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विशेषज्ञ बोले , उत्तर प्रदेश को एआई आधारित हेल्थ मिशन की दिशा में आगे बढ़ा रही योगी सरकार

स्टार्टअप इकोसिस्टम से उत्तर प्रदेश बन सकता है ग्लोबल एआई पावर हाउस : कविता भाटिया  विशेषज्ञ बोले , उत्तर प्रदेश को एआई आधारित हेल्थ मिशन की दिशा में आगे बढ़ा रही योगी सरकार एआई से उत्तर प्रदेश अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता को कर रहा मजबूत   आर्थिक विकास और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान भी बनाने के लिए लगातार आगे बढ़ रहा यूपी  लखनऊ,  उत्तर प्रदेश एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कान्फ्रेंस के पहले दिन  होटल द सेंट्रम में हेल्थ सेक्टर में एआई के प्रयोग को लेकर विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों ने कहा कि एआई केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि जनकल्याण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और समावेशी विकास का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह सेशन प्राथमिकता वाले एआई मुद्दों पर साझा समझ विकसित करने, नीति संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान और व्यावहारिक समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में सामने आया। इसमें सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मिलकर चुनौतियों की पहचान, बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने और परिणाम तैयार करने पर विचार किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म, हेल्थ डाटा और एआई आधारित सॉल्यूशंस से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा  विशेषज्ञों ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हेल्थ सेक्टर में तकनीक और एआई के प्रयोग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। सीएम योगी की मंशा है कि एआई के जरिए मातृ एवं नवजात देखभाल, रोगों की समय पर पहचान, सटीक इलाज और हेल्थ रिसर्च को नई गति दी जाए। डिजिटल प्लेटफॉर्म, हेल्थ डाटा और एआई आधारित सॉल्यूशंस के माध्यम से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाया जा रहा है। सत्र में इंडिया एआई मिशन की सीओओ कविता भाटिया ने एआई के क्षेत्र में जनभागीदारी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मजबूत पब्लिक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और समृद्ध, संरचित (रिच स्ट्रक्चर्ड) डाटा के प्रभावी उपयोग से उत्तर प्रदेश को एआई आधारित हेल्थ मिशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम के जरिए उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल एआई पावर हाउस के रूप में स्थापित किया जा सकता है, जहां नवाचार, निवेश और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। स्टोर डाटा का सही और सुरक्षित इस्तेमाल भविष्य में बीमारियों के सटीक इलाज के साथ रिसर्च में अहम भूमिका निभाएगा  इंडिया एआई मिशन के जनरल मैनेजर स्वदीप सिंह ने हेल्थ सेक्टर में एआई के लिए डाटा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि स्टोर किए गए डाटा का सही और सुरक्षित इस्तेमाल भविष्य में बीमारियों के सटीक इलाज और गहन रिसर्च में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमें किसी एक प्रकार के डाटा पर निर्भर न रहते हुए, विविध एआई-आधारित डाटा सॉल्यूशंस पर काम करना होगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी, सटीक और भरोसेमंद बन सकें। वहीं फ्यूचर स्किल्स, इंडिया एआई मिशन के जीएम कार्तिक सूरी ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में एआई के सफल उपयोग के लिए फ्यूचर रेडी वर्कफोर्स तैयार करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि देशभर में कई डाटा लैब स्थापित की जा चुकी हैं और लगातार नई एआई-आधारित डाटा लैब बन रही हैं। आवश्यकता इस बात की है कि युवाओं की क्षमता को एआई बेस्ड टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाए, ताकि एआई सुरक्षित और भरोसेमंद बने।

मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं तथा युवक व महिला मंगल दल को प्रदान किया राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड

लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता ही स्वामी विवेकानंद का संदेशः मुख्यमंत्री ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सीएम ने स्वामी विवेकानंद व माता जीजाबाई को किया नमन मुख्यमंत्री ने 10 युवाओं तथा युवक व महिला मंगल दल को प्रदान किया राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड  'महाभारत के रिश्ते' अब वसूली के लिए निकलेंगे तो जेल जाएंगेः योगी  स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड के लिए अगली बार से खेल, पर्यावरण व जल संरक्षण पर रहेगा अधिक जोरः सीएम  जुलाई-2026 में फिर होगा 35 करोड़ पौधरोपणः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक मंच पर परिचित कराने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। उन्होंने भारत व भारतीयता को नई पहचान दिलाई। स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा आगे बढ़ने के साथ ही हर परिस्थिति में हमारा मार्गदर्शन करती है। सीएम ने नरेंद्र से स्वामी विवेकानंद तक की उनकी यात्रा को साधक से युग प्रवर्तक की यात्रा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने ‘उठो-जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको’ को जीवन का मंत्र बनाया था। उनका संदेश था- जब तक लक्ष्य पर एकाग्रता, संकल्प पर दृढ़ता व कर्म में निरंतरता नहीं होगी, तब तक सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। इस भाव को आत्मसात करने वाले को सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। सीएम ने युवाओं से कहा कि इच्छाशक्ति और संकल्प हो तो बदलाव के वाहक बन सकते हैं। लीक से हटकर चलने की प्रेरणा हमें आगे बढ़ाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति’ के संकल्प के साथ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम में उक्त विचार प्रकट किए। मुख्यमंत्री ने यहां प्रदर्शनी व लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने 10 युवाओं, तीन युवक मंगल दल व तीन महिला मंगल दल को स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया। सीएम ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को गढ़ने वाली जीजाबाई मां साहिब की पावन जयंती पर उन्हें नमन किया।  भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने में युवा संन्यासी की महती भूमिका सीएम योगी ने कहा कि सुप्त चेतना के कारण जो भारत आत्मबोध लगभग खो चुका था,  स्वामी विवेकानंद उस भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। उस समय मुठ्ठी भर विदेशी आक्रांता भारत को गुलाम बनाने में सफल हो गए। चंद लोग भारत को लूट रहे थे। यहां की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को अपमानित किया जा रहा था, उस कालखंड में सुप्त चेतना को जागृत करने व भारत को भारतीयता के आत्मबोध से जागरूक करने के लिए युवा संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने महती भूमिका का निर्वहन किया था।  मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है  सीएम योगी ने कहा कि शिकागो की धर्मसभा में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि मैं भारत की उस परंपरा से आया हूं, जिसने सदैव मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। हमारे पास बुद्धि, वैभव व बल था, लेकिन हमने जबरन अपनी बात नहीं थोपी, क्योंकि जब भी पीड़ित मानवता भारत की तरफ आई है तो भारत ने उसे शरण, संरक्षण व संवर्धन दिया है। मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं। यह उद्घोष राष्ट्र को ऊर्जा से भर देने वाला था। भारत में हर हिंदू का संस्कार है कि वह इसे जीवन का मंत्र बनाए।  स्वामी विवेकानंद के विश्वास को मूर्त रूप लेते देख रहे  सीएम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दृढ़ विश्वास था कि भारत युवा शक्ति, आध्यात्मिक चेतना के बल पर खुद को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करेगा। हम आज उसे मूर्त रूप लेते देख रहे हैं। 1947 में आजादी के एक दिन पहले देश का दर्दनाक विभाजन हुआ। लाखों की संख्या में कत्लेआम हर भारतीय को आहत कर रहा था। हर भारतीय आजादी का उत्सव नहीं मना पाया, लेकिन जब देश आजादी के 75 वर्ष पूरा कर रहा था, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में लोग आत्मिक व अंतःकरण से आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े। जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ सके, वे 'हर घर तिरंगा' का हिस्सा बनकर आगे बढ़े। पीएम मोदी ने 2022 में विकसित भारत का विजन देते हुए स्पष्ट किया कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर कैसा भारत चाहिए।  दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए  सीएम मोदी ने कहा कि जिस भारत की कोई सुनता नहीं था, आज उस भारत के बिना दुनिया का काम नहीं चलता। यह भारत की ताकत व सामर्थ्य है। आज मोदी जी बोलते हैं तो दुनिया उनका अनुसरण करती है। दुनिया में मची उथल-पुथल पर हर देश से आवाज आ रही है कि मोदी जी आप कुछ कीजिए। मोदी जी पर इस विश्वास की प्रतीक भारत की युवा शक्ति है। सीएम योगी ने युवा शक्ति से विकसित 2047 के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।  सीएम ने युवक व महिला मंगल दल से व्यक्त की अपनी अपेक्षा  सीएम ने युवक व महिला मंगल दल के समक्ष दो अपेक्षाएं रखीं। उन्होंने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, विकास खंड में मिनी स्टेडियम व हर जनपद में बड़े स्टेडियम के लिए कार्य हो रहा है। युवक व महिला मंगल दल भी इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएं और अभियान का हिस्सा बनें। ग्राम पंचायत स्तर पर खेलकूद, न्याय पंचायत स्तर पर अलग-अलग टीमें बनाएं, फिर ब्लॉक, जनपद, मंडल व प्रदेश स्तर पर प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनें, जिससे हर स्तर पर अच्छी टीमें तैयार होंगी। इससे नए युवाओं को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। सीएम ने पीएम मोदी के विजन 'खेलोगे तो खिलोगे' का जिक्र किया और बताया कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद स्पर्धा, राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण लीग, विधायक खेलकूद स्पर्धा चल रही है। युवा खेलकूद प्रतियोगिता में बढ़ेंगे तो टीमवर्क से गांव के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील की। कहा, नशे के खिलाफ अभियान चलाना होगा, आप गोपनीय सूचना दें, सरकार नशा कारोबारी की संपत्ति जब्त करेगी। नशा युवा पीढ़ी, समाज व राष्ट्र को खोखला बना देता है, इसलिए उसके खिलाफ प्रहार की आवश्यकता है। … Read more

एआई का प्रयोग हमें रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना है – मुख्यमंत्री

तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, तभी विकास समावेशी बनता है – सीएम योगी आदित्यनाथ एआई का प्रयोग हमें रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव अप्रोच के साथ करना है – मुख्यमंत्री यूपी एआई मिशन के तहत लागू होंगे 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम – सीएम योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी बनेगा उत्तर प्रदेश – मुख्यमंत्री लखनऊ में ‘एआई इन ट्रांसफॉर्मिंग हेल्थकेयर’ कॉन्फ्रेंस का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज शासन को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। लखनऊ में ‘एआई इन ट्रांसफॉर्मिंग हेल्थकेयर’ विषय पर दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, नीति जब नवाचार से संचालित होती है और शासन जब विश्वास पर आधारित होता है, तभी विकास समावेशी बनता है और भविष्य सुरक्षित होता है। उन्होंने बताया कि यूपी एआई मिशन के तहत प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग से स्वास्थ्य नीतियों को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। एआई के उपयोग से महामारियों, वेक्टर जनित रोगों के संबंध में डेटा कलेक्शन और उसके फीडबैक से बेहतर निर्णय, बेहतर नीति और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं। हमारी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी उन्नयन और नई तकनीक के प्रयोग को प्रोत्साहित करती रही है। इस क्रम में प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गौतम बुद्ध नगर में एआई एंड इनोवेशन आधारित उद्यमिता केंद्र, आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में यूपी एआई मिशन के तहत लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे, जो उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग में देश में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमने देश में तकनीक के प्रभाव को जमीनी धरातल पर मूर्त रूप लेते देखा है। उत्तर प्रदेश में भी पिछले आठ वर्षों से हमारी डबल इंजन की सरकार ने आधुनिक तकनीक के माध्यम से शासन के विजन, नीतियों और वेलफेयर योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सफलता हासिल की है। हमने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में 80,000 दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लगवाईं। एकसाथ छापेमारी कर वर्ष 2017 से पहले गरीब लोगों के नाम से बनाए गए 30 लाख फर्जी राशन कार्ड बरामद किए और पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ पहुंचाया। आज सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में आम जन की शिकायतें शून्य स्तर पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) और डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख परिवारों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचा रही है, जिससे योजनाओं का सौ प्रतिशत लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच रहा है। ये सब तकनीक का सही दिशा और विजन के साथ प्रयोग कर संभव हुआ है। प्रदेश की स्वास्थ्य संरचना में हुए परिवर्तन को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 81 हो चुके हैं, जबकि दो एम्स भी संचालित हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से पहले कई जिलों में आईसीयू की सुविधाएं नहीं थीं। प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट, डायलिसिस, ब्लड बैंक और डिजिटल डायग्नोस्टिक सुविधाओं का अभाव था। लेकिन आज ये सभी सुविधाएं प्रत्येक जनपद में मौजूद हैं। यही नहीं कोविड काल में शुरू किए गए वर्चुअल आईसीयू और टेली मेडिसिन सेवाओं का लाभ प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को भी मिल रहा है। प्रदेश में इंसेफेलाइटिस उन्मूलन को तकनीक, निगरानी और लक्षित प्रशासन की सफलता का उदाहरण बताते हुए कहा मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस बीमारी से हर वर्ष 12-15 सौ बच्चों की मृत्यु होती थी, आज उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मृत्यु शून्य है। इसी प्रकार मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी उन्मूलन की दिशा में एआई आधारित टूल्स के माध्यम से रोगियों और जोखिम क्षेत्रों की पहचान, उपचार और निगरानी को प्रभावी बनाया गया है। हमारी सरकार एआई का उपयोग केवल स्वास्थ्य सेवाओं में ही नहीं, आधुनिक पुलिसिंग, कृषि, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी कर रही है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एआई मानव द्वारा संचालित होना चाहिए, मानव एआई द्वारा संचालित न हो। हमें आने वाले दिनों में इस संतुलन को बनाए रखना भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन व्यावहारिक समाधानों, पायलट परियोजनाओं और समयबद्ध कार्ययोजना की दिशा में सार्थक परिणाम देगा और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तर प्रदेश सरकार में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री अजीत पाल, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल एवं अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा अमित कुमार घोष सहित अनेक विषय विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री

स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी योगी सरकार  10 युवाओं को ‘विवेकानंद यूथ अवॉर्ड’ से सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  राष्ट्रीय युवा दिवस पर सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा राज्य स्तरीय आयोजन  पांच मल्टीपर्पज हॉल का लोकार्पण व तीन ग्रामीण स्टेडियम का शुभारंभ भी करेंगे मुख्यमंत्री लखनऊ योगी सरकार स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ पर वृहद आयोजन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में होने वाले मुख्य आयोजन में राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवॉर्ड (2024-25) प्रदान करेंगे। इस दौरान खेल व युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेलो इंडिया खेलो योजना के अंतर्गत 21 करोड़ रुपये से निर्मित 5 मल्टीपर्पज हॉल (लखनऊ में दो, हरदोई, कन्नौज व सहारनपुर में एक-एक) का लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री यहीं से 26 करोड़ से निर्मित होने वाले तीन ग्रामीण स्टेडियम (सुल्तानपुर, कासगंज व फतेहपुर) का शिलान्यास भी करेंगे।    युवा कल्याण विभाग के उपनिदेशक अजात शत्रु शाही ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित 10 युवाओं व मंगल दल श्रेणी में चयनित युवक व महिला मंगल दल के सदस्यों को राज्य स्तरीय विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी में चयनित युवाओं को 50 हजार रुपये, स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं युवक व महिला मंगल दल को राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रुपये, ट्रॉफी, मोमेंटो, शॉल, प्रमाण पत्र आदि प्रदान किया जाएगा। लखनऊ में होने वाले विवेकानंद यूथ अवार्ड वितरण कार्यक्रम में मंगल दल के 1500 से अधिक युवा सम्मिलित होंगे। व्यक्तिगत श्रेणी में इन युवाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री  1-    अभिनीत कुमार मौर्य- हरदोई 2-    महिका खन्ना- शाहजहांपुर 3-    मार्तण्ड राम त्रिपाठी-गोरखपुर 4-    अभिषेक पांडेय- मऊ 5-    संजना सिंह- बरेली 6-    प्रणव द्विवेदी- गोरखपुर  7-    साक्षी झा- गाजियाबाद 8-    सचिन गौरी वर्मा- गोरखपुर 9-    दिव्यांश टंडन-मेरठ 10-    शिखा सहलोत – गाजियाबाद  चयनित युवक मंगल दल 1-    संतकबीर नगर- सेमरियावां ग्राम पंचायत- रिजवान मुनीर (अध्यक्ष) 2-    बिजनौर- शहदपुरगुलाल ग्राम पंचायत- घनश्याम सिंह (अध्य़क्ष)  3-    शाहजहांपुर- चौधेरा ग्राम पंचायत- इंद्रजीत लोधी (अध्यक्ष)  महिला मंगल दल  1-    बिजनौर- नहटौर विकास खंड- बसेड़ाखुर्द ग्राम पंचायत- ज्योति (अध्यक्ष)  2-    फिरोजाबाद- अरांव विकास खंड- अकबरपुर सराय ग्राम पंचायत- शिवानी चंदेल (अध्यक्ष)  3-    संतकबीर नगर- सांथा विकास खंड- पसाई ग्राम पंचायत- सुमन कुमारी (अध्यक्ष)

मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं

जनता दर्शन  अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, भूमाफिया व दबंगों के खिलाफ जारी रहेगी कठोर कार्रवाईः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’, प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रार्थीगणों की समस्याएं सुनीं  गंभीर बीमारियों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकारः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने बच्चों को किया दुलार, अभिभावकों से कहा- ठंड में बच्चों का रखें विशेष ध्यान  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक प्रार्थी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमजनों के प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया और कहा कि अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं है। भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी है और नियमित रूप से होती रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ ही लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।  कानून व राजस्व के प्रकरण में शीघ्रता से निस्तारण का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री के समक्ष कुछ वादी जमीन कब्जा व मारपीट आदि की शिकायत लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक व्यक्ति के पास पहुंचकर उसकी शिकायत सुनी, प्रार्थना पत्र लिया, फिर अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर पर कानून व राजस्व के प्रकरण में तेजी से सुनवाई करते हुए इसका निस्तारण किया जाए। कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में है। इसमें हीला-हवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और जनपद, मंडल, रेंज व जोन के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दबंगों व भूमाफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखें।   इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता दे रही सरकार गंभीर बीमारी से जूझ रहे कुछ पीड़ितों ने ‘जनता दर्शन’ में पहुंचकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। सीएम ने कहा कि सरकार इलाज के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। आप भी हॉस्पिटल से जल्द एस्टिमेट बनवाकर दें, एस्टिमेट मिलते ही आपके इलाज में सरकार तुरंत आर्थिक मदद करेगी। धन के अभाव में इलाज नहीं रुकेगा।  सीएम योगी ने किया नौनिहालों को दुलार ‘जनता दर्शन’ में कई बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। नन्हे-मुन्ने बच्चों के सामने सीएम योगी का बालप्रेम फिर उमड़ पड़ा। मुख्यमंत्री ने बच्चों का हाल जाना, उन्हें दुलारा-पुचकारा और चॉकलेट दी। सीएम ने अभिभावकों से कहा कि ठंड में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। यह अपनत्वपूर्ण भाव सुनकर अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

सीएम योगी की चेतावनी: ‘हिंदू एक नहीं हुए तो सर्वनाश, बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती है’

प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हो हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा को लेकर इशारों में विपक्षी दलों पर बड़ा हमला बोला। प्रयागराज में जगदगुरु रामानंदाचार्य की जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हिंदुओं को बांटने की कोशिश हो रही है। जाति, मत, संप्रदाय के नाम पर विभाजन उसी तरह हम लोगो के लिए सर्वनाश का कारण बन जाएगा, जैसे बांग्लादेश में हम देख रहे हैं। बांग्लादेश के अंदर जो हो रहा है, उस पर कोई बोल नहीं रहा है। सेक्यूलरिज्म के नाम पर ठेका लेकर चलने वाले लोग चुप हैं। इन लोगों ने हिंदू धर्म को तोड़ने और बांटने की पूरी ताकत लगा दी है। सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश की घटना पर इनका (विपक्ष का) मुंह बंद है। ऐसा लगता है किसी ने इनके मुंह पर फेविकोल चिपका दिया है। ऐसे लगता है कोई टेप इनके मुंह पर चिपक चुका है। बांग्लादेश की घटना को लेकर इनके द्वारा कोई कैंडल मार्च नहीं निकाला जा रहा है। यह हम सब लोगों के लिए चेतावनी भी है। सीएम योगी ने कहा कि हिंदुओं को बांटने वाले और तोड़ने वाले लोगों को पनपने न दें। इन लोगों को किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ने देना है। इन सब संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे तो आने वाला समय सनातन धर्म का ही होगा। पूरी दुनिया के अंदर सनातन झंडा दिखाई देगा। तब कोई बांग्लादेश में हिंदू को काटने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा। कहा कि हमारा संत समाज जब एक मंच पर आकर उद्घोष करता है तो परिणाम भी आता है। अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण संतों की साधना और तप का ही परिणाम है। उन्हें मौका मिला तो दंगों की आड़ में झुलसाएंगे सीएम योगी ने कहा कि मोदी जी पहले पीएम हैं जो राम मंदिर दर्शन करने के लिए गए। राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी गए। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद सनातन धर्म की ध्वजा पताका को भी फहराया। जो लोग आज भी आपको बांट रहे हैं। ये आपके हितैषी नहीं हो सकते हैं। कभी नहीं होंगे। ये वही लोग हैं जो सत्ता में थे तो परिवार को देखते थे। आज तमाम तरह के नारे देंगे, लेकिन इनको जब भी मौका मिलेगा ये वही करेंगे जो पहले किया था। सनातन धर्म पर प्रहार करेंगे। दंगों की आड़ में फिर से लोगों को झुलसाएंगे।

जो प्रदेश 2017 के पहले उपद्रव से ग्रस्त था, वह अब उत्सव का प्रदेश हैः सीएम योगी

असीमित संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बना यूपीः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संग अशोक लेलैंड कंपनी के नवीन इलेक्ट्रिक व्हीकल विनिर्माण संयंत्र का किया उद्घाटन  डबल इंजन सरकार की फास्ट ट्रैक अप्रूवल प्रणाली और सुशासन का परिणाम, मात्र 18 महीने के रिकॉर्ड समय में देश को समर्पित हो रहा यह विश्वस्तरीय प्लांटः मुख्यमंत्री  जो प्रदेश 2017 के पहले उपद्रव से ग्रस्त था, वह अब उत्सव का प्रदेश हैः सीएम योगी   "इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट" के दृष्टिकोण से निवेशकों का पसंदीदा स्थल बन चुका है यूपीः मुख्यमंत्री  "फियरलेस बिजनेस", "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" और "ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस" नए यूपी की पहचान: मुख्यमंत्री  यूपी में अब 34 सेक्टरियल पॉलिसी हैं, निवेशक किसी भी सेक्टर में निवेश करके यूपी की विकास यात्रा में योगदान दे सकते हैं यूपी के 10 हजार युवाओं को प्रतिवर्ष "स्किल डेवलपमेंट" से जोड़ने के लिए हिंदुजा समूह व यूपी सरकार के साथ होने जा रहा एमओयूः योगी  उत्तर प्रदेश "ट्रस्ट एंड ट्रांसफॉर्मेशन" की नई भूमिका के रूप में खुद को स्थापित करेगा यूपीः सीएम योगी  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के साथ शुक्रवार को अशोक लेलैंड कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया और सिंदूर-रुद्राक्ष के पौधे भी रोपे। सीएम योगी ने निवेश के लिए हिंदुजा परिवार को शुभकामनाएं दीं और यूपी सरकार पर विश्वास के लिए आभार जताया। सीएम ने कहा कि यूपी के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2017 के पहले यूपी की अराजकता किसी से छिपी नहीं थी, निवेशक पलायन कर रहे थे परंतु 2017 में सरकार में आने पर हमने कहा कि यह अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश है। अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए कुछ लोगों ने इसे बदनाम किया, लेकिन यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल यानी संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बन गया है। पिछले आठ-साढ़े आठ साल में हुआ परिवर्तन इसका उदाहरण है। यह समारोह प्रदेश के प्रति उद्योगों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।  5000 यूनिट प्रतिवर्ष तक इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाना है  सीएम योगी ने कहा कि इस इकाई की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अभी 2500 यूनिट प्रति वर्ष है। इसे चरणबद्ध ढंग से 5000 यूनिट प्रतिवर्ष तक बढ़ाना है। यह परियोजना यूपी के औद्योगिक विकास व पर्यावरण संरक्षण के प्रति पीएम की प्रतिबद्धता और हम सभी के दृढ़ विश्वास का प्रतीक भी है। जब दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग व ग्लोबल कूलिंग से त्रस्त है। तमाम आपदाएं चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। उन स्थितियों में हम सब भी अपने आप को तैयार कर सकें, यह इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट इस दिशा में किए जाने वाला प्रयास का एक हिस्सा है। इसमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए नौकरी व रोजगार की संभावनाएं भी विकसित हुई हैं।  आज यूपी के सभी 75 जनपदों में हो रहा निवेश  सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के सभी 75 जनपदों में निवेश हो रहा है। सीएम ने बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि देश के एक्सप्रेसवे का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। देश में सर्वाधिक शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों व मेट्रो का संचालन यूपी में हो रहा है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। देश में बन रहे दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी से होकर जा रहे हैं। इन पर यूपी का लॉजिस्टिक टर्मिनल व लॉजिस्टिक एंड ट्रांसपोर्ट हब को भी विकसित करने का कार्य हो रहा है। देश में पहली रैपिड रेल व वाटर वे का संचालन भी यूपी में हो चुका है।  जो प्रदेश 2017 के पहले उपद्रव से ग्रस्त था, वह अब उत्सव का प्रदेश है  सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पहचान का मोहताज और उपद्रव से ग्रसित था, लेकिन आज यूपी उत्सव का प्रदेश है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि इसने खुद को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। दृढ़ निश्चय से लिए गए फैसले, साफ नीयत व स्पष्ट सोच के कारण "फियरलेस बिजनेस", "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" और "ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस" नए यूपी की पहचान बन चुके हैं। यहां पर कोई निवेशक पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं हो सकता। यूपी में अब 34 सेक्टरियल पॉलिसी हैं, जिनके माध्यम से निवेशक किसी भी सेक्टर में निवेश करके यूपी की विकास यात्रा में योगदान दे सकते हैं।  "इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट" के दृष्टिकोण से निवेशकों का पसंदीदा स्थल बन चुका है यूपी सीएम योगी ने पीएम मोदी के विजन-2047 का जिक्र किया और कहा कि हर देशवासी ने भारत को विकसित-आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। यह प्लांट मेक इन इंडिया के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के पीएम मोदी के संकल्प को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यूपी आज "इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट" के दृष्टिकोण से देश-दुनिया के हर निवेशक का महत्वपूर्ण पसंदीदा स्थल बन चुका है। पिछले 8-9 वर्ष में यूपी में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। इसमें से 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। अगले महीने छह लाख करोड़ के अन्य निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की जाएगी। पांच लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव अभी पाइपलाइन में और हैं, जिनकी यूपी में ग्राउंड ब्रेकिंग कराई जाएगी।  देश की जीडीपी में 9.5 प्रतिशत का योगदान कर रहा यूपी सीएम योगी ने कहा कि यूपी देश की जीडीपी में 9.5 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। यूपी की जीएसडीपी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 36 लाख करोड़ की हो जाएगी। वित्तीय अनुशासन व बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ यूपी एक लक्ष्य लेकर चला है। प्रधानमंत्री जी ने 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के रूप में बदलने को कहा है तो हमने भी लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 में यूपी वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनेगा।  हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ा उत्तर प्रदेश  सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक व आईटी हब बनने की राह पर तेजी से बढ़ा है। देश के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 फीसदी यूपी में बन रहा है। देश के 60 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक आइटम यूपी में बन रहे हैं। यूपी "ईज … Read more

योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा

लखनऊ में हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लेलैंड का इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र शुरू योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा योगी सरकार के सहयोग से रिकॉर्ड समय में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हुआ : धीरज हिंदुजा  उत्तर प्रदेश बना हरित परिवहन और निवेश का नया केंद्र लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के नवीन विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही वाहन निर्माण और औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। यह संयंत्र विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर केंद्रित है, जिससे लखनऊ को हरित औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि योगी सरकार के सहयोग और प्रशासनिक तत्परता के कारण रिकॉर्ड समय  में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हो सका। योगी सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से निवेश को प्रोत्साहन उद्घाटन के अवसर पर अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह कंपनी का पहला विनिर्माण संयंत्र है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास और निवेश के लिए प्रदेश में एक सुदृढ़ और भरोसेमंद तंत्र तैयार किया गया है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी, प्रभावी कानून व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन आज उत्तर प्रदेश की पहचान है जो उद्योगपतियों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश में निवेश के साथ ही इससे बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व के साथ कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश ‘फियरलेस बिजनेस’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ट्र्स्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि अशोक लेलैंड की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और आज कंपनी 15 देशों में भारतीय विनिर्माण क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रही है। निवेश के लिए स्थायित्व और भरोसे का माहौल धीरज हिंदुजा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रक्षा तंत्र की मजबूती और स्थायित्व से देश में निवेश का भरोसेमंद वातावरण बना है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में उद्योगों के लिए विकसित सकारात्मक माहौल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस और प्रभावी पहल की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया संयंत्र अशोक लेलैंड कंपनी के अनुसार लखनऊ का यह संयंत्र भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। आधुनिक विनिर्माण तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से यहां तीव्र गति से इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा।  स्थानीय समुदाय के लिए लाभ और सामाजिक पहल अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि जहां भी अशोक लेलैंड का संयंत्र स्थापित होता है, वहां स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कंपनी की रोड टू स्कूल पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों को पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा

निवेश का नया अध्याय लिख रहा उत्तर प्रदेश, और तेज हुई औद्योगिक रफ्तार योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा प्रदेश सरकार के प्रयासों से यूपी में निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं, बल्कि प्लांट और प्रोडक्शन में बदल रहा उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक नीतिगत और विनियामक सुधारों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी का ताजा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट। यह प्लांट न केवल औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। अशोक लीलैंड के इस प्लांट में लगभग 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस परियोजना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी। इतने कम समय में परियोजना का धरातल पर आ जाना इस बात का प्रमाण है कि अब निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि तेजी से प्लांट, उत्पादन और रोजगार में बदल रहा है। इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलेगा। राज्य में निवेश की यह सफलता किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। वर्ष 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश आशय पत्र प्राप्त हुए। कुल मिलाकर पौने 9 वर्षों में 45 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है, जिसे चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से धरातल पर उतारने की ठोस शुरुआत हुई है।   अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की 16,000 से अधिक परियोजनाओं के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। इनमें से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 8,300 से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन के चरण में पहुंच चुकी हैं। वहीं करीब 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं। यही नहीं, योगी सरकार जीबीसी 5 के माध्यम से फिर 6 लाख करोड़ से अधिक के निवेश को जल्द ही जमीन पर उतारने जा रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में उद्योग और रोजगार में बदल रहा है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक भी इस प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च 2025 में विनिर्माण का सूचकांक 167.97 और सामान्य सूचकांक 157.73 दर्ज किया गया। यह बताता है कि प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अशोक लीलैंड का प्लांट इस पूरी यात्रा का मजबूत प्रतीक है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था भी मौजूद है। तेज अनुमतियां, सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योग-अनुकूल वातावरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी

गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी  65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी 20 जिलों के विकास भवनों में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर रखी जा रही सतत नजर ठंड, भोजन, उपचार और आश्रय की समुचित व्यवस्था, गोवंश संरक्षण को मिली रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों पर लगातार निगरानी, प्रबंधन और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों के कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थलों में से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। बाकी जनपदों में भी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रिया में है। साथ ही प्रदेश के हरदोई, आगरा, जालौन सहित 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत निगरानी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिसके माध्यम से आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर सतत नजर रखी जा रही है। गो-आश्रय स्थलों को यूपी सरकार दे रही है मूलभूत सुविधाएं योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए शेड, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था, खड़ंजा, भूसा भंडार गृह, उपचार कक्ष, प्रकाश और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा रहा है। 20 जनपदों में स्थापित निगरानी कंट्रोल रूम पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गौ-आश्रय स्थलों की बेहतर निगरानी एवं व्यवस्था के समन्वय के लिए राज्य के 20 जनपदों के विकास भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। शेष जनपदों में भी चरणबद्ध ढंग से यह व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र मजबूत होने से गौवंश की देखभाल अधिक व्यवस्थित और जिम्मेदाराना ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है। ठंड से किसी गोवंश की मृत्यु न हो गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के साथ-साथ ठंड से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थलों पर हरा चारा, तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ठंड अथवा अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो।