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गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने

गोरखपुर में बनेगा विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: मुख्यमंत्री गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया सीएम योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में 60 एकड़ में बनेगा नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हर तरह के इनडोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के साथ ही खेल व खिलाड़ियों के हित में एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में आरक्षित कराई गई 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा।   केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में शनिवार को गोरखपुर के ताल नदोर में करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यहां 46 एकड़ में 30 हजार दर्शकों की क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तो बनेगा ही, इसके बगल की 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाएंगे। इसमें हर तरह के इनडोर गेम्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा हॉकी जैसे अन्य आउटडोर गेम्स भी हो सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनने से इस क्षेत्र में होटल, रेस्त्रां व मार्केट की नई श्रृंखला तैयार होगी और बड़ी संख्या में नए रोजगार भी सृजित होंगे। लोक कल्याण के लिए होना चाहिए सरकारी भूमि का उपयोग मुख्यमंत्री ने ताल नदोर क्षेत्र में हो रहे विकासपरक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि कुछ साल पहले यह क्षेत्र बंजर पड़ा था। उपेक्षित था, जिसकी मर्जी होती वह कब्जा कर लेता था। अब यहां की जमीन कब्जामुक्त है। डबल इंजन सरकार इस भूमि पर नौजवानों के भविष्य को तराशने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवा रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम युवाओं और भावी पीढ़ी के सपनों को साकार करेगा। सरकारी भूमि का उपयोग लोक कल्याण तथा विकास परियोजनाओं के लिए होगा। इसी विजन से ताल नदोर में पशु चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना भी की जा रही है। जाति-क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले नहीं हो सकते जनता के हितैषी सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश को माफियामुक्त, गुंडामुक्त, दंगामुक्त, कर्फ्यूमुक्त बनाया है। इससे प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। विकास होता है तो रोजगार का सृजन स्वतः स्फूर्त भाव से होता है। जाति, भाषा, क्षेत्र के नाम पर बांटने वाले लोग जनता के हितैषी नहीं हो सकते। जब ऐसे लोगों को सत्ता मिली तो वे गुंडागर्दी, अराजकता, अव्यवस्था फैलाते रहे। जनहित के बजाय परिवार के लिए सत्ता का दुरुपयोग करते रहे। लेकिन, डबल इंजन सरकार जन कल्याण व रोजगार सृजन के लिए कार्य कर रही है। 500 खिलाड़ियों की सीधी भर्ती जल्द मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यूपी में अब तक हमने लगभग साढ़े पांच सौ पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये सरकारी नौकरी दी है। साथ ही 500 खिलाड़ियों की नई भर्ती फिर से निकाली है। इससे बहुत जल्द ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप आदि में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। अब तक सीधी भर्ती में ललित उपाध्याय, दीप्ति शर्मा, पारुल चौधरी, अर्जुन देशवाल, प्रवीण कुमार, राजकुमार पाल को यूपी पुलिस में सीधे डिप्टी एसपी का पद दिया गया है। विजय कुमार यादव व दिव्या काकरान को नायब तहसीलदार, अर्जुन सिंह को यात्री एवं मालकर अधिकारी, प्राची व पुनीत कुमार को जिला युवा कल्याण अधिकारी, अजीत सिंह व सिमरन को जिला पंचायत राज अधिकारी, प्रीति पाल को खंड विकास अधिकारी, रिंकू सिंह को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं।  पीएम मोदी के नेतृत्व में बनी नई खेल संस्कृति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और सांसद खेल स्पर्धा से नई खेल संस्कृति आगे बढ़ी है। इसका परिणाम है कि ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत की प्रतिभागिता और मेडल की संख्या में वृद्धि हुई है। खिलाड़ियों को इंफ्रास्ट्रक्चर देना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रही है। सुविधा मिलने से खिलाड़ी पीएम मोदी के विजन को साकार कर रहे हैं। सरकार हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज की सुविधा विकसित कर रही है। मेरठ में खेल विश्वविद्यालय बन चुका है और इसी सत्र में उसका भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होने जा रहा है। दूरी घटाकर विकास की रफ्तार बढ़ा रही सरकार सीएम ने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम जिस गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर बन रहा है, उससे होकर वाराणसी जाने में पहले चार से पांच घंटे लगते थे लेकिन अब महज ढाई घंटे लगते हैं। इसी तरह गोरखपुर से लखनऊ जाने में लगने वाला समय आठ घंटे से कम होकर साढ़े तीन घंटे हो गया है। सरकार सिर्फ दूरी ही नहीं घटा रही, बल्कि विकास की रफ्तार बढ़ाकर रोजगार सृजन भी कर रही है। पश्चिम एशिया के संकट में बेहतरीन प्रबंधन का परिचय कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्वागत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पूरा विश्व पश्चिम एशिया के संकट से जूझ रहा है। कई देशों में अव्यवस्था, अस्थिरता है। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं। इन स्थितियों में भारत में प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हरदीप सिंह पुरी जी ने बेहतरीन प्रबंधन का परिचय दिया है। तेल कम्पनियों पर भले ही बोझ आया, लेकिन उन्होंने संकट के बीच आम जनता को लगातार राहत दिलाई है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए सीएसआर फंड से 100 करोड़ रुपये देने के लिए पेट्रोलियम मंत्री, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रति आभार व्यक्त किया।  वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन इससे पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन किया। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सीएम ने स्टेडियम के ड्राइंग मैप व मॉडल का अवलोकन भी किया। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों … Read more

आधुनिक विज्ञान से जुड़ रहे परिषदीय बच्चे, Yogi Adityanath सरकार की नई पहल चर्चा में

परिषदीय बच्चों को आधुनिक विज्ञान शिक्षा से जोड़ रही योगी सरकार गांव के बच्चों तक पहुंच रही प्रयोग आधारित विज्ञान शिक्षा, आईआईटी गांधीनगर की साइंस किट से बदल रही परिषदीय स्कूलों की तस्वीर 38 जिलों के 9,356 विद्यालयों में पहुंचीं साइंस किट, अब परिषदीय स्कूलों में भी प्रयोग कर सीखेंगे बच्चे लखनऊ योगी सरकार अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को प्रयोग और अनुभव आधारित विज्ञान शिक्षा से जोड़कर सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने में जुट गई है। प्रदेश के 38 जिलों में 9,356 साइंस किटों की आपूर्ति कर सरकार ने सुनिश्चित कर दिया है कि अब गांव और गरीब परिवारों के बच्चों को भी वही आधुनिक और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जो अब तक बड़े निजी स्कूलों और चुनिंदा संस्थानों तक सीमित थी। प्रदेश के 38 जिलों में साइंस किटों की आपूर्ति की जा चुकी है। गोंडा में 370, शाहजहांपुर में 366, आगरा में 357, उन्नाव में 338, बुलंदशहर में 314 और अलीगढ़ में 301 साइंस किटें पहुंचाई गई हैं। वहीं लखीमपुर खीरी में 464 और सीतापुर में 469 साइंस किटों की आपूर्ति की गई है। योगी सरकार पहले ही मिशन प्रेरणा, निपुण भारत मिशन, स्कूल कायाकल्प, स्मार्ट क्लास और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे अभियानों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। अब साइंस किटों की उपलब्धता से विज्ञान शिक्षा को भी व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित बनाने की कोशिश तेज हुई है। अब शिक्षा को केवल भवन और नामांकन तक सीमित न रखकर गुणवत्ता, तकनीक और प्रयोग से जोड़ा जा रहा है। प्रयोग आधारित शिक्षण को लगातार बढ़ावा मिलने से भविष्य में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और नवाचार क्षमता दोनों तेजी से बढ़ेंगी। योगी सरकार की यह पहल इसी बदलाव की मजबूत नींव के रूप में देखी जा रही है। सरकार की रणनीति साफ है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला बच्चा भी संसाधनों और सीखने के अवसरों में किसी से पीछे न रहे। इस पूरी पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि साइंस किटों की आपूर्ति आईआईटी गांधीनगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। यानी अब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के बच्चे भी प्रयोगशाला आधारित विज्ञान शिक्षा से जुड़ सकेंगे। योगी सरकार का यह कदम सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भीतर वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार क्षमता विकसित करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि विज्ञान शिक्षा को केवल किताबों और परिभाषाओं तक सीमित नहीं रखा जा सकता। जब बच्चे स्वयं प्रयोग करते हैं, मॉडल देखते हैं और गतिविधियों के माध्यम से सीखते हैं, तभी विज्ञान उनके लिए रोचक, व्यावहारिक और आसानी से समझ में आने वाला विषय बनता है। इसी सोच के तहत परिषदीय विद्यालयों में साइंस किट उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि बच्चों को कक्षा में ही प्रयोग आधारित शिक्षण का अवसर मिल सके।

सीएम योगी के निर्देश पर प्रभारी मंत्री करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात

आपदा पीड़ितों के साथ खड़ी योगी सरकार, राहत कार्यों में तेजी सीएम योगी के निर्देश पर प्रभारी मंत्री करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात जिलाधिकारियों को तत्काल सहायता पहुंचाने के सख्त निर्देश लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री लखनऊ उत्तर प्रदेश में आंधी, आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार भी संवेदनशीलता दिखाई है। सीएम ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन स्तर से की जा रही मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध करानी शुरू कर दी है। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि जरूरतमंदों तक सहायता समय पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सभी डीएम को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को जो भी सहायता आवश्यक हो, उसे बिना देरी उपलब्ध कराया जाए। सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु किया जाए ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि जनता की सुरक्षा और सहायता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  इन जिलों में है नुकसान की सूचना प्रदेश के बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई, उन्नाव समेत 19 जिलों में जनहानि, पशुहानि और फसल नुकसान की जानकारी सामने आई है। खराब मौसम के कारण कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

संसदीय समितियों का दौरा टला, विधान परिषद ने स्थगित किया भ्रमण कार्यक्रम

विधान परिषद की संसदीय समितियों के भ्रमण कार्यक्रम स्थगित जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों में करेंगे प्रतिभाग  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर सरकारों ने ईंधन बचाने, काफिला कम करने आदि की पहल को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों को फ्लीट को 50 प्रतिशत कम करने का फैसला किया है। अब इसी क्रम में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने परिषद की संसदीय समितियों के पूर्व निर्धारित भ्रमण के समस्त कार्यक्रमों को अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया है।  यह जानकारी विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि संसदीय समितियों की बैठकों में जिला स्तरीय अधिकारी अग्रिम आदेशों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग करेंगे।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम

पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए निभानी होगी सामूहिक जिम्मेदारी: सीएम योगी टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कार पूलिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती देना हर नागरिक का दायित्व: सीएम प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए: मुख्यमंत्री देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे: योगी आदित्यनाथ हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाने में सफल रहा विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं, सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच उसी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। यह वैश्विक संकट है, जिसका असर ईंधन, खाद्य व उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है। ऐसे समय हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे। मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज में टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। संकट के समय देशहित सर्वोपरि मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की बचत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात कही, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए। हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे। उन्होंने अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए। देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे। बालिग होती पीढ़ी को सही जानकारी देना आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिग होती पीढ़ी को उत्तर प्रदेश के बारे में सही जानकारी देना आवश्यक है। 500 से 1500 वर्ष पूर्व तक भारत की विश्व अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी, कारण था जीवन के हर क्षेत्र में सामूहिकता, समन्वय और परस्पर सहयोग। भारत के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भूमि और जल संसाधन थे। विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की परंपरागत खेती होती थी। खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और हस्तशिल्प का भी उत्कृष्ट तंत्र विकसित था। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल फैला हुआ था। भारतीय कारीगर और व्यापारी विश्व बाजार तक अपनी वस्तुओं को पहुंचाते थे। खेती, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के कारण भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना। आक्रमणों के बावजूद भारत अस्तित्व बचाने में सफल मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो आर्थिक समृद्धि दिखाई दे रही है, उसकी जड़ें मात्र 400-500 वर्ष पुरानी हैं, जबकि भारत में यह समृद्धि इससे बहुत पहले विद्यमान थी। लेकिन जब हमने अपने संसाधनों, ज्ञान और नवाचार पर विश्वास करना छोड़ दिया, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उपेक्षित किया तो हम पिछड़ते गए। उस समय तीर्थयात्रा पर्यटन का प्रमुख रूप थी। केदारनाथ में जलाभिषेक के लिए रामेश्वरम का जल और रामेश्वरम में अभिषेक के लिए गंगोत्री का जल ले जाने की परंपरा उत्तर और दक्षिण को जोड़ती थी। द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम पूरे देश को एक सूत्र में बांधते थे। जीवन इस तरह व्यवस्थित था कि कोई किसी पर बोझ न बने। यही कारण था कि भारत विश्व गुरु बना। हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाए रखने में सफल रहा, जो दुनिया में कम  ही देखने को मिलता है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बना दिया था प्रश्न प्रदेश मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया गया था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, त्योहारों के समय दंगे-फसाद होते थे, गुंडागर्दी और माफिया राज था। भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता चरम पर थी। बिजली, सड़क, सिंचाई और बाजार की कोई व्यवस्था नहीं थी। परंपरागत उद्यम बंद हो रहे थे। इसी निराशा और अराजकता के माहौल में 2017 में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद दिया। सरकार बनते ही हमने पहले एक महीने तक केवल मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शाम छह बजे से रात बारह बजे तक बैठक की। हर विभाग का प्रेजेंटेशन लिया गया और कार्ययोजना तैयार की गई। खजाना खाली था, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन हमने स्पष्ट नीति बनाई कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, कोई परिवारवाद नहीं। आज उत्तर प्रदेश में विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है। सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है। सभी जगह एक समान बिजली पहुंच रही है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है। भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस है। बीमारू से भारत की विकास यात्रा का इंजन बना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे में यूपी का हिस्सा देश का 60 प्रतिशत है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे बन चुके हैं। भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर (नोएडा) बनकर तैयार है और 15 जून से उड़ानें शुरू हो रही हैं। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है। राष्ट्रीय जल मार्ग सक्रिय हैं। फोर-लेन सड़कों और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का जाल बिछा है। कृषि वृद्धि दर 8 से बढ़कर 18 … Read more

सीएम योगी ने दिया आपदा में मौत पर 4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश

फसल और पशुधन नुकसान पर किसानों के साथ खड़ी योगी सरकार सीएम योगी ने दिया आपदा में मौत पर 4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश सीएम योगी के निर्देश पर प्रभारी मंत्री करेंगे प्रभावित परिवारों से मुलाकात जिलाधिकारियों को तत्काल सहायता पहुंचाने के सख्त निर्देश लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी: मुख्यमंत्री जनहानि और फसल नुकसान से प्रभावित परिवारों को तेजी से राहत पहुंचाने के निर्देश लखनऊ  उत्तर प्रदेश में आंधी, अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि और फसल नुकसान के बीच योगी सरकार ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सीएम योगी ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने और हालात का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में परिजनों को तत्काल 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों, पशुपालकों और अन्य प्रभावित परिवारों को भी तेजी से राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। फसल का नुकसान उठाने वाले किसानों के लिए मुआवजे और पशुधन क्षति पर भी आर्थिक सहायता तय की गई है। राहत आयुक्त डाॅ0 हृषिकेश भास्कर यशोद ने प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों व अपर जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खराब मौसम के कारण प्राकृतिक आपदा से हुई विभिन्न क्षतियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अधिकारी स्वयं प्रभावित परिवारों से मिलकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी खराब मौसम की चेतावनी के उपरान्त राहत आयुक्त कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम द्वारा सचेत पोर्टल के माध्यम से आम जनमानस को 34 करोड़ 64 लाख रेड एवं ऑरेंज  चेतावनी संदेश भेजे गये हैं। कंट्रोल रूम को हाई एलर्ट पर रखते हुए प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता राशि की माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए गये हैं।  राहत आपदा हेल्प लाइन नम्बर 1070 पर काॅल आते ही तत्काल सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि का शत प्रतिशत वितरण कराने हेतु निर्देशित किया।  फसल नुकसान पर मुआवजा तय योगी सरकार प्राकृतिक आपदा में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। इसके अलावा 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह वर्षा सिंचित क्षेत्र में 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सुनिश्चित सिंचित क्षेत्र में 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तथा 12 माही फसलों और कृषि वानिकी के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को दी जाएगी। खेतों से गाद हटाने में भी आर्थिक मदद अतिवृष्टि के कारण खेतों में जमा गाद और मलबा हटाने के लिए भी योगी सरकार ने 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता देने का प्रावधान किया है। इससे प्रभावित किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे कार्य तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत मिल सके। पशुपालकों को भी आर्थिक संबल योगी सरकार ने पशुपालकों को राहत देने के लिए भी व्यापक सहायता योजना लागू की है। दुधारू पशुओं जैसे गाय-भैंस की मृत्यु पर 37,500 रुपये तक सहायता दी जाएगी। बैल और घोड़े जैसे गैर दुधारू पशुओं के लिए 32 हजार रुपये तथा बछड़ा, गधा, खच्चर और टट्टू के लिए 20 हजार रुपये की सहायता तय की गई है। भेड़, बकरी और सुअर की क्षति पर भी 4 हजार रुपये प्रति पशु आर्थिक मदद दी जाएगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका को देखते हुए सरकार की यह पहल प्रभावित परिवारों को राहत देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राहत कार्यों की लगातार निगरानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शासन स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रभावित जिलों में राहत वितरण की समीक्षा हो रही है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि आपदा से प्रभावित किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और वो जल्द सामान्य स्थिति में लौट सकें।

यूपी में AI क्रांति की शुरुआत! ‘AI For All’ पहल से युवा बनेंगे टेक्नोलॉजी में माहिर

योगी सरकार की ‘एआई फॉर ऑल’ पहल से प्रदेश के युवाओं को मिलेगा भविष्य की तकनीक का ज्ञान प्रदेशभर में मुफ्त एआई प्रशिक्षण अभियान तेज, हर नागरिक को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की तैयारी उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन चला रहा विशेष अभियान लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा ‘एआई फॉर ऑल’ पहल को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके तहत हर नागरिक को निःशुल्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यह कार्यक्रम वैश्विक आईटी संस्था ओरेकल यूनिवर्सिटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 अप्रैल 2026 को मुजफ्फरनगर में आयोजित वृहद रोजगार मेले के दौरान किया था। योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों तथा आम नागरिकों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाकर उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज वैश्विक स्तर पर रोजगार, उद्योग और कार्य संस्कृति में बड़ा बदलाव ला रहा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश का युवा तकनीकी रूप से सक्षम बने और नई संभावनाओं का लाभ उठाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव, कस्बों और शहरों तक इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस निःशुल्क प्रशिक्षण से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का फोकस केवल पारंपरिक रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। यही कारण है कि कौशल विकास के क्षेत्र में प्रदेश लगातार नई पहलें कर रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एआई फॉर यू: ट्रेनिंग एंड असेसमेंट’ नामक कोर्स लगभग तीन घंटे की अवधि का है, जिसे पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों का ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाता है तथा सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जो उनके करियर विकास में सहायक होगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि इस पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘एआई फॉर ऑल’ टैब के माध्यम से सरल प्रक्रिया में निःशुल्क पंजीकरण कर घर बैठे प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा! गन्ना किसानों को मिला 3.21 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान

उत्तर प्रदेश ने गन्ना किसानों को किया 3.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान  सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य है उत्तर प्रदेश, गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष पर प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्यों की दरों में 30 रुपये प्रति कुंतल की ऐतिहासिक वृद्धि भी की  प्रदेश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का आधार बना गन्ना विकास विभाग प्रदेश की चीनी मिलों में 1,28,500 टी.सी.डी. की अतिरिक्त पेराई क्षमता का हुआ सृजन, 9 वर्ष में लगभग 6,924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश हुआ ई-गन्ना ऐप एवं डिजिटल सेवाओं से 48 लाख गन्ना किसानों को घर बैठे सभी सुविधाएं हुईं सुलभ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पहले दिन से ही किसानों के हित में कार्य कर रही है। अपने पहले फैसले में किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी करने वाली योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को समय से गन्ना मूल्य भुगतान कराया जा रहा है। योगी सरकार की नीतियों, पारदर्शी व तकनीक आधारित व्यवस्था ने गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,21,963 करोड़ का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराकर इतिहास रचा है। भुगतान की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई। गन्ना एवं चीनी उद्योग अब प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। योगी सरकार किसानों की समृद्धि, युवाओं के रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया गन्ना किसानों को समय से भुगतान करने में योगी सरकार की नीति पूर्व की सरकारों पर भारी पड़ी। 2007 से 2012 में गन्ना किसानों को 52,131 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 2012 से 2017 में 95,215 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 9 साल में योगी सरकार ने रिकॉर्ड 3,21,963 करोड़ रुपये का भुगतान किया। योगी सरकार की अभिनव पहल ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर प्राप्त होती है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पहुंचता है।  48 लाख गन्ना किसान परिवारों को दी आर्थिक मजबूती  योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि भी की। अगेती प्रजातियों के लिए 400 रुपये व सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति कुंतल की दर निर्धारित की गई। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त हुआ है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई। समय से भुगतान होने से प्रदेश के 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को आर्थिक मजबूती मिली है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विकास विभाग का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत  यूपी के गन्ना क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2025-26 में 29.51 लाख हेक्टेयर में गन्ना की खेती की गई। योगी सरकार के प्रयास से उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी गन्ना उत्पादक राज्य बना है। उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं। उप्र राज्य चीनी निगम की 3, उप्र सहकारी चीनी मिल्स संघ की 23 व निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलों द्वारा 877.93 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया है। पिछले पेराई सत्र में औसत चीनी परता उत्तर प्रदेश का 10.21 प्रतिशत रहा, जबकि महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत है।  10 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित  प्रदेश में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार, नई चीनी मिलों की स्थापना तथा मिलों की पेराई क्षमता में 1,28,500 टी.सी.डी. वृद्धि से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मिलों के आधुनिकीकरण व औद्योगिक पुनरुद्धार से 10 लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। विगत 9 वर्ष से लगभग 6924 करोड़ का अतिरिक्त पूंजी निवेश किया गया है। एथेनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार के प्रयासों से राज्य में एथेनॉल उत्पादन 188 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है।  गन्ना किसानों की समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री 1800-121-3203 एक्टिव गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने बताया कि गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया गया है। ई-गन्ना ऐप, ऑनलाइन सर्वे, पारदर्शी पर्ची वितरण एवं शिकायत निवारण प्रणाली जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को बड़ी राहत व सुविधा प्रदान की है। आज लाखों किसान मोबाइल के माध्यम से घर बैठे गन्ना संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर टोल-फ्री कॉल सेन्टर नम्बर 1800-121-3203 की स्थापना की गयी है, जो 24 घण्टे संचालित है।

UP में सरकारी योजना पर सख्ती, बिजनेस शुरू नहीं करने वालों से होगी रकम की रिकवरी

 लखनऊ  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का सत्यापन का कार्य शुरू किया है। विभाग ने इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन (एप) तैयार किया है। इस एप के जरिए योजना के तहत ऋण लेने वाले युवाओं का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन की जिम्मेदारी एमएसएमई विभाग ने सीएम फेलो को दी है। सीएम फेलो अपने-अपने क्षेत्रों में ऋण लेने वाले युवा की जानकारी देंगे कि संबंधित युवा ने ऋण लेने के बाद काम शुरू किया या नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2025 को योजना का शुभारंभ किया था। योजना के तहत राज्य के युवाओं को बिना गारंटी व ब्याज के अपना उद्यम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। ऋण लेने के बाद शुरू नहीं किया कारोबार अभी तक 1,69,271 युवाओं को 6955 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। एमएसएमई विभाग की जानकारी इस प्रकार के कई मामले आए हैं जिनमें युवाओं ने ऋण लेने के बाद कारोबार शुरू नहीं किया है। नतीजतन अब विभाग ने ऋण लेने वाले सभी युवाओं का सत्यापन शुरू कराया है। सत्यापन के कार्य में जुटे कर्मी युवाओं की उनके उद्यम के साथ फोटो और वीडियो के साथ गूगल के जरिए मोबाइल एप पर लोकेशन भी अपडेट कर रहे हैं। सत्यापन के समय इस बात की भी जानकारी एकत्र की जा रही है कि संबंधित युवा ने अपना कारोबार शुरू करने के बाद कितने लोगों को रोजगार दिया है। किस प्रकार का कारोबार शुरू किया है, ऋण लेते समय जिस उद्यम को स्थापित किए जाने की सहमति संबंधित युवा ने दी थी उसने वही उद्यम स्थापित किया है या नहीं। माह में कितनी कमाई हो रही है, जैसी जानकारियां भी एप पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अगर किसी युवा ने ऋण ले लिया और कारोबार शुरू नहीं किया है तो उससे ऋण की राशि की वसूली की जाएगी।  

बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर CM योगी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि का लिया संज्ञान 24 घंटे में पीड़ितों को मुआवजा देने का दिया निर्देश सीएम योगी ने डीएम समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाने के लिए कहा   लखनऊ उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान पर पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम 24 घंटे के अंदर पूरा किया जाए। यूपी में अति वर्षा, आंधी और आकाशीय बिजली से जनहानि, पशुहानि और आर्थिकहानि पर सीएम योगी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन पूरा कर तुंरत मुआवजा देने के लिए कहा गया है।