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मॉनटेन तूफान की तबाही: NY–NJ में फ्लैश फ्लड से दो मरे, शहर का आवागमन ठप

न्यूयॉर्क   न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में भारी बारिश और तूफान से दो लोगों की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश होने से पूरा इलाका पानी में डूब गया। न्यूयॉर्क का सबवे सिस्टम ठप हो गया और पूरे इलाके में बिजली गुल हो गई। प्लेनफील्ड में सोमवार को तेज बारिश के कारण एक गाड़ी सेडर ब्रूक में बह गई। इससे दो लोगों की मौत हो गई। गवर्नर फिल मर्फी ने बताया कि दोनों को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने खराब मौसम के कारण आपातकाल की घोषणा की है। इस महीने शहर में तूफान से होने वाली यह तीसरी और चौथी मौतें थीं। न्यूयॉर्क डेली न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेयर एड्रियन मैप्प ने कहा, "पूरा प्लेनफील्ड इस नुकसान से दुखी है। इतने कम समय में चार लोगों को खोना अकल्पनीय है। हम परिवारों के साथ शोकाकुल हैं। हम अपने इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने और अपने निवासियों को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" नॉर्थ प्लेनफील्ड में बाढ़ का पानी भरने के बाद एक घर में आग लग गई। हालांकि इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है। गवर्नर मर्फी ने पत्रकारों से कहा, "मौसम से परेशानी में हम अकेले नहीं हैं, लेकिन हम अभी अधिक ह्यूमिडिटी, हाई टेंपरेचर और तेज तूफान वाले पैटर्न में हैं। सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।" कुछ ही घंटों में छह इंच तक बारिश फ्लोरिडा के पास बन रहे एक ट्रॉपिकल स्टॉर्म के कारण पूर्वी तट पर नमी बढ़ गई। इससे कई जगहों पर धीरे-धीरे तूफान आया और भारी तबाही हुई। गार्डन स्टेट में कुछ ही घंटों में छह इंच तक बारिश हुई। वहां कई लोगों को बचाया गया। शहरों में मंगलवार को भी लगभग 2900 घरों और व्यवसायों में बिजली नहीं थी। मर्फी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया, "ढाई घंटे से भी कम समय में छह इंच बारिश हुई। पहली बारिश ने कई समुदायों को थोड़ा परेशान किया। दूसरी बारिश ने पूरी तरह से तबाही मचा दी। हम सभी समुदायों और काउंटियों का आकलन कर रहे हैं।" न्यूयॉर्क में सोमवार को सेंट्रल पार्क में लगभग 2.64 इंच बारिश हुई। इसने उसी दिन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जो 1.47 इंच था। हार्लेम में बारिश के दौरान वेस्ट 149वीं स्ट्रीट और ब्रैडहर्स्ट एवेन्यू के पास एक 43 साल के न्यूयॉर्क वासी पेड़ की शाखा गिरने से घायल हो गया। सबवे स्टेशन में सीढ़ियों से पानी घुसा खराब मौसम के कारण कई सबवे लाइनें भी बंद हो गईं। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में मैनहट्टन में एक स्टेशन के प्रवेश द्वार से पानी सीढ़ियों से नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। एक अन्य तस्वीर में यात्री बाढ़ के पानी से बचने के लिए अपनी सबवे सीटों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। मेट्रोपॉलिटन ट्रांजिट अथॉरिटी के अध्यक्ष और सीईओ जानो लाइबर ने एबीसी 7 को बताया कि शहर का सीवर सिस्टम बारिश से भर गया और सबवे सुरंगों व स्टेशनों में पानी आ गया। न्यू जर्सी के कुछ हिस्सों में कुछ सड़कें अभी भी बंद हैं और मंगलवार को इलाके के हवाई अड्डों पर दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी गईं या उनमें देरी हुई। फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, नेवार्क लिबर्टी हवाई अड्डे पर कुल 159 उड़ानें रद्द कर दी गईं। हालांकि ट्रिस्टेट इलाके के लिए अधिकांश चेतावनियां अब समाप्त हो गई हैं, लेकिन मौसम का पूर्वानुमान बताने वालों ने चेतावनी दी है कि वाशिंगटन डीसी से लेकर कैरोलिना तक बाढ़ की संभावना अभी भी है। आने वाले दिनों में भी बारिश होने की चेतावनी गवर्नर फिल मर्फी ने कहा कि प्लेनफील्ड में जो दो मौतें हुईं, वे बहुत दुखद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। मेयर एड्रियन मैप्प ने भी मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शहर आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। न्यूयॉर्क में हुई बारिश ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सेंट्रल पार्क में इतनी बारिश पहले कभी नहीं हुई थी। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सबवे में पानी भर गया और कई सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी बारिश हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में हुई इस बारिश से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। कई लोगों के घर पानी में डूब गए और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। सरकार लोगों को मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।

तीन साहसिक कदम: मोदी कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी के लिए 27K करोड़ तय किए, स्वच्छ ऊर्जा की दिशा मजबूत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश की कृषि और ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने वाले तीन बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई. इनमें एक ओर जहां कृषि जिलों के समग्र विकास की योजना को स्वीकृति दी गई, वहीं दूसरी ओर रेन्वेबल एनर्जी में बड़े पैमाने पर निवेश का रास्ता साफ किया गया. कैबिनेट ने “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” को 2025-26 से शुरू कर छह वर्षों के लिए मंजूरी दी है. इसका टारगेट 100 कृषि जिलों का विकास करना है. यह योजना नीति आयोग के ‘आकांक्षी जिलों’ कार्यक्रम से प्रेरित है, लेकिन यह खासतौर से कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर केंद्रित है. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) योजना का मकसद कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल डाइवर्सिफिकेशन को प्रोत्साहित करना, टिकाऊ कृषि ऑप्शन को अपनाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण की सुविधा बढ़ाना, सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करना शामिल है. इस योजना को 11 मंत्रालयों की 36 योजनाओं के कोऑर्डिनेशन के जरिए लागू किया जाएगा, जिसमें राज्य सरकारों की योजनाएं और निजी क्षेत्र की साझेदारी भी शामिल होगी. 100 जिलों का चयन कम उत्पादकता, कम फसल साइकिल और कम लोन डिस्ट्रिब्यूशन जैसे तीन प्रमुख मानकों के आधार पर किया जाएगा. हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल किया जाएगा. एनटीपीसी को नवीकरणीय ऊर्जा निवेश के लिए 20,000 करोड़ रुपये कैबिनेट ने एनटीपीसी लिमिटेड को रेन्वेबल एनर्जी क्षेत्र में निवेश के लिए मौजूदा सीमा से ऊपर जाकर 20,000 करोड़ रुपये तक निवेश की अनुमति दी है. यह निवेश एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) और इसकी सहायक कंपनियों और संयुक्त उपक्रमों के जरिए किया जाएगा, ताकि 2032 तक 60 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल की जा सके. एनएलसी इंडिया लिमिटेड को 7,000 करोड़ रुपये की मंजूरी एनएलसीआईएल को भी 7,000 करोड़ रुपये के निवेश की विशेष छूट दी गई है, जो वह अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) के जरिए रेन्वेबल एनर्जी प्रोजेक्ट में लगाएगी. इससे कंपनी को संचालन और वित्तीय लचीलापन मिलेगा. ग्रीन एनर्जी पर सरकार खर्च करेगी 27 हजार करोड़ एनटीपीसी को ग्रीन एनर्जी में निवेश के लिए 20000 करोड़ के निवेश को मंजूरी: मोदी कैबिनेट ने देश की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी NTPC को 20,000 करोड़ रुपये की मदद देने का फैसला किया है ताकि वो रिन्यूएबल एनर्जी (हरित ऊर्जा) में तेज़ी से निवेश कर सके. NLCIL को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विस्तार को मंजूरी: वहीं मोदी कैबिनेट ने एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) को 7,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विस्तार की मंजूरी दी है. 100 जिलों के लिए कृषि योजना को मंजूरी कैबिनेट ने 24 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च वाली प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंज़ूरी दी है. कैबिनेट ने बुधवार को 6 साल के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंज़ूरी दे दी, जिसमें 24,000 करोड़ रुपये के वार्षिक परिव्यय के साथ 100 ज़िले शामिल होंगे. केंद्रीय बजट में घोषित यह कार्यक्रम 36 मौजूदा योजनाओं को एकीकृत करेगा. वहीं, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने को बढ़ावा देगा. केंद्रीय कैबिनेट में लिए गए फैसले की जानकारी साझा करते हुए, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाएगी, सिंचाई सुविधाओं में सुधार करेगी और कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी करेगी. इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है.

राज्यपाल पटेल से मनोनीत मुख्य न्यायाधिपति श्री सचदेवा ने की भेंट

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मनोनीत मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री संजीव सचदेवा ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री पटेल का उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने मनोनीत न्यायमूर्ति श्री सचदेवा का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर न्यायमूर्ति श्री सचदेवा के परिजन भी उनके साथ थे।  

जितेश शर्मा 2025-26 के घरेलू सत्र से पहले विदर्भ से बड़ौदा चले गए

नई दिल्ली विदर्भ और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने आगामी घरेलू सत्र को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जितेश अब विदर्भ के बजाए बड़ौदा के लिए खेलेंगे। 31 वर्षीय जितेश 2024-25 सत्र में रणजी ट्रॉफी में एक भी मैच नहीं खेले थे। वह विदर्भ के सीमित ओवर टीम का हिस्सा थे जिसकी अगुआई करुण नायर कर रहे थे।  ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, बड़ौदा में स्थानांतरण की योजना पिछले कुछ समय से चल रही थी और माना जा रहा है कि बड़ौदा के कप्तान क्रुणाल पांड्या के साथ जितेश के करीबी संबंधों ने इस कदम को आसान बनाने में मदद की, जो इस साल की शुरुआत में आरसीबी की पहली आईपीएल खिताब जीत के दौरान उनके साथी थे। विदर्भ से बड़ौदा में आकर जितेश के पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नियमित रूप से स्थान सुनिश्चित करने का मौका होगा।  जितेश ने 2015-16 सत्र से डेब्यू किया था और पिछले 10 सत्र में वह 18 प्रथम श्रेणी मैच खेल सके हैं। उनका औसत 24.48 का है जिसमें चार अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने आखिरी बार 18 महीने पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था। लाल गेंद वाले क्रिकेट में सीमित मैचों के बावजूद, जितेश ने पिछले कुछ वर्षों में छोटे प्रारूपों में अपनी छाप छोड़ी है। 2023 में पंजाब किंग्स के लिए खेलने के बाद, जितेश ने उसी वर्ष अक्तूबर में एशियाई खेलों के दौरान भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया। उन्होंने नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। आरसीबी के लिए निभाई फिनिशर की भूमिका जितेश ने आईपीएल 2025 में आरसीबी के लिए फिनिशर की भूमिका निभाई और अपना पहला अर्धशतक जड़ा। उन्होंने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ नाबाद 85 रनों की पारी खेली जिससे टीम अंक तालिका में शीर्ष दो में रहने में सफल रही। जितेश उपकप्तान भी रहे और जब आरसीबी के नियमित कप्तान रजत पाटीदार चोटिल होने के कारण अनुपलब्ध थे तो जितेश ने कमान संभाली थी।  

मां की रोटी’ कैंटीन शुरू, गरीबों और छात्रों के लिए राहतभरा कदम

महासमुंद नगर में सामाजिक सरोकार की दिशा में बुधवार को एक प्रेरणादायक पहल हुई। स्टेशन रोड स्थित 'मां की रोटी' नामक महिला संचालित कैंटीन का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू एवं उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने किया। इस कैंटीन का संचालन शहर की जय गंगा मैया महिला समूह द्वारा किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनता को मात्र 50 रुपये में स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।   सस्ती दर पर मिलेगा भोजन इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि यह पहल न केवल लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराएगी, बल्कि महिला सशक्तीकरण का भी बेहतरीन उदाहरण बनेगी। महिला समूहों ने समय-समय पर अपनी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता सिद्ध की है, और मुझे विश्वास है कि वे इस जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाएंगे। नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने महिला समूह को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे नगर की महिलाओं को यह अवसर मिलना गौरव की बात है। हम आशा करते हैं कि यह कैंटीन स्वच्छता, गुणवत्ता और स्वाद तीनों मानकों पर खरा उतरेगी। लोगों को मिलेगा घर जैसा भोजन जनपद उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने महिला समूहों की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह कोई भी कार्य मन से करे तो उसमें सफलता निश्चित होती है। ‘मां की रोटी’ से आमजन को घर जैसा भोजन मिलेगा, यह विश्वास है। कार्यक्रम में नगर के नेता प्रतिपक्ष नानू भाई, धनेंद्र चंद्राकर, नीरज चंद्राकर, पीयूष साहू, चंद्रशेखर बेलदार समेत कई गणमान्य नागरिक एवं मां फाउंडेशन मुंबई के विलास कांबले, गणेश गुली, संजय तारम उपस्थित रहे। मां फाउंडेशन ने इस कैंटीन में सहयोग प्रदान किया है। कैंटीन की मार्गदर्शक प्रेमशीला बघेल ने बताया कि यह कैंटीन नगर पालिका की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत गठित महिला समूह द्वारा संचालित की जा रही है। समूह में कुल 12 सदस्य हैं। यहां प्रतिदिन केवल 50 में एक प्लेट चावल, तीन रोटी, एक कटोरी दाल और सब्जी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नाश्ते के विकल्प भी मौजूद हैं। अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हालनगर के गुरु घासीदास प्रतीक्षा बस स्टैंड में संचालित अन्नपूर्णा दाल भात सेंटर का बुरा हाल है। यहां स्वच्छता पर जरा भी ध्यान नहीं है। यही नहीं सेंटर खुलने व बंद होने का समय भी निर्धारित नहीं है। नागरिकों ने बताया कि गिनती के लोग ही भोजन करते हैं। इसके बाद भोजन खत्म हो जाता है। यही हाल बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित दाल भात सेंटर का है। यहां के श्रमिकों ने बताया कि घंटेभर के लिए यहां का दाल भात केंद्र खुलता है। इस अवधि में कुछ ही लोग भोजन कर पाते हैं। बताया जाता है कि केंद्र संचालन में भाजपा के एक मंडल पदाधिकारी की भूमिका है। संचालन में परोक्ष रूप से जुड़े नेताजी के व्यवहार से श्रमिकों को भोजन नहीं मिल रहा है, दूसरी ओर पार्टी की छवि भी जनमानस में बिगड़ रही है।

लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग जापान ओपन के राउंड-ऑफ-16 में

टोक्यो लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी ने बुधवार को अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज कर जापान ओपन 2025 के अगले दौर में जगह बना ली है। सेन ने संयमित प्रदर्शन करते हुए चीन के वांग झेंग जिंग को 21-11, 21-18 से हराया। सेन का दूसरे दौर में जापान के स्टार खिलाड़ी कोडाई नाराओका से मुकाबला होगा। वहीं पुरुष युगल के मुकाबले में, सात्विक और चिराग ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की और दक्षिण कोरिया के कांग मिन-ह्युक और की डोंग-जू की जोड़ी को 21-18, 21-10 से हराकर अंतिम 16 में प्रवेश किया। पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा महिला एकल ड्रॉ के पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गईं।  

धारा 163 के तहत सख्ती: जैसलमेर के बासनपीर जूनी में पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर

जैसलमेर जैसलमेर के बासनपीर जूनी क्षेत्र में संभावित अशांति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन धारा 163 लागू की है। सभी तरह के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। पोस्टर-बैनर चिपकाने या नारेबाजी पर भी प्रतिबंध है। इस संबंध में बुधवार को जैसलमेर के उपखंड मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया। बासनपीर जूनी क्षेत्र में 10 जुलाई को दो समुदायों के बीच विवाद हुआ था। बासनपीर में एक स्कूल के पास छतरी निर्माण के दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने पथराव किया था। आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने महिलाओं को आगे करते हुए पथराव किया था। इस घटना से वहां तनाव पैदा हुआ। फिलहाल तनापूर्ण हालातों के बीच आगे कोई विवाद न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन ने आशंका जताई है कि बासनपीर जूनी गांव में उत्पन्न तनाव की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उक्त क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की ओर से कानून एवं शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की जा सकती है, जिससे जन साधारण की सुरक्षा और शांति को खतरा पैदा हो सकता है। जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है, “बासनपीर जूनी की सीमा के भीतर कोई व्यक्ति किसी भी तरह का हथियार लेकर सार्वजनिक स्थलों पर लेकर नहीं घूमेगा। न ही बासनपीर जूनी की सीमा में किसी भी प्रकार की सभा, रैली, जुलूस और प्रदर्शन बिना पूर्व सक्षम अनुमति के निकाले जाएंगे। सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार नियमान्तर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी। आदेश में कहा गया है, “कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारे नहीं लगाएगा और न ही इस प्रकार का भाषण देगा। कोई भी व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति के लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करेगा। किसी भी स्थान पर एक समय में 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं रहेंगे।” जिला प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के प्रावधानों के अंतर्गत अभियोग चलाए जा सकते हैं।  

Acer का नया AI लैपटॉप भारत में लॉन्च, 62,999 रुपए से शुरू, मिलेगा खास ‘AI बटन’

नई दिल्ली अगर आप नया लैपटॉप खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. Acer कंपनी ने भारत में अपना नया लैपटॉप लॉन्च किया है, जिसका नाम Swift Lite 14 AI PC है। यह लैपटॉप Acer की Lite सीरीज का हिस्सा है, जो अपने हल्के डिजाइन के लिए जानी जाती है। Swift Lite 14 लैपटॉप में एल्यूमीनियम अलॉय बॉडी है और इसमें प्राइवेसी शटर वाला फुल HD वेबकैम, सटीक टचपैड, फुल-साइज कीबोर्ड और माइक्रोसॉफ्ट के AI असिस्टेंट Copilot को एक्सेस करने के लिए एक खास Copilot बटन भी दिया गया है। आइए आपको इस लैपटॉप के बारे में डिटेल में बताते हैं। कीमत और उपलब्धता सबसे पहले कीमत की बात कर लेते हैं। Acer Swift Lite 14 AI PC लैपटॉप की शुरुआती कीमत ₹62,999 है। यह एसर के एक्सक्लूसिव आउटलेट्स, एसर के ऑफिशियल ऑनलाइन स्टोर, क्रोमा, रिलायंस डिजिटल और विजय सेल्स पर उपलब्ध है। आप इसे इन स्टोर्स से खरीद सकते हैं। डिजाइन और डिस्प्ले आप इस लैपटॉप को आसानी से कैरी कर सकते हैं। यह लैपटॉप सिर्फ 15.9mm मोटा है और इसका वजन 1.1 किलोग्राम है। इसमें 14 इंच का OLED डिस्प्ले है, जिसका रेजोल्यूशन WUXGA (1920 × 1200) और आस्पेक्ट रेशियो 16:10 है। यह डिस्प्ले 100% DCI-P3 कलर कवरेज को सपोर्ट करता है और इसमें 87% स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो मिलता है। लैपटॉप का डिस्प्ले 180-डिग्री हिंज का इस्तेमाल करके पूरी तरह से फ्लैट मोड़ा जा सकता है। इसका IPS डिस्प्ले वेरिएंट भी उपलब्ध है। परफॉर्मेंस और AI फीचर्स एसर का यह लैपटॉप Intel Core Ultra प्रोसेसर और Intel AI Boost NPU से पावर्ड है। यह AI फीचर्स जैसे विंडोज स्टूडियो इफेक्ट्स, बैकग्राउंड ब्लर और नॉइज कैंसिलेशन को बैटरी परफॉर्मेंस को प्रभावित किए बिना सपोर्ट करता है। कंपनी का कहना है कि इसके डिजाइन से बैटरी का ज्यादा देर तक इस्तेमाल हो पाता है। यह Windows 11 होम पर चलता है और इसमें Copilot का इंटीग्रेटेड एक्सेस मिलता है। कनेक्टिविटी कनेक्टिविटी के लिए लैपटॉप में 32 GB तक LPDDR5 RAM और 1 TB PCIe Gen 4 SSD स्टोरेज मिलती है, जो 50Wh की बैटरी से चलती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें पावर डिलीवरी और डिस्प्लेपोर्ट के साथ USB 3.2 Gen 2 Type-C पोर्ट, एक USB 3.2 Gen 1 Type-A पोर्ट, HDMI, 3.5mm ऑडियो जैक और एक केंसिंग्टन लॉक स्लॉट शामिल हैं। इसे Type-C चार्जर से चार्ज किया जाता है। लैपटॉप Wi-Fi 6 और ब्लूटूथ 5.1 या उससे ऊपर को सपोर्ट करता है।

राजनीतिक दांव-पेंच में नायडू का मास्टरस्ट्रोक, नरसिम्हा राव की भाषाओं की महारत फिर भी हिंदी में पिछड़ गए!

तमिलनाडु हिंदी भाषा को लेकर महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु तक एक नया विवाद पसर गया है. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में प्रस्तावित तीन भाषा सिद्धांत में हिंदी को शामिल करने का प्रावधान है. इसी को लेकर दक्षिणी राज्यों में तीखी प्रतिक्रिया दी है. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस नीति का जोरदार विरोध करते हुए द्रविड़ संस्कृति और क्षेत्रीय अस्मिता का हवाला दिया है. उन्होंने दक्षिण के अन्य राज्यों को एकजुट करने की कोशिश की, लेकिन उनके पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस राजनीति पर करारा प्रहार किया है. नायडू ने हिंदी को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिसने स्टालिन की रणनीति को ध्वस्त कर दिया. नायडू ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव हिंदी सहित 17 भाषाओं के जानकार थे. उन्होंने अपने बहुभाषी ज्ञान के बल पर देश और दुनिया में प्रतिष्ठा हासिल की. नायडू ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति हिंदी जैसी भाषा सीखता है तो इसमें क्या दिक्कत है? यह बयान सीधे तौर पर स्टालिन पर निशाना है, जो हिंदी को दक्षिण पर थोपी जाने वाली भाषा बता रहे हैं. नरसिम्हा राव आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखते थे. वे 1991 में आर्थिक उदारीकरण के जनक के रूप में जाने जाते हैं. वे 17 भाषाओं तेलुगु, हिंदी, मराठी, तमिल, बंगाली, गुजराती, ओडिया, कन्नड़, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, फ्रेंच, अरबी, जर्मन, फारसी और स्पेनिश के जानकार थे. उनकी यह काबिलियत उनकी बौद्धिक क्षमता का प्रतीक थी. नायडू ने इसे एक उदाहरण के तौर पर पेश किया कि भाषा सीखना व्यक्तिगत विकास और राष्ट्रीय एकता का हिस्सा हो सकता है. एनडीए के सहयोगी हैं नायडू चंद्रबाबू नायडू केंद्र में सत्ताधारी एनडीए के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं और आंध्र प्रदेश में भी उनकी अगुआई वाली सरकार एनडीए का हिस्सा है. ऐसे में उनका यह बयान न केवल क्षेत्रीय राजनीति, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो जाता है. उनका समर्थन केंद्र की नीतियों को मजबूती देता है, खासकर तब जब तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्य हिंदी थोपने का आरोप लगा रहे हैं. स्टालिन ने दावा किया कि तीन-भाषा फॉर्मूला द्रविड़ पहचान को नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन नायडू ने इसे व्यक्तिगत पसंद और प्रगति का मुद्दा बनाकर उनकी दलील को कमजोर कर दिया.   इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाराष्ट्र में मराठी वाया हिंदी विवाद को शांत करने की कोशिश की. हाल ही में उन्होंने राज्यसभा के लिए नामित वकील उज्ज्वल निकम को फोन कर मराठी में बात की. यह कदम मराठी भाषा के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है. पीएम मोदी खुद गुजराती बोलते हैं, लेकिन वह हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं में निपुण हैं, जिससे उनकी बहुभाषी क्षमता सामने आई. पीएम मोदी का यह कदम महाराष्ट्र में शिवसेना और मनसे जैसे दलों के हिंदी विरोधी रुख को नरम करने की कोशिश मानी जा रही है. हिंदी विवाद ने दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में सियासी तनाव बढ़ाया है. तमिलनाडु में डीएमके और महाराष्ट्र में शिवसेना-उद्धव ठाकरे गुट ने केंद्र पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया, जबकि कर्नाटक में भी विरोध देखा गया. दूसरी ओर नायडू का बयान आंध्र प्रदेश को इस विवाद से अलग रखता है.

राष्ट्रव्यापी जातिगत गणना की मांग पर कांग्रेस करेगी व्यापक आंदोलन : सिद्धरमैया

बेंगलुरु कांग्रेस की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सलाहकार परिषद की बुधवार को हुई बैठक में केंद्र से तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित जातिगत गणना कराने का आह्वान किया गया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व में यहां हुई दो दिवसीय बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया गया।सिद्धरमैया ने परिषद में पारित प्रस्तावों को ‘बेंगलुरु घोषणा’ नाम देते हुए कहा,‘‘जनगणना में प्रत्येक व्यक्ति और जाति के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक, रोज़गार, राजनीतिक पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि दूसरा प्रस्ताव आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को समाप्त करने का था, जिससे शिक्षा, सेवा, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों में ओबीसी के लिए उपयुक्त आरक्षण सुनिश्चित हो सके। सिद्धरमैया ने बुधवार को बेंगलुरु में हुई परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। सिद्धरमैया ने कहा कि बैठक में पारित तीसरे प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4) के अनुसार निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए आरक्षण होना चाहिए। सलाहकार परिषद ने सर्वसम्मति से ‘न्याय योद्धा’ राहुल गांधी को समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के लिए सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाने के लिए धन्यवाद दिया। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘राहुल जी के दृढ़ निश्चय ने मनुवादी मोदी सरकार को भारत में जातिगत गणना की न्यायोचित और संवैधानिक मांग के आगे झुकने पर मजबूर कर दिया। भारत के सभी पिछड़े वर्गों की ओर से, परिषद हृदय से उनकी सराहना करता है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए राहुल गांधी के योगदान को श्रेय देता है।’’ जातिगत गणना को लेकर केंद्र द्वारा किये गए फैसले को मील का पत्थर बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भारतीय संविधान द्वारा परिकल्पित सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक छोटा सा कदम है। सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘न्याय योद्धा राहुल गांधी जी के साहसी और अडिग नेतृत्व में, भारत सामाजिक सशक्तिकरण के अंतिम संवैधानिक उद्देश्य को साकार करने और प्राप्त करने के लिए नियत है, जिससे हमारे महान राष्ट्र में एक समतावादी और समान समाज का निर्माण होगा।’’