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बिजली चोरी के सूचनादाताओं को पारितोषिक की 5 फीसदी राशि का तुरंत भुगतान

अब तक 5 सूचनादाताओं के खाते में पहुंचाई राशि भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बिजली चोरी की रोकथाम के लिए पारितोषिक योजना चला रही है। योजना में बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। संशोधित प्रावधानानुसार पांच प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर कर दिया जाता है। अंतिम निर्धारण आदेश के बाद शेष पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली के बाद दी जा रही है। योजना में एक अप्रैल से अब तक 5 सफल सूचनादाताओं को 11 हजार 500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में जमा कराए गए हैं। इसके साथ ही जांच एवं वसूली की कार्यवाही करने वाले संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को भी 3 हजार रुपये प्रोत्‍साहन राशि का भुगतान उनके मासिक वेतन में जोड़कर किया गया है। कंपनी ने ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के पहले कुल 63 प्रकरणों में 7 सफल सूचनादाताओं को उनके खाते में पूर्ण भुगतान के रूप में 2 लाख 18 हजार रूपये की प्रोत्‍साहन राशि दी गई है। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनादाता के रूप में शामिल किया गया है, परंतु उसे सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्‍साहन राशि दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्‍वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ जांच एवं वसूली के कार्य में शामिल बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी परितोषिक योजना में दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि सभी संबंधितों को समान रूप में दी जा रही है। पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग, भुगतान से संबंधित गतिविधियां पूरी तरह से गोपनीय और ऑनलाइन है। अब सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्‍त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान के रूप में आधार अथवा पेन कार्ड देना अनिवार्य है। योजना में सूचनादाता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित के बैंक खाते में हस्तांतरित की जा रही है। योजना में क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी भी रखी जा रही है। पोर्टल अथवा उपाय एप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है एवं उपाय एप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी नागरिकों के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाए और कंपनी को सहयोग दें।

श्योपुर की उभरती खेल प्रतिभाएँ, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर परचम लहरा रहे खिलाड़ी

भोपाल  श्योपुर जिले की प्रतिभाएँ अब सीमित दायरे में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपना लोहा मनवा रही हैं। खेल के क्षेत्र में लगातार नई ऊँचाइयों को छूते हुए श्योपुर जिले के खिलाड़ी जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। हाल ही में दो खिलाड़ियों मिक्स मार्शल आर्ट में मोहम्मद हुसैन और कुश्ती में सुखमन कौर ने अपनी उपलब्धियों से पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। गत 12 और 13 जुलाई को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मिक्स मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में श्योपुर के मोहम्मद हुसैन ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मैडल हासिल किया। देशभर के 18 राज्यों से आए प्रतिभागियों में हुसैन ने विभिन्न मुकाबलों में अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई और महाराष्ट्र के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। मोहम्मद हुसैन ने बताया कि मिक्स मार्शल आर्ट एक तकनीक, ताकत और आंतरिक बल का खेल है और यह भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। श्योपुर की बेटी सुखमन कौर ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया। किर्गिस्तान में आयोजित एशियन अंडर-15 कुश्ती चैम्पियनशिप में उन्होंने मंगोलिया और कजाकिस्तान की खिलाड़ियों को 10-0 के अंतर से हराकर काँस्य पदक हासिल किया। सुखमन की इस जीत पर श्योपुर कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में उनका स्वागत और सम्मान किया। साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने एकलव्य अवॉर्ड के लिए सुखमन कौर का नाम अनुशंसा करने के लिए खेल अधिकारी को निर्देशित किया। इसके अंतर्गत दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। सुखमन की यह उपलब्धि कोई पहली नहीं है। वर्ष 2022 से लेकर अब तक उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई स्वर्ण पदक जीते हैं। इसमें अंडर-14, अंडर-15 और अंडर-17 वर्ग की प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। श्योपुर जैसे सीमावर्ती जिले में इन प्रतिभाओं की सफलता यह दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि संकल्प और समर्पण हो तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। मोहम्मद हुसैन और सुखमन कौर जैसे खिलाड़ी न केवल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं, बल्कि श्योपुर को खेलों की नई पहचान भी दिला रहे हैं।  

बिहार चुनावी रण से पहले बेंगलुरु में कांग्रेस का दांव: OBC को 50% से ज्यादा आरक्षण का संकल्प

बेंगलुरु बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग को रिझाने के लिए शिक्षा, नौकरियों और अन्य क्षेत्रों में आरक्षण की 50% की सीमा को तोड़ने का संकल्प लिया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस की ओबीसी परिषद की बैठक में इसका ऐलान किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओबीसी सलाहकार परिषद की दो दिवसीय बैठक बेंगलुरु में आयोजित की गई थी। आज बैठक का दूसरा और आखिरी दिन है। कांग्रेस द्वारा गठित ओबीसी सलाहकार परिषद को देश भर में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों पर रणनीति बनाने का काम सौंपा गया है। परिषद की बैठक में केंद्र से तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित जातिगत गणना कराने का आह्वान किया गया। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व में यहां हुई दो दिवसीय बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया। सिद्धरमैया ने परिषद में पारित प्रस्तावों को ‘बेंगलुरु घोषणा’ नाम देते हुए कहा,‘‘जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति और जाति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक, रोज़गार, राजनीतिक पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि दूसरा प्रस्ताव आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को समाप्त करने का था, जिससे शिक्षा, सेवा, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों में ओबीसी के लिए उपयुक्त आरक्षण सुनिश्चित हो सके। सिद्धरमैया ने बुधवार को बेंगलुरु में हुई परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए आरक्षण सिद्धरमैया ने कहा कि बैठक में पारित तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4) के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए आरक्षण होना चाहिए। सलाहकार परिषद ने सर्वसम्मति से ‘न्याय योद्धा’ राहुल गांधी को समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाने के लिए धन्यवाद दिया। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राहुल जी के दृढ़ निश्चय ने मनुवादी मोदी सरकार को भारत में जातिगत गणना की न्यायोचित और संवैधानिक मांग के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया। भारत के सभी पिछड़े वर्गों की ओर से, परिषद हृदय से उनकी सराहना करता है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए राहुल गांधी के योगदान को श्रेय देता है।’’ जातिगत गणना मील का पत्थर जातिगत गणना को लेकर केंद्र द्वारा किये गए फैसले को मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारतीय संविधान द्वारा परिकल्पित सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक छोटा सा कदम है। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘न्याय योद्धा राहुल गांधी जी के साहसी और अडिग नेतृत्व में, भारत सामाजिक सशक्तिकरण के अंतिम संवैधानिक उद्देश्य को साकार करने और प्राप्त करने के लिए नियत है, जिससे हमारे महान राष्ट्र में एक समतावादी और समान समाज का निर्माण होगा।’’ मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने परिषद से राष्ट्रव्यापी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक जाति जनगणना पूरी करने के लिए मौजूदा सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि पिछड़े वर्गों के लिए 75% आरक्षण या जाति जनगणना के आधार पर आनुपातिक प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष किया जाना चाहिए। उन्होंने निजी क्षेत्र में भी आरक्षण की वकालत की। …तो भारत एक सच्चा लोकतंत्र नहीं रह सकता सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि अगर अल्पसंख्यकों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) सहित अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों की बात नहीं सुनी जाती, तो भारत एक सच्चा लोकतंत्र नहीं रह सकता। ओबीसी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अगर ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यकों – यानी अहिंदा समुदायों – की सिर्फ़ गिनती की जाती है, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो भारत एक सच्चा लोकतंत्र नहीं रह सकता।" यह सिर्फ आरक्षण की लड़ाई नहीं: सिद्धारमैया उन्होंने आगे कहा, "यह सिर्फ आरक्षण की लड़ाई नहीं है। यह उन लोगों के लिए सम्मान, पहचान और असली ताकत की लड़ाई है, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से इससे वंचित रखा गया है।" अहिंदा कन्नड़ में अल्पसंख्यातरु, हिंदुलिदावरु और दलितरु (अल्पसंख्यक, ओबीसी, एससी) का संक्षिप्त रूप है। कर्नाटक के सामाजिक न्याय के संघर्ष से उपस्थित लोगों को अवगत कराते हुए, मुख्यमंत्री ने 2015 में कंथराज समिति सहित विभिन्न समितियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों का उल्लेख किया, जिन्होंने 1.3 करोड़ परिवारों का सर्वेक्षण किया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि भाजपा ने रिपोर्ट को चार साल तक रोके रखा। सिद्धारमैया ने आगे कहा, "कर्नाटक सामाजिक न्याय की लड़ाई में अग्रणी रहा है: 1918 में मिलर समिति, 1921 में 75 प्रतिशत आरक्षण, हवानूर आयोग (1975) ने पिछड़े वर्ग के उत्थान की वैज्ञानिक नींव रखी, 1995 में ओबीसी राज्य अधिनियम, 2015 में कंथराज आयोग, जिसने 1.3 करोड़ परिवारों का सर्वेक्षण किया। लेकिन भाजपा ने हर प्रगतिशील कदम को रोका या लटकाकर रखा। इसमें कंथराज रिपोर्ट को 4 साल तक रोके रखना भी शामिल है।"  

सांसद की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित

सड़क सुरक्षा हेतु ट्रफिक नियमो का सख्ती से पालन कराये  : सांसद डॉ मिश्र   सिंगरौली सांसद सीधी सिंगरौली डॉ. राजेश मिश्र के अध्यक्षता एवं राज्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती राधा सिंह, सिंगरौली विधासभा के विधायक राम निवास शाह, देवसर विधानसभा के विधायक राजेन्द्र मेश्राम, धौहनी विधानसभा के विधायक श्री कुवर सिंह टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनम सिंह,कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला, प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, के उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरंक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई बैठक के प्रारंभ पूर्व बैठक में किए गए निर्णय के पालन प्रतिवेदन से अवगत होने के पश्चात सांसद डॉ. मिश्र ने कहा कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओ को मुख्य कारण यातायात नियमो का सही ढंग से पालन नही कराया जाना है। उन्होने निर्देश दिए कि जिले में ट्रफिक नियमो का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाये। उन्होने कहा कि इसकी मानीटरिंग किया जाये कि दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के गाड़ी  नही चलाये। उन्होने निर्देश दिए कि सभी वाहन सीमित गति से ही सड़क पर चले । उन्होने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमिति चेकिंग लगाकर वाहनो की फिटनेस, बीमा, रजिस्ट्रेसन की जॉच करे। यह सुनिश्चित करे कि सभी छोटे बड़े वाहनो के नम्बर प्लेट सही ढंग से लगे हो। साथ यह भी जॉच करे कि वाहन चालक शराब के नशे में तो वाहन नही चला रहे है। नियमो का उल्लघन करने वालो के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करे। सांसद ने निर्देश दिये कि किसी थाना क्षेत्र में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाए हुई उसकी जानकारी से अवगत कराने के साथ उस क्षेत्र को रेड जोन में चिन्हित करे।सांसद ने निर्देश दिए कि सड़को में बनने वाले स्पीड ब्रेकर सही माप दण्ड के अनुसार बनाया जाये। तथा बड़े वाहनो में आगे तथा पीछे की ओर स्पष्ट अक्षरो मे वाहन का नम्बर लिया रहे। उन्होने कहा कि सड़को में लगने वाले संकेत भी उचित प्रकार से लगाया जाये। बैठक के दौरान राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़क के पटरियो में लगने वाले बाजरो के लिए  स्थाल चिन्हित  बाजार के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करे  ताकि सड़क मे होने वाले भीड़ भाड़ को कम किया जा सके।  बैठक में विधायक सिंगरौली एवं धौहनी ने सुझाव दिया कि जिले के सड़को में किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही किया जाये। इसके साथ ही सड़को में भवन निर्माण के लिए सामंग्री रखी दी जाती है उसको हटाने के साथ ही खराब सड़को की मरम्मत कराई जाये। बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक रंजन, एसडीएम सिंगरौली सृजन बर्मा, एसडीएम देवसर अखिलेश सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष बरगवा प्रमिला बर्मा, जनपद अध्यक्ष देवसर प्रणव पाठक, जनपद अध्यक्ष चितरगी सिया दुलारी, जनपद अध्यक्ष बैढ़न एसडीएम माड़ा राजेश शुक्ला, आयुक्त नगर निगम डी.के शर्मा, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी, जिला परिवहन अधिकारी बिक्रम सिंह राठौर, सीएसपी पीएस परस्ते सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मैड्रिड में श्री बेनीतेज़ ने की सौजन्य भेंट

आपसी सहयोग और निवेश संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार दिवसीय आधिकारिक स्पेन प्रवास के पहले दिन मैड्रिड में स्पेन के विदेश मामलों, यूरोपीय संघ और सहयोग मंत्रालय के उप महानिदेशक (दक्षिण एशिया) श्री एमिलियो कोंत्रेरास बेनीतेज़ से सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान भारत और स्पेन के मध्य आपसी सहयोग, निवेश संभावनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक भागीदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश-अनुकूल वातावरण, पर्यटन, कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। श्री बेनीतेज़ ने मध्यप्रदेश के साथ सहयोग को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए भविष्य में आपसी हित के क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।  

सीरिया में इजरायली हमले से हड़कंप, ड्रोन अटैक से मचा कोहराम

दमिश्क गाजा में हमास और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध के बीच इजरायली सेना ने सीरिया पर हमले तेज कर दिए हैं। बुधवार को उसने सीरिया की राजधानी दमिश्क स्थित रक्षा मंत्रालय परिसर के एंट्री गेट को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए। इस हमले के पीछे की वजह दक्षिणी सीरिया के ड्रूज़ बहुल शहर स्वैदा में सरकारी बलों और स्थानीय ड्रूज लड़ाकों के बीच संघर्ष बताया जा रहा है। इज़रायल ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई ड्रूज़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। आईडीएफ ने कहा, “हमने दमिश्क में सीरियाई शासन के सैन्य मुख्यालय परिसर के प्रवेश द्वार को निशाना बनाया। हम दक्षिणी सीरिया में ड्रूज़ नागरिकों के खिलाफ हो रही कार्रवाइयों पर करीबी नजर रखे हुए हैं।” सीरिया में लगातार तीसरे दिन इजरायली हमले इज़रायल का यह तीसरे दिन लगातार सीरियाई इलाके में हमला है। इससे पहले स्वैदा और आस-पास के इलाकों में भी कई हवाई हमले किए गए थे। बुधवार को भी पूरे दिन स्वैदा शहर और आसपास के गांवों में मोर्टार और तोपों से भारी गोलाबारी की खबरें आईं। स्थानीय समाचार के अनुसार, सुबह से ही स्वैदा के कई इलाकों में तेज़ गोलीबारी और विस्फोट सुने गए। सीरियाई रक्षा मंत्रालय के अंदर मौजूद सूत्रों ने बताया कि कम से कम दो ड्रोन हमले हुए हैं और अधिकारी मंत्रालय के तहखाने में शरण ले चुके हैं। सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी एलेखबरिया टीवी ने बताया कि इस हमले में दो नागरिक घायल हुए हैं। ड्रूज़ बनाम सीरियाई सरकार, इजरायल का हस्तक्षेप स्वैदा में हिंसा की शुरुआत तब हुई जब सीरियाई सरकार ने सोमवार को क्षेत्र में ड्रूज़ और बेदुइन समुदायों के बीच चल रही झड़पों को शांत कराने के लिए सैनिक भेजे, लेकिन वहां पहुंचते ही उनकी मुठभेड़ ड्रूज़ मिलिशिया से ही हो गई। इज़रायल ने इस बीच हस्तक्षेप करते हुए दावा किया है कि वह ड्रूज़ समुदाय की सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहा है। जानकारों का मानना है कि इज़रायल इस बहाने से सीरिया में अपनी सैन्य सक्रियता बढ़ा रहा है, जो पहले से ही ईरानी प्रभाव को लेकर सतर्क है।  

हरदा छात्रावास मामले की होगी विस्तृत जांच : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा के एक छात्रावास में हुई घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने जिला प्रशासन हरदा से मामले की विस्तृत जांच कर डिटेल रिपोर्ट तलब की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि प्रदेश में सामाजिक न्याय और परस्पर सद्भाव बना रहे, यही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की किसी को भी अनुमति नहीं दी जाएगी।

स्पेन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक ने की शिष्टाचार भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन यात्रा के पहले दिन भारत के राजदूत श्री दिनेश के. पटनायक ने मैड्रिड में उनसे सौजन्य भेंट की और भारत-स्पेन संबंधों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। श्री पटनायक जनवरी 2022 से स्पेन और अंडोरा में भारत के दूत के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार के निवेश प्रोत्साहन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्पेन के प्रमुख उद्योगों के साथ संभावित साझेदारियों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और सशक्त बनाने की दिशा में यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश की संभावनाओं और राज्य सरकार की नीतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है और यूरोपीय देशों के साथ विशेषकर स्पेन के साथ सहयोग को लेकर राज्य गंभीर प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस यात्रा के साथ मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच सहयोग के नए द्वार खुलने की संभावना है। बैठक सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और दोनों पक्षों ने निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।  

म.प्र. में हर सेक्टर में हैं बड़ी संभावनाएं, स्पेन के निवेशकों को देंगे वर्ल्ड क्लास सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेहिचक म.प्र. से जुड़िए और हमारी 18 हाईटेक औद्योगिक नीतियों का लाभ लें निवेश के लिए बढ़ाया गया हर कदम व्यापार-व्यवसाय में होगा मील का पत्थर साबित मध्यप्रदेश निवेशकों को केपिटल रिटर्न देने में पीछे नहीं रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मैड्रिड में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट में संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत और स्पेन दो प्राचीन सभ्यताओं के संवाहक हैं। दोनों देशों ने नैतिक मूल्यों के आधार पर अपनी पुरा संस्कृति को आगे बढ़ाया है। दोनों देश जुड़वा भाईयों की तरह हैं। अब विकास के मामले में भी हम मिलकर आगे बढ़ेंगे। संस्कृति के साथ-साथ तकनीक में भी स्पेन की एक अलग ही पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को संबो‍धित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से विकासशील प्रदेश है। यहां निवेश करना नि:संदेह फायदे का सौदा है। उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश की बेजोड़ खूबियां बताते हुए कहा कि यदि आप भारत में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो एक बार मध्यप्रदेश अवश्य आइये, मध्यप्रदेश को भूल नहीं पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनिज, पर्यटन, बड़े उद्योग, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री, तकनीकी विकास से जुड़े उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। भारत में एमपी टूरिज्म सबसे तेजी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर भू-संपदा उपलब्ध है, जिसमें नई तकनीक का इस्तेमाल करने से विकास की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश, भारत के मध्य क्षेत्र में स्थित है, इसलिए हम लॉजिस्टिक सेक्टर में अग्रणी बनने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अगर आप भारत के किसी और राज्य में भी उद्योग स्थापित करते हैं, तब भी आपको मध्यप्रदेश की आवश्यकता जरूर पड़ेगी। मध्यप्रदेश आंतरिक सड़कों, नेशनल हाईवेज, रेल और हवाई मार्ग से देश-विदेश से जुड़ा है। मध्यप्रदेश सभी सेक्टर्स में तेजी से आगे बढ़ने वाला भारत का राज्य बना है। हम अपने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, एग्री बेस्ड इंडस्ट्री और टेक्सटाईल सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं। हम सभी सेक्टर्स में यहां आने वाले निवेशकों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आग्रह किया कि सुरक्षित निवेश के लिए आप बेहिचक मध्यप्रदेश से जुड़िए। हमारी 18 प्रकार की हाईटेक औद्योगिक नीतियों का लाभ लें। मध्यप्रदेश निवेशकों को केपिटल रिटर्न देने में पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की विकासशीलता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी प्रभावित किया है। मध्यप्रदेश में निवेश करने पर भारत सरकार की ओर से भी देशी-विदेशी निवेशकों को कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल कॉलेजेस की संख्या भी तेजी से बढ़ाई जा रही है और नई मेडिकल डिवाईसेस के लिए देशी और विदेशी कंपनियां यहां निवेश कर रही हैं। अब मध्यप्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्पेन की शांतिप्रियता, सामुदायिक विकास, तकनीक के इस्तेमाल और फुटबॉल प्रेम ने भी यहां की अर्थव्यवस्था को बेहद मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि स्पेन आर्थिक व्यापार के मामले में भारत का छठा सबसे बड़ा साझेदार है। वर्तमान में स्पेन के साथ 9.32 बिलियन डॉलर का व्यापार हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्पेन के निवेशकों द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बढ़ाया गया हर एक कदम व्यापार-व्यवसाय के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं एमडी टूरिज्म डॉ. इलैया राजा टी., एमडी एमपीआइडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित फ्रेंड्स इन एमपी इन स्पेन के सदस्य एवं बड़ी संख्या में उद्योगपति/निवेशक उपस्थित थे। म.प्र. में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश के अवसर : प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शुक्ला मध्यप्रदेश, इतिहास और विरासत की भूमि है। भारत में स्थित यूनेस्को की 62 विश्व धरोहर है जिसमें से 18 मध्यप्रदेश में है। संस्कृति और आध्यात्म की दृष्टि से मध्यप्रदेश अत्यंत समृद्ध है। प्रदेश में 2 ज्योतिर्लिंग के साथ विश्व की प्राचीनतम नदियों में से एक और प्रदेश में पूजनीय नदी माँ नर्मदा बहती है। आज के तनाव भरे जीवन में मां नर्मदा के किनारे स्थित सभी स्थल आपको अध्यात्म और सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन नीति 2025 की विशेषता बताते हुए प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के लिए प्रदेश में अपार संभावनाएं है। प्रदेश में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म आदि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर है। अपार संभावनाओं का भरोसेमंद स्थल मध्यप्रदेश : प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि म.प्र. अपार संभावनाओं का भरोसेमंद निवेश स्थल है। प्रदेश का भौगोलिक विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और स्थिर नेतृत्व इसे उद्योगों के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य बनाते हैं। स्पेन और भारत के बीच व्यापारिक संबंध लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं। वर्ष 2024 में भारत से स्पेन को 5.93 बिलियन यूरो का निर्यात हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश का योगदान 58.5 मिलियन यूरो का रहा।  

वन परिक्षेत्र बैढ़न में सांसद विधायक ने एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत किया पौधा रोपण

सिंगरौली  एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत वन परिक्षेत्र बैढ़न में सीधी सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्र, सिंगरौली विधानसभा के विधायक श्री राम निवास शाह, कलेक्टर श्री चन्द्र शेखर शुक्ला, वन मण्डल अधिकारी अखिल बंसल, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दिलीप शाह, प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष नरेश शाह, समाजसेवी अरविंद द्विवेदी  के द्वारा वन परिक्षेत्र बैढ़न में पौधा रोपण किया गया। ज्ञात हो कि एक पेड़ मॉ के नाम अभियान के तहत पूरे जिले में वृहद स्तर पर पौधा रोपण किया जायेगा।