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ट्रेन में सफर कर रहीं 56 लड़कियां, टिकट चेकिंग में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 56 लड़कियों को रेलवे पुलिस ने बचाया है और दो लोगों को अरेस्ट किया गया है। इन लड़कियों को न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से बचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन युवतियों को टिकट चेकिंग के दौरान पकड़ा गया तो पता चला कि इन्हें जानकारी भी नहीं है कि आखिर इन्हें कहां ले जाया जा रहा है। इनती सारी लड़कियों को एक साथ यात्रा करते देखकर संदेह हुआ। जांच पर पता चला कि इन लोगों को बेंगलुरु में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। ऐसे में सवाल है कि बेंगलुरु में नौकरी का वादा था तो फिर बिहार क्यों ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इन युवतियों को सोमवार देर रात न्यू जलपाईगुड़ी-पटना कैपिटल एक्सप्रेस से बचाया गया। बचाई गई इन युवतियों की आयु 18 से 31 वर्ष के बीच है। अधिकारियों ने बताया कि ये महिलाएं पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों की रहने वाली हैं और उन्हें बेंगलुरु की एक कंपनी में नौकरी दिलाने का कथित तौर पर झूठा वादा करके बहकाया गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें ट्रेन से बिहार भेजा जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी महिला के पास वैध टिकट नहीं था और उनके हाथों पर केवल कोच एवं बर्थ संख्या की मुहर लगी हुई थी। एक महिला और एक पुरुष को किया गया गिरफ्तार उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों को ट्रेन की नियमित जांच के दौरान इतनी सारी युवतियों को एक साथ यात्रा करते देखकर संदेह हुआ। इसके बाद में पूछताछ हुई तो गंभीर विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों ने बताया कि एक पुरुष और एक महिला को विरोधाभासी बयान देने पर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि जब महिलाओं को बेंगलुरु में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था तो उन्हें बिहार क्यों भेजा जा रहा था। मानव तस्करी का संदेह, जांच में जुटा रेलवे प्रशासन अधिकारियों ने बताया कि वे नौकरी की पेशकश या यात्रा के वैध कारणों की पुष्टि करने वाले कोई भी दस्तावेज पेश करने में विफल रहे। उन्होंने बताया कि जीआरपी और राजकीय रेलवे पुलिस (आरपीएफ) खासकर मानव तस्करी के पहलू से मामले की संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। आरपीएफ ने बताया कि लड़कियों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।  

पुनरारोपण का संदेश: CM ने स्वीकारीं चूकें, 4000 पौधों से दी पर्यावरण को नई सांस

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 4,000 पौधे रोपे गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजधानी भोपाल को हरियाली से समृद्ध बनाना और जन-जागरण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था। पर्यावरण सुरक्षा का लिया संकल्प इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक अशोक पांडे, सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल उत्तर के विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर मालती राय और भोजपाल मित्र संस्था के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण में भाग लिया और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। सीएम ने रोपा बेलपत्र का पौधा सीएम ने मानव संग्रहालय में बेलपत्र का पौधा रोपा। पौधारोपण के बाद सीएम ने मीडिया से चर्चा में कहा, पूरे प्रदेश में बृहद पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा- अकेले पौधा रोपें नहीं, बल्कि बड़ा होने तक उसकी देखभाल भी करें। सीएम बोले- एमपी वन संपदा में सबसे समृद्ध राज्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि आज यहां 4 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं और पूरे भोपाल नगर में 5,100 पौधे लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन वृक्षों के बिना संभव नहीं है। वृक्षों से प्राप्त ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन ही पर्यावरण को संतुलित बनाए रखता है। सीएम ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक वन संपदा है। उन्होंने कहा कि हम आर्थिक समृद्धि की ओर तो बढ़ ही रहे हैं, लेकिन साथ ही हमें प्राकृतिक समृद्धि और वन संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। पेड़-पौधों से रक्षाबंधन जैसा रिश्ता मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण के सांस्कृतिक पक्ष को भी रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों के साथ वैसा ही आत्मीय रिश्ता है जैसा रक्षाबंधन में भाई-बहन के बीच होता है। बहनें अपने आंगन में लगे पौधों को राखी बांधकर अपनी भावनाएं प्रकट करती हैं।  यह हमारी संस्कृति में प्रकृति के साथ संबंध का जीवंत उदाहरण है। बेलपत्र का पौधा लगाकर दी प्रेरणा मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में बेलपत्र का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में बताया कि पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सिर्फ पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखरेख तब तक करें जब तक वह बड़ा न हो जाए। पीएम के दौरे की स्मृति में किया गया आयोजन मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। मप्र में सबसे ज्यादा वन संपदा सीएम ने कहा- आज यहां (मानव संग्रहालय) चार हजार पौधे रोपे जा रहे हैं। भोपाल नगर में मिलाकर 5100 पौधे लगाने का संकल्प है। हम सब जानते हैं कि इस पृथ्वी का जीवन वृक्ष और बाकी जनजीवन से जुड़ा हुआ है। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ये हमारे लिए जीवन प्रदान करता है। खासकर मप्र तो और भाग्यशाली है। पूरे देश के बाकी राज्यों की तुलना में यदि सर्वाधिक वन संपदा कहीं हैं तो मप्र में हैं। हमसे जहां गलतियां हुई वहां पौधारोपण की जरूरत सीएम ने कहा- ये संग्रहालय का पूरा इलाका आज से चार महीने पहले ही प्रधानमंत्री जी ने अपनी उपस्थिति से हमारे जनजीवन के साथ मप्र को समृद्ध बनाने का संकल्प कराया। एक तरफ हम आर्थिक समृद्धि की तरफ जाना चाह रहे हैं। दूसरे तरफ वन संपदा में भी समृद्धि आना चाहिए। वृक्षारोपण से रक्षाबंधन जैसा संबंध एक दूसरे से जुड़कर ही जीवन बनता है। हमारी सनातन संस्कृति में प्रारंभ से वृक्षारोपण के साथ ऐसा संबंध है जैसे कि हमारे यहां रक्षाबंधन होता है तो अपने घर-आंगन में बने गमले से लेकर पेड़ पौधों को राखी बांधकर बहनें अपने भाव को प्रकट करती हैं।

मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं डॉ. यादव की विदेश यात्रा से वापसी पर खाद्य मंत्री ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी डॉ. यादव की वापसी पर मंत्रिमंडल में उल्लास, खाद्य मंत्री ने दी हार्दिक बधाई मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

भारत-मालदीव रिश्तों में गर्माहट: स्वतंत्रता समारोह में प्रधानमंत्री मोदी होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार दो दिवसीय मालदीव की यात्रा पर जा रहे हैं। वह मालदीव की आजादी की 60वीं सालगिरह के जश्न में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 25 और 26 जुलाई को मालदीव में रहगें। राष्ट्रपति मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव आने का न्योता दिया था। अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनाना इस बात की ओर संकेत करता है कि मालदीव और भारत के रिश्ते फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। वहीं मालदीव को अपनी पिछली गलतियों का अहसास भी हो गया है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। मुक्त व्यापार समझौते से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी पहले चरण में दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे और फिर मालदीव की यात्रा करेंगे। क्यों अहम है पीएम मोदी की यह यात्रा प्रधानमंत्री की 25 से 26 जुलाई तक होने वाली मालदीव यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों को पुनः स्थापित करने का प्रतीक है। चीन समर्थक माने जाने वाले मोहम्मद मुइज्जू के नवंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में मोदी 23 से 24 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन द्वारा मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। मई में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था, जिससे 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को टैरिफ से लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और अन्य उत्पादों का निर्यात आसान हो जाएगा, साथ ही समग्र व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद ब्रिटेन द्वारा किए गए सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ-साथ, दोनों पक्षों ने दोहरे योगदान समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह भारतीय कामगारों के नियोक्ताओं को ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा अंशदान देने से छूट प्रदान करता है। अधिकारियों के अनुसार, तीन वर्षों की बातचीत के बाद तय हुए इस व्यापार समझौते से सभी क्षेत्रों में भारतीय वस्तुओं के लिए व्यापक बाजार पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है और भारत को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइन (उत्पाद श्रेणियों) पर टैरिफ हटने से लाभ होगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्यों को कवर करेगा। ब्रिटेन सरकार के एक बयान में कहा गया था कि भारतीय टैरिफ में कटौती की जाएगी, जिससे 90 प्रतिशत टैरिफ लाइन में कटौती सुनिश्चित हो जाएगी, तथा इनमें से 85 प्रतिशत एक दशक के भीतर पूरी तरह टैरिफ मुक्त हो जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक वर्तमान 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना हो जाएगा। विदेश मंत्रालय ने  दो देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन की चौथी यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होंगे। यह मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी तथा नवंबर 2023 में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार ग्रहण करने के बाद भारतीय शासनाध्यक्ष की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और ‘विजन महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।” मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

देवेंद्र फडणवीस को उनके जन्मदिन पर देश के शीर्ष नेताओं और सहयोगियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उनके जन्मदिन पर देश के शीर्ष नेताओं और सहयोगियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई प्रमुख नेताओं ने देवेंद्र फडणवीस के योगदान की सराहना की और उनके दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे महाराष्ट्र की प्रगति और गरीबों व वंचितों के सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फडणवीस के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा, “मोदी जी के नेतृत्व में आप महाराष्ट्र में जनकल्याण और सांस्कृतिक विरासत के पुनरोत्थान के लिए प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं। आप पारदर्शी तरीके से गरीबों और वंचितों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रहे हैं। गणपति बाप्पा आपको लंबी आयु और स्वस्थ जीवन दें।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संदेश में कहा, “महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं ईश्वर से उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूं।” महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फडणवीस को “महाराष्ट्र की विकास यात्रा का गुमनाम नायक” बताते हुए कहा, “आप एक कुशल प्रशासक, अर्थशास्त्र और कानून के जानकार, दूरदर्शी नेता और महायुति के मजबूत सहयोगी हैं। आप जनता की आवाज बुलंद करते हुए महाराष्ट्र की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ईश्वर आपको दीर्घायु और स्वस्थ जीवन दे।” देवेंद्र फडणवीस का जन्म 22 जुलाई 1970 को नागपुर, महाराष्ट्र में हुआ। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से कानून और व्यवसाय प्रबंधन की पढ़ाई की। राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1992 में नागपुर नगर निगम के पार्षद के रूप में हुई। 1999 में वे पहली बार नागपुर दक्षिण-पश्चिम से विधायक बने और लगातार चार बार जीते। 2014 में वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जो 2019 तक रहे। 2022 में वे फिर से मुख्यमंत्री बने। फडणवीस ने बुनियादी ढांचा, ग्रामीण विकास और पारदर्शी शासन पर जोर देकर महाराष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उनके जन्मदिन पर देश के शीर्ष नेताओं और सहयोगियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले ने उनके योगदान की सराहना की और दीर्घायु की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अजित पवार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे महाराष्ट्र में एनडीए के सुशासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ईश्वर उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु रखे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं। आप महायुति सरकार के कार्यों को जमीन पर उतारने में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करता हूं।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आप दीर्घायु हों।” उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अजित पवार को जन्मदिन की बधाई दी और कहा, “महायुति के मजबूत सहयोगी अजित दादा पवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं। अर्थशास्त्र में उनकी गहरी समझ और महाराष्ट्र के विकास के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। मैं उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की प्रार्थना करता हूं।” सुप्रिया सुले ने अपने संदेश में कहा, “अजित दादा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आने वाला वर्ष आपके लिए खुशहाली लाए।” अजित पवार महाराष्ट्र के प्रमुख राजनेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री हैं। उनका जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर के देवलाली प्रवरा में हुआ था। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता हैं और अपने चाचा शरद पवार के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। लेकिन, 2023 में उन्होंने एनसीपी से अलग होकर महायुति गठबंधन में शामिल हो गए। वे 1991 से बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजित पवार ने वित्त, जल संसाधन मंत्री के रूप में भी कार्य किया है।  

रेणुका चौधरी का बीजेपी पर हमला: कहा- सब ठीक है, बस पार्टी में अजीब वायरस है

नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने तंज कसा है। संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में अजीब वायरस है जो इन्हें लग गया है। कांग्रेस एमपी से पूछा गया कि धनखड़ के इस्तीफे में आपको कुछ गड़बड़ क्यों लग रहा है? इस पर रेणुका चौधरी ने कहा, 'क्या भाजपा ने कभी ठीक से किया है? अगर तबीयत खराब है तो एम्स जैसे बहुत बढ़िया अस्पताल हैं। इसका इलाज हम करवा देंगे। उपराष्ट्रपति के स्वास्थ्य का ऐसा कौन सा बड़ा मुद्दा है? वे लंबे-तंबे और हट्टे-कट्टे जाट हैं। सब ठीक-ठाक है मगर ये सरकारी बीमारी है। ये अजीब वायरस भाजपा में घूमता रहता है, जो इनको भी लग गया है।' जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा गरमाई हुई है। राजद सांसद मनोज झा ने इस पर कहा, 'स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने इस्तीफा दिया है। मुझे इस सरकार की कुछ चीजें जो बेहद परेशान करती है कि गैर पारदर्शिता इनकी पहचान बन गई है। कोई निर्णय क्यों होता है? कोई बीच कार्यकाल में अपना इस्तीफा देते हैं, ये पूरी सरकार पर प्रश्न है। अभी तक प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है की नहीं ये भी चिंता का विषय है।' भाजपा नेताओं ने किया बचाव दूसरी ओर, धनखड़ के इस्तीफे का भाजपा नेता बचाव करते नजर आ रहे हैं। भाजपा सांसद डॉ. भागवत किशनराव कराड ने कहा, 'उनका स्वास्थ्य अच्छा नहीं था और कुछ दिन पहले वह AIIMS में भर्ती थे। मैं समझ सकता हूं अगर स्वास्थ्य अच्छा नहीं है तो यही कारण है उनके इस्तीफे की।' बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि ये विपक्ष है इनका काम है बोलना। किसी के स्वास्थ्य का भी मजाक उड़ा सकते हैं और उस पर भी राजनीति कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'इंसान को कब क्या हो जाए ये आप नहीं बता सकते हैं। उनको डॉक्टर ने कहा है आराम करने को तो अगर कोई आराम करना चाहता है तो उस पर भी ये राजनीति कर रहे हैं। राजनीति का लेवल दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है।'  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी नवलीन को बधाई – कहा, छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभा को मिलेगा हरसंभव सहयोग

राज्य सरकार प्रतिबद्ध है प्रदेश के हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और मंच देने के लिए : मुख्यमंत्री महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडल रायपुर खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, श्री अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया। वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

तिरंगे की शान को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने का अवसर है राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तिरंगे की आन-बान-शान को वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ाने का पावन अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर देशवासियों को कर्तव्य निर्वहन के साथ देश की सेवा करने और तिरंगे का मान बढ़ाने का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया।  

कांवड़ यात्रा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में 28 जुलाई को टोलाघाट पहुंचेंगे हजारों शिवभक्त

रायपुर  पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बोल बम कांवड़ यात्रा समिति, पाटन द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा पुराना बाजार पाटन से प्रारंभ होकर टोलाघाट तक जाएगी, जिसमें सैकड़ों शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ सहभागी बनेंगे। कांवड़ यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में गांव–गांव में बैठकों और तैयारियों का जोर चल रहा है। आज ग्राम सेलूद, पतोरा, पाटन एवं टोलाघाट में बैठक सम्पन्न हुआ। समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने बैठक में यात्रा की रूपरेखा की जानकारी दी और यात्रा को अधिक भव्य, सुरक्षित व अनुशासित रूप देने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्षों की समीक्षा करते हुए इस बार यात्रा में नए उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भक्तिमय वातावरण निर्माण के साथ जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। टोलाघाट में प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं भक्तिमय गायिका पायल साहू की संगीतमय प्रस्तुति, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में सराबोर करेगी। यात्रा के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है। यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है। मैं सभी शिवभक्तों से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं। हर हर महादेव की गूंज के साथ हम एक नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर जन–जन उत्साहित हैं। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले जी,भाजपा पाटन मण्डल अध्यक्ष रानी बंछोर,विनोद साहू,दिलीप साहू,खेमलाल साहू,केशव बंछोर,निशा सोनी,रवि सिन्हा,गिरधर वर्मा,सुरेश निषाद,दिव्या कलिहारी साहू, प्रवीण मढ़रिया,राकेश आडिल,भावना निषाद,विष्णु निषाद,केवल देवांगन,अमित वर्मा,संतराम कुम्भकार,सुनील वर्मा,राजेन्द्र वर्मा,नीलमणी साहू,संतोष घिरवानी,संगीता धुरंधर, चंद्रप्रकाश देवांगन,अन्नपूर्णा पटेल,विनोद बाग,देवेन्द्र ठाकुर,मनोज वर्मा,अनुपम साहू,चन्द्रिका साहू,रेणुका बिजौरा,अवधेश ठाकुर,गुलशन सोनी,कुणाल वर्मा,घनश्याम सोनी,भुनेश्वर साहू,  देवचरण कौशल,  टीकाराम देवांगन , हर प्रसाद आडिल गोरेलाल श्रीवास , सनत वर्मा, चित्र सेन कलिहारी राजीव साहू ,शशिकांत देवांगन ,मनोज साहू ,राधेश्याम साहू ,करण साहू ,हेमचंद ठाकुर , महेंद्र साहू,श्रीमती सरस्वती साहू ,दीपक साहू, डिलेश्वरी साहू ,एकता साहू ,दीप्ति श्रीवास, कमलेश्वरी साहू ,जितेंद्र देवांगन ,लोकेश्वर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर,कालेश्वर शुक्ला,रमेश देवांगन,तारेंद्र बंछोर,महेश्वर बंछोर,खेमिन साहू,केवरा साहू,राजू साहू,चंचल यादव,मनेंद्र वैष्णव,अतीस सपहा,रमेश वर्मा,बेनीराम साहू,विकास साहू,तिलेश्वर निषाद,गजेन्द्र निषाद, लवकुश निषाद,लक्ष्मण विनायक सहित शिव भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

65 मिलियन पाउंड में मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ब्रायन म्ब्यूमो के साथ 5 साल का अनुबंध किया

लंदन मैनचेस्टर यूनाइटेड ने ब्रेंटफोर्ड के फॉरवर्ड ब्रायन म्ब्यूमो के साथ जून 2030 तक के लिए अनुबंध किया है। यह अनुबंध 65 मिलियन पाउंड (करीब 88 मिलियन अमेरिकी डॉलर) में हुआ, जिसमें एक साल के विस्तार का विकल्प भी शामिल है। कैमरून के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी म्ब्यूमो इस समर ट्रांसफर विंडो में यूनाइटेड की ओर से साइन किए गए तीसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले क्लब ने स्ट्राइकर मैथियस कुन्हा और डिफेंडर डिएगो लियोन को टीम में शामिल किया था। म्ब्यूमो ने क्लब की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा, “जैसे ही मुझे पता चला कि मैनचेस्टर यूनाइटेड में शामिल होने का मौका है, मैंने अपने सपनों के क्लब के में शामिल होने का फैसला किया। मैं बचपन में इस टीम की जर्सी पहनता था।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी हमेशा यही सोच होती है कि मैं कल से बेहतर बनूं। पता है कि मुझमें वह जज्बा है, जिससे मैं यहां एक नया स्तर हासिल कर सकता हूं। सभी ने मुझे यहां बन रहे माहौल और भविष्य के लिए रोमांचक योजनाओं के बारे में बताया। यह शानदार स्टेडियम और जबरदस्त फैंस के साथ एक बड़ा क्लब है। हम सभी सबसे बड़े खिताबों के लिए चुनौती पेश करने को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।” म्ब्यूमो गुरुवार से शुरू हो रहे मैनचेस्टर यूनाइटेड के अमेरिका दौरे का हिस्सा हो सकते हैं, जो प्री-सीजन के तहत आयोजित किया जा रहा है। ब्रायन म्ब्यूमो ने ब्रेंटफोर्ड के लिए 242 मुकाबलों में 70 गोल करने के साथ 51 असिस्ट दिए। इनमें से 20 गोल पिछले सीजन में आए। पिछले सीजन में 25 वर्षीय म्ब्यूमो ने प्रीमियर लीग में 20 गोल दागे, जो लीग में चौथे सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड था। इसके साथ ही उन्होंने 8 असिस्ट भी दिए। ब्रेंटफोर्ड के शीर्ष लीग में प्रमोशन के बाद से, म्ब्यूमो ने प्रति सीजन औसतन 18 गोल किए, जो एक बेहद प्रभावशाली रिकॉर्ड है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉल डायरेक्टर जेसन विलकॉक्स ने कहा, “प्रीमियर लीग में ब्रायन का गोल और असिस्ट का रिकॉर्ड असाधारण है। गजब की निरंतरता ने उन्हें पिछले तीन सीजन में इंग्लैंड के सबसे अहम खिलाड़ियों में शुमार कर दिया है। अमेरिका में अनुभव ब्रायन के लिए रूबेन और उनके नए साथियों के साथ काम करने का एक बेहतरीन अवसर होगा, क्योंकि हम आने वाले रोमांचक सीजन की तैयारियों में जुटे हैं।”