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सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार

सिंगापुर के साथ यूपी की बड़ी रणनीतिक साझेदारी, इन्वेस्ट यूपी व एससीई के बीच एमओयू सीएम योगी के नेतृत्व में सिंगापुर में मिली बड़ी सफलता, सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के साथ हुआ करार संस्थागत क्षमता, नीतिगत ढांचे और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर साथ मिलकर करेंगे काम सिंगापुर/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी और सिंगापुर सरकार के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज (एससीई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता उत्तर प्रदेश में संस्थागत क्षमता व नीतिगत ढांचे को सुदृढ़ बनाने और इकोसिस्टम के विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। सतत विकास और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा पर फोकस एमओयू के तहत दोनों पक्ष विषयगत ज्ञान के आदान-प्रदान, तकनीकी सहयोग और परामर्श सेवाओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश में सतत आर्थिक विकास, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आधुनिक अवसंरचना के विकास को गति देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। इन क्षेत्रों में होगा सहयोग समझौते के अनुसार, दोनों पक्ष न सिर्फ स्टडी विजिट्स व लीडरशिप डेलिगेशन का आयोजन करेंगे, बल्कि ट्रेनिंग व कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रमों का खाका तैयार कर उसे लागू भी कराएंगे। इससे लोगों की कार्यक्षमता व कौशल, दोनों को बेहतर किया जा सकेगा। इसके अलावा सलाह व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, साथ मिलकर तकनीकी सहयोग की परियोजनाएं तैयार करना और उन्हें लागू करना, सरकारी व निजी क्षेत्र से जुड़े संबंधित लोगों व संस्थाओं का सहयोग हासिल करना भी एमओयू के प्रावधानों में शामिल है। आवश्यकता पड़ने पर विशिष्ट परियोजनाओं के लिए अलग से लिखित समझौते किए जाएंगे, जिनमें कार्यक्षेत्र, समयसीमा और वित्तीय प्रावधान स्पष्ट किए जाएंगे। दो माह के भीतर विस्तृत परियोजना समझौतों पर बातचीत शुरू की जाएगी और छह माह के भीतर उन्हें अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा।  वैश्विक अनुभव का मिलेगा लाभ इस साझेदारी से उत्तर प्रदेश को सिंगापुर के प्रशासनिक अनुभव, शहरी नियोजन, औद्योगिक क्लस्टर विकास, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुभव का लाभ मिलेगा। इस समझौते को उत्तर प्रदेश की वैश्विक सहभागिता और लॉन्ग टर्म विजन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी

सीएम के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन  जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी एआई सैट्स सीएम योगी के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन भी सफलताओं का सिलसिला जारी एविएशन सर्विस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू पर किए हस्ताक्षर जेवर एयरपोर्ट पर आधुनिक कार्गो कैंपस बनेगा और एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना होगी, जिससे नॉर्थ इंडिया के सभी एयरपोर्ट्स पर की जाएगी फूड सप्लाई सिंगापुर/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का एक और तोहफा मिला है। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी एआई सैट्स (AISATS) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और दूसरा विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर एआई सैट्स 4458 करोड़ रुपये निवेश करेगी।  जेवर एयरपोर्ट बनेगा नॉर्थ इंडिया का कार्गो हब एमओयू के अनुसार, एआई सैट्स जेवर एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी। यह कार्गो कैंपस न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कैंपस अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा। स्थापित की जाएगी अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन की स्थापना की जाएगी। यह किचेन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराएगा। विशेष बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर भी की जाएगी। इससे क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी तथा हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सिंगापुर दौरे का रणनीतिक महत्व मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेंगे।

फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति

लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में चलेंगी एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाएं फ्रैंकफर्ट में यूपी प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक, हेल्थ-टेक और एआई सहयोग पर बनी सहमति जर्मनी की टेक कंपनी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी डेटा गोपनीयता, स्थानीयकरण और राजस्व सृजन के अवसरों पर फोकस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में गए उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में टेक कंपनी इनोप्लेक्सेस एंड पार्टेक्स के सीईओ डॉ. गुंजन भारद्वाज से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और एआई-आधारित समाधानों के क्षेत्र में उन्नत सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. गुंजन भारद्वाज ने भारत में अपने संचालन विस्तार की योजनाएं साझा करते हुए बताया कि साझेदारी मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी है। साथ ही गोपनीयता-अनुपालन वाले स्वास्थ्य डेटा प्लेटफॉर्म विकसित करने और गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज में एआई-आधारित स्वास्थ्य परियोजनाओं का पायलट संचालन प्रस्तावित है। बैठक में कंप्यूटर सेंटर स्थापित करने, जीसीसी संचालन को मजबूत करने तथा चिकित्सा शिक्षा में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। प्रतिनिधिमंडल और डॉ. भारद्वाज के बीच कड़े डेटा गोपनीयता मानकों, डेटा स्थानीयकरण और सुशासन सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की डिलीवरी को डेटा-आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा सरकारी साझेदारी को विस्तार देने और संभावित राजस्व सृजन के तमाम मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन बैठक: निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष फोकस

फ्रैंकफर्ट में यूपी-हेसेन प्रतिनिधिमंडल की अहम बैठक में निवेश और द्विपक्षीय सहयोग पर जोर निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति और औद्योगिक क्षमताओं का हुआ प्रस्तुतिकरण दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के लिए बैठकों को लेकर बनी सहमति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में हेसेन राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। हेसेन की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य सचिव कैरिन मुलर ने किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और निवेश अवसरों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, जीसीसी तथा 660+ मेगावाट डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की मजबूत क्षमताओं को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता पर भी प्रकाश डाला गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारियों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक रुख दिखाया। साथ ही विशेषज्ञ स्तर की सहभागिता को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक राज्य स्तरीय सहयोग को मजबूत बनाने के लिए बैठकों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।

कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद

प्रदेश में पीएम-कुसुम सी2 से ऊर्जा सुधार को नई गति, 1708 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पीपीए कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से किसानों को दिन में बिजली, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार की उम्मीद कौशांबी और बिजनौर की पायलट परियोजनाएं बनीं मॉडल, सब्सिडी बोझ घटाने की दिशा में ठोस कदम लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार को नई मजबूती मिल रही है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए लागू प्रधानमंत्री कुसुम योजना (कंपोनेंट सी2) राज्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई और बिजली की विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराना, डीजल व परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करना और दिन के समय निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रदेश में अब तक लगभग 1708.1 मेगावाट क्षमता के लिए 581 पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) निष्पादित किए जा चुके हैं। इससे अनुमानित 3.67 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में नियमित बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि किसानों को सशक्त बनाने और प्रदेश को हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने का भी प्रभावी कदम है। 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक सहायता योजना के वित्तीय ढांचे के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तथा राज्य सरकार 50 लाख रुपये प्रति मेगावाट की पूंजीगत सहायता दे रही है। इस प्रकार कुल सहायता लगभग 1.55 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट तक पहुंच रही है। इससे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। कौशांबी और बिजनौर जिलों में स्थापित लगभग 3.3 मेगावाट की पायलट परियोजनाएं राज्य में व्यापक क्रियान्वयन के लिए मॉडल के रूप में देखी जा रहीं हैं। इन परियोजनाओं से प्राप्त अनुभव के आधार पर अन्य जिलों में भी सौर ऊर्जा कार्य को गति दी जा रही है। वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सकारात्मक सुधार की उम्मीद प्रधानमंत्री कुसुम सी2 के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन से विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की वित्तीय स्थिति में मध्यम अवधि में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के कारण डिस्कॉम पर उच्च सब्सिडी भार रहता है। स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन से पावर अनुरक्षण लागत घट सकती है और दिन के समय महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता कम हो सकती है।  ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एटी&सी लॉस में कमी, कैश फ्लो में सुधार और ऊर्जा लेखांकन की पारदर्शिता बढ़ने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। यदि बैंकिंग प्रक्रियाएं सरल हों, भुगतान सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए और परियोजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावी ढंग से हो, तो कुसुम सी2 उत्तर प्रदेश में कृषि बिजली आपूर्ति सुधार और बिजली सब्सिडी के दीर्घकालिक बोझ को कम करने का मजबूत माध्यम सिद्ध हो सकता है।

सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय

सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है” सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय सीएम को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर संबोधित किया एक महिला ने, कहा अब यूपी में रात में बिना सारे निकल सकती हैं महिलाएं सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों ने गणपति वंदना पर प्रस्तुत किया मनोहारी नृत्य, सीएम ने की मुक्त कंठ से सराहना सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर में अपने बीच देखकर प्रवासी भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह छा गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच कार्यक्रम स्थल पर लगातार तालियां बजती रहीं। “योगी हैं तो यूपी है” की गूंज पूरे वातावरण में ऊर्जा भर रही थी। कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम योगी को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर बुलाया तो पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। आयोजन में एक बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी, जिस पर सीएम योगी ने अपना ऑटोग्राफ देकर उसके चेहरे पर मुस्कान ला दी।  कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रही भारतीय मूल की स्वाति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खुद को उत्तर प्रदेश और सीएम योगी आदित्यनाथ की बहन बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनकर वह प्रेरित हुईं। स्वाति ने कहा, “जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है, बन चुकी है। मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से मुख्यमंत्री को 'भैया' कहती हूं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिला है। अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं। अपराधियों में कानून का भय है।" स्वाति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए नारा दिया कि योगी हैं तो यूपी है और संस्कृत में कहा, “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम”। सिंगापुर में आयोजित यह संवाद प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बढ़ते संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश देता नजर आया। जब मुख्यमंत्री मंच पर थे उस समय एक बच्ची उनका स्केच लेकर वहां पहुंची, सीएम योगी ने उस स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया, जिसके बाद बच्ची बेहद प्रसन्न नजर आई। एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) भी बांधा। इस अवसर पर सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने मुक्तकंठ से सराहना की। स्कूल के संस्थापक ने कहा "आपमें हमें हमारे श्रद्धेय पहले प्रधानमंत्री और सिंगापुर के संस्थापक श्री ली क्वान यू की प्रतिछाया प्रतीत हो रही है।"    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शास्त्रीय विधा को यहां पर इन बच्चों ने गणपति वंदना के माध्यम से बड़े ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लग रही है, उन स्थितियों में भारत से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर में रहकर भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए उन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।

सिंगापुर में CM योगी ने दिग्गज उद्योगपति से की मुलाकात, निवेश को लेकर की महत्वपूर्ण बातचीत

लखनऊ /सिंगापुर     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर पहुंचते ही वहां के दिग्गज उद्योगपति टेमासेक के चेयरमैन टीओ ची हियान और उनकी टीम से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना था. टेमासेक के चेयरमैन से चर्चा के दौरान सीएम ने यूपी में संप्रभु निवेश भागीदारी पर बात की, जिसमें डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, रिन्यूएबल एनर्जी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जैसे क्षेत्र शामिल हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य के मजबूत नीतिगत ढांचे और फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी. ये बैठक वैश्विक निवेशकों को यूपी की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. योगी आदित्यनाथ ने अपनी इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज सिंगापुर में टेमासेक के चेयरमैन तेओ ची हीन और उनकी टीम के साथ उत्पादक बैठक हुई. उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में संप्रभु निवेश भागीदारी के अवसरों पर चर्चा हुई. वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य की नीति ढांचे और फास्ट ट्रैक क्लीयरेंस पर प्रकाश डाला.' इसके अलावा योगी ने सिंगापुर में जीआईसी के सीईओ लिम चो किआट और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर,  लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल पार्क और शहरी विकास परियोजनाओं जैसी दीर्घकालिक संस्थागत निवेश के मौकों का पता लगाया गया है.  साथ ही सीएम ने यूपी में जीआईसी की मौजूदा साझेदारियों का भी जमकर सराहना की, जिसमें गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना में आईआरबी के साथ साझेदारी और राज्य में ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है. सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं जो 22 से 24 फरवरी तक चलेगी. इस यात्रा का उद्देश्य आर्थिक सहयोग को गहरा करना हैं. योगी सिंगापुर में दिग्गज उद्योगपतियों के अलावा सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगे.

योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान

अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान युवाओं को रोजगार, महिलाएं आत्मनिर्भर,  समावेशी विकास से जिले ने लगाई तरक्की की छलांग शाहजहांपुर  यह वह जिला है जहां के क्रांतिकारी सरफरोशी की तमन्ना लेकर आजादी की लड़ाई में कूदे थे लेकिन वही आजादी मिलने के बाद हुक्मरानों ने इसे पूरी तरह भुला दिया। यह जिला उसके बाद उम्मीदें पालता रहा और निराश होता रहा। लेकिन, अब इस जिले के पास अपनी पहचान के लिए बहुत कुछ है। पिछले नौ सालों में इसने एक मेडिकल कालेज पाया है, इसका अपना एक विश्वविद्यालय होने जा रहा है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं और जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भर रहा है। इन सबसे ऊपर है गंगा एक्सप्रेस वे जो पूरे जिले में विकास की नई गाथा लेकर आया है।  जी हां, यह शाहजहांपुर है जो अब परिवर्तन की कहानी का प्रतीक है, सुरक्षा और सुशासन से आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे योगी आदित्यनाथ सरकार की वह दृढ़ इच्छाशक्ति है जिसने इस जिले का कायापलट कर दिया। अब बातें उनकी जो नई पहचान हैं। जिले का विख्यात और प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यहां के छात्र और छात्राएं बहुत उत्साहित हैं। इसी कालेज से एमए करने वाली निशा कहती हैं-‘पहले हमें उच्च शिक्षा के लिए बरेली या लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यूनिवर्सिटी बन जाने से यहीं सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। यह यहां की बड़ी उपलब्धि है। मां-बाप अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सशंकित नहीं रहेंगे। आज हम बिना भय के शहर में कहीं भी आ जा सकते हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था।’ राजनीति विज्ञान से एम.ए. करने वाले उपेंद्र सिंह कहते हैं-‘योगी सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जितना कर रही है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है। शाहजहांपुर को यूनिवर्सिटी मिलने से हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है।’  जरी जरदोजी ने तो यहां के कारीगरों को जैसे जीवनदान दे दिया है। योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बन गई। ये कला लगभग विलुप्त हो चुकी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इसको दोबारा जीवित किया। इस व्यवसाय से जुड़े मोहम्मद यासीन खान बताते हैं- ‘उनका परिवार कढ़ाई की इस कला से काफी अरसे से जुड़ा है लेकिन मांग कम होने के कारण हताश हो गए थे। लेकिन योगी सरकार ने ओडीओपी के माध्यम से इस कला और हमारे जैसे कारीगरों को जीवनदान दिया है। आज हमारे इस उत्पाद की मांग न केवल देश में है बल्कि दुबई और सऊदी अरब से भी डिमांड आ रही है। पहले हमारे पास 4-5 कारीगर थे अब 50 कारीगर काम कर रहे हैं। हम लोग डिमांड नहीं पूरी कर पा रहे हैं। हमारी कमाई भी सात से आठ गुना बढ़ गई है। यासीन कहते हैं-‘इस सरकार ने वास्तव में पुरानी कलाओं को उसका गौरव वापस किया है। हमारे यहां के कारीगर भी अब हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा लेते हैं।’   सरफरोशी की तमन्ना रखने वाले आजादी की लड़ाई के रणबांकुरे पं. राम प्रसाद बिस्मिल को असली सम्मान अब हासिल हुआ है। योगी सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। करोड़ों की लागत से लैब का निर्माण किया गया है। यहां पर राज्य के छात्र तो एमबीबीएस की डिग्री हासिल ही कर रहे हैं बल्कि दूसरे राज्यों के भी छात्र यहां से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बताते हैं-‘100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को अब दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ता। बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज यहां उपलब्ध है।’  शाहजहांपुर के पास आज वो हर सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर हैं जो एक मॉडर्न सिटी के पास होनी चाहिए। जिले से गंगा एक्सप्रेस वे जुड़ रहा है जो यहां के लोगों की पहुंच को आसान बना रहा है। औद्योगिक गलियारा का विकास तेजी से हो रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य फैक्ट्रियों में हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी सुनीता पांडे बताती हैं-‘विश्वकर्मा योजना की वजह से ही आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और स्वावलंबी बनकर अपने परिवार का सहारा बनी हूं।’ सरकार ने सुनीता जैसी अनेक महिलाओं को दर्जी के काम में प्रयोग होने वाला किट दिया है। ड्रोन दीदी के रूप में भी महिलाएं खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव करके बढ़िया धनार्जन कर रही हैं। है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताते हैं-‘जिले में लॉ एंड ऑर्डर का विशेष ध्यान रखा गया है। जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन 24 घंटे एक्शन मोड में रहता है‘’ यही वजह है कि शाहजहांपुर अब विकास की दौड़ में तेजी से फर्राटे भर रहा है। गन्ना और आलू किसानों की परेशानी के दिन बीत चुके हैं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी सीएम ने

अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का किया वितरण मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी सीएम ने सीएम ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो का किया शिलान्यास लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापनाः सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। सीएम योगी ने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।  460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंचे, बिचौलियों की भूमिका समाप्त  सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।  डीएम को निर्देश- कल तक हर हाल में खाते में पहुंच जाए पैसा  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो जरूरत पर रिटर्न भी मिलता है। आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था, उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार, सह किसान कवर नहीं होते थे। हमारी सरकार में 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान या उसके परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसानों, सह किसानों, पारिवारिक सदस्यों, बटाईदारों आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए।  आपदा मित्रों को मिला तीन साल तक पांच लाख का बीमा कवर सीएम योगी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने इस संबंध में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट,  आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी आगे बढ़ाया जाएगा।  हमारा प्रयास- आपदा के 24 घंटे के भीतर पीड़ितों के खाते में पहुंच जाए पैसा  सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपये, किसी के खाते में चार रुपये आए थे। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़, मकान क्षति के 27448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपये सरकार वितरित कर चुकी है।  लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना  सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।  इस अवसर पर में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (कृषि) रवींद्र कुमार, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू आदि की मौजूदगी रही। होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्र को … Read more

बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी

नेचुरल फॉर्मिंग हब बन रहा यूपी प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब तक 94,300 हेक्टेयर तक पहुंची नेचुरल फॉर्मिंग, योगी सरकार 298 करोड़ रुपये से करेगी विस्तार बुंदेलखंड पर विशेष फोकस, सातों जिलों में जलधारण क्षमता बढ़ने से खेती अधिक टिकाऊ बनेगी और लागत घटेगी जीवामृत और घनजीवामृत के उपयोग से रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी अन्नदाता को 'आरोग्यदाता' बनाएगी योगी सरकार लखनऊ  उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। सक्रिय रणनीति बनाकर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। यह जल्द ही एक लाख हेक्टेयर तक पहुंचने वाला है। इस व्यापक अभियान में बुंदेलखंड पर फोकस रखा गया है, जहां विशेष कार्यक्रम के जरिए इसे सफल मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार रासायनिक निर्भरता कम कर टिकाऊ कृषि व्यवस्था स्थापित करने के लिए नेचुरल फार्मिंग पर विशेष जोर दे रही है। बुंदेलखंड में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में गो-आधारित प्राकृतिक खेती योगी सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जनपदों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र पर गो-आधारित प्राकृतिक खेती का विशेष कार्यक्रम शुरू किया है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर योगी सरकार कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। योगी सरकार के फोकस में कम लागत, ज्यादा लाभ वाले कृषि मॉडल जीवामृत और घनजीवामृत के प्रयोग से रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटेगी। इससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता मजबूत होगा। योगी सरकार का फोकस 'कम लागत, ज्यादा लाभ' वाले कृषि मॉडल पर है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए वरदान गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की संरचना सुधरती है और जलधारण क्षमता बढ़ती है। बुंदेलखंड के साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में यह पहल खेती को अधिक टिकाऊ बनाएगी। यह कदम क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। प्रशिक्षण से किसानों का सशक्तिकरण योगी सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। इससे प्राकृतिक कृषि प्रणाली को मुख्यधारा में लाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। स्वास्थ्य, पर्यावरण और आय पर सकारात्मक असर प्राकृतिक उत्पादों की ब्रांडिंग और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के प्रसार से किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की दूरदर्शी नीति के चलते उत्तर प्रदेश प्राकृतिक खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें बुंदेलखंड परिवर्तन का अग्रदूत बनकर उभर रहा है।