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आत्मनिर्भर भारत की मिसाल: सीएम योगी ने अयोध्या और सोनभद्र का जिक्र किया

सीएम योगी ने बताया, अयोध्या व सोनभद्र में लोग कैसे बन रहे आत्मनिर्भर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अयोध्या व सोनभद्र का उदाहरण साझा करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं सिर्फ सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि भोजन के लिए राशन कार्ड, रोजगार के लिए मिशन रोजगार, स्ट्रीट वेंडरों के लिए पीएम स्वनिधि, परंपरागत कारीगरों के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना लागू की गई है। युवाओं को अपना उद्यम शुरू करने के लिए पीएम स्टार्टअप इंडिया और पीएम स्टैंडअप इंडिया योजनाओं से जोड़ा गया है। नौकरी व स्वरोजगार के योग्य युवाओं के लिए पीएम कौशल विकास योजना के माध्यम से प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सीएम योगी ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए बताया कि एक अनुसूचित जाति परिवार ने अपना घर बनाने के लिए पूंजी जुटाई। तभी उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से अपना घर मिल गया, जिसके बाद परिवार ने बची हुई पूंजी से ई-रिक्शा खरीदा। आज उनके परिवार का बेटा रोज करीब एक हजार रुपये कमा रहा है और पूरा परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। वहीं सोनभद्र में आवास मिलने के बाद एक महिला लाभार्थी ने बचे हुए पैसे से डेयरी शुरू की। अतिरिक्त आय का साधन बनाया और पति के साथ मिलकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे संपूर्ण आत्मनिर्भरता का लक्ष्य पूरा हो रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार के संकल्प से हर जरूरतमंद के सिर पर पक्की छत और हर युवा के हाथ में रोजगार सुनिश्चित हो रहा है। उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

सीएम ने अभिभावक की तरह समझाया पैसे का उपयोग, कहा – बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना

सीएम ने अभिभावक की तरह समझाया पैसे का उपयोग, कहा – बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना मुख्यमंत्री का सीधा संवाद बना लाभार्थियों की प्रसन्नता का साक्षी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के दो लाख से ज्यादा लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित किए जाने के अवसर पर वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया। प्रदेश के मुखिया से सीधा संवाद करने पर इन लाभार्थियों ने प्रसन्नता के साथ सीएम का आभार भी जताया। वाराणसी की माधुरी देवी ने बताया कि कच्चे मकान से पक्के घर की ओर बढ़ते कदम से उनका परिवार बेहद खुश है। मुख्यमंत्री ने उनसे पहली किस्त की राशि का सदुपयोग करने और प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र लिखने का आग्रह किया। अयोध्या की रमावती देवी ने भी वर्षों पुरानी पक्के घर की इच्छा पूरी होने पर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। अलीगढ़ की पूनम चौधरी ने कहा कि मोदी–योगी सरकार ने उनका वर्षों का सपना साकार कर दिया है। उन्होंने शहरों में हो रहे विकास कार्यों की सराहना भी की। लखीमपुर खीरी के थारू समुदाय से हीरालाल ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी दी और समुदाय की ओर से धन्यवाद पत्र लिखने की बात कही। गोरखपुर व चित्रकूट की महिला लाभार्थियों ने भी आवास मिलने को जीवन का बड़ा बदलाव बताते हुए खुशी साझा की। मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि आवास की राशि का उपयोग केवल घर निर्माण में करें, साथ ही बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें और योजनाओं का पूरा लाभ लें। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और आत्मीयता ने पूरे कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरक बना दिया। सीएम ने लाभार्थियों को वितरित किए आवास स्वीकृति पत्र कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए। इनमें लखनऊ की आशा देवी, स्नेह तिवारी, मीरा व हसीबुन, उन्नाव की पिंकी राठौर, सीतापुर की माया देवी, रायबरेली की गीता पाल, हरदोई की राम बेटी तथा लखीमपुर खीरी की राम सहेली शामिल रहीं। सभी लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री की आत्मीयता के लिए उनका आभार जताया।

औद्योगिक इकाइयों की आवश्यक्ताओं के अनुरूप तैयार करें ट्रेंड मैनपॉवरः मुख्यमंत्री

यह समय उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए गोल्डन टाइमः मुख्यमंत्री    मुख्यमंत्री जी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत इंडिया चिप प्रा. लि., एसेंट सर्किट प्रा. लि., अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को औद्योगिक इकाई व बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए प्रदान किया भूमि आवंटन पत्र औद्योगिक इकाइयों की आवश्यक्ताओं के अनुरूप तैयार करें ट्रेंड मैनपॉवरः मुख्यमंत्री   निवेश संबंधी कार्यों को तेज गति, समयबद्ध व पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाएं सभी डवलपमेंट अथॉरिटीः मुख्यमंत्री बेहतरीन कानून व्यवस्था, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, सुशासन का लाभ उठाएं निवेशकः मुख्यमंत्री    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत इंडिया चिप प्रा. लि., एसेंट सर्किट प्रा. लि., अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को औद्योगिक इकाई व बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए रविवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। निवेशकों ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। सरकार व प्राधिकरण की ओर से हरसंभव सहयोग प्राप्त हो रहा है। अन्य प्रदेशों की अपेक्षा यूपी में सबसे तेज गति से विकास कार्यों को बढ़ाया जा रहा है।  मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए धन्यवाद देते हुए उद्यमियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि विगत साढ़े 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीति स्थिरता, सुशासन और त्वरित कार्य निष्पादन के माध्यम से अभूतपूर्व औद्योगिक परिवर्तन किया है। आज उत्तर प्रदेश संभावनाओं से आगे बढ़कर ‘परिणामों’ का प्रतीक बन चुका है। यह समय उत्तर प्रदेश में निवेश का गोल्डन टाइम है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘उद्योग प्रथम, निवेश प्रथम’ दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए स्थिर, सुरक्षित व विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 45 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। जल्द ही पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव जमीन पर उतारे जाएंगे।  मजबूत सुरक्षा व कानून व्यवस्था के कारण यूपी में निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन कनेक्टिविटी है। यहां देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क स्थापित है। सिक्सलेन, फोरलेन की इंटर स्टेट कनेक्टिविटी विकसित की गई है। हर जनपद मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ा गया है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक शहरों में मेट्रो का संचालन कर रहा है। दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल संचालित की जा रही है।  उत्तर प्रदेश शीघ्र ही जेवर में अपना पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा प्रारंभ करने जा रहा है। यह यात्री परिवहन के साथ ही कार्गो परिवहन के संचालन का भी बड़ा केंद्र होगा।  प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। निवेशकों की सहायता के लिए 118 उद्यमी मित्र कार्य कर रहे हैं। इंसेंटिव वितरण की कार्रवाई भी समयबद्ध ढंग से बढ़ रही है। विगत वर्षों में तेज निर्णय, सुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली से यीडा निवेश के बेहतरीन सर्किट के रूप में विकसित हुआ है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण/उत्पादन में निजी क्षेत्रों द्वारा कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें एचसीएल फॉक्सकॉम-इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड, एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड जैसे निजी क्षेत्रों द्वारा निवेश कार्य को बढ़ाया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।   प्रदेश में आई.टी. एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की संभावनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। इसमें अंबर इंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा निवेश महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश में बनने वाले कुल मोबाइल का 55 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है।    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध कराना होगा। इस दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण सक्रिय ढंग से कार्य को आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रम सुधार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।  मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला भूमि आवंटन पत्र मुख्यमंत्री जी के हाथों चार कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र मिला। मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को यीडा में 48 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड-एचसीएल फॉक्सकॉम का संयुक्त उपक्रम है। इस कंपनी द्वारा सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन किया जायेगा। इस उपक्रम से 3706.15 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।  एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-10 में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी द्वारा 3250 करोड़ का निवेश हो रहा है। जो फ्लेक्सिबल पीसीबी, सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का उत्पादन करेगी।  अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। कंपनी द्वारा 3532 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इससे 1500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह कंपनी कॉपर क्लेड लेमिनेट्स, पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज आदि का उत्पादन करेगी।  बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इनके द्वारा 532.18 करोड़ का किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई पहली किस्त

दो लाख से अधिक परिवारों का साकार होगा अपने घर का सपना: सीएम योगी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई पहली किस्त यूपी सरकार ने पौने नौ वर्षों में बनाया रिकॉर्ड, 62 लाख परिवारों को मिला अपना घर आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे यूपी आगे बढ़ा : सीएम योगी किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न होने का सख्त निर्देश लखनऊ  प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 2 लाख 9 हजार 421 स्वीकृत लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित की। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने इसे गरीब, मध्यम वर्ग और शहरी जरूरतमंदों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निकाय में नोडल अधिकारी तैनात कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो, निर्माण सामग्री समय पर और उचित दर पर मिले तथा किस्तें समयबद्ध जारी हों। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एक क्रांति लेकर आया है। लोग अब स्वच्छता से रहने लगे हैं। सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे उत्तर प्रदेश आगे बढ़ गया। आज 2,094 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। प्रथम किस्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये मिलेंगे। 75 प्रतिशत निर्माण पूरा होने पर दूसरी किस्त एक लाख रुपये और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल ढाई लाख रुपये की सहायता मिलेगी। पीएम मोदी को लिखें धन्यवाद पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में अब तक चार करोड़ लोग मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की पावन त्रिवेणी में स्नान कर चुके होंगे। इसके साथ अयोध्या, काशी और गढ़मुक्तेश्वर जैसे तीर्थों पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। ऐसे पावन अवसर पर आवास योजना की पहली किस्त मिलना लाभार्थियों के लिए विशेष सौगात है। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए उनसे प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र लिखने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण पूरा कर प्रदेश को अधिक सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पक्के घर का सपना साकार मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वाधिक लाभार्थी वाले जनपदों में गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, प्रयागराज, अयोध्या और महाराजगंज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 60 लाख से अधिक परिवारों को आवास का लाभ दिया गया था और आज 2 लाख से अधिक परिवारों के जुड़ने के साथ यह संख्या 62 लाख पहुंच गई है। आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व का परिणाम है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 17 लाख 66 हजार शहरी परिवारों को आवास दिया गया और आज यह संख्या बढ़कर 19 लाख 75 हजार हो चुकी है। आवास केवल छत नहीं, बल्कि स्वावलंबन की नींव है। आवास के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने अयोध्या व सोनभद्र के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आवास मिलने के बाद परिवारों ने ई-रिक्शा, डेयरी जैसे कार्य शुरू कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की। पीएम मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं प्रदान कर दी हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम बचपन से सुनते हुए आए हैं – रोटी, कपड़ा और मकान। पीएम मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं प्रदान कर दी हैं। रोटी के लिए राशन कार्ड, कपड़े के लिए हर गरीब को रोजगार से जोड़ा जा रहा और मकान के लिए पीएम आवास योजना है। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, राज्य मंत्री राकेश कुमार राठौर, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, राज्यसभा सदस्य संजय सेठ, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और लाभार्थी उपस्थित रहे।

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अयोध्या में सरयू नदी पर फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का चल रहा निर्माण

अयोध्या को होली तक मिलेगा फ्लोटिंग पब्लिक बाथ कुंड का तोहफा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अयोध्या में सरयू नदी पर फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का चल रहा निर्माण -25×15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर में विकसित होगा स्नान कुंड परिसर -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन में अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा धार्मिक पर्यटन को नई ऊँचाई देने का प्रयास साढ़े तीन करोड़ का है प्रोजेक्ट, श्रद्धालु व पर्यटकों के लिए दो भव्य स्नान कुंड रहेंगे -पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए परिसर में 7 दुकानों की भी व्यवस्था अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में विश्व प्रसिद्ध अयोध्या अब धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक और अनोखी पहल की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के तहत अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सरयू नदी पर आधुनिक फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का निर्माण करा रहा है। उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने बताया कि संभवतः फरवरी तक इसकी सौगात मिल जाएगी। लगभग होला तक इसके संचालित होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपए है। यह परियोजना धार्मिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक स्नान की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे अयोध्या का पर्यटन और भी आकर्षक बनेगा। श्री जैन ने बताया कि लिटमस मरीन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड फ्लोटिंग बाथिंग कुंड का निर्माण कर रही है। आधुनिक स्ट्रक्चर पर आधारित है फ्लोटिंग कुंड यह फ्लोटिंग स्नान कुंड 25 मीटर × 15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर आधारित होगा, जो पोंटून और उच्च-शक्ति वाले फाइबर सामग्री से निर्मित होगा। यह संरचना नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के अनुसार स्वचालित रूप से समायोजित हो सकेगी, जिससे हर मौसम में स्थिरता बनी रहेगी।  दो स्नान कुंड, दस चेंजिंग रूम परिसर में दो भव्य स्नान कुंड बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक का आकार 15 मीटर × 4 मीटर। इनमें से एक पुरुषों के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए होगा, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें दस चेंजिंग रूम होंगे। पांच महिलाओं व पांच पुरुषों के लिए रहेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर सेफ्टी बैरियर, रेलिंग, सोलर लाइट, बेंच और इमरजेंसी सपोर्ट बोट की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 7 दुकानें भी स्थापित की जाएंगी, जहां स्थानीय उत्पाद, पूजा सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी। विदेशी पर्यटकों के लिए भी रहेगा आकर्षण सरयू नदी में स्नान हिंदू परंपरा का अभिन्न अंग है। रामायण काल से ही इस नदी को पवित्र माना जाता है और यहां स्नान करने से पापों का नाश होता है। राम मंदिर के बाद लाखों-करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। फ्लोटिंग बाथिंग कुंड जैसी आधुनिक सुविधा से न केवल देशी पर्यटक, बल्कि विदेशी पर्यटक भी आकर्षित होंगे। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नदी की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर देती है, क्योंकि फ्लोटिंग संरचना से घाटों पर कचरा फैलने की संभावना कम होगी।

‘जनता दर्शन’ में आई महिला ने मुख्यमंत्री को सुनाया दुखड़ा, पुलिस आयुक्त को तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश

जनता दर्शन; बेघर की गई सीमा को मिला न्याय का भरोसा 'जनता दर्शन' में आई महिला ने मुख्यमंत्री को सुनाया दुखड़ा, पुलिस आयुक्त को तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश  दो साल की मासूम अनन्या से सीएम का संवाद देखकर लोग हुए भाव-विभोर  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए हर फरियादी की समस्या सुनी और निराकरण के लिए अफसरों को निर्देश दिया। इस दौरान लखनऊ निवासी महिला सीमा ने मुख्यमंत्री से आर्थिक विपन्नता का जिक्र किया और पति द्वारा घर से निकाले जाने  की शिकायत की। आग्रह किया कि उन्हें घर में रहने की जगह दिलाई जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त को तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  लखनऊ निवासी सीमा अपनी दो बच्चियों को लेकर  सोमवार को 'जनता दर्शन' में पहुंची। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि ससुर का निधन हो गया है। पति व ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया। दो छोटी बच्चियों को लेकर वह भटक रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से उन्हें वापस ससुराल में भिजवाने तथा वहां रहने देने के लिए गुहार लगाई। महिला ने बच्चों के लालन-पालन के लिए आर्थिक सहायता की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्त को मामले में तत्काल उचित कार्रवाई का निर्देश दिया।  जब 'बाबा' बन गए मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में अपने माता-पिता के साथ आए सभी बच्चों को चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा। इस दौरान मां सीमा के साथ दो साल की नन्ही अनन्या भी आई थी। मुख्यमंत्री ने उसे भी चॉकलेट दी और दुलार किया। चॉकलेट पाकर बच्ची खिलखिला उठी। जब मुख्यमंत्री ने उससे चॉकलेट मांगी तो उसने बड़ी मासूमियत से चॉकलेट वापस सीएम की तरफ बढ़ा दी। यह देखकर मुख्यमंत्री का बालप्रेम उमड़ पड़ा। इस दौरान नन्ही बच्ची की भाव भंगिमा और मुख्यमंत्री का संवाद देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भाव-विभोर हो गया। पुलिस, आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण भी आए 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिस, बिजली विभाग के साथ ही आर्थिक सहायता से जुड़े प्रकरण भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी से मिलकर उनका प्रार्थना पत्र लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर प्रकरण की जांच कराकर फरियादियों की समस्याओं को हल कराएं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आए फरियादियों से अस्पताल से एस्टिमेट मंगाने को कहा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार हर सुख दुःख में प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। सरकार आपकी हर उचित समस्या का निदान कराएगी।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को मिली मंजूरी, उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ   उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नया आयाम देते हुए योगी सरकार ने राज्य में छह नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इन कॉरिडोर के निर्माण से उत्तर से दक्षिण तक जिलों का सीधा जुड़ाव होगा और दो दर्जन से अधिक जिलों के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार की ओर से इन कॉरिडोर को लेकर बनाई गई कार्ययोजना को लोक निर्माण विभाग (PWD) ने स्वीकृति दे दी है। जल्द ही कैबिनेट से लागत (एस्टिमेट) को मंजूरी दिलाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। पहली बार नॉर्थ-साउथ कनेक्टिविटी पर फोकस अब तक प्रदेश में बने अधिकांश एक्सप्रेसवे और हाईवे पूर्व-पश्चिम दिशा में हैं। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को लेकर योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दो वर्षों से इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे थे। सीएम योगी इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मांग कर चुके हैं। हाल ही में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष भी नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का मुद्दा उठाया था। ये हैं प्रदेश के 6 नए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोरः श्रावस्ती-प्रयागराज कॉरिडोर (262 किमी)     मार्ग: इकौना (श्रावस्ती)-अयोध्या-सुल्तानपुर-प्रयागराज     चार पैकेज में निर्माण     कई हिस्सों में सिक्स लेन ग्रीनफील्ड हाईवे     शामली-गोरखपुर हाईवे, पूर्वांचल और विंध्य एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी कुशीनगर-वाराणसी कॉरिडोर (220 किमी)     मार्ग: कुशीनगर-देवरिया-दोहरीघाट-गाजीपुर-वाराणसी     अनुमानित लागत: ₹342 करोड़     कुछ खंड पहले से फोर लेन, शेष का निर्माण PWD करेगा नेपाल सीमा से प्रयागराज कॉरिडोर (295 किमी)     मार्ग: पिपरी (भारत-नेपाल सीमा)-सिद्धार्थनगर-जौनपुर-प्रयागराज     PWD और NHAI/MoRTH द्वारा संयुक्त निर्माण     कुल लागत 1,380 करोड़ रुपये से अधिक लखीमपुर–बांदा कॉरिडोर (502 किमी)     मार्ग: लखीमपुर-सीतापुर-लखनऊ-उन्नाव-फतेहपुर-बांदा     कई हिस्से पहले से फोर लेन     PWD और NHAI दोनों एजेंसियां करेंगी निर्माण बरेली–ललितपुर कॉरिडोर (547 किमी)     मार्ग: बरेली-आगरा-झांसी-ललितपुर     गंगा, यमुना और प्रस्तावित शामली–गोरखपुर एक्सप्रेसवे से कनेक्ट     अधिकांश हिस्से पहले से फोर लेन पीलीभीत–उरई–हरपालपुर कॉरिडोर (514 किमी)     मार्ग: पीलीभीत टाइगर रिजर्व-शाहजहांपुर-फर्रुखाबाद-उरई-हरपालपुर     गंगा, आगरा–लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से लिंक     कुल लागत करीब ₹1,188 करोड़ दो साल में पूरे होंगे सभी प्रोजेक्ट लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जाने वाले हिस्सों की कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। NHAI और MoRTH को भी उनके हिस्सों की जानकारी भेज दी गई है। लोक निर्माण के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि कैबिनेट से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा और दो साल के भीतर सभी छह कॉरिडोर पूरे कर लिए जाएंगे।  

योगी सरकार का 100 दिवसीय विशेष सघन टीबी रोगी खोज अभियान, फरवरी से होगा शुरू

योगी सरकार का 100 दिवसीय विशेष सघन टीबी रोगी खोज अभियान फरवरी से जनभागीदारी के लिए सांसद से लेकर पार्षद तक को शामिल करने के दिये निर्देश   बुजर्गों, गंभीर रोगियों व मलिन बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग पर जोर प्राइमरी स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालय तक चलेगा जागरूकता अभियान  लखनऊ योगी सरकार एक बार फिर तपेदिक (टीबी) उन्मूलन के लिए प्रदेश में 100 दिवसीय विशेष सघन रोगी खोज अभियान शुरू करने जा रही है। फरवरी में शुरू हो रहे अभियान में जनप्रतिनिधियों व विभिन्न विभागों के सहयोग से अधिकतम मरीजों को खोजकर उनका इलाज शुरू करने की रणनीति है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी अपर निदेशकों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोगियों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार हेतु प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास विभाग को लिखा है।  सघन खोज अभियान से टीबी से होने वाली मौतों में 17 फीसदी की कमी स्वास्थ्य सचिव डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि सघन टीबी खोज अभियान 7 दिसंबर 2024 से चलाया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि वर्ष 2015 के सापेक्ष प्रति एक लाख व्यक्तियों में मरीजों की संख्या में 17 प्रतिशत और टीबी के कारण होने वाली मृत्यु में भी 17 फीसदी की कमी आई है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग ने एक बार फिर से फरवरी में सघन टीबी रोगी खोज अभियान चलाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजी) डॉ. आरपी सिंह सुमन ने जनभागीदारी के महत्व को ध्यान में रखते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता से बच्चों काे किया जाएगा जागरूक सभी सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि दो माह में सांसदों के साथ जनपद स्तरीय समीक्षा करवाएं और उन्हें निःक्षय शिविर व अन्य जनभागीदारी गतिविधियों में शामिल करें। ये समीक्षा बैठकें आगे भी जारी रहेंगी। इसके अलावा विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, प्रधानों व पार्षदों को भी अभियान से जोड़ें। अभियान में सामाजिक जन जागरूकता बढ़ाने के लिए 'माई भारत' वालंटियर्स व अन्य पंजीकृत निःक्षय मित्रों का भी उपयोग करें। डीजी ने सभी कारागारों व मलिन बस्तियों में टीबी स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्राथमिक स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक में निबंध, पोस्टर प्रतियोगिता समेत विभिन्न माध्यमों से छात्र-छात्राओं में जागरूकता फैलाने के लिए कहा है। इसके अलावा समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि वे टीबी के लक्षण वाले लोगों को स्क्रीनिंग के लिए भेज सकें। परिवहन विभाग से जुड़े समस्त चालकों व कंडक्टरों की स्क्रीनिंग कराने व कारखानों में काम करने वालों की भी शिविर लगाकर जांच करने को कहा गया है।  यह है अभियान की रणनीति  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व उससे नीचे की स्वास्थ्य इकाइयों से पांच प्रतिशत और जिला अस्पताल, मेडिकल काॅलेजों से 10 प्रतिशत लोगों को सामान्य ओपीडी से टीबी जांच के लिए रेफर करना।    आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से टीबी जांच के लिए सैम्पल ट्रांसपोर्टरों की व्यवस्था कराना।  बुजुर्गों व गंभीर मरीजों की यथासंभव जांच कराना।  स्थानीय गैर सरकारी संगठनों, कॉरपोरेट, विभागों, संस्थानों को निःक्षय मित्र के रूप में प्रेरित करना।

योगी मॉडल के कारण संकट से निकल समृद्धि तक पहुंची खेती-किसानी

बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट: खेत से खुशहाली तक पहुंचे यूपी के किसान योगी मॉडल के कारण संकट से निकल समृद्धि तक पहुंची खेती-किसानी  अन्नदाताओं ने किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा पौने नौ वर्ष में अन्नदाता बना सशक्त, कृषि क्षेत्र में आई क्रांति  लखनऊ उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर यकीन किया तो 2017 से पहले के खाद्यान्न संकट, कालाबाजारी व अराजकता से मुक्ति मिली और किसान पौने नौ वर्ष में ही समृद्धि के पथ पर अग्रसर हो गए। योगी मॉडल का ही असर है कि देश की कुल कृषि भूमि का महज 10 फीसदी हिस्सा रखने वाले उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में योगदान 21 फीसदी हो चुका है। 2017 से पहले कृषि क्षेत्र में विकास दर सिंगल डिजिट पर टिकी थी, लेकिन योगी सरकार में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों में यह विकास दर पिछले तीन सालों में 14 फीसदी से अधिक रही। यूपी के किसान ‘खेत से खुशहाली’ तक पहुंचे हैं। डबल इंजन सरकार की नीतियों से उत्तर प्रदेश की खेती उत्पादकता के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की सोच और नीतियों ने उस तस्वीर को बदला, जिसमें किसान खुद को हाशिये पर महसूस करता था। 2017 में सत्ता संभालते ही योगी सरकार द्वारा सबसे पहले किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की बात हो या पहली बार वैज्ञानिकों द्वारा ‘लैब से निकल कर लैंड’ तक पहुंच कर विकसित कृषि संकल्प अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश के 14170 गांवों में 23.30 लाख किसानों से संवाद साधने की, योगी युग में खेती सिर्फ जीविका का साधन नहीं, बल्कि विकास की धुरी बन गई है।  वोटबैंक नहीं, अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना किसान  खेती-किसानी को प्राथमिकता और पारदर्शी व्यवस्था के कारण पौने नौ वर्ष में यूपी की तस्वीर बदली। कृषि व्यवस्था सिर्फ योजनाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि ज़मीनी बदलाव का माध्यम बनी। कभी कर्ज़, सिंचाई और भुगतान की परेशानियों से जूझने वाला किसान सरकार की प्राथमिकता के केंद्र में आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभालते ही स्पष्ट कर दिया कि किसान सिर्फ वोट बैंक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इस सोच के साथ कृषि क्षेत्र में अनेक सुधार शुरू हुए। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पारदर्शिता से फसल खरीद होने लगी। भुगतान व्यवस्था को समयबद्ध किया गया। किसान को उपज का उचित मूल्य मिलने लगा। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया। नहरों के पुनर्जीवन, नलकूपों की संख्या में वृद्धि और मुफ्त/रियायती सिंचाई योजनाओं ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई। सूखे और जल संकट वाले इलाकों में भी खेती सांस लेने लगी। किसानों के सम्मान पर केंद्रित नीतियां  2017 के पहले जिस उत्तर प्रदेश में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर था, वहां 2017 के बाद किसानों का सम्मान होने लगा। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में एक क्लिक पर किसानों को सम्मान निधि मिलने लगी, जिसमें यूपी अग्रणी भूमिका में रहा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की जारी 21वीं किस्त तक उत्तर प्रदेश के किसानों को 94,668.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। दो करोड़ से अधिक किसानों को किसान पाठशाला के जरिए नवीन तकनीक व उन्नत खेती से जोड़ा गया। 16 लाख निजी ट्यूबवेल से जुड़े किसानों का ऋण माफ किया गया। सहकारिता के माध्यम से संचालित एलडीबी द्वारा किसानों को साढ़े 11 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन मिलता था, अब यह छह फीसदी पर मिलेगा। लखनऊ के अटारी में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की स्मृति में सीड पार्क, बाराबंकी में टिश्यू कल्चर लैब के लिए 31 एकड़ भूमि तथा पीलीभीत में बासमती उत्पादन व प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए सात एकड़ जगह चिह्नित की गई।  गन्ने ने भरी ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा  योगी सरकार ने गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति कुन्तल की वृद्धि की। अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य ₹400 प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹390 प्रति कुन्तल निर्धारित किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। यह निर्णय न केवल गन्ना किसानों की आमदनी में वृद्धि करेगा, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र में नई ऊर्जा भी भरेगा। 2017 के पहले तक किसानों का असंतोष अब विश्वास में बदला है। 2017 से अब तक 2.96 लाख करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया।  विश्वास, स्थिरता और भविष्य की उम्मीद सरकार ने सिर्फ परंपरागत खेती पर ही नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार पर भी जोर दिया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कृषि यंत्रीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसान को आधुनिक खेती से जोड़ा गया। बीज से लेकर बाजार तक की यात्रा को आसान बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। योगी सरकार ने अपनी नीतियों से संदेश दिया कि खेती घाटे का सौदा नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका का सबसे बड़ा माध्यम है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन, खरीद और किसान कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में अब अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में यूपी में खेती विश्वास, स्थिरता और भविष्य की उम्मीद की कहानी बनकर उभरी है। यहां किसान खुद को अकेला नहीं महसूस करता, क्योंकि वह जानता है कि सरकार पग-पग पर साथ खड़ी है।

योगी आदित्यनाथ से “क्या चाहिए?” पर बच्चे का जवाब था “चिप्स”, हर कोई हंसी रोक न सका

गोरखपुर  मकर संक्रांति पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में सुबह चार बजे उन्होंने विधि-विधान के साथ गुरु गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की. पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भेंट के दौरान एक ऐसा क्षण सामने आया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं से मिले. जब वो बैठे थे तो एक छोटे बच्चे को अपने पास बुलाया और स्नेहपूर्वक उसके सिर पर हाथ फेरा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने सहज भाव से उससे पूछा क्या चाहिए? बच्चा पहले कुछ नहीं बोला. योगी जी ने दो-तीन बार बड़े ही अपनत्व से पूछा, तब जाकर बच्चे ने मुख्यमंत्री के कान में धीरे से कुछ कहा. पहले तो मुख्यमंत्री समझ नहीं पाए कि बच्चा क्या कह रहा है. जैसे ही बात स्पष्ट हुई कि बच्चे ने चिप्स मांगे हैं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खिलखिलाकर हंस पड़े. उनका यह ठहाका देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी भी मुस्कुरा उठे. इसके बाद तत्काल बच्चे के लिए चिप्स मंगवाकर उसे दिया गया. गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य: मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में प्रदेशवासियों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो आस्था, साधना और सामाजिक समरसता का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र स्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं. गुरुवार को गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं. उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे प्रातः चार बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित करने का अवसर मिला. सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं मकर संक्रांति के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं. उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में सूर्य उपासना को विशेष स्थान दिया गया है. मकर संक्रांति का पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत प्रशस्त माना जाता है. मुख्यमंत्री ने बताया कि ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार सूर्य का अयन वृत्त 12 राशियों में विभाजित है. एक राशि से दूसरी राशि में सूर्य के संक्रमण को संक्रांति कहा जाता है. जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है, तो वह मकर संक्रांति कहलाती है. इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं और अगले छह महीने तक मिथुन राशि तक उत्तरायण रहते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तरायण काल में दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं. यह समय ऊर्जा, जीवन और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. सूर्य के प्रकाश का मानव जीवन में कितना महत्व है, इसका अनुमान भारत की ऋषि परंपरा और पर्व-त्योहारों से लगाया जा सकता है. देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर में जहां लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं, वहीं प्रयागराज में भी संगम तट पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज में कल्पवासी और संतजन अपनी साधना में लीन हैं. मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के पावन संगम में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. यह दृश्य भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पर्व न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी कार्य करते हैं. मकर संक्रांति का संदेश है ऊर्जा, प्रकाश और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होना.