह से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ग्रामीण इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं. प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी और राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी। 

यूपी ने रचा इतिहास! गन्ना किसानों को 3.22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान

उत्तर प्रदेश ने गन्ना किसानों को किया 3.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक भुगतान सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य है उत्तर प्रदेश, गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष पर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्यों की दरों में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि भी की औसत चीनी परता में महाराष्ट्र व कर्नाटक से भी आगे निकला उत्तर प्रदेश लखनऊ, योगी सरकार गन्ना किसानों के लिए मसीहा साबित हुई है। किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर किसानों को नियमित व समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों, पारदर्शी व तकनीक आधारित व्यवस्था ने गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,22,722 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कर इतिहास रचा है। भुगतान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई। गन्ना एवं चीनी उद्योग अब प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। योगी सरकार किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। औसत चीनी परता में भी उत्तर प्रदेश ने लंबी छलांग लगाते हुए अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,22,722 करोड़ रुपये का भुगतान किया गन्ना किसानों को समय से भुगतान करने में योगी सरकार की नीति पूर्ववर्ती सरकारों पर भारी पड़ी। 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,22,722 करोड़ रुपये का भुगतान किया। योगी सरकार के निर्देश पर गन्ना किसानों को निरंतर भुगतान किया जा रहा है। पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना किसानों को 30831.81 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, यानी लगभग 90 प्रतिशत किसानों को भुगतान किया जा चुका है। कुछ चीनी मिलों का भुगतान शेष है, जिन्हें भी जल्द भुगतान का निर्देश दिया गया है। योगी सरकार की पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है। औसत चीनी परता में महाराष्ट्र व कर्नाटक से भी आगे निकला उत्तर प्रदेश पेराई सत्र 2025-26 की बात करें तो उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। इनमें उप्र राज्य चीनी निगम की 3, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ की 23 व निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलें संचालित की जा रही हैं। इनके द्वारा 877.96 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया। उत्तर प्रदेश में 121, महाराष्ट्र में 210 चीनी मिलें संचालित हैं। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता (एवरेज शुगर रिकवरी) 10.21 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश ने इस मामले में भी अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया। महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत, कर्नाटक का 8.19 प्रतिशत है। 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को दी आर्थिक मजबूती योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त हुआ है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। समय से भुगतान होने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विकास विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

पुलिस आवास परियोजनाओं पर CM सख्त, बोले- गुणवत्ता और समयसीमा से नहीं होगा समझौता

पुलिस आवासीय परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता नहीं: मुख्यमंत्री प्रतिष्ठित संस्थानों से करायें थर्ड पार्टी ऑडिट रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरा जाए लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम की समीक्षा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत करने के लिए बेहतर आवासीय एवं कार्य सुविधाएं आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थाना, बैरक, अग्निशमन केंद्र और अन्य निर्माण कार्य गुणवत्ता तथा समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी है और निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों से कोई समझौता न हो। बैठक में बताया गया कि पुलिस आवास निगम वर्तमान में प्रदेश के 75 जनपदों में कार्य कर रहा है और इसकी छह निर्माण इकाइयों के माध्यम से कुल 233 निर्माण कार्य संचालित हैं। इनमें से 221 कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 से 20 मई 2026 तक कुल 1586 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिनकी लागत लगभग 1104 करोड़ रुपये रही। इनमें बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, थाना भवन, अग्निशमन केंद्र, पुलिस चौकी, जीआरपी बैरक, एटीएस फील्ड यूनिट तथा महाकुंभ-2025 से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। थानों में महिला प्रसाधन जैसी सुविधाओं का भी विकास कराया गया है। बैठक में बताया गया कि निगम लगातार लाभ की स्थिति में है। वर्ष 2025-26 में अब तक 11.14 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया है। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच, सामग्री परीक्षण और मोबाइल ऐप आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनीटरिंग की जाए। आवश्यकतानुसार तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर भी लगाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का समय-समय पर प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और पुलिस बल की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित एवं उपयोगी अधोसंरचना विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरा जाए।

गर्मी के सितम के बीच यूपी में अतिरिक्त बिजली सप्लाई, योगी सरकार का बड़ा दावा

प्रचंड गर्मी में योगी सरकार रोस्टर से ज्यादा कर रही बिजली आपूर्ति 26/27 मई की रात 2:37 बजे 30,337 मेगावाट सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति की गई गर्मी से देश बेहाल लेकिन योगी सरकार ने यूपी में बखूबी संभाली बिजली व्यवस्था विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जुटीं   लखनऊ  उत्तर प्रदेश समेत लगभग पूरे देश में भीषण गर्मी अपने चरम पर है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे समय में योगी सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए लगातार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। 26 मई को जहां 28,125 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई, वहीं सबसे अधिक 26/27 मई की रात 2:37 बजे 30,337 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई है। इस तरह प्रचंड गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बावजूद प्रदेश में रोस्टर से ज्यादा विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल रही है। महानगरों से लेकर गांव तक पहुंच रही विद्युत आपूर्ति योगी सरकार में जिला मुख्यालय, महानगर और तहसील क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 22.30 घंटे तक निर्बाध बिजली दी जा रही है। यही वजह है कि भीषण गर्मी के इस दौर में भी प्रदेश की बिजली व्यवस्था मजबूत और प्रभावी दिखाई दे रही है। योगी सरकार की प्राथमिकता साफ है कि प्रदेश के हर घर, हर गांव और हर शहर तक बिना बाधा के बिजली पहुंचे, ताकि जनता को गर्मी से राहत मिल सके और दैनिक जीवन प्रभावित न हो। रिकॉर्ड मांग के बीच भी नहीं डगमगाई बिजली व्यवस्था प्रदेश में लगातार बिजली आपूर्ति हो रही है। 26 मई की रात 7:52 बजे 28,125 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। जबकि रात 10 बजे 27,515 मेगावाट और 12 बजे 26,984 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। इसी क्रम में 26/27 मई की रात 1 बजे 28,043 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई। जबकि रात 2:37 बजे सबसे अधिक 30,337 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई है। 27 मई की सुबह 5 बजे 29,321 मेगावाट, सुबह 7 बजे 24,738 मेगावाट, सुबह 10 बजे 26,604 मेगावाट और 12 बजे 28,048 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई। इसी क्रम में 27 मई को दोपहर 1 बजे 28,488 मेगावाट और 2 बजे 28,790 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई है। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि योगी सरकार बिजली व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीर और प्रतिबद्ध है। फिलहाल विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में रहकर बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाने में जुटी हुई हैं। इससे साफ है कि योगी सरकार सिर्फ दावे नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर तेज गति से काम भी कर रही है। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देने का प्रयासः निदेशक वितरण निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के हिसाब से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जा रही है। निदेशक वितरण ने बताया कि हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिले। ऊर्जा विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जा रही है। हालांकि 25 और 26 मई की रात आए तेज आंधी-तूफान ने कई जिलों की विद्युत व्यवस्था को प्रभावित किया था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बिजली विभाग की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाला और युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया था।

1 जून को मेधावियों का सम्मान समारोह, योगी सरकार देगी कैश अवॉर्ड और टैबलेट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1 जून को यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, सीआईएससीई एवं संस्कृत बोर्ड से 10th 12th क्लास में टॉप-10 में जगह पाने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार की ओर से मेधावी छात्र के साथ ही उनके एक अविभावक को बुलाया गया है। कुल 223 टॉपर छात्र एवं उनके अविभावक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। बोर्ड के अनुसार टॉपर्स की संख्या सभी बोर्ड को मिलाकर उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की ओर से कुल 223 छात्रों का सम्मान किया जायेगा। बोर्ड्स के अनुसार टॉपर्स की संख्या निम्नलिखित है- बोर्ड     10th क्लास टॉपर     12th क्लास टॉपर यूपी बोर्ड     115     23 संस्कृत बोर्ड     11     10 सीआईएससीई     22     11 सीबीएसई     13     18 क्या मिलेगी प्राइज मनी आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से सभी मेधावी छात्रों को 1 लाख रुपये, टैबलेट एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जायेगा। जिला स्तर पर भी स्टूडेंट्स को किया जाएगा सम्मानित राज्य स्तर के अलावा जिला स्तर पर भी छात्रों को सम्मानित किया जायेगा। राज्य के सभी जिलों के लिए टॉप-10 में जगह पाने वाले कुल 1459 स्टूडेंट्स का चयन किया गया है। इन सभी स्टूडेंट्स को 21 हजार रुपये, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा। आपको बता दें कि टॉपर्स की धनराशि को सीधे उनके खाते में भेजा जायेगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को कार्यक्रम को सही तरीके से आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसका लाइव प्रसारण सभी जिला मुख्यालयों पर कराया जाएगा। सभी टॉपर स्टूडेंट्स को लखनऊ में कार्यक्रम में पहुंचने के लिए 31 मई को शाम 5 बजे तक पहुंचने का निर्देश दिया गया है।