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मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में गांधी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

राष्ट्रपिता की पुण्य तिथि पर सीएम योगी ने बापू को किया नमन मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में गांधी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण श्रद्धा से भरे वातावरण में मुख्यमंत्री ने कुछ क्षण मौन रहकर राष्ट्रपिता को दी श्रृद्धांजलि मुख्यमंत्री ने किया आमजन से बापू के आदर्शों को अपनाने का आह्वान लखनऊ  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के जीपीओ पार्क में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धा व सम्मान के वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को नमन किया। इसके बाद कुछ क्षण मौन रहकर उन्होंने राष्ट्रपिता को स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर भी बापू को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए आमजन से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।  भजनों से गूंजा कार्यक्रम स्थल श्रद्धांजलि समारोह के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। ‘रघुपति राघव राजाराम’ सहित अन्य भजनों की मधुर धुनों से जीपीओ पार्क गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एकाग्रता के साथ लगभग 15 मिनट तक बैठकर भजनों को सुना। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की, बल्कि गांधी प्रतिमा के समक्ष सभी स्कूली बच्चों के साथ फोटो भी खिंचाई। सत्य और अहिंसा का संदेश इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर बापू को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। श्रद्धेय बापू का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा, संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेगी। आइए, बापू के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दें।' कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रपिता के चित्र व प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अलख पांडेय, डॉ. हरिओम पंवार, सुश्री रश्मि आर्य और डॉ. सुधांशु सिंह को भी मिलेगा यूपी गौरव सम्मान-2026

यूपी दिवस-2026 पर प्रदेश की 5 विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान, अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला होंगे सम्मानित अलख पांडेय, डॉ. हरिओम पंवार, सुश्री रश्मि आर्य और डॉ. सुधांशु सिंह को भी मिलेगा यूपी गौरव सम्मान-2026 शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण व अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में यूपी का नाम रोशन करने वाली 5 विभूतियों को मिलेगा गौरव सम्मान लखनऊ  उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के मुख्य समारोह का आयोजन इस वर्ष राजधानी लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस भव्य समारोह का उद्घाटन शनिवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली पांच विशिष्ट विभूतियों को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष जिन विभूतियों को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा, उनमें अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्व शामिल हैं। अंतरिक्ष विज्ञान में ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए शुभांशु शुक्ला सम्मानित गौरव सम्मान 2025-26 से सम्मानित होने वाली विभूतियों में राजधानी लखनऊ निवासी अंतरिक्षयात्री एवं भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला ने 26 जून 2025 को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान द्वारा प्रक्षेपण के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर पहुंचकर इतिहास रचा। वे आईएसएस पर कदम रखने वाले पहले भारतीय अंतरिक्षयात्री बने। हालांकि, अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीयों में वे राकेश शर्मा के बाद दूसरे भारतीय हैं। उनकी यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली है। शिक्षा में क्रांति लाने वाले अलख पांडेय को गौरव सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले प्रयागराज निवासी अलख पांडेय को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। अलख पांडेय ने वर्ष 2016 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ‘फिजिक्स वाला’ यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। वर्ष 2020 में लॉन्च किए गए इसी नाम के ऐप ने किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर करोड़ों छात्रों को लाभान्वित किया। वर्ष 2022 में उनकी कंपनी भारत की छठी एडटेक यूनिकॉर्न बनी। 10 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर वाले इस प्लेटफॉर्म ने शिक्षा को अधिक समावेशी और लोकतांत्रिक बनाया है। उन्हें शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार, टाइम्स 40 अंडर 40 और एडटेक सीईओ ऑफ द ईयर जैसे कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए डॉ. हरिओम पंवार होंगे सम्मानित साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बुलंदशहर के बुटना गांव में जन्मे डॉ. हरिओम पंवार इस वर्ष यूपी गौरव सम्मान प्राप्त करने वाली तीसरी विभूति हैं। मेरठ महाविद्यालय में विधि के प्रोफेसर रहे डॉ. पंवार की कविताएं ‘काला धन’, ‘घाटी के दिल की धड़कन’, ‘मैं मरते लोकतंत्र का बयान हूं’ और ‘बागी हैं हम, इंकलाब के गीत सुनाते जाएंगे’ समाज को जाग्रत करने वाली रचनाएं हैं। उन्हें निराला पुरस्कार, भारतीय साहित्य संगम पुरस्कार, रश्मि पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उनकी साहित्यिक कृतियों से होने वाली आय का उपयोग गरीब बच्चों की शिक्षा और वंचित वर्ग के कल्याण में किया जाता है। महिला सशक्तिकरण के लिए रश्मि आर्य को सम्मान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मेरठ के नारंगपुर में 22 अक्टूबर 2007 को श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना करने वाली रश्मि आर्य को गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनका गुरुकुल वैदिक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का सुंदर समन्वय है। यहां संस्कृत, वैदिक शिक्षा, हवन, संगीत के साथ-साथ इंग्लिश स्पीकिंग और कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाती है। गुरुकुल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं, गीता-अष्टाध्यायी प्रतियोगिताओं, योग, धनुर्विद्या और जंप रोप में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में यहां 600 से अधिक जरूरतमंद बच्चियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। कृषि विज्ञान में वैश्विक पहचान के लिए डॉ. सुधांशु सिंह होंगे सम्मानित कृषि क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए वाराणसी निवासी डॉ. सुधांशु सिंह को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या से स्वर्ण पदक के साथ कृषि में स्नातक किया तथा फिलीपींस के आईआरआरआई से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। फ्लड-टॉलरेंट सब-1 चावल पर उनके शोध ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वर्तमान में वे आईएसएआरसी, वाराणसी के निदेशक हैं और बीएमजीएफ, वर्ल्ड बैंक तथा यूएसएआईडी जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर चुके हैं। 29 वर्षों के अनुभव में उन्होंने सस्टेनेबल एग्रीकल्चर को नई दिशा दी है। प्रदेश की प्रतिभा और प्रेरणा का प्रतीक है यूपी गौरव सम्मान उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान संस्कृति विभाग द्वारा उन विभूतियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने कला, कृषि, विज्ञान, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता, खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। ये पांचों सम्मानित व्यक्तित्व उत्तर प्रदेश की बहुआयामी प्रतिभा के प्रतीक हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। यूपी दिवस-2026 के अवसर पर इनकी उपलब्धियां पूरे प्रदेश में गर्व, प्रेरणा और उत्साह का संचार करेंगी।

महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के हालचाल जानने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास महाराज का जाना हालचाल मुख्यमंत्री ने मेदांता अस्पताल, लखनऊ में भर्ती राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष से भेंट कर की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर अयोध्या के राम जन्मभूमि न्यास एवं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष, परम पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से महाराज जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके उपचार की प्रगति के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महाराज जी के करीबियों एवं ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से भी संवाद किया। चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री को महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के स्वास्थ्य की सम्पूर्ण जानकारी दी और उनको दिए जा रहे चिकित्सीय उपचार से अवगत कराया।

सीएम योगी बोले, युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों में समाज ने स्वीकार किया नागरिक सुरक्षा संगठन का अहम योगदान

मॉक ड्रिल प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: सीएम योगी  – सीएम योगी पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल में हुए शामिल – बोले, युद्ध, आपदा, दुर्घटना और बड़े आयोजनों में समाज ने स्वीकार किया नागरिक सुरक्षा संगठन का अहम योगदान  – हर कार्य के लिए सरकार पर निर्भर रहना उचित नहीं, स्वयंसेवकों की भागीदारी से बढ़ेगी कार्यक्षमता – वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया चल रही, आवश्यक होने पर आपदा मित्र के रूप में किया जाएगा प्रशिक्षित  लखनऊ, देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आज भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता आंदोलन के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाई जा रही है। इसी अवसर पर नेताजी के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश नागरिक सुरक्षा संगठन की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह शानदार मॉक ड्रिल प्रदेश को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जयंती पर आपातकालीन स्थिति में बचाव एवं जागरूकता के लिए आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान कही।  हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने स्वीकार किया  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘नेशन फर्स्ट’ का भाव नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी के आंदोलन के दौरान देश को दिया था। उसी भावना के अनुरूप उन्होंने भारत की स्वाधीनता के लिए आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। भारत की नारी शक्ति की सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड का गठन कर देश को उस समय ही महिला शक्ति की ताकत से अवगत कराया था। भारत के अंदर हो या विदेश में, जहां-जहां नेताजी रहे, उन्होंने भारत की आज़ादी के लिए जो योगदान दिया, हर भारतवासी उसके प्रति कृतज्ञ है और एक राष्ट्रनायक के रूप में उन्हें सम्मान देता है। सीएम ने कहा कि आज का यह मॉक ड्रिल हम सभी को सम और विषम परिस्थितियों के प्रति हमेशा तैयार रहने की प्रेरणा देता है। युद्धकाल हो या शांति काल, आपदा हो या आकस्मिक दुर्घटना हर स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका को समाज ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है। इसी महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सभी 75 जनपदों में नागरिक सुरक्षा संगठन का गठन किया गया। सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा संगठन को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब सभी 75 जिलों में भर्ती की प्रक्रिया पूर्णता की ओर बढ़ रही है। साइरन लग चुके हैं और इस तरह के मॉक ड्रिल कार्यक्रम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में हर काम के लिए सरकार पर निर्भर रहना किसी स्वावलंबी समाज का गुण नहीं हो सकता। स्वावलंबन की पहली शर्त यही है कि हम अपने देश और समाज के प्रति भी सोचें और सरकार के साथ मिलकर ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाएं, जिससे कार्यों की गति कई गुना बढ़ सके। इसी सोच के साथ नागरिक सुरक्षा संगठन से जुड़े स्वयंसेवकों के माध्यम से यह अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है और आज 75 जिलों में मॉक ड्रिल हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि अब नागरिक सुरक्षा संगठन केवल शांति काल में पर्व और त्योहारों तक सीमित नहीं है। पर्व-त्योहार, बाढ़ या अन्य आपदा, कोई घटना-दुर्घटना, बड़े आयोजन में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करना या फिर यदि देश पर दुश्मन द्वारा युद्ध थोपा गया हो तो युद्धकाल में समाज की व्यवस्था संभालने, हर परिस्थिति में नागरिक सुरक्षा संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से यह क्षमता आज प्रस्तुत की गई है। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है और इसे निरंतर हमारी प्रैक्टिस का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें युद्ध के साथ-साथ आपदा प्रबंधन के लिए, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और यदि दुर्घटना हो जाए तो पीड़ित को समय पर उपचार दिलाने के लिए निरंतर अभ्यास करना होगा। पीड़ित का जीवन अमूल्य है और ‘गोल्डन आवर’ की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास आगे बढ़ाना होगा। प्रदेश में एसडीआरएफ के माध्यम से ‘आपदा मित्रों’ की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। आपदा मित्र के रूप में जो स्वयंसेवक कार्य करेंगे, उन्हें उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी। वर्तमान में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और आवश्यक होने पर उन्हें आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में होमगार्ड स्वयंसेवक मौके पर राहत कार्यों में बड़ा सहयोग कर सकता है और हम सबको इनके महत्व के प्रति जागरूक रहना चाहिए। आज के समय में विकास तीव्र गति से बढ़ रहा है, टूरिज्म तेजी से बढ़ा है और इंफ्रास्ट्रक्चर अत्याधुनिक हुआ है। ऐसे में हाईराइज बिल्डिंग में यदि कहीं अग्निकांड जैसी घटना हो जाए, तो नागरिक सुरक्षा संगठन या आपदा मित्र फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कैसे योगदान दे सकते हैं, इसके लिए नियमित मॉक ड्रिल जरूरी है। केवल संकट पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, सामान्य जीवन में भी हमेशा तैयार रहना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है तो एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के पहुंचने से पहले नागरिक सुरक्षा संगठन प्रशासन की मदद के लिए खड़ा हो जाए, तो समाज के सहयोग से जनहानि और धनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। इसे नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल संकट आने पर तैयार रहना पर्याप्त नहीं, बल्कि सामान्य जीवन में भी हमेशा इसके लिए तैयार रहना होगा, तभी सफलता मिलेगी।    इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. नीरज बोरा, डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, … Read more

3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड

त्रिवेणी के तट पर लगे माघ मेले का बसंत पंचमी स्नान पर्व सकुशल संपन्न 3.56 करोड़  श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, दशकों का टूटा रिकॉर्ड सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से श्रद्धालुओं में ऊर्जा का संचार माघ मेले में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं पुण्य की डुबकी महाकुंभ 2025 की बसंत पंचमी स्नान पर्व से ज्यादा माघ मेले की बसंत पंचमी में हुआ स्नान पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सहित सभी प्रमुख संतों ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी कल्पवासी और किन्नर अखाड़े के संतों ने भी किया बसंत पंचमी का स्नान सीएम योगी ने दी श्रद्धालुओं को बधाई, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करने की माँ गंगा से की प्रार्थना प्रयागराज  प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बसंत पंचमी स्नान पर्व का आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। बसंत पंचमी स्नान पर्व में 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था से माघ मेले में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व बसंत पंचमी पर त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि बसंत पंचमी में पुण्य स्नान के इस आंकड़े ने महाकुंभ 2025 की श्रद्धालुओं की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है। उनका यह भी कहना है कि माघ मेला 2026 में अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं। संगम के घाटों पर उमड़ी आस्था की इस लहर से सरकार एवं प्रशासन की अभूतपूर्व व्यवस्था का पता चलता है। शंकराचार्य सहित प्रमुख संतो ने भी किया पुण्य स्नान माघ मेला के चौथे स्नान पर्व  पर कल्पवासियों सहित मेला क्षेत्र में साधना रत सभी प्रमुख संतों और धर्माचार्यों ने पुण्य की डुबकी लगाई। पूर्वाम्नाय श्री गोवर्द्धनमठ – पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती अपने शिष्यों के साथ त्रिवेणी तट पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान से पैदल चलकर संगम नोज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पूरी सादगी और आस्था के साथ मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में पुण्य स्नान किया। इसके अलावा सभी दंडी स्वामी संतो, रामानंदी और रामानुजाचारी संतों ने भी बसंत पंचमी में गंगा और त्रिवेणी में पुण्य डुबकी लगाई। किन्नर अखाड़े के सदस्य भी पूरे उत्साह और भक्ति के साथ संगम तट पहुंचे और बसंत पंचमी का पुण्य स्नान किया।  सीएम योगी ने श्रद्धालुओं को दी बधाई माघ मेले के बसंत पंचमी स्नान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संगम में स्नान करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी है। सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज तीर्थराज प्रयाग में त्रिवेणी में पुण्य स्नान का सौभाग्य प्राप्त कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई। पावन संगम में 'आस्था की डुबकी' सभी के लिए शुभ-फलदायी हो, सबकी मनोकामनाएं पूर्ण हों, माँ गंगा से यही प्रार्थना है।

यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान

सीएम युवा योजना में जौनपुर अव्वल, सीएम योगी करेंगे सम्मानित यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान जौनपुर में सर्वाधिक 3,315 युवाओं को दिया गया सीएम युवा योजना का लाभ दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई लखनऊ  सीएम युवा योजना का लाभ शत-प्रतिशत देने में पिछले कई माह से पूरे उत्तर प्रदेश में जौनपुर प्रथम स्थान पर है, जबकि 22 जनवरी तक दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी दिवस के अवसर पर सीएम युवा योजना का सबसे अधिक लाभ देने वाले जौनपुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश भर में करीब साढ़े तीन लाख आवेदन आ चुके हैं, जबकि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख लोन वितरण का लक्ष्य रखा है। साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वे इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक पूरे प्रदेश से 3,34,337 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि 2,81,277 आवेदनों को बैंकों को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 1,06,772 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है, जबकि 1,03,353 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है। जौनपुर ने 3,315 युवाओं को किया लोन वितरित मुख्यमंत्री युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले को अभियान के तहत 2,500 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 8,240 आवेदन प्राप्त हुए,  जिसमें 7,033 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया। इनमें से 3,315 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष लोन वितरण का अनुपात 132 प्रतिशत से अधिक है। पूरे प्रदेश में जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक युवाओं को योजना का लाभ देकर पहला स्थान प्राप्त किया है। सीएम योगी यूपी दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जौनपुर जिले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ   आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा को देने के लिए लगातार ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स व आवेदकों की आमने-सामने काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। 22 जनवरी तक योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में आजमगढ़ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,500 लोन वितरण का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 7,315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,253 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया, जिसमें से 3,219 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्यप्राप्ति का अनुपात 128.76 प्रतिशत रहा।  हरदोई, अंबेडकरनगर, झांसी, कौशांबी, बहराइच व रायबरेली का भी रहा शानदार प्रदर्शन हरदोई जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि विशेष अभियान चला कर मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,800  लोन वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 10,930 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 8,449 आवेदनों को बैंक को भेजा गया,  जिसमें से 2,628 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा अंबेडकरनगर ने चौथा और झांसी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में कौशांबी, बहराइच, रायबरेली और महराजगंज का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल

सरलीकृत नीतियों व तेज फैसलों से योगी सरकार ने कारोबार के लिए आसान बनाया उत्तर प्रदेश एकल खिड़की प्रणाली और डिजिटल प्रक्रियाओं से उद्यमियों को मिला भरोसेमंद माहौल नियमों की जटिलता से मुक्ति दिलाकर निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ सुधारों से उद्योगों को मिला समय, संसाधन और आत्मविश्वास पारदर्शी शासन और जवाबदेह प्रणाली ने निवेशकों का भरोसा किया मजबूत नीति निर्माण से लेकर जमीन पर क्रियान्वयन तक दिखा सरकार का प्रो-एक्टिव अप्रोच व्यवसाय के अनुकूल माहौल से रोजगार सृजन को मिली नई रफ्तार, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित समाधान बने कारोबार की रीढ़ स्थिर नीति, सुरक्षित वातावरण और आसान प्रक्रियाएं बनीं यूपी की नई पहचान लखनऊ  एक समय था जब उत्तर प्रदेश में कारोबार शुरू करने का विचार आते ही फाइलों के अंबार, जटिल नियम और विभागों के चक्कर आंखों के सामने आ जाते थे। निवेशक संभावनाएं देखते थे, लेकिन प्रक्रियाओं की जटिलता उन्हें रोक देती थी। आज वही उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की मिसाल बनकर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुनियोजित, निर्णायक व निरंतर सुधारों का परिणाम है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सुधारों से आता है। इसी सोच के साथ व्यापारिक वातावरण को सरल, पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने की यात्रा शुरू हुई। 12वें पायदान से देश के शीर्ष राज्यों तक ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग इस बदलाव की सबसे ठोस गवाही देती है। वर्ष 2017-18 में बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (बीआरएपी) की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 12वें स्थान पर था। लेकिन सुधारों की रफ्तार इतनी तेज रही कि वर्ष 2019 में प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। वर्ष 2021 के गुड गवर्नेस इंडेक्स में वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर यह साबित किया कि सुधार केवल कागज़ों तक सीमित नहीं। इसके बाद 2022 और 2024 में उत्तर प्रदेश को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला। लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी 2022, 2023 और 2024 में राज्य ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा।  सुधारों की लिखी गई नई इबारत बीआरएपी 2024 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को तीन अहम क्षेत्रों, उद्यम स्थापना, श्रम विनियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और भूमि प्रशासन में ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया। यह मान्यता उस नीति का परिणाम है, जिसमें सरकार ने औद्योगिक अवरोधों को पहचान कर उन्हें दूर करने पर फोकस किया। वर्ष 2024 के बाद बीआरएपी व बीआरएपी-प्लस  के तहत सरकार ने 24 क्षेत्रों में 426 बड़े सुधार लागू किए। उद्यम स्थापना से लेकर भूमि सुधार, श्रम पंजीकरण, पर्यावरण स्वीकृतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निर्माण अनुमति तक हर चरण को सरल और समयबद्ध बनाया गया। निवेश मित्र एक पोर्टल, अनगिनत समाधान इन सुधारों की धुरी बना ‘निवेश मित्र’, भारत के सबसे बड़े डिजिटल सिंगल विंडो पोर्टल्स में एक। इस पोर्टल के माध्यम से उद्यमियों को 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पोर्टल नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से भी एकीकृत है, जिससे राज्य और केंद्र की प्रक्रियाएं एक-दूसरे से जुड़ गई हैं। निवेश मित्र की सबसे बड़ी सफलता इसकी दक्षता है। लाइसेंस से जुड़े आवेदनों में 97 प्रतिशत से अधिक निस्तारण दर और अब तक 20 लाख से अधिक डिजिटल स्वीकृतियां, ये आंकड़े बताते हैं कि सिस्टम केवल मौजूद नहीं है, बल्कि काम भी कर रहा है। मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की जमीन पर तस्वीर योगी सरकार ने तय किया कि लाइसेंस व स्वीकृतियों के लिए कोई भी भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं होगा। सभी आवेदन केवल निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ही लिए जाएंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप व भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुईं। यूजर फीडबैक के अनुसार, निवेश मित्र से जुड़े 96 प्रतिशत उपयोगकर्ता संतुष्ट हैं। यह डिजिटल गवर्नेंस में जनता के भरोसे का प्रमाण है। ‘निवेश मित्र 3.0’ के जरिए भविष्य की तैयारी सरकार यहीं नहीं रुकी है। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने के लिए ‘निवेश मित्र 3.0’ विकसित किया जा रहा है। यह नया संस्करण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्मार्ट डैशबोर्ड से लैस होगा, जिसमें रियल-टाइम डेटा एनालिसिस, शिकायत निवारण और व्हाट्सएप, ईमेल व ऐप के जरिए त्वरित सूचना व्यवस्था शामिल होगी। ‘निवेश मित्र 3.0’ को आईजीआरएस, निवेश सारथी, ओआईएमएस, इंडिया इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड ‘दर्पण’ से जोड़ा जाएगा, जिससे एकीकृत और अत्यंत कुशल डिजिटल इकोसिस्टम तैयार होगा। नियम कम, भरोसा ज्यादा नियामक अनुपालनों को सरल करना योगी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लगभग 65 विभागों में 4,675 नियामक अनुपालनों को कम किया गया, 4,098 को सरल व डिजिटल किया गया। 577 अनुपालनों को अपराधमुक्त किया गया और 948 पुराने अधिनियमों, नियमों-विनियमों को निरस्त कर दिया गया। अब उत्तर प्रदेश में व्यापार के लिए उप्र दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम-1962 के तहत पंजीकरण ही पर्याप्त है। ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण की आवश्यकता भी खत्म कर दी गई है। कारोबार में डर नहीं, विश्वास का माहौल अग्निशमन, श्रम, परिवहन और विधिक माप विज्ञान विभागों के तहत कई अपराधों को डिक्रिमिनलाइज कर दिया गया है। औद्योगिक शांति अधिनियम के अंतर्गत कारावास के प्रावधान को हटाना सरकार के विश्वास और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। आज उत्तर प्रदेश सिर्फ जनसंख्या या भूगोल के कारण नहीं, बल्कि स्थिर नीतियों, डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी प्रशासन के कारण निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

योगी सरकार के विजन के अनुरूप उद्योग–शिक्षा सहभागिता से बनेगा सशक्त स्किल इकोसिस्टम

यूपी में कौशल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार एनएईसी-एससीवीटी के बीच एमओयू, एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण योगी सरकार के विजन के अनुरूप उद्योग–शिक्षा सहभागिता से बनेगा सशक्त स्किल इकोसिस्टम पश्चिमी यूपी के युवाओं को मिलेगा उद्योग-आधारित प्रशिक्षण महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा, प्रशिक्षणार्थियों में आधी भागीदारी महिलाओं की लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में जनपद गौतम बुद्ध नगर स्थित नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (एनएईसी) और राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू प्रदेश में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्यमशीलता को नई दिशा देने वाला साबित होगा। इस एमओयू के तहत एनएईसी द्वारा पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों के 128 विकास खंडों और 10,323 ग्रामों से जुड़े एक लाख अभ्यर्थियों को आगामी पांच वर्षों में 28 सेक्टरों में अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें से 70,000 अभ्यर्थियों को औद्योगिक इकाइयों में प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। खास बात यह है कि कुल प्रशिक्षणार्थियों में 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। एनएईसी बनेगा स्किल ट्रेनिंग का केंद्र देश के प्रमुख अपैरल निर्यात क्लस्टर के रूप में एनएईसी की सबसे बड़ी विशेषता गारमेंट उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना होगा। प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी प्रक्रिया एनएईसी द्वारा अपने डिजिटल पोर्टल “कौशल गंगा” के माध्यम से प्रबंधित की जाएगी। इसके साथ ही “कौशल आजीविका” और “कौशल बाजार” पोर्टल भी प्रशिक्षणार्थियों को आजीविका और बाजार से जोड़ने में सहायक होंगे। एससीवीटी करेगा मूल्यांकन और प्रमाणन इस सहभागिता में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की अहम भूमिका होगी। एससीवीटी, जो भारत सरकार की राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद की मान्यता प्राप्त अवार्डिंग बॉडी है, सभी प्रशिक्षणार्थियों के मूल्यांकन और प्रमाणन का कार्य करेगी। एनएईसी द्वारा एससीवीटी को प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए प्रमाणन शुल्क के रूप में ₹1200 दिए जाएंगे। एससीवीटी अपने स्तर से भी पाठ्यक्रम तैयार कर उन्हें राष्ट्रीय परिषद से अनुमोदित कराएगी। कौशल से आत्मनिर्भरता प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर युवा हुनरमंद बने और उसे रोजगार के लिए भटकना न पड़े। एनएईसी व एससीवीटी के बीच हुआ यह एमओयू उद्योग व शिक्षा के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगा। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश देश का स्किल हब बनकर उभरेगा।  एमओयू हस्ताक्षरित किए जाने के अवसर पर प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डॉ. हरिओम तथा विशेष सचिव एवं निदेशक एससीवीटी अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को प्रदेश की कौशल नीति के लिए मील का पत्थर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी का उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आज भी देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने की प्रेरणा प्रदान करते हैं- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने कहा, नेताजी का उद्घोष “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते ही सच्चे भारतीय के मन में देशप्रेम की भावना उत्पन्न हो जाती है – मुख्यमंत्री  भारत माता के सच्चे सपूत और स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक थे नेताजी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ “नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भारत की आजादी का एक ऐसा नाम है, जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति में देशद्रोही व देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने के दृढ़ संकल्प की प्रेरणा प्रदान करता है। भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी का नाम लेते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः उत्पन्न हो जाती है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये उद्गार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने नेताजी को स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक की संज्ञा देते हुए आजादी की लड़ाई में उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और उनके चित्र पर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का आह्वान भारत की आजादी का मंत्र बन गया था। उनका एक-एक शब्द स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन जाता था। उनका “दिल्ली चलो” का उद्घोष हर भारतीय को प्रेरित करता है। उनका “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…” गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोह में बड़ी शान से गाया जाता है। ऐसा कौन भारतीय होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा-सम्मान का भाव न हो। नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की थी। उन्होंने क्रांतिकारियों के सिरमौर के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। भारत के अंदर रहकर या भारत के बाहर, उन्होंने आजादी के लिए जो योगदान दिया, वह अविस्मरणीय है। जिस प्रकार उन्होंने जर्मनी, जापान तथा दुनिया के तमाम देशों में जाकर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, हम सबके लिए प्रेरणा की गाथा है। अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का जन्म 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। बचपन में ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन भेज दिया गया। आईसीएस की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अंग्रेजों की चाकरी करने से इनकार कर दिया और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। नेताजी का विराट व्यक्तित्व और देश के प्रति अमूल्य योगदान आज भी हम सबको प्रेरणा प्रदान करता है,  मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं और उनके श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की ओर से नमन करता हूं।  इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और कार्यक्रम के आयोजक विधान परिषद के सदस्य अवनीश कुमार सिंह, पूर्व मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह,  अंगद सिंह व पवन सिंह चौहान समेत अन्य गण्यमान्य लोग भी उपस्थित थे।

सेक्टर-29 में आकार ले रहा अपैरल पार्क, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

गारमेंट इंडस्ट्री का नया केंद्र यमुना एक्सप्रेस-वे सेक्टर-29 में आकार ले रहा अपैरल पार्क, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर 175 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क, करीब सौ निर्यात आधारित इकाइयों का होगा ठिकाना यमुना एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी से निर्यात और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा उद्योग की रीढ़, डिजाइन से ट्रेनिंग तक एक ही छत के नीचे लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र को निर्यात आधारित औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-29 में 175 एकड़ में अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश को गारमेंट इंडस्ट्री के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। अपैरल पार्क के विकास से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उनके सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। यह परियोजना प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। राज्य सरकार के ‘मेक इन यूपी’ और भारत सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियानों को भी मजबूती मिलेगी।  सेक्टर-29 का अपैरल पार्क विशेष रूप से रेडीमेड गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी निर्यात इकाइयों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां लगभग 100 उत्पादन आधारित इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जो घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी परिधान तैयार करेंगी। अपैरल पार्क को क्लस्टर मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिससे कि उद्योगों को साझा सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सके। अपैरल पार्क की लोकेशन को रणनीतिक रूप से अत्यंत  महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा हुआ है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित है। एयरपोर्ट के संचालन के बाद गारमेंट उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर से निकटता के कारण लॉजिस्टिक्स से जुड़ी लागत कम होगी और निर्यातकों को समय पर डिलीवरी की सुविधा मिलेगी, जो निर्यातकों के लिए बहुत जरुरी है।  परियोजना के अंतर्गत अपैरल पार्क में ‘कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ विकसित किया जाएगा। इसमें डिजाइन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, यूनिट टेस्टिंग लैब और क्वालिटी कंट्रोल से जुड़ी सुविधाएं शामिल होंगी। साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) सेंटर, मार्केटिंग सपोर्ट सिस्टम आदि की भी सुविधाएं निर्यातक इकाइयों को दी जाएंगी। सरकार का यह उद्देश्य और प्रयास है कि छोटे और मध्यम उद्यमों को अलग-अलग महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश न करना पड़े और वे साझा संसाधनों का उपयोग कर इसका लाभ उठा सकें। इससे उत्पादन लागत घटेगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। अपैरल पार्क रोजगार सृजन के मामले में भी अपनी बड़ी भूमिका निभाएगा। इस परियोजना के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सिलाई, डिजाइन पैटर्न मेकिंग, पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को रोजगार के मौके मिलेंगे। यह परियोजना प्रदेश की नीति के अनुरूप है। योगी सरकार का फोकस कच्चे माल आधारित उत्पादन से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग पर है। अपैरल पार्क के जरिए प्रदेश में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की योजना है। इससे किसानों, हथकरघा कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण वाला प्रदेश बन गया है। यह परियोजना जब अपने पूर्ण रूप में आएगी तो यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा प्राप्त होगी।