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25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री

टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के उद्यमियों को दिया यूपी में निवेश का न्योता नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विकसित की जा रही जापान इंडस्ट्रियल सिटी से जापान की कंपनियों को मिलेगा विशेष लाभ: मुख्यमंत्री 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही विशाल संभावनाएं: मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में निवेश सुरक्षित क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध: सीएम योगी सीएम ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी में वैश्विक साझेदारी का रखा प्रस्ताव, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में भी निवेश का आमंत्रण यूपी के माध्यम से भविष्य में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा भारत-जापान औद्योगिक सहयोग: सीएम योगी टोक्यो/लखनऊ  उत्तर प्रदेश में दुनिया के बड़े निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। यहां आयोजित वृहद यूपी निवेश रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा। भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध जापान को 'लैंड ऑफ द सनराइज' बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस पावन धरा को नमन करता हूं। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली है। यही नहीं, भगवान बुद्ध की पावन कर्मभूमि भी उत्तर प्रदेश ही है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशांबी, सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान राम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परंपरा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है। इसी सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।  निवेशकों के लिए यूपी बड़ा बाजार मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियां हैं और उतनी ही विशाल संभावनाएं भी हैं। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर हैं। जल संसाधन और युवा शक्ति बनी ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास भरपूर मीठा जल संसाधन है, जिसका उपयोग कृषि के साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि मैं जापान के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करता हूं कि वे यूपी में इन परियोजनाओं में भागीदारी करें।  500 एकड़ में विकसित होगी जापान इंडस्ट्रियल सिटी मुख्यमंत्री ने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द शुरू होने वाला है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहां उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।  मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर तक अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। झांसी के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। यूपी के पास एमएसएमई की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1000 दिनों तक कई तरह की एनओसी से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें। आसान निवेश व्यवस्था और सुरक्षित माहौल मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म में … Read more

सीएम योगी के जापान दौरे में मिले मेगा निवेश प्रस्ताव, जापान की कंपनियों ने यूपी में निवेश को दिखाई उत्सुकता

जापान दौरे के पहले दिन लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर सीएम योगी के जापान दौरे में मिले मेगा निवेश प्रस्ताव, जापान की कंपनियों ने यूपी में निवेश को दिखाई उत्सुकता कृषि और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्र में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा हॉस्पिटैलिटी, रियल एस्टेट और औद्योगिक प्रिंटिंग सेक्टर में विस्तार जापान/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले दिन औद्योगिक निवेश को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। जिन कंपनियों के साथ करार हुआ है उनमें कुबोता कारपोरेशन, मिंडा कारपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस, ओएंडओ ग्रुप, फूजी जैपनीज जेवी और फूजीसिल्वरटेक कंक्रीट प्रा. लि. शामिल हैं। ये समझौते कृषि यंत्र निर्माण,  औद्योगिक मशीनरी निर्माण, जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक प्रिंटिंग एवं ग्राफिक्स, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इससे विनिर्माण क्षमता के विस्तार और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कुबोता कारपोरेशन, वर्ष 1890 में स्थापित जापान की एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है और जिसका मुख्यालय ओसाका में स्थित है। यह कृषि और औद्योगिक मशीनरी निर्माण में वैश्विक पहचान रखती है। कंपनी ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, इंजन और निर्माण उपकरण के साथ साथ जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान जैसे पाइप, पंप और ट्रीटमेंट सिस्टम के क्षेत्र में भी कार्यरत है। एस्कॉर्ट्स कुबोता लिमिटेड के साथ सहयोग के माध्यम से कंपनी भारत में अपने विनिर्माण विस्तार और फार्म मैकेनाइजेशन क्षेत्र में उपस्थिति को मजबूत कर रही है। मिंडा कारपोरेशन, जो स्पार्क मिंडा समूह का हिस्सा है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी भारतीय कंपनी है। यह मैक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग हार्नेस, प्लास्टिक इंटीरियर, सेंसर और ईवी समाधान उपलब्ध कराती है। जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री जिसे जेएई के नाम से जाना जाता है, ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एडवांस कनेक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस समाधान में विशेषज्ञता रखती है। नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, एक विविधीकृत जापानी ट्रेडिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी है जो केमिकल्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। इन कंपनियों के बीच सहयोग से ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। सीको एडवांस जापान मूल की कंपनी है जो उच्च प्रदर्शन स्क्रीन प्रिंटिंग इंक और कोटिंग सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है। इसके उत्पाद ऑटोमोटिव डीकल्स, इंडस्ट्रियल ग्राफिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स पैनल, ग्लास प्रिंटिंग और कंज्यूमर अप्लायंसेज में उपयोग होते हैं। कंपनी भारत में अपनी विनिर्माण इकाई के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को आपूर्ति कर रही है। इसके अतिरिक्त ओ एंड ओ  ने हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को लेकर समझौता किया। पहले दिन हुए इन समझौतों को भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।

यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर

सीएम योगी ने कोनोइके ट्रांसपोर्ट के साथ की अहम बैठक, यूपी में निवेश के लिए किया आमंत्रित लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर हुई गंभीर चर्चा यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हुआ जोरदार स्वागत टोक्यो/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चेन और हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले ही दिन बड़े निवेश संवाद की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री ने शीगेकी तानाबे (Shigeki Tanabe), सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजर (सेल्स मैनेजमेंट डिवीजन/डोमेस्टिक बिजनेस प्रभारी), कोनोइके ट्रांसपोर्ट को. लिमिटेड (Konoike Transport Co. Ltd.) के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई। निवेशकों के लिए यूपी में असाधारण अवसर मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का भौगोलिक व औद्योगिक परिदृश्य अब निवेशकों के लिए असाधारण अवसर प्रस्तुत कर रहा है। राज्य सीधे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क से जुड़ा है, जिससे माल ढुलाई की गति तेज और लागत प्रतिस्पर्धी बनती है। यह सुविधा निर्यातोन्मुख उद्योगों और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना जापानी कंपनियों के लिए अत्यंत अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराती है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, नीतिगत समर्थन और सिंगल-विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था के कारण यह क्षेत्र हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग के लिए आदर्श गंतव्य बन रहा है। उन्होंने भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को न केवल भूमि और बुनियादी ढांचा देता है, बल्कि स्थिर नीति, कुशल मानव संसाधन और तेजी से निर्णय लेने वाली सरकार भी उपलब्ध कराता है। टोक्यो में सीएम योगी का भव्य स्वागत जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। उनका स्वागत यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा (Junichi Ishidera) ने किया। इस अवसर पर जापान में भारत की राजदूत नगमा एम मलिक तथा भारतीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे। सीएम योगी की यह यात्रा उत्तर प्रदेश की बढ़ती वैश्विक भागीदारी और भारत-जापान के बीच गहराते रणनीतिक व आर्थिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। ‘उगते सूरज की धरती’ को ‘आदित्य’ का नमस्कार टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनूठे अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, “अभी जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचा हूं। उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार…।”

उपमुख्यमंत्री और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री की जर्मनी में वैश्विक रक्षा कंपनियों से वार्ता, यूपी को मिला निवेश का भरोसा

उपमुख्यमंत्री व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने वैश्विक रक्षा कंपनियों से किया संवाद  जर्मनी में यूपी की दमदार दस्तक में रक्षा संबंधी निवेश को मिला समर्थन जर्मनी/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी मार्गदर्शन व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में जर्मनी पहुंचा प्रतिनिधिमंडल वहां के उद्यमियों से संवाद स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जर्मन-इजराइल की अग्रणी कंपनी क्वाटंम सिस्टम जीएमबीएच के साथ बैठक की। यह कंपनी मानवरहित और ड्रोन आधारित प्रौद्योगिकी की विशेषज्ञ है। यह कंपनी भारत में पिछले एक दशक से अधिक समय से उन्नत हवाई निगरानी तथा 160 किमी तक की परिचालन क्षमता वाले मानवरहित प्लेटफॉर्म में विशेषज्ञ है। इस कंपनी की टेक्नोलॉजी जर्मनी और स्पेन की सशस्त्र सेनाओं की सेवा में भी है।  उपमुख्यमंत्री व आईटी मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भारत की तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था का मुख्य केंद्र है। उप मुख्यमंत्री मौर्य व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री शर्मा ने क्वांटम टेक्नोलॉजीज को राज्य में ड्रोन मैन्युफेक्चरिंग, अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया, जिससे यहां की प्रगतिशील नीतियां, मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और कुशल प्रतिभा-समूह का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिले। दोनों पक्षों ने मैन्युफेक्चरिंग, अनुसंधान-विकास, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में दीर्घकालिक सहयोग पर चर्चा की जिससे भारत के एयरोस्पेस और मानवरहित प्रणालियों के पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाया जा सके।

नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के लिए किया आमंत्रित

सीएम योगी ने मित्सुई प्रबंधन के साथ की व्यापक निवेश पर चर्चा, दिया यूपी में बड़े निवेश का न्यौता नवीकरणीय ऊर्जा, आईसीटी, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख सेक्टर्स में निवेश के लिए किया आमंत्रित मुख्यमंत्री ने भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जताई अपनी प्रतिबद्धता टोक्यो/लखनऊ उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले दिन वैश्विक निवेश संवाद की मजबूत शुरुआत की। जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने जापान की अग्रणी वैश्विक ट्रेडिंग और निवेश कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लि.0(Mitsui & Co.) के प्रबंधन से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में परिवर्तनकारी निवेश अवसरों को तलाशने का औपचारिक आमंत्रण दिया। चार उभरते सेक्टर पर रणनीतिक फोकस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा के तहत सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं दूसरी आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के तहत आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश पर चर्चा हुई। तीसरा सेक्टर सेमीकंडक्टर का रहा, जिसमें चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन का विस्तार प्रमुख रहे। वहीं चौथा सेक्टर डेटा सेंटर रहा, जिसमें हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी हब जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर गहन विमर्श हुआ।  भारत-जापान औद्योगिक संबंधों को नई गति मुख्यमंत्री ने मित्सुई प्रबंधन को दीर्घकालिक साझेदारी के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ-साथ उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। सीएम योगी ने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराता है।

सैट्स के सीईओ ने योगी सरकार की कार्यशैली की सराहना, विदेशी निवेश के लिए सीएम योगी के प्रतिबद्धता की जताई प्रशंसा

सैट्स के सीईओ ने योगी सरकार की कार्यप्रणाली को खुलकर सराहा कहा, विदेशी निवेश के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर/लखनऊ  इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो में सिंगापुर की एयरपोर्ट ग्राउंड हैंडलिंग क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सैट्स के सीईओ (एशिया-पैसिफिक) बॉब ची ने कहा कि सीएम योगी का सैट्स के कार्गो हब का दौरा करना उनकी विदेशी निवेश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जाहिर करता है। हम उत्तर प्रदेश की विकास संभावनाओं को लेकर अत्यंत आशावादी हैं। यूपी की प्रगति का आधार उसका तेजी से विस्तार करता कृषि, औद्योगिक और सेवा क्षेत्र है। बीते एक दशक में उत्तर प्रदेश का एयर कार्गो वॉल्यूम लगभग पांच गुना बढ़ा है, जो लगातार दो अंकों की सालाना वृद्धि दर को दर्शाता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि उत्तर प्रदेश भारत की आर्थिक शक्ति का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। बॉब ने कहा कि हमने देखा है कि उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली अत्यंत प्रगतिशील है। यह तत्परता से कार्रवाई करती है, जो उद्यमिता के लिए अनिवार्य शर्त है। यह समाधान-उन्मुख है और प्रो-एक्टिव दृष्टिकोण अपनाती है। राज्य सरकार विशेष रूप से नई तकनीकों, डिजिटलीकरण से जुड़े निवेशों तथा स्थानीय आबादी के लिए उच्च-कौशल वाले रोजगार अवसरों के सृजन को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। हमने यूपी सरकार की सशक्त एवं उद्योगों के अनुकूल नीतियों का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। सरकार द्वारा हमें जो सहयोग और सकारात्मक समर्थन मिला है, उसके लिए हम आभारी हैं। यूपी में वैसा ही माहौल है, जिसे वैश्विक कंपनियां महत्व देती हैं और यही कार्यप्रणाली उत्तर प्रदेश में निवेश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करती है।

सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित और संभावनाओं से परिपूर्ण: सीएम योगी सिंगापुर के निवेशकों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य जारी: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा: मुख्यमंत्री आज उत्तर प्रदेश टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट के साथ ही ट्रांसफॉर्मेशन के रूप में भी पहचान बना रहा: सीएम योगी सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो में बोले मुख्यमंत्री, आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है सिंगापुर/लखनऊ  सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) मॉडल को निवेश की सबसे बड़ी गारंटी बताते हुए प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में हो रहे प्रयासों का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस की भूमि बन चुका है। हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश में केवल सुरक्षा का ही माहौल नहीं दिया, बल्कि स्केल को स्किल और स्पीड के साथ कैसे जोड़ा जाता है, इसको भी करके दिखाया है। आज उत्तर प्रदेश ने केवल टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट में ही नहीं, बल्कि भारत के अंदर ट्रांसफॉर्मेशन के भी एक नए युग में आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अगले तीन से चार वर्षों में उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में निर्णायक छलांग लगाएगा। उन्होंने सिंगापुर के उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और संभावनाओं से परिपूर्ण है। जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक डेडिकेटेड “सिंगापुर सिटी” विकसित करने की योजना प्रस्तुत की है। यदि सिंगापुर के निवेशक एनसीआर क्षेत्र में आना चाहते हैं तो उनके लिए एक विशेष रूप से नियोजित सिंगापुर सिटी की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि की व्यवस्था की गई है, ताकि एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और वर्ल्ड-क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूरा लाभ निवेशकों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उनका निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यहां उन्हें अपनी व्यावसायिक संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा।  हर इंडस्ट्री लीडर के लिए यूपी एक ड्रीम डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर व उत्तर प्रदेश कैसे एक साथ आगे बढ़ सकते हैं, सिंगापुर विजिट के दौरान इन संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दो दिन में जीआईसी (GIC), टेमासेक (Temasek),  सैट्स, जीएसएस ग्रीन्स और ब्लैकस्टोन सहित प्रमुख संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ से चर्चा करने का अवसर मिला। सिंगापुर के उद्योग जगत के साथ बहुचरणीय बैठकों में सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हुई कि सिंगापुर का हर इंडस्ट्री लीडर आज भारत में एक ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में उत्तर प्रदेश की भूमिका को समझ रहा है। उत्तर प्रदेश केवल भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन ही नहीं है, बल्कि निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाओं से भरा प्रदेश बनकर उभरा है। यूपी ने तय की पोटेंशियल से परफॉर्मेंस की यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जो प्रगति की है, उसी विजन को उत्तर प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश ने ‘लैंड ऑफ पोटेंशियल’ से ‘लैंड ऑफ परफॉर्मेंस’ तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है। 9 वर्षों में प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने जा रही है। पर कैपिटा इनकम लगभग तीन गुना बढ़ी है और भारत की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान लगभग 9.5 प्रतिशत है। प्रदेश डी-रेगुलेशन रैंकिंग में प्रथम स्थान पर है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर है और 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधानों को समाप्त कर डी-क्रिमिनलाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पिछले पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य बना हुआ है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और लैंड बैंक की ताकत मुख्यमंत्री ने बताया कि 75,000 एकड़ का लैंड बैंक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध है। भारत के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। 16,000 किलोमीटर का विशाल रेलवे नेटवर्क और 7 शहरों में मेट्रो संचालन प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाता है। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं, जबकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया तक भारत का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग संचालित है और मल्टी-मोडल टर्मिनल विकसित किए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में राज्य में कारखानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 31,000 से अधिक हो चुकी है। भारत की मात्र 11 प्रतिशत कृषि भूमि उत्तर प्रदेश में है,  लेकिन देश का 21 प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न उत्पादन यहीं होता है। इसीलिए यूपी भारत का ‘फूड बास्केट’ है। यहां फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। यूपी में ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़ा निवेश करना इसलिए भी आसान है, क्योंकि आज राज्य के पास प्रशिक्षित और स्किल्ड मैनपावर की भरपूर उपलब्धता है। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 56 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वर्किंग फोर्स है, जो उद्योग, सेवा क्षेत्र और अन्य सभी सेक्टरों में कार्य करने के लिए तैयार है। राज्य ने स्किल को स्पीड और एम्प्लॉयमेंट से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए हैं, लेबर रिफॉर्म, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया है। साथ ही 96 लाख एमएसएमई इकाइयां पहले से कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ रही हैं।  सिंगल विंडो और पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश करना अब बहुत आसान है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र पोर्टल के माध्यम से सिंगल विंडो क्लियरेंस, टाइम-बाउंड अनुमोदन और ऑनलाइन डीबीटी के जरिए … Read more

मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन, सीएम की प्रेसवार्ता सिंगापुर में मिले ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, ₹60 हजार करोड़ के हुए एमओयू: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की ओर यूपी बढ़ा रहा निर्णायक कदम सीएम योगी ने दूसरे दिन सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री समेत शीर्ष नेतृत्व से की मुलाकात एमआरओ, कार्गो, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, स्किलिंग और लॉजिस्टिक्स में व्यापक सहयोग पर बनी सहमति: मुख्यमंत्री दुनिया हुई पारदर्शी, निवेशकों को यूपी की हर गतिविधि की जानकारी: सीएम आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है: योगी आदित्यनाथ सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के साथ सिंगापुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर में टीम यूपी को लगभग ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से ₹60 हजार करोड़ के एमओयू ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा संपन्न किए जा चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया आज पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। निवेशकों को उत्तर प्रदेश में हो रही प्रत्येक गतिविधि की जानकारी है। यही कारण है कि कम समय में ही यूपी को इतना बड़ा निवेश प्राप्त हुआ है।  नौ वर्षों में यूपी ने तेजी से किया विकास मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर व जापान की यात्रा पर आया है। सिंगापुर पहुंचने के बाद सुबह 8:30 बजे से देर रात तक लगातार बैठकें चलीं और दूसरे दिन भी प्रातःकाल से ही कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजनरी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत ने समग्र विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश ने बीते साढ़े आठ-नौ वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और जन-कल्याण के क्षेत्रों में तेज गति से विकास किया है। आज भारत और उत्तर प्रदेश की छवि विश्व स्तर पर अत्यंत सकारात्मक रूप में देखी जा रही है। 100 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने 100 से अधिक प्रतिनिधियों से भेंट की है। सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ भी उनकी सकारात्मक व सार्थक वार्ता हुई। इसके अतिरिक्त प्रमुख फिनटेक कंपनियों के अध्यक्ष व सीईओ के साथ भी बैठकें की गईं। कई कंपनियां पहले से भारत और उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। सीएम योगी ने उल्लेख किया कि देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित हो रहे गंगा एक्सप्रेसवे में भी कुछ कंपनियों ने पहले से निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों की धारणा में 360 डिग्री का सकारात्मक परिवर्तन आया है। जेवर में एमआरओ और कार्गो हब की दिशा में पहल मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने उन अत्याधुनिक स्थलों का भी दौरा किया, जहां सामान्य लोगों का प्रवेश कठिन होता है। विशेष रूप से शीघ्र शुरू होने वाले जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग) विकसित करने के लिए सिंगापुर की दक्षता का अध्ययन किया गया। सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जा सकती है। निवेशकों ने इस विषय पर गंभीर तैयारी कर रखी है और वे उत्तर प्रदेश के साथ संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। स्किलिंग मॉडल से ‘एम्प्लॉयमेंट जोन’ तक मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के विश्वस्तरीय स्किलिंग सेंटर (आईटीई) का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि हमने यूपी के अंदर हर जिले में स्केल को स्किलिंग में बदलने के लिए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन डेवलप करने की जो कार्रवाई शुरू की है, उसका यहां भी एक मॉडल देखने को हमें मिला है। सीएम ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के साथ भी हम इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।  टीम यूपी की सराहना, उच्चायुक्त को धन्यवाद मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ सहित प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों की सराहना की, जो लगातार बैठकों में सक्रिय हैं। उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त और उनकी टीम का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म, लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, एमआरओ और स्किलिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सिंगापुर में हुए निवेश समझौते और प्राप्त प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेज गति से अग्रसर करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर में चली ब्रह्मोस’, योगी का संदेश- यूपी बनेगा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब

‘ऑपरेशन सिंदूर में जो ब्रह्मोस चली थी न…’, योगी का संदेश- डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग यूपी का नया ब्रांड सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो इवेंट में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के पहले दिन उन्होंने सिंगापुर में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया। CM योगी आदित्यनाथ ने मंच से एक ऐसी बात कही जिसने उत्तर प्रदेश की डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग के उद्देश्य को वैश्विक पटल पर स्पष्ट शब्दों में बयान किया।  CM योगी ने कहा- ‘ऑपरेशन सिंदूर के अंदर जो ब्रह्मोस मिसाइल दागी गई थी ना, वह लखनऊ की ही है।’ सिंगापुर की धरती पर योगी का यह एक वाक्य पूरी दुनिया के लिए संदेश है। यह भारत की रक्षा क्षमता, आत्मनिर्भरता और उत्तर प्रदेश के उभरते औद्योगिक सामर्थ्य का वैश्विक मंच पर प्रदर्शन भी था। उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र किया, उसने इस चर्चा को स्थानीय सीमाओं से निकालकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना दिया। ब्रांड यूपी की दबंग दस्तक आज के बदलते भू-राजनीतिक माहौल में रक्षा क्षेत्र केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह किसी भी राष्ट्र की तकनीकी क्षमता, आर्थिक ताकत और रणनीतिक प्रभाव का भी सूचक बन चुका है। ऐसे समय में, जब सिंगापुर में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइल अब लखनऊ में बन रही है, तो यह केवल एक वक्तव्य नहीं था, बल्कि ‘ब्रांड यूपी’ की दबंग दस्तक की स्प्ष्ट उद्घोषणा थी। ब्रह्मोस इसलिए है 'ब्रह्मास्त्र' ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को यूं ही ‘भारत का देसी ब्रह्मास्त्र’ नहीं कहा जाता। लगभग 3 मैक की रफ्तार से उड़ने वाली यह मिसाइल करीब 800 किलोमीटर की दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अचूक निशाना, हवा में मार्ग बदलने की क्षमता और दुश्मन के रडार को चकमा देने की तकनीक है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे खतरनाक और प्रभावी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में इसका जिक्र इस बात को रेखांकित करता है कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक देश नहीं रहा, बल्कि वह उन्नत हथियार प्रणालियों का निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। योगी आदित्यनाथ के बयान में जब यह कहा गया कि इस मिसाइल ने पाकिस्तान में आतंकियों और एयरबेस को नेस्तनाबूद कर दिया, तो यह संदेश भी स्पष्ट था कि भारत की सैन्य क्षमता अब निर्णायक और सटीक कार्रवाई करने में सक्षम है।  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जिक्र के मायने  इस पूरी चर्चा का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू उत्तर प्रदेश का डिफेंस कॉरिडोर है। योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में जिस तरह से यूपी के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर को प्रमोट किया, वह राज्य को रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है। छह नोड्स में विकसित हो रहा यह कॉरिडोर लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ जैसे शहरों को रक्षा उत्पादन के नक्शे पर ला रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह उस बदलाव का प्रतीक है जिसमें उत्तर प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल हब’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे न केवल निवेश आकर्षित होगा, बल्कि उच्च कौशल वाले रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।सिंगापुर में इस मुद्दे को उठाने के पीछे एक स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है।  सिंगापुर में ब्रह्मोस और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चर्चा के जरिए योगी आदित्यनाथ ने जहां भारत की सैन्य ताकत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का प्रयास किया, वहीं एमओयू के माध्यम से उन्होंने यह भी दिखाया कि उत्तर प्रदेश निवेश, विकास और रोजगार के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह ‘दबंग दस्तक’ केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि समग्र विकास की कहानी कहती है- जिसके मूल में ब्रह्मोस की रफ्तार के साथ-साथ तीव्र गति से हो रहा विकास भी समाहित है। सिंगापुर में इन्वेस्ट यूपी मेगा रोड शो इवेंट में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संबोधन मुझे प्रसन्नता है कि कल से अब तक हम लोगों ने यहां पर टेमासेक, GIC, USC, सेट्स, UBPN, GSS ग्रीन्स, शेपकोर, ब्लैकस्टोन इत्यादि संस्थाओं के चेयरमैन एंड CEOs के साथ हमारी बड़ी सार्थक चर्चा हुई है और अन्य बिजनेस लीडर के साथ भी अलग-अलग चरणों में हमारी यहां पर बातचीत हुई।  यह कल से लेकर के अब तक के इस बिजी शेड्यूल के बीच यह हमारे कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है जब पूरे सिंगापुर के आप सभी इंडस्ट्री लीडर्स के साथ में मुझे और मेरी टीम को संवाद करने का एक अवसर प्राप्त हो रहा है : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने सिंगापुर के शीर्ष नेताओं से मुलाकात, एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए निवेश का किया आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा का दूसरा दिन सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिले सीएम योगी एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए निवेश का दिया आमंत्रण सिंगापुर/लखनऊ अपने आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सिंगापुर के उप-प्रधानमंत्री एवं व्यापार और उद्योग मंत्री गान किम योंग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री और गृह मंत्री के. शनमुगम से मुलाकात की। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में हुई इन चर्चाओं का केंद्र उत्तर प्रदेश में शहरी नियोजन, आंतरिक सुरक्षा ढांचे और डिजिटल गवर्नेंस में सिंगापुर की विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रहा। औद्योगिक निवेश पर हुई चर्चा गान किम योंग के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के 'प्रो-बिजनेस' वातावरण पर जोर दिया। उन्होंने राज्य के विशाल लैंड बैंक और शीघ्र ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से मिलने वाली कनेक्टिविटी को रेखांकित किया। बैठक में दिल्ली एनसीआर में सिंगापुर की कंपनियों द्वारा औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जिसमें सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन मॉड्यूल पर विशेष फोकस रहा। सुरक्षा एवं प्रबंधन पर जोर के. शनमुगम के साथ संवाद में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में बेहतर होती कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर चर्चा की, जिसमें सिंगापुर के तकनीक-एकीकृत पुलिसिंग मॉडल और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया। इन बैठकों के दौरान उपस्थित सिंगापुर के कारोबारी समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्र वित्तीय कोषों और निजी निवेशकों को राज्य के लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि नियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली से उत्तर प्रदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरे होने की समय-सीमा में उल्लेखनीय कमी आई है।