samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार

यूपी आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप बनाएगा ट्रॉमा सेंटर मुख्यमंत्री का निर्णय: 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की होगी स्थापना, आपात स्थितियों में मिलेगा त्वरित उपचार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक संपन्न विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ के गठन के निर्देश एलोपैथी एवं आयुष के समन्वय से इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना का निर्णय स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अंतर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेंटर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मंगलवार को बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली-ओपीडी, वर्चुअल ओपीडी, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इंटीग्रेटिव ओपीडी, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित प्रमाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।

बाबरी ढांचे पर CM योगी का सख्त संदेश: ‘कयामत तक पुनर्निर्माण नहीं होगा’

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों और कट्टरपंथी विचारधारा रखने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अयोध्या में जिस स्थान पर राम मंदिर बना है, वहां अब किसी और ढांचे की कल्पना करना भी व्यर्थ है. बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है. सीएम योगी ने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण अब कभी नहीं होगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा, "कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा." जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किया गया वादा पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, “हम लोगों ने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. और मंदिर वहीं बन गया.” उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर अपने निर्धारित स्थान पर बन चुका है और यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. 'अवसरवादी लोग स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं' सीएम योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण के सपने देख रहे हैं, उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था का प्रतीक है. भगवान राम सबके हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं है, लेकिन कुछ अवसरवादी लोग अपने स्वार्थ के लिए राम को भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है. सीएम ने कहा कि जो कयामत के दिन का सपना देख रहे हैं, वे सड़-गल जाएंगे, वह दिन कभी आने वाला नहीं है. भारत की विरासत, गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म का सम्मान करते हुए केसरिया ध्वज सदैव देश का मान बढ़ाता रहेगा. योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वजारोहण का उल्लेख करते हुए इसे सनातन का प्रतीक बताया. उन्होंने अवसरवादियों पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट आने पर कुछ लोगों को राम याद आते हैं, बाकी समय वे राम को भूल जाते हैं, इसलिए भगवान राम भी उन्हें भूल चुके हैं.  कानून तोड़ने वालों को सख्त चेतावनी सीएम योगी ने जनसभा में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा, “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे. कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों का यह सपना कभी पूरा नहीं होगा. सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है और कानून तोड़ने वालों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि उनकी सात पीढ़ियां उसे याद रखेंगी. जो कानून तोड़ेगा, उसे जहन्नुम का रास्ता दिखाएंगे." उन्होंने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वालों और रामकाज में बाधा डालने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है. भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता. देश और सनातन पर अंदर और बाहर से प्रहार हो रहे हैं, जिनसे सजग और सचेत रहने की जरूरत है. कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, कुछ साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ लोग साजिश के लिए बिककर काम कर रहे हैं. उन्होंने जनता से इन दुष्प्रवृत्तियों के खिलाफ तैयार रहने का आह्वान किया. 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि तब प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और असुरक्षा का माहौल रहता था. उन्होंने कहा कि उस समय न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न किसान, न नौजवान, मंदिर, विद्यालय और घर तक सुरक्षित नहीं थे. पहले हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जिले में कर्फ्यू लगता था और लोगों में भय का वातावरण बना रहता था. अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और सुरक्षा का माहौल स्थापित हुआ है.

सीएम बोले- प्रो. श्याम बिहारी लाल ने शिक्षण अनुभव को जनसेवा से जोड़कर लोकतंत्र को दी मजबूती

प्रदेश ने खोए जमीन से जुड़े और जनजातीय समाज के नेता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने विधानसभा के दिवंगत सदस्यों के प्रति अर्पित की श्रद्धांजलि सीएम बोले- प्रो. श्याम बिहारी लाल ने शिक्षण अनुभव को जनसेवा से जोड़कर लोकतंत्र को दी मजबूती विजय सिंह गौड़ ने जल-जंगल-जमीन और बुनियादी अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक किया संघर्ष: सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक जताते हुए सदन में कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी 2026 को 60 वर्ष की आयु में हो गया। वह दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और फरीदपुर (बरेली) से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल मिलनसार और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। शिक्षा जगत से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वह इतिहास संकलन समिति, बरेली के अध्यक्ष तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को गति दी और पिछड़े, वंचित व गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम किया। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वान जब जनप्रतिनिधि बनते हैं तो वह लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उनके निधन से प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजय सिंह गौड़ के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सदन को बताया कि समाजवादी पार्टी से विधायक विजय सिंह का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हो गया था। वह आठवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1980 से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने सर्वप्रथम वर्ष 1980, फिर 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 में चुनाव जीता था। वर्ष 2024 के उप चुनाव में वह दुद्धी विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। वह जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। सीएम योगी ने कहा कि विजय सिंह गौड़ ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे प्रदेश ने संघर्षशील समाजसेवी और अनुभवी राजनेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत सदस्यों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री का निर्देश, प्रदेश में इको-टूरिज्म विकास हेतु समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए

निजी क्षेत्र की भागीदारी से इको-टूरिज्म स्थलों पर विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित हों: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, प्रदेश में इको-टूरिज्म विकास हेतु समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए प्रकृति संरक्षण, रोजगार और निवेश का समन्वित मॉडल बने इको-टूरिज़्म, स्थानीय सहभागिता अनिवार्य: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ईको-टूरिज़्म विकास बोर्ड की बैठक सप्ताहांत में दिल्ली-पलिया और लखनऊ पलिया बस सेवाएं शुरू हों: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाते हुए इसके लिए एक समग्र एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध जैवविविधता, वन क्षेत्रों और प्राकृतिक विरासत में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं निहित हैं, जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने की आवश्यकता है। इसके लिए निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि इको-टूरिज्म को एक सशक्त और टिकाऊ उद्योग के रूप में विकसित किया जा सके। सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की बैठक मेंमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चयनित इको-टूरिज्म स्थलों पर पर्यटकों के लिए अच्छे होटल और स्तरीय रेस्टोरेंट, गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का कुसम्ही जंगल, अयोध्या का कुमारगंज क्षेत्र, गाजीपुर का कामाख्या वन पार्क तथा लखीमपुर खीरी की महेशपुर रेंज जैसे संभावनाशील क्षेत्रों को पीपीपी मॉडल के माध्यम से विकसित किया जाए और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जैवविविधता, प्राकृतिक संपदा, वेटलैंड, झीलें, वन्यजीव और नदी तंत्र केवल पर्यटन का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य का आधार हैं। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म आने वाले वर्षों में रोजगार, अर्थव्यवस्था, संरक्षण और वैश्विक पहचान का बड़ा स्तंभ बनेगा, इसलिए प्रत्येक जिले में सुरक्षित, स्वच्छ और सस्टेनेबल इको-टूरिज़्म मॉडल विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इको-टूरिज्म को प्रकृति संरक्षण, स्थानीय रोजगार, निजी निवेश और ग्रामीण विकास का मजबूत मॉडल बनाया जाए तथा इसके संचालन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए।  बैठक में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच दुधवा, पीलीभीत, रानीपुर और कतरनियाघाट टाइगर रिज़र्व सहित हैदरपुर, बखिरा, सूर सरोवर, समसपुर और नवाबगंज जैसे प्रमुख वेटलैंड्स में कुल 44 इको-टूरिज़्म इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। बोर्ड अब परिसंपत्तियों के मॉनेटाइजेशन और दीर्घकालिक सस्टेनेबिलिटी पर काम कर रहा है, जिसके तहत इको लॉज, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और पर्यटक सुविधाओं के लिए पीपीपी मॉडल लागू किया जा रहा है।  मुख्यमंत्री ने कनेक्टिविटी सुधार पर जोर देते हुए कहा कि लखनऊ-पलिया और नई दिल्ली-पलिया के बीच सप्ताहांत एसी बस सेवा का संचालन किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पीलीभीत-मैलानी-बहराइच के लिए क्षेत्रीय बस सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए और कहा कि परिवहन निगम के सफल मॉडल को देखते हुए इन सेवाओं का विस्तार अन्य इको-टूरिज़्म स्थलों तक किया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न जिलों जैसे अयोध्या, आगरा, गोरखपुर, लखनऊ, चित्रकूट, महराजगंज, प्रयागराज, बांदा, बहराइच, सीतापुर, उन्नाव, बलिया, इटावा, मैनपुरी आदि में नए पार्क, इंटरप्रिटेशन सेंटर, वेटलैंड विकास, बर्ड वॉचिंग टॉवर, ट्रेल्स, कैंपिंग और पर्यटक सुविधाओं पर आधारित कुल 31 नई परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। बोर्ड द्वारा एक एआई चैटबॉट और मोबाइल एप भी विकसित किया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विकास की विभागीय गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण सक्सेना की गरिमामयी सहभागिता रही।

वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रत्येक प्रस्ताव में पर्यावरणीय जोखिम और जैव-विविधता का वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य: मुख्यमंत्री

वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में सभी विकास कार्य वैज्ञानिक मानकों और पर्यावरणीय संतुलन के साथ हों: मुख्यमंत्री वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े प्रत्येक प्रस्ताव में पर्यावरणीय जोखिम और जैव-विविधता का वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य: मुख्यमंत्री राज्य वन्यजीव परिषद की बैठक में विभिन्न जनपदों की अनेक विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी विकास की आड़ में अनावश्यक वृक्ष कटान नहीं, विकल्पों में इको-फ्रेंडली तकनीक अपनाई जाए: मुख्यमंत्री वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर, सिल्ट हटाने का कार्य तत्काल कराया जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास एवं निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के पूर्ण अनुपालन के साथ ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा है कि विकास की प्रत्येक प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवागमन तथा आवासीय निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं। प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गों और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत एवं वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित एवं टिकाऊ दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में विभिन्न वन्य जीव क्षेत्रों में विकास की विभिन्न परियोजनाओं पर निर्णय भी हुआ। परिषद के समक्ष कुल 12 नए प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें सड़क चौड़ीकरण, पेट्रोल पंप एवं फ्यूल स्टेशन स्थापना, ट्यूबवेल प्रेशर प्रणाली, भूमिगत पाइपलाइन, मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल तथा संपर्क मार्ग निर्माण जैसी विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। ये प्रस्ताव इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली, बांदा सहित विभिन्न जनपदों के वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों तथा इको-सेंसिटिव जोन से संबद्ध हैं। बैठक में परियोजनाओं पर सहमति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने वृक्ष कटाई से संबंधित प्रस्तावों पर विशेषज्ञों की राय लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक वृक्ष कटान की अनुमति न दी जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वृक्षों की कटाई केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही की जाए और विकास की आड़ में पर्यावरण को क्षति न पहुँचे। जहां विकल्प उपलब्ध हों, वहां ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर तथा इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास परियोजनाओं की गति और वन्यजीव संरक्षण, दोनों राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं और उत्तर प्रदेश सरकार संतुलित, वैज्ञानिक तथा दूरदर्शी नीति के साथ इन दोनों उद्देश्यों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वेटलैंड्स में सिल्ट जमा होने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है, जिसका तत्काल निराकरण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यह कार्य ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेटलैंड्स प्राकृतिक धरोहर हैं और प्रत्येक दशा में उनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

प्रदेश में भूख नहीं, अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख परिवारों को मिला सरकारी सहारा

आर्थिक समीक्षा प्रदेश में अब नहीं सोता कोई भूखा, अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख परिवार लाभान्वित 78,510 उचित दर दुकानें संचालित, 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित 'मॉडल फेयर प्राईस शॉप' की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित लखनऊ  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत प्रदेश सरकार, गरीब एवं पात्र परिवारों को निःशुल्क और रियायती दरों पर खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिये प्रतिबद्ध है। इस हेतु पात्र परिवारों का चयन कर राशन कार्ड जारी किये गये हैं, जिनको डिजिटल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में दिसंबर, 2025 तक कुल 78,510 उचित दर दुकानें संचालित है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र की 67,114 तथा नगरीय क्षेत्र की 11,396 दुकाने हैं। इसमें 22.9% दुकानें महिलाओं को आवंटित हैं। राज्य में दिसंबर, 2025 तक जारी कुल 362.35 लाख राशनकार्ड्स में अंत्योदय श्रेणी के 40.85 लाख (11.27%) परिवार एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के 321.50 लाख (88 73%) परिवार हैं, जो उक्त अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित हैं। वन नेशन वन राशनकार्ड बना संबल वर्ष 2020-21 से प्रारम्भ वन नेशन बन राशनकार्ड' योजनान्तर्गत अन्तर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी (उत्तर प्रदेश के लाभार्थियों द्वारा अन्य राज्यों में प्राप्त किया) की सुविधा से वर्ष 2024-25 में 38.12 लाख राशनकार्ड धारक लाभान्वित हुए, जो योजना प्रारंभ के अग्रिम वर्ष 2021-22 में लाभान्वित 8.88 लाख के सापेक्ष (03 वर्षों में) कई गुना वृद्धि है। वर्ष 2025-26 के अंतर्गत दिसंबर, 2025 तक 28.03 लाख लाभान्वित हुए हैं। 'मॉडल फेयर प्राईस शॉप' के तहत 7481 अन्नपूर्णा भवन 'मॉडल फेयर प्राईस शॉप' की बहुद्देशीय पहल के अंतर्गत 31 जनवरी, 2026 तक कुल 7481 अन्नपूर्णा भवन निर्मित कराये गये हैं, जिनमें राशन वितरण के साथ सी एस सी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। सी. पी. आई आधारित मुद्रास्फीति की दर कोविड के बाद लगातार गिरावट के साथ वर्ष 2025-26 में माह अक्टूबर, 2025 तक (-)1.71 हो गयी, जिसके फलस्वरूप महगाई नियंत्रित हुयी, क्रय शक्ति बढ़ी तथा मांग आधारित अर्थव्यवस्था में सुधार परिलक्षित हुआ। अद्यतन प्रकाशित बहुआयामी गरीबी (हेडकाउंट रेशियो आकलन) वर्ष 2013-14 में 42.59% थी. जो वर्ष 2022-23 में तेजी से घटते हुए 17.40% रह गयी, इस अवधि में प्रदेश के सर्वाधिक 5.94 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया सुदृढ़ कानून व्यवस्था का खाका

आर्थिक सर्वे 2025-26 प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई से अपराध दर में आई गिरावट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में रखी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, प्रस्तुत किया सुदृढ़ कानून व्यवस्था का खाका   बोले, आधुनिक तकनीक से सशक्त हुई पुलिसिंग,सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था से बढ़ा जनविश्वास महिला पुलिस बीट, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और सेफ सिटी परियोजना से सुरक्षित हुई सार्वजनिक स्थल लखनऊ  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी, जिसमें कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। इसका सकारात्मक असर यह रहा कि प्रदेश में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम जनता के साथ-साथ निवेशकों का भी विश्वास बढ़ा है। महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी और एंटी रोमियो स्क्वायड ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देकर पुलिस सुधारों को नई दिशा दी गई है। सीसीटीवी, डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से पुलिस की कार्यक्षमता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। इससे जनता में निर्भीक होकर शिकायत दर्ज कराने का वातावरण तैयार हुआ है और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिली है। महिला सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सेफ सिटी परियोजना के तहत महिला पुलिस बीट, सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी-रोमियो स्क्वॉड्स की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश फैक्ट्री अधिनियम (संशोधित) 2025 के माध्यम से महिलाओं को औद्योगिक कार्यों, विशेषकर नाइट शिफ्ट में, समान अवसर प्रदान किए गए हैं। मिशन शक्ति से सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिली है। वहीं न्यायिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ई-कोर्ट्स की स्थापना की गई है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है। आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख है कि जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से छोटे प्रक्रियात्मक अपराधों का अपराधीकरण समाप्त कर पारदर्शिता आधारित शासन मॉडल को मजबूती दी गई है। कुल मिलाकर, कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और न्यायिक सुधारों के क्षेत्र में सरकार के इन कदमों ने उत्तर प्रदेश को सुरक्षित और निवेश के अनुकूल राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

किसानों के लिए अब खुशी का माध्यम बनी कृषि

कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन किसानों के लिए अब खुशी का माध्यम बनी कृषि  विधान मंडल के बजट सत्र में योगी सरकार ने प्रस्तुत किया आर्थिक सर्वेक्षण   विकसित उत्तर प्रदेश 2047- कृषि को आधुनिक व किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित  लखनऊ,  योगी सरकार ने विधान मंडल के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। योगी सरकार ने प्रदेश के विकास में कृषि व किसान को प्राथमिकता में रखा। लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर देकर योगी सरकार ने अन्नदाता किसानों को समृद्ध किया। योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र किया।  कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़कर हुआ 24.9 प्रतिशत  आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक 2017-18 के सापेक्ष 2024-25 में कृषि व संबद्ध क्षेत्रों का अर्थव्यवस्था में योगदान 24 प्रतिशत से बढ़कर 24.9 प्रतिशत हो गया। 2024-25 में 737.4 लाख मीट्रिक टन के साथ खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। 2017-18 से 2024-25 की अवधि में कुल खाद्यान्न उत्पादन में 28.5 प्रतिशत तथा उत्पादकता में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रदेश में कुल खाद्यान्न उत्पादन का देश में योगदान 18.1 प्रतिशत से बढ़कर 20.6 प्रतिशत हो गया। फसलों का प्रति हेक्टेयर सकल मूल्यवर्धन वर्ष 2017-18 में 0.98 लाख प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 1.73 लाख प्रति हेक्टेयर हो गया है। 2023-24 व 2024-25 में खरीफ, रबी फसलों के क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में काफी परिवर्तन हुआ। राज्य के कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में धान की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत है। धान के क्षेत्रफल में 19.4 प्रतिशत, उत्पादन में 23.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2024-25 में 29.4 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। रबी फसलों की बात करें तो 2023-24 व 2024-25 में प्रदेश की क्षेत्रफल, उत्पादन व उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। रबी फसल गेहूं की कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीओ) में 18.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके क्षेत्रफल में 2.6 प्रतिशत, उत्पादन में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादकता भी 3.5 प्रतिशत बढ़कर 41.2 कुंतल प्रति हेक्टेयर हो गई है। राज्य सरकार की नीतियों (दलहन-तिलहन मिशन, बागवानी विकास कार्यक्रम, एमएसपी और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं ने फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया है। 2017-18 से 2024-25 के बीच दलहन का क्षेत्रफल 22.64 से बढ़कर 25.66 लाख हेक्टेयर हो गया है। तिलहन का क्षेत्रफल 10.87 से बढ़कर 28.8 लाख हेक्टेयर (लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि) हो गया।  कृषि विकास के लिए संचालित की जा रहीं महत्वपूर्ण योजनाएं व कार्यक्रम  उर्वरक वितरण: 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 806.70 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया। कृषि रक्षा रसायनः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 1,52,960.11 मीट्रिक टन/किलोलीटर कृषि रक्षा रसायन वितरित किए गए। फसली ऋण वितरणः 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल रु.1,34,2978.3 करोड़ फसली ऋण वितरित किया गया। पीएम-किसान सम्मान निधि : वर्ष 2018-19 से माह नवम्बर 2025 तक कुल 21 किस्तों में 3.12 करोड़ किसानों को कुल रु० 94,668.58 करोड़ की धनराशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गयी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाः वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल 61.98 लाख बीमित किसानों को रु० 5110.23 करोड़ धनराशि की क्षतिपूर्ति दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के माह नवम्बर तक कुल 2.03 लाख कृषकों को रु० 138.89 करोड़ की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है। खेत तालाब योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक कुल 32,732 खेत तालाब का निर्माण कराया गया। एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान-2025- इसके तहत 24 लाख सदस्य बनाये गए। 43 करोड़ की राशि एकत्र एवं जिला सहकारी बैंक में 2 लाख से अधिक खाते खोले गए एवं 550 करोड़ रुपये जमा किए गए। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम कुसुम) योजनाः वर्ष 2017-18 से नवम्बर, 2025 तक किसानों के प्रक्षेत्रों पर कुल 86,128 सोलर पम्प की स्थापना की गई।  भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा उत्तर प्रदेश  सीड पार्क- उत्तर प्रदेश में बीज पार्कों की स्थापना : कृषि आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5 कृषि-जलवायु क्षेत्रों में एक-एक उन्नत बीज पार्क की स्थापना की जा रही है। यह निर्णय प्रदेश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगा। पहला पार्क लखनऊ के अटारी क्षेत्र में 130.63 एकड़ भूमि पर 266.70 करोड़ के निवेश से बनेगा, जहाँ बीज प्रसंस्करण, स्पीड ब्रीडिंग, हाइब्रिड बीज विकास की सुविधा होगी। इससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर भी उत्पन्न होंगे। *सीड पार्कों की स्थापना से बाहर से बीज आयात पर निर्भरता घटने के साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे बेहतर उत्पादन होगा और आय में वृद्धि होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश को कृषि आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा तथा आने वाले वर्षों में प्रदेश भारत का बीज उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता प्राप्त करेगा। बागवानी फसलों के संवर्धन हेतु संचालित योजनाएं एवं कार्यक्रम प्रदेश में 2024-25 में कुल बागवानी का क्षेत्रफल 2566.4 हेक्टेयर व उत्पादन 60339.8 मीट्रिक टन है। आम, आलू, मटर, सब्जी, शहद के उत्पादन में यूपी देश का अग्रणी राज्य है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए एकीकृत बागवानी विकास मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, पर ड्राप मोर क्राप योजना तथा फल पट्टियों के विकास हेतु अनेक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। प्रदेश में हाईटेक नर्सरी की स्थापना, टिश्यू कल्चर से केला, पपीता जैसे फलदार बागों के रोपण, मशरूम उत्पादन, पोली हाउस व शेडनेट हाउस की स्थापना, मधुमक्खी पालन, शीत गृहों की स्थापना एवं क्षमता विस्तार हेतु अनुदान भी दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-पर ड्राप मोर क्रॉप माइक्रोइरीगेशन के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 से पर ड्राप मोर क्राप माइक्रोइरीगेशन उपघटक के रूप में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत समस्त जनपदों में संचालित की जा रही है। वर्ष 2023-24 के 18,257 हे० की तुलना में 2024-25 के 37,627 हे० तथा ड्रिप सिंचाई में 42,450 हे० के सापेक्ष 64,711 हे० माइक्रोइरीगेशन किया गया। आलू बीज उत्पादन एवं वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में उच्च गुणवत्तायुक्त आलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आलू उत्पादकों को उच्चकोटि के रोग रहित आलू बीज उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान … Read more

बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले मीडियाकर्मियों से बात की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने

संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है सरकारः मुख्यमंत्री बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले मीडियाकर्मियों से बात की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारी सरकार का यह 10वां बजट, 20 फरवरी तक चलेगा सदनः सीएम योगी  उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा उठाया गया कदमः मुख्यमंत्री   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र प्रारंभ होने से पहले सोमवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत की। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल आज से बजट सत्र प्रारंभ कर रहा है। यह हमारी सरकार का 10वां बजट है। सीएम ने सभी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो कार्यवाही बाधित करने के बजाय संवाद करे, क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है। राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत  सीएम योगी ने कहा कि संसदीय परंपराओं के अनुरूप इसकी शुरुआत राज्यपाल जी के अभिभाषण से होगी। बजट सत्र में दो महत्वपूर्ण एजेंडे होते हैं। पहला- माननीय राज्यपाल का अभिभाषण और दूसरा- सामान्य बजट। राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों व भारी कार्ययोजना का दस्तावेज होता है, जिसे उनके द्वारा सदन के माध्यम से जनता जनार्दन को समर्पित किया जाता है। सभी सदस्य इस पर चर्चा करते हैं। आज राज्यपाल द्वारा समवेत सदन को संबोधन के माध्यम से अपना अभिभाषण दिया जाएगा।  20 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र  सीएम योगी ने कहा कि 2026-27 का सामान्य बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत होगा। इसके उपरांत इस पर चर्चा होगी। बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा।  उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत होगा  सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद सदन के पटल पर उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत होगा। पहली बार कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियों को लेकर यह कदम उठाएगी। हमने यूपी को बीमारूपन से उबारकर भारत की इकॉनमी के ब्रेकथ्रू के रूप में स्थापित किया है। इन सभी कारकों और यूपी के आर्थिक उन्नयन की इस यात्रा को जानने का अधिकार जनप्रतिनिधियों व जनता जनार्दन को भी होना चाहिए। हमने कितना आर्थिक उन्नयन किया है, यूपी में प्रति व्यक्ति आय में क्या वृद्धि हुई है, रोजगार सृजन की स्थिति क्या है, वित्तीय प्रबंधन में कैसे हमने विषम परिस्थितियों से उबार कर पिछले पांच वर्षों से लगातार यूपी को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। इन सभी बिंदुओं को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी सदन में प्रस्तुत होगी। सदस्यों के लिए डेटा प्रस्तुत करने और चर्चा के लिए यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण दस्तावेज होगी। हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करेगी सरकार  सीएम योगी ने कहा कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। यह कार्यवाही को बाधित करके नहीं, बल्कि संवाद से चलता है। किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो संवाद करे, क्योंकि सरकार संवाद से समस्या के समाधान में विश्वास करती है। हर सदस्य के बहुमूल्य सुझावों को स्वीकार करने के साथ ही सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य के हित में आवश्यक कदम उठाने को सदैव तत्पर है। सीएम ने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि कार्यवाही को बाधित न किया जाए, अनावश्यक शोरगुल से बचा जाए।  यूपी के विकास की गति को और तेज करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा बजट सत्र  सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों के दौरान विधानमंडल में कार्यवाही के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। बजट सत्र पर प्रदेश-देश की निगाहें होंगी। माननीय सदस्यों द्वारा यह अपने महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाने का मंच बनेगा। बजट सत्र उत्तर प्रदेश के विकास की इस स्पीड को और तेज करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। सीएम ने सभी पक्षों के सदस्यों से अपील की कि विधायिका के सर्वोच्च मंच पर जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाएं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह व राकेश सचान, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख आदि मौजूद रहे।

शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’

जनता दर्शन  हर नागरिक की सेवा, सुरक्षा को प्रतिबद्ध है सरकारः मुख्यमंत्री शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ‘जनता दर्शन’  हापुड़ से आए सैनिक ने जमीन कब्जे की शिकायत की, मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर कार्रवाई का दिया निर्देश  सीएम ने बच्चों को दी सीख- मन लगाकर पढ़ाई करो, मोबाइल से दूर रहो  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासकीय दायित्वों की व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने यहां आए प्रत्येक नागरिक से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। हापुड़ से आए दो सैनिकों ने मुख्यमंत्री से जमीन पर कब्जे की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल मामले की जांच कर उचित निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा व सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने बच्चों को सीख दी कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो और मोबाइल से दूर रहो। सैनिकों ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत  हापुड़ से आए दो सैनिक भी ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे। एक सैनिक ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की। बताया कि वह और उनके भाई सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता नेत्रहीन हैं। उनकी जमीन ताऊ के लड़कों ने कब्जा कर ली है, जिनकी आपराधिक छवि है। ताऊ के लड़के हथियार के बल पर धमकी भी देते हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका प्रार्थना पत्र लेते हुए हापुड़ प्रशासन को निर्देश दिया कि पूरे मामले की तत्काल जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें।  आप एस्टिमेट दीजिए, सरकार इलाज कराएगी  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि आप हॉस्पिटल से एस्टिमेट बनवाकर दें, सरकार इलाज में हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आप मरीज के स्वास्थ्य की चिंता कीजिए, इलाज की चिंता सरकार की जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त बिजली, नगर निगम, राजस्व आदि से जुड़े मामले भी आए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उचित निस्तारण का निर्देश दिया।  सीएम ने बच्चों को दुलारा और सीख भी दी  'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से समस्याएं जानीं तो बच्चों का हालचाल पूछा। उनकी पढ़ाई के बारे में भी जाना। फिर कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करना और मोबाइल से दूर रहना। सीएम ने इन बच्चों पर स्नेह बरसाने के साथ उन्हें चॉकलेट भी दी।