samacharsecretary.com

दिल्ली में हाई सिक्योरिटी जोन: 10 हजार जवानों की तैनाती, हर गतिविधि पर नजर

नई दिल्ली दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कांवड़ यात्रा को देखते हुए 10 हजार से ज्यादा जवान तैनता किए गए हैं। इनमें 5000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस के जवान और अर्धसैनिक बलों की लगभग 50 कंपनियां, जिनमें 5000 जवान शामिल हैं, तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सीसीटीवी और ड्रोन के ज़रिए संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार, ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। उन प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त जांच शुरू कर दी गई है, जहां से कांवड़ियों के गुजरने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि हम अर्धसैनिक बलों और होमगार्ड के साथ समन्वय में हैं। मंदिर क्षेत्रों और निर्धारित कांवड़ शिविरों के लिए विशेष सुरक्षा उपायों की योजना बनाई गई है। अधिकारी के अनुसार, शहर भर में शिविर लगाने के लिए 774 स्थानों की पहचान की गई है और 374 कांवड़ शिविरों को पहले ही अनुमति मिल चुकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 150 से ज्यादा अतिरिक्त शिविर अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि मुख्य ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात को सुचारू रूप से चलाने और तीर्थयात्रियों को तत्काल सहायता प्रदान करने पर रहेगा। पीसीआर वैन, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और एंबुलेंस को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। एनएच-1, एनएच-9 जैसे प्रमुख मार्गों और बाहरी, उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और शाहदरा जिलों से गुजरने वाली प्रमुख मुख्य सड़कों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पैदल और वाहनों में कांवड़ लेकर आने वाले तीर्थयात्रियों को निर्धारित स्थानों से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी ने आगे कहा कि दिल्ली पुलिस ने कांवड़ियों के प्रवेश मार्गों की एक सूची जारी की है। इसमें गाजीपुर बॉर्डर, आनंद विहार, भोपुरा, अप्सरा, महाराजपुर, लोनी बॉर्डर और आईएसबीटी कश्मीरी गेट शामिल हैं। वजीराबाद से भोपुरा, जीटी रोड और लोनी रोड जैसी सड़कें भी प्रमुख कांवड़ मार्गों के रूप में काम करेंगी। अधिकारियों ने लोगों से कांवड़ियों के आवागमन के लिए अधिसूचित मार्गों से अनावश्यक यात्रा करने से बचने की भी अपील की है। कांवडियों को आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वाहनों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उनके लिए विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी 15 जिलों के डीसीपी को मौके पर मौजूद रहने और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। खासकर आपात स्थिति से निपटने और भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए। इस दौरान किसी भी खतरे की आशंका से निपटने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग टीमों को तैनात किया गया है। सभी एसएचओ को स्थानीय शिविर आयोजकों के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है। इस बीच, दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी सभी तैयारियां कर ली हैं। कांवड़ यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं, जो हरिद्वार से पैदल यात्रा करके अपने स्थानीय शिव मंदिरों तक जाते हैं और शिवलिंग पर गंगा का पवित्र जल चढ़ाते हैं। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पहले से ही हो रही बारिश को देखते हुए अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।  

पीएम किसान योजना सैचुरेशन के लिये शुरू होगा अभियान

भोपाल  आयुक्त भू-अभिलेख ने बताया है कि पीएम किसान योजनासैचुरेशन के लिये प्रदेश में अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक किसानों से संपर्क कर सेचुरेशन से शेष रह गए किसानों से कार्यवाही पूर्ण कराई जाएगी और लाभ वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के बेहतर संचालन के लिये तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश में लगभग 5 लाख किसानों द्वारा ई-केवायसी एवं आधार बैंक खाता डीबीटी के लिये इनेवल करने की कार्यवाही कर ली गई है। योजना में 20 लाख से अधिक किसानों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने की कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र कृषक परिवारों को वर्ष में कुल 6 हजार रूपये की राशि प्रदान की जा रही है। योजना की अनिवार्य कार्यवाही ई-केवायसी, आधार, बैंक खाता, डीबीटी केलिए इनेवल एवं फार्मर रजिस्ट्री जैसी अनिवार्य कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत ही हितग्राहियों को राशि प्राप्त होती है। योजना की 20वी किस्त का वितरण माह जुलाई 2025 में किया जाना प्रस्तावित है।  

‘राहुल गांधी को पढ़ाने’ की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने सावरकर मामले में दखल से किया इनकार

मुंबई  बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर “अपरिपक्व टिप्पणी” की है। मांग की कि अदालत द्वारा राहुल गांधी को याचिका पढ़ने का निर्देश दिया जाए। यह याचिका डॉ. पंकज फडनीस द्वारा दायर की गई थी। वह अभिनव भारत कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी याचिका में मांग की थी कि अदालत राहुल गांधी को निर्देश दे कि वे याचिका को पढ़ें ताकि उनकी "सावरकर को लेकर अज्ञानता" दूर हो सके। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता का दावा था कि राहुल गांधी के बयान ने उनके उस मौलिक कर्तव्य के पालन के अधिकार का उल्लंघन किया है, जिसमें संविधान नागरिकों को स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को संजोने और उनका पालन करने की बात कहता है। कोर्ट ने खारिज की याचिका मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति संदीप मरने की खंडपीठ ने स्पष्ट किया, “हम राहुल गांधी को कोई याचिका पढ़ने का निर्देश नहीं दे सकते। किसी नेता की सोच या विचारधारा को बदलने के लिए अदालत कोई बाध्यकारी आदेश नहीं दे सकती।” डॉ. पंकज द्वारा इसी विषय पर पहले सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने ने भी यह यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि अदालत इस तरह के मुद्दों पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती।  

एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश को मिला रजत पदक, म.प्र. के उत्पादों को मिला वैश्विक बाजार

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में "एक जिला-एक उत्पाद" योजना के अंतर्गत प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों में उपस्थिति दर्ज हो रही है।  मध्यप्रदेश ने अपनी विशिष्टता और योजनाओं के उत्कृष्ट क्रियान्वयन का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए एक जिला एक उत्पाद पुरस्कार 2024 में राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश श्रेणी में रजत पुरस्कार प्राप्त किया। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारत मंडपम में एक भव्य समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार राज्य में एक जिला एक उत्पाद योजना के प्रभावशाली क्रियान्वयन, स्थानीय उत्पादों के ब्रांड निर्माण, रोजगार सृजन, और ग्रामीण व शहरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों एवं विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मध्यप्रदेश की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उद्योग विभाग, वाणिज्य एवं निवेश प्रोत्साहन नीति विभाग की उप सचिव, श्रीमती रूही खान ने प्राप्त किया। प्रदेश अब लोकल से ग्लोबल की ओर एक जिला-एक उत्पाद योजना में म.प्र. के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है। प्रदेश स्थानीय से ग्लोबल की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर निर्यातकों का बड़ा समूह तैयार हो रहा है। कई उत्पादों को जी.आई. टैग मिला है जिसमें इन उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है। हस्तशिल्प एवं कृषि और खाद्य उत्पादों की पहचान बढ़ने के साथ कारीगरों और निर्माताओं के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है। ओडीओपी योजना में विशेष उत्पादों को उनके भौगोलिक, जैविकीय, प्राकृतिक या उत्पादन की विशेषताओं के कारण शामिल किया गया है। सभी जिलों में ओडीओपी योजना संचालित है, जिनमें हरी सब्जी, मोटे अनाज, क्राफ्टकला हथकरघा, हस्तशिल्प, उपकरण शामिल है। स्थानीय कलाकारों और उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। अलग-अलग जिलों के 19 विशिष्ट उत्पादों को अब तक जीओ-ग्राफिकल इंडीकेशन्स (जीआई) टैग प्रदान किये गये है। इसमें चंदेरी साड़ी, बाग प्रिंट, नागपुरी संतरा, रतलामी सेंव, कड़कनाथ मुर्गा, चिन्नौर चावल, बुटिक प्रिंट, स्टोन क्राफ्ट, लेदर टॉय, बेल मेटल वेअर, महेश्वरी साड़ी, महोबा देशवारी पान, मुरैना गजक, सुंदरजा आम, शरबती गेहूँ, गोंड पेंटिंग, रॉट आयरन क्राफ्ट, हेन्डमेड कारपेट, वारासिवनी की हेंडलूम साड़ी शामिल है। इनमें से 7 उत्पाद ओडीओपी योजना में भी शामिल है। मध्यप्रदेश ने "एक जिला-एक उत्पाद" के अंतर्गत विश्व के प्रमुख बाजारों में अपनी पहचान बनाई है। वैश्विक बाजार तक पहुँचाने की दिशा में ठोस कदम भी उठाए हैं। राज्य के विभिन्न जिलों के उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। बुरहानपुर के उच्च गुणवत्ता वाले केले, रायसेन का सुगंधित बासमती चावल, और बालाघाट का प्रसिद्ध चिनौर चावल इन उत्पादों में प्रमुख हैं। मध्यप्रदेश के उत्पादों की पहचान अब सीमित नहीं रही, बल्कि ये राज्य की आर्थिक प्रगति, रोजगार अवसरों और निर्यात क्षमता को मजबूती दे रहे हैं। "एक जिला-एक उत्पाद योजना अब एक जनभागीदारी आधारित आंदोलन बन चुकी है। इसमें कारीगरों, महिला समूहों, एफपीओ, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों की सक्रिय भूमिका रही है। राज्य सरकार ने एक जिला-एक जिला उत्पाद को स्थानीय से वैश्विक बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। उत्पाद आधारित प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और पैकेजिंग सुधार, डिजिटलीकरण और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु लॉजिस्टिक सहयोग भी राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश न केवल संस्कृति और शिल्प की धरती है, बल्कि एक उभरता हुआ औद्योगिक और निर्यातक राज्य भी है। मध्यप्रदेश सरकार की यह उपलब्धि "स्थानीय हाथों से वैश्विक मंच तक" की परिकल्पना को साकार कर रही है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रदेश में इतने विविध उत्पाद हैं जिन्हें विश्व स्तर पर ले जा सकते हैं। “एक जिला, एक उत्पाद” एक अनूठी पहल है और किसी अन्य देश में ऐसा नहीं है। प्रत्येक जिले की अपनी अलग विरासत है। उत्पादों की ब्रांडिंग और गुणवत्ता पर काम किया जा रहा है। पैकेजिंग और ब्रांडिंग में सुधार किया जा रहा है ताकि उत्पादों को उनकी उच्च गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में सम्मान मिले। ओडीओपी पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा। ओडीओपी उत्पादों को आगे बढ़ाने के तरीके सीखने और अनुकरण करने में मदद के लिए एक सर्वोत्तम प्रथाओं का संग्रह तैयार किया गया है। केंद्र, सरकार ने 750 से अधिक जिलों से 1,200 से अधिक अनूठे उत्पादों की पहचान की है, जो कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य मूल्य संवर्धन, विपणन को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना है। सिंगापुर, न्यूयॉर्क, वैंकूवर, मिलान, कुवैत, बहरीन और जापान में ओडीओपी वॉल्स स्थापित किए गए हैं। ओडीओपी उत्पाद अब सिंगापुर के मुस्तफा सेंटर और सेंटर पॉइंट मॉल जैसे खुदरा दुकानों पर उपलब्ध हैं। ओडीओपी पुरस्कारों के लिए 1 अप्रैल से 11 जून 2024 के बीच राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से कुल 641 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें जिलों से 587, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 31 और विदेशों में भारतीय मिशनों से 23 प्रविष्टियां शामिल थीं। 

राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट से जमानत, सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज है केस

लखनऊ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय सैनिकों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने 20 हजार के मुचलके पर जमानत दी है। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान को लेकर दर्ज इस मामले में पहले पांच सुनवाइयों में हाजिर नहीं हुए थे। मंगलवार को उन्होंने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दाखिल की। लाइव लॉ के मुताबिक राहुल गांधी पांच सुनवाइयों में अनुपस्थित रहने के बाद इस बार एडिशनल चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। दरअसल मई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद वह पेश हुए। यह याचिका उन्होंने मानहानि मामले और लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा फरवरी 2025 में पारित समन आदेश दोनों को चुनौती दी थी। सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का परिवाद दायर किया था उन्होंने बताया था राहुल गांधी 16 दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना का अपमान किया था उन्होंने 9 दिसंबर 2022) को अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प का ज़िक्र करते मीडिया और लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे लेकिन चीनी सैनिकों द्वारा हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक बार भी सवाल नहीं पूछेंगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों की कथित पिटाई के बारे में गांधी के बयान से उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं। वहीं, राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय सेना ने आधिकारी बयान भी जारी किया था। सेना ने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रही थी जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जिसके बाद चीनी सेना वापस चली गई।  

ऊर्जा मंत्री तोमर नई दिल्ली में मंत्रियों के समूह और विद्युत नियामक आयोगों की बैठक में हुए शामिल

भोपाल केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा विद्युत वितरण कम्पनियों की वित्तीय स्थिरता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिये मंत्री समूह की बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता विद्युत एवं आवास तथा शहरी मामलों के राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने की। बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश नियामक आयोग द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के हित में लिये जा रहे निर्णयों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा विभाग द्वारा किये जा रहे नवाचारों से भी अवगत कराया। बैठक में विद्युत वितरण कम्पनियों की वित्तीय स्थिरता, पारदर्शिता एवं संचालन क्षमता को सुदृढ़ बनाने पर गहन चर्चा हुई। केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्री नाइक ने कहा कि हमारा संकल्प है कि ऊर्जा व्यवस्था को और मजबूत, पारदर्शी और जन-हितैषी बनायें, जिससे सभी को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। बैठक में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु एवं उत्तरप्रदेश के ऊर्जा मंत्री तथा केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग एवं राज्य विद्युत नियामक आयोगों के अध्यक्ष एवं सदस्य शामिल हुए।  

पिथौरागढ़ हादसा: खाई में समाई टैक्सी, 8 की गई जान, कई घायल

पिथौरागढ़ उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मंगलवार को भीषण हादसा हुआ है। पुल के पास से सीधे करीब 300 मीटर नीचे खाई में वाहन गि‍रने से आठ लोगों की मौत हो गई, जबक‍ि चार लोगों के घायल होने की खबर है। पिथौरागढ़ SP रेखा यादव ने जानकारी देते हुए बताया क‍ि मुवानी कस्बे में सुनी पुल के पास 13 लोगों को ले जा रहा एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 8 लोगों की मृत्यु हो गई है। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और बचाव कार्य जारी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और राहत एवं बचाव दलों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को समय पर उचित और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है।

शालाओं के बच्चों द्वारा पौधारोपण के मामले में बालाघाट प्रदेश में प्रथम

26 हजार 913 से अधिक पौधे लगाए गए भोपाल  पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं में दर्ज छात्र-छात्राओं के माध्यम से एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधे लगाने के निर्देश दिये गए हैं। शालाओं के बच्चों द्वारा पौधरोपण किए जाने के मामले में बालाघाट जिला मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर है। कलेक्टर श्री मृणाल मीणा के मार्गदर्शन में बालाघाट जिले में इस अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान में लगाए गए पौधो की सुरक्षा के साथ ही उनके फोटो माय लाइफ ऐप पर अपलोड करने के निर्देश दिये गए हैं। इस ऐप पर फोटो अपलोड करने के बाद विद्यालय के प्राचार्य द्वारा पौधे लगाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किये जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि विभाग के निर्देशों के अनुरूप जिले की शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सहभागिता से एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं द्वारा माँ के नाम पर शाला परिसर, अपने घर एवं खेतों में पौधे लगाए जा रहे हैं। बालाघाट जिले में 15 जुलाई तक इस अभियान के अंतर्गत 1255 शालाओं के छात्र-छात्राओं द्वारा 26 हजार 913 पौधे लगाये जा चुके है। इस ऐप पर दर्ज जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में बालाघाट जिला शालाओं के बच्चों द्वारा पौधरोपण के मामले में प्रथम स्थान पर है, जबकि बैतूल जिला 1541 शालाओं के बच्चों द्वारा लगाए गए 25 हजार 324 पौधरोपण के साथ द्वितीय स्थान पर है। इस अभियान के अंतर्गत बालाघाट जिले के स्कूलों में सेंट मेरी स्कूल बालाघाट प्रथम, सांदीपनि विद्यालय बोलेगांव द्वितीय और सांदीपनि विद्यालय कटंगी तृतीय स्थान पर है। शालाओं के बच्चों द्वारा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत लगाये जा रहे पौधों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।  

सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को फटकार, कांवड़ मार्ग पर QR कोड क्यों जरूरी?

नई दिल्ली यूपी और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानों और रेस्तरां संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे क्यूआर कोड लगाएं और नाम भी लिखें। यह मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने पूछा कि आखिर इसकी जरूरत क्या है। अब इस केस की अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की गई है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और शिक्षाविद अपूर्वानंद झा व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख तय की। शीर्ष अदालत ने पिछले साल भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश द्वारा जारी इसी तरह के निर्देशों पर रोक लगा दी थी, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों को अपने मालिकों, कर्मचारियों के नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए कहा गया था। उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा 25 जून को जारी एक प्रेस रिलीज का हवाला देते हुए झा ने कहा, ‘नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है, जिससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता हो। इस तरह उसी भेदभावपूर्ण तरीके से पहचान की बात हो रही है जिस पर पहले इस अदालत ने रोक लगा दी थी।’ याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार का निर्देश, जिसमें दुकान मालिकों को ‘कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं’ के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान बताने के लिए कहा गया है, दुकान, ढाबा और रेस्टोरेंट मालिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण महीने में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा और अन्य नदियों से जल लेकर आते हैं। कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार से परहेज करते हैं। कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते। कांवड़ यात्रा का प्रचलन पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलावा सूबे के अन्य हिस्सों और कुछ और राज्यों में भी बढ़ा है।  

डिग्री से आगे स्किल की पहचान: 50 हजार युवाओं को CM युवा योजना से लाभ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशल युवा ही आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत हैं। अगर प्रदेश को विकसित बनाना है, तो यहां के युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षित कर सक्षम बनाना होगा। मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जिलों से आए युवाओं ने अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 15 अभ्यर्थियों को ‘यूथ आइकान’ सम्मान और पांच स्किल रथों को रवाना किया। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलाजी और थ्री डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में खुद को साबित कर रहा है। इस दिशा में सरकार ने अब तक 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाया है। 150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को न्यू-एज टेक्नोलाजी से जोड़ा गया है। इसके अलावा 400 से अधिक सरकारी और 3000 निजी आइटीआइ में युवाओं को कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल रहा है। निजी आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य प्रोत्साहन भी मिल रहे हैं। योगी ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ‘सीएम युवा योजना’ शुरू की है। इसके तहत आइटीआइ, पालिटेक्निक और डिग्रीधारी युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज दिया जा रहा है। अब तक 50,000 से अधिक युवा इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। कर्ज का मूलधन युवा लौटाएंगे जबकि ब्याज सरकार वहन करेगी। साथ ही 7.5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। नई पहल के तहत अब युवा इंडस्ट्री में प्रोजेक्ट वर्क करेंगे। उन्हें पीएम व सीएम इंटर्नशिप योजना के तहत 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वहीं ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत एक लाख से ज्यादा पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूलकिट प्रदान की गई है। आइटीआइ में विदेशी भाषाओं का मिले प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने विदेश में यूपी के कुशल युवाओं के लिए बढ़ते अवसर को देखते हुए सुझाव दिया कि आइटीआइ में जर्मनी, जापानी जैसे विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) से अब छात्र सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। डुअल डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं की सफलता की कहानियों को प्रेरणादायक बताया और कहा कि यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें, तो रोजगार की कोई कमी नहीं है। सम्मान और साझेदारी का संदेश कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों को ‘इंडस्ट्री एम्बेसडर’ सम्मान भी दिया गया। साथ ही मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के साथ नालेज पार्टनर के रूप में एमओयू किया गया। व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, सही से प्रशिक्षण लेने के बाद कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शााही, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नु, मुख्य सचिव मनोज सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।