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मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना

तुष्टीकरण से संतुष्टीकरण की ओर बढ़ा प्रदेश, निराश्रितों और श्रमिकों के लिए नई योजना की तैयारीः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना  जीरो पॉवर्टी की दिशा में हुआ वृहद कार्य, 60 लाख गरीबों को आवास दिये गये, 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर हुए लखनऊ  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में गरीबों, निराश्रित महिलाओं, श्रमिकों और वंचित वर्गों के लिए चलाई गई योजनाओं ने उत्तर प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदली है। सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति से ऊपर उठकर “संतुष्टीकरण” के मॉडल पर कार्य किया है, जिसका उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निराश्रित महिलाओं को पेंशन, जरूरतमंदों को जॉब कार्ड और राशन कार्ड, जिनके पास आवास नहीं था उन्हें आवास तथा जिनके पास भूमि का स्वामित्व नहीं था उन्हें आवासीय पट्टा देने की कार्रवाई व्यापक स्तर पर की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 60 लाख गरीब परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया है। पूर्ववर्ती योजनाओं पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबों को इंदिरा आवास योजना के तहत मात्र ₹20,000 दिए जाते थे, जो पर्याप्त नहीं थे और न ही आवास समय पर पूरे हो पाते थे। उस दौरान योजनाओं का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंचता था। इसके विपरीत वर्तमान डबल इंजन सरकार नगरीय क्षेत्रों में ₹2.5 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1.20 लाख आवास निर्माण के लिए उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए ₹12 से 15 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी के बराबर मानदेय भी लाभार्थी को प्रदान किया जाता है, जिससे घर निर्माण में आर्थिक सहयोग सुनिश्चित हो सके। बहुआयामी गरीबी में आई उल्लेखनीय कमी मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं और समग्र विकास के प्रयासों के परिणामस्वरूप 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकार की परिणाम-आधारित कार्यशैली का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों और निर्माण श्रमिकों जैसे शेष जरूरतमंद वर्गों के लिए आवास के लिए एक नई योजना लाई जा रही है। इसकी घोषणा आगामी बजट भाषण में की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल आवास या आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के समन्वित विस्तार के माध्यम से समग्र विकास सुनिश्चित करना है। “हर गरीब को छत, हर निराश्रित को सम्मान और हर जरूरतमंद को अधिकार” इसी भावना के साथ प्रदेश जीरो पॉवर्टी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि यह धन जनता का है और उसका उपयोग जनता के हित में ही किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करे।

पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी

गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर दर्ज हो एफआईआर : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य : सीएम योगी जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं, समयबद्ध व निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।  सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।  मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

सीएम योगी ने स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और रोजगार सृजन पर विस्तार से रखा पक्ष

उत्तर प्रदेश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और रोजगार सृजन पर विस्तार से रखा पक्ष एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किएः मुख्यमंत्री  आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट और आईटीआई व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत आते हैं। सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा के ढांचे को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्रत्येक जनपद के दो आईटीआई को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। इन संस्थानों को ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ पर विकसित किया जा रहा है, ताकि एक केंद्रीय संस्थान से जुड़े अन्य संस्थानों को तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाए। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से युवाओं को जोड़ा गया मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी उन्नयन को नई दिशा मिली है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया है। माध्यमिक शिक्षा के तहत प्रत्येक जनपद के राजकीय कॉलेजों को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से जोड़ा जा रहा है। विद्यार्थियों को डेटा उपयोग, इंटरनेट सुविधा और डिजिटल संसाधनों से सशक्त करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 1,10,000 युवाओं को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के साथ ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में चयन और प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि युवा सफल उद्यमी बन सकें। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए भी विशेष योजना लागू करने की बात कही गई। साथ ही स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के माध्यम से युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। स्टार्टअप और निवेश में वृद्धि मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसी पहलों को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। 76 इनक्यूबेटर, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न राज्य में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश से पलायन रोजगार के अभाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण होता था। अब कानून-व्यवस्था में सुधार और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते रोजगार के अवसर बढ़े हैं और निवेश में वृद्धि हुई है। डेटा सेंटर और एआई पर फोकस मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित यूपी डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना को भविष्य की जरूरत बताया। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा आवश्यक है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की फैब यूनिट स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई दिशा का संकेत है। बेरोजगारी दर 19 से 2.24 प्रतिशत पर आई मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय लगभग 19 प्रतिशत रही बेरोजगारी दर अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने इसे नीतिगत सुधार, निवेश वृद्धि और कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर अविश्वास की स्थिति उसी मानसिकता को दर्शाती है, जो सीमित दृष्टिकोण से बाहर नहीं निकल पाती। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पिछले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखा है और सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को तकनीक, नवाचार और युवा शक्ति के माध्यम से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया

उत्तर प्रदेश ने तय की है अपराध व अव्यवस्था से अनुशासन और कर्फ्यू से कानून के राज की यात्राः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया सीएम योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है अपराध व अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिकता और नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणामः मुख्यमंत्री राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारीः सीएम योगी लखनऊ  राज्यपाल के अभिभाषण पर शुक्रवार को विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है। कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है। उपद्रव से उत्सव की यात्रा है। समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, नीतिगत बदलावों और भविष्य की दिशा का व्यापक खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश अब भय का नहीं, विश्वास और विकास का प्रदेश है। अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिकता और नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणाम है। राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।  विपक्ष का आचरण संवैधानिक प्रमुख और मातृशक्ति का अपमान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष की शुरुआत में राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों का सदन में आचरण अनुचित था। नेता प्रतिपक्ष पर सवाल खड़े हुए करते हुए सीएम ने कहा कि संभवतः इसीलिए आप सदन में उपस्थित नहीं हुए, क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य आपके नियंत्रण से बाहर रहे होंगे। यही वह आचरण था, जिससे बिटिया घबराती थी और व्यापारी कारोबार समेटता था। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए गालिब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गालिब ने कहा था 'उम्र भर मैं ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।' समाजवादी पार्टी के और मुख्य विपक्षी दलों के इस आचरण के कारण पूरा सदन अपने आप को आहत महसूस कर रहा था।  ‘परसेप्शन’ और कानून-व्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की छवि अचानक खराब नहीं हुई थी, बल्कि वर्षों तक चले अव्यवस्थित आचरण और अपराध के वातावरण ने उसे प्रभावित किया था। बेटियां भयभीत थीं, व्यापारी अपना कारोबार समेटने को मजबूर थे और दंगे-कर्फ्यू आम बात थे। 2017 के बाद से प्रदेश में “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की गई है। 2017 से पहले नीतिगत उदासीनता और प्रशासनिक शिथिलता का माहौल था, जबकि अब कानून का राज स्थापित हुआ है। 2017 के बाद से कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ राज्यपाल के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से 6 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। यह आंकड़ा नीति आयोग के अनुसार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरीबी से बाहर आने का अर्थ यह नहीं कि लाभार्थियों को अन्य योजनाओं से वंचित किया जाएगा। राशन, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन और अन्य सुविधाएं जारी रहेंगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को पक्का घर उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। निःशुल्क राशन की व्यवस्था जारी है। वृद्ध, निराश्रित और दिव्यांगजन को 12,000 रुपये वार्षिक पेंशन दी जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। पुलिस सुधार और आधुनिक सुरक्षा तंत्र मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पुलिस बल में बड़े पैमाने पर भर्ती की गई है। पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 10,000 से बढ़कर आज 44,000 हो गई है। 2017 से पहले हमारी प्रशिक्षण क्षमता 3,000 भी नहीं थी। आज यह स्थिति है कि हाल में 60,200 से अधिक पुलिस भर्ती की गईं, जिसके सभी चयनितों को प्रदेश में ही ट्रेनिंग दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए सभी 75 जिलों में साइबर थाने की स्थापना के साथ-साथ प्रदेश के हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी हुई है। बीमारू से विकास की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकल चुका है। पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण को सदन में व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया, जो “विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास” की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने इसे अविश्वास से आत्मविश्वास की ओर बढ़ता प्रदेश बताया, जहां पहले उपद्रव की खबरें सुर्खियां बनती थीं, अब निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण की खबरें प्रमुखता पा रही हैं।  उत्तर प्रदेश आज ट्रिपल-टी की त्रिवेणी बनकर उभरा मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 9 वर्ष की जो यात्रा है, ये अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है, कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है, उपद्रव से उत्सव की यात्रा है, समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। यानी ये यात्रा केवल एक सत्ता प्राप्त करने की होड़ नहीं है, इसको प्राप्त करने के लिए सरकार की स्पष्ट नीति थी, साफ नीयत थी, दृढ़ इच्छाशक्ति थी और सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम लोगों ने जब सामूहिक रूप से प्रयास किया, हर व्यक्ति के मन में विश्वास भरा,  हां यूपी भी कर सकता है, यूपी से भी परिणाम दिए जा सकते हैं और वही आज उत्तर प्रदेश के अंदर देखने को मिल रहा है। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, आज यह ट्रिपल-टी का एक प्रतीक बना है। ट्रिपल टी मतलब टेक्नोलॉजी, ट्र्स्ट और ट्रांसफॉर्मेशन। यानी एक त्रिवेणी बनकर के उभरा है।  2017 के पहले केंद्र सरकार की योजनाओं का बॉटलनेक था उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री … Read more

सरकार ने ट्रिपल एस, यानी सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी हैः सीएम

प्रदेश अब ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का मॉडल, यही नए यूपी की पहचानः योगी सरकार ने ट्रिपल एस, यानी सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी हैः सीएम इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट दृष्टिकोण से यूपी आज वैश्विक निवेशकों का आकर्षक गंतव्य     लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि उत्तर प्रदेश अब ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का मॉडल है, यही नए यूपी की पहचान है। प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर की प्रगति बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिटें संचालित हो रही हैं। इन यूनिटों में 3 करोड़ 11 लाख से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि के बाद एमएसएमई क्षेत्र ही प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार प्रदान करने वाला सेक्टर है। हालांकि, समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार के दौरान यह क्षेत्र लगभग मृतप्राय हो चुका था। उस समय सरकार के पास न कोई स्पष्ट विजन था, न ही टेक्नोलॉजी की समझ और न ही मजबूत इच्छाशक्ति। उद्यमियों को सरकारी सहयोग के बजाय इंस्पेक्टर राज का सामना करना पड़ता था। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड या अन्य विभागों के अधिकारी अक्सर उन्हें परेशान करते थे।  योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने इन समस्याओं को जड़ से समाप्त कर दिया। उद्यमियों को 1000 दिनों तक किसी भी एमएसएमई यूनिट स्थापित करने के लिए कोई एनओसी की आवश्यकता नहीं है। इस छूट नीति के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में 96 लाख यूनिटें सक्रिय हैं और करोड़ों लोग रोजगार पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का जीता-जागता उदाहरण बताया, जिसने उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित कर दिया है। नागरिकों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज रूल ऑफ लॉ ही सुरक्षा और विकास की सबसे बड़ी गारंटी है। हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के भविष्य के साथ किसी को भी छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी। सीएम ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण ही आज प्रदेश में उत्कृष्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। एक्सप्रेसवे का जाल बिछ चुका है, एयर कनेक्टिविटी में तेजी आई है।  उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल का उद्घाटन करेंगे। पहले मेरठ से दिल्ली जाने में 3-4 घंटे लगते थे, लेकिन अब 12 लेन हाईवे और रैपिड रेल से यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व सरकारें दूरी बढ़ाने में माहिर थीं, न केवल भौगोलिक दूरी, बल्कि जाति-जाति और भाई-भाई के बीच खाई को चौड़ा करने का काम भी किया गया। पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की राह पर उन्होंने कहा कि असीम संभावनाओं के बावजूद उत्तर प्रदेश पहले निवेश से वंचित रहता था। आज फियरलेस गवर्नेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस इसकी नई पहचान है। सरकार ने ट्रिपल एस, यानी सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी दी है। सुरक्षा का माहौल, शासन में स्थिरता और विकास में गति, ये तीनों आज उत्तर प्रदेश की ताकत हैं। प्रदेश पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की राह पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी लागू हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को सुगम, पारदर्शी और विश्वसनीय वातावरण प्रदान कर रहे हैं। पहले ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में यूपी 14वें स्थान पर था, लेकिन आज यह टॉप अचीवर राज्यों में शामिल है। उत्तर प्रदेश ने सभी व्यापार सुधार मानकों को 100% लागू कर देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया। डीरिग्युलेशन में नंबर-वन और 23 प्रमुख सुधारों को पूर्ण रूप से लागू किया गया। डिक्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य कानूनों और 99% आपराधिक प्रावधानों को हटाया गया। इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट मुख्यमंत्री ने बताया कि 1947 से 2017 तक प्रदेश में मात्र 14 हजार कारखाने थे, जबकि पिछले साढ़े आठ वर्षों में यह संख्या 31 हजार से अधिक हो गई है। इंडस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट दृष्टिकोण के कारण यूपी आज वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य है। एमओयू अब कागजी नहीं, बल्कि ग्राउंड ब्रेकिंग, उत्पादन और रोजगार सृजन तक ठोस परिणाम दे रहे हैं। पिछले साढ़े आठ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिला। पहले यूपी के युवा अन्य राज्यों में पलायन करते थे, लेकिन अब प्रदेश में ही अवसर उपलब्ध हैं। बजट में ‘लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट जोन’ योजना प्रस्तावित है, जो हर जिले में स्किल डेवलपमेंट से रोजगार तक की गारंटी देगी।  उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग में शोषण रोकने के लिए विशेष कॉर्पोरेशन गठित किया गया है। इससे युवाओं को 16-20 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा। कंपनियों को केवल सेवा शुल्क दिया जाएगा। शोषण करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। आज उत्तर प्रदेश एमएसएमई और स्टार्टअप का प्रमुख हब है। यह वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी केंद्र के रूप में उभर रहा है। देश के 65% मोबाइल और 55-60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट यहीं बन रहे हैं। उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब यूनिट का शिलान्यास प्रधानमंत्री जल्द करेंगे। 1962 से देश इस दिशा में प्रयासरत था, अब यूपी इसका केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने किया एलान, बढ़ाई जाएगी निराश्रित महिला, वृद्धजन और दिव्यांगजन की पेंशन राशि

प्रदेश में तीन गुना बढ़ी महिला वर्कफोर्स, 44 हजार महिला पुलिसकर्मी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया एलान, बढ़ाई जाएगी निराश्रित महिला, वृद्धजन और दिव्यांगजन की पेंशन राशि आज सुरक्षा से समृद्धि और एम्प्लॉयमेंट से एक्सीलेंस तक आत्मनिर्भर हुईं महिलाएं: मुख्यमंत्री उद्यमी और नेतृत्वकारी नारीशक्ति प्रदेश के भीतर प्रदान कर रही है नेतृत्व नौ लाख सरकारी नौकरियों में से 1,75,000 नौकरियां केवल महिलाओं के लिए  लखनऊ महिला सशक्तीकरण को लेकर विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 12 से 13 प्रतिशत के बीच थी, जो अब बढ़कर 36 से 37 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसे तीन गुना से अधिक वृद्धि बताते हुए कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों में नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। एक करोड़ छह लाख निराश्रित महिलाएं, वृद्धजन और दिव्यांगजन इस समय 12,000 रुपये सालाना पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार इस राशि को बहुत जल्द बढ़ाने जा रही है। हमने बजट दे दिया है।  सुरक्षा से समृद्धि और एंप्लायमेंट से एक्सीलेंस तक नेतृत्व कर रहीं प्रदेश की महिलाएं  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नौ वर्षों में महिला सशक्तीकरण का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि  2017 के पहले प्रदेश में वूमेन वर्कफोर्स कुल 12 से 13 फीसदी थी। आज यह 36 से 37 फीसदी है। यानी कामकाजी महिलाओं की संख्या पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक बढ़ी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ही बात करूं तो महिलाओं की संख्या मात्र 10,000 थी, आज यह संख्या 44,000 पहुंच चुकी है।  उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कहा कि आपके समय में तो एक कहावत प्रचलित थी, “देख सपाई, बिटिया घबराई।” अब ऐसे में महिला सशक्तीकरण पर आपसे क्या चर्चा की जाए? आज सुरक्षा से समृद्धि और एम्प्लॉयमेंट से एक्सीलेंस तक आत्मनिर्भर, उद्यमी और नेतृत्वकारी नारी शक्ति उत्तर प्रदेश के भीतर नेतृत्व प्रदान कर रही है। अब तक नौ लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इनमें से 1,75,000 नौकरियां केवल महिलाओं के लिए समर्पित हैं। अब नाइट शिफ्ट में भी काम कर रहीं महिलाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘ड्रोन दीदी’, सेल्फ हेल्प ग्रुप और ‘लखपति दीदी’ को एक मजबूत इकोसिस्टम प्रदान किया गया है। बीसी सखी योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बीसी सखी बैंकिंग कार्यों को आगे बढ़ा रही है। आप कह रहे थे कि क्या महिला गहने पहनकर बाहर निकल सकती है? आपके समय में तो महिलाएं दिन में भी नहीं निकल पाती थीं। अब तो महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी उद्योगों और कार्यालयों में कार्य कर रही हैं। इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है? विपक्ष के लोगों को भी कन्यादान में सहभागिता करनी चाहिए  मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, इन सभी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। सामूहिक विवाह योजना में बेटी की शादी के लिए सरकार एक लाख की सहायता दे रही है। आपको भी उन शादियों में जाना चाहिए, कन्यादान में सहभागिता करनी चाहिए, क्योंकि कन्यादान को बहुत बड़ा दान माना गया है। बुलाने की आवश्यकता क्या है? पात्रता के आधार पर नाम चयनित करिए और बताइए कि हम इनका विवाह कराना चाहते हैं। किसी के लिए भी मना नहीं है। कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है। आप 100 लोगों का चयन करिए, प्रशासन को बताइए, अधिकारी धनराशि उपलब्ध करवाएंगे। वे भी उसमें सहभागी बनेंगे। यह हर व्यक्ति का अधिकार है। हर व्यक्ति को उसमें जाने का अधिकार है। हर जनप्रतिनिधि को उसमें सहभागी बनने का अधिकार है। दिव्यांगजनों को डीबीटी से मिल रहा योजना का लाभ  दिव्यांगजनों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि आपके समय मात्र 300 रुपये पेंशन मिलती थी, आज हम 12,000 रुपये सालाना पेंशन दे रहे हैं। यही नहीं, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भी दे रहे हैं और इस बार तो हमने बेटियों के लिए ई-ट्राईसाइकिल की भी घोषणा कर दी है। इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल की भी घोषणा की है। ये पैसा डीबीटी के माध्यम से हम उनके खातों में भेज रहे हैं। आपके समय में वह 300 रुपये जाता था, वह भी छह महीने में एक बार जाता था। उसमें भी आधा ही लाभार्थी को मिल पाता था। आज डीबीटी के माध्यम से पूरा पैसा लाभार्थी के खाते में जाता है। प्रत्येक जरूरतमंद को उसके हिसाब से सुविधा का लाभ दिया है।

दुनिया में जब भी मर्यादा पर चर्चा होगी तो अयोध्या, शाश्वत चेतना पर चर्चा होगी तो काशी, भक्ति पर मथुरा और समरसता पर होगी प्रयागराज की चर्चाः मुख्यमंत्री

दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की वकालत, बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करते हैं सपा नेताः मुख्यमंत्री सदन में बोले योगी- सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता  दुनिया में जब भी मर्यादा पर चर्चा होगी तो अयोध्या, शाश्वत चेतना पर चर्चा होगी तो काशी, भक्ति पर मथुरा और समरसता पर होगी प्रयागराज की चर्चाः मुख्यमंत्री   धार्मिक स्थल सर्वसमाज की आत्मनिर्भरता का आधारः योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेताओं को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सपा के नेता दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की वकालत करते हैं। वे बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करते हैं। सीएम ने संसद में कांग्रेस व सपा के सांसदों की बातों का जिक्र किया और कहा कि हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में कोई वंदे मातरम का कोई अपमान नहीं कर सकता। कांग्रेस व सपा को वंदे मातरम का विरोध करने वालों को डंके की चोट पर कान पकड़ कर, धक्का देकर बाहर करना चाहिए। राष्ट्रगीत का विरोध करने वाले को हिंदुस्तान की धऱा पर रहने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।  लोकमाता की चर्चा करने का अधिकार समाजवादी पार्टी को नहीं  सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम में लोकमाता की भव्य प्रतिमा लगवाई। भाजपा की डबल इंजन सरकार ने लोकमाता की 300वीं जयंती पर औरैया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नामकरण उनके नाम पर किया। लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के नाम पर बने मणिकर्णिका व श्मशान घाट के पुनरुद्धार कार्यक्रम को बढ़ाया जाता है तो सपा व कांग्रेस विरोध करती हैं। लोकमाता को अपमानित करती हैं। सपा को लोकमाता की चर्चा करने का अधिकार नहीं है। सपा लोकमाता के नाम पर गुमराह कर रही है। सपाइयों को डालनी चाहिए सच बोलने और स्वीकारने की आदत  सीएम योगी ने सदन में राजू पाल व उमेश पाल का नाम लेकर कहा कि उनकी हत्या हुई। सपा इनके हत्यारों और माफिया को गले का हार बनाकर चलती थी। आज अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर सपा समाज में विद्वेष फैलाना चाहती है। सीएम ने सपाइयों से कहा कि सच बोलने-स्वीकारने की आदत डालनी चाहिए। सपा राष्ट्रद्रोहियों का महिमा मंडन, राष्ट्र नायकों का अपमान और गाजी मेले का समर्थन करती है। उन्होंने सपाइयों से कहा कि गाजी के पाप का बदला कैसे लिया जाना चाहिए, यह महाराज सुहेलदेव के शौर्य से सीखिए। हमारी सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का विराट स्मारक और आजमगढ़ में विश्वविद्यालय बनवाया।  तुष्टिकरण की पराकाष्ठा की गई  सीएम योगी ने सपा नेताओं पर कटाक्ष किया कि वे माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा शासन में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा की गई। सपा ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी पर्व को थाने-जेल में मनाने और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था। दीपोत्सव का विरोध किया। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में एफिडेविट दिया कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे। सपा रामभक्तों पर गोलियां चलवाती है। मंदिर निर्माण को रोकने के लिए कोर्ट में वकील खड़ा करती है। सीएम ने सपाइयों को चेताते हुए कहा कि सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन गया है। पुनर्जागरण के इस मॉडल में विरासत भी है और विकास भी।  भारत की आस्था की आत्मा है यूपी सीएम योगी ने कहा कि आस्था का पुनर्जागरण उत्तर प्रदेश से प्रारंभ हुआ है। यूपी भारत की आस्था की आत्मा है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य, शुकतीर्थ केवल आस्था के ही नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के भी केंद्र हैं। जब भी दुनिया में मर्यादा की चर्चा होगी तो अयोध्या, शाश्वत चेतना की चर्चा होगी तो काशी, भक्ति में मथुरा और समरसता में प्रयागराज की चर्चा होगी। यह चारों उत्तर प्रदेश में हैं। यूपी फिर से पुनर्जागरण का केंद्र बिंदु बना है। सीएम ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्त करने की दिशा में हम मजबूती से बढ़े हैं। प्रयाग, काशी, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, संभल, बरेली, नैमिषारण्य समेत बौद्ध, जैन, सिख व पौराणिक-ऐतिहासिक महत्व से जुड़े तीर्थस्थलों को आस्था और राष्ट्रीय चेतना के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है। जिसका परिणाम है कि वहां करोड़ों श्रद्धालु आते हैं और आस्था के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर के जाते हैं।  आत्मगौरव के महापर्व बन गए हैं दीपोत्सव, देव दीपावली व रंगोत्सव सीएम योगी ने प्रयागराज महाकुम्भ की चर्चा करते हुए काशी समेत अन्य स्थलों का जिक्र किया। बोले कि मंदिर का पुजारी ब्राह्मण होगा, लेकिन वहां फूल बेचने वाले, नाव या टैक्सी चलाने वाले व्यक्ति सर्वसमाज से होते हैं। धार्मिक स्थल इन सबकी आत्मनिर्भरता का आधार बना हुआ है। डबल इंजन सरकार उसे पुनर्जीवित कर रही है। दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मगौरव के महापर्व बन गए हैं। सीएम ने अपने मन की पीड़ा व्यक्त करते हुए सदन को बताया कि 2017 में जब हमारी सरकार ने पहले दीपोत्सव और देवदीपावली-रंगोत्सव के आयोजन के बारे में सोचा तो आशंका हुई कि क्या होगा और कैसे होगा, लेकिन हमें सफलता मिली। आज करोड़ों लोग उस आस्था से फिजिकली व वर्चुअली जुड़कर आस्था को सम्मान देते हैं, लेकिन इस ताकत को पहले कभी समझने का प्रयास नहीं किया गया। आस्था को सम्मान देने का परिणाम है कि यूपी की जीडीपी बढ़ी है। यूपी ने लंबी छलांग लगाई है। सुरक्षा के साथ ही यूपी के प्रति धारणा भी बदली है।  तमिलनाडु के श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया पर लिखकर की यूपी की प्रशंसा  सीएम योगी ने सदन में एक वाकया भी सुनाया। महाकुम्भ के दौरान तमिलनाडु से भी कुछ श्रद्धालु आए थे। चित्रकूट में एक गांव के पास उनकी बस खराब हो गई। वे हिंदी और स्थानीय लोग तमिल नहीं जानते थे। तमिलनाडु वाले भटक रहे थे, अंधेरा होने को था। गांव वालों को पता चला तो वे वहां पहुंचे। इशारों में उन्हें तमिलनाडु वालों की परेशानी पता चली। फिर गांव के लोग इन अतिथियों को साथ लेकर गांव आए। गांव के एक परिवार में शादी … Read more

2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थेः योगी आदित्यनाथ

अब उपद्रव नहीं उत्तर प्रदेश है उत्सव का प्रदेशः मुख्यमंत्री 2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थेः योगी आदित्यनाथ   सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला: सीएम   अब उत्तर प्रदेश में भय का वातावरण नहीं, अब लोगों के मन में आस्था हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  लखनऊ,  राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर कई गंभीर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में गुंडे व माफिया सत्ता के संरक्षण में पल रहे थे। नेता प्रतिपक्ष ने स्वयं ऐसे कुछ नाम लिए हैं, जबकि कई नाम लेने में वह संकोच कर गए। हमारी सरकार ने पहले दिन जीरो टॉलरेंस की नीति की बात कही थी और सरकार आज भी अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत ही चल रही है। अपराध कोई भी करेगा तो कानून उसको अपनी गिरफ्त में लेगा। 2017 के पहले सत्ता के संरक्षण में पले गुंडे और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। गुंडा टैक्स, अवैध वसूली, वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की प्रवृत्ति को आगे बढ़ा रहे थे। कानून चंद हाथों की जागीर बन चुका था। कर्फ्यू और दंगा आम बात थी। पर्व और त्योहार आस्था के नहीं, आशंका के पर्याय बन गए थे। पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी ही सुरक्षित था। प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय थी और आज उपद्रव नहीं, उत्सव प्रदेश है उत्तर प्रदेश।  यूपी अब फियर जोन से फेथ जोन बना  मुख्यमंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्तियां, महिला सशक्तिकरण की एक नई पारी, मॉडर्न पुलिसिंग, सुदृढ़ साइबर एवं फॉरेंसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर आज उत्तर प्रदेश की पहचान हैं। साइबर क्राइम हो, त्वरित और आपातकालीन सेवाएं हों, अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस, आज रूल ऑफ लॉ यूपी के अंदर देखने को मिलता है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला है। अब भय का वातावरण नहीं है, अब लोगों के मन में आस्था है। हर जनपद में उत्तर प्रदेश का वासी जाता है, बिना भय के जाता है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने ली है। अब दंगों की जगह फेस्टिव और टेंपल इकोनॉमी ग्रो कर रही है। कोई सोचता था अयोध्या में करोड़ों लोग आएंगे? प्रयागराज में 2013 के कुंभ में कुल 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे और इस बार माघ मेला में ही 21 करोड़ श्रद्धालु आए हैं। ये है परिवर्तन। ये माघ मेला कल्पवासियों का होता था, लेकिन इस माघ मेले में बना रिकॉर्ड लोगों के विश्वास का प्रतीक है। अब यहां न कर्फ्यू है न दंगा है, यूपी में सब चंगा है।  आज उत्तर प्रदेश में मॉडर्न पुलिसिंग पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा है, व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण है। इन आठ वर्षों में 2,19,000 से अधिक पुलिस की भर्ती हुई हैं। इसमें 20 फीसदी महिलाओं को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया गया है। पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया गया है। पुलिस भर्ती में हर जनपद के नौजवानों को अवसर मिला है, बिना भेदभाव। पुलिस अवस्थापना सुविधाओं में अभूतपूर्व विकास किया गया। पहले पुलिस के नौजवान खपरैल के बैरक में रहते थे। आज जिलों में आप जाएंगे तो हाई राइज बिल्डिंग पुलिस की अवस्थापना सुविधा के लिए होगी। मॉडर्न पुलिसिंग की बात आती है तो सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए, जिनके लिए आपकी सरकार कभी निर्णय ही नहीं ले पाई। फॉरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को हम लोगों ने प्रदेश के अंदर लागू किया। आज तीन नए कानून लागू हो चुके हैं और लखनऊ में स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्सेज प्रारंभ हो चुके हैं।  हर जनपद में साइबर क्रॉइम थाना स्थापित  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले साइबर क्राइम के केवल दो थाने थे, आज सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने हैं। इसके अलावा राज्य के हर थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क भी है। अब तक हजारों करोड़ रुपये, जो साइबर अपराधियों द्वारा ऐंठे जाते थे, उनको वापस कराने और बचाने में भी इस तंत्र ने योगदान दिया है। तीन नए कानून लागू होने के बाद हर उस अपराध में, जिसमें सात वर्ष से अधिक की सजा है,  उसमें फॉरेंसिक एविडेंस आवश्यक है। पहले यूपी के अंदर दो या तीन लैब्स काम करती थीं, आज हम लोगों ने 12 ए-ग्रेड की लैब बनाई हैं और छह निर्माणाधीन हैं। हर जनपद में दो-दो फॉरेंसिक वैन उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि एविडेंस प्राप्त हो, अपराधी को सजा दी जा सके। ये एक नई दिशा में किए गए प्रयास हैं। दंगाइयों का काल है पीएसी, हमारी सरकार ने किया पुनर्जीवित  मुख्यमंत्री ने सेफ सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई हो या गुजरात या फिर यूपी, सभी जगह भाजपा ही सुरक्षा दे सकती है। उत्तर प्रदेश में सेफ सिटी के लक्ष्य को 17 नगर निगम समेत गौतम बुद्ध नगर जनपद में हम लोगों ने लागू किया है। हर जिला मुख्यालय में सीसीटीवी कैमरे की कवरेज, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से उसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन भी उत्तर प्रदेश में हुआ है। इसके साथ ही पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्गठित करके उसको जीवित किया है, क्योंकि ये दंगाइयों की काल है। दंगा समर्थक कोई भी पार्टी पीएसी का समर्थन नहीं करती। समाजवादी पार्टी के कालखंड में इसे एक प्रकार से समाप्त करने की साजिश की गई थी। अब उसका पुनर्गठन करने के साथ ही तीन कंपनी महिला पीएसी का गठन किया जा चुका है और साथ ही तीन और कंपनियां हम बनाने जा रहे हैं। जिन तीन महिला पीएसी कंपनियों का गठन किया गया है, वो वीरांगना उदा देवी के नाम पर लखनऊ में,  वीरांगना झलकारी देवी के नाम पर गोरखपुर में और वीरांगना अवंती बाई लोधी के नाम पर बदायूं में गठित हो चुकी हैं। तीन नई वाहिनियों का गठन हम लोग करने जा रहे हैं।

विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहाः एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और वाटरवे में अग्रणी राज्य है उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश बन रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का हब: मुख्यमंत्री  विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहाः एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और वाटरवे में अग्रणी राज्य है उत्तर प्रदेश  देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट और छह मेट्रो सिटीज के साथ यूपी आर्थिक विकास की राह पर तेजी से अग्रसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला प्रदेश बन चुका है। राज्य में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और एयर कनेक्टिविटी के लिए भी यूपी अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल और पहली इनलैंड वाटरवे यूपी में ही स्थापित की गई है। इसके अलावा देश का पहला रोपवे, जो शहरों को जोड़ रहा है, वह भी उत्तर प्रदेश के पास है। सबसे अधिक सिटीज में मेट्रो संचालन में यूपी है। बजट भाषण में चार मेट्रो का उल्लेख हुआ था, लेकिन वर्तमान में छह सिटी मेट्रो पूरी तरह चालू हैं और सातवां-मेरठ, प्रधानमंत्री के लोकार्पण के बाद जुड़ जाएगा। फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमॉडल टर्मिनल मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न रोपवे चलाया जा रहा है। ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन भी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा है, जो लॉजिस्टिक का बड़ा केंद्र बनेगा। इनलैंड वाटरवे में मल्टीमॉडल टर्मिनल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की सब्जियां और खाद्यान्न वैश्विक बाजार तक पहुंच सकें। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का पांचवां और भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। यह 12,000 एकड़ भूमि में विकसित हो रहा है। इसमें पांच रनवे होंगे। इसके आसपास एमआरओ, एक्सप्रेसवे के किनारे एविएशन आधारित इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां संचालित होंगी। प्रदेश में तेजी से बढ़ रही कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं और पांच एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य में मेट्रो, एक्सप्रेसवे, रोपवे, रैपिड रेल और इनलैंड वाटरवे जैसे विकासात्मक कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। ये सभी परियोजनाएं न केवल कनेक्टिविटी बढ़ा रही हैं, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर रही हैं। उत्तर प्रदेश का यह विकास मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में हो रहे सुधार प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आर्थिक विकास का केंद्र बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया तो समाजवादी पार्टी को आईना भी दिखाया

गिरगिट भी पश्चाताप करेगा कि ये समाजवादी मुझसे भी आगे निकल गएः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों को गिनाया तो समाजवादी पार्टी को आईना भी दिखाया तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं का महिमामंडन समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया हैः योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सदस्यों से कहा कि मैंने राजू पाल और उमेश पाल की हत्या का मुद्दा इसलिए उठाया, क्योंकि आप लोगों ने माफिया को गले लगाया था। उन माफिया ने हमें आंखें दिखाने का प्रयास किया, तो दुष्परिणाम भी भुगता। हर गरीब को जीने का अधिकार, बिना भेदभाव के उनका हक मिलना चाहिए। जातीय वैमनस्यता समाज, देश हित में नहीं है। देश गुलाम भी जातीय वैमनस्यता के कारण हुआ। तुष्टिकरण के नाम पर आक्रांताओं को महिमामंडन करना समाजवादी आंदोलन का मुख्य धंधा बन गया है। यह कब रंग बदल दें, कोई भरोसा नहीं। सीएम ने तंज कसा कि गिरगिट भी आज पश्चाताप करेगा कि ये समाजवादी मुझसे भी आगे निकल गए हैं। संपत्ति और संतति का प्रतीक बन गया है समाजवादी सीएम ने कहा कि समाजवाद के आदर्श जेपी-लोहिया ने देश में बराबरी और सामाजिक न्याय की वकालत की थी, लेकिन आज संपत्ति और संतति समाजवादी के प्रतीक बन गए हैं। जो समाजवाद त्याग, संघर्ष, नैतिक आदर्शों का आह्वान करता था, आज वह इन लोगों के लिए वंशवाद, सुविधावाद और निजी साम्राज्य खड़ा करने की सीढ़ी बन गई है। लोहिया और जेपी की परंपरा ने कभी शोषण के विरुद्ध संघर्ष का उद्घोष किया था, लेकिन आज वही समाजवाद जातीय वैमनस्यता पैदा करने का माध्यम बन गया है। प्रयास होना चाहिए कि किसी वर्ग विशेष या जाति विशेष को जातीय संबोधन करने से बचें।  सीएम का कटाक्ष- समाजवादी पार्टी और विकास सीएम ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह लोग विकास के बारे में क्या बात करेंगे। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के गोमती रिवर फ्रंट, जेपीएनआईसी व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के भ्रष्टाचार को भी गिनाया। बोले कि सरकार आने के बाद बैठक में हमने 110 मीटर चौड़े एक्सप्रेसवे को 120 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव रखा। सीएम ने यह भी कहा कि प्रस्तावित सेमी बुलेट ट्रेन हम वहीं से चलाएंगे। देश के अंदर जो नए कॉरिडोर बनने जा रहे हैं, उनके लिए हमारी तैयारी उस दृष्टि से चल रही है। वाराणसी से इसे जोड़ने के लिए लैंड राज्य उपलब्ध कराएगा।  चार बार में सपा उतना नहीं कर पाई, जितना खेल मंत्री गिरीश यादव ने आधे समय में कर दिया  सीएम ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार शहर से गांव तक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है। हमारे खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ही हैं। समाजवादी पार्टी चार बार में जितना नहीं कर पाई, उन्होंने आधे समय में इतना कर दिया कि पूरी सपा उसमें डूब जाएगी। सरकार ने तय किया है कि 2030 के कॉमनवेल्थ और 2036 में भारत के ओलंपिक की दावेदारी को ध्यान में रखकर हर मंडल मुख्यालय पर एक स्पोट्रस कॉलेज होगा। हर कॉलेज के पास किसी एक खेल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस होगा।  खेल के लिए पर्याप्त बजट, पैसे की कमी नहीं   सीएम ने कहा कि वाराणसी- गाजीपुर के नौजवान हॉकी में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल इसकी देन है। बीच में विपक्षी सदस्य ने टोका कि गाजीपुर का स्टेडियम सपा ने दिया है तो सीएम ने इस पर कहा कि पैसा गिरीश यादव (हमारी सरकार) ने दिया है। हमने प्राइवेट एकेडमी को भी धनराशि देनी प्रारंभ की है। पश्चिम यूपी में प्राइवेट एकेडमी अच्छा काम कर रही है। वहां से अच्छे खिलाड़ी निकलकर ओलंपिक में मेडल जीते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ व एशियाड में मेडल जीतने वाले यूपी के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता के साथ डिप्टी एसपी, तहसीलदार व अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दी गई। खेल के लिए पर्याप्त बजट है।  इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी यूपी ने दमदारी से उपस्थिति दर्ज की सीएम ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी यूपी ने दमदारी से उपस्थिति दर्ज की है। देश की पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफेक्चरिंग की यूनिट यूपी में प्रारंभ हो चुकी है, यहां बस निर्माण की कार्रवाई चल रही है। राष्ट्रीय बाजार में यूपी की उपस्थिति 19 फीसदी है। तिपहिया ईवी में 40 प्रतिशत भागीदारी यूपी की है। एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर चार्जिंग स्टेशन व प्रदेश में 700 ईवी बसों का संचालन हो रहा है।